• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Incest मेरा परिवार और मेरी वासना

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
अपडेट 74

#########

मेरे झड़ने के बाद भी डॉली ने चाट चाट कर मेरा लंड सॉफ कर दिया और मैं आँखे बंद किए बेड पर लेटा गहरी गहरी साँसे लेने लगा.............. .

अब आगे.. .

.

अपनी साँसे काबू मे होते ही मैने डॉली को अपने उपर खींच लिया और उसके बूब्स दबाते हुए उसके होंठो को चूसने लगा और वो भी मेरे लंड को मसलते हुए मेरा पूरा साथ देने लगी थी की तभी मुझे पता नही क्या सूझा की मैने उसके बूब्स पर से अपने हाथ हटाए और उसके बड़े बड़े कुल्हो पर रख कर उन्हे पैंटी के अंदर हाथ डाल कर सहलाने और भींचने लगा अपने कुल्हो पर मेरे हाथ की हरकत से डॉली और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गई और अब वो मेरे होंठो को चूसने की बजाए काटने लगी थी उसकी इस हरकत की वजह से अब मैने अपनी एक उंगली से उसकी गान्ड की दरार मे उसकी गान्ड का छेद ढूँढना शुरू कर दिया था और जैसे ही मुझे उसकी गान्ड का छेद महसूस हुआ मैने उसमे अपनी एक उंगली घुसेड दी उंगली थोड़ी सी भी अंदर नही गई थी बस उसकी गान्ड का छेद ही खुला था लेकिन इतने से ही डॉली उछल कर मेरी जाँघो के उपर बैठ गई

"क्यों क्या हुआ तू ऐसे बैठ क्यों गई" मैने हँसते हुए उससे पूछा

"जैसे तुझे पता ही नही की क्यों" वो मेरे सेमी एरेक्ट लंड को मसलते हुए बोली

"नही सच मे मुझे पता नही है, बताना क्या हुआ" मैने फिर पूछा

"यार तेरी प्राब्लम क्या है तू लड़कियो को गान्ड के ही पीछे क्यों पड़ा रहता है पहले तूने टीना और निशा की गान्ड मारी फिर दीदी के साथ मोना की भी गान्ड फाड़ दी और अब मेरी चूत मारने से पहले ही मेरी गान्ड मे उंगली कर रहा है आख़िर तू चाहता क्या है" डॉली मेरा लंड खिचते हुए बोली

"वो बात ये है डार्लिंग की मैने किसी से सुना था की जब तक लड़कियो के तीनो होल मे लंड नही जाता तब तक चुदाई पूरी नही होती अब तेरे मुँह को तो मैं चोद ही चुका हूँ और चूत अभी थोड़ी देर मे ही भोसड़ा बन जाएगी इसीलिए आगे की तैयारी के लिए तेरी गान्ड का छेद खोलने की कोशिश कर रहा था की जब मेरा लंड तेरी गान्ड मे घुसे तो तुझे ज़्यादा दर्द ना हो" मैं उसके बूब्स दबाते हुए बोला

"बड़ा आया गान्ड मारने वाला देख तो अभी तक तेरा लंड दोबारा खड़ा भी नही हुआ" डॉली मेरे लंड को हिलाते हुए बोली

"अभी अभी तो झड़ा है बेचारा अब कुछ टाइम तो लगेगा ही उसे होश मे आने को, चल अब तू टाँगे फैला कर लेट जब तक मेरा लंड खड़ा होगा तब तक तेरी चूत को पनीयता हूँ ताकि मेरा लंड घुसते वक्त अच्छी चिकनाई रहे और तुझे ज़्यादा दर्द ना हो" मैं बोला और मैने उसे वैसे लेटे लेटे ही बेड पर पीठ के बाल लेता दिया और उसकी टाँगे फैला कर उसकी पैंटी नीचे खींच कर उतार दी

अब मेरी आँखो के सामने उसकी चिकनी बिना बालो वाली रस बहती हुई गोरी चूत थी ये नज़ारा देख कर मुझसे रहा नही गया तो मैने झट से अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया और अपनी चूत पर मेरी सांसो की गर्मी पाकर डॉली ने मज़े से आँखे बंद करली

डॉली की चूत से आती मादक खुश्बू के कारण अब धीरे धीरे मेरा लंड वापस खड़ा होने लगा था और अब मैं डॉली की चूत को चूमने लगा था थोड़ी ही देर बाद मैने अपनी जीभ से उसकी पूरी चूत को चटा और उसकी चूत मे अपना एक उंगली अंदर बाहर करने लगा और उसकी क्लिट को अपने होंठो के बीच भर कर होंठो से दबाने लगा और इस सब से डॉली जैसे सातवे आसमान मे पहुच गई थी वो कमर उठा कर झटके मारने लगा था और उसकी चूत बहुत पानी छोड़ने लगी थी

अब तक मेरा लंड पूरी तरह हार्ड हो चुका था और डॉली की चूत भी अच्छे से पनिया गई थी तो यही मौका मुझे ठीक लगा उसकी सील तोड़ने का तो मैने अपना मुँह उसकी चूत से अलग किया और पोज़िशन लेकर अपना लंड डॉली की चूत पर रगड़ने लगा

डॉली अभी तक आँखे बंद किए पड़ी थी लेकिन जैसे ही मैने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया उसने चौंक कर आँखे खोली और मेरे लंड पर नज़र पड़ते ही वो मेरी तरफ देखने लगी

"डॉली क्या तू रेडी है" मैने लंड को उसकी चूत के मुँह पर सेट करते हुए कहा

"अब इतना आगे बढ़ने के बाद तो मैं तुझे मना नही कर सकती ना तो मेरे भाई तोड़ दे मेरी सील और आज मुझे चोद कर कली से फूल बना ही दे" डॉली मेरे सीने पर हाथ फिराते हुए बोली
 
अब मैने सोच लिया था की मुझे क्या करना है इसके पहले भी मैं दो सील तोड़ चुका था और मुझे इसका अच्छा ख़ासा अनुभव भी हो चुका था अब चुकी दीदी की सील एकांत मे टूटी थी तो कोई डर नही था लेकिन इस वक्त बात अलग थी अभी घर मे सभी लोग थे तो मैं डॉली को चीखने चिल्लाने का कोई मौका नही देना चाहता था इसलिए मैं लंड को वैसे ही सेट किया डॉली के उपर झुका और उसके मुँह से अपना मुँह लगा दिया और उसे अपनी बाँहो मे जकड़ते हुए मैने अपने लंड का दबाव उसकी चूत पर बढ़ा दिया जिससे मेरा लंड उसकी चूत का मुँह खुलते हुए कोई एक इंच अंदर चला गया जबकि उधर दर्द के मारे डॉली तड़पने लगी और छटपटाने लगी वो कुछ कहना चाहती थी लेकिन उसकी आवाज़ मेरे मुँह मे घुट के रह गई लेकिन उसके ये सब करने से मैं नही माना और मैने लंड को पीछे खींच कर एक ज़ोर का धक्का लगाया जिस से मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए आधे से ज़्यादा उसकी गहराई मे उतार गया डॉली की आँखो से आँसुओं की धार बहनी चालू हो गई उसका तड़पना और छ्टपटाना और बढ़ गया लेकिन जब तक मेरा लंड पूरी उसकी चूत मे नही घुस गया मैं नही रुका और पूरा लंड पेल कर ही माना

जब मेरा लंड पूरी तरह डॉली की चूत मे घुस गया तब मैं रुका और मैने उसकी तरफ ध्यान दिया तो अब उसका च्चटपटाना एकदम से बंद हो गया था और वो कोई हरकत भी नही कर रही थी मैं घबरा गया की उसे क्या हो गया है मैने अपना मुँह उसके मुँह से हटा कर उसका सिर हिलाया लेकिन कोई फरक नही पड़ा तो मैं और घबरा गया मैने सोचा कहीं मार तो नही गई लेकिन उसकी साँसे चल रही थी शायद वो बेहोश हो गई थी

अब मैं क्या करू मुझे समझ नही आरहा था तो मैने धीरे धीरे अपना लंड पीछे खिचना शुरू किया तो उसके शरीर मे थोड़ी हरकत हुई तो मैं वहीं रुक गया अभी भी मेरा आधा लंड उसकी चूत मे फसा हुआ था फिर धीरे धीरे उसकी आँखे खुली और मुझ पर नज़र पड़ते ही वो चीखने को हुई तो मैने उसका मुँह दबा दिया और बोला "देख डॉली चीखना नही वरना सब लोग जाग जाएँगे"

मेरी बात सुनकर वो चीखी तो नही लेकिन उसकी आँखो से आँसुओं की नदी बहने लगी और वो रोते हुए मुझे मुक्के मारने लगी और मैं उसके आँसू पोचहते हुए उसके सिर पर हाथ फिराने लगा

थोड़ी देर बाद जब वो कुछ नॉर्मल हुई तो मैं बोला "बहुत दर्द हुआ था ना"

"लेकिन तुझे कहाँ चिंता थी मेरे दर्द की तू तो जैसे कोई वहशी दरिन्दा बन गया था तब, ज़रा भी रहम नही किया मुझ पर" वो नाराज़ लहजे मे शिकायत करते हुए बोली

"देख डॉली मेरा ऐसा कोई इरादा नही था की तुझे ज़्यादा दर्द हो लेकिन यकीन मान आराम से धीरे धीरे करने से शायद ये सब नही हो पता लेकिन अब तू चिंता मत कर अब कोई दर्द नही होगा बस मज़े ही मज़े होंगे" कहते हुए मैं उसकी चुचियो से खेलने लगा

"बड़ा आया मज़े वाला अभी थोड़ी देर पहले ही तूने मेरी जान निकाल दी थी" वो मेरे सीने पर मुक्के मारती हुई बोली

और अब मैने ज़्यादा देर ना करते हुए उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उन्हे चूस्ते हुए उसकी छातियाँ दबाने लगा वो भी मेरा साथ देने लगी और कुछ ही देर बाद उसकी चूत एक बार फिर मेरे लंड को अपने अंदर महसूस करके पानी छोड़ने लगी थी और अब मैं फिर से अपने लंड को उसकी चूत मे धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा और थोड़ी ही देर बाद वो भी अपनी कमर उपर उठाने लगी तो मेरे धक्को की स्पीड बढ़ने लगी अब मैने उसकी टाँगे उपर उठा ली और घुटनो के बल होकर उसे चोदने लगा

वो भी अपनी कमर उठा उठा कर मेरे धक्को की जवाब देने लगी और मेरा लंड पूरी गहराई तक उतार कर उसकी चूत के हर कोने को मज़ा देने लगा

अब मेरे धक्को की स्पीड बहुत बढ़ गई थी और धक्के लगाते हुए मैने उसके होंठो का रस पीना शुरू कर दिया वो भी कहाँ पीछे रहने वाली थी उसने भी मेरे होंठो और जीभ को चूस कर चुड़वते हुए अपनी प्यास बुझानी शुरू कर दी

और फिर कोई 5 मिनिट्स की धुआधार चुदाई के बाद हम दोनो लगभग एक साथ ही झड़ गये मैने अपना पूरा माल उसकी चूत मे भर दिया जोकि इतना निकला था की उसकी चूत मे भी नही समा पाया और बाहर निकलने लगा इस मस्त चुदाई से हम दोनो ही संतुष्ट थे और जिसके निशान हमारे चेहरो पर देखे जासकते थे

अब तक हम दोनो ही अपनी साँसे काबू मे कर चुके थे और झड़ने की खुमारी से बाहर आते ही डॉली ने मेरे होंठ चूम लिए मैने भी उसका साथ दिया और बोला "एक बार और हो जाए"

"ना बाबा ना एक बार मे ही मेरी ये हालत हो गई है की शायद ढंग से चला भी नही जाएगा" वो मुस्कुराते हुए बोली और अपनी चूत को तरफ देखा जो हम दोनो के पानी उसके खून से सनी पड़ी थी और

कुछ सूजी हुई भी लग रही थी

"ओके तो फिर मैं चलता हूँ रात भी बहुत हो गई है" मैं उसके माथे को चूमता हुआ बोला

"लेकिन मेरी बात याद रखना नंगे होकर ही सोना और गैट लॉक मत करना मैं सुबह सुबह ही मंजू को तेरे लंड के दर्शन करवा देना चाहती हूँ" वो बड़े प्यार से मेरा हाथ पकड़ कर बोली

"जो आग्या रानी साहिबा" मैं बोला और अपने कपड़े पहन कर उसके रूम से निकल कर अपने रूम मे आ गया और फिर सारे कपड़े निकाल कर नंगा ही बेड पर लेट गया गैट मैने लॉक नही किया था और मैं सोचने लगा की अब मैं अपनी दूसरी बहन को भी चोद चुका हूँ और पक्का बहन चोद बन चुका हूँ और अभी तक किस्मत ने भी मेरा पूरा साथ दिया था क्योंकि जब से मैं गाओं वापस आया हूँ तब से जिस भी लड़की पर मेरी नज़र पड़ी उन सभी को मैं चोद चुका था बस एक मंजू बची थी लेकिन अभी उसे चोदने का मेरा कोई इरादा नही था लेकिन क्या पता कल का दिन क्या नया लेकर आए................
 
अपडेट 75

#########

मैं उसके रूम से निकल कर अपने रूम मे आ गया और फिर सारे कपड़े निकाल कर नंगा ही बेड पर लेट गया गेट मैने लॉक नही किया था और मैं सोचने लगा की अब मैं अपनी दूसरी बहन को भी चोद चुका हूँ और पक्का बहन चोद बन चुका हूँ और अभी तक किस्मत ने भी मेरा पूरा साथ दिया था क्योंकि जब से मैं गाओं वापस आया हूँ तब से जिस भी लड़की पर मेरी नज़र पड़ी उन सभी को मैं चोद चुका था

बस एक मंजू बची थी लेकिन अभी उसे चोदने का मेरा कोई इरादा नही था लेकिन क्या पता कल का दिन क्या नया लेकर आए................

.

अब आगे........

.

रात को मीठी नींद के बाद सुबह जब मेरी नींद कुछ आवाजो से खुली जो मेरे रूम से ही आ रही थी मैने आँखे नही खोली बस पॅल्को के बीच एक झिर्री बना कर देखा तो डॉली और मंजू दोनो बाते कर रही थी और मैं पूरा नंगा बेड पर पड़ा हुआ था मेरा लंड भी इस वक्त खड़ा हुआ था

"तो कैसा लगा तुझे ये ओरिजिनल लंड" डॉली बोली

"बहुत अच्छा है" मंजू ने जवाब दिया

"तेरा मन नही कर रहा इसके साथ कुछ करने को" डॉली ने फिर पूछा

"मन तो कर रहा है की जाकर उसे पकड़ लू और उससे खेलु लेकिन ये पासिबल भी तो नही है" मंजू बोली

"सब कुछ पासिबल है बस तुझे हिम्मत करनी होगी" डॉली बोली

"वो तो मुझे पता है और मैं जानती हूँ की मुझे ज़्यादा कोशिश करने की ज़रूरत भी नही है क्योंकि मुझे पता है की सोनू मुझे पसंद करता है और शायद प्यार भी इसलिए वो आसानी से मुझे सब कुछ करने देगा" मंजू बोली

"अरे वा, तू ये सब समझती है और जानती भी है फिर क्या प्राब्लम है करले अपने मन की" डॉली बोली वो दोनो अभी तक गैट के पास ही खड़ी थी

"प्राब्लम तो है" मंजू बोली

"वो क्या....." डॉली ने पूछा

"तू........" मंजू ने जवाब दिया और मेरे साथ साथ

डॉली भी नही समझ पाई की वो कैसे प्राब्लम है

"मैं..........मुझसे भला क्या प्राब्लम है तुझे" डॉली ने पूछा

"तुझसे मुझे कोई प्राब्लम नही है लेकिन अगर मैं सोनू के साथ ये सब करूँगी तो शायद तुझे प्राब्लम हो जाएगी" मंजू बोली

"मुझे भला क्या प्राब्लम होगी" डॉली ने पूछा

"अरे जब मैं तेरी प्रॉपर्टी पर कब्जा करूँगी तो तुझे प्राब्लम नही होगी" मंजू बोली और मैं समझ गया की ये कुछ ना कुछ जानती है मेरे और डॉली के लफडे के बारे मे
 
"तू क्या गोल मोल बाते कर रही है मेरी तो कुछ समझ मे नही आरहा है ज़रा सॉफ सॉफ बोल" डॉली ने पूछा लेकिन उसकी आवाज़ कांप रही थी वो भी शायद समझ चुकी थी की डाल मे कुछ कला ज़रूर है

"सॉफ सॉफ सुन.ना है तो सुन, रात मुझे नींद नही आ रही थी तो सोचा की सोनू से ही कुछ बाते कर ली जाए तो मैं उसके रूम मे आई लेकिन वो यहाँ नही था तो मैं वापस रूम मे आ गई लेकिन फिर कोई एक घंटे बाद बाहर कुछ खटका सा हुआ तो मैं देखने आई की क्या हुआ है तो बाहर एक बिल्ली थी मैं वापस अपने रूम मे गई तो पानी पीने मे लिए बॉटल उठाई तो पानी ख़तम था तो मैं पानी लेने नीचे आने लगी तो मेरी निगाह एक बार फिर सोनू के रूम पर पड़ी तो मैने देखा की वो अभी तक अपने रूम मे नही आया है मैं थोड़ी हैरत मे थी क्योंकि आज तक कभी भी सोनू इतना लेट नही हुआ था रात को" मंजू कहते हुए रुक गई और उसकी बात सुनकर मेरा कलेजा मुँह को आने को हो रहा था मैं अच्छी तरह समझ चुका था की मंजू रात को मेरी और डॉली की चुदाई के बारे मे जान गई है उधर डॉली का भी वही हाल था

"फिर......" डॉली ने धड़कते दिल के साथ पूछा

"फिर क्या......मैं नीचे आई पानी भरा और वापस जाने लगी तो सोचा की अगर तू जागी हुई हो तो शायद सोनू तेरे रूम मे होगा और अगर वो वहाँ नही हुआ तो तुझे बता दूँगी की सोनू अभी तक अपने रूम मे नही है इसलिए मैं तेरे रूम की तरफ चल दी लेकिन जैसे ही मैं तेरे रूम के सामने पहुचि तो..........." कहते हुए मंजू चुप हो गई और उसके होंठो पर एक शैतानी मुस्कान आ गई और इधर शरम और डर के मारे मेरा खोपड़ा खराब हो गया और मेरा 7 इंच का खड़ा लवडा 2 इंच की गिल्ली बन गया था

"ता.....ता.. ...टूऊ........." डॉली हकलाते और काँपते हुए बोली

"तो बाकी की बाते मेरे रूम मे चल कर करते है अगर कहीं सोनू जाग गया तो उस बेचारे को प्राब्लम हो जाएगी क्योंकि तेरी बात मान कर नंगा जो सोया है बेचारा अभी तक" मंजू बोली और मेरी तरफ एक निगाह डाल कर रूम से बाहर निकल गई

उसके जाते ही डॉली ने छ्टपटाते हुए बड़ी असहाय नज़रो से मेरी तरफ देखा लेकिन मैने आँखे नही खोली तो वो पैर पटकते हुए मेरे रूम से निकल गई वो समझ गई थी वो फस चुकी है और इधर मेरा भी यही हाल था लेकिन अभी बाज़ी पूरी तरह मंजू के हाथ मे थी जोकि पता नही क्या करती लेकिन इतना तो तय था की वो रात को चुदाई के बारे मे जान गई थी और डॉली के रूम से निकलते ही मैने झट से अपने कपड़े पहने और मंजू के रूम के पास आ गया उसका दरवाजा खुला था तो मैं वहीं दीवार से चिपक कर छुप कर उन दोनो की बात सुन.ने लगा

"तो.....फिर क्या हुआ" डॉली ने पूछा

"कब क्या हुआ........" मंजू ने शरारती लहजे मे पूछा

"अरे जब तू मेरे रूम के सामने तब" डॉली ने पूछा और सच मे वो बहुत हिम्मत वाली थी जो ऐसी सिचुयेशन मे भी ज़्यादा घबरा नही रही थी

"अच्छा तब......तो जैसे ही मैं दरवाजे के पास पहुचि तो मुझे सोनू की आवाज़ सुनाई दी की 'ओके फिर मैं चलता हूँ रात भी बहुत हो चुकी है' तो मैने सोचा की नींद नही आ रही है तो मैं भी तुम लोगो को जाय्न कर लू तो मैने दरवाजे को तरफ हाथ बढ़ाया ही था की मुझे तेरी आवाज़ सुनाई दी तू सोनू से कह रही थी की 'लेकिन याद रखना रात नंगे ही सोना मैं सुबह ही मंजू को तेरे लंड के दर्शन करवा देना चाहती हूँ' तो मुझे बहुत आश्चर्य हुआ की भाई बहन ऐसी बाते कर सकते है और मैं समझ गई की तुम दोनो के रिश्ते भाई बहन के नही बल्कि कुछ और ही है और जो तूने मुझे बताया था की तू लंड भी मुँह मे ले चुकी है तो मैं समझ गई की वो लंड भी सोनू का ही होगा इसीलिए मैने उसे तेरी प्रॉपर्टी कहा था, क्यों मैने सही कहा ना" मंजू बोली तो मैं और शायद डॉली भी समझ गई की मंजू भले ही बहुत कुछ जान गई हो लेकिन उसे अभी तक हमारी चुदाई की खबर नही है

"हाँ.......तू सही कह रही है" डॉली बोली

"लेकिन कैसे.......भाई बहन के बीच मे ये कैसे हो सकता है" मंजू ने पूछा

तभी नीचे से मम्मी की आवाज़ आई वो डॉली और मंजू को नीचे बुला रही थी

"सब कुछ बता दूँगी लेकिन तू ये बात अपने तक ही रखना किसी को बताना नही" डॉली बोली

"इतनी पागल नही हूँ मैं जो ऐसी बाते किसी को बताऊ मैं तो तुझसे भी ये सब बाते नही करती और अपने मन मे ही रखती लेकिन तू मुझे भी इन सब मे इन्वॉल्व करना चाहती है इसीलिए मैने तुझसे ये सब कहा" मंजू बोली

"तो ठीक है अभी चल मम्मी बुला रही है दोपहर मे खाली टाइम मे मैं तुझे सब बता दूँगी" कहते हुए डॉली खड़ी हुई तो मैं समझ गया की अब अपना काम यहाँ नही है तो मैं लपक कर मेरे रूम मे आया और सीधे टाय्लेट मे घुस गया...............
 
अपडेट 76

************

"तो ठीक है अभी चल मम्मी बुला रही है दोपहर मे खाली टाइम मे मैं तुझे सब बता दूँगी" कहते हुए डॉली खड़ी हुई तो मैं समझ गया की अब अपना काम यहाँ नही है तो मैं लपक कर मेरे रूम मे आया और सीधे टाय्लेट मे घुस गया............... .

अब आगे......

मैं नहा धोकर नीचे आ गया था और हॉल मे बैठ कर टीवी देखने लगा और थोड़ी देर बाद ही मेरे लिए डॉली नाश्ता लेकर आई वो इस वक्त नॉर्मल ही लग रही थी क्योंकि मंजू उसे कह चुकी थी की वो इस बात को किसी को भी नही बताएगी लेकिन फिर भी मैने सोचा की शायद वो मुझे कुछ बताना चाहती हो सुबह के बारे मे क्योंकि उसकी नज़रो मे तो उस वक्त मैं सो रहा था लेकिन वो कुछ नही बोली बस मेरी आँखो मे देखते कर मुस्कुरा दी और नाश्ता रख कर जाने लगी लेकिन मुझे उससे रात को चुदाई के बाद उसे जो दर्द हुआ था उसके बारे मे भी पूछना था की कम हुआ या नही और भी बाते करनी थी इसलिए मैने उसे रोकना ही ठीक समझा

"सुबह तेरा काम तो हो गया था ना या फिर आज रात मुझे और नंगा सोना पड़ेगा" मैं बोला तो वो ठिठक कर खड़ी हो गई

"सुबह जब मैं तेरे रूम मे आई थी तब तू सच मे सो रहा था" उसने मुझे बहुत गौर से देखते हुए पूछा

"तू मेरे रूम मे कब आई मुझे तो पता ही नही है और तू ये पूछ क्यों रही है, चल बैठ जा बैठ कर बाते करते है" मैं बोला

"हूंम्म्मममम.. .....मतलब तुझे कुछ पता नही

है, चल अभी काम है बाद मे बात करते है" कह कर वो वापस जाने के लिए पलटी

"क्या पता नही है" मैने पूछा

"कहा ना बाद मे बात करते है" वो मूड कर बोली

"अच्छा ये तो बता दे अब तेरा दर्द कैसा है" मैं बोला

"कॉन्सा दर्द......" उसने पूछा शायद उसे समझ

नही आया था की मैं किस दर्द के बारे मे पूछ रहा हूँ

"वो ही रात वाला जिसकी वजह से तू बेहोश हो गई थी" मैं मुस्कुराते हुए बोला

"अच्छा वो......वो तो पता नही कहाँ भाग गया लेकिन

अब उसी जगह पर अब खुजली ज़रूर हो रही है" वो बोली

"तो कोई दवाई लगा ले" मैं बोला मुझे सच मे लगा की उसे वहाँ खुजली ही रही होगी

"जी नही वहाँ दवाई लगाने से खुजली नही जाएगी वहाँ तो इंजेक्षन लगाना पड़ेगा और वो तेरे पास है तभी कुछ होगा उस खुजली का" वो आँख मारते हुए बोली और मैं कुछ कह पता इसके पहले ही वो भागते हुए किचन की तरफ चली गई और मैं नाश्ता करते हुए सोचने लगा की रात को जो लड़की दर्द की वजह से बेहोश हो गई थी अभी वो सरपट भाग रही है और भी लंड माँग रही है 'वा री चूत तेरी माया'

अब मेरा नाश्ता ख़तम हो चुका था तो मैने चाय के लिए आवाज़ लगाई तो कुछ ही देर मे मंजू चाय लेकर आ गई और चाय देकर मेरे सामने ही बैठ गई और मुझे देखने लगी लेकिन मेरी हिम्मत नही हो रही थी उससे नज़रे मिलने की क्योंकि वो मुझे नंगा देख चुकी थी भले ही मैं सोने का नाटक कर रहा था उस वक्त लेकिन मन मे गिल्टी तो थी ही

"इतने चुप चुप क्यों हो" मंजू बोली

"कू..कुछ नही बस ऐसे ही" मैं चाय पीते हुए बोला

"वैसे कल रात तुम कहाँ थे बहुत रात होने के बाद भी तुम अपने रूम मे नही थे" उसने पूछा

"वो मैं डॉली के रूम मे था और हम गोआ की ट्रिप के बारे मे प्लानिंग कर रहे थे" मैं बोला

"अच्छा फिर क्या प्लानिंग की" उसने फिर पूछा

अब हमने कोई प्लानिंग तो की नही थी तो उसे क्या बताता अभी मैं सोच ही रहा था की वो बोली "या फिर प्लानिंग की ही नही बल्कि कुछ और किया"

उसकी बात सुनकर मेरा एक बार फिर फट गई मैं जानता था की वो सब जानती है फिर भी मुझे उससे ये उम्मीद नही थी की वो मुझसे ऐसा कुछ पूछ लेगी

"आ..आ....और क्या किया....." मेरे मुँह से हकलाते हुए निकला

"इस बारे मे डॉली से बात कर लेना और हाँ आज दोपहर मे कहीं जाना नही इसी टॉपिक पर मुझे डॉली और तुमसे बात करनी है समझे" वो सख़्त लहजे मे बोली और उठ कर वहाँ से निकल गई

जबकि मैं समझ नही पा रहा था की जब मेरा उससे कह चुकी थी वो उसे सब बता देगी तो फिर उसे उन बातों मे मुझे शामिल करने की क्या ज़रूरत थी अब तक मेरी चाय भी ख़तम हो गई थी तो मैं उठा और अपनी बाइक निकाल कर चौराहे की तरफ टाइम पास करने को निकल गया...........
 
अपडेट 77

""""""""""""""""

मैं समझ नही पा रहा था की जब मेरा उससे कह चुकी थी वो उसे सब बता देगी तो फिर उसे उन बातों मे मुझे शामिल करने की क्या ज़रूरत थी अब तक मेरी चाय भी ख़तम हो गई थी तो मैं उठा और अपनी बाइक निकाल कर चौराहे की तरफ टाइम पास करने को निकल गया...........

दोपहर के खाने के टाइम मैं घर वापस आया तो देखा की डॉली अपने रूम की तरफ जा रही थी मैने उसे आवाज़ देकर अपने पास बुलाया और उसे बताया की सुबह मंजू ने क्या कहा था

"हूंम्म्मममम.. .....लेकिन हम दोनो को साथ बुलवा कर वो क्या बाते करना चाहती है जबकि मैं सुबह ही उससे कह चुकी थी की मैं उसे सब कुछ बता दूँगी" मेरी बात सुनकर डॉली बोली

"यही तो मेरी भी समझ नही आरहा है" मैं बोला

"चलो टाइम आने पर देख लेंगे" डॉली बोली और अपने रूम मे चली गई

और फिर खाने के बाद मैं उपर अपने रूम मे आ गया लेकिन अब मेरी गान्ड फटने लगी थी की मैं जैसे मंजू का सामना कर पाउन्गा और किस मुँह से उसके सवालो का जवाब दे पाउन्गा की कैसे मैने अपनी सग़ी छोटी बहन के साथ मुँह कला किया है लेकिन अब कुछ किया भी नही जासकता था अब सिर्फ़ डॉली ही कुछ कर सकती थी क्योंकि मंजू और उसकी जमती भी खूब थी

अभी मैं अपनी इन्ही सोचो मे गुम था की मंजू और डॉली मेरे रूम मे एंटर हुई और आकर मेरे बेड पर बैठ गई तो मंजू से नज़र मिलते ही मेरी गर्दन शर्मिंदगी से नीचे झुक गई और डॉली कभी मुझे तो कभी मंजू को देखे जा रही थी एकदम पिन ड्रॉप सन्नाटा सारे रूम मे पसार चुका था

"तो फिर कहाँ से शुरू करे........." आख़िर मे मंजू ने ही उस सन्नाटे को थोड़ा

"क्या शुरू करना है" डॉली ने पूछा

"वही बाते जो सुबह अधूरी रह गई थी" मंजू बोली

"उसमे क्या अधूरा रह गया था मैं मान चुकी हूँ की वो तुमने कहा वो सच था" डॉली बोली

"क्या सच था" मंजू ने पूछा

"यही की रात को मैं और सोनू ओरल सेक्स कर रहे थे" डॉली सीधे मुद्दे पर आती हुई बोली

"लेकिन कैसे.......भाई बहन होकर तुम दोनो ऐसा कैसे कर सकते हो" मंजू बोली

"देख मंजू मैने तुझे कल भी बताया था की हम लोग सात साल दूर रहे है और इस वजह से भाई बहन वाली फीलिंग्स हमारे बीच नही थी उपर से कुछ हादसे ऐसे हुए की हम दोनो करीब आ गये और ये सब शुरू हो गया" डॉली बोली
 
"लेकिन.....चल अब जो भी तुम दोनो के बीच हुआ वो

मुझे डीटेल मे शुरू से बता" मंजू बोली

और फिर कुछ देर तक सोचने के बाद डॉली ने मंजू को शुरू से बताना चालू किया जिसमे कुछ बाते सच थी और कुछ पूरी तरह झूठ जिसे मैने भी बड़े ध्यान से सुना की अगर कहीं मंजू ने मुझसे कुछ सवाल कर लिए तो जवाब देने मे आसानी होगी डॉली ने सिर्फ़ मेरे और उसके बारे मे ही बताया निशा दीदी या मोना या फिर और लड़कियो के बारे मे आने कुछ भी नही बताया और ये भी नही बताया की हम चुदाई कर चुके है सिर्फ़ ओरल सेक्स किया है इतना ही बताया

"ओह्ह्ह्ह.तो ये बात है" डॉली की बात सुनकर मंजू गहरी सांस लेते हुए बोली

"हाँ यार लेकिन तू ये किसी को नही बताना तू चाहे तो हम कसम खा लेते है की आज से फिर कभी ये सब नही करेंगे" डॉली मंजू के हाथ पकड़ते हुए बोली

"तू मुझे पागल तो नही समझती जो इतनी ख़तरनाक बात मैं किसी को बतौँगी, तुझे पता भी है की ये बात खुलने का क्या अंजाम होगा बर्बाद हो जाओगे तुम लोग मारने के अलावा और कोई रास्ता भी नही बचेगा और फिर अब इस दुनिया मे तुम लोगो के सिवा है ही कौन मेरा और मैं तुम लोगो का बुरा सोच भी नही सकती इसलिए तू टेन्षन मत ले ये बात बस मेरे तक ही रहेगी और जहाँ तक बात आगे से ना करने की है तो उस बारे मे कुछ कहने वाली मैं कौन होती हूँ जब तुम्हे ठीक लग रहा है तो करो मुझे कोई फरक नही पड़ता मुझे बस इस बात का जवाब देदे की तुम लोग इन सबमे मुझे क्यों शामिल करना चाहते हो और तूने सोनू से नंगा सोने के लिए क्यों कहा था" मंजू ने लंबा लेक्चर दे दिया

"ये हम दोनो का नही बल्कि सिर्फ़ डॉली का प्लान था मैने तो इसे माना भी किया था लेकिन ये नही मानी" मैं पहली बार बोला

"देख यार मंजू बात ऐसी है की हम दोनो के अंदर ही सेक्स की चिंगारी भड़की हुई है और मैं किसी बाहर के लड़के के साथ ये सब करके कोई रिस्क नही लेना चाहती हूँ इसलिए मैं सोनू के साथ ये सब करती रही

लेकिन अब ओरल मे मज़ा नही आने लगा था अब मैं रियल सेक्स करना चाहती थी जो तेरे रहते मुमकिन नही था क्योंकि तेरा रूम सोनू के साइड मे ही है और तू कभी भी जान सकती थी इसलिए मैने तुझे भी शामिल करने का प्लान बनाया और तुझे सच्ची का लूँ...पेनिस दिखाने का वादा किया और इसीलिए मैने सोनू को नंगा सोने के लिए कहा ताकि तुझ पर भी सेक्स का भूत चढ़ा कर मैं सोनू से मज़े ले सकु" डॉली बोली

"ओके तो सारी बाते क्लियर हो चुकी है अब मैं चलती हूँ और हाँ तुम लोगो को जो भी करना है करो मेरी तरफ से चिंता करने की कोई ज़रूरत नही है उल्टे कोई मदद चाहिए हो तो बोलो मैं करने के लिए तैयार हूँ" मंजू खड़े होकर मुस्कुराते हुए बोली

"मतलब तू शामिल नही होगी हमारे साथ" डॉली भी उठते हुए बोली

"अभी मैने इस बारे मे कुछ नही सोचा है क्योंकि तेरा चढ़ाया हुआ भूत चढ़ने से पहले ही उतार गया है" मंजू हँसते हुए बोली और एक बार मेरी तरफ देख कर रूम से बाहर निकाल गई

"अरे सुन तो......." कहते हुए डॉली भी उसके पीछे पीछे बाहर निकल गई और इधर मैं चैन की सांस लेते हुए सोचने लगा की चलो बाला टली अब मंजू को भी कोई ऐतराज नही था बल्कि वो तो मदद करने को तैयार थी मतलब अब मैं खुल कर ढंग से डॉली का बेन्ड बजा सकता था...............
 
अपडेट 78

#########

और इधर मैं चैन की सांस लेते हुए सोचने लगा की

चलो बला टली अब मंजू को भी कोई ऐतराज नही था

बल्कि वो तो मदद करने को तैयार थी मतलब अब मैं

खुल कर ढंग से डॉली का बेन्ड बजा सकता था...............

.

अब आगे..

.

यही सब सोचते हुए पता नही कब मेरी आँख लग गयी और नींद भी किसी के जगाने से खुली मैने आँखे मलते हुए देखा तो मंजू मेरे सामने बैठी थी

इस वक्त वो बहुत खूबसूरत लग रही थी अभी उसने एक शर्ट और जीन्स पहनी हुई थी और शर्ट के उपर के दो बटन खोल रखे थे जिससे उसके बड़े बड़े बूब्स की घाटी की गहराई मुझे सॉफ नज़र आ रही थी शायद वो जानबूझ कर ये सब दिखा रही थी लेकिन चूँकि मेरे मन मे उसके लिए ऐसी कोई भी ग़लत भावना नही थी तो मेरी नज़र ज़्यादा देर वहाँ ठहर नही पाई और

एक सरसरी मुआयना कर के वापस मंजू के चेहरे पर टिक गई

"क्या बात है क्यों उठा दिया" मैने पूछा "टाइम देखा है शाम के 5 बज गये है" वो बोली

"तो क्या हुआ कितनी मस्त नींद आ रही थी" मैं अंगड़ाई लेते हुए बोला

"तो फिर पड़े सोते रहो" वो तुंकते हुए बोली और बेड से उठने को हुई

"अरे रूको रूको, अब तो मैं जाग ही चुका हूँ बस दो मिनिट बैठो मैं अभी फ्रेश होकर आता हूँ" मैं बोला और उठ कर बाथरूम की तरफ बढ़ गया तो फिर शांत होकर बैठ गई

कुछ ही देर मे मैं फ्रेश होकर वापस आ गया और बेड पर बैठ कर बोला "हाँ अब बताओ क्या बात है जो मुझे उठाया"

"क्या कोई खास बात होगी तभी मैं तुमसे बात कर सकती हूँ वैसे नही" वो मेरी आँखो मे देखते हुए बोली

"नही नही ऐसा नही है, कहो क्या कहना चाहती हो" मैं बोला

"सोनू जबसे मैं यहाँ आई हूँ हमेशा घर मे ही रही हूँ बस एक दो बार बुआजी के साथ मंदिर तक ही

गई हूँ, यार आज थोड़ा बाहर घुमाने का मन कर रहा है कहीं से घुमा लाओ ना" वो बोली

"ओके लेकिन गाओं मे घुमाने लायक तो कोई जगह नही है बस एक तलब है वहीं चल सकते है" मैं बोला

"ओके तो चलो लेकिन क्या मम्मी से पूछ लिया है" मैं बोला

"अभी पूछ लेती हूँ ना वैसे वो माना तो करेगी नही" वो बोली और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खड़ा कर दिया और जैसे ही हाथ पकड़े हुए नीचे को तरफ चल दी

और इधर मैं अपना हाथ उसके हाथ मे महसूस करके फूला नही समा रहा था उसके सॉफ्ट गरम हाथ की गर्मी मेरे हाथ से होते हुए मेरे बदन मे और फिर मेरे दिल मे दस्तक दे रही थी और मैं अपनी किस्मत पर इतरा रहा था की मंजू जैसी हसीन लड़की भी मेरे चंगुल मे फँस चुकी थी

खैर कुछ ही देर मे हम नीचे आ गये और मंजू मम्मी से पूछने के लिए उनके रूम मे चली गई और कुछ ही देर मे खुश होते हुए वापस आई और बोली "चलो बुआजी ने हाँ कह दिया है"

मैं उसे खुश देख कर खुद भी बहुत खुश था "चलो" मैं बोला और घर से बाहर को तरफ कदम बढ़ा दिया

"हेलो.......कहाँ जारहे हो" तभी पीछे से डॉली की आवाज़ आई
 
"कहीं दूर नही बस आज हवा खाने का मूड हुआ तो बस तलब तक जारहे है" मंजू ने उसकी बात का जवाब दिया

"और मुझे बताया तक नही, ज़रा दो मिनिट रूको मैं भी तैयार होकर चलती हूँ" डॉली बोली

और उसकी बात सुनकर मंजू ने मेरी तरफ देखा जैसे मुझसे कह रही हो की उसे रोको इसे साथ मत लो

मैं भी उसके मन की बात समझ गया और बोला "देख यार डॉली तुझे तो पता है यहाँ रोड कैसे है सिंगल सीट मे ही परेशानी होती है बाइक पर और हम तो वैसे ही दो है फिर अगर तू भी साथ आई तो फिर तो पक्का है की कहीं गिरना ही है इसलिए प्लीज़ आज तू मान जा तुझे मैं कल लेकर चलता हूँ"

मेरी बात सुनकर डॉली ने कुछ कहने के लिए मुँह खोला लेकिन फिर कुछ सोच कर बोली "ओके जाओ तुम लोग मैं बाद मे चली जाउन्गी"

"थॅंक्स" मैं बोला

और फिर मैं और मंजू मेरी बाइक पर बैठ कर तलब के लिए निकाल गये बाइक पर मंजू मुझसे पर्याप्त दूरी बना कर बैठी थी लेकिन उबड़ खाबड़ सड़क की वजह से बार बार उसके नरम मुलायम बूब्स मेरी पीठ से टकरा रहे थे शायद वो भी ये सब महसूस करके शर्मा रही थी और बार बार पीछे हट रही थी लेकिन उसकी सारी कोशिशे रोड के खद्डो की वजह

से बेकार थी लेकिन जल्दी ही हम तलब पर पहुच गये और एक खाली जगह पर नीचे ज़मीन पर बैठ गये गर्मी के दिनों मे तलब के पानी से टकरा कर आती हवा बहुत ही मस्त लग रही थी और हम दोनो ही चुपचाप इसका मज़ा लेने लगे

"सोनू एक बात पुछु" कोई 5 मिनिट बाद मंजू मुझसे बोली

"एक क्या दस बीस पूछो" मैं बोला

"तुम मेरे बारे मे क्या सोचते हो ई मीन क्या फील करते हो" वो मेरे तरफ देखे बगैर बोली

अब मैं समझ नही पाया की क्या जवाब दूँ "बताओ ना" वो फिर बोली

"वो....वो....तुम बहुत अच्छी हो और बहुत सुंदर भी हो" जैसे तैसे मैं बोला

"वो तो मुझे पता है लेकिन तुम फील क्या करते हो मेरे बारे मे" उसने फिर पूछा

"फील क्या करता हूँ मतलब" मैं सब समझने के बाद भी पूछा

"मतलब ये की क्या तुम मुझे रिश्ते की बहन समझते हो या दोस्त या फिर कुछ और" अब वो सॉफ सॉफ बोली

उसकी बात सुनकर कुछ देर मैं सोचते रहा फिर बोला "देखो मंजू जब से हम मिले है मैने तुम्हारे चेहरे पर दर्द के सिवा कुछ देखा ही नही था इसलिए मेरे मन मे सबसे पहले तुम्हारे लिए सिंपती वाले भाव ही आए थे और फिर पता नही कब मेरे मन मे ये भावना जागी की किसी भी तरह तुम्हे खुश देखना है बस और इसके लिए मैं कुछ भी करने को तैयार था इस वजह से मैं कभी भी समझ नही पाया की मेरे मन मे तुम्हारे लिए कैसी फीलिंग्स थी लेकिन ये तो पक्का है की बहन वाली तो नही थी और रही दोस्त वाली तो दो दिन पहले तक हम बात भी नही करते थे आपस मे तो वो वाली भी नही थी, अब मैने जो भी कहा है उसे सोच कर तुम ही बताओ की तुम्हारे बारे मे मैं क्या फील करता हूँ"

मेरी बात सुनकर अब सोचने की बरी मंजू की थी वो लगातार सोचे जा रही थी हर पल उसके चेहरे के भाव बदल रहे थे और आख़िर मे वो शरम से लाल चेहरे के साथ मुझे देखते हुए बोली "किसी के चेहरे पर खुशी लाने के लिए कुछ भी करने को तो सिर्फ़ वो ही तैयार हो सकता है जो उसे प्यार करता हो बल्कि बहुत ज़्यादा यानी के हद से ज़्यादा प्यार करता हो"

"शायद तुम सच कह रही हो मुझे भी यही लगता है की मुझे तुम से प्यार हो गया है" मैं सपाट लहजे मे बोला

और मेरी बात सुनकर उसने शरम से सिर झुका लिया.................
 
अपडेट 79

#########

शायद तुम सच कह रही हो मुझे भी यही लगता है की मुझे तुम से प्यार हो गया है" मैं सपाट लहजे मे बोला

और मेरी बात सुनकर उसने शरम से सिर झुका लिया.................

.

अब आगे........

.

अब मैं जो कहना था कह चुका था इससे आगे जो बात करनी थी उसे ही करनी थी इसलिए मैं चुपचाप बैठे उसे देखने लगा था कोई दो मिनिट वो अपनी शरम मिटती रही फिर बोली "लेकिन प्यार तो तुम डॉली से भी करते हो उसका क्या? "

"वो प्यार प्यार नही कुछ और है" मैं बोला "क्या है, मुझे सॉफ सॉफ बताओ"

वो बोली

"देखो मंजू तुम जानती हो की डॉली मेरी बहन है और मैं उसके साथ जो भी करता रहा हूँ वो सिर्फ़ सेक्षुयल नीड्स को पूरा करने को कर रहा हूँ लेकिन तुम्हारे लिए मेरे मन मे ये बात कभी भी नही आई इन फॅक्ट आज तक मैने कभी भी तुम्हारे बदन को ठीक से नही देखा यहाँ तक की अभी जब तुम मुझे जगाने आई थी इस टाइम तुम्हारी शर्ट मे से तुम्हारी ब्रेस्ट दिखाई पड़ रही थी और जैसे ही मेरी नज़र उन पर पड़ी मुझे खुद गिल्टी फील होने लगी अब तुम खुद समझ सकती हो की डॉली वाला प्यार क्या है और तुम्हारा वाला प्यार क्या है" मैं बोला

मेरी बात सुनकर उसने चेहरे पर खुशी के भाव आ गये थे लेकिन उसने जाहिर नही किया और बोली "मैं अभी भी नही समझी ज़रा खुलकर बताओ"

"तो सुनो मुझे पता है की आज नही तो कल डॉली की शादी हो जाएगी और वो किसी और की हो जाएगी मैं उसके साथ ज़िंदगी तो बिता नही सकता और ये बात वो भी जानती है लेकिन उसे मंजूर है तो उसने साथ वो सब कर लेता हूँ लेकिन मैं तुम्हारे साथ ज़िंदगी बिताना चाहता हूँ तुमसे शादी करना चाहता हूँ और शादी के पहले तुम्हे टच भी नही करूँगा ये मैने सोच रखा है, अब समझी" मैने डीटेल मे बताया

" ओह्ह्ह्ह्ह.. ....." मेरी बात सुनकर उसने मुँह से निकला फिर कुछ सोच कर वो शरारती मुस्कान के साथ बोली "जब तुम ये कहते हो की शादी के पहले तुम मुझे टच भी नही करोगे तो फिर सुबह नंगे क्यों सोए थे मुझे अपना वो दिलाने के लिए"

"वो.....वो तो डॉली ने मुझे बहका दिया था वरना मेरा तो यही फ़ैसला है" मैं बोला

"और अगर मैने शादी से पहले वो सब करने को कहा तो........."
 
Back
Top