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Guest
उस दिन अनजान में दर्द दिया तो इतना मलाल था और आज तुम जानबूझकर मुझे दर्द पर दर्द दिए जा रहे हो फिर , अब क्यों महसूस नहीं होती तुम्हें मेरी तकलीफ ।
नैना को इस कदर उदास देख राजेश के चेहरे पर भी अब दर्द उभर आया और जैसे ही गाड़ी स्टार्ट करने को हुआ तो नैना ने उसका हाथ पकड लिया।
नैना - मुझसे प्यार तो करते हो ना ?
राजेश दो पल खामोश रहा फिर मुस्कुराते हुए बोला - प्यार से भरोसा उठ गया है मेरा । नैना सच तो यह है कि अब मैं कभी भी किसी से प्यार नहीं कर पाऊंगा । मैं समझ चुका हूं कि प्यार एक ऐसा एहसास है जो अच्छे से अच्छे इंसान को कमजोर बना देता है और उसे तब तक तोड़ता है जब तक उस इंसान की आत्मा ना मर जाए।
अब हम दोनों को ही देख लो , हम दोनों पहले कैसे थे? लेकिन आज कैसे हैं ? मैं भले ही पहले अकेला था पर खुश था फिर तुम मेरी जिंदगी में आई तो लगा कि एक कमी जो जिंदगी में थी , वह भी पूरी हो गई लेकिन फिर तुम चली गई मुझे दर्द में तड़पता छोड़ । यह सुन नैना ने अपनी नजरें नीचे कर ली।
नैना - राज मैं....
,
राजेश - हां जानता हूं कि कुछ मजबूरी थी पर उससे दर्द तो कम नहीं हो सकता ना । वजह चाहे जो कुछ भी हो पर धोखा धोखा ही होता है। जिस दिन तुम मुझे छोड़ कर गई, उस दिन से लेकर आज तक मैं कभी चैन से सो नहीं पाया । मेरी छोडो, खुद को ही देख लो। तुम्हें क्या मिला प्यार में ? जो लड़की कभी अपने आत्मसम्मान के लिए सबसे लड़ जाती थी पर वही लड़की अपने प्यार को धोखा देकर अपने ही शहर को छोड़कर सब से दूर यहां है ।
मैं समझ सकता हूं कि तुम्हारे लिए भी यह सब इतना आसान नहीं रहा होगा , तुम भी तो खुश नहीं हो आज यहां इसलिए कह रहा हूं छोड़ दो जिद। इस प्यार में कुछ भी नहीं है सिवाय दर्द के - कहते हुए राजेश चुप हो गया।
नैना ने राजेश को खामोश देखा तो बोली - क्या ऐसा नहीं हो सकता कि हम दोनों अपने प्यार को एक मौका और दे ?
राजेश ने अब नैना को एक पल को देखा फिर अपना हाथ उसके हाथ से छुड़ा लिया - नहीं , ऐसा नहीं हो सकता । तुम्हारे धोखे ने मुझे इस कदर तोड़ दिया है कि प्यार शब्द से ही डर लगने लगता है । मेरा दिल और दिमाग तुम्हारे बारे में एक जैसा नहीं सोच पा रहे हैं । दिल कहता है कि तुम पर , भरोसा करूं पर दिमाग इसकी इजाजत नहीं देता । मैंने हर बार अपने दिल की ही सुनी और देखो आज यहां किस हाल में हूं इसलिए इस बार मैं सिर्फ और सिर्फ अपने दिमाग की सुनूंगा और यही मेरा फैसला है कि तुम मेरी जिंदगी में वापस नही आओगी।
राजेश की बात सुनकर नैना चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गई, उसकी आंखों से आंसू बहने लगे । राजेश ने यह देखा तो चुपचाप गाड़ी स्टार्ट कर ऑफिस की ओर बढ़ चला।
नैना ने अपने आँसू पोंछ लिए, वह फैसला कर चुकी थी कि आगे क्या करना है । अब वह भी राजेश की तरह दिमाग से काम लेगी और राजेश को उसके प्यार का एहसास दिला कर रहेगी । नैना ने अब चुपचाप रिचा को एक मैसेज किया और अपनी सीट पर पीछे की तरफ लेट कर आंखें बंद कर ली।
उधर विशाल के साथ ऑफिस में बैठी रिचा ने जब नैना का मैसेज पढ़ा तो सोच में पड़ गई कि यह लड़की पागल तो नहीं हो गई है? मैं भला ऐसा कैसे कर सकती हूं और यह करने के बाद तो राजेश और विशाल ही मुझे मार डालेंगे पर करना तो पड़ेगा ।
राजेश और नैना अब ऑफिस पहुंचे। नैना जैसे ही गाड़ी से , उतरने को हुई कि राजेश बोला - नैना आज से हर रोज ऑफिस के लिए मैं तुम्हें लेने तुम्हारे घर आया करूंगा और शाम को घर भी मैं ही छोडूंगा ।
नैना - क्यों और तुम्हें क्या फर्क पड़ता है मुझसे ?
राजेश - इंसानियत नाम की भी कोई चीज होती है । एक तो तुम मेरी मंगेतर की दोस्त हो, दूसरा मेरी एम्पलाई हो तुम मेरी जिम्मेदारी हो। साहिल से थोड़ा दूर ही रहा करो , पता नहीं क्यों मुझे कुछ ठीक नहीं लगता ।
नैना राजेश को खुद के लिए परेशान देख मन ही मन मुस्कुरा रही थी - शायद तुम खुद भी नहीं जानते कि तुम्हें चाहिए क्या लेकिन अब मैं तुम्हें एहसास कराऊंगी कि हम दोनों एक दूसरे के लिए कितने जरूरी है , सोचते हुए नैना चुपचाप गाड़ी से उतरी ।
राजेश ने अपनी गाड़ी को पार्किंग एरिया में लगाया , अब नैना और राजेश दोनों ऑफिस की ओर बढ़ चले । ऑफिस में पहुंचते ही राजेश ने देखा कि रिचा स्टाफ के लोगों के साथ वहां खड़ी उसका इंतजार कर रही है , उससे कुछ ही दूरी पर विशाल परेशान सा खड़ा है ।
, रिचा अब मुस्कुराते हुए आगे बढ़े और राजेश के सामने आकर खड़ी हो गई, उसे देख नैना राजेश से थोड़ा दूर हट गई।
रिचा - एक गुड न्यूज है जो मैं सबसे बाँटना चाहती हूँ। पापा का फोन आया था, उन्होंने बताया कि हमारी शादी की तारीख पक्की हो गई है ।
यह सुन राजेश और विशाल एक दूसरे को हैरानी से देखने लगे कि यह लड़की बोल क्या रही है ? ऐसा तो कुछ भी तय नहीं हुआ था हमारे प्लान में ।
राजेश गुस्से से रिचा को देखने लगा और बहुत धीमे से बोला - होश में तो हो, क्या बोल रही हो ? पर रिचा ने राजेश की बात को अनसुना कर दिया और उसके गले लग गई -मैं बहुत खुश हूं आज । सिर्फ 15 दिन और फिर हमारी शादी हो जाएगी - यह सुनते ही पूरा स्टाफ ताली बजाने लगा।
विशाल को तो जैसे सांप सूंघ गया और राजेश के चेहरे का उडा रंग साफ बता रहा था कि वह अपने ही जाल में फंस चुका था । नैना चुपचाप खडी हो मुस्कुरा रही थी - अब तुम्हें कौन बचाएगा मुझसे ?.....,
नैना को इस कदर उदास देख राजेश के चेहरे पर भी अब दर्द उभर आया और जैसे ही गाड़ी स्टार्ट करने को हुआ तो नैना ने उसका हाथ पकड लिया।
नैना - मुझसे प्यार तो करते हो ना ?
राजेश दो पल खामोश रहा फिर मुस्कुराते हुए बोला - प्यार से भरोसा उठ गया है मेरा । नैना सच तो यह है कि अब मैं कभी भी किसी से प्यार नहीं कर पाऊंगा । मैं समझ चुका हूं कि प्यार एक ऐसा एहसास है जो अच्छे से अच्छे इंसान को कमजोर बना देता है और उसे तब तक तोड़ता है जब तक उस इंसान की आत्मा ना मर जाए।
अब हम दोनों को ही देख लो , हम दोनों पहले कैसे थे? लेकिन आज कैसे हैं ? मैं भले ही पहले अकेला था पर खुश था फिर तुम मेरी जिंदगी में आई तो लगा कि एक कमी जो जिंदगी में थी , वह भी पूरी हो गई लेकिन फिर तुम चली गई मुझे दर्द में तड़पता छोड़ । यह सुन नैना ने अपनी नजरें नीचे कर ली।
नैना - राज मैं....
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राजेश - हां जानता हूं कि कुछ मजबूरी थी पर उससे दर्द तो कम नहीं हो सकता ना । वजह चाहे जो कुछ भी हो पर धोखा धोखा ही होता है। जिस दिन तुम मुझे छोड़ कर गई, उस दिन से लेकर आज तक मैं कभी चैन से सो नहीं पाया । मेरी छोडो, खुद को ही देख लो। तुम्हें क्या मिला प्यार में ? जो लड़की कभी अपने आत्मसम्मान के लिए सबसे लड़ जाती थी पर वही लड़की अपने प्यार को धोखा देकर अपने ही शहर को छोड़कर सब से दूर यहां है ।
मैं समझ सकता हूं कि तुम्हारे लिए भी यह सब इतना आसान नहीं रहा होगा , तुम भी तो खुश नहीं हो आज यहां इसलिए कह रहा हूं छोड़ दो जिद। इस प्यार में कुछ भी नहीं है सिवाय दर्द के - कहते हुए राजेश चुप हो गया।
नैना ने राजेश को खामोश देखा तो बोली - क्या ऐसा नहीं हो सकता कि हम दोनों अपने प्यार को एक मौका और दे ?
राजेश ने अब नैना को एक पल को देखा फिर अपना हाथ उसके हाथ से छुड़ा लिया - नहीं , ऐसा नहीं हो सकता । तुम्हारे धोखे ने मुझे इस कदर तोड़ दिया है कि प्यार शब्द से ही डर लगने लगता है । मेरा दिल और दिमाग तुम्हारे बारे में एक जैसा नहीं सोच पा रहे हैं । दिल कहता है कि तुम पर , भरोसा करूं पर दिमाग इसकी इजाजत नहीं देता । मैंने हर बार अपने दिल की ही सुनी और देखो आज यहां किस हाल में हूं इसलिए इस बार मैं सिर्फ और सिर्फ अपने दिमाग की सुनूंगा और यही मेरा फैसला है कि तुम मेरी जिंदगी में वापस नही आओगी।
राजेश की बात सुनकर नैना चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गई, उसकी आंखों से आंसू बहने लगे । राजेश ने यह देखा तो चुपचाप गाड़ी स्टार्ट कर ऑफिस की ओर बढ़ चला।
नैना ने अपने आँसू पोंछ लिए, वह फैसला कर चुकी थी कि आगे क्या करना है । अब वह भी राजेश की तरह दिमाग से काम लेगी और राजेश को उसके प्यार का एहसास दिला कर रहेगी । नैना ने अब चुपचाप रिचा को एक मैसेज किया और अपनी सीट पर पीछे की तरफ लेट कर आंखें बंद कर ली।
उधर विशाल के साथ ऑफिस में बैठी रिचा ने जब नैना का मैसेज पढ़ा तो सोच में पड़ गई कि यह लड़की पागल तो नहीं हो गई है? मैं भला ऐसा कैसे कर सकती हूं और यह करने के बाद तो राजेश और विशाल ही मुझे मार डालेंगे पर करना तो पड़ेगा ।
राजेश और नैना अब ऑफिस पहुंचे। नैना जैसे ही गाड़ी से , उतरने को हुई कि राजेश बोला - नैना आज से हर रोज ऑफिस के लिए मैं तुम्हें लेने तुम्हारे घर आया करूंगा और शाम को घर भी मैं ही छोडूंगा ।
नैना - क्यों और तुम्हें क्या फर्क पड़ता है मुझसे ?
राजेश - इंसानियत नाम की भी कोई चीज होती है । एक तो तुम मेरी मंगेतर की दोस्त हो, दूसरा मेरी एम्पलाई हो तुम मेरी जिम्मेदारी हो। साहिल से थोड़ा दूर ही रहा करो , पता नहीं क्यों मुझे कुछ ठीक नहीं लगता ।
नैना राजेश को खुद के लिए परेशान देख मन ही मन मुस्कुरा रही थी - शायद तुम खुद भी नहीं जानते कि तुम्हें चाहिए क्या लेकिन अब मैं तुम्हें एहसास कराऊंगी कि हम दोनों एक दूसरे के लिए कितने जरूरी है , सोचते हुए नैना चुपचाप गाड़ी से उतरी ।
राजेश ने अपनी गाड़ी को पार्किंग एरिया में लगाया , अब नैना और राजेश दोनों ऑफिस की ओर बढ़ चले । ऑफिस में पहुंचते ही राजेश ने देखा कि रिचा स्टाफ के लोगों के साथ वहां खड़ी उसका इंतजार कर रही है , उससे कुछ ही दूरी पर विशाल परेशान सा खड़ा है ।
, रिचा अब मुस्कुराते हुए आगे बढ़े और राजेश के सामने आकर खड़ी हो गई, उसे देख नैना राजेश से थोड़ा दूर हट गई।
रिचा - एक गुड न्यूज है जो मैं सबसे बाँटना चाहती हूँ। पापा का फोन आया था, उन्होंने बताया कि हमारी शादी की तारीख पक्की हो गई है ।
यह सुन राजेश और विशाल एक दूसरे को हैरानी से देखने लगे कि यह लड़की बोल क्या रही है ? ऐसा तो कुछ भी तय नहीं हुआ था हमारे प्लान में ।
राजेश गुस्से से रिचा को देखने लगा और बहुत धीमे से बोला - होश में तो हो, क्या बोल रही हो ? पर रिचा ने राजेश की बात को अनसुना कर दिया और उसके गले लग गई -मैं बहुत खुश हूं आज । सिर्फ 15 दिन और फिर हमारी शादी हो जाएगी - यह सुनते ही पूरा स्टाफ ताली बजाने लगा।
विशाल को तो जैसे सांप सूंघ गया और राजेश के चेहरे का उडा रंग साफ बता रहा था कि वह अपने ही जाल में फंस चुका था । नैना चुपचाप खडी हो मुस्कुरा रही थी - अब तुम्हें कौन बचाएगा मुझसे ?.....,