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Guest
नैना और बाकी का स्टाफ राजेश को ऐसे गुस्से में देख हैरान रह गया ।
सारा (डरते हुए) - कहीं तुम्हारा सच तो ...
नैना- पता नहीं पर मैं इतनी गुस्से में राजेश को अकेले नहीं , छोड़ सकती - कहते हुए वह भी उसके पीछे बढ़ चली।
राजेश अब जैसे ही ऑफिस से बाहर निकला तो सामने से रिया आती दिखाई दी ।
राजेश (गुस्से में ) - इधर आओ।
रिया समझ गई कि उसकी मां ने भाई को कुछ उल्टा सीधा बोला है, वह अब उसके पास आकर खड़ी हो गई ।
राजेश - किसने कहा तुमसे कि मिसेज मल्होत्रा ने पैसे मांगे हैं?
रिया -भाई मैंने सुन ली थी आपकी बात ।
राजेश (झुँझलाते हुए) - सुन ही ली थी तो चुप नहीं लगा सकती थी ? क्या जरूरत थी उनसे लड़ने की? तुम जानती हो कि तुम्हारी वजह से क्या कुछ सुनने को मिला है मुझे ?
रिया की आंखों में आंसू आने लगे - सॉरी भाई पर वह गलत कर रही थी ।
, राजेश - सही और गलत का फैसला तुम हम बड़ों पर छोड़ दो। आइंदा मेरे मामलों में टांग मत अड़ाना वरना ...
तभी नैना रिया और राजेश के बीच में खड़ी हो गई -तो क्या? तुम ऐसे रिया से बात नहीं कर सकते हो ।वह तुमसे बहुत प्यार करती है , अगर उसकी मां तुम्हारे साथ गलत करती है तो उसे बुरा लगता है और इसलिए वह उनसे लडी सिर्फ तुम्हारे लिए ।
राजेश - तुम हटो मेरे सामने से ।मैं अपनी बहन से बात कर रहा हूँ।
नैना - नहीं हटूंगी । देखो जरा उसे, कितना डर गई है वह तुम्हारे ऐसे व्यवहार से । नैना ने डरी हुई रिया की ओर इशारा किया और उसे खुद के पीछे छुपा लिया।
राजेश (नैना को अनसुना कर ) - रिया सामने आओ , जवाब दो? मुझे क्यों परेशान हो रही हो ।
रिया ( रोते हुए) - भाई मैं बस गलत बात सहन नहीं कर पाई।
राजेश- सहन नहीं कर पाई और अभी मै जो सहन करके आ , रहा हूं
नैना - राजेश प्लीज तुम अभी बहुत गुस्से में हो, बाद में बात करना इस मामले में ।
राजेश - क्या बात करूँ? तुम लोगों से बात करने का कोई फायदा ही नहीं है - कह कर बाहर निकल गया।
नैना ने रिया को समझा-बुझाकर चुप कराया और जल्दी से बिल्डिंग से बाहर आई तो राजेश जा चुका था ।
नैना वापस लौट कर आई और रिया से बोली - राजेश की बातों को दिल पर ना लेना।
रिया - मैं क्या करूँ? माँ भाई के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार करती है तो मुझे बहुत बुरा लगता है । मैं नहीं चाहती कि वो भाई से हर वक्त पैसे मांगती रहे ।
नैना -कोई बात नहीं , वह बस अभी नाराज है ।जब शांत हो जाएगा तो सब समझ जाएगा । तुम शांत रहो और घर जाओ। राजेश के घर पहुंचने पर मुझे फोन कर देना प्लीज ।
रिया हां में सर हिला कर घर के लिए चली गई ।
,
नैना अच्छे से जानती थी कि मिसेज मल्होत्रा की बातें सीधे राजेश के दिल में चुभती थी, वह हर वक्त उससे ऐसे ही बातें करती थी ।राजेश भी कई बार उन्हें पलट कर जवाब दे देता , कई बार रिया की सोच कर चुप लगा जाता ।
रात हो चली थी , सभी ऑफिस से घर जा चुके थे । नैना भी घर के लिए साहिल के साथ निकल ही रही थी कि रिया का फोन आया - भाई अभी तक घर नहीं आए हैं , ऑफिस में है क्या?
नैना - नहीं , यहां नहीं है ।
रिया -उनका फोन भी बंद आ रहा है ।
नैना - उसने ऑफिस में ही फोन फेंक दिया था । तुमने विशाल या रिचा से बात की ?
रिया - हां लेकिन उन्हें भी नहीं पता भाई के बारे में।
नैना - मै देखती हूँ कुछ।
, साहिल गाड़ी निकालने पार्किंग एरिया में गया था , नैना अब उदास सी बिल्डिंग के बाहर खड़ी थी कि पता नहीं राजेश कहां चला गया । तभी उसकी नजर सिक्योरिटी गार्ड पर गई जो कि बिल्डिंग को दोबारा से खोल रहा था ।
नैना (हैरानी से ) - भैया यह दोबारा क्यों खोल रहे हो?
सिक्योरिटी गार्ड - राजेश सर का फोन आया है ,अभी थोड़ी देर में ऑफिस आ रहे हैं इसीलिए ऑफिस खोल रहा हूं - यह सुनकर नैना की जान में जान आई ।
नैना ने साहिल को जबरदस्ती घर भेज दिया और रिया को फोन कर बता दिया कि राजेश वापस ऑफिस लौटने वाला है ।
नैना वापस आकर ऑफिस में ही बैठ गई और राजेश का इंतजार करने लगी । थोड़ी देर में राजेश के कदमों की आवाज सुन नैना अब उठ कर बाहर की ओर चली । राजेश के चेहरे पर गुस्सा साफ नजर आ रहा था । नैना को इग्नोर कर वह अपने केबिन में गया और फोन को उठाने लगा।
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नैना - तुम ठीक तो हो राजेश ?
राजेश -क्यों तुम्हें ठीक नहीं दिख रहा हूं मैं ?
नैना - नहीं, तुम अभी तक नाराज हो मिसेज मल्होत्रा से ?
तभी राजेश गुस्से में बोला - नाम मत लो उनका । नफरत है मुझे उनसे और उनके नाम से भी और तुम होती कौन हो मेरी पर्सनल लाइफ में दखल देने वाली ? तुम्हें तुम्हारा नया प्यार मिल गया है तो जाओ , उसके साथ घूमो फिरो और वक्त बिताओ । यहां कोई फायदा नहीं है समय खराब करने में ।
नैना - यह क्या बार-बार साहिल साहिल लगा रखा है ? अगर साहिल आज हमारे बीच में है तो वह सिर्फ तुम्हारी वजह से। तुमसे मैंने पूछा था कि क्या तुम मुझे अपनी जिंदगी में वापस लाओगे पर तुमनें मना कर दिया । अब मैं साहिल के साथ आगे बढ़ रही हूं तो भी तुम्हें परेशानी है और अगर तुम्हारा इंतजार करूं तो भी परेशानी है । तुम ही बताओ मैं करूं तो क्या करूं?
राजेश - जैसे मेरी कही सारी बात मानती हो तुम ? कहने को तो मैंने यह भी कहा था कि वह लड़का सही नहीं है
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नैना ( हैरानी से) - आखिर क्या परेशानी है ? तुम्हें साहिल क्यों पसंद नहीं है ।
राजेश - नैना देखो, मेरा दिमाग पहले से ही बहुत खराब है । मैं इस वक्त तुम से बहस के मूड में नहीं हूं - कहते हुए राजेश जैसे ही आगे बढ़ा कि नैना ने उसका रास्ता रोक लिया - तुम्हें रिया से इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी।
राजेश (गुस्से में ) - तुम होती कौन हो मुझे बताने वाली कि मुझे किससे कैसी बात करनी है ? वह मेरी बहन है, मैं जैसे चाहे उससे बात करूंगा । मेरी जिंदगी में टांग अड़ाना बंद कर दो । थक गया हूं इस रोज-रोज के झंझट से ।
मिसेज मल्होत्रा ने बचपन से मेरी जिंदगी का सुकून छीना हुआ है , रिया की परेशानी यह है कि वह मुझे हद से ज्यादा प्यार करती है जिससे मिसेज मल्होत्रा मुझे कसूरवार ठहराती हैं । मैं रिया से सगी बहन से भी ज्यादा प्यार करता हूं लेकिन यह जो सौतेला शब्द है कि मेरा पीछा नहीं छोड़ता । क्या करूं ? कैसे साबित करूं कि मैं उसका बुरा नहीं चाहता।
और तुम, तुमसे तो क्या कहूं मैं ? जब तुम्हें पाया था तो सोचा था कि तुम्हारे प्यार के सहारे अपनी जिंदगी खुशी-खुशी काट , लूंगा , हर गम सहन कर लूंगा पर तुम भी धोखेबाज निकली, बार-बार धोखे दिए तुमने । तुमसे तो अच्छी मिसेज मल्होत्रा है जिन्होंने मुझे कभी धोखा नहीं दिया । वह मुझे पसंद नहीं करती , यह मुझे साफ-साफ बता चुकी थी इसलिए मुझे उनसे कोई उम्मीद नहीं थी पर तुम? तुमने बार-बार मेरे विश्वास को तोड़ा और अब मुझे समझा रही हो ? थक गया हूं मैं रोज-रोज के झगड़ों से , ना चैन से जी सकता हूं और ना मर सकता हूं - कहते हुए वह वहीं पास में रखी कुर्सी पर बैठ गया ।
सारा (डरते हुए) - कहीं तुम्हारा सच तो ...
नैना- पता नहीं पर मैं इतनी गुस्से में राजेश को अकेले नहीं , छोड़ सकती - कहते हुए वह भी उसके पीछे बढ़ चली।
राजेश अब जैसे ही ऑफिस से बाहर निकला तो सामने से रिया आती दिखाई दी ।
राजेश (गुस्से में ) - इधर आओ।
रिया समझ गई कि उसकी मां ने भाई को कुछ उल्टा सीधा बोला है, वह अब उसके पास आकर खड़ी हो गई ।
राजेश - किसने कहा तुमसे कि मिसेज मल्होत्रा ने पैसे मांगे हैं?
रिया -भाई मैंने सुन ली थी आपकी बात ।
राजेश (झुँझलाते हुए) - सुन ही ली थी तो चुप नहीं लगा सकती थी ? क्या जरूरत थी उनसे लड़ने की? तुम जानती हो कि तुम्हारी वजह से क्या कुछ सुनने को मिला है मुझे ?
रिया की आंखों में आंसू आने लगे - सॉरी भाई पर वह गलत कर रही थी ।
, राजेश - सही और गलत का फैसला तुम हम बड़ों पर छोड़ दो। आइंदा मेरे मामलों में टांग मत अड़ाना वरना ...
तभी नैना रिया और राजेश के बीच में खड़ी हो गई -तो क्या? तुम ऐसे रिया से बात नहीं कर सकते हो ।वह तुमसे बहुत प्यार करती है , अगर उसकी मां तुम्हारे साथ गलत करती है तो उसे बुरा लगता है और इसलिए वह उनसे लडी सिर्फ तुम्हारे लिए ।
राजेश - तुम हटो मेरे सामने से ।मैं अपनी बहन से बात कर रहा हूँ।
नैना - नहीं हटूंगी । देखो जरा उसे, कितना डर गई है वह तुम्हारे ऐसे व्यवहार से । नैना ने डरी हुई रिया की ओर इशारा किया और उसे खुद के पीछे छुपा लिया।
राजेश (नैना को अनसुना कर ) - रिया सामने आओ , जवाब दो? मुझे क्यों परेशान हो रही हो ।
रिया ( रोते हुए) - भाई मैं बस गलत बात सहन नहीं कर पाई।
राजेश- सहन नहीं कर पाई और अभी मै जो सहन करके आ , रहा हूं
नैना - राजेश प्लीज तुम अभी बहुत गुस्से में हो, बाद में बात करना इस मामले में ।
राजेश - क्या बात करूँ? तुम लोगों से बात करने का कोई फायदा ही नहीं है - कह कर बाहर निकल गया।
नैना ने रिया को समझा-बुझाकर चुप कराया और जल्दी से बिल्डिंग से बाहर आई तो राजेश जा चुका था ।
नैना वापस लौट कर आई और रिया से बोली - राजेश की बातों को दिल पर ना लेना।
रिया - मैं क्या करूँ? माँ भाई के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार करती है तो मुझे बहुत बुरा लगता है । मैं नहीं चाहती कि वो भाई से हर वक्त पैसे मांगती रहे ।
नैना -कोई बात नहीं , वह बस अभी नाराज है ।जब शांत हो जाएगा तो सब समझ जाएगा । तुम शांत रहो और घर जाओ। राजेश के घर पहुंचने पर मुझे फोन कर देना प्लीज ।
रिया हां में सर हिला कर घर के लिए चली गई ।
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नैना अच्छे से जानती थी कि मिसेज मल्होत्रा की बातें सीधे राजेश के दिल में चुभती थी, वह हर वक्त उससे ऐसे ही बातें करती थी ।राजेश भी कई बार उन्हें पलट कर जवाब दे देता , कई बार रिया की सोच कर चुप लगा जाता ।
रात हो चली थी , सभी ऑफिस से घर जा चुके थे । नैना भी घर के लिए साहिल के साथ निकल ही रही थी कि रिया का फोन आया - भाई अभी तक घर नहीं आए हैं , ऑफिस में है क्या?
नैना - नहीं , यहां नहीं है ।
रिया -उनका फोन भी बंद आ रहा है ।
नैना - उसने ऑफिस में ही फोन फेंक दिया था । तुमने विशाल या रिचा से बात की ?
रिया - हां लेकिन उन्हें भी नहीं पता भाई के बारे में।
नैना - मै देखती हूँ कुछ।
, साहिल गाड़ी निकालने पार्किंग एरिया में गया था , नैना अब उदास सी बिल्डिंग के बाहर खड़ी थी कि पता नहीं राजेश कहां चला गया । तभी उसकी नजर सिक्योरिटी गार्ड पर गई जो कि बिल्डिंग को दोबारा से खोल रहा था ।
नैना (हैरानी से ) - भैया यह दोबारा क्यों खोल रहे हो?
सिक्योरिटी गार्ड - राजेश सर का फोन आया है ,अभी थोड़ी देर में ऑफिस आ रहे हैं इसीलिए ऑफिस खोल रहा हूं - यह सुनकर नैना की जान में जान आई ।
नैना ने साहिल को जबरदस्ती घर भेज दिया और रिया को फोन कर बता दिया कि राजेश वापस ऑफिस लौटने वाला है ।
नैना वापस आकर ऑफिस में ही बैठ गई और राजेश का इंतजार करने लगी । थोड़ी देर में राजेश के कदमों की आवाज सुन नैना अब उठ कर बाहर की ओर चली । राजेश के चेहरे पर गुस्सा साफ नजर आ रहा था । नैना को इग्नोर कर वह अपने केबिन में गया और फोन को उठाने लगा।
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नैना - तुम ठीक तो हो राजेश ?
राजेश -क्यों तुम्हें ठीक नहीं दिख रहा हूं मैं ?
नैना - नहीं, तुम अभी तक नाराज हो मिसेज मल्होत्रा से ?
तभी राजेश गुस्से में बोला - नाम मत लो उनका । नफरत है मुझे उनसे और उनके नाम से भी और तुम होती कौन हो मेरी पर्सनल लाइफ में दखल देने वाली ? तुम्हें तुम्हारा नया प्यार मिल गया है तो जाओ , उसके साथ घूमो फिरो और वक्त बिताओ । यहां कोई फायदा नहीं है समय खराब करने में ।
नैना - यह क्या बार-बार साहिल साहिल लगा रखा है ? अगर साहिल आज हमारे बीच में है तो वह सिर्फ तुम्हारी वजह से। तुमसे मैंने पूछा था कि क्या तुम मुझे अपनी जिंदगी में वापस लाओगे पर तुमनें मना कर दिया । अब मैं साहिल के साथ आगे बढ़ रही हूं तो भी तुम्हें परेशानी है और अगर तुम्हारा इंतजार करूं तो भी परेशानी है । तुम ही बताओ मैं करूं तो क्या करूं?
राजेश - जैसे मेरी कही सारी बात मानती हो तुम ? कहने को तो मैंने यह भी कहा था कि वह लड़का सही नहीं है
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नैना ( हैरानी से) - आखिर क्या परेशानी है ? तुम्हें साहिल क्यों पसंद नहीं है ।
राजेश - नैना देखो, मेरा दिमाग पहले से ही बहुत खराब है । मैं इस वक्त तुम से बहस के मूड में नहीं हूं - कहते हुए राजेश जैसे ही आगे बढ़ा कि नैना ने उसका रास्ता रोक लिया - तुम्हें रिया से इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी।
राजेश (गुस्से में ) - तुम होती कौन हो मुझे बताने वाली कि मुझे किससे कैसी बात करनी है ? वह मेरी बहन है, मैं जैसे चाहे उससे बात करूंगा । मेरी जिंदगी में टांग अड़ाना बंद कर दो । थक गया हूं इस रोज-रोज के झंझट से ।
मिसेज मल्होत्रा ने बचपन से मेरी जिंदगी का सुकून छीना हुआ है , रिया की परेशानी यह है कि वह मुझे हद से ज्यादा प्यार करती है जिससे मिसेज मल्होत्रा मुझे कसूरवार ठहराती हैं । मैं रिया से सगी बहन से भी ज्यादा प्यार करता हूं लेकिन यह जो सौतेला शब्द है कि मेरा पीछा नहीं छोड़ता । क्या करूं ? कैसे साबित करूं कि मैं उसका बुरा नहीं चाहता।
और तुम, तुमसे तो क्या कहूं मैं ? जब तुम्हें पाया था तो सोचा था कि तुम्हारे प्यार के सहारे अपनी जिंदगी खुशी-खुशी काट , लूंगा , हर गम सहन कर लूंगा पर तुम भी धोखेबाज निकली, बार-बार धोखे दिए तुमने । तुमसे तो अच्छी मिसेज मल्होत्रा है जिन्होंने मुझे कभी धोखा नहीं दिया । वह मुझे पसंद नहीं करती , यह मुझे साफ-साफ बता चुकी थी इसलिए मुझे उनसे कोई उम्मीद नहीं थी पर तुम? तुमने बार-बार मेरे विश्वास को तोड़ा और अब मुझे समझा रही हो ? थक गया हूं मैं रोज-रोज के झगड़ों से , ना चैन से जी सकता हूं और ना मर सकता हूं - कहते हुए वह वहीं पास में रखी कुर्सी पर बैठ गया ।