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Guest
अपडेट 281ए
मैं गेम खेल रहा था कि माला आ गयी. माला आज अपनी गंद मटका मटका कर चल रही थी.
माला की गंद जो मैं मर चुका था पर माला के ऐसे चलने से गंद मारने का मन हो रहा था.
माला का सिस्टर के ड्रेस मे गंद हिला कर चलना,
शाम मे रीया की गंद देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था. मेरे लंड को गंद चाहिए थी.
और माला की गंद मेरे सामने थी.
माला ने चाची को चेक किया.और मेरे पास आकर बैठ गयी.
अवी-माला मेरी गोद मे बैठो
माला ने इधर उधर देखा और धीरे से मेरे कान मे कहा.
माला-तुम्हे बताया था कि इस रूम मे कॅमरा और उसका एक कनेक्षन डॉक्टर के घर मे है
अवी-मैं भूल गया था.
माला-उस दिन भी तुम ने ऐसा ही किया
अवी-क्या किया
माला-इसी रूम मे तुम ने मुझे किस किया था.
अवी-तो क्या डॉक्टर ने देख लिया
माला-डॉक्टर ने कुछ नही कहा.और मैं ने वो रेकॉर्डिंग डेलीट कर दी थी
अवी-तो चलो तुम्हारे रूम मे चलते है
माला-हाँ चलो
मैं माला के साथ उसके रूम मे आ गया.
अवी-चलो जल्दी सुरू करते है
माला-जल्दी क्यूँ
अवी-क्यू आज 2 बार तुम्हारी चुदाई करूँगा.
माला-2 बार
अवी-और आज सिर्फ़ तुम्हारी गंद मारूँगा
माला-सिर्फ़, कुछ सोचते हुए ठीक है, पर पहले मैं अपने तरीके से करूँगी,बाद मे तुम अपनी तरीके से करना.
अवी-गंद के अलावा कुछ नही,
माला-ठीक है.
माला कपड़े निकालने लगी.
अवी-रूको
माला-क्यूँ,
अवी-कपड़े मत उतारो,बस ढीले करो, आज कपड़ो मे चुदाई करूँगा तुम्हारी
माला-पर ऐसे तो दाग लग जाएँगे
अवी-बोल देना कि पेशेंट ने मेडिसिन गिरा दी.
माला-और
अवी-करना है या मैं जाउ यहाँ से
माला-ब्रा पैंटी निकाल लेती हू
अवी-सिर्फ़ पैंटी, बूब्स तो तुम्हारे बेटे के लिए है
फिर माला ने अपने कपड़े ढीले किए और अपनी पैंटी निकाल ली.साथ मे सलवार भी.
मैं पूरा नंगा हो गया.और बेड पर लेट गया.
फिर माला मेरे दोनो पैरो के बीच मैं आकर घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को मुट्ठी मे पकड़ कर अपने मुँह के पास मेरे लंड ले गयी.
पहले तो माला ने मेरे लंड की महक सूंघ ली. और मेरा पूरा लंड अपने मुँह मे लेने लगी
माला के मुँह मे पूरा लंड जाते ही मेरा शरीर पूरा हिल गया
मैं मज़े लेते हुए माला के को मेरा लंड लोलीपोप की तरह चूस्ता हुवा देख रहा था
माला पूरे मज़े लेते हुए लंड चूस रही थी.
माला पूरा लंड झड तक अंदर ले कर चूस रही थी.
माला का लंड को मुँह मे अंदर बाहर करना अच्छा लग रहा था.
मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं क्या कहूँ बस आँख बंद करके लंड चुस वाने का मज़ा ले रहा था.
लंड को चूसने के साथ पूरे लंड को चाट चाट कर एक दम चिकना कर रही थी.
अवी-माला बस रुक जाओ
माला रुक गयी .और लंड को मुँह से बाहर निकाले बिना मेरी तरफ देख रही थी.
अवी-कितना चूसोगी, अब ले लो गंद मे
और माला ने लंड को मुँह मे से बाहर निकाल लिया
और खड़ी होकर कॉंडम लेने चली गयी.
माला खड़ी होकर ,थोड़ा झुक कर कॉंडम को ढूँढ रही थी.
मैं ने अपनी जीन्स के पॉकेट मे से कॉंडम (रीया और ज़ीया के लिए लिया था पर उनके साथ तो बिना कॉंडम के मज़ा किया.) निकाल कर लंड पर लगा दिया.
कॉंडम लगाने के बाद मैं उठकर माला के पीछे जाकर खड़ा हो गया.
अवी-क्याहुआ
माला-लगता है कॉंडम ख़तम हो गये.
अवी-वो देखो फाइल के नीचे होगा.
माला फाइल के नीचे कॉंडम ढूँढ ने के लिए झुक गयी.
माला के झुकते ही मैं सही पोज़िशन मे आकर आधे लंड को माला की गंद मे डाल दिया.
माला के मुँह से चीख निकल गयी. आआहह क्य्ाआ किय्ाआ थोड़ा रुक्ककक जाते, कॉन्डोंम्म लगाआअ लेतीई,आअहह बताआ तू देतीए
अवी-मैं ने कॉंडम लगाया है, तुम्हारी गंद ऐसी है कि मैं खुद को रोक नही पाया.
माला-बेड पर चलो
अवी-बेड पर नही, तुम यही झुकी रहो मैं थोड़ी देर यही पर ही गंद मारता हू
माला-डाल दो पूरा लंड,
और मैं ने दूसरा झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया.
इस बार माला धीरे से चीखी,
लंड डालने के बाद मैं माला की गंद मारने लगा.
माला शीष्कारिया लेने लगी. आआहह ऐसे ही फाड़ दो आआहह और ज़ोर से...आअहह फिर कब मिलेगा ऐसा ...आअहह आज फाड़ दो ...माआ आअहह और जोर्र्र्र से
मैं माला की बात सुनकर जोश मे आ गया. और माला की गंद ज़ोर ज़ोर से मारने लगा.
माला ने अपनी गंद पीछे कर ली और मुझे गंद मारने मे आसानी हो रही थी.
माला गंद मे जोरदार धक्के बर्दास्त नही कर पा रही थी.
माला ने एक हाथ से अपनी चूत को मसलना सुरू किया.
मैं ने माला की कमर को पकड़ लिया और माला की गंद फाड़ने लगा.
माला शीष्कारिया लेते हुए अपनी चूत मसल रही थी.
फिर मैं ने माला के एक पैरो को अपने हाथो मे पकड़ कर उपर कर दिया और गंद मे धक्के मारने लगा.
अवी-ओ माला तुम्हारी...गंद ...बस मारते रहने का मन हो रहा है
माला-तो रोका क़िस्स्स्स्ने है, बस अब पानी निकलते तक ऐसे ही मारते रहो, रुकना मत
अवी-तुम रुकने को बोलोगि फिर भी मैं रुकने वाला नही हू
माला-फाड़ दो मेरी गंद को
और मैं माला की गंद मारता गया.
माला शीष्कारी लेते हुए झड गयी.
और मैं रुका नही बस माला की गंद मारता गया.
माला-आआहह कमर दुख रही है
मैं ने माला की गंद पर 3 4 थप्पड़ मारे,
अवी-अब बोलो दुख रही है
माला-आआहह बस 1 सेकेंड के लिए खड़ी होने दो नही तो नस लग जाएँगी.
अवी-(मेरा मन लंड को बाहर निकालने का नही हुआ) दीवार को पकड़ कर खड़ी हो जाओ
मैं पीछे से माला की गंद मे धक्के मारने लगा. माला टेबल पर हाथ रखते हुए दीवार की तरफ जाने लगी
मैं एक मिनट के लिए रुकने वाला नही था
माला अपने गंद मे धक्के बर्दास्त करते हुए दीवार के पास पहुच गयी.
दीवार के पास पहुँचते ही माला खड़ी हो गयी. और मैं ने फिर से माला के एक पैर को हाथ मे पकड़ कर उपर किया और माल की गंद मे धक्के मारने लगा.
माला ने सोचा नही था कि उसकी चुदाई ऐसी होगी
पर ऐसी चुदाई मे भी माला मज़ा ले रही थी.
मैं लगातार माला की गंद मे धक्के मारता गया.
इतनी जोरदार चुदाई के बाद मेरा पानी भी जल्दी निकलने वाला था.
पर इस पोज़िशन मे जोरदार धक्के मारने से माला को चोट लग सकती थी.
अवी-माला जल्दी से घोड़ी बन जाओ, अपने हाथ ज़मीन पर रखो
माला ने अपने हाथ दीवार से ज़मीन पर रख कर घोड़ी बन गयी.
माला के घोड़ी बनते ही मैं माला की गंद मे जोरदार मार सकता था.
जोरदार धक्के मारते ही मेरा पानी निकल गया. .कॉंडम मेरे वीर्य से भर गया.
वीर्य निकलते ही मैं माला के उपर और माला ज़मीन पर गिर गयी.
माला के बूब्स ज़मीन मे दब गये.
माला हान्फते हुए मेरे नीचे पड़ी हुई थी.
मैं माला के उपर वैसे पड़ा रहा.
मेरा लंड अभी भी माला के गंद मे था.
मैं गेम खेल रहा था कि माला आ गयी. माला आज अपनी गंद मटका मटका कर चल रही थी.
माला की गंद जो मैं मर चुका था पर माला के ऐसे चलने से गंद मारने का मन हो रहा था.
माला का सिस्टर के ड्रेस मे गंद हिला कर चलना,
शाम मे रीया की गंद देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था. मेरे लंड को गंद चाहिए थी.
और माला की गंद मेरे सामने थी.
माला ने चाची को चेक किया.और मेरे पास आकर बैठ गयी.
अवी-माला मेरी गोद मे बैठो
माला ने इधर उधर देखा और धीरे से मेरे कान मे कहा.
माला-तुम्हे बताया था कि इस रूम मे कॅमरा और उसका एक कनेक्षन डॉक्टर के घर मे है
अवी-मैं भूल गया था.
माला-उस दिन भी तुम ने ऐसा ही किया
अवी-क्या किया
माला-इसी रूम मे तुम ने मुझे किस किया था.
अवी-तो क्या डॉक्टर ने देख लिया
माला-डॉक्टर ने कुछ नही कहा.और मैं ने वो रेकॉर्डिंग डेलीट कर दी थी
अवी-तो चलो तुम्हारे रूम मे चलते है
माला-हाँ चलो
मैं माला के साथ उसके रूम मे आ गया.
अवी-चलो जल्दी सुरू करते है
माला-जल्दी क्यूँ
अवी-क्यू आज 2 बार तुम्हारी चुदाई करूँगा.
माला-2 बार
अवी-और आज सिर्फ़ तुम्हारी गंद मारूँगा
माला-सिर्फ़, कुछ सोचते हुए ठीक है, पर पहले मैं अपने तरीके से करूँगी,बाद मे तुम अपनी तरीके से करना.
अवी-गंद के अलावा कुछ नही,
माला-ठीक है.
माला कपड़े निकालने लगी.
अवी-रूको
माला-क्यूँ,
अवी-कपड़े मत उतारो,बस ढीले करो, आज कपड़ो मे चुदाई करूँगा तुम्हारी
माला-पर ऐसे तो दाग लग जाएँगे
अवी-बोल देना कि पेशेंट ने मेडिसिन गिरा दी.
माला-और
अवी-करना है या मैं जाउ यहाँ से
माला-ब्रा पैंटी निकाल लेती हू
अवी-सिर्फ़ पैंटी, बूब्स तो तुम्हारे बेटे के लिए है
फिर माला ने अपने कपड़े ढीले किए और अपनी पैंटी निकाल ली.साथ मे सलवार भी.
मैं पूरा नंगा हो गया.और बेड पर लेट गया.
फिर माला मेरे दोनो पैरो के बीच मैं आकर घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को मुट्ठी मे पकड़ कर अपने मुँह के पास मेरे लंड ले गयी.
पहले तो माला ने मेरे लंड की महक सूंघ ली. और मेरा पूरा लंड अपने मुँह मे लेने लगी
माला के मुँह मे पूरा लंड जाते ही मेरा शरीर पूरा हिल गया
मैं मज़े लेते हुए माला के को मेरा लंड लोलीपोप की तरह चूस्ता हुवा देख रहा था
माला पूरे मज़े लेते हुए लंड चूस रही थी.
माला पूरा लंड झड तक अंदर ले कर चूस रही थी.
माला का लंड को मुँह मे अंदर बाहर करना अच्छा लग रहा था.
मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं क्या कहूँ बस आँख बंद करके लंड चुस वाने का मज़ा ले रहा था.
लंड को चूसने के साथ पूरे लंड को चाट चाट कर एक दम चिकना कर रही थी.
अवी-माला बस रुक जाओ
माला रुक गयी .और लंड को मुँह से बाहर निकाले बिना मेरी तरफ देख रही थी.
अवी-कितना चूसोगी, अब ले लो गंद मे
और माला ने लंड को मुँह मे से बाहर निकाल लिया
और खड़ी होकर कॉंडम लेने चली गयी.
माला खड़ी होकर ,थोड़ा झुक कर कॉंडम को ढूँढ रही थी.
मैं ने अपनी जीन्स के पॉकेट मे से कॉंडम (रीया और ज़ीया के लिए लिया था पर उनके साथ तो बिना कॉंडम के मज़ा किया.) निकाल कर लंड पर लगा दिया.
कॉंडम लगाने के बाद मैं उठकर माला के पीछे जाकर खड़ा हो गया.
अवी-क्याहुआ
माला-लगता है कॉंडम ख़तम हो गये.
अवी-वो देखो फाइल के नीचे होगा.
माला फाइल के नीचे कॉंडम ढूँढ ने के लिए झुक गयी.
माला के झुकते ही मैं सही पोज़िशन मे आकर आधे लंड को माला की गंद मे डाल दिया.
माला के मुँह से चीख निकल गयी. आआहह क्य्ाआ किय्ाआ थोड़ा रुक्ककक जाते, कॉन्डोंम्म लगाआअ लेतीई,आअहह बताआ तू देतीए
अवी-मैं ने कॉंडम लगाया है, तुम्हारी गंद ऐसी है कि मैं खुद को रोक नही पाया.
माला-बेड पर चलो
अवी-बेड पर नही, तुम यही झुकी रहो मैं थोड़ी देर यही पर ही गंद मारता हू
माला-डाल दो पूरा लंड,
और मैं ने दूसरा झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया.
इस बार माला धीरे से चीखी,
लंड डालने के बाद मैं माला की गंद मारने लगा.
माला शीष्कारिया लेने लगी. आआहह ऐसे ही फाड़ दो आआहह और ज़ोर से...आअहह फिर कब मिलेगा ऐसा ...आअहह आज फाड़ दो ...माआ आअहह और जोर्र्र्र से
मैं माला की बात सुनकर जोश मे आ गया. और माला की गंद ज़ोर ज़ोर से मारने लगा.
माला ने अपनी गंद पीछे कर ली और मुझे गंद मारने मे आसानी हो रही थी.
माला गंद मे जोरदार धक्के बर्दास्त नही कर पा रही थी.
माला ने एक हाथ से अपनी चूत को मसलना सुरू किया.
मैं ने माला की कमर को पकड़ लिया और माला की गंद फाड़ने लगा.
माला शीष्कारिया लेते हुए अपनी चूत मसल रही थी.
फिर मैं ने माला के एक पैरो को अपने हाथो मे पकड़ कर उपर कर दिया और गंद मे धक्के मारने लगा.
अवी-ओ माला तुम्हारी...गंद ...बस मारते रहने का मन हो रहा है
माला-तो रोका क़िस्स्स्स्ने है, बस अब पानी निकलते तक ऐसे ही मारते रहो, रुकना मत
अवी-तुम रुकने को बोलोगि फिर भी मैं रुकने वाला नही हू
माला-फाड़ दो मेरी गंद को
और मैं माला की गंद मारता गया.
माला शीष्कारी लेते हुए झड गयी.
और मैं रुका नही बस माला की गंद मारता गया.
माला-आआहह कमर दुख रही है
मैं ने माला की गंद पर 3 4 थप्पड़ मारे,
अवी-अब बोलो दुख रही है
माला-आआहह बस 1 सेकेंड के लिए खड़ी होने दो नही तो नस लग जाएँगी.
अवी-(मेरा मन लंड को बाहर निकालने का नही हुआ) दीवार को पकड़ कर खड़ी हो जाओ
मैं पीछे से माला की गंद मे धक्के मारने लगा. माला टेबल पर हाथ रखते हुए दीवार की तरफ जाने लगी
मैं एक मिनट के लिए रुकने वाला नही था
माला अपने गंद मे धक्के बर्दास्त करते हुए दीवार के पास पहुच गयी.
दीवार के पास पहुँचते ही माला खड़ी हो गयी. और मैं ने फिर से माला के एक पैर को हाथ मे पकड़ कर उपर किया और माल की गंद मे धक्के मारने लगा.
माला ने सोचा नही था कि उसकी चुदाई ऐसी होगी
पर ऐसी चुदाई मे भी माला मज़ा ले रही थी.
मैं लगातार माला की गंद मे धक्के मारता गया.
इतनी जोरदार चुदाई के बाद मेरा पानी भी जल्दी निकलने वाला था.
पर इस पोज़िशन मे जोरदार धक्के मारने से माला को चोट लग सकती थी.
अवी-माला जल्दी से घोड़ी बन जाओ, अपने हाथ ज़मीन पर रखो
माला ने अपने हाथ दीवार से ज़मीन पर रख कर घोड़ी बन गयी.
माला के घोड़ी बनते ही मैं माला की गंद मे जोरदार मार सकता था.
जोरदार धक्के मारते ही मेरा पानी निकल गया. .कॉंडम मेरे वीर्य से भर गया.
वीर्य निकलते ही मैं माला के उपर और माला ज़मीन पर गिर गयी.
माला के बूब्स ज़मीन मे दब गये.
माला हान्फते हुए मेरे नीचे पड़ी हुई थी.
मैं माला के उपर वैसे पड़ा रहा.
मेरा लंड अभी भी माला के गंद मे था.