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मिसेज मल्होत्रा (मुस्कराते हुए) - मैं तो अपनी बेटी से मिलने आई थी लेकिन देखो कौन मिल गया ? तुम यहाँ कैसे?
साहिल - मै यहाँ जाँब करता हूँ।
मिसेज मल्होत्रा - मजाक कर रही थी, जानती हूँ। कैसे हो ?
साहिल - ठीक हूं ।
मिसेज मल्होत्रा ( कुछ देर सोच कर) - अच्छा एक बात बताओ , क्या तुम अब भी मेरी बेटी से प्यार करते हो या वह बस एक दिखावा था?
साहिल - करता तो आज भी हूं लेकिन मेरी हैसियत नहीं है जैसा कि आपने पहले बताया था मुझे ।
मिसेज मल्होत्रा (हंसते हुए )- तो तुम अभी तक इस बात पर नाराज बैठे हो ? दरअसल मिलने तो मैं तुमसे ही आई थी ।एक काम है , कर पाओगे ?
साहिल - कैसा काम?
मिसेज मल्होत्रा - अभी तो एक छोटा सा काम है लेकिन तुमने , कर दिया तो आगे भी काफी काम करना है।
साहिल (मुस्कुराते हुए ) - कर तो सकता हूं पर कीमत क्या होगी ?
मिसेज मल्होत्रा - तुम तो पूरे व्यापारी बन गए हो , चलो अच्छा है । एक काम करो , शाम को तो मैं कुछ पेपर दूंगी। तुम्हें उस पर कैसे भी करके राजेश के साइन लेने हैं ।
साहिल (हैरानी से) - किस पर साइन लेने है और आप खुद क्यों उससे साइन नहीं ले लेती?
मिसेज मल्होत्रा - मै अगर कहूँगी तो इस जन्म तो क्या अगले सात जन्मों में भी वह मेरे दिए हुए किसी भी कागज पर साइन नहीं करेगा । उसके साइन हमें चुपके से लेने है।
साहिल (मुस्कुराते हुए) - वह बॉस है मेरा और दोस्त भी।उसके साथ धोखा नहीं कर सकता ।
मिसेज मल्होत्रा (हंसते हुए ) - बेवकूफ किसी और को बनाना, मैं सब जानती हूं कि तुम यहां राजेश से बदला लेने आए हो। तुम्हारी उससे जो भी दुश्मनी है , मुझे उससे कोई मतलब नहीं पर मैं भी उसकी बर्बादी चाहती हूं । बताओ, ले , पाओगे साइन या कोई और रास्ता ढूंढ लूँ?
साहिल - लेकिन वह मेरी असलियत जानता है तो क्यों करेगा वह किसी भी पेपर पर साइन ? आप रिया से क्यों नहीं करवाती यह काम , अपनी बहन के दिये किसी भी पेपर पर वो आसानी से साइन कर देगा।
मिसेज मल्होत्रा - हां लेकिन रिया भला क्यों करवाएगी उससे ऐसे पेपर्स पर साइन? तुम यहां ऑफिस में रहते हो, कई फाइल साइन होती है । किसी में भी लगा देना वह पेपर्स। कोई तो होगा जिस पर वह बहुत भरोसा करता हो और बिना पढ़े साइन कर देता हो फाईल्स पर जैसे विशाल।
साहिल अब सोच में पड़ गया कि तभी उसे नैना की याद आई - हां , नैना है जिस पर आंख बंद कर राजेश भरोसा करता है और वैसे भी उसकी ज्यादातर फाईल्स पर राजेश बिना देखे ही साइन कर देता है ।
मिसेज मल्होत्रा - किस सोच में पड़ गए ?
साहिल एक बार को तो मिसेज मल्होत्रा को नैना के बारे में बताने को हुआ फिर यह सोचकर चुप पड़ गया कि नैना मेरा हुकुम का इक्का है इसे अभी नहीं खोलूंगा - कुछ नहीं, , आपका काम हो जाएगा पर मुझे क्या फायदा मिलेगा इससे।
मिसेज मल्होत्रा - बहुत से रूपये और अगर राजेश को बर्बाद करने में कामयाब रहे तो मैं तुम्हारी शादी रिया से करा दूंगी।
साहिल यह सुनकर हंसने लगा - आप मुझे पागल समझती हैं, रिया मेरी राजेश से दुश्मनी की वजह से वैसे ही पसंद नहीं करती मुझे और जब मैं उसे बर्बाद कर दूंगा तो वह तो मेरी शक्ल भी नहीं देखना चाहेगी ।
मिसेज मल्होत्रा - और अगर कुछ ऐसा हो कि रिया राजेश की शक्ल देखना भी ना चाहे तो ?
साहिल ( हैरानी से ) - ऐसा कैसे हो सकता है ? मतलब क्या है आपका?
मिसेज मल्होत्रा - मतलब यह है कि रिया को राजेश से दूर करना होगा । वह मुझसे मेरी बेटी को छीने ,उससे पहले मुझे उससे उसकी बहन छीननी होगी ।आज तक मैं उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ पाई क्योंकि उसके साथ रिया खड़ी है ।
अगर मैं कुछ भी करती हूं तो वह मुझसे दूर हो जाएगी।
साहिल - ठीक है , मैं आपके साथ हूं ।
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मिसेज मल्होत्रा - तो ठीक है सौदा तय हुआ ।
शाम होने को आई, राजेश अपने केबिन में बैठा हुआ था कि विशाल का उसके पास एक मैसेज आया। राजेश ने वो मैसेज पढ़ा तो कुछ देर तक खामोशी से बैठा रहा, उसने विशाल को जवाब भेजा और उठकर केबिन की एक दीवार जो पूरी काँच थी और बाहर सड़क की ओर थी , उसके पास जाकर खड़ा हो गया । वह गहरी सोच में डूबा हुआ बिल्डिंग के बाहर सड़क की ओर देखने लगा कि मिसेज मल्होत्रा किसी से बात करती दिखाई दी लेकिन किससे? यह वह नहीं देख पा रहा था । यह इतना घुलमिल कर मुस्कुराते हुए किससे बात कर रही है ? इनके साथ तो रिया भी नहीं है ।
राजेश के दिमाग में कुछ आया , उसने फटाफट से साहिल को फोन मिलाया ।
साहिल राजेश का फोन देखकर - मिसेज मल्होत्रा 1 मिनट खामोश रहिएगा , राजेश का फोन है ।
साहिल (फोन उठाकर) - हां राजेश।
राजेश - वह मैंने तुम्हें प्रेजेंटेशन बनाने को दी थी, बना ली?
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साहिल - हां बना ली, बस 2 मिनट में पहुंचता हूं । राजेश की नजर मिसेज मल्होत्रा पर ही थी । उसने गौर किया कि जब तक उसने साहिल से बात की , वह चुपचाप खड़ी थी और जैसे ही उसने फोन रखा तो उनकी बातें शुरू हो गई। आखिर चक्कर क्या है ? क्या मेरा शक सही है ?
यह सोचते हुए वह तेजी से केबिन से बाहर निकला और ऑफिस से बाहर निकल गया। ग्राउंड फ्लोर पर पहुंच जैसे ही बिल्डिंग से बाहर निकला तो देखा कि मिसेज मल्होत्रा जा चुकी थी । यह कहां चली गई ? राजेश ने देखा कि वहां कोई नहीं था। वह अब लौट लिफ्ट में जाने के लिए आगे बढ़ा ही था कि उसे याद आया कि नैना इनवेंटरी में सुबह से अकेली बैठी है, बेचारी का मन भी नहीं लग रहा होगा। नैना को ऊपर बुला लेता हूं , मिसेज मल्होत्रा जा चुकी है और ऑफिस बंद होने वाला है 1 घंटे में , सोचते हुए इनवेंटरी के पास पहुंचा तो उसे नैना की हंसने की आवाज आ रही थी । वह खिलखिला कर हँस रही थी - किससे बात कर रही है यह? वह जैसे ही इनवेंटरी के दरवाजे के सामने बढ़ा तो वहां साहिल को देख हैरान रह गया।
साहिल - मै यहाँ जाँब करता हूँ।
मिसेज मल्होत्रा - मजाक कर रही थी, जानती हूँ। कैसे हो ?
साहिल - ठीक हूं ।
मिसेज मल्होत्रा ( कुछ देर सोच कर) - अच्छा एक बात बताओ , क्या तुम अब भी मेरी बेटी से प्यार करते हो या वह बस एक दिखावा था?
साहिल - करता तो आज भी हूं लेकिन मेरी हैसियत नहीं है जैसा कि आपने पहले बताया था मुझे ।
मिसेज मल्होत्रा (हंसते हुए )- तो तुम अभी तक इस बात पर नाराज बैठे हो ? दरअसल मिलने तो मैं तुमसे ही आई थी ।एक काम है , कर पाओगे ?
साहिल - कैसा काम?
मिसेज मल्होत्रा - अभी तो एक छोटा सा काम है लेकिन तुमने , कर दिया तो आगे भी काफी काम करना है।
साहिल (मुस्कुराते हुए ) - कर तो सकता हूं पर कीमत क्या होगी ?
मिसेज मल्होत्रा - तुम तो पूरे व्यापारी बन गए हो , चलो अच्छा है । एक काम करो , शाम को तो मैं कुछ पेपर दूंगी। तुम्हें उस पर कैसे भी करके राजेश के साइन लेने हैं ।
साहिल (हैरानी से) - किस पर साइन लेने है और आप खुद क्यों उससे साइन नहीं ले लेती?
मिसेज मल्होत्रा - मै अगर कहूँगी तो इस जन्म तो क्या अगले सात जन्मों में भी वह मेरे दिए हुए किसी भी कागज पर साइन नहीं करेगा । उसके साइन हमें चुपके से लेने है।
साहिल (मुस्कुराते हुए) - वह बॉस है मेरा और दोस्त भी।उसके साथ धोखा नहीं कर सकता ।
मिसेज मल्होत्रा (हंसते हुए ) - बेवकूफ किसी और को बनाना, मैं सब जानती हूं कि तुम यहां राजेश से बदला लेने आए हो। तुम्हारी उससे जो भी दुश्मनी है , मुझे उससे कोई मतलब नहीं पर मैं भी उसकी बर्बादी चाहती हूं । बताओ, ले , पाओगे साइन या कोई और रास्ता ढूंढ लूँ?
साहिल - लेकिन वह मेरी असलियत जानता है तो क्यों करेगा वह किसी भी पेपर पर साइन ? आप रिया से क्यों नहीं करवाती यह काम , अपनी बहन के दिये किसी भी पेपर पर वो आसानी से साइन कर देगा।
मिसेज मल्होत्रा - हां लेकिन रिया भला क्यों करवाएगी उससे ऐसे पेपर्स पर साइन? तुम यहां ऑफिस में रहते हो, कई फाइल साइन होती है । किसी में भी लगा देना वह पेपर्स। कोई तो होगा जिस पर वह बहुत भरोसा करता हो और बिना पढ़े साइन कर देता हो फाईल्स पर जैसे विशाल।
साहिल अब सोच में पड़ गया कि तभी उसे नैना की याद आई - हां , नैना है जिस पर आंख बंद कर राजेश भरोसा करता है और वैसे भी उसकी ज्यादातर फाईल्स पर राजेश बिना देखे ही साइन कर देता है ।
मिसेज मल्होत्रा - किस सोच में पड़ गए ?
साहिल एक बार को तो मिसेज मल्होत्रा को नैना के बारे में बताने को हुआ फिर यह सोचकर चुप पड़ गया कि नैना मेरा हुकुम का इक्का है इसे अभी नहीं खोलूंगा - कुछ नहीं, , आपका काम हो जाएगा पर मुझे क्या फायदा मिलेगा इससे।
मिसेज मल्होत्रा - बहुत से रूपये और अगर राजेश को बर्बाद करने में कामयाब रहे तो मैं तुम्हारी शादी रिया से करा दूंगी।
साहिल यह सुनकर हंसने लगा - आप मुझे पागल समझती हैं, रिया मेरी राजेश से दुश्मनी की वजह से वैसे ही पसंद नहीं करती मुझे और जब मैं उसे बर्बाद कर दूंगा तो वह तो मेरी शक्ल भी नहीं देखना चाहेगी ।
मिसेज मल्होत्रा - और अगर कुछ ऐसा हो कि रिया राजेश की शक्ल देखना भी ना चाहे तो ?
साहिल ( हैरानी से ) - ऐसा कैसे हो सकता है ? मतलब क्या है आपका?
मिसेज मल्होत्रा - मतलब यह है कि रिया को राजेश से दूर करना होगा । वह मुझसे मेरी बेटी को छीने ,उससे पहले मुझे उससे उसकी बहन छीननी होगी ।आज तक मैं उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ पाई क्योंकि उसके साथ रिया खड़ी है ।
अगर मैं कुछ भी करती हूं तो वह मुझसे दूर हो जाएगी।
साहिल - ठीक है , मैं आपके साथ हूं ।
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मिसेज मल्होत्रा - तो ठीक है सौदा तय हुआ ।
शाम होने को आई, राजेश अपने केबिन में बैठा हुआ था कि विशाल का उसके पास एक मैसेज आया। राजेश ने वो मैसेज पढ़ा तो कुछ देर तक खामोशी से बैठा रहा, उसने विशाल को जवाब भेजा और उठकर केबिन की एक दीवार जो पूरी काँच थी और बाहर सड़क की ओर थी , उसके पास जाकर खड़ा हो गया । वह गहरी सोच में डूबा हुआ बिल्डिंग के बाहर सड़क की ओर देखने लगा कि मिसेज मल्होत्रा किसी से बात करती दिखाई दी लेकिन किससे? यह वह नहीं देख पा रहा था । यह इतना घुलमिल कर मुस्कुराते हुए किससे बात कर रही है ? इनके साथ तो रिया भी नहीं है ।
राजेश के दिमाग में कुछ आया , उसने फटाफट से साहिल को फोन मिलाया ।
साहिल राजेश का फोन देखकर - मिसेज मल्होत्रा 1 मिनट खामोश रहिएगा , राजेश का फोन है ।
साहिल (फोन उठाकर) - हां राजेश।
राजेश - वह मैंने तुम्हें प्रेजेंटेशन बनाने को दी थी, बना ली?
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साहिल - हां बना ली, बस 2 मिनट में पहुंचता हूं । राजेश की नजर मिसेज मल्होत्रा पर ही थी । उसने गौर किया कि जब तक उसने साहिल से बात की , वह चुपचाप खड़ी थी और जैसे ही उसने फोन रखा तो उनकी बातें शुरू हो गई। आखिर चक्कर क्या है ? क्या मेरा शक सही है ?
यह सोचते हुए वह तेजी से केबिन से बाहर निकला और ऑफिस से बाहर निकल गया। ग्राउंड फ्लोर पर पहुंच जैसे ही बिल्डिंग से बाहर निकला तो देखा कि मिसेज मल्होत्रा जा चुकी थी । यह कहां चली गई ? राजेश ने देखा कि वहां कोई नहीं था। वह अब लौट लिफ्ट में जाने के लिए आगे बढ़ा ही था कि उसे याद आया कि नैना इनवेंटरी में सुबह से अकेली बैठी है, बेचारी का मन भी नहीं लग रहा होगा। नैना को ऊपर बुला लेता हूं , मिसेज मल्होत्रा जा चुकी है और ऑफिस बंद होने वाला है 1 घंटे में , सोचते हुए इनवेंटरी के पास पहुंचा तो उसे नैना की हंसने की आवाज आ रही थी । वह खिलखिला कर हँस रही थी - किससे बात कर रही है यह? वह जैसे ही इनवेंटरी के दरवाजे के सामने बढ़ा तो वहां साहिल को देख हैरान रह गया।