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Guest
लड़की बीस से ज्यादा की ना हो, शील पैक हो, और भरपूर जवान हो ...
ल. लेकिन... अवतार सिंह की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई बस हकलाते हुए लेकिन लेकिन ही बोल पाया था कि निरंजन चौधरी बोल पड़ा...
इस बार मेरा इरादा बलात्कार करने का है... भयानक हंसी के साथ बोला चौधरी ... साल भर पहले एक लड़की का रेप किया था, आहा, जन्नत का नजारा हो गया था... बलात्कार करने का आनंद ही कुछ और है ...
फिर तो लडकी को अगवा करना पडेगा
चाहे कुछ भी कर, मुझे कल तक लड़की चाहिए... कडक, जवानी से लकदक और अनछुई...
ज.. जी.
एक बात और सून ले...
अवतार सिंह उसे कातर द्रष्टि से देखने लगा...
निरंजन चौधरी के होंठ फैले और वह खुंखार स्वर में बोला
... अगर उसकी योनी से खून नहीं निकला तो तेरे जिगर से खून जरूर निकल जायेगा ...
अवतार सिंह के तिरपन कांप गये... फिर भी कुछ तो कहना ही था सो बोला... म. मैं अभी अपने आदमियों को रायपुर में ऐसी लड़की ढूंढने के लिए आदेश दे देता हूँ ...
बोला कुछ नहीं निरंजन चौधरी, उसने पैग होंठों से लगाया और चुस्कियां लेने लगा
कुल छ: आदमी बैठे थे कमरे में, बीच में टेबल पर स्कॉच की एक खाली बोतल के साथ एक आधी भरी हुई बोतल रखी थी तथा छहो के आगे भरे हुए पैग रखे हुए थे...
वे सभी निरंजन चौधरी एन्ड कम्पनी के विश्वासपात्र थे और सभी को मालूम था कि उनके गैंग के कर्ता धर्ता अवतार सिंह नहीं चौधरी एन्ड कम्पनी है...
अवतार सिंह ने उन्हें फोन करके फौरन वहां बुलाया था, सो उन्हें वहां पहुंचाना ही था
चुंकि अवतार सिंह की पोस्ट उन सबसे ऊंची थी और चौधरी की तरफ से भी अवतार सिंह को मैनेजर घोषित किया गया था, सो उसका कहा टालने की जुर्रत किसी में भी नहीं थी...
तभी अवतार सिंह कमरे में दाखिल हुआ...
सब ने उठकर उसका अभिवादन किया, अवतार सिंह ने खाली पड़ी एकमात्र कुर्सी थोड़ी पिछे खिसकाई और उस पर बैठ गया... वो सब भी अपने अपने स्थान पर बैठ गए
ऐसी इमरजेंसी मिंटिग बुलाने के पीछे क्या उद्देश्य है सिंह साहब... बैठते ही एक व्यक्ति बोला ...
अवतार सिंह ने उसकी तरफ़ देखा और बोला ... चौधरी साहब का हुक्मनामा सुनाना है ...
छहों एक दूसरे को देखने लगे
कैसा हुक्मनामा... एक ने पूछा
चौधरी साहब के लिए एक शानदार कमसिन, एकदम कुंआरी कली चाहिए और वह भी कल रात तक.. कल रात को ऐसी ही एक लड़की उनके बिस्तर पर होनी चाहिए...
इतनी सी बात के लिए इतनी इमरजेंसी मिंटिग.?
मेरी बात पर गौर नहीं किया तुमने शायद, अवतार सिंह बोलने वाले कि तरफ देखते हुए बोला... लड़की एकदम कुंवारी, अनछुई यानी सील पैक होनी चाहिए...
अब किसी के माथे पर तो लिखा नहीं होता कि वह कुंवारी कन्या है, उनमें से एक बोला... जिस लड़की को हम चौधरी साहब के पास लेकर जाये, क्या पता उसका बाजा कोई पहले ही बजा चुका हो...
अवतार सिंह ने उसे घूरा... ऐसी बात तुम चौधरी साहब के सामने कर सकते हो? चौधरी साहब का काम सिर्फ हुक्म सुनाना है और हमारा फर्ज उस हुक्म को पूरा करना है