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Guest
मेरी सास तो मेरे से ज्यादा मेरी चूत का ख्याल रखती है। उसके हाथ में जब भी कोई लण्ड आता है तो वह मेरी बुर में जरूर जाता है ? मैं भी अपनी सास से ज्यादा सास के भोसड़ा का ख्याल रखती हूँ। मुझे जब कोई लण्ड मिलता तो मैं उसे सास के भोसड़ा में जरूर पेलती हूँ। हम तीनो मिलजुल कर रहती है मिलजुल कर चुदवाती है और ऐय्यासी करती है। आपस में जब भी थोड़ी बहुत तकरार होती है तो मज़ा आता है।
बस दूसरे ही दिन सासू ने दो मर्द बुला लिया एक तो मेरा खालू असलम जिसका लण्ड मैं कई बार पकड़ चुकी हूँ और चुदवा भी चुकी हूँ ? और दूसरा निदा का खालू अज़मल ? निदा भी अपने खालू से चुदवा चुकी है। सासू ने कहा :-
बहू का खालू असलम मेरी बेटी चोदेगा और मेरी बेटी का खालू अज़मल मेरी बहू चोदेगा ?
तुम दोनों के लिए एक दूसरे के खालू के लण्ड नये है इसलिए तुम्हे चुदवाने में मज़ा आएगा ?
तुम दोनों अपने अपने कपडे उतार कर सामने आ जाओ ? मैंने और निदा ने वैसा ही किया। हम दोनों नंगी नगी सासू के सामने आ गयी। तब सासू बोली अब ये दोनों मर्द तुम लोगों के सामने सिर्फ एक तौलिया लपेट कर खड़े होंगे ? मैं दोनों लण्ड पकड़ चुकी हूँ। दोनों से चुदवा चुकी हूँ। दोनों लण्ड बराबर के है ? ये नीचे से मादर चोद बिलकुल नंगे है। मैं जब १,२,३ बोलूंगी तब तुम तौलिया खींच कर लण्ड पकड़ लेना और फिर चूमने चाटने के बाद चुदाना शुरू कर देना ? जो सबसे पहले लण्ड अपनी चूत में भून कर निकलेगी वह जीत जाएगी ? मैं नंगी खड़ी थी मेरे सामने खड़ा था अज़मल। मेरे बगल में निदा नंगी खड़ी थी उसके बगल में असलम। जैसे ही सासू ने कहा १,२,३ वैसे ही मैंने तौलिया खींच ली तो लौड़ा टन्ना कर मेरे सामने आ गया मैं फ़ौरन घुटनो के बल बैठ गयी और लण्ड चूमने लगी। निदा ने भी ठीक ऐसा ही किया। लण्ड तो इतना मस्त था की मुझे मज़ा आ गया। मैं उस प्यार लुटाने लगी उसे पुचकारने लगी। धीरे धीरे प्यार से गाली भी सुनाने लगी। निदा भी बुर बड़ी खाई खेली हुई लड़की है। जाने कितने लण्ड अपनी बुर में भून चुकी है। तब मैंने लण्ड मुंह में भर लिया। मैं बुर चुदाने के पहले ही अपना मुंह चुदवाने लगी। वह भी मुंह को बुर समझ कर चोदने लगा।
लण्ड जितना ज्यादा जोश में आएगा उतनी ही जल्दी झड़ेगा
मैं लण्ड का जोश बढ़ाने का सारा उपाय कर रही थी। फिर मुंह से निकाला लौड़ा अपनी चूत में भक्क से घुसा लिया और बोली ले भोसड़ी के अब चोद अपनी बहू की बुर ? तेरा लौड़ा साला बड़ा सायना है . बुर चोदने में बड़ा माहिर है न तो फिर क्या चोद ? मैं देखती हूँ तेरी गांड में कितना दम है ? उधर निदा भी बोल रही थी असलम तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा साले। चोद ले न मेरी बुर अपनी बीवी समझ के मादर चोद ? पूरा लौड़ा घुसा के चोदो मेरे राजा ? रंडी की तरह चोदो मेरी चूत ? वह गांड से जोर लगाने लगी। इधर मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और वह पूरा लौड़ा बार बार निकाल कर घुसेड़ने लगा। मेरा मज़ा दूना होता जा रहा था। मेरी चूत और मस्ती में आती जा रही थी।
हम दोनों का कम्पटीसन जोरो पर चल रहा था। इतने में निदा लण्ड पे बैठ कर चुदवाने लगी। लेकिन मैं वहीँ रही बल्कि उसी तरह चुदवाती रही। वह भी गचागच फ़चाफ़च चोदने मे जुटा था। अचानक उसके मुंह से निकला अब मैं अंदर ही झड़ जाऊंगा, बहू ? मैं कहा झड़ जा भोसड़ी के ? तेरी माँ की चूत ? बिना झड़े निकालना नहीं लौड़ा नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी ? मेरी बात का असर हुआ और वह और जोर से जल्दी जल्दी चोदने लगा। फिर बोला आ, ओहो, आ हाय हां हां लो आ अब मैं निकल गया हां रे वाओ ? इतने में उधर से भी आवाज़ आयी लो मैं भी बुर में ही निकल गया बहन चोद ? मैंने भुना हुआ लौड़ा अपनी बुर से निकाला और सासू को दिखाया। उधर से निदा ने भी भुना हुआ लण्ड अपनी चूत से निकाला और अपनी माँ को दिखाया ? सासू ने कहा यार तुम दोनों ने एक साथ भून डाला लण्ड ? अभी तो दोनों बराबर हो ? अब मैं देखती हूँ की किसका लण्ड ज्यादा भुना ? वह दोनों लण्ड पकड़ कर देखने लगी। उसे लगा की अज़मल का लौड़ा ज्यादा भून गया है एक दम भुना हुआ बैगन रहा है। वह बोली हाय बहू तेरी चूत कुछ ज्यादा ही भून डाला है लण्ड इसलिए तू थोड़ा आगे है मेरी बेटी से ? निदा तूने भी खूब भूना है लण्ड लेकिन एक कदम पीछे रह गयी है तू ? वह बोली कोई बात नहीं अम्मी अगली बार मैं भाभी की गांड मार दूँगी ?
एक दिन मेरी सास तन तनाती हुए आयी और मेरे सामने बैठ गयी.
वह बोली – मेरी बुर चोदी बहू आजकल तू ज्यादा ही चालाक हो गयी है ? बड़ी स्वार्थी हो गयी है तू बहन चोद ?
मैंने कहा – कुछ मुंह से बोलेगी भी, की बस गालियां ही देती जाएगी मादर चोद, सासू ?
कल तूने दो दो लण्ड अपनी चूत में घुसा लिया और मुझे पूंछा तक नहीं ? गांड भी मरवाई तूने बहन चोद ? मेरी बेटी को भी नहीं पूंछा तूने ? दोनों लण्ड का मज़ा अकेले अकेले ही लेती रही तू माँ की लौड़ी ?
बस दूसरे ही दिन सासू ने दो मर्द बुला लिया एक तो मेरा खालू असलम जिसका लण्ड मैं कई बार पकड़ चुकी हूँ और चुदवा भी चुकी हूँ ? और दूसरा निदा का खालू अज़मल ? निदा भी अपने खालू से चुदवा चुकी है। सासू ने कहा :-
बहू का खालू असलम मेरी बेटी चोदेगा और मेरी बेटी का खालू अज़मल मेरी बहू चोदेगा ?
तुम दोनों के लिए एक दूसरे के खालू के लण्ड नये है इसलिए तुम्हे चुदवाने में मज़ा आएगा ?
तुम दोनों अपने अपने कपडे उतार कर सामने आ जाओ ? मैंने और निदा ने वैसा ही किया। हम दोनों नंगी नगी सासू के सामने आ गयी। तब सासू बोली अब ये दोनों मर्द तुम लोगों के सामने सिर्फ एक तौलिया लपेट कर खड़े होंगे ? मैं दोनों लण्ड पकड़ चुकी हूँ। दोनों से चुदवा चुकी हूँ। दोनों लण्ड बराबर के है ? ये नीचे से मादर चोद बिलकुल नंगे है। मैं जब १,२,३ बोलूंगी तब तुम तौलिया खींच कर लण्ड पकड़ लेना और फिर चूमने चाटने के बाद चुदाना शुरू कर देना ? जो सबसे पहले लण्ड अपनी चूत में भून कर निकलेगी वह जीत जाएगी ? मैं नंगी खड़ी थी मेरे सामने खड़ा था अज़मल। मेरे बगल में निदा नंगी खड़ी थी उसके बगल में असलम। जैसे ही सासू ने कहा १,२,३ वैसे ही मैंने तौलिया खींच ली तो लौड़ा टन्ना कर मेरे सामने आ गया मैं फ़ौरन घुटनो के बल बैठ गयी और लण्ड चूमने लगी। निदा ने भी ठीक ऐसा ही किया। लण्ड तो इतना मस्त था की मुझे मज़ा आ गया। मैं उस प्यार लुटाने लगी उसे पुचकारने लगी। धीरे धीरे प्यार से गाली भी सुनाने लगी। निदा भी बुर बड़ी खाई खेली हुई लड़की है। जाने कितने लण्ड अपनी बुर में भून चुकी है। तब मैंने लण्ड मुंह में भर लिया। मैं बुर चुदाने के पहले ही अपना मुंह चुदवाने लगी। वह भी मुंह को बुर समझ कर चोदने लगा।
लण्ड जितना ज्यादा जोश में आएगा उतनी ही जल्दी झड़ेगा
मैं लण्ड का जोश बढ़ाने का सारा उपाय कर रही थी। फिर मुंह से निकाला लौड़ा अपनी चूत में भक्क से घुसा लिया और बोली ले भोसड़ी के अब चोद अपनी बहू की बुर ? तेरा लौड़ा साला बड़ा सायना है . बुर चोदने में बड़ा माहिर है न तो फिर क्या चोद ? मैं देखती हूँ तेरी गांड में कितना दम है ? उधर निदा भी बोल रही थी असलम तेरे लण्ड की माँ का भोसड़ा साले। चोद ले न मेरी बुर अपनी बीवी समझ के मादर चोद ? पूरा लौड़ा घुसा के चोदो मेरे राजा ? रंडी की तरह चोदो मेरी चूत ? वह गांड से जोर लगाने लगी। इधर मैंने भी स्पीड बढ़ा दी और वह पूरा लौड़ा बार बार निकाल कर घुसेड़ने लगा। मेरा मज़ा दूना होता जा रहा था। मेरी चूत और मस्ती में आती जा रही थी।
हम दोनों का कम्पटीसन जोरो पर चल रहा था। इतने में निदा लण्ड पे बैठ कर चुदवाने लगी। लेकिन मैं वहीँ रही बल्कि उसी तरह चुदवाती रही। वह भी गचागच फ़चाफ़च चोदने मे जुटा था। अचानक उसके मुंह से निकला अब मैं अंदर ही झड़ जाऊंगा, बहू ? मैं कहा झड़ जा भोसड़ी के ? तेरी माँ की चूत ? बिना झड़े निकालना नहीं लौड़ा नहीं तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी ? मेरी बात का असर हुआ और वह और जोर से जल्दी जल्दी चोदने लगा। फिर बोला आ, ओहो, आ हाय हां हां लो आ अब मैं निकल गया हां रे वाओ ? इतने में उधर से भी आवाज़ आयी लो मैं भी बुर में ही निकल गया बहन चोद ? मैंने भुना हुआ लौड़ा अपनी बुर से निकाला और सासू को दिखाया। उधर से निदा ने भी भुना हुआ लण्ड अपनी चूत से निकाला और अपनी माँ को दिखाया ? सासू ने कहा यार तुम दोनों ने एक साथ भून डाला लण्ड ? अभी तो दोनों बराबर हो ? अब मैं देखती हूँ की किसका लण्ड ज्यादा भुना ? वह दोनों लण्ड पकड़ कर देखने लगी। उसे लगा की अज़मल का लौड़ा ज्यादा भून गया है एक दम भुना हुआ बैगन रहा है। वह बोली हाय बहू तेरी चूत कुछ ज्यादा ही भून डाला है लण्ड इसलिए तू थोड़ा आगे है मेरी बेटी से ? निदा तूने भी खूब भूना है लण्ड लेकिन एक कदम पीछे रह गयी है तू ? वह बोली कोई बात नहीं अम्मी अगली बार मैं भाभी की गांड मार दूँगी ?
एक दिन मेरी सास तन तनाती हुए आयी और मेरे सामने बैठ गयी.
वह बोली – मेरी बुर चोदी बहू आजकल तू ज्यादा ही चालाक हो गयी है ? बड़ी स्वार्थी हो गयी है तू बहन चोद ?
मैंने कहा – कुछ मुंह से बोलेगी भी, की बस गालियां ही देती जाएगी मादर चोद, सासू ?
कल तूने दो दो लण्ड अपनी चूत में घुसा लिया और मुझे पूंछा तक नहीं ? गांड भी मरवाई तूने बहन चोद ? मेरी बेटी को भी नहीं पूंछा तूने ? दोनों लण्ड का मज़ा अकेले अकेले ही लेती रही तू माँ की लौड़ी ?