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Guest
मुझ् को लगने लगा था की कुछ तो लोचा है पर वो मुझे बता नहीं रहा था तो मैंने शांति मैडम को वाही पर छोड़ा और राहुल के साथ बाहर की और चल पड़ा उसने गाड़ी स्टार्ट की और हम चल पड़े पर जब उसने गाड़ी को सीकर की तरफ मोड़ा तो मेरा दिमाग सरक गया
मैं-सच बता क्या बात है गाड़ी कहा ले जा रहा है
उसने गाडी रोकी और रोते हुए बोला- भाई घर वालो का एक्सीडेंट हो गया है
क्क्या, ये सुनते ही जैसे मैं जम गया दिमाग सुन्न हो गया आँखों के सामने अँधेरा छा गया हाथ काम्पने लगे, आँखों से आंसू से सैलाब बह चला दर्द का , दिल जोरो से धड़क रहा था मैंने खुद ड्राइविंग संभाली फिर कुछ याद नहीं रहा बस याद था तो की जल्दी से जल्दी अपने परिवार तक पहुंचना
पुरे रस्ते में मैंने हर देवता को सुमर लिया मेरे होंठो से बस प्रार्थना ही थी उस उपरवाले से की सब ठीक रखना मैं पूरी कोशिश कर रहा था पर हॉस्पिटल तक पहुँचने में घंटे भर से ज्यादा लग गया ,गाडी रोकते ही मैं तेजी से अंदर भगा अंदर चारो तरफ गहमा गहमी मची हुई थी
फिर मुझे कुछ जाने पहचाने गाव के लोग मिले मैं तड़प रहा था घरवालो को देखने को पर उन लोगो ने मुझे पकड़ लिया
छोड़ो मुझको मैं चीखते हुए बोला पर वो मुझे पकडे रहे मेरा दिल धाड़ धाड़ करके बज रहा था तभी मैंने स्ट्रेचर पर वार्ड बॉय को किसी को ले जाते देखा जब वो मेरे पास से गुजरा तो एक हाथ निचे को झूल गया खून से लथपथ जैसे ही मेरी नजर उस कंगन पर पड़ी मेरी रुलाई छुट पड़ी वो चाची थी मैंने जैसे तैसे खुद को छुड़ाया और उस स्ट्रेचर को रोक लिया
कांपते हाथो से मैंने वो खून से सनी चादर हटाई और जो देखा मेरा कालेजा कांप गया मेरी प्यारी चाची अब एक लाश बन गयी थी मैं दहाड़े मार कर रोने लगा मेरे रुदन से समूचा हॉस्पिटल काम्प् गया राहुल मुझ्को संभाल रहा था पर आज किसे संभालना था तभी मुझे माँ का ध्यान आया तो मैंने पुछा-माँ कहा है
राहुल ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और रोने लगा रोते हुए उसने अपने सर को हिलाया मुझ पर जैसे वज्रपात हो गया तभी डॉक्टर आया और बोला- आपसे एक मिनट अर्जेंट बात करणी है वो मुझे ओटी में ले गया जहा मैंने अपने जीवन का सबसे खुफनाक दृश्य देखा
ऐसा वीभत्स दृश्य मुजको उलटी आने को हुई ,पिताजी खून में डूबे हुए पर होश में थे डॉक्टर ने मुझहे कहा टाइम कम है सांसे उखड रही है ये बार बार तुम्हे पुकार रहे है बात करलो
मैं- क्या टाइम कम है डॉक्टर ,कुछ भी करो पिताजी को कुछ नहीं होना चाहिये मैं तुझे तोल दूंगा रुपयो में पर इनको कुछ नहीं होना चाहिये
पर आज नसिब खोटा था ,पिताजी का हाथ जरा सा हिला तो मैं उनके पास गया वो कुछ बोलना चाह रहे थे पर आवाज साथ नहीं दे रही थी ,मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया मेरे आंसू उन के हाथ पर गिरने लगे बस एक मिनट ही बीता होगा की वो तड़पने लगे
मैं चिल्लआने लगा डॉक्टर बचाओ इनको डॉक्टर कोशिश कर रहे थे की उनके जिस्म ने एक झटका खाया और सब शांत पड़ गया वो भी मुझे छोड़ कर चले गए थे ,मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरा बाप आज मुझे अकेला कर गया था
बहुत देर तक मैं उनके निर्जीव जिस्म से लिपटा रहा गर्मी अभी तक थी उसमे बस कुछ नहीं था तो सांसो की वो डोर जो टूट कर बिखर गयी थी गाँव के लोगो ने बड़ी मुश्किल से काबू किया मुझे आज मेरी हर दुआ नामंजूर हुई थी ऊपर वाले की अदालत में
जब कुछ होश आया तो मैंने माँ और बाकि घरवालो के बारे में पुछा तो राहुल मुझे अपने साथ एक सीली सी जगह पर ले गया ,हल्का सा अँधेरा था पर अब मेरे घुटने जवाब दे गए थे मैं समझ गया था की अब मुझे क्या देखना है हम मौर्ग में जो थे