आगे..
अब आप ही बताओ मेरी माँ किसी हेरोइन से कम नही है ना, इसको देख सबका दिल करता होगा चोदने का,
तो सोचो मै तो इसके हरदम साथ हु मेरी क्या हालत होगी,
खेर..
माँ को देख मेरी जान ही निकल जाती थी, दिल तो करता था यही चोद दु, लेकिन सही समय का इंतज़ार था, मै और माँ पापा के पास गये, पापा तो माँ को देख चोंक गये, बिल्कुल बदल गयी थी और खूबसूरत भी हो गयी थी,
पापा-- सीता तुम तो बहुत खूबसूरत लग रही हो, बहुत बदलाव कर लिया तुमने,
माँ-- सब अपने बेटे ने किया है, इसी ने सही रास्ता दिखाया है,
कुछ देर बात करने के बाद मै और माँ डॉक्टर के पास गये
मै-- सर पापा को काफी समय हो गया है, क्या हालात है
डॉक्टर-- देखो वैसे सब ठीक है बस एक सप्ताह और रुकना है, और ठीक है पहले से,
माँ का चेहरा उड़ सा गया ये सुनकर,,,
मै-- सर क्या पापा अब फिर से पापा बन सकते है क्या,, मतलब मुझे और भाई दे सकते है क्या
डॉक्टर-- कह नही सकते, उनका वो अंग काम नही कर सकता, उसमे उतेजना नही आ सकती, लेकिन हा, वो वीर्य दे सकते है, जिसको मशीनों से अंदर डाल सकते है या आप हाथो से भी डाल सकते है
लेकिन जरूरी नही की माँ की तरफ देखते हुए आप माँ बन सको,
क्यु की बिना उतेजना के वीर्य बहुत कम काम करता है,
मै और माँ दोनो डॉक्टर से चले और बाहर आ गये,
माँ उदास सी थी बहुत,
मै-- क्या हुआ यार, हम किसी अच्छे डॉक्टर को और दिखा देंगे, शायद आप माँ बन पाओ,,
माँ चुपचाप रही, राज घर चल,,
मै और माँ दोनो ही उदास थे, दोनो एक दूसरे से जुदा नही होना चाहते थे,
जैसे ही घर पहुंचे, माँ एकदम से मेरे गले मिल जोर से रोने लगी, मै भी माँ को दोनो हाथो से पीछे से पकड़ लिया, और थोड़ा उदास सा
मै-- माँ क्या हुआ, बस एक सप्ताह की बात है फिर नई ज़िंदगी शुरू होगी आपकी, और आप हो की रो रही हो,,
माँ-- चुप कर, नही चाहिए मूझे नही ज़िंदगी,
मुझे ऐसे ही रहना है, राज,
मुझे तेरे साथ ही रहना है,
मै-- यार मै साथ ही तो हु, वैसे भी,
माँ-- राज, मुझे किसी और के साथ नही रहना, मै तुझसे दूर नही रह सकती, मुझे तेरे बिना कुछ अच्छा नही लगता, जब तु पास होता है तो लगता है सब है मेरे पास,
मै-- माँ कुछ दिन की बात है आपकी शादी भी है, पापा से,,
माँ-- राज चुप हो जा, मै नही करूँगी शादी वादी, मेरे लिए तु ही सब है, मेरा बेटा, दोस्त, और पति से बढ़कर है राज तु, तूने मेरी ज़िंदगी बदल दी है,
राज तुझे मेरी कसम है तु सिर्फ हम दोनो की बात करेगा, किसी और की नही,
राज तेरे पापा से ज्यादा तु मुझे अच्छा लगता है, मुझे तेरे साथ रहना है,
मानती हूँ वो मेरे पति है लेकिन वो बस नाम के है, बीमार है, ना मुझे कोई खुशी दे सकते है,
राज तु कुछ भी हो, लेकिन मै खुश बस तेरे साथ ही रहूँगी, अगर तु मुझे नही चाहता तो मुझे छोड़ सकता है,
माँ फिर से रोने लगी,,
मैने माँ के गालो से आँसू पूंछे, माँ की आँखे बन्द थी, रो रही थी
मैने माँ के दोनो गालो को दोनो हाथो मे ले अपना चेहरा माँ के चेहरे के पास ले गया,
मै-- नही, मै भी आपसे दूर नही रह सकता,, मै भी चाहता हु आपका हाथ हमेशा मेरे हाथ मे रहे,
माँ क्या हम दुनिया से छुपकर अपनी ऐसी ज़िंदगी जी पाएंगे,
माँ -- हा राज, हमे ऐसे ही जीना होगा, हम दुनिया के लिए माँ बेटे रहेंगे, लेकिन अपनी ज़िंदगी मे ऐसे ही दोस्त बने रहेंगे,
मै-- हा सीता,, हम जब भी अकेले होंगे तब दोस्त जैसे रहेंगे,
मैने अपना चेहरा बिल्कुल माँ के चेहरे के पास ले गया, मेरी गर्म साँसे माँ के होठ और गालो पर लग रही रही,
मै-- सीता i love You...
कहता हुआ, माँ के होठो पर अपने होठ रख हल्का सा किस ले लिया,
माँ हिचक पड़ी, और साँसे गर्म और तेज हो गयी
दोनो के दिलो की धड़कन तेज हो गयी थी,
माँ चाहती की मै फिर से माँ के होठो को चूम लू,, माँ मेरे सामने मूर्ति बन खड़ी थी आँखे बन्द कर,
मैने अपने हाथ गालो से हटा माँ की नंगी कमर पर रख दिये, और माँ को खिच मुझसे चिपका लिया,
माँ के साथ ऐसा पहली बार हो रहा था, दोनो प्यार की आग मे जल रहे थे, माँ की चुन्चिया मेरे सीने से लग गयी, मैने फिर से अपने होठों से माँ के होठ चूम लिए, माँ जैसे आग उगल रही हो, गर्म हो गयी, हम दोनो की गर्म साँसे एक दूसरे के होठो पर लग रही, माँ का मुह खुल गया, दोनो होठ सुख गये,
, मैने फिर से अपने होठ माँ के होठों पर रख दिये, माँ की साँसे बहुत तेज हो गयी, उनकी चुन्चिया मेरे सीने से लगी थी, उनकी धड़कन बहुत तेज हो गयी,
माँ अपने हाथ मेरी पीठ पर लगा ली, और मेरे से जोर से चिपक गयी,,
मैने माँ के होठों को किस करना शुरू कर दिया,, माँ के रस से मेरा लंड भी पैंट मे खडा हो गया,, मैने एक हाथ माँ को गर्दन से पकड़ लिया, और उनके होठ को खाने लगा माँ और मै दोनो एक दूसरे को कसकर पकड़ रखे थे, माँ को मेरे लंड अपनी जांघो के बीच महसूस हो रहा था,, माँ भी किस करने मे मेरा साथ दे रही थी, मेरा दूसरा हाथ माँ की कमर पर आ गया और माँ को अपनी तरफ खीच कर लंड उनकी टांगो मै दाबने लगा, माँ मेरे मोटे लंड को महसूस कर रही थी, हम दोनो एक दूसरे के होठो को कसकर चूम रहे थे, माँ के लाल होठ मस्त थे, तभी माँ मेरे लंड पर झटके खा कर, झड़ने लगी, मैने माँ के होठ को अपने दांतों मे दबा दिया, माँ ने अपने होठ अलग कर आँखे खोली,
माँ-- राज ये प्यार मुझे मार डालेगा, मै तुझे बता नही सकती मुझे कितनी खुशी मिली है,
मै-- सीता ये माँ बेटे का प्यार नही है एक दोस्त का प्यार है, एक लड़का लड़की का प्यार है
माँ-- राज मुझे यही प्यार चाहिए, तुझसे, बेटे का नही, एक दोस्त का प्यार चाहिए, क्या तुम रोज़ मुझे ऐसे प्यार करोगे,
मै- हा सीता, ये प्यार तुझे ज़िंदगी भर दूंगा,
राज जब जब तेरे पास आती हु, मेरे बदन मे आग लग जाती है, पता नही मुझे क्या हो जाता है एक अलग ही मज़ा सा आता है, और राज पता नही मेरे नीचे पानी सा आता है, ऐसा क्यु राज,
मै-- सीता, ये जवानी है इसको झड़ना बोलते है, एक लड़का लड़की जब पास आते है तब ऐसा ही होता है,
राज मै खाना बना देती हु, अब हम जब तक गाँव नही जायेंगे इसी कमरे मे रहेंगे, बाहर नही जायेंगे,,,