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चॅप्टर 936ब
मुझे ज्योति बुआ का कुछ ना कुछ करना होगा.
लेकिन ज्योति बुआ को अपनी लाइफ से अपनी फॅमिली से दूर करना इतना आसान नही होगा.
मेरा एक ग़लत कदम पूजा बुआ की फॅमिली को नुकसान पहुँचा सकता है.
राज के पापा अपनी बहन (ज्योति बुआ) से बहुत प्यार करते है.
अगर उनको पता चला तो पूजा बुआ की हस्ती खेलती फॅमिली टूट जाएगी.
तो मुझे पूजा बुआ के बारे मे सोच कर कदम उठाना होगा.
छोटी चाची को बताया तो ज्योति बुआ चारो खाने चित हो जाएगी.
लेकिन पहले मुझे पूनम दीदी से बात करनी होगी.
पूनम दीदी क्या सोचती है इस पे मेरी नेक्स्ट चल डिपंड है.
ज्योति बुआ ने बहुत ग़लत काम किया है.
चाचा के साथ रिश्ता बना कर मेरी चाची की फॅमिली को टूटने की कगार पे लाई है
पूजा बुआ का घर अपना रंडी का अड्डा चलाने के लिए ईस्तमाल करके ,पूजा बुआ को बदनाम करने का काम किया.
ज्योति बुआ तो मेरी पूरी फॅमिली को बदनाम करने पे तुली है.
बावरची, सरपंच क्यसोचता होगा मेरी फॅमिली के बारे मे
अगर उनकी बुरी नज़र चाची और बुआपे पड़ी तो. ज्योति बुआ की वजह से उनको भी ऐसी ही नज़र से देखा तो.
मुझे जल्दी कुछ करना होगा.
मैं ने ज्योति बुआ को रंगे हाथ पकड़ लिया तो कुछ नही होगा.वो तो अपना काम करती रहेगी उसेपैसे की लत जो लग गयी है.
मुझे कुछ और सोचना होगा. ताकि सब कुछ ठीक हो जाएगा.
मैं रात भर यही सोचते हुए सो गया.
सुबह होते ही मैं अपने काम मे लग गया.
रानी और आंटी सुबह होते ही फिर से मिलने का वादा करके अपने घर चले गये.
उनके जाते ही सब रोज की तरह अपने कामो मे लग गये.
मैं नेहा बुआ के यहाँ से अपने घर जाने लगा.
आसमान मे सुबह से बदल छाए हुए थे.
लगता है आज बहुत बड़ा तूफान आएगा.
चाचा तो मेरे आने से पहले खेतो मे चले गये.
चाचा का टिफिन टेबल पे रखा था शायद चाचा खाना लेकर नही गये.
चाचा उस दिन के बाद फिर से अपने पुराने रूप मे वापस आ गये थे.
मैने तो फंक्षन के दिन जिस चाचा को देखा था उसी को देखना चाहता था.
पर पता नही क्या हुआ जो चाचा इस तरह के हरकत कर रहे है. ना बात कर रहे और ना घर पे रुक रहे है.
आज तो खेतो मे टिफिन लेकर नही गये. पहली बस ऐसा हुआ कि बड़ी चाची के हाथ का खाना अपने साथ लेकर नही गये.
मैं ने चाची से पुछा इस बरमे तो चाची ने इधर उधर के जवाब दिए.
अवी-चाची, ये चाचा को क्या हुआ. ऐसे हरकत क्यूँ कर रहे है.
ब चाची-कुछ भी तो नही हुआ.
अवी-फंक्षन के दिन के बाद से चाचा घर पे दिखाई नही दे रहे.
ब चाची-वूऊ, हाँ , फंक्षन की वजह से जो काम रुक गया था उसकी वजह से खेतो मे जल्दी जा रहे है. तो घर पे कैसे दिखेंगे
अवी-फिर ये टिफिन , चाचा तो कभी अपना टिफिन नही भूलते. फिर आज बिना टिफिन लिए खेत मे कैसे गये.
ब चाची-कहा ना ,खेत मे काम है तो जल्दी जल्दी मे भूल गये
अवी-चाची क्या आप मुझसे कुछ छुपा रही है
ब चाची-मैंन्न्न् क्यउउूउ तुज़्ज़्ज़ से कुछ छुपौउूउ
अवी-(चाची की बातों से तो लग रहा है कि कुछ तो बात है जो मुझे बता नही रही है.) चाची क्या बात है. अपने बेटे को नही बताइएंगी.
ब चाची- तुम्हारे चाचा कह रहे थे कि दोपेहर मे अवी को भेजना टिफिन लेके, वो सुबह जल्दी गये ना तो खाना ठंडा हो जाता है. तू जाएगा ना टिफिन लेकर
अवी-जी, मैं टिफिन लेकर जाउन्गा.
ब चाची-मेरा प्यारा बेटा
अवी-चाची मैं बड़ा हो गया हूँ. अगर कोई भी बात आपको परेशान करे तो मुझे बताना. आपका बेटा आपकी सारी परेशानिया ख़तम कर देगा
मेरी बात सुनते ही बड़ी चाची मुझे देखती रह गयी.
और मेरे गले लग कर मेरे माथे को चूम लिया.
ब चाची-तूने इतना कहा यही मेरे लिए बहुत है. जा फ्रेश हो जा .मैं गरम गरम परान्ठे बनाती हूँ तेरे लिए
अवी-आलू के
ब चाची-तुझे आज आलू के परान्ठे खिला के आलू की तरह मोटू बना देती हूँ.
और मैं फ्रेश होने चला गया.
कुछ तो बात है जो बड़ी चाची मुझसे छुपा रही है.
चाची और चाचा मे कुछ तो हुआ है जो मुझे बताया नही जा रहा.
शायद मुझे पता है चाचा इस तरह की हरकत क्यूँ कर रहे है.
ये सब उस ज्योति बुआ की वजह से हो रहा है.
अगर ऐसा है तो चाचा और चाची के बीच मे दूरिया लाने की सज़ा ज्योति बुआ को मिल के रहेगी.
ज्योति बुआ को इस बार ठिकाने लगाए बिना जाने नही दूँगा.
इसमे छोटी चाची की मदद लूँगा. वो ज्योति बुआ को अच्छा सबक सिखा देगी.
मैं फ्रेश होकर नाश्ता करके अपने कमरे मे जाकर आराम करने लगा.
काफ़ी दिन हो गये छोटी चाची से बात किए हुए.
छोटी चाची का नाम लिया और छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.
सी चाची-अवी
अवी-आप100 साल जियेंगी.
सी चाची-तो जनाब मुझे याद कर रहे थे.
अवी-अपनी बीवी को याद कर रहा था. अमित की माँ को याद कर रहा था.
सी चाची-अमित के पापा मुझे किस लिए याद कर रहे थे.
अवी-आज अमित की माँ से बात करने का दिल कर रहा है.
सी चाची-कहिए
अवी-अमित की माँ मुझे कितना प्यार करती है ये जानना था मुझे
सी चाची-खुद से ज़्यादा
अवी-मैं कहूँगा कि मेरे साथ यहाँ से भाग चले तो अमित की माँ क्या कहेगी.
सी चाची-ये मंगलसूत्र अपने हाथो से निकाल दो ,तुम जहा कहोगे, जब कहोगे ,तुम्हारे साथ चलूंगी.
अवी-चाचा बीच मे आ रहे है
सी चाची-मैं तुमसे प्यार करती हूँ ,पर शादी उनसे हुई है.
अवी-मुझे मेरा जवाब मिल गया.
सी चाची-कैसा जवाब,सवाल क्या था.
अवी-सवाल आपको जल्दी बताउन्गा .अभी मुझे जाना होगा
सी चाची-अवी बात क्या है
अवी-मैं आप को सारी बातें बताता आया हूँ. पर एक बात मैं आपसे छुपाई थी. वो बात बताने का समय आ गया
सी चाची-ये कैसी बातें कर रहा है. कौन सी बात छुपाई है .और किस का समय आया है
अवी-जल्दी बताउन्गा. वो मेरे सर पे एक बोझ की तरह है .उसे आपको जल्दी बताउन्गा.
और मैं कमरे से बाहर जाने लगा.
सी चाची-अवी रुक तो ,पूरी बात तो करके जा
अवी-चाची अब तो मैं आपको जो बात छुपाई है वही बात पहले बताउन्गा .उस से पहले कोई बात नही
करूँगा.
सी चाची-सुन तो
और मैं कमरे से बाहर आ गया.
सी चाची-(अवी किस बारे मे बात कर रहा था. क्या छुपाया था अवी ने ,याद कर मीना ,अपना दिमाग़ का ईस्तमाल कर
पिछले साल दीवाली मे एक बार अवी ने मुझसे झूठ कहा था. वो गया कही और था और बोल रहा था कि लीना के घर पे था.लेकिन लीना के यहाँ तो मैं थी. शायद वही बात होगी )
[मंगला काकी का ईंसीडेंट था वो]
छोटी चाची मुझे आवाज़ देते हुए मेरे पीछे पीछे आ गयी.
मैं घर से बाहर जा रहा था कि बुआ और मेरी बहनें सामने थी.
अवी-आप सब एक साथ यहाँ
पूजा बुआ-सुमन को आवाज़ देना
सी चाची-क्या बात है सब एक साथ .और ये पूजा का समान ,मंदिर जा रहे हो.
पूजा बुआ-हाँ ,सुमन को आवाज़ देना.
सी चाची-दीदी दीदी.
ब चाची-क्या है मीना, अरे आप सब ,कहीं जा रहे हो
पूजा बुआ-तुम्हें बताना भूल गयी थी. वही बताने आई हूँ
ब चाची-क्या बात है
पूजा बुआ-बच्चों के फंक्षन मे मैं ये भूल गयी कि आज राज की दादी की पुण्यतिथि है
ब चाची-मैं भी भूल गयी.
पूजा बुआ-सुबह राज के पापा ने फोन करके याद दिलाया .तो मंदिर जाके उनकी आत्मा की शांति की पूजा करूँगी.मेरी सास को ये गाँव बहुत पसंद था तो राज के पापा ने कहा कि मंदिर मे जाके पूजा करना
ब चाची-ये तो सही सोचा. पर
पूजा बुआ-तुम नही आ सकती पता है मुझे. आसमान मे बादल है ऐसे मे बच्चों को मंदिर ले जाना ठीक नही होगा.
ब चाची-ये मौसन ऐसा ना होता तो मैं ज़रूर आती
नीता बुआ-हम हैं ना ,आपके आने की ज़रूरत नही है.
सी चाची-मैं चलती हूँ. अमित को सुमन दीदी संभाल लेगी.
ब चाची-मीना तू जा. और मेरी ज़रूरत पड़े तो बताना .मैं आ जाउन्गी
पूजा बुआ-मीना से काम हो जाएँगा. तुम यही रूको ,बचो के पास किसी को रुकना चाहिए
ब चाची-अवी तू भी जा ,
सी चाची-दीदी अवी को एक काम है वो कहीं जा रहा था.
पूजा बुआ-अवी बहुत काम करता है. आज उसे अपना काम करने दो, मंदिर की पूजा तो राज करेगा
अवी-बुआ मेरा काम जल्दी हो गया तो मैं आ जाउन्गा.
पूजा बुआ-तू यही कहेगा मुझे पता था. हमेशा हमारे बारे मे सोचता है
सीतल दीदी-माँ हमे चलना चाहिए अगर बारिश हो गयी तो प्राब्लम होगी
नीता बुआ-मीना चल जल्दी
सी चाची-मैं तो तैयार हूँ
छोटी चाची पूजा बुआ के साथ मंदिर मे चली गयी.
राज की दादी की बरसी थी. तो पूजा बुआ की पूरी फॅमिली जा रही थी.
ज्योति बुआ की माँ की बरसी होने से उनको तो जाना ही था.
नेहा बुआ और नीता बुआ की फॅमिली भी थी साथ मे
पर पूनम दीदी नही दिख रही थी.
पूजा बुआ और बड़ी चाची की बातें चल रही थी तो मैं ने स्वेता दीदी से बात की
अवी-दीदी सब जा रहे है
स्वेता दीदी-हाँ, पूनम दीदी को छोड़ कर
अवी-क्यूँ पूनम दीदी क्यूँ नही जा रही ,उनकी नानी की बरसी है.
स्वेता दीदी-हाँ, पर उसकी तबीयत ठीक नही है. सुबह हल्का बुखार था . टॅबलेट खा कर सो रही है .ऐसे मौसम मे बाहर निकेलेगी तो और तबीयत खराब होगी.
अवी-(कल की बात को ज़्यादा सीरियस्ली लिया होगा.इसी लिए बीमार पड़ गयी..शायद ज्योति बुआ से झगड़ा हो गया होगा.) कल तक तो ठीक थी.
स्वेता दीदी-पता नही कैसे बीमार पड़ गयी. मेरा एक काम करेगा
अवी-ज़रूर करूँगा
स्वेता दीदी-हमे आने मे देर होगी तो तू पूनम दीदी को एक बार देख लेगा .कि वो कैसी है.
अवी-(पूनम दीदी से मिलने तो जा रहा था. अच्छा हुआ आप सब मंदिर जा रहे है. जिस से मैं पूनम दीदी से आराम से बात कर पाउन्गा.) ये तो मैं कर लूँगा.
स्वेता दीदी-उसे कुछ लगे तो लाकर देना
अवी-आप टेन्षन मतलो .आप वापस आओगी तो पूमं दीदी को फिट देखोगी.
स्वेता दीदी-ये लो घर की की ,वो सो रही होगी तो उसे डिस्ट्रब नही होगा.
अवी-(ये तो सोने पे सुहागा हो गया) ये अच्छा किया की दे कर वरना दीदी की नींद खराब हो जाती.
स्वेता दीदी-ध्यान रखना दीदी का
पूजा बुआ मंदिर चली गयी.
उनके मंदिर जाने से और पूनम दीदी के अकेले घर रुकने से मेरा फ़ायदा हो रहा था.
अब मैं आराम से पूनम दीदी से बात करूँगा.
थोड़ा रुक कर जाता हूँ ताकि पूनम दीदी की नींद खुली हो .
मुझे ज्योति बुआ का कुछ ना कुछ करना होगा.
लेकिन ज्योति बुआ को अपनी लाइफ से अपनी फॅमिली से दूर करना इतना आसान नही होगा.
मेरा एक ग़लत कदम पूजा बुआ की फॅमिली को नुकसान पहुँचा सकता है.
राज के पापा अपनी बहन (ज्योति बुआ) से बहुत प्यार करते है.
अगर उनको पता चला तो पूजा बुआ की हस्ती खेलती फॅमिली टूट जाएगी.
तो मुझे पूजा बुआ के बारे मे सोच कर कदम उठाना होगा.
छोटी चाची को बताया तो ज्योति बुआ चारो खाने चित हो जाएगी.
लेकिन पहले मुझे पूनम दीदी से बात करनी होगी.
पूनम दीदी क्या सोचती है इस पे मेरी नेक्स्ट चल डिपंड है.
ज्योति बुआ ने बहुत ग़लत काम किया है.
चाचा के साथ रिश्ता बना कर मेरी चाची की फॅमिली को टूटने की कगार पे लाई है
पूजा बुआ का घर अपना रंडी का अड्डा चलाने के लिए ईस्तमाल करके ,पूजा बुआ को बदनाम करने का काम किया.
ज्योति बुआ तो मेरी पूरी फॅमिली को बदनाम करने पे तुली है.
बावरची, सरपंच क्यसोचता होगा मेरी फॅमिली के बारे मे
अगर उनकी बुरी नज़र चाची और बुआपे पड़ी तो. ज्योति बुआ की वजह से उनको भी ऐसी ही नज़र से देखा तो.
मुझे जल्दी कुछ करना होगा.
मैं ने ज्योति बुआ को रंगे हाथ पकड़ लिया तो कुछ नही होगा.वो तो अपना काम करती रहेगी उसेपैसे की लत जो लग गयी है.
मुझे कुछ और सोचना होगा. ताकि सब कुछ ठीक हो जाएगा.
मैं रात भर यही सोचते हुए सो गया.
सुबह होते ही मैं अपने काम मे लग गया.
रानी और आंटी सुबह होते ही फिर से मिलने का वादा करके अपने घर चले गये.
उनके जाते ही सब रोज की तरह अपने कामो मे लग गये.
मैं नेहा बुआ के यहाँ से अपने घर जाने लगा.
आसमान मे सुबह से बदल छाए हुए थे.
लगता है आज बहुत बड़ा तूफान आएगा.
चाचा तो मेरे आने से पहले खेतो मे चले गये.
चाचा का टिफिन टेबल पे रखा था शायद चाचा खाना लेकर नही गये.
चाचा उस दिन के बाद फिर से अपने पुराने रूप मे वापस आ गये थे.
मैने तो फंक्षन के दिन जिस चाचा को देखा था उसी को देखना चाहता था.
पर पता नही क्या हुआ जो चाचा इस तरह के हरकत कर रहे है. ना बात कर रहे और ना घर पे रुक रहे है.
आज तो खेतो मे टिफिन लेकर नही गये. पहली बस ऐसा हुआ कि बड़ी चाची के हाथ का खाना अपने साथ लेकर नही गये.
मैं ने चाची से पुछा इस बरमे तो चाची ने इधर उधर के जवाब दिए.
अवी-चाची, ये चाचा को क्या हुआ. ऐसे हरकत क्यूँ कर रहे है.
ब चाची-कुछ भी तो नही हुआ.
अवी-फंक्षन के दिन के बाद से चाचा घर पे दिखाई नही दे रहे.
ब चाची-वूऊ, हाँ , फंक्षन की वजह से जो काम रुक गया था उसकी वजह से खेतो मे जल्दी जा रहे है. तो घर पे कैसे दिखेंगे
अवी-फिर ये टिफिन , चाचा तो कभी अपना टिफिन नही भूलते. फिर आज बिना टिफिन लिए खेत मे कैसे गये.
ब चाची-कहा ना ,खेत मे काम है तो जल्दी जल्दी मे भूल गये
अवी-चाची क्या आप मुझसे कुछ छुपा रही है
ब चाची-मैंन्न्न् क्यउउूउ तुज़्ज़्ज़ से कुछ छुपौउूउ
अवी-(चाची की बातों से तो लग रहा है कि कुछ तो बात है जो मुझे बता नही रही है.) चाची क्या बात है. अपने बेटे को नही बताइएंगी.
ब चाची- तुम्हारे चाचा कह रहे थे कि दोपेहर मे अवी को भेजना टिफिन लेके, वो सुबह जल्दी गये ना तो खाना ठंडा हो जाता है. तू जाएगा ना टिफिन लेकर
अवी-जी, मैं टिफिन लेकर जाउन्गा.
ब चाची-मेरा प्यारा बेटा
अवी-चाची मैं बड़ा हो गया हूँ. अगर कोई भी बात आपको परेशान करे तो मुझे बताना. आपका बेटा आपकी सारी परेशानिया ख़तम कर देगा
मेरी बात सुनते ही बड़ी चाची मुझे देखती रह गयी.
और मेरे गले लग कर मेरे माथे को चूम लिया.
ब चाची-तूने इतना कहा यही मेरे लिए बहुत है. जा फ्रेश हो जा .मैं गरम गरम परान्ठे बनाती हूँ तेरे लिए
अवी-आलू के
ब चाची-तुझे आज आलू के परान्ठे खिला के आलू की तरह मोटू बना देती हूँ.
और मैं फ्रेश होने चला गया.
कुछ तो बात है जो बड़ी चाची मुझसे छुपा रही है.
चाची और चाचा मे कुछ तो हुआ है जो मुझे बताया नही जा रहा.
शायद मुझे पता है चाचा इस तरह की हरकत क्यूँ कर रहे है.
ये सब उस ज्योति बुआ की वजह से हो रहा है.
अगर ऐसा है तो चाचा और चाची के बीच मे दूरिया लाने की सज़ा ज्योति बुआ को मिल के रहेगी.
ज्योति बुआ को इस बार ठिकाने लगाए बिना जाने नही दूँगा.
इसमे छोटी चाची की मदद लूँगा. वो ज्योति बुआ को अच्छा सबक सिखा देगी.
मैं फ्रेश होकर नाश्ता करके अपने कमरे मे जाकर आराम करने लगा.
काफ़ी दिन हो गये छोटी चाची से बात किए हुए.
छोटी चाची का नाम लिया और छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.
सी चाची-अवी
अवी-आप100 साल जियेंगी.
सी चाची-तो जनाब मुझे याद कर रहे थे.
अवी-अपनी बीवी को याद कर रहा था. अमित की माँ को याद कर रहा था.
सी चाची-अमित के पापा मुझे किस लिए याद कर रहे थे.
अवी-आज अमित की माँ से बात करने का दिल कर रहा है.
सी चाची-कहिए
अवी-अमित की माँ मुझे कितना प्यार करती है ये जानना था मुझे
सी चाची-खुद से ज़्यादा
अवी-मैं कहूँगा कि मेरे साथ यहाँ से भाग चले तो अमित की माँ क्या कहेगी.
सी चाची-ये मंगलसूत्र अपने हाथो से निकाल दो ,तुम जहा कहोगे, जब कहोगे ,तुम्हारे साथ चलूंगी.
अवी-चाचा बीच मे आ रहे है
सी चाची-मैं तुमसे प्यार करती हूँ ,पर शादी उनसे हुई है.
अवी-मुझे मेरा जवाब मिल गया.
सी चाची-कैसा जवाब,सवाल क्या था.
अवी-सवाल आपको जल्दी बताउन्गा .अभी मुझे जाना होगा
सी चाची-अवी बात क्या है
अवी-मैं आप को सारी बातें बताता आया हूँ. पर एक बात मैं आपसे छुपाई थी. वो बात बताने का समय आ गया
सी चाची-ये कैसी बातें कर रहा है. कौन सी बात छुपाई है .और किस का समय आया है
अवी-जल्दी बताउन्गा. वो मेरे सर पे एक बोझ की तरह है .उसे आपको जल्दी बताउन्गा.
और मैं कमरे से बाहर जाने लगा.
सी चाची-अवी रुक तो ,पूरी बात तो करके जा
अवी-चाची अब तो मैं आपको जो बात छुपाई है वही बात पहले बताउन्गा .उस से पहले कोई बात नही
करूँगा.
सी चाची-सुन तो
और मैं कमरे से बाहर आ गया.
सी चाची-(अवी किस बारे मे बात कर रहा था. क्या छुपाया था अवी ने ,याद कर मीना ,अपना दिमाग़ का ईस्तमाल कर
पिछले साल दीवाली मे एक बार अवी ने मुझसे झूठ कहा था. वो गया कही और था और बोल रहा था कि लीना के घर पे था.लेकिन लीना के यहाँ तो मैं थी. शायद वही बात होगी )
[मंगला काकी का ईंसीडेंट था वो]
छोटी चाची मुझे आवाज़ देते हुए मेरे पीछे पीछे आ गयी.
मैं घर से बाहर जा रहा था कि बुआ और मेरी बहनें सामने थी.
अवी-आप सब एक साथ यहाँ
पूजा बुआ-सुमन को आवाज़ देना
सी चाची-क्या बात है सब एक साथ .और ये पूजा का समान ,मंदिर जा रहे हो.
पूजा बुआ-हाँ ,सुमन को आवाज़ देना.
सी चाची-दीदी दीदी.
ब चाची-क्या है मीना, अरे आप सब ,कहीं जा रहे हो
पूजा बुआ-तुम्हें बताना भूल गयी थी. वही बताने आई हूँ
ब चाची-क्या बात है
पूजा बुआ-बच्चों के फंक्षन मे मैं ये भूल गयी कि आज राज की दादी की पुण्यतिथि है
ब चाची-मैं भी भूल गयी.
पूजा बुआ-सुबह राज के पापा ने फोन करके याद दिलाया .तो मंदिर जाके उनकी आत्मा की शांति की पूजा करूँगी.मेरी सास को ये गाँव बहुत पसंद था तो राज के पापा ने कहा कि मंदिर मे जाके पूजा करना
ब चाची-ये तो सही सोचा. पर
पूजा बुआ-तुम नही आ सकती पता है मुझे. आसमान मे बादल है ऐसे मे बच्चों को मंदिर ले जाना ठीक नही होगा.
ब चाची-ये मौसन ऐसा ना होता तो मैं ज़रूर आती
नीता बुआ-हम हैं ना ,आपके आने की ज़रूरत नही है.
सी चाची-मैं चलती हूँ. अमित को सुमन दीदी संभाल लेगी.
ब चाची-मीना तू जा. और मेरी ज़रूरत पड़े तो बताना .मैं आ जाउन्गी
पूजा बुआ-मीना से काम हो जाएँगा. तुम यही रूको ,बचो के पास किसी को रुकना चाहिए
ब चाची-अवी तू भी जा ,
सी चाची-दीदी अवी को एक काम है वो कहीं जा रहा था.
पूजा बुआ-अवी बहुत काम करता है. आज उसे अपना काम करने दो, मंदिर की पूजा तो राज करेगा
अवी-बुआ मेरा काम जल्दी हो गया तो मैं आ जाउन्गा.
पूजा बुआ-तू यही कहेगा मुझे पता था. हमेशा हमारे बारे मे सोचता है
सीतल दीदी-माँ हमे चलना चाहिए अगर बारिश हो गयी तो प्राब्लम होगी
नीता बुआ-मीना चल जल्दी
सी चाची-मैं तो तैयार हूँ
छोटी चाची पूजा बुआ के साथ मंदिर मे चली गयी.
राज की दादी की बरसी थी. तो पूजा बुआ की पूरी फॅमिली जा रही थी.
ज्योति बुआ की माँ की बरसी होने से उनको तो जाना ही था.
नेहा बुआ और नीता बुआ की फॅमिली भी थी साथ मे
पर पूनम दीदी नही दिख रही थी.
पूजा बुआ और बड़ी चाची की बातें चल रही थी तो मैं ने स्वेता दीदी से बात की
अवी-दीदी सब जा रहे है
स्वेता दीदी-हाँ, पूनम दीदी को छोड़ कर
अवी-क्यूँ पूनम दीदी क्यूँ नही जा रही ,उनकी नानी की बरसी है.
स्वेता दीदी-हाँ, पर उसकी तबीयत ठीक नही है. सुबह हल्का बुखार था . टॅबलेट खा कर सो रही है .ऐसे मौसम मे बाहर निकेलेगी तो और तबीयत खराब होगी.
अवी-(कल की बात को ज़्यादा सीरियस्ली लिया होगा.इसी लिए बीमार पड़ गयी..शायद ज्योति बुआ से झगड़ा हो गया होगा.) कल तक तो ठीक थी.
स्वेता दीदी-पता नही कैसे बीमार पड़ गयी. मेरा एक काम करेगा
अवी-ज़रूर करूँगा
स्वेता दीदी-हमे आने मे देर होगी तो तू पूनम दीदी को एक बार देख लेगा .कि वो कैसी है.
अवी-(पूनम दीदी से मिलने तो जा रहा था. अच्छा हुआ आप सब मंदिर जा रहे है. जिस से मैं पूनम दीदी से आराम से बात कर पाउन्गा.) ये तो मैं कर लूँगा.
स्वेता दीदी-उसे कुछ लगे तो लाकर देना
अवी-आप टेन्षन मतलो .आप वापस आओगी तो पूमं दीदी को फिट देखोगी.
स्वेता दीदी-ये लो घर की की ,वो सो रही होगी तो उसे डिस्ट्रब नही होगा.
अवी-(ये तो सोने पे सुहागा हो गया) ये अच्छा किया की दे कर वरना दीदी की नींद खराब हो जाती.
स्वेता दीदी-ध्यान रखना दीदी का
पूजा बुआ मंदिर चली गयी.
उनके मंदिर जाने से और पूनम दीदी के अकेले घर रुकने से मेरा फ़ायदा हो रहा था.
अब मैं आराम से पूनम दीदी से बात करूँगा.
थोड़ा रुक कर जाता हूँ ताकि पूनम दीदी की नींद खुली हो .