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'रुपये पाकर ?'
'अगर तुम्हें अचानक इतने रुपये मिल जाते तो क्या तुम खुश नहीं होती ?'
__ 'अरी, नीचे आकर भी तो खुश हो सकी थी? ऊपर से गिरकर मर गई होती तो हम सब तेरे मरने पर बहुत खुश होते । आटी तो शायद रो-रोकर मर ही जाती।'
'सचमुच...!' जुओं वाली लड़की ने कंपकंपाती आवाज में कहा।
'और नहीं तो क्या झूठ ?'
__ 'तुम लोग और आंटी मुझ से इतना प्यार करती हो?' उसकी आवाज में कंपन था और आंखों में आंसू थे। 'इसका मतलब है, मैं अनाथ नहीं हूं । तुम सब मेरी बहनें हो और आंटी मेरी मां है।'
डॉली गुस्से से बोली 'नहीं, आंटी सिर्फ इस दूध पीने वाली की मां हैं।'
'सिर्फ इसी की क्यों?'
'क्योंकि आंटी अब इसे दूध पिलाया करेंगी।'
दूध पीने वाली उछल पड़ी 'अरे बाप रे! मैं तो कभी नहीं पियूंगी।'
.
.
.
'काहे कू...?'
उसने दोनों हाथों से मुंह ढंककर लजाते हुए कहा-'मुझे शर्म आएगी।'
अचानक जुओंवाली लड़की की निगाहें नीचे पड़े फोटो पर पड़ी और उसने तुरन्त डॉली से संबोधित होकर कहा
'यह फोटो किसके ब्वाय-फ्रेंड का गिर गया
डॉली ने चौंककर अपना गिरेहबान टटोला । फिर तुरन्त झुककर फोटो उठाती हुई उसे साफ करते-करते बोली-'ओहो, यह कैसे गिर गया ? यह आंटी के बेटे की फोटो है।'
जुओंवाली ने चौंककर कहा 'आंटी के बेटे की फोटो | यह कहां से मिली थी?'
'जब तू ऊपर बैठी मालदार बनने की कोशिश कर रही थी, तब मैंने आंटी के दफ्तर में से ढूंढकर निकाली थी।
'काहे कू...?'
'अबे! हम लोग ने फैसला किया है ना कि आंटी के बेटे को ढुंढेगी।'
'अच्छा, तो फोटो के पीछे पता लिखा है ?'
'पता नहीं । बस, ढूंढना है।'
'कैसे मिलेगा फिर ?'
'हम सब लोग फोटो देख लेते है, जिसे भी पहले नजर आ जाए, वह मुझे खबर कर दे।'
'सिर्फ तुझे ही क्यों?'
'इसलिए कि मैं उससे बात करुगी । तुम सब तो गधी हो ।'
एक ने जलकर कहा
'यह क्यों नहीं कहती कि वह इतना सुन्दर है | तू चाहती है कि तू ही उससे बात करे ।'
दूसरी ने कहा
'और क्या ? तू इसीलिए तो हम लोगों की लीडर बनकर रहती है कि जो लड़का मिले, पहले तू उसे ले उड़े।'
जुओंवाली ने जल्दी-जल्दी सिर खुजाकर
'क्या वह सचमुच बहुत सुन्दर है ?'
'बहुत ज्यादा ।' 'बिल्कुल अनिल कपूर!'
'नहीं...त्रुषि कपूर!'
'नहीं...संजय दत्त ।'
'नहीं सलमान खान ।'
'अगर तुम्हें अचानक इतने रुपये मिल जाते तो क्या तुम खुश नहीं होती ?'
__ 'अरी, नीचे आकर भी तो खुश हो सकी थी? ऊपर से गिरकर मर गई होती तो हम सब तेरे मरने पर बहुत खुश होते । आटी तो शायद रो-रोकर मर ही जाती।'
'सचमुच...!' जुओं वाली लड़की ने कंपकंपाती आवाज में कहा।
'और नहीं तो क्या झूठ ?'
__ 'तुम लोग और आंटी मुझ से इतना प्यार करती हो?' उसकी आवाज में कंपन था और आंखों में आंसू थे। 'इसका मतलब है, मैं अनाथ नहीं हूं । तुम सब मेरी बहनें हो और आंटी मेरी मां है।'
डॉली गुस्से से बोली 'नहीं, आंटी सिर्फ इस दूध पीने वाली की मां हैं।'
'सिर्फ इसी की क्यों?'
'क्योंकि आंटी अब इसे दूध पिलाया करेंगी।'
दूध पीने वाली उछल पड़ी 'अरे बाप रे! मैं तो कभी नहीं पियूंगी।'
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'काहे कू...?'
उसने दोनों हाथों से मुंह ढंककर लजाते हुए कहा-'मुझे शर्म आएगी।'
अचानक जुओंवाली लड़की की निगाहें नीचे पड़े फोटो पर पड़ी और उसने तुरन्त डॉली से संबोधित होकर कहा
'यह फोटो किसके ब्वाय-फ्रेंड का गिर गया
डॉली ने चौंककर अपना गिरेहबान टटोला । फिर तुरन्त झुककर फोटो उठाती हुई उसे साफ करते-करते बोली-'ओहो, यह कैसे गिर गया ? यह आंटी के बेटे की फोटो है।'
जुओंवाली ने चौंककर कहा 'आंटी के बेटे की फोटो | यह कहां से मिली थी?'
'जब तू ऊपर बैठी मालदार बनने की कोशिश कर रही थी, तब मैंने आंटी के दफ्तर में से ढूंढकर निकाली थी।
'काहे कू...?'
'अबे! हम लोग ने फैसला किया है ना कि आंटी के बेटे को ढुंढेगी।'
'अच्छा, तो फोटो के पीछे पता लिखा है ?'
'पता नहीं । बस, ढूंढना है।'
'कैसे मिलेगा फिर ?'
'हम सब लोग फोटो देख लेते है, जिसे भी पहले नजर आ जाए, वह मुझे खबर कर दे।'
'सिर्फ तुझे ही क्यों?'
'इसलिए कि मैं उससे बात करुगी । तुम सब तो गधी हो ।'
एक ने जलकर कहा
'यह क्यों नहीं कहती कि वह इतना सुन्दर है | तू चाहती है कि तू ही उससे बात करे ।'
दूसरी ने कहा
'और क्या ? तू इसीलिए तो हम लोगों की लीडर बनकर रहती है कि जो लड़का मिले, पहले तू उसे ले उड़े।'
जुओंवाली ने जल्दी-जल्दी सिर खुजाकर
'क्या वह सचमुच बहुत सुन्दर है ?'
'बहुत ज्यादा ।' 'बिल्कुल अनिल कपूर!'
'नहीं...त्रुषि कपूर!'
'नहीं...संजय दत्त ।'
'नहीं सलमान खान ।'