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Guest
* अपडेट - 49
रात मे एक बार और मेरी नई रखेल बुआ की चुत की कुटाई की...
फिर हम दौनो थक कर नंगे ही लिपटे हुए सो गये...
सुबह मै पहले उठ गया बिमला बुआ अभी सो रही थी, रात की पंलगतोड़ चुदाई से वो थक गई थी शायद...
मेरे सामने दो मस्त खरबुजे थे मै एक को मुँह मे भरकर चुसने लगा और दुसरे को पंजे से निचोड़ने लगा...
बुआ नींद मे कसमसाने लगी...
मै बुआ के खरबुजे पर रखे अंगूर जैसे मोटे निपल को दांतों से काटने लगा... जिसके दर्द के कारण बुआ जग गई...
बिमला - आआआह.. मममा... राहुल.. पूरी रात मे तुने मुझे तोड़ दिया, तेरा मन नहीं भरा जो उठते ही शुरू हो गया... आआहह.. धीररे...
बुआ मेरे बालो को सहलाने लगी...
मै- मेरी जान तुम चीज ही ऐसी हो की मन ही नहीं भरता, तुम्हारे शरीर का प्रत्येक अंग ऐसा है सबका रसपान करता ही रहू... पूरे दिन तेरी चुत मे लंड डाले रहू और तेरी इन टंकियो को पिता रहू...
बिमला - आआआहह... बाद मे कर लेना पहले मुझे बाथरूम जाने दे...
बुआ उठी और लड़खडाते हुए बाथरूम की तरफ जाने लगी...
मै- क्या हुआ मेरी रानी ऐसे क्यूँ चल रही हो...
बिमला - एक तो खुद ये हालत करता है, और फिर पूछता है...
मै- मैने
बिमला - हा तुने और तेरे इस लंबे और मोटे मुसल ने, अंदर तक मेरी चुत को फाड़ दिया है... तु जितने समय एक बार करता उतने मे तो तेरे फुंफा पता नहीं कितनी बार...
मै- मजा तो आया ना...
बिमला - बहुत, शरीर हल्का सा हो गया है, पूरे बदन मे मीठा -2 दर्द हो रहा है... मै आती हू
मै भी बुआ के पिछे -2 बाथरूम मे चला गया...
वो नीचे बैठकर मुत ही रही थी, मुझे देखकर उसका मूतना बंद हो गया...
मै- क्या हुआ, बंद क्यूँ कर दिया, मुतो ना मुझे देखना...
बुआ- नहीं, तु बाहर जा मुझे शर्म आ रही है
मै- शर्म कैसी, पूरी रात नंगी होकर मेरे लंड से ही चुत चुदा रही थी
बिमला - तु मुझे पूरी बेशर्म बना दे...
मै- मुत ना मेरी रानी...
बिमला बुआ मेरे आगे हार गई, और मुतने लगी...
चुत की दौनो पंखुड़ियों को धकेलते हुए पेशाब शररर्र्... शरर्ररर की आवाज करते हुए बाहर आने लगा...
ये नजारा देखकर मेरा लंड सिर उठाने लगा...
बुआ मुतकर खडी हो गई और अपनी चुत को पोछने लगी तो मैंने दौनो हाथो से बुआ कर कमर को पकड़कर का अपना मुँह बुआ की चुत पर रख दिया और चुत को चुसने लगा...
मैने एक हाथ से शावर चालु कर दिया, हम दौनो भीगने लगे...
बुआ - अमम्मूउउहह...आआहह...म्म्ममाआआ... राहुल्ल्ल थममम ज्जजा... उउउम्म्म्ममम...उउउमम...
बुआ की चुत से पेशाब का नमकीन, खट्टा स्वाद आ रहा था...
बुआ की चुत बहुत ही टेस्टी थी...
बाथरूम मे शावर से गिरते पानी की और बुआ की मादक सिसकियां की आवाज़े आ रही थी...
मै जोर -2 से चुत चुसने लगा, बीच -2 मे चुत को दांतों से काटने लगा...
बुआ जोर -2 से आंहे भरने लगी...
बिमला बुआ - आआहह...म्म्म्माआ... यय्ये कक्याअा कर्ररर दिया... आआआह... ऐसे ही चूस्सता रह...
बोलते -2 ही चुदासी बुआ झड़ने लगी और मेरे मुँह मे चूत रस बहाने लगी...
मैने पूरा चूत रस पि लिया और खड़ा हो गया...
बुआ - आअहह...मज़ा आ गया... पर तुने मेरी गंदी चुत पर मुँह क्यूँ लगाया
मैने बुआ को खुद से चिपका कर बोला - मेरी रानी तुम्हारी चुत तो बहुत अच्छी है, उतना ही तुम्हारा पेशाब
मैने अपने होंठ बुआ के होंठो पर रख दिये और चुसने लगा...
और हाथो से उनके दौनो मम्मो को मसलने लगा...
बुआ नीचे होने लगी और घुटनों पर बैठ गई... बुआ ने मेरे लंड को हाथो मे ले लिया और आगे - पिछे करने लगी...
बुआ ने मेरी तरफ देखा और लंड के टोपे को अपने मुँह मे ले लिया ऑर चूसने लगी...
और धीरे -2 लंड को मुँह मे लेने लगी और लंड को मुंह मे भर कर चुसने लगी...
मैं - आहह…तुम तो एक्सपर्ट हो गई...
बुआ कुछ नहीं बोली वो बस लंड चुसने लगी...
5 मिनट वो पूरे दिल से लंड चूस्ति रही....ऑर झुकी-2 झुकी थक गई...तो मुँह से लंड निकाल कर बोली
बुआ - पता नहीं तुने क्या जादू कर दिया है, जल्दी से मेरी आग को बुझा दे...
मैने उसे खड़ा किया और कमर से खींच कर - अभी तेरी आग बुझाता हूँ...
मैने बुआ को एक तरफ झुका कर...अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया...
बिमला - आऐईयइ...कितना तगड़ा है...आहह
मैने अभी आधा ही लंड डाला था...अभी उसकी चुत सही खुली नहीं थी.
मैने फिर से 1 शॉट लगाया और इस बार पूरा लंड बुआ की चूत मे चला गया
बुआ - आअहह... ममामा...म्माअरर गगाइइई... ऊओ... म्माआ.. आआआह...
मैं - मजा आया रानी
बुआ - आररराम से... आआह...ररूउक्क्कूव...थोड़ा...आहह
पर मै धक्के मारता रहा और अपना लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके मे अंदर डाल दिया...
बिमला - ओहह... म्मा... राज्ज्जजा.. अआर्ररामम... म्म्म्मा रररर ग्गगाइइइ
मैने अब एक के बाद एक शॉट लगाने शुरू किये और बीच -2 मे लंड बाहर करके एक बार मे पूरा अंदर डालता...
बिमला - रराहहुल्ल...आअररराम्मा....आआहहह...सस्सिई... म्ममेररी...फफातट...ग्गगाइइई...म्म्माँआ
मैं - मेरी कुतिया...अब तेरी फटेगी ही...
मैने चूत मारने लगा कुछ देर मे ही बुआ की आवाज़ बदल गई
बिमला - आअहह...अहहाअ...आइसे ही... आअहह... ऊऔरर...तेजज...
मैं - मेरी जान फाड़ दूं...
बिमला - आअहह... मेररे राज्ज्जजा...फाड़ दे...पूरा डाल्ल... आहह...हहाअ...
मैं - साली...ये ले
मैने 1 हाथ से उसके चुचे को पकड़ा और दबा दिया
बिमला - आअहह...राअज्जजाअ...आईससीए..ही... फ्फाआदड...दे....
मै 3-4 मिनट तक उसके बोबो को निचोड़ते हुए बुआ की चुदाई करने लगा
रात मे एक बार और मेरी नई रखेल बुआ की चुत की कुटाई की...
फिर हम दौनो थक कर नंगे ही लिपटे हुए सो गये...
सुबह मै पहले उठ गया बिमला बुआ अभी सो रही थी, रात की पंलगतोड़ चुदाई से वो थक गई थी शायद...
मेरे सामने दो मस्त खरबुजे थे मै एक को मुँह मे भरकर चुसने लगा और दुसरे को पंजे से निचोड़ने लगा...
बुआ नींद मे कसमसाने लगी...
मै बुआ के खरबुजे पर रखे अंगूर जैसे मोटे निपल को दांतों से काटने लगा... जिसके दर्द के कारण बुआ जग गई...
बिमला - आआआह.. मममा... राहुल.. पूरी रात मे तुने मुझे तोड़ दिया, तेरा मन नहीं भरा जो उठते ही शुरू हो गया... आआहह.. धीररे...
बुआ मेरे बालो को सहलाने लगी...
मै- मेरी जान तुम चीज ही ऐसी हो की मन ही नहीं भरता, तुम्हारे शरीर का प्रत्येक अंग ऐसा है सबका रसपान करता ही रहू... पूरे दिन तेरी चुत मे लंड डाले रहू और तेरी इन टंकियो को पिता रहू...
बिमला - आआआहह... बाद मे कर लेना पहले मुझे बाथरूम जाने दे...
बुआ उठी और लड़खडाते हुए बाथरूम की तरफ जाने लगी...
मै- क्या हुआ मेरी रानी ऐसे क्यूँ चल रही हो...
बिमला - एक तो खुद ये हालत करता है, और फिर पूछता है...
मै- मैने
बिमला - हा तुने और तेरे इस लंबे और मोटे मुसल ने, अंदर तक मेरी चुत को फाड़ दिया है... तु जितने समय एक बार करता उतने मे तो तेरे फुंफा पता नहीं कितनी बार...
मै- मजा तो आया ना...
बिमला - बहुत, शरीर हल्का सा हो गया है, पूरे बदन मे मीठा -2 दर्द हो रहा है... मै आती हू
मै भी बुआ के पिछे -2 बाथरूम मे चला गया...
वो नीचे बैठकर मुत ही रही थी, मुझे देखकर उसका मूतना बंद हो गया...
मै- क्या हुआ, बंद क्यूँ कर दिया, मुतो ना मुझे देखना...
बुआ- नहीं, तु बाहर जा मुझे शर्म आ रही है
मै- शर्म कैसी, पूरी रात नंगी होकर मेरे लंड से ही चुत चुदा रही थी
बिमला - तु मुझे पूरी बेशर्म बना दे...
मै- मुत ना मेरी रानी...
बिमला बुआ मेरे आगे हार गई, और मुतने लगी...
चुत की दौनो पंखुड़ियों को धकेलते हुए पेशाब शररर्र्... शरर्ररर की आवाज करते हुए बाहर आने लगा...
ये नजारा देखकर मेरा लंड सिर उठाने लगा...
बुआ मुतकर खडी हो गई और अपनी चुत को पोछने लगी तो मैंने दौनो हाथो से बुआ कर कमर को पकड़कर का अपना मुँह बुआ की चुत पर रख दिया और चुत को चुसने लगा...
मैने एक हाथ से शावर चालु कर दिया, हम दौनो भीगने लगे...
बुआ - अमम्मूउउहह...आआहह...म्म्ममाआआ... राहुल्ल्ल थममम ज्जजा... उउउम्म्म्ममम...उउउमम...
बुआ की चुत से पेशाब का नमकीन, खट्टा स्वाद आ रहा था...
बुआ की चुत बहुत ही टेस्टी थी...
बाथरूम मे शावर से गिरते पानी की और बुआ की मादक सिसकियां की आवाज़े आ रही थी...
मै जोर -2 से चुत चुसने लगा, बीच -2 मे चुत को दांतों से काटने लगा...
बुआ जोर -2 से आंहे भरने लगी...
बिमला बुआ - आआहह...म्म्म्माआ... यय्ये कक्याअा कर्ररर दिया... आआआह... ऐसे ही चूस्सता रह...
बोलते -2 ही चुदासी बुआ झड़ने लगी और मेरे मुँह मे चूत रस बहाने लगी...
मैने पूरा चूत रस पि लिया और खड़ा हो गया...
बुआ - आअहह...मज़ा आ गया... पर तुने मेरी गंदी चुत पर मुँह क्यूँ लगाया
मैने बुआ को खुद से चिपका कर बोला - मेरी रानी तुम्हारी चुत तो बहुत अच्छी है, उतना ही तुम्हारा पेशाब
मैने अपने होंठ बुआ के होंठो पर रख दिये और चुसने लगा...
और हाथो से उनके दौनो मम्मो को मसलने लगा...
बुआ नीचे होने लगी और घुटनों पर बैठ गई... बुआ ने मेरे लंड को हाथो मे ले लिया और आगे - पिछे करने लगी...
बुआ ने मेरी तरफ देखा और लंड के टोपे को अपने मुँह मे ले लिया ऑर चूसने लगी...
और धीरे -2 लंड को मुँह मे लेने लगी और लंड को मुंह मे भर कर चुसने लगी...
मैं - आहह…तुम तो एक्सपर्ट हो गई...
बुआ कुछ नहीं बोली वो बस लंड चुसने लगी...
5 मिनट वो पूरे दिल से लंड चूस्ति रही....ऑर झुकी-2 झुकी थक गई...तो मुँह से लंड निकाल कर बोली
बुआ - पता नहीं तुने क्या जादू कर दिया है, जल्दी से मेरी आग को बुझा दे...
मैने उसे खड़ा किया और कमर से खींच कर - अभी तेरी आग बुझाता हूँ...
मैने बुआ को एक तरफ झुका कर...अपना लंड उसकी चूत मे डाल दिया...
बिमला - आऐईयइ...कितना तगड़ा है...आहह
मैने अभी आधा ही लंड डाला था...अभी उसकी चुत सही खुली नहीं थी.
मैने फिर से 1 शॉट लगाया और इस बार पूरा लंड बुआ की चूत मे चला गया
बुआ - आअहह... ममामा...म्माअरर गगाइइई... ऊओ... म्माआ.. आआआह...
मैं - मजा आया रानी
बुआ - आररराम से... आआह...ररूउक्क्कूव...थोड़ा...आहह
पर मै धक्के मारता रहा और अपना लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके मे अंदर डाल दिया...
बिमला - ओहह... म्मा... राज्ज्जजा.. अआर्ररामम... म्म्म्मा रररर ग्गगाइइइ
मैने अब एक के बाद एक शॉट लगाने शुरू किये और बीच -2 मे लंड बाहर करके एक बार मे पूरा अंदर डालता...
बिमला - रराहहुल्ल...आअररराम्मा....आआहहह...सस्सिई... म्ममेररी...फफातट...ग्गगाइइई...म्म्माँआ
मैं - मेरी कुतिया...अब तेरी फटेगी ही...
मैने चूत मारने लगा कुछ देर मे ही बुआ की आवाज़ बदल गई
बिमला - आअहह...अहहाअ...आइसे ही... आअहह... ऊऔरर...तेजज...
मैं - मेरी जान फाड़ दूं...
बिमला - आअहह... मेररे राज्ज्जजा...फाड़ दे...पूरा डाल्ल... आहह...हहाअ...
मैं - साली...ये ले
मैने 1 हाथ से उसके चुचे को पकड़ा और दबा दिया
बिमला - आअहह...राअज्जजाअ...आईससीए..ही... फ्फाआदड...दे....
मै 3-4 मिनट तक उसके बोबो को निचोड़ते हुए बुआ की चुदाई करने लगा