• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

बेलगाम लंड

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
ऐसा कहा जाता है की इस दिन अगर सबकी चूत अच्छी तरह चुदती है तो वह ज़िन्दगी भर खूब चुदती रहेगी . उसे कभी लण्ड की कमी महसूस नहीं होगी ? एक और कहावत है भाभी :-

हनीमून इक जश्न है, चूसो चाटो लण्ड .

अपनी बुर में पेलिये, सब मर्दों के लण्ड .

जहाँ तक मेरी चुदाई का सवाल है . जो लोग आज सबको चोद रहे है वही लोग कल मुझे चोदेंगें .

मैंने कहा :- तो कल तुम मेरे अब्बू से भी चुदवाओगी ?

उसने कहा :- हां बिलकुल कल उसके लण्ड का मज़ा लूंगी मैं . वैसे मैंने देखा है की तेरा अब्बू मादर चोद बड़ा चोदू है . उसका लण्ड भी सबसे बड़ा है .

मैंने कहा :- तो आज तेरा अब्बू किसको चोद रहा है ?

उसने बताया :- आज मेरा अब्बू पड़ोसन की बुर चोद रहा है . वह अकेली है . उसका हसबैंड बाहर गया है . तो वह मेरे अब्बू को ले गयी चुदवाने के लिए . मेरी नयी पड़ोसन है . अभी ३२ साल की है . बड़ी जबरदस्त लण्ड की दीवानी है . अभी दो दिन पहले ही उसने मेरे हसबैंड का लण्ड मेरे सामने ही पकड़ लिया और मेरे बेड पर लेट कर ही चुदवाया . मैं कुछ नहीं बोलीं . मैं भी उसके हसबैंड को नंगा करके अपने घर ले आयी . और लण्ड अपनी बुर में पेल कर चुदवाने लगी . मैं किसी से कम नहीं हूँ भाभी ? मेरी चूत साली बड़ी चुदक्कड़ है

दोस्तों, मेरा नाम हया है और मेरे हसबैंड का नाम हबीब . यहाँ सुहागरात मनाने के बाद मैं फिर गोवा चली गयी अपने हसबैंड के साथ सुहागरात मनाने क्योंकि मैंने अभी तक अपने मियां से चुदवाया ही नहीं था . वहां पहुँचने पर मैंने अपना सामान रूम में रखा और हम दोनों बाहर घूमने के लिए निकल ही रहे थे मेरे बगल के कमरे में एक कपल आ गया . इतीफाक से जब मैंने उसको देखा तो कहा अरे सना तू यहाँ कैसे ? सना मेरे कॉलेज के दिनों की फ्रेंड है . उसने कहा यार हया मैं यहाँ अपने हसबैंड के साथ हनीमून पर आयी हूँ . ये मेरे मियां सफी है और इसके साथ इसका दोस्त रफ़ी भी है . मैंने कहा यार तो इसके सामने तुम कैसे मनाओगी हनीमून ?उसने कहा अरे मेरी जान यह भी मेरे साथ रहेगा . फिर वह मुझे एक कोने में ले गयी और बोली मैं इन दोनों से चुदवाकर मनाऊंगी हनीमून . मैंने इस बात पर अपने हसबैंड को मना लिया है की जब रफ़ी की बीवी अपने माईके से आ जाएगी तो मेरा हसबैंड उसे चोदेगा . यार मैं दो लण्ड से चुदवाकर हनीमून मानना चाहती हूँ . मैंने कहा यार मुझे भी मौका दो न प्लीज . मैं भी इन दोनों से चुदाना चाहती हूँ . उसने कहा यार तुम अपने मियां से बात कर लो . वह मान जाये तो मेरे कमरे में आ जाना .फिर हम सब मिल कर मनायेगें हनीमून . दो चूत और तीन लण्ड के साथ . लण्ड अदल बदल कर चुदवाने में बड़ा मज़ा आएगा .

मैंने जब अपने हसबैंड से कहा तो वह बहन चोद फ़ौरन तैयार हो गया . बस हम दोनों सना के कमरे में चले गए . सना ने ड्रिंक्स का इंतजाम किया था . हम पांचो लोग शराब का मज़ा लेने लगे .सना ने धीरे धीरे अपनी चूंचियां खोल दी और मुझे भी खोलने का इशारा किया . मैंने तो चूंचियां क्या चूत भी खोल कर दिखा दिया . सना का मियां मुझे नंगी देखता रहा . रफ़ी ने तो हाथ बढाकर मेरी चूंचियां पकड़ ली . सना का हसबैंड अपनी बीवी को भूल गया और मेरी तरफ आकर मुझे चिपका लिया . मैं उसका लंड टटोलने लगी . सफी के बगल में रफ़ी था मैं उसका भी लंड ढूढने लगी . दोनों मदर चोदों को नंगा करके उनके लंड पकड़ लिया . मेरे दोनों हाथ में लंड आ गए . सना मेरे हसबैंड का लंड पकड़ कर सहलाने लगी . लंड टन टना उठा .

सना बोली :- हाय अल्ला, हया तेरे मियां का लण्ड तो गज़ब का है ? यार ये तो मेरी चूत फाड़ देगा .

मैंने कहा :- तो क्या फडवा ले न अपनी चूत ? देख मैं भी तो चूत फडवाने ही आयी हूँ यहाँ ? मैं तो एक ही लण्ड से फडवाने आयी थी यहाँ मुझे दो नये लण्ड मिल गए .

सना बोली :- हां यार इत्तिफाक है ? मुझे भी दो के वजाए तीन लण्ड मिल गये .

गोवा से चुदवा कर जब मैं वापस अपने घर गयी तो देखा की मेरी माँ भोषड़ी वाली एकदम नंगी पड़ी है .

उसके हाथ में मेरे ससुर का लण्ड है और बुर में मेरे पडोसी का लण्ड. अम्मी बड़े मजे से दोनों लण्ड से चुदवाने में लगी है . मैं थोडा छुप गयी तो देखा की ससुर का लण्ड अम्मी के मुह में घुस गया और पडोसी का लण्ड अम्मी की गांड में . मुझे अपने ससुर का लण्ड ज्यादा पसंद आया . ज्यादा मोटा था उसका लण्ड . और वह पूरा लण्ड पेल पेल कर चोद रहा था . फिर मैं रुकी नहीं मुझे भी जोश आ गया .

मैं कमरे में घुस गयी और बोली :- अम्मी तुम पडोसी से चुदवाओ और मेरे ससुर का लण्ड मेरी बुर में पेल दो .

इसका लौडा बहन चोद मुझे बहुत पसंद आ गया है . अब मुझे जम कर चुदवा लेने दो .

 
बेलगाम लण्ड-18

हां यार तुम बड़े आराम से चुदवाना और गांड मरवाना . मेरा इंतज़ार न करना . मैं अपने ऑफिस से

चुदवा कर आऊंगी . आज कुछ लोग आने वाले है . चोदा चोदी का प्रोग्राम है . व्हिस्की, सोडा, मिनरल वाटर, नैपकीन, नमकीन, रेज़र, क्रीम, लोसन और ढेर सारे कंडोम आदि का इंतजाम हो गया है . ग्रुप में नंगी होकर शराब पीना कुछ खेल खेलना और चुदवाना यही सब होगा आज ? कुछ सेक्स गेम भी होंगे जैसे कौन कितनी जल्दी नंगी हो जाती है ? कौन कितनी जल्दी कितनी गालियाँ दे लेती है ? कौन 10 सेकण्ड में कितनी बार “लण्ड” कह सकती है ? कौन कितनी जल्दी लण्ड की झांट बना लेती है ? कौन कितनी जल्दी लण्ड का मुठठ मार देती है ? कौन कितनी जल्दी चाट चाट कर लण्ड का तेल निकाल लेती है ? हाथ से पकड़ कर कौन कितना बड़ा कर देती है लण्ड ? कौन कितने मोटे लण्ड से गांड मरवा लेती है ? यही सब करने में देर हो सकती है, यार ?

इसलिए अगर मैं रात में न आ पायी तो सवेरे आऊंगी . हां, अगर तुम्हे कोई बढ़िया लण्ड मिल जाये तो उसे कल बुला लेना .मैं फिर तुम्हारे साथ चुदवाऊँगी .

मेरा नाम लूसी है और मेरी दोस्त है सायना . मैं 25साल की हूँ और वह 30 साल की . सायना मेरी अच्छी दोस्त है . हम दोनों एक ही फ़्लैट में एक साथ रहती है और एक साथ चुदवाती भी है . सायना मेरी उस दिन से दोस्त है जिस दिन उसने डांस करते करते मेरे बॉय फ्रेंड का लौड़ा पकड़ लिया था . तब मैंने भी उसी डांस में एडवर्ड का लौड़ा पकड़ा था . वह मेरे हाथ में लण्ड देख कर मुस्कराने लगी . मेरा हौसला बढ़ गया . वह जिस अदा से मेरे बॉय फ्रेंड का लौड़ा चूस रही थी उसी अदा से मैं भी एडवर्ड का लौड़ा चूसने लगी . वह भी बिलकुल नंगी थी और मैं भी नंगी थी . वह भी नशे में थी और मैं भी . उसकी भी झांटें नहीं थी और मेरी भी झांटें नहीं थी . यह घटना 3 साल पहले की है . आज सवेरे 11 बजे जब मैं ऑफिस के लिए निकल रही थी तो उससे जो मैंने कहा वो आपने ऊपर पढ़ा .

मैं जब ऑफिस पहुंची तो मैंने पूंछा की कितने लड़के आये है और कितनी लड़कियां आयी है बाहर से ? रेखा बोली मेम 4 लड़के आये है और दो लड़कियां . लड़कों में पिंटो, टोनी, टायसन और परवेज है और लड़कियों में एक है रोज़ी और दूसरी रूपा .

हम सब लोग बगल के एक ये सी हाल में चले गए . वहां सारा प्रबंध कर दिया गया था . मेरा बॉस इब्राहीम बोला लूसी देखो सब ठीक ठाक है ?

कैमरा मैन जावेद है ? लाईट मैन विपुल है ? मेकप मैन सीमा है ? सर्विस गर्ल्स जूली और निशा है ?

मैं आपको बता दूं दोस्तों, की मैं जिस ऑफिस में काम करती हूँ वहां ब्लू फिल्म बनाई जाती है . कलाकार बाहर से आते है . यहाँ शूटिंग की जाती है . मैं उसकी डाईरेक्टर हूँ और मेरे बॉस है इब्राहीम . विदेश में भेजी जाने वाली फिल्मो में मैं रोल करती हूँ . मेरे बॉस भी करते है . शूटिंग के बाद या पहले हम सब मिल कर चोदा चोदी का प्रोग्राम रखते है . जिसकी कोई शूटिंग नहीं होती लेकिन स्टाफ पूरा रहता है . सब के सब नंगे रहते है .फिर होती है चूत की चुदाई . पूरी आज़ादी होती है . चाहे जिसकी चोदो चूत चाहे जिसकी मारो गांड . चाहे जिसका पकड़ो लण्ड पेलो लण्ड लगाओ सडका . यहाँ कोई छोटा बड़ा नहीं होता है . सब बराबर होते है . बॉस मेरी बुर चोदता है तो सर्विसे गर्ल्स की भी . मैं बॉस से चुदवाती हूँ तो कैमरा मैन से भी और लाईट मैन से भी.

यहाँ एक ओर दिखाई पड़ते है लण्ड लाँड और लौड़ा . दूसरी ओर दिखाई पड़ती है बुर चूत और भोषडा

यहाँ सबकी बुर में लण्ड पेलना और सबके लण्ड अपनी बुर में पेलवाना अनिवार्य है . हां गांड मराना और मारना अपनी अपनी इच्छा पर है . बस हम लोगो के बीच शराब का दौर शुरू हो गया . सबके हाथ में एक एक पैग आ गया . इधर मैंने खेल खिलाना शुरू कर दिया .

पहला खेल – चूत की झांट बनाने का कम्पटीसन ?

मैंने कहा :- रेखा, ज़रा देखों की किस किस की बुर में झांटें है ?

रेखा ने सबकी चूत देखी और थोड़ी देर में बोली :- मेम, कुल मिला कर चार बुर झांट वाली है . रूपा, सीमा, निशा की और मेरी बुर . सबसे बड़ी झांटें तो मेरी बुर में है मेम बाकी की छोटी छोटी है .

 
मैंने कहा :- ठीक है इन चारों को नंगी नीचे फर्श पर लिटा दो और चार लड़के मेरे सामने हाज़िर करो टोनी, टायसन , परवेज और विपुल . चारों मेरे सामने आ गए . . मैंने चारों को एक एक रेज़र दिया और कहा टोनी रूपा की झांटें , टायसन सीमा की , परवेज निशा की और विपुल रेखा की झांटें बनायेंगे ? जैसे ही मैं सीटी बजाऊँ तुम सब झांट बनाना शुरू कर देना ? मैं देखती हूँ कौन सबसे पहले और सबसे अच्छी तरह झांट कौन बनाता है ? जो बनाएगा वो फर्स्ट आएगा उसको इनाम दिया जायेगा . बस सीटी बजते ही चारों जुट गए चूत की झांटे बनाने में . सब लोग बड़े मन से देख रहे थे . इतने में सबसे पहले टायसन ने हाथ उठा कर कहा मेम मैंने बना दिया सीमा की झांटें ? फिर परवेज टोनी और विपुल भी बोल पड़े . मैंने देखा की टायसन ने सीमा की झांटें अच्छी तरह बनाई और मैंने उसे विजेता घोषित कर दिया .

दूसरा खेल – बार बार लण्ड लण्ड बोलने का कम्पटीसन ?

मैंने कहा :- इस खेल में मुझे छोड़ कर सभी लड़कियां भाग लेंगी . इसमें आपको कई बार लण्ड लण्ड कहना है ? एक सांस में कौन कितनी बार लण्ड कह सकती है ? जो सबसे ज्यादा बार कहेगी वही जीतेगी ? लेकन इसमें सभी लड़कियां एकदम नंगी होकर एक लाईन से खड़ी होंगी और एक एक करके बोलेंगी . बस फिर क्या लग गयी नंगी लड़कियों की लाईन . रूपा, सीमा, रेखा, जूली. रोज़ा, और निशा . सभी मर्द सामने खड़े हो गए . जो बोल कर ख़तम करती उसके लिए तालियाँ बजाई जाती थी . सबसे पहले रूपा ने “लण्ड” बोलना शुरू किया . वह फ़टाफ़ट बोल रही थी . और मैं गिन रही थी . फिर सीमा बोली फिर रेखा फिर जूली फिर रोज़ा और सबसे बाद में निशा . मैंने रेसल्ट बताया . रूपा – 28 बार, सीमा – 30 बार, रेखा – 29 बार, जूली 30 बार, रोज़ा 31 बार, और निशा 30 बार लण्ड लण्ड बोली . सबने रोज़ा के लिए तालियाँ बजाई . रोज़ा जीत गयी .

तीसरा खेल – गालियाँ देने का कम्पटीसन ?

मैंने कहा :- इस खेल में केवल 3 लड़कियां ही भाग लेंगी रोज़ी, जूली और सीमा . इनको 10 सेकण्ड में गालियाँ जल्दी जल्दी देना होगा . जो जितनी ज्यादा गालियाँ दे लेगी वही जीतेगी .सीटी बजने पर गालियाँ शुरू होंगी और सीटी बजने पर ख़तम ? मैं आपको 15 मिनट का समय तैयारी के लिए दे रही हूँ . 15 मिनट के बाद तीनो एक लाईन से खड़ी हो गयी .( लड़कियां सभी नंगी है और नंगी ही रहेंगी ). रोज़ी, जूली सीमा . मैंने सीटी बजाई रोज़ी ने बोला = मादर चोद, बहन चोद, भोषडी वाले , गांडू, तेरी गांड साले, मैं तेरा लण्ड पी जाऊंगी, तेरी माँ की चूत . बिटिया की बुर, कुत्ते – 9

जूली ने बोला = माँ के लौड़े, बहन की बुर, मादर चोद. माँ का भोषडा , तेरी बेटी की बुर , गांड फट जाएगी, साले माँ चुदा, बहन के लण्ड , झांटू कहीं के, तेरा लौड़ा नोच लूंगी, 10

सीमा ने बोला = तेरी माँ का भोषडा, बेटी चोद , साले कुत्ते, हरामजादे, बहन की बुर, चूत के पिस्सू, तेरी माँ चोदूंगी मैं, तेरी बहन का भोषडा, लण्ड पेलूंगी गांड में – 9

मैंने जूली को विजेता घोषित कर दिया .

तब तक अच्छा खासा नशा चढ़ चुका था . फिर लंच शुरू हो गया . लंच के बाद मैंने कहा अब शुरू होगा लण्ड का खेल . अभी तक लण्ड सबके अन्दर थे लेकिन अब बाहर आयेंगे .

चौथा खेल – लण्ड को बड़ा करने का कम्पटीसन

मैंने कहा :- देखो यह नसीब का खेल है . तुम सब जानती हो की लण्ड सबके अलग अलग होते है . कभी एक से नहीं होते ? तुम सबको एक एक लण्ड दिया जायेगा तुम्हे उसे पकड़ कर सहलाकर खड़ा करना होगा बड़ा करना होगा . जिसके हाथ में सबसे लम्बा लण्ड होगा वह भी विजेता होगी और जिसके हाथ में सबसे मोटा लण्ड होगा वह भी विजेता होगी .? अगर इत्तिफाक से जो लण्ड सबसे लम्बा है और वही सबसे मोटा है तो वह सुपर विजेता होगी ? किसके हाथ में किसका लण्ड होगा यह लाटरी तय करेगी . इस खेल में मैं भी भाग लूंगी और मेरे बॉस भी . मर्दों के नाम की 7 पर्चियां बनाई जायेंगी और लड़कियां एक एक पर्ची उठाएंगी . जिसके पास जिस मर्द का नाम आएगा वह उसी मर्द का लण्ड पकड़ेगी ? सबने एक एक पर्ची उठा ली .

रेखा के नसीब में टोनी का लण्ड, रोज़ा के पास परवेज का लण्ड, रूपा के हक़ में जावेद का लौड़ा, जूली के पास विपुल का लण्ड, मुझे पिंटो का लण्ड मिला . निशा को टायसन का लौड़ा और सीमा को इब्राहीम का लण्ड मिला .

 
सब लड़कियों ने अपने अपने मर्दों को नंगा किया . सबने पोजीसन ले ली . मर्द नंगे टांग फैला कर लेट गए . उनकी टांगों के बीच बैठ गयी लड़कियां . उनके सामने थे लण्ड . सब अपने अपने लण्ड देख रही थी लेकिन पकड़ेगी सीटी बजने पर ही .सबको सीटी का इंतज़ार था . .मैंने जैसे ही सी टी बजाई तो सबने फ़टाफ़ट पकड लिया लण्ड और दनादन्न सहलाने लगी लण्ड . चूमने लगी पुचकारने लगी लण्ड . प्यार करने लगी लण्ड . कुछ तो गालियाँ देने लगी लण्ड को . खड़ा होजा भोषडी के तेरी माँ को चोदो तेरी बहन को चोदो , तेरी गांड साले जल्दी से टन टना जा मादर चोद . मार दे सबकी गांड ? मैं सबके लण्ड देख रही थी . एक बॉस के लण्ड को छोड़ कर बाकि नए थे लण्ड मेरे लिए ? मैं क्या सभी मादर चोद लड़कियां सबके लण्ड देख रही थी . इतने में खड़े होने लगे लण्ड / फूलने लगे उनके सुपाडा . सब लड़कियों के पास इंची टेप था लण्ड नापने के लिए ? सबको अपना अपना लण्ड नापना था . सबसे नापा लण्ड यानि लण्ड की लम्बाई और गोलायी ?गोलाई का मतलब इंची टेप लण्ड में लपेटो और नापो . इसमें सबसे लम्बा लण्ड निकला टायसन को और इत्तिफाक से सबसे मोटा भी निकला उसी का लण्ड ? इसलिए निशा को इसका हकदार ठहराया गया .

पांचवा खेल :- लण्ड का मुठ्ठ मारने का कम्पटीसन ? मैंने कहा इसमें हर एक लड़की को एक लण्ड मिलेगा लाटरी से . सामने 4 सोफा है . एक एक सोफा पर दोदो लड़के नंगे अपनी टाँगे फैलाकर बैठेंगें कोने में ? उनकी टांगो के बीच बैठेगी एक एक नंगी लड़की . सबकी मुठ्ठी में लण्ड होगा . सी टी बजते ही मुठ्ठी चालू हो जाएगी . खचाखच, फचाफच, चपाचप्प, सब मारने लगेंगी सडका (मुठ्ठ)? जो सबसे पहले लण्ड झडवा लेगी वह जीत जाएगी . इस बार लाटरी में लण्ड का बंटवारा ऐसे हुआ ?

रेखा को परवेज का लण्ड मिला, रोज़ा को जावेद का, रूपा को विपुल का, जूली को पिंटो का, निशा को इब्राहीम का, सीमा को टोनी का और मुझे (लूसी) टायसन का लण्ड मिला .

सीटी बजी और हम सब मारने लगी लण्ड का सड़का ? सारे लण्ड टन टना कर खड़े हुए थे . चारों तरफ से चप्प चप्प, पचर पचर पुच्च पुच्च खचर खचर की आवाजें आने लगी . सब लड़कियां जी जान से जुटी थी की लण्ड फ़टाफ़ट झड जाए . सभी अपना अपना तरीका अपना रही थी . अचानक रूपा के हाथ का लण्ड ने पिचकारी छोड़ दी . विपुल बुरी तरह से झड़ने लगा . उसके बाद पिंटो का लण्ड और फिर इब्राहीम . देखते ही देखते सभी लण्ड झड गए . रूपा इस कम्पटीसन की विजेता हो गयी . सबने तालियाँ बजा कर उसका हौसला बढाया .

इसके बाद सबने थोडा आराम किया और गप्प सप्प की .

शाम को सबने दारू पीना शुरू किया . थोडा नशा चढ़ा तो शुरू हो गया डांस . जी हा नंगा डांस . सभी लड़कियां नंगी नंगी और सभी लड़के नंगे नंगे नाचने लगे . नाचने लगे लड़कों के लण्ड और लड़कियों की चूंचियाँ . इधर तीन पैग शराब जब चढ़ी तो लड़कियों ने पकड़ लिया लडको के लण्ड . लडको ने पकड़ लिया लड़कियों की चूंचियाँ . लड़के चढ़ गए लड़कियों की छाती पर और पेल दिया लण्ड उनकी बुर में . चोदने लगे भचाभच चूत . लेने लगे उनकी बुर . जिसको जो भी बुर मिली वही बुर चोदने लगा . जिसको जो लण्ड मिला उसने पेल लिया अपनी चूत में . थोड़ी देर में होने लगी चूत की अदला बदली . लण्ड की अदला बदली . गांड की अदला बदली . घमाशान चुदाई का माहौल पैदा हो गया . सबको लण्ड और बुर के अलावा कुछ भी नहीं दिखाई पड़ रहा था . थोड़ी देर में झड़ने लगे लण्ड और एक एक करके झड गए मादर चोद सभी लण्ड .

इतने में सायना का फोन आ गया .

वह बोली :- लूसी, कैसा चल रहा है तेरा प्रोग्राम ?

मैंने कहा :- अभी तो एक बार ही चुदाई हुई है .?

वह बोली :- अरे दिन भर क्या गांड मराती रही हो तुम लोग ?

मैंने कहा :- अरे दिन भर हुए लण्ड और चूत के खेल . बड़ा मज़ा आया यार . अच्छा ये बताओ तेरा भोषडा कैसा है ? कितने लण्ड खा चुकी है तेरा भोषडा ?

वह बोली :- दो लण्ड खा चुकी है और ये तीसरा लण्ड घुसा है मेरे भोषडा में ?

मैंने कहा :- सेना , कोई और भोषडी वाली है की तेरा भोषडा अकेला है ?

सायना बोली :- हां जारा का चूत , जेनिफर की चूत और रुखसाना की चूत है . और हां आज जारा दो नीग्रो लण्ड लेकर आयी है तेरी चूत में पेलने के लिए . मगर तू वहां चुदवा रही है .

मैंने कहा :- अरे यार , उन्हें रोक लो न प्लीज . मैं सवेरे आ जाऊंगी और कल दिन भर चुदवाऊँगी उनसे . मुझे नीग्रो लण्ड बहुत पसंद है .

मैंने अपनी टीम के साथ रात भर तीन बार चुदवाया , मैंने अपनी चूत में सातों लण्ड पेले . मैंने ही नहीं सभी सातों लड़कियों ने सातो लण्ड पेले अपनी अपनी बुर में . बड़ा मज़ा आया और सबने फिर इस तरह का प्रोग्राम बनाने के लिए बार बार कहा .

सवेरे मैं घर वापस आयी तो नीग्रो लण्ड देख कर बहुत खुश हुई और मुहसे ज्यादा खुश हुई मेरी चूत .

 
बेलगाम लण्ड-19

यार मुझे मर्द हमेशा नंगे नंगे ही अच्छे लगते है . मैं बड़ा एन्जॉय करती हूँ जब मैं नंगे मर्दों को देखती हूँ . उनका जिस्म देखती हूँ . उनकी छाती देखती हूँ . उनकी मस्त भुजाएं देखती हूँ, चौड़े चौड़े कंधे देखती हूँ, उनकी तंदुरस्ती देखती हूँ . उनके लण्ड देखती हूँ . लण्ड का सुपाडा देखती हूँ .पेल्हड़ देखती हूँ . झांटे देखती हूँ . उनकी गांड भी देखती हूँ . ये सब तो मुझे दूर से दिखाई पड़ जाते है . पर जब मैं नजदीक से देखती हूँ तो पूरे जिस्म पर हाथ फेर कर देखती हूँ . छाती के बालों पर ऊँगलियाँ फिराती हूँ . झांटों पर ऊँगलियाँ फिराती हूँ . चूतडों पर गांड पे हाथ फेरी हूँ . जाँघों पर हाथ रगडती हूँ . गाल चूमती हूँ . होठ चोमती हूँ . लण्ड पर तो सबसे ज्यादा ध्यान देती हूँ . लण्ड पकड़ पकड़ कर देखती हूँ तो मज़ा आता है . हिला हिला कर देखती हूँ . चारों तरफ से घुमा घुमा कर कर देखती हूँ . पेल्हड़ भी सहला सहला कर मज़ा लेती हूँ . लण्ड चूमती हूँ, पेल्हड़ चूमती हूँ . मैं वाकई बड़ी मस्ती करती हूँ मर्दों के साथ .

मेरी सबसे बड़ी कमजोरी है खड़ा लण्ड पकड़ना ? मेरे सामने अगर कोई टन टनाता हुआ लण्ड खड़ा हो , तो फिर मैं सारी दुनिया भूल जाती हूँ और उसे पकड़ कर प्यार करने लगती हूँ . उसको पुचकारती हूँ . उसकी खूब चुम्मी लेती हूँ . उसे अपने पूरे चेहरे पर घुमाती हूँ . अपनी मस्त चूंचियों की शैर कराती हूँ . और फिर चुपके चुपके अपनी चूत तक ले जाती हूँ .

मर्दों के साथ मैं भी नंगी रहती हूँ . मैं घर में न किसी मर्द को कपडे पहनने देती हूँ और न खुद पहनती हूँ . मेरे कॉलेज के जितने लड़के मेरे घर आते है मैं पहले उन्हें नंगा करती हूँ . उनके लण्ड पकड़ती हूँ फिर उनकी बात सुनती हूँ . मुझे लण्ड पकडे पकडे बात चीत करना बड़ा अच्छा लगता है . आप जब मेरे घर आयेंगे तो मैं आपका भी लण्ड पकड़ कर आप से बात करूंगी .

एक दिन मेरे घर में स्टीफेन नाम का एक लड़का आ गया . इसने अभी इसी साल एम् बी ए में एड्मीसन लिया है . लड़का बड़ा स्मार्ट है और सेक्सी भी लगता है . आते ही बोला मेम मुझे आपसे कुछ कहना है . मैंने कहा ठीक है पहले अपने कपडे उतारो ? वह मेरी नियत को समझ नहीं पाया और अपनी कमीज उतार दी . मैंने कहा पैन्ट भी उतारो . पहले तो वह थोड़ा झिझका फिर मेरे कहने पर उतार दिया . मैं उसे सामने सोफे पर बैठी थी . उसकी चड्ढी के ऊपर से उसके लण्ड का उभार मैं बड़े मन से देखने लगी . उस पर अपना हाथ फेरा तो वह थोड़ा सकपका गया . मैंने कहा डरो नहीं यार मैं तुम्हे प्यार करती हूँ . मैं तुम्हारा सब काम कर दूँगी पर मुझे पहले अपना काम करने दो . मैंने अपनी दोनों चूंचियाँ खोल दी . फिर धीरे से अपना पेटीकोट भी खोल दिया . वह मेरी चूंची के अलावा मेरी चूत भी देखने लगा . फिर मैंने झट्ट से उसकी चड्ढी नीचे घसीट दी . उसका लौड़ा टन टना कर मेरे सामने आ गया .

मैंने उसे पकड़ा और बोली वाओ, कितना शैतान है तेरा लौड़ा ? कितना मस्त है तेरा लण्ड ? यार इतना बढ़िया लण्ड तुम अभी तक मुझसे छुपा कर बैठे थे . मैंने लण्ड चूमा और बोली हां अब कहो तुम क्या कहना चाहते हो . मैंने उसे अपने बगल में बैठाया और उसका लण्ड सहलाते हुए बात करने लगी . वह भी मेरी चूंचियाँ दबाते हुए बतलाने लगा .

वह बोला :- मेम मैं आपसे इंग्लिश पढ़ना चाहता हूँ . मेरी अंग्रेजी बहुत कमजोर है .

मैंने कहा :- ठीक है शाम को आया करो मैं पढ़ा दिया करूंगी . पर तुम्हे नंगे नंगे ही पढना पड़ेगा . और मैं भी नंगी नंगी ही पढ़ाऊंगी .

उसने हां कर दी . मुझे मस्ती आने लगी . मैंने लौड़ा मुह में लिया और चपर चपर चाटने लगी . चूसने लगी . बार बार सुपाडा मुह में लेती और बाहर निकालती . स्टीफेन थोड़ा सिस्याने लगा . मैं समझ गयी की इसे भी मज़ा आ रहा है .मैं फिर लण्ड का सडका लगाने लगी . मुझे मुठ्ठ मारने में बड़ा मज़ा आता है . मैं गचागच लण्ड को ऊपर नीचे करने लगी और गाली बकने लगी ., साले तेरी माँ की चूत ? मैं बहन चोद तेरा निकाल लूंगी तेल ? मैं मारूंगी तेरी गांड भोषडी के ? अब तुम रोज़ रोज़ आना और मेरी चूत की शैर करना ? आज तो मैं तेरा मक्खन खा कर रहूंगी साले माँ के लौड़े ? और जब वह झड़ने लगा तो मैं मुह फैलाकर सारा मक्खन खा गयी . मुझे लण्ड का स्वाद लाजबाब लगा .

उसके बाद वह आने लगा और मैं हर दिन उसका लण्ड पकड़ने लगी .

 
मित्रों, मैं शिवानी हूँ, २६ साल की एक मस्त हट्टी कट्टी खूबसूरत और सेक्सी बंगाली लड़की .

मेरे बूब्स बड़े बड़े है . मेरे चूतड़ बड़े बड़े है और गांड तो मेरी मटकती है जब मैं चलती हूँ . आगे से चूंचियाँ हिला हिला कर चलती हूँ तो लडको के लण्ड खड़े होने लगते है . मैं मुबई की पढ़ी हुई हूँ और अपने स्टूडेंट – लाईफ में बहुत एन्जॉय किया है . बहुत शराब पिया है सिगरट पिया है और लण्ड पिया है . ये सब मैं आज भी पीती हूँ . कोई ऐसा लड़का नहीं था जिसका लण्ड मैंने पकड़ा न हो ? तभी से मेरी आदत लण्ड पकड़ने की हो गयी है . मैं मन ही मन सोच रही थी की मुझे कोई ऐसी नौकरी मिले जिसमे मुझे लण्ड पकड़ने का खूब मौका हो ? तब मेरे दिमाग में आया की मैं कॉलेज की टीचर हो जाती हूँ . मुझे तभी लडको के लण्ड पकड़ने का मौका मिलता रहेगा . हर साल नये नये लण्ड ? कितना मज़ा आया करेगा ? और मैने इसी तरफ कोशिश की . आज मैं कामयाब हूँ . असली बात यह है की मैं चुदवाती कम हूँ लण्ड का सड़का ज्यादा लगाती हूँ .

चुदवाने में समय भी ज्यादा लगता है और एकांत जगह की भी ज्यादा जरुरत पड़ती है . मुठ्ठ मारने में न तो ज्यादा समय लगता है और न ही किसी खास जगह की जरुरत पड़ती है .

बस पैन्ट की जिप खोली और घुसेड दिया हाथ पकड़ लिया लण्ड ? धीरे धीरे हिलाने सहलाने लगी . जब खड़ा हो गया लण्ड तो मार दिया फ़चाफ़च सड़का और चाट लिया बहन चोद का सारा मक्खन ?

मैं कभी कभी क्लास में बैठे बैठे लड़कों के लण्ड पकड़ लेती थी . इसीलिए मेरे क्लास के लड़के पैन्ट के नीचे कुछ नहीं पहनते थे . मुझे लण्ड पकडाने के लिए मेरे अगल बगल ही बैठा करते थे . कभी कभी तो मैं दोनों हाथ में लण्ड लेकर मज़ा करती थी . मुझे नंगे लड़के तभी से बहुत अच्छे लगने लगे ?

मेरी कॉलोनी में एक रमजान अंकल रहते है . मैं उन्हें अच्छी तरह जानती हूँ . उनसे खूब बोलती हूँ और कभी कभी हंसी मजाक भी कर लेती हूँ . मैं तो बिलकुल नंगी थी घर में . मैंने जल्दी से एक पेटीकोट पहन लिया . एक दुपट्टा गले में माला की तरह डाल कर दरवाजा खोल दिया . मेरी चूंचियाँ बिलकुल आज़ाद थी. आते ही बोले शिवानी मैं तुमसे कुछ बात करना चाहता हूँ . मैंने कहा बैठो मैं अभी करती हूँ .मैं भी बगल के सोफे पर बैठ गयी . मैंने कहा :- अंकल अपनी पैन्ट खोलो ?

वह बोला :- कैसी बातें कर रही हो शिवानी ?

मैंने कहा :- अंकल बातें तो मैं बाद में करूंगी . पहले अपनी पैन्ट खोलो कमीज खोलो .

खैर मेरे कहने पर उसने खोल दी .

मैं आगे बढ़ी और उसके लण्ड को ऊपर से दबा कर बोली :- अब इस भोषडी वाले लण्ड को भी खोलो ?

वह बोला :- अरे शिवानी क्या हो गया है तुम्हे ?

मैंने कहा :- मुझे नहीं अंकल मेरी जवानी को कुछ हो गया है . मैं मर्दों को नंगा करके उनसे बात करती हूँ . मैं मर्दों के लण्ड पकड़ कर उनसे बात करती हूँ . अगर तुम्हे मुझसे बात करना है तो मैं तुम्हारा लण्ड पकड़ कर ही तुमसे बात करूंगी .

वह मान गया . मैंने जब उसका लौड़ा देखा तो मेरी आँखे खुल गयी .

इतना बड़ा लण्ड मैं पहली बार देख रही थी . मेरे मुह से निकला :- बाप रे बाप, अंकल तेरा बहन चोद इतना बड़ा लण्ड है ? इतना मोटा ताज़ा लौड़ा ? ये तो किसी का भोषडा फाड़ देगा ?

मेरे पकड़ते ही और मेरी सेक्सी बातें सुनकर लण्ड बढ़ने लगा . झांटे थी नहीं ? उसका सुपाड़ा ही मादर चोद ४” का था . मेरी एक मुठठी में लण्ड आ ही नहीं रहा था . मैंने उसे दोनों हाथों से पकड़ा उसे चूमा और बोली हां अंकल अब बताओ क्या कहना चाहते हो ? वो बोला मेरा एक किरायेदार है आरिफ उसे तुम्हारे कॉलेज में दाखिला चाहिए . तुम उसे सारे डाकुमेंट्स देख लो और उसको एडमिट कर लो . मैंने कहा इतवार को उसे मेरे पास भेज देना मैं देख कर उसका काम कर दूँगी .

इतने में अंकल ने मेरा पेटीकोट खोल डाला मैं एकदम नंगी हो गयी . मैं उसे बेड रूम ले गयी और पटक दिया उसे बिस्तर पर . चढ़ बैठी मैं उसके ऊपर . उसका लौड़ा हिला हिला कर उसे मस्त करने लगी . मैंने लण्ड अपनी दोनों गदेलियों के बीच रखा और मथानी की तरह मथने लगी . लण्ड बहन चोद हिनहिनाने लगा . मुझे जोश आ गया और मैं लण्ड पर चढ़ बैठी . मैं कूद कूद कर लण्ड चोदने लगी . मैंने कहा माँ के लौड़े भोषडी के अंकल आज मैं तेरी माँ चोदूंगी . बहुत दिनों के बाद मुझे एक मरदाना लौड़ा मिला है . आज तो मैं अपनी बुर फड़वा कर ही तुझे जाने दूँगी . वह बोला हां हां शिवानी आज मैं तेरी बुर के चीथड़े उडा दूंगा . मैं तो बहुत दिनों से तुझे चोदने की सोच रहा था . मैं जब जब तेरी चूंचियाँ देखता था तो मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था . आज मैं इस मादर चोद चूंची की माँ चोदूंगा ? थोड़ी देर में मैंने कहा अब बहन के लौड़े अंकल मुझे पीछे से चोदो . मुझे कुतिया की तरह चोदो ? मुझे घोड़ी की तरह चोदो ? मुझे गधी की तरह चोदो ? पर चोदो भकाभक ? मैं चुदवाये चली जा रही थी .

 
आखिर में जब लण्ड झड़ने को आया तो मैंने मुह फैला दिया . क्या बात है इतना सारा मक्खन ? मेरे मुह में, मेरी चूंची पर, मेरी चूत पर ?

इतवार को आरिफ आ गया . मैंने उसे अन्दर किया और उसके सामने अपनी चूंची खोले हुए बैठ गई .

वह बोला :- मेम मैं सब डाकुमेंट्स ले आया हूँ . आप देख लीजिये ?

मैंने कहा :- मुझे अपने डाकुमेंट्स नहीं अपना लौड़ा दिखाओ ?

वह बोला :- अरे मेम ये आप क्या कह रही है ?

मैंने कहा :- मैं जो कह रही हूँ वो करो . मैं तेरा लण्ड देख कर तुझे एड्मिसन दूँगी . तुम तो मेरी चूंची देख रहे हो न और मुझे अपना लौड़ा दिखाने में तेरी गांड फट रही है . अच्छा लो मेरी चूत भी देख लो .

मैंने अपना पेटीकोट उसके सामने खोल कर फेंक दिया .

अब वह कपडे खोलने लगा . जब उसका लौड़ा बाहर आया तो मेरा हाथ अपने आप आगे बढा और लण्ड पकड़ लिया ? लण्ड खड़ा होने लगा ? मैंने आवाज़ दी शीला यहाँ आओ ? शीला नंगी नंगी आ गयी . उसे देख कर आरिफ का लौड़ा टन टना उठा ?

मैंने कहा :- ज़रा शेखर रोहित और ज़मील तीनो को बुलाओ ?

वे तीनो लड़के नंगे नंगे ही मेरे सामने आ गये . उन्हें देख कर मैंने कहा :- देखो आरिफ इन तीनो लडको को आज ही मैंने एडमिशन दिया है क्योंकि इनके लण्ड मुझे पसंद आ गये है .

मैं फिर बोली :- और तेरा लौड़ा भी मुझे पसंद है ? तूने कभी किसी की बुर चोदी है ?

वह बोला :- हां अपनी भाभी की बुर चोदी है .

मैंने फिर पूंछा :- और किस किस की चोदी है बुर ?

वह बोला :- अपनों खाला का भोषडा चोदा है, मेम ?

मैंने कहा :- इसका मतलब तुम चोदना जानते हो ? ठीक है पर आज मैं ज्यादा मारती हूँ चुदवाती कम हूँ . सड़का मारती हूँ . किसी और दिन तुमसे चुदवाऊँगी ? आज से जब भी मेरे घर आना तो फ़ौरन कपडे उतार कर नंगे हो जाना और नंगे नंगे ही घर में घूमना जैसे ये मादर चोद तीनो घूम रहे है . जाओ तुम भी उनमे शामिल हो जाओ . सबको ठीक से अपना लण्ड दिखाओ और सबके देखो .

शाम को मेरी कुलीग मिस रीता आ गयी . रीता भी मेरे कॉलेज में मेरे साथ पढ़ाती है . उसने आरिफ को नंगा देखा . दो तीन और लडको को नंगा देखा . वह समझ नहीं पायी की ये क्या हो रहा है ?

वह बोली :- यार शिवानी ये लोग नंगे क्यों है ?

मैंने कहा :- यार मुझे नंगे नंगे लोग बड़े पसंद है . मैं उनके लण्ड देखती हूँ तो मुझे बड़ा मज़ा आता है .

वह बोली :- तो फिर इनसे चुद्वाती भी होगी ?

मैंने कहा :- हां बिलकुल तो इसमें हर्ज़ ही क्या है ? हां मैं लण्ड पीती ज्यादा हूँ . मुठ्ठ ज्यादा मारती हूँ चुदवाती कम हूँ .

वह बोली :- यार लण्ड तो मुझे भी बहुत अच्छे लगते है . पर मैं चुदवाती ज्यादा हूँ मुठ्ठ कम मारती हूँ .

मैंने कहा :- तो तुम कब और कहाँ चुदवाती हो ?

वह बोली :- अपने कॉलेज के टीचरों से और सीनियर लडको से अपने घर में ही चुदवाती हूँ .

मैंने कहा :- यार मैं तो मर्दों को अपने घर में नंगा ही रखती हूँ . जब चाहती हूँ, चुदवा लेती हूँ नहीं तो सड़का मार देती हूँ .

रीता बोली :- हां यही तो मैं भी करती हूँ . मैं अभी अभी राबर्ट सर और विक्रांत सर से चुदवा कर आ रही हूँ . दोनों बड़ा मस्त चोदते है ?

मैंने कहा :- हां विक्रांत का लौड़ा थोडा टेढ़ा है न उससे चूत को खूब मज़ा आता है .

वह बोली :- तो तुम भी उससे चुदवाती हो ?

मैंने कहा :- मैं तो बहन चोद प्रिंसिपल से भी चुदवाती हूँ . उसका लण्ड छोटा है मगर मोटा सबसे ज्यादा है ? इतना मोटा लण्ड न किसी लड़के का है और न ही किसी टीचर का ?

रीता बोली :- तू तो भोषडी वाली मुझसे ज्यादा चालू निकली .

मैंने कहा :- सबसे ज्यादा चालू तो मेरी चूत है माँ की लौड़ी ? न खुद चैन से कभी बैठती है और न मुझे बैठने नहीं देती है ? उसे तो हर रोज़ कोई न कोई नया लण्ड चाहिए ?

 
बेलगाम लण्ड-20

हाय अल्ला, कितनी बढ़िया ससुराल है मेरी ? मैं बड़ी नसीब वाली हूँ जिसे इतनी अच्छी ससुराल मिली है ? यहाँ मुझे ज़िन्दगी का पूरा मज़ा लूटने का मौका मिलेगा ? देखो न दोस्तों, यहाँ तो खुल्लम खुल्ला सभी चुदवा रही है। बड़ी मस्ती चढ़ी है सब पर ? यहाँ तो चोदने और चुदाने में रिस्तों की माँ चुद गयी है। मुझे तो यहाँ बस एक ही रिस्ता दिखाई पड़ रहा है ? वह है लण्ड और चूत का रिस्ता ?

मेरी अम्मी, मेरी सास, मेरी जेठानी, मेरी देवरानी, मेरी ननद, मेरी खाला सास, मेरी ममेरी सास सभी खुल्लम खुल्ला चुदवा रही है। मजे की बात यह है की यहाँ न कोई अपनी बीवी चोद रहा है और न ही कोई अपने मियां से चुदवा रही है ? सब मादर चोद दूसरे की बीवी चोद रहे है और सब बुर चोदी बीवियां एक दूसरे के मियां से चुदवा रही है। मेरा अब्बा मेरी सास का भोसड़ा चोद रहा है। मेरी माँ का भोसड़ा मेरा ससुर चोद रहा है। मेरी खाला मेरी मामू जान से चुदवा रही है और मामी जान मेरे खालू से चुदवा रही है। मेरी जेठानी मेरे मियां के दोस्त से चुदवा रही है। मेरी देवरानी मेरे जेठ के दोस्त से चुदवा रही है। मेरा मियां बहन चोद है नहीं यहाँ पर किसी को भी मेरी बुर की परवाह नहीं है ? कोई लौड़ा भी खाली नहीं है जिसे मैं पकड़ कर घुसेड़ लूं अपनी चूत में ?

इतने में मेरी ननद बुर चोदी मेरी तरफ नंगी नंगी आते हुए दिखाई पड़ी। उसके पीछे पीछे एक आदमी भी था। ननद उसका लण्ड पकड़ कर मेरी तरफ आ रही थी। मेरे पास आकर बोली भाभी लो ये मेरा शौहर है तुम मेरे शौहर से चुदाओ ? ऐसा कह कर उसने मुझे अपने मियां का लौड़ा पकड़ा दिया।

मैंने कहा :- ननद रानी अब तुम क्या करोगी ?

वह बोली :- मैं इसके दोस्त से चुदवाऊँगी। वो देखो आ रहा है न यही अपना लौड़ा खड़ा किये हुए। इतने में वह आदमी मेरे सामने ही आ गया और ननद ने उसका लौड़ा पकड़ कर मुझे दिखाते कहा ये है वह लण्ड जो मेरी बुर चोदेगा ? मैं यही तेरे सामने चुदवाऊँगी भाभी और तुम मेरे सामने चुदवाओ ? ऐसा कह कर वह लौड़ा चाटने लगी और मैं भी उसके मियां का लण्ड चूसने लगी।

मैंने पूंछा :- नन्द रानी क्या यहाँ हमेशा ऐसा ही होता है ?

हां भाभी यहाँ मेरे माईके में सबकी बुर खुल्लम खुल्ला चोदी जाती है और कोई भी किसी की बुर चोद लेता है ? कोई भी किसी से भी चुदवा लेती है। यहाँ किसी बात की कोई पाबन्दी नहीं है। यही हाल मेरी ससुराल का भी है। मैं तो वहाँ भी सबसे खुल कर चुदवाती हूँ और यहाँ भी सबसे खुल कर चुदवाती हूँ। आज से तुम भी ऐसा ही किया करो, भाभी ?

ये तो बड़ी अच्छी बात है। मेरे घर में भी यही होता है। देखो न मेरी माँ कैसे भकाभक तेरे अब्बा से चुदवा रही है। पहले मैं सोच रही थी की पता नहीं ससुराल में ठीक से चुदाने का मौका मिलेगा की नहीं ? पर यहाँ तो पूरी आज़ादी है चुदाने की ?

हां भाभी यहाँ तो बाहर वाले भी चोदने और चुदाने आ जाती है। मेरे पड़ोस की आंटी अक्सर मेरे अब्बू से चुदवा कर जाती है। मेरी अम्मी को कई लोग चोदने आते है। मुझे भी लोग चोदने आते है ? जब भी कोई मर्द घर में आता है तो जिसका मन होता है वह चुदवा लेती है।

तो इसका मतलब पड़ोस के लड़कों से भी चुदाने का मौका मिलेगा मुझे ?

खूब मिलेगा भाभी जितने चाहो उतने लड़कों से चुदाओ ?

वाओ, तब तो बड़ा मज़ा आएगा। मुझे लण्ड अदल बदल कर चुदाने में बड़ा अच्छा लगता है।

हां भाभी खूब बदलो लण्ड ? बदलो चूत ? बदलो मर्द ? जवानी का पूरा मज़ा मिलेगा यहाँ तुम्हे भाभी।

तब तक उसके मियां ने पेल दिया लौड़ा मेरी चूत में और मैं उन्मुक्त हो कर चुदाने लगी ? मेरी ननद भी मस्ती में आ गयी और मजे से चुदाने लगी। मुझे नंदोई का लण्ड भा गया लेकिन मेरी नज़र उस लण्ड पर भी थी जिससे नन्द चुदवा रही थी। मेरा मन हुआ की उसे भी चूस कर मज़ा लूं। इतने में नन्द लण्ड पे बैठ कर चुदाने लगी। वह बोली देखो इस तरह चुदाने में खूब मज़ा आता है भाभी ? मैंने कहा नहीं नन्द रानी इस तरह लण्ड चोदने में मज़ा आता है। हमारे बीच बड़ी गहरी दोस्ती हो गयी। ननद बोली भाभी तुम मेरी बुर से यह लौड़ा भी निकाल निकाल कर चाट लिया करो ? मैं तो ऐसा ही करती हूँ जब बड़ी भाभी के साथ चुदवाती हूँ। मैं वैसा ही करने लगी और मुझे उस लौड़े का भी टेस्ट बड़ा बढ़िया लगा। थोड़ी देर में ननद ने वही लण्ड मेरी बुर में घुसेड़ दिया और नंदोई का लण्ड मेरे मुंह में डाल दिया । अब मैं दो दो लण्ड का मज़ा लेने लगी। नन्द कभी उसके पेल्हड़ सहलाने लगती और कभी मेरी चूंचियां। मुझे इस्तनी मस्त और चुदक्कड़ नन्द मिलेगी यह मैंने सोंचा भी न था। मैं अब ससुराल की और औरतों की तरह बेशरम होती जा रही थी। मैंने दोनों से जम कर चुदवाया ? नदवी जब झड़ने को आया तो मैं उसका लौड़ा मुठियाने लगी और सड़का लागने लगी। नन्द दुसरे लण्ड का सड़का मारने लगी। दोनों लण्ड एक एक कर के झड़ गए और हम दोनों ने मिलकर दोनों लण्ड चाटे ?

 
एक घंटा आराम करने के बाद मैं बाहर निकल पड़ी। मैं जब हाल में आयी तो वहाँ का नज़ारा बिलकुल एक जलसे जैसा था। जिधर देखो उधर चुदाई हो रही थी। मेरे साथ नन्द भी थी। वह बोली भाभी यहाँ तो हर रात चुदाई का जश्न होता है। मर्दों को चाहिए चूत और औरतों को चाहिए लण्ड ? बस यहाँ सबकी तमन्ना पूरी होती है।

मैंने देखा की दूसरी पारी में:-

मेरी माँ मेरे मियां के दोस्त से चुदवा रही है जिससे पहले मेरी जेठानी चुदा चुकी है।

मेरी सास मेरे जेठ के दोस्त से चुदवाने लगी है जिसने पहले मेरी देवरानी की बुर चोदी है।

मेरी जेठानी मेरे ससुर का लौड़ा चूसने में जुटी है जिसने अभी मेरी माँ का भोसड़ा चोदा है।

मेरा अब्बा पहले मेरी सास को चोद रहा था और अब वह मेरी देवरानी की चूत चोद रहा है।

मेरी खाला सास मेरे नंदोई से चुदाने लगी है जो अभी मुझे चोद कर गया है।

मेरी ममेरी सास ननद के दोस्त से चुदवा रही है जो अभी मेरी नन्द को चोद के गया है।

इन सबको चुदवाते हुए देख कर मैं फिर गरम हो गयी। मेरी चूत जलने लगी। मेरी ननद की चूत भी गरमा उठी। वह घर के बाहर गयी और अपने साथ दो लड़के लेकर लौटी। उसने लड़कों से मुझे मिलवाया। वे थे रहीम और करीम ? नन्द बोली ये दोनों साले आपस में बड़े दोस्त है और दोनों भोसड़ी के एक दूसरे की बीवी चोदते है। आज ये मादर चोद हमारी बुर चोदेंगे भाभी ? हम दोनों ने तो पहले ही अपने उतार रखे थे और अब हमने मिलकर रहीम और करीम को नंगा कर दिया। नन्द ने मुझे रहीम का लण्ड पकड़ा दिया और खुद उसने करीम का लण्ड पकड़ लिया। मैं रहीम का सुपाड़ा चाटने लगी और नन्द करीम का सुपाड़ा। फिर हम दोनों पूरा लण्ड में घुसेड़ घुसेड़ कर चूसने लगी। आज ही रात को एक और नया लौड़ा पाकर मैं मस्त हो गयी। नन्द बोली हाय भाभी लौड़ा तो बड़ा टेस्टी है मैं भी आज पहली बार इसका लण्ड चूस रही हूँ। इसका लौड़ा बहन चोद मेरे अब्बा के लौड़े से मिलता है। मैं तो बड़ी चुदक्कड़ होती जा रही हूँ भाभी ? मैंने कहा चुदक्कड़ तो मैं भी हो रही हूँ तेरे साथ ? लेकिन जवानी का इससे बढ़िया मौका और कहाँ मिलने वाला है ? थोड़ी देर में नन्द बोली लो भाभी अब तुम करीम का लौड़ा चूसो और मैं रहीम का लौड़ा चूसती हूँ। लण्ड बदला तो मज़ा भी बदल गया। मेरी बुर और गनगना उठी। मेरी चूंचियां और मचलने लगी। मेरी गांड और थिरकने लगी। मैं खुदा का शुक्रिया अदा करने की लगी की उसने मुझे बहुत अच्छी ससुराल दी है। इतने में मैंने करीम का लौड़ा बुर में घुसा लिया और चुदवाने लगी। मेरे बगल में नन्द रहीम से चुदाने लगी ?

वह बोली :- हाय भाभी कितना मज़ा आ रहा है न ? अभी जाने कितने लण्ड बाकी है जिनसे चुदवाना है ?

मैंने कहा :- हां मेरी तो मस्ती बढती जा रही है। मैं भी सभी लौड़ों से जरुर चुदवाऊँगी।

वह बोली :- मैंने अभी तेरे अब्बा का लौड़ा नहीं पकड़ा है भाभी ? मेरा मन उससे चुदाने का हो रहा है ?

मैं बोली :- हां मेरी नन्द रानी मैं भी तेरे अब्बा के लौड़े का इंतज़ार कर रही हूँ। कि कब वह आएगा और मेरी बुर में पेलेगा अपना लण्ड ? मैं उससे चुदाने के लिए बेताब हो रही हूँ क्योंकि उसने मेरी माँ का भोसड़ा चोदा है।

इसी तरह की गन्दी गन्दी बातें और अश्लील बातें कर कर के हम दोनों चुदाई का आनंद उठा रही थी। हमारी बातों से रहीम और करीम के लौड़े जोश में आने लगते और फिर हमें चुदवाने में ज्यादा मज़ा आने लगता ?

रहीम बोला :- देखा भाभी करीम तुम्हे बिलकुल वैसे ही चोद रहा है जैसे वह मेरी बीवी चोदता है। मेरी बीवी बहन चोद इससे चुदवा कर बड़ी खुश होती है।

करीम बोला :- भाभी, मेरी बीवी बुर चोदी, रहीम के लण्ड से बेहद मोहब्बत करती है। इसका लण्ड मेरी बीवी खूब चूसती है और फिर अपनी बुर में पेल कर मजे से मेरे सामने ही चुदवाती है

मैंने कहा :- तुम भी तो भोसड़ी के उसके सामने उसकी बीवी चोदते हो ?

 
मैं फिर चुदाने में मशगूल हो गयी। ने मेरी चूत में रहीम का लॉइड पेल दिया और अपनी चूत में करीम का लौड़ा ? मज़ा आने लगा मुझे दोनों लण्ड से बारी बारी से चुदवाने में। अल्ला करे हर औरत को मेरी नन्द जैसी नन्द मिले ? जब दोनों लण्ड खलास हुए तो हम दोनों ने मिलकर दोनों लण्ड चाटे ? उसके खाना खाकर हम दोनों सो गयीं।

सवेरे जब मेरी नींद खुली तो मैं बाथ रूम गयी। वहाँ से लौटी तो मेरी इच्छा हुई कि मैं बाहर देखूं क्या हो रहा है ? मैं उधर मुड़ गयी। मुझे एक कमरे से कुछ चुदाई की आवाज़ें आती हुई सुनायी दी। मैं चुपके से जाकर देखने लगी। जो मैंने देखा उसे देख कर मेरी चूत की आग फिर धधकने लगी। मैंने देखा की मेरी अम्मी किसी तगड़े मर्द का तगड़ा लौड़ा चूस रही है। उसका सुपाड़ा ही देख कर मेरी लार टपकने लगी। लौड़ा तो काला है पर सुपाड़ा बिलकुल लाल ? उसके बगल मेरी सास भी किसी मस्ताने मर्द का मस्ताना लौड़ा पी रही है। उसका लौड़ा भी बहन चोद काला है और उसका भी सुपाड़ा लाल है। दोनों लण्ड देख कर मैं एकदम से ललचा उठी। मुझे यह नहीं मालूम था की ये लोग कौन है ? मैं सीधे नन्द के पास गयी और उसे उठा कर सारी बात बताई। वह भी मेरे साथ कमरे तक आयी। तब तक मेरी माँ अपना भोसड़ा चुदाने लगी थी। उधर नन्द की भी माँ चुदाने में जुट गयी थी। नन्द बोली हाय भाभी ये दोनों मेरे अब्बा के दोस्त है। दोनों विदेशी है और मलेसिया से आये है। वहाँ के लण्ड ९” / १०” के होते है। ये दोनों भोसड़ी वाली मजे से विदेशी लौड़ों से चुदवा रही है। चलो हम भी इनमे शामिल हो जाएँ ? बस नन्द मुझे लेकर कमरे में घुस गयी।

नन्द बोली :- वाओ, अम्मी तेरा भोसड़ा तो खूब मस्ती कर रहा है मादर चोद ? मज़ा आ रहा है न विदेशी लण्ड से चुदाने में ? तुझे हमारी चूत याद नहीं आ रही है क्या बहन चोद ?

वह बोली :- हाय अल्ला, तू क्या कह रही है ? आजा मेरी बुर चोदी बेटी और घुसा ले लण्ड अपनी चूत में ?

ऐसा कह कर अम्मी ने लौड़ा मुझे पकड़ा दिया। उधर मेरी अम्मी बोली हाय रब्बा आओ न मेरी रानी मेरी बिटिया पकड़ो न ये मस्ताना लौड़ा ? मुझे क्या मालूम था की तू उठ गयी है। मैं समझी की तूने रात भर चुदाया होगा और अभी सो रही होगी ? अब आ गयी है तो मेरे भोसड़ा से लौड़ा निकाल कर अपने भोसड़ा में घुसेड़ ले माँ कि लौड़ी ? मैंने वैसा ही किया ? मैं और मेरी नन्द दोनों विदेशी लौड़ों से चुदाने लगी।

दूसरे दिन रात में मेरी जेठानी मेरे पास आयी। उसके साथ में एक आदमी भी था। वह बोली हाय मेरी देवरानी कल तुझे चुदाने में खूब मज़ा आया कि नहीं ?

मैं बोली :- हां खूब मज़ा आया ? मुझे तो अपनी ससुराल पर नाज़ है जीजी ? यहाँ चुदाने की पूरी आज़ादी है न ? वह बोली :- हां बिलकुल ? यहाँ कोई रोक टोक नहीं है। देखो ये मेरा अब्बू है खालिद ? आज तुम इससे चुदाओ ? मैं बोली :- तो फिर जीजी तुम किससे चुदाओगी ?

वह बोली :- मैं यही तेरे सामने तेरे अब्बू से चुदाऊंगी ? कल तेरे साथ मेरी नन्द चोदा चोदी में जुटी थी ? आज मैं तेरे साथ चोदा चोदी करूंगी ? इतने में मेरा अब्बू भी आ गया। मेरी जेठानी ने फ़ौरन अपने कपडे खोले और अपनी चूंची अपनी चूत अपनी गांड खोल कर मेरे अब्बू के सामने खड़ी हो गयी । अब्बू तो सिर्फ एक लुंगी पहने था। जेठानी ने लुंगी खींचते हुए कहा तू मादर चोद एक नंगी औरत के सामने नंगा नहीं खड़ा हो सकता भोसड़ी के ? चल दिखा अपना लौड़ा मुझे ? बस जेठानी ने अब्बू का लौड़ा पकड़ लिया। इधर मैं भी सारे कपडे खोल कर खड़ी हो गयी और जेठानी के अब्बू का लौड़ा पकड़ कर हिलाने लगी। लौड़ा एकदम से टन्ना गया। मैंने उसकी चुम्मी ली और जबान से सुपाड़ा चाटा ? फिर पूरा सुपाड़ा मुंह में लेकर चूसा।

मैं बोली :- हाय जीजी तेरे अब्बू का लौड़ा बेटी चोद बड़ा सालिड है अभी से मेरी चूत में घुसने के मूड में है

वह बोली :- और तेरे अब्बू का लौड़ा भी साला बड़ा बेशरम है ? मेरी नंगी बुर देख कर देखो कैसे छलांगें मार रहा है साला ? मेरी बुर फाड़ने के लिए कमर कस ली है इस मादर चोद ने ? उस रात मैंने जेठानी के अब्बू से खूब मस्ती से चुदवाया और उसने मेरे अब्बू से चुदवाया ?

हर रात होती रही इसी तरह से चुदाई ?

 
Back
Top