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आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

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माँ:अच्छा,लेकिन तुम राज़ी कैसे करोगी अपने बेटे को

चाची:मेरा बेटा तुम्हारी गान्ड के पीछे पागल है,वो तो तुम्हे कही भी अकेला देख कर चोद दे

मे फार्महाउस पे इसलिए ले जा रही हूँ,जहाँ दिन खोल के चुदाई हो सके

तुम पलट जाओ

माँ पेट के बल लेट जाती है,चाची बहुत सारा तेल माँ की पीठ पे डालकर मसाज करती है ,फिर पैरों मे लगाकर मसाज करती है

ऑर फिर आखरी मे गान्ड के उपर तेल डालकर मालिश करने लगती है

चाची:एक बात तो है,तुम्हारी गान्ड वाकई बहुत मस्त है,इसलिए मेरा बेटा इस गान्ड के पीछे पागल है,

चाची अब दबा दबा कर माँ की गान्ड की मालिश करने लगती है

माँ:आह,आह... मज़ा आ गया ,तुम्हारे हाथो मे जादू है,तुम्हारी मालिश से थोडा मन तो शांत हो जाता है पर ये शरीर की गर्मी नही निकलती ,

चाची:तुमहरा शरीर है इतना भारी कि इसकी गर्मी को शांत करने के लिए बड़ा लंड चाहिए ऑर तुम्हे ऐसी ठुकाई करे कि सारी गर्मी निकल जाएगी

माँ:बात तो सही कह रही है,एक बड़े लंड की ज़रूरत तो है

चाची:तभी तो कह रही हूँ,मेरा बेटा आ रहा है ,उसका बहुत बड़ा लंड है,वो तुम्हारी ऐसी ठुकाई करेगा कि तुम जिंदगी भर याद करोगी

माँ:बात तो यूँ कर रही हो जैसे ,तुम रोज़ चुदवाती हो

चाची:मेरा बेटा बड़ा हरामी है,उसने मुझे बहुत पहले ही पटा लिया था

माँ:तो तुम अपने बेटे से चुदवाती हो

चाची:हाँ क्या करू,इस चूत को लंड की ज़रूरत थी ,ऑर मेरे बेटे को चूत की,तो दोनो का काम हो गया

माँ:तुम्हे शर्म नही आई,अपने बेटे से चुदवाते

चाची:एक बात है,अपने बेटे से चुदने मे मज़ा है वो किसी ओर से चुदने मे नही

ऑर एक बेटा अपनी माँ से सबसे ज़्यादा प्यार करता है,अगर माँ अपने बेटे को चोदने दे,तो उस प्यार का कोई अंत नही ,

चाची:तुम देख सकती हो,मेरा बेटा सलीम मुझ पे कितना मरता है,ओर मे उसपर कितना मरती हूँ,मे अपने बेटे के लिए जान भी दे सकती हूँ,ऑर मेरा बेटा मेरे लिए

माँ:हाँ,माँ बेटे का प्यार ऐसा ही होता है

माँ:चल तू अपने बेटे से चुदवा लेती है,लेकिन मे अपने बेटे से कैसे चुदवाऊ ,मुझे बहुत शर्म आती है

चाची:तुझे शर्म इसलिए आ रही है कि तूने किसी ऑर के साथ अभी तक चुदाई नही की,नही की है ना? चाची कॉन्फिडेन्स से बोलते हुए

माँ:हाँ अपने पति के अलावा किसी से नही चुदवाइ,अब मेरा पति मुझे चोदता नही

चाची:इसलिए ही तो कह रही हूँ,हम आपस मे ही चुदाइ कर लेते है,बाहर किसी को खबर भी नही होगी,क्या बोलती हो

माँ:सहमति से,हुम्म बात तो सही है,

लेकिन मे सलीम से सीधा कैसे चुदवा सकती हूँ,मुझे बहुत शर्म आती है

चाची की उंगलिया अब माँ की गान्ड की दरार मे चलने लगती है

चाची:सारी शर्म निकल जाएगी जब एक बार लंड अंदर घुसेगा

माँ:तू भी बेशर्मो जैसी बाते करती है

चाची:चुदाई का मज़ा लेना लेना हो तो बेशर्म बनना पड़ता है

चाची:एक बात कहूँ,बड़ी मस्त ऑर भारी गान्ड है तुम्हारी,कभी किसी को मज़ा दिया है अपनी गान्ड का

चाची अब दोनो गान्ड के हिस्सो को एक दूसरे से दूर करते हुए माँ की गान्ड का छेद देखने लगी,

चाची:वाह क्या गान्ड का छेद है,बिल्कुल कसा हुआ,लगता है ये छेद केवेल निकालने के लिए ही काम मे लिया है,घुसाने के लिए नही

चाची ने अब तेल लिया ऑर सीधा माँ की गान्ड के छेद के उपर डाल दिया

माँ:क्या कर रही हो,वहाँ कोई ज़रूरत नही,वो तो रोज़ गंदी हो जाती है

चाची:बहुत जल्द इसकी ज़रूरत पड़ने वाली है

चकची अब तेल से सनी हुई उंगली को माँ की गान्ड के उपर गोल गोल घुमा रही थी

माँ:बहुत गुदगुदी हो रही है,मत करो वहाँ मालिश

चाची:इस छेद को मालिश की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है

माँ:क्या ज़रूरत पड़ने वाली है

चाची :बस पड़ने वाली है,इसलिए इस छेद को तैयार कर रही हूँ

अब चाची ने एक उंगली ठीक माँ के छेद के उपर लाकर रोक दी,ऑर उस उंगली पे ज़ोर डालने लगी

उंगली मे तेल लगा होने के कारण ,माँ की गान्ड का छल्ला ,उससे रोक नही पाया तो थोड़ा सा खुल गया

माँ की आखे खुली रही गयी,दर्द भरी चीख के साथ माँ ने करवट ले ली

माँ:गुस्से मे ये क्या कर रही थी तुम

चाची:गान्ड का छेद खोल रही थी

माँ:क्यो

चाची:जिससे तुम गान्ड मराई का मज़ा ले सको

माँ:मुझे नही लेना गान्ड मराई का मज़ा

चाची:क्यो नही लेना,आज के बच्चे चूत से ज़्यादा गान्ड मारना ज़्यादा पसंद करते है

ज़रा सोचा मोहित जो तुम्हारी गान्ड पे मरता है,क्या होगा जब तुम उससे कहोगी,कि मुझे गान्ड नही मर्वानी,बेचारे का दिल टूट जाएगा,

 
मेरा बेटा जब भी मुझे चोदता है तो मेरी गान्ड ज़रूर मारता है,चाहे चूत मारे या नही मारे,लेकिन गान्ड की ठुकाई ज़रूर करता है

ऑर तुम भी किस जमाने मे जी रही हो,आजकल की औरते भी जब पहली बार अपनी गान्ड मरवाती है,तो उसके बाद अपनी गान्ड मरवाना ज़्यादा पसंद करती है

ऑर तुम हो कि गान्ड मे उंगली नही डालने देती

मेने कभी कुछ ग़लत कहा है क्या तुम्हे,जैसे मेने कहा था ,मे औरत होके भी तुम्हारी आग शांत कर दूँगी,ऑर चूत के रस का पानी का स्वाद ,मेने ये सब ग़लत कहा था क्या

ये सब गुस्से मे कहा,ऑर दूसरी ऑर मूह करके खड़ी हो गयी

माँ उठ कर चाची के पास गयी ,ऑर उनके कंधे पे हाथ रखकर बोली

माँ अपनी ग़लती मानती हूँ ऑर ये बाते जो तुमने कही है ,सही थी,लेकिन तुम्हारी एक उंगली गान्ड मे घुसाने पर बहुत दर्द हुआ था

चाची:शुरू शुरू मे होगा,गान्ड धीरे धीरे खुलेगी

माँ:जब दर्द होता है तो लोग क्यो मारते है गान्ड

चाची:गान्ड मारने मे ऑर मरवाने बड़ा मज़ा आता है मेरी सुधा रानी,बस एक बार लंड अपनी गान्ड मे डलवा के देखो ,फिर देखना तुम खुद कहोगी ऑर ज़ोर से मारो मेरी गान्ड

माँ:क्या पता ,तुम झूठ बोल रही हो ,क्या पता सलीम ने एक बार ही तुम्हारी गान्ड मारी हो,उसके बाद तुमने नही मारने दी हो

चाची:तो ठीक है,मे पहले अपनी गान्ड मरवाकर दिखाउन्गी ,फिर तुम्हे बताउन्गी कि गान्ड मरवाने के क्या ख़ुसी है,

अब तो ठीक है मेरी सुधा रानी

((चाची मन में,एक बार लंड इसकी गान्ड मे चला जाए,फिर देखना कैसे तडपेगी की मत मारो मेरी गान्ड,

मेरे बेटे ने आज के 7 साल पहले गान्ड मारी थी,तब उसमे कोई ताक़त नही थी फिर मे मुझसे गान्ड मरवाने के बाद चला नही गया था,तब करीब 20 मिनट तक गान्ड मारी थी,लेकिन अब तो 2-3 घंटे गान्ड मारने के बाद भी उसका लंड मुरझाता नही है,ऑर रात भर चुदाई कर सकता है,तो अब तुम्हारा क्या होगा सुधा रानी,तुम्हारी गान्ड के तो चिथड़े उड़ जाएँगे))

चाची:तो हाँ लेट जाओ पेट के बल,थोड़ी मालिश कर दूं गान्ड के छेद की

माँ:थोड़ा आराम से

चाची:,चूत ऑर गान्ड को आराम से नही मारते इनकी तो जबरदस्त तरीके से ठुकाई करनी चाहिए,तब जाकर इनकी आग शांत होती है

माँ:तुम क्यो मेरी फड़वाने मे लगी हो,मेरे पति का 5 इंच का है,ऑर वो भी मुझे कभी जोरदार तरीके से चोदते है

चाची:यही तो ग़लती है उनकी,अगर इनकी जबरदस्त ठुकाई ना करो तो ये मचलने लगती है,ऑर दूसरा लंड ढूँडने लगती है,जैसे तुम ढूँढ रही हो

माँ:मे कहाँ ढूँढ रही हूँ,तुम ही तुली हुई हो मुझे दूसरे लंड से चुदवाने मे,मेरे बेटे मोहित के लंड से या तुमहरे बेटे सलीम से

इसी बीच माँ पेट के बल लेट गयी थी, एक तकिया चूत के नीचे रख दिया था,जिससे माँ की गान्ड उपर की ओर हो गयी

चाची:तुम्हारी इतनी मस्त गान्ड है,मुझे समझ मे नही आता कैसे तुम्हारे पति ने तुम्हारी गान्ड नही मारी,अगर मे तेरा पति होती ,तो रोज गान्ड मारती तुम्हारी,ऑर वो भी जबरदस्त तरीके से कि चुदाई के बाद तुम उठने का हिम्मत नही करती

माँ:हहा ,ज़्यादा मस्का मत लगाओ

चाची ने एक बार फिर तेल अपने हाथ मे डाला ऑर कुछ गान्ड पे

अब गान्ड को मसलना शुरू किया

माँ:आहह,आअहह,आआहह

चाची ने गान्ड के हिस्सो को अलग किया ऑर गान्ड के छेद पे तेल डाला

ऑर फिर अपनी उंगली गान्ड के उपर रख कर मालिश करनी शुरू की

कुछ ही देर मे माँ को भी चाची के द्वारा गान्ड मालिश से मज़ा आने लगा,ऑर चूत ने पानी छोड़ना शुरू किया

 
कुछ ही देर मे माँ को भी चाची के द्वारा गान्ड मालिश से मज़ा आने लगा,ऑर चूत ने पानी छोड़ना शुरू किया

चाची:देखा मेरी सुधा रानी,इस छेद की ताक़त ,इस छेद की मालिश से तुम्हारी चूत ने पानी छोड़ दिया

माँ:हाँ ,ये तो अज़ीब बात है,तुमने चूत के हाथ नही लगाया फिर भी पानी छोड़ दिया

चाची:तो सोचो,जब लंड डालकर गान्ड मारी जाएगी,तब कितना मज़ा आएगा,तुम जन्नत की शैर करोगी

इस बात मे माँ को गान्ड मरवाने के लिए राज़ी करने की ताक़त थी

ऑर इस बात ने अपना काम कर दिया था

माँ:हाँ बात तो ठीक कह रही है तू

ऑर मालिश कर ना गान्ड की

अब अपनी सबसे छोटी उंगली को गान्ड के छेद के ठीक उपर रखकर दबाव बनाया,अबकी बार एक साथ दबाव ना बनाकर ,धीरे धीरे दबाव बनाया,जिससे माँ की गान्ड का छल्ला धीरे धीरे खुलता गया,ऑर उसने चाची की उंगली को गान्ड के अंदर जाने की जगह दी

माँ को दर्द तो हो रहा है लेकिन सहने लायक,शायद अब गान्ड मरवाने की इच्छा ने दर्द सहने की ताक़त दे दी थी

चाची लगातार अपनी उंगली माँ की गान्ड मे धीरे धीरे घुसा रही थी

ऐसा करते करते *पूरी उंगली माँ की गान्ड के अंदर घुसा दी

चाची:सुधा रानी,आख़िर आज एक उंगली तुम्हारी गान्ड मे घुस ही गयी,बहुत जल्द उंगली की जगह एक बड़ा लंड होगा

माँ:मुझे इस उंगली से दर्द हुआ,लंड कहाँ से लुगी

चाची:गान्ड का छेद ,अपनी ज़रूरत के अनुसार बड़ा छोटा हो जाता है,चिंता मत करो बहुत आसानी के लंड अंदर बाहर जाएगा

अब चाची ने उंगली को गान्ड के अंदर की घुसाना शुरू किया

माँ:आह,मज़ा आ गया ,प्लीज़ रूकना मत,इस मज़े के लिए मे तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ

चाची की उंगली दवारा माँ की गान्ड के अंदर हो रही गुद गुदि से उत्तेजित हो रही थी,ऑर माँ की चूत लगातार पानी छोड़ रही थी,

आज माँ की चूत ने इतना पानी छोड़ा था,जितना अपनी जिंदगी भर मे एक बार मे नही छोड़ा था

चाची ने बिस्तर गीला देखकर बोला,देखा गान्ड कितने मज़े देती है,

माँ:हाँ मुझे विस्वास नही होता,गान्ड मे भी इतना मज़ा आता है

चाची:तो अब तुम गान्ड मरवाने को तैयार हो

माँ:हाँ बिल्कुल,मे तैयार हूँ

((माँ को बहुत आश्चर्य हो रहा था,ऑर बहुत खुश थी ,ऑर माँ ने ठान लिया था चाहे कुछ भी हो जाए ,गान्ड मरवा के रहेगी

))

इधर मे इन दोनो की बाते पागल हो गया था,मुझे चाची पे बहुत गुस्सा आ रहा था,कैसे वो मेरी माँ की गान्ड अपने बेटे से चुदवाना चाहती है,जिसपे मेरा हक है,

अब बात है अपने हक को पाने की,भले ही मे माँ की गान्ड पहले नही मार पाऊ,लेकिन तुझे पहले नही मारने दूँगा,

मे क्यो नही मारूगा ,पहले मे ही मारूगा

अब मेने खुद से मन मे कहा"चाहे मेरी किस्मत मे लिखी हो या ना हो माँ की गान्ड मारना,,पहले मे ही मारूगा""

इतना चूत का पानी निकल जाने के बाद माँ का शरीर अकड़ गया था,

माँ:आज के लिए काफ़ी है,अब मेरा शरीर अकड़ गया है,

चाची:ठीक है

चाची ने जैसे ही उंगली निकाली

माँ के मुँह से आह निकल गयी

चाची:कैसा लगा

माँ:बहुत मज़ा आया,अब मुझसे गान्ड मरवाने से रहा नही जा रहा ,सोच रही हूँ अभी चढ़ जाउ किसी लंड पे

चाची ने अपने बेटे से मेरी माँ की गान्ड मरवाने का जो प्लान बनाया था वो फैल होता हुआ दिख रहा था ,क्योकि चाची नही जानती कि माँ इतनी जल्दी गान्ड मरवाने को तैयार को तैयार हो जाएगी क्यों कि सलीम को आने मे अभी कुछ दिन बाकी थे

ऑर चाची जानती थी अगर कोई औरत गरम होती है,वो बिना किसी की परवाह करे किसी से भी चुदने को तैयार रहती है

इसलिए चाची ने तुरंत जवाब नही

 
चाची:नही नही,इतनी जल्दी गान्ड मरवाने मे बहुत नुकसान हो सकता है,गान्ड मारने से पहले गान्ड को धीरे धीरे गान्ड खोलना चाहिए,जैसे आज एक उंगली से ,अब धीरे धीरे खोलेंगे गान्ड ,गान्ड खुलने के बाद ,फिर किसी भी गान्ड मरवाना

माँ:अच्छा ,मुझे पता नही था ,ऐसा भी कुछ होता है गान्ड मरवाने मे,मेरी चूत किसी ने मारी थी तो सीधी बिना कुछ प्रेक्टिस करे सीधे ही लंड घुसा दिया था पूरा

चाची:गान्ड मरवाना बहुत बड़ी बात है,ऐसे ही हर कोई गान्ड नही चोद पता,बहुत अनुभव चाहिए होता है गान्ड मारने के लिए

जैसे बिना अनुभव के कारण तेरा बेटा मेरी गान्ड मे पूरा लंड घुसा सका वही मेरा बेटा सलीम मेरी गान्ड मे पूरा घुसके मस्त ठुकाई करता है

माँ:मेरा बेटा गान्ड मे नही घुसा पाता

चाची:हाँ उसे अनुभव की कमी है,उससे भी बहुत जल्द अनुभव जा जाएगा,तुम उसकी क्यो चिंता क्राती हो ,मेरा बेटा है ना सलीम ,वो मस्त ठुकाई करेगा तुम्हारी गान्ड की ,

बस 12 को सलीम के साथ फार्महाउस पे चली जाना,फिर देखना ,मेरा बेटा सलीम कैसे मस्त ठुकाई करता है तुम्हारी ,रात भर तुम्हारी गान्ड मारेगा ,ये चुदाई तुम जिंदगी भर याद करोगी

माँ:इच्छा तो बहुत हो रही है ,लेकिन थोड़ा डर भी लग रहा है

चाची:क्यो डर रही हो ,मे हूँ ना,पहले मे गान्ड मराउन्गी ,फिर तुम मरवा लेना,एक बार लंड गान्ड मे घुसा ,जब तक ही दर्द है ,उसके बाद तो मज़ा ही मज़ा है

1 बज गया,मोहित भी आने मे होगा

चाची मुस्कुराते हुए अपने मन मे""जब तक मे नही जाउन्गी वो नही आएगा"

चाची:हाँ वो भी आने मे होगा,चाची ने ये शब्द केवल माँ का जवाब देने के लिए बोले थे

ये कहकर चाची जाने लगी

माँ:जाते समय दरवाजे को भिड़ा देना,अभी तो मेरी हालत नही है, उठने की ,मोहित आएगा तो वो बंद उसको बंद करने के लिए बोल दूँगी

चाची:ठीक है

चाची के चले जाने के बाद

मे भी बिस्तर के नीचे से सावधानी से निकला

,बाहर दरवाजे तक जाकर आने आने की आक्टिंग की,मुझे पता था कि दरवाज़ा खुला हुआ है फिर भी भी मेने डोर बेल बजाई

अंदर से माँ की आवाज़ आई ,दरवाज़ा खुला है

ओर आते समय दरवाज़ा बंद करते आना,

मेने अंदर आ कर दरवाना बंद किया ऑर माँ की ओर चला गया,

माँ बेड पे लेटी हुई थी ,मेने माँ से पूछा "क्या हुआ माँ"

माँ:कुछ नही बेटे थोड़ा शरीर आकड़ा हुआ है

चाची:कहाँ से अकड़ रहा है ,मे जब गया था तब्तो तुम ठीक थी,

माँ के पास इसका जवाब नही था ,इसलिए उन्होने बोल दिया ,पाँव मे मोच आ गयी

मुझे माँ की इस हालत पे बहुत हसी आ रही थी ,कि किस तरह माँ झूठ बोल रही है

चलो मे मालिश कर देता हूँ

माँ:पाँव खिचते हुए(मुझे इस बात पे बुरा लगा ,कि माँ मुझे अपने शरीर पे हाथ तक नही लगाने दे रही)

वो चाची आ गयी थी वो मालिश कर गयी है ,तुम चिंता मत करो

माँ को लगा गया था कि मुझे उनकी इस हरकत से बहुत दुख पहुचा है ,इसलिए उन्होने जान बूझकर मुझे पाव दिखाते हुए कहा की चाची ने यहा मालिश की है(वैसे माँ ने घुटनो तक इशारा करते हुए बोला था,जबकि मुझे पता था चाची ने माँ के गान्ड के छेद की मालिश की थी

 
माँ को लगा गया था कि मुझे उनकी इस हरकत से बहुत दुख पहुचा है ,इसलिए उन्होने जान बूझकर मुझे पाव दिखाते हुए कहा की चाची ने यहा मालिश की है(वैसे माँ ने घुटनो तक इशारा करते हुए बोला था,जबकि मुझे पता था चाची ने माँ के गान्ड के छेद की मालिश की थी

मे:मज़ाक मे ,माँ पाँव की ही क्यो करवाई मालिश पूरे शरीर की करवा लेती

माँ:अरे वो मालिश वाली थोड़े ही है जो पूरे शरीर की मालिश करवा लेती

मे:अगर चाची पाव की मालिश कर सकती है ,तो पूरे शरीर की भी मालिश कर सकती है

माँ:अगली बार देखेगे

मी:वैसे माँ मे भी मालिश अच्छी करता हूँ ,ऑर लड़का होने के कारण मेरे हाथो मे भी ज़ोर ज़्यादा लगेगा

माँ:अचंभित होते हुए,तू कहाँ से मालिश करना सीख गया

मे:आप जैसी माँ के लिए सब कुछ सीख सकता हूँ

((मुझे भी पता नही कहाँ से इतनी हिम्मत आ गयी कि माँ से डबल मीनिंग की बाते कर लग गया))

माँ को देख कर लग रहा था कि ,माँ ज़रूर अपने मन मे कुछ सोच रही है,

हालाँकि माँ ये समझ चुकी थी कि मे उनके साथ चिपकने की कॉसिश कर रहा हूँ

माँ:आज तो मालिश हो गयी अगली बार कभी ऐसा होगा तो तुझे बुला लुगी

मे:पक्का माँ

माँ:पक्का

मे:थॅंक यू माँ,आइ लव यू माँ ,ये कहकर मे खुशी से उछल पड़ा

माँ:तुझे क्या हुआ,इतना खुश क्यो है

मे:अपनी खुशी को काबू करते हुए ,नही माँ ऐसे कुछ बात नही है,हर बेटे को अपनी माँ की सेवा करने मे खुशी होती है

माँ:आज से पहले तो तूने कभी मेरी सेवा नही की

मे:मुझे पता नही था कि ,माँ की सेवा करने मे क्या खुशी होती है

माँ:तो तू कब्से सीख गया माँ की सेवा मे खुशी मिलती है

मे:थोड़ा सोचकर ,चाची ने बताया

माँ मुस्कुरा गयी

माँ समझ गयी थी कि मे माँ को पटाने की कोशिस कर रहा हूँ

अब माँ ने भी मज़े लेने के लिए मुझे छेड़ना शुरू कर दिया

माँ:अच्छा ,क्या कहा चाची ने तुझसे कि तुझे इतना जल्दी समझ मे आ गया

मे:चाची ने बड़े प्यार से समझाया कि माँ को खुश रखो,इसी मे सच्ची खुशी है

तब से मेने कसम खाई है कि मे आपको खुश करने के लिए अपनी जान भी दे दूँगा

मेरे इस डाइलॉग से माँ की ममता बाहर आ गयी,अरे बेटे ,ऑर मुझे गले लगाया

मुझे गले लगते ही मेरे लंड मे हरकत हुई ,ऑर वो खड़ा होने होने लगा,माँ के शरीर से एक अलग तरह की खुश्बू आ रही थी जो मेरे हथियार को खड़ा कर रही थी

मे इस के लिए तैयार नही था ,इसलिए मेने ने खुद को अलग होने मे ही बेहतर समझा,

ऑर बोला

मे:माँ आपके लिए चाइ बनाके लाता हूँ ,

मे चाइ बनाने गया ,कुछ ही देर मे मे चाइ लाकर माँ को दी

फिर हम दोनो ने चाइ पी ओर खुद देर तक बाते करते रहे,((इस बार हम ने बाते ग़लत वाली नही की थी ,हम बस बात करे जा रहे थे,हमे पता नही था हम क्यो बात करे जा रहे थे बस मज़ा आ रहा था))

ऑर देखते ही देखते शाम हो गयी ,फिर ध्यान आया कि शाम हो गयी ,हम दोनो अलग हो गये

मे पढ़ाई करने रूम मे चला गया ऑर माँ अपने काम मे बिज़ी हो गयी

अब रोज़ ऐसे ही चलता रहा,चाची रोज़ आती ऑर मे रोज़ की तरह के नीचे छुप जाता ऑर चाची रोज़ की तरह माँ की गान्ड के छेद मे एक उंगली घुसा के माँ की चूत से पानी निकाल देती

चाची माँ को गरम करके अपने बेटे से गान्ड मरवाने के लिए राज़ी करने की कोई कसर नही छोड़ती थी

लेकिन मेने भी ठान लिया था कि *माँ की गान्ड मे ही मारूगा

इसके लिए मे भी पूरा ज़ोर लगाना शुरू कर दिया था,अब दिन भर माँ के काम मे हाथ बटाता था,मोका मिलने पर मे माँ की गान्ड को देखकर लंड भी सहला लेता था,सच मे ,मुझे माँ की गान्ड से प्यार हो गया था,ऑर अब मुझे खुद पे गुस्सा आ रहा था कि कैसे मेने इस गान्ड को चाची ऑर सलीम के हवाले कर दिया था,केवेल ये सोच कर ही मेरा लंड तन्तना गया,ऑर झटके खाने लगा

फिर मेने बाथरूम मे जाक्र मेने लंड हिलाके शांत किया किया

लेकिन मुझ मे पता नही सलीम से टक्कर लेने की क्या जाम रही थी,इसलिए मे माँ की गान्ड जोरदार तरीके से मारना चाहता था,मैं नही चाहता था कि मुझे बाद मे पछतावा हो कि,मुझमे सलीम का मुकाबला करने की ताक़त नही थी,(हाँ मे मानता हूँ कि मे सलीम का चुदाई मे मुकाबला नही कर सकता,लेकिन फिर भी मे उसे टक्कर देना चाहता था)

 
मेने सोचा ,कोई तो ऐसा रास्ता होगा,जिससे मेरा लंड कई घंटे खड़ा रहे ऑर कोई गान्ड मारने मे कोई दर्द ना हो,क्योकि अब माँ की गान्ड ने मुझे दीवाना बना दिया था,अब मे जितना जल्दी हो सकता उतना जल्दी माँ की गान्ड मे अपना लंड डालकर जोरदार चुदाई करना चाह रहा था

मेने सोचा ,चाची या सलीम तो इसमे मदद करेगे नही,अगर उन्हे कुछ पता भी होगा तो भी नही करेगे,क्योकि वो दोनो खुद मेरी माँ के गान्ड के पीछे लगे हुए है

केवल एक ही मदद कर सकता है

वो है मनोहर ,जिससे मुझे कोई ख़तरा नही,अगर वो मेरी माँ पटा भी लेता है तो भी चूत ही मारेगा ,गान्ड तो बची रहेगी

यही सोचकर मे मनोहर के पास गया

मे:ऑर मनोहर ,क्या हाल चाल है

मनोहर:बस अच्छे है,ऑर तू सुना,बहुत दिन बाद आया है,मुझसे मिलने,

मे:नही बस ऐसे ही एक काम था

मनोहर:मे जानता था ,तू बिना काम आ नही सकता,चल बता क्या काम है

मे:मनोहर,मुझे किसी को चोदना है,लेकिन मुझे डर लगता है सामने वाली कही मुझे कमजोर नही समझ ले,क्या है मुझे अनुभव नही है,इसलिए उत्तेजित होकर जल्दी पानी ना निकल जाए

मनोहर:क्या बात है,किसी को पटा लिया है,

मे:है कोई,मुझे कोई सल्यूशन बताओ,मे बाद मे सब कुछ बता दूँगा

मनोहर: मेरे पास इलाज है,लेकिन इसकी कीमत लगेगी,क्या है तेरे पास देने के लिए

मे:मेरे पास पैसे तो नही है,तुम ही बता दो मे क्या दे सकता हूँ

मनोहर:तुम चाची से घुल मिलकर रहे हो

मे:तो उसमे मे क्या कर सकता हूँ

मनोहर :अगर तू वादा करे कि ,कैसे भी चाची को मुझ तक अकेला पहुचा दे,मे कसम ख़ाता हूँ उस दिन चाची अपने दोनो पाव से ढंग से नही चल पाएगी

मे:क्या दुश्मनी है चाची से

मनोहर:पिछले दो साल से मुझे लटका रखा है,लेकिन मुझे कभी नही दिया,अब तो सोच लिया कि ज़बरदस्ती करनी पड़ेगी,चाहे जैल चला जाउ

((मे मन मे,बहुत अच्छा मोका हाथ लगा है चाची से बदला लेने का)))

मे:मुझे मंजूर है

मनोहर:ये ले 4 गोली,हर गोली तुझे 2 घंटे तक चोदने की ताक़त देगी,

ऑर अगर दो गोली एक साथ ख़ाता है,तो तू लगभग 3-4 घंटे तक बहुत जोरदार तरीके से चोद सकता है,मतलब तुझे 3-4 घंटे बहुत जोरदार तरीके से चोदना ही पड़ेगा,नही तो कुछ घंटे मे तेरे शरीर मे फफोले पड़ जाएगे

मे:डरावनी बात है

मनोहर:काहे की डरावनी ,बस ये है ,गोली जितनी ताक़त देती है उसको चुदाई मे निकालो,

चलो मे तुम्हे एक किस्सा सुनाता हूँ इस गोली के उपर जिससे तुम्हे सब कुछ समझ मे आ जाएगा

मनोहर अपना किस्सा सुनाते हुए""""

मे अपने गाव गया था,वहाँ पास के गाव मे एक रंडी रहती थी,उसने चॅलेंज किया था कोई उसकी चीख निकाल के बताए अगर कोई मर्द का बच्चा हो

तो हमारे गाव से एक आदमी गया था,नाम से पहलवान जीतू,उसने उस रंडी को जोरदार तरीके से चोदा ,तकरीबन 2 घंटे अपने 10 इंच के लंड से ,लेकिन वो उस रंडी का पानी नही निकलवा सका,ये वही पहलवान जीतू था जिसके पास गाव की औरते जाने से डरती थी,एक बार मालती चाची ,तो खेत से लौट रही थी ,पता नही किसी कारण से लेट हो गयी होगी, तब रास्ते मे ये पहलवान जीतू मिल गया था,हालाँकि वो कभी खेतो मे जाता नही था,पर पता नही उस दिन कैसे चला गया था,

बस फिर क्या था,मालती चाची की चूत लहू लुहान थी ,ऑर मालती चाची एक लाठी के सहारे से घर पे आई

ये सबको पता चल चुकी थी, कि रात को पहलवान जीतू ने चाची को बुरी तरह चोद दिया,

मेने भी मालती चाची की हालत देखी थी,चाची इतनी घबराई हुई थी कि जैसे किसी ने उसकी जान लेने की कॉसिश की हो

मे भी बड़ा रूचि लेके सुन रहा था,मुझे चोदने के क़िस्सो को सुनने मे बड़ा मज़ा आता था

मे: फिर क्या हुआ

सबको गुस्सा तो आया पर कोई पहलवान जीतू से भिड़ नही सकता था,बस मामला शांत हो गया

लेकिन जब पहलवान जीतू उस रंडी का चीख नही निकाल सके तो ,उसने सबके सामने कहा

तुम्हारे गाव मे एक ही मर्द था पहलवान जीतू,वो भी मेरे सामने नामर्द हो गया ,है कोई इस गाव मे कोई मर्द

सब गाववालो ने मिलकर बोला,बस एक महीने रुक जा,फिर देखते है

रंडी:घंटा ही कुछ कर लोगे एक महीने मे

मे भी देखती हूँ तुम क्या उखाड़ लोगे एक महीने मे

अगर कुछ ना कर पाए तो इस गाव का हर मर्द मुझे सलाम ठोकेगा,ऑर मेरे कहने पे मेरे पाव ऑर मूत चाटेगा

सब लोगो को गुस्सा तो बहुत आया,पर कोई कुछ नही कर सकता था

 
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