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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 295

रीड - अपडेट 278 ज़ोया

मैं चाची के रूम मे चला गया. सब मुझे इस समय पर देख कर शॉक्ड हुए .

पर मैं ने चाची और चाचा को बता दिया कि कल से मैं क्या करने वाला हू.

चाची मेरी बात सुनकर खुश हो गयी. थोड़ी देर हॉस्पिटल मे रुकने के बाद मैं स्वेता दीदी के साथ घर चला आया.

रोहन हॉस्पिटल से अपने घर चला गया. पूनम दीदी और स्वेता दीदी स्कूटी पर थी मैं ने सीतल को बाइक पर बैठा कर हॉस्पिटल से घर आ गया.

घर आने के बाद मैं ने खाना खा लिया और वापस हॉस्पिटल चला आया.

चाचा घर चले गये. फिर कल की तरह ज़ोया मेरी तरफ देख कर उदास होकर चली गयी.

मैं ने चाची को खाना खिलाया और फिर चाची को सुला दिया.

चाची के सोने के बाद मैं ने माला को ढूँढा और चाची के पास रुकने को कहा .माला ने अपना काम दूसरी नर्स को दिया और चाची के रूम मे आ गयी.

माला-क्या है थोड़ा रुक नही सकते

अवी-क्या हुआ

माला-अगर दूसरो को हम पर शक हो गया तो

अवी-मैं तुम्हे पेशेंट के रूम मे लाया हू .किसिको क्या शक होगा

माला-ठीक है .मुझे अभी क्यू बुलाया

अवी-तुम थोड़ी देर यही रूको

माला-तुम कहाँ जा रहे हो

अवी-मैं डॉक्टर से मिलकर आता हू

माला-डॉक्टर से इस वक्त

अवी-हाँ एक काम है

माला-कितनी देर लगेगी

अवी-30 मिनट मे आ जाउन्गा

माला-ठीक है पर जल्दी आना

माला चाची के रूम मे रुक गयी. और मैं ज़ोया के कॅबिन की तरफ जाने लगा.

मैं जाते हुए सोचने लगा कि अगर ज़ोया उदास रहने लगी तो उसका असर चाची पर पड़ सकता है.

छोटी चाची और बड़ी चाची का तो ठीक है पर सीमा चाची की हालत खराब है .अगर ज़ोया ऐसी ही उदास रहने लगी तो सीमा चाची पर उसका असर पड़ सकता है.

मुझे ज़ोया को खुश रखना होगा. सारा तो पहले से ठीक है पर ज़ोया जो 3 दिन से उदास है उसका कुछ करना चाहिए.

मैं ने गेट नॉक किया.

अवी-क्या मैं अंदर आ सकता हू

मेरी आवाज़ सुनकर ज़ोया ने मेरी तरफ देख .मेरी तरफ देखते ही ज़ोया के चेहरे पे चमक आ गयी.

ज़ोया-तुम ...अवी ...कैसे....बैठो....नही अंदर आ जाओ...बैठो....मैं क्या बोल रही हू .आ जाओ

अवी-आप ऐसी क्यू बोल रही थी.

ज़ोया-मैं वो मैं वो

मेरा एक बाय्फ्रेंड था .12 थ क्लास मे.उसका नाम सलीम था. वो मेरे घर के पास रहता था. हम एक ही क्लास मे थे.एक दिन उसने मुझे प्रपोज़ किया. मैं ने हाँ किया. हम एक साल तक साथ रहे.उसने मुझे कही बार किस किया. एक दो बार इधर उधर छू लिया. मैं ने उसके साथ सेक्स नही किया. 12थ के बाद वो दूसरे शहर चला गया. उसके पापा की ट्रांसफर हो गयी. मैं डॉक्टर बन ने चली गयी. वहाँ मुझे एक लड़के मे प्रपोज़ किया और उसके के साथ शादी की. डॉक्टर करने के लिए जाने के बाद मैं सलीम से नही मिली. हम सिर्फ़ एक साल साथ रहे. वो मेरे घर भी आता था. सलीम अब कहाँ है मैं नही जानती. इस बात को 18 साल हो गये है.

ज़ोया ने एक साँसे मे सब बोल दिया. मैं हँसने लगा. मैं इतना हंस रहा था कि हँसते हँसते मेरा पेट दुखने लगा.

मैं ने पानी पिया और एक पानी का ग्लास ज़ोया को दिया. ज़ोया ने पानी पी लिया.

 


अपडेट 296

ज़ोया-तुम हँस क्यू रहे हो

अवी-आपने जो किया उस पे हँस रहा हू

ज़ोया-तुम यही जानना चाहते थे ना.तो मैं ने बता दिया

अवी-एक की साँस मे बोल दिया.आप 3 दिन से यही सोच रही थी

ज़ोया-हाँ,अब तो तुम्हे खुशी मिली

अवी-मैने तो उस्दिन बस ऐसे ही पूछा था

ज़ोया-ऐसे ही पूछा था तो 3 दिन से मुझसे बात क्यू नही की

अवी-हर बार मैं आपके पास आता हू. क्या एक बार भी आप ने मेरे पास आकर मुझसे बात क्यू नही की

ज़ोया-हमेशा तुम आते थे .मुझे कभी तुम्हारे पास आना ही नही पड़ा

अवी-3 दिन से तो मैं आपके पास नही आया तो फिर आप क्यू नही आई

ज़ोया-मुझे लगा तुम मुझसे नाराज़ हो

अवी-मैं आपसे नाराज़ नही था. बस देख रहा था कि आप कब मुझसे बात करेगी.पर आप है कि बस मेरी तरफ देख कर चली जाती .फिर मुझे लगा कि आप कभी मेरे पास आकर मुझसे बात नही करेगी. तो आज मैं खुद चला आया.(ज़ोया पर गेम पलट दिया)

ज़ोया-सॉरी.

अवी-जाने दीजिए जो हुआ सो हुआ. पर आगे तो आप ऐसा नही करेगी

ज़ोया-तुम जो पुछोगे मैं वो बता दूँगी.

अवी-आपका फिगर क्या है

ज़ोया-वूओ

अवी-देखा नही बताया. मैं बताता हू 36-28-38

ज़ोया- तुम्हे कैसे पता

अवी-अब मैं क्यू बताऊ

ज़ोया-बस इस बार माफ़ करदो

अवी-ठीक है.पर ये आख़िरी बार है.

ज़ोया-पर तुम ऐसे सवाल क्यू पूछते हो जिसके जवाब मैं नही दे सकती

अवी-मैं तो बस देख रहा था कि आप मेरे सवाल का जवाब दे पाती हो कि नही .

ज़ोया-मैं भी समझ गयी. और कहो कैसा लगा हमारा शहर2 (स्वेता दीदी का शहर -शहर2) .और कैसा चल रहा है

अवी-शहर2 तो अच्छा है पर मैं ठीक नही हू

ज़ोया-क्या हुआ तुम्हे

अवी-एक समस्या है पर आपको नही बता सकता

ज़ोया-ऐसा क्या हुआ जो मुझे नही बता सकते.

अवी-आप औरत हो .मैं आप को कैसे बताऊ

ज़ोया-औरत हुई तो क्या हुआ .मैं डॉक्टर हू तुम मुझे बता सकते हो

अवी-बता दूं. आप ठीक कर देंगी

ज़ोया-अगर मेरे बस मे हुआ तो हाँ

अवी-वो मेरे पेनिस को कुछ हो गया है.

ज़ोया-क्या हुआ

अवी-वो थोड़ा छिल गया है और दर्द हो रहा है

ज़ोया-देखने दो मुझे

अवी-आपको कैसे दिखा सकता हू

ज़ोया-मैं डॉक्टर हू. बस तुम लेट जाओ

मैं बेड पर जाकर लेट गया. ज़ोया मेरे पास आ गयी.

ज़ोया-जीन्स निकालो

मैं ने जीन नीचे पैरो तक सरका दी.

ज़ोया ने अंडरवेर पकड़ कर नीचे कर दिया. मेरा लंड ज़ोया के सामने था.

ज़ोया मेरे लंड को घूर के देखने लगी. फिर लंड को पकड़ कर देखने लगी.

ज़ोया के हाथ लगने से मेरा लंड खड़ा हो गया.ज़ोया फिर मेरे लंड को घूर कर देखने लगी.

ज़ोया-इसकी हालत तो खराब कर दी तुमने .कैसे हुआ ये सब

अवी-वो आज एक लड़की के साथ.

ज़ोया-रूको मैं समझ गयी.लेकिन इतनी बुरी हालत

अवी-मैं बता रहा हू ना लड़की की गंद मारी मैं ने इस लिए ऐसा हुआ

मेरी बात सुनकर ज़ोया शरमा गयी

ज़ोया-कैसी गंदी बाते करते हो.

अवी-जो किया वही बताया मैं ने और कुछ नही

ज़ोया-ठीक है. मैं तुम्हे एक क्रीम देती हू .उसे लगा लेना ठीक हो जाएगा. पर 1 हफ्ते तक कुछ मत करना.

अवी-समझ गया 1 हफ़्ता कुछ नही.

ज़ोया-हँसने लगी. देखो तुम्हारी वजह से मैं ने बिना हाथो मे कुछ पहने चेक कर लिया

अवी-वॉश कर लीजिए

ज़ोया-मैं हाथो को वॉश करके आती हू

अवी-पहले क्रीम तो लगा दीजिए

ज़ोया-ये लो क्रीम और तुम खुद लगा लो

अवी-मैं लगाउन्गा तो दर्द हो जाएगा. प्लीज़ लगा दो ना फिर हाथ वॉश कर लेना

ज़ोया-लेकिन

अवी-अब लगा भी दो, हम फ्रेंड है

ज़ोया-पहले तुम अपनी आँख बंद करो फिर लगा दूँगी

मैं ने आँख बंद कर ली.

ज़ोया अपने नरम हाथो से लंड पर क्रीम लगाने लगी.मेरा लंड लोहे की रोड की तरह खड़ा हो गया था.

ज़ोया मज़े लेकर लंड पे क्रीम लगा रही थी. 5 मिनट तक ज़ोया लंड को क्रीम लगाती रही. अगर मैं ने आँख नही खोली होती तो ज़ोया मेरा पानी निकलने तक लंड के साथ खेलती रहती.

फिर ज़ोया ने बाथरूम मे जाकर हाथ वॉश कर लिए. फिर हमारे पास बाते करने के लिए कुछ नही था.

इस लिए मैं ज़ोया के कॅबिन से निकल कर चाची के रूम मे आ गया

 


अपडेट 297

मैं चाची के रूम मे आ गया.

माला-कितनी देर कर दी तुमने

अवी-हां ,थोड़ी देर तो होगी ना

माला-चलो मेरे रूम मे चलते है

अवी-मैं नही आ सकता

माला-पर क्यू?

अवी-मैं ने माला को क्रीम दिखा दी. इस लिए

माला क्रीम देख कर समझ गयी कि मैं क्यू मना कर रहा हू

माला-डॉक्टर ने कितने दिन आराम करने को कहा है

अवी-1 महीना(मैं माला के साथ अब सेक्स नही करना चाहता था.मैं ने झूठ कहा कि 1 महीना मैं कुछ नही कर सकता. )

माला-1 महीना तब तक तो तुम चले जाओगे

अवी-इसमे मैं क्या कर सकता हू.

माला-पर मेरा क्या होगा

अवी-तुम्हारे पास तुम्हारा पति है. मेरा क्या होगा ये नही सोचा तुमने. और वैसे भी ये तुम्हारी वजह से हुआ है

माला-सॉरी. तुम आराम करो मैं पेशेंट को देखती हू

अवी-तुम नाराज़ तो नही हो गयी

माला-मैं नाराज़ नही हू. तुमने जानबूझ कर तो मेरे साथ करने से मना नही किया है. वो तो तुम्हारे लंड की वजह से तुमने मना किया है. तुम आराम करो और जल्दी ठीक हो जाओ. हमे पार्क भी जाना है.

अवी-मैं यहाँ से जाने से पहले तुम्हे पार्क मे लेकर जाउन्गा.

माला चली गयी मैं भी सपनो की दुनिया मे चला गया.

11थ डे

आज और कल का दिन छोटी चाची के लिए खुशी लाने वाला दिन है.

मैं ने छोटी चाची को नींद से जगाया. और चाची के सर पर किस किया.

फिर दोनो चाचियो को जगाया.फिर मैं ने चाचियो को नाश्ता दिया. चाचा के आने के बाद मैं सारा के पास चला गया.

अवी-आप काम कर रही हो

सारा-नही बस तुम्हारी चाची की रिपोर्ट देख रही हू.कल तुम्हारे हाथ मे छोटा बच्चा होगा

अवी-हाँ ,कल का दिन तो मेरे लिए खुशी का दिन है

सारा-वो तो होगा ही

अवी-मुझे आज बहुत काम है ,जल्दी से आप अपनी फिगर दिखा दो

सारा-कल देखी ना

अवी-आज अच्छे से देखनी है

सारा खड़ी हो गयी.

सारा-देख लो

मैं सारा के पास चला गया. सारा ने रेड ड्रेस पहना था.

मैं कल की तरह सारा के बदन को छू कर देखने लगा.

सारा की साँसे तेज चलने लगी.

धीरे धीरे मेरे हाथ सारा की गंद पर ले गया. सारा ने आँख बंद कर दी.

मैं ने सारा से कहा अपनी आँख मत खोलना

सारा ने हाँ मे गर्दन घुमा दी.

मैं अपना हाथ गंद से होते हुए सारा के सलवार के नाडे के उपर ले गया.

और नाडा खोल दिया.

सलवार नीचे गिर गया.

सारा ने आँख नही खोली पर अपने हाथ से सलवार पकड़े की कोशिस की पर पकड़ नही पाई.

फिर मैं ने कमीज़ भी निकाल दी. सारा ने फिर भी अपनी आँख नही खोली.

पर अपने हाथ उपर करके कपड़े निकाल ने मे मेरी मदद की.

सारा मेरे सामने अपनी आँख बंद किए रेड ब्रा और रेड पैंटी मे थी.

सारा के आधे बूब्स ब्रा के बाहर थे. बूब्स देख कर ऐसा लग रहा था कि पकड़ कर कच्चा खा लूँ.

पैंटी मुश्किल से सारा की फूली हुई चूत को छुपा रही थी.

मैं सारा के पीछे जाकर देखा सारा की गंद बड़ी संदर हॉट सेक्सी किसिको भी दीवाना कर दे ऐसी थी

सारा की गंद क्या कहूँ ,पैंटी ने बड़ी मुश्किल से सारा की बड़ी मोटी, सेक्सी गंद को छुपा रही थी

थोड़ी देर मैं सारा को देखता रहा .अगर मैं सारा के साथ चुदाई कर लूँ तो वो मना नही करेगी पर ये समय सही नही था. ये जगह ठीक नही थी. यहाँ पर कोई भी आ सकता है.

और मेरा लंड जो सारा की हालत करेंगा उसके बाद तो सारा को कल आराम करना होगा. और कल छोटी चाची...

और वैसे भी मेरा लंड चुदाई करने की हालत मे नही था.

आज के लिए बस इतना काफ़ी है, चाची की डिलेवेरी के बाद करूँगा जो करना है.

मैं ने सलवार उपर करके नाडा बाँध दिया. फिर सारा को कमीज़ पहना दी.

और चेअर पर आकर बैठ गया.

सारा ने आँख खोली और मेरी तरफ सवालिया नज़ारो से देखा .सारा शॉक्ड थी कि मैने कुछ किया क्यू नही.वो बस मेरी तरफ देखती रही.

अवी-सच मे आपकी फिगर अच्छी है, हॉट और सेक्सी है

सारा-बड़ी मुश्किल से थॅंक्स कहा

अवी-थॅंक्स तो मुझे कहना चाहिए आपने मुझे अपनी फिगर दिखाई.

अब मैं चलता हू. और मैं जल्दी से कॅबिन से बाहर आ गया और घर चला आया.

 


अपडेट 298

घर आने पर मैं खाना खा कर सो गया. फिर दोपेहर मे 3.00 बजे छत पर चला गया.

मुझे आज ये रीया और ज़ीया का खेल ख़तम करना था. दोनो को आज अलग अलग समय पर बुलाया था.

3.00 बजे रीया भी आ गयी.

अवी-ज़ीया अब दर्द कैसा है

रीया(ज़्)-कल दिन भर आराम करने से दर्द कम हो गया

अवी-बुखार आया था तुम्हे

रीया(ज़्)-हाँ थोड़ा सा

अवी-अब ठीक हो ना

रीया(ज़्)-हाँ

अवी-चलो प्यार करने चलते है

रीया(ज़्)-चलते है पर तुम आज पीछेसे मत करना

अवी-नही करूँगा.

रीया(ज़्)-फिर ठीक है.

मैं रीया(ज़्) को लेकर स्टोर रूम मे चला गया.

स्टोर रूम मे जाते ही रीया(ज़्) को किस करने लगा. रीया(ज़्) तो हमेशा तय्यार रहती है. वो भी मुझे किस करने लगी.

10 मिनट तक मैं रीया(ज़्) को किस करता रहा. किस करने के बाद मैं ने रीया(ज़्) को नंगा कर दिया

और मैं ने सिर्फ़ अपनी टी-शर्ट निकाली.

रीया(ज़्) को सोफे पर लिटा दिया और रीया(ज़्) की चूत को चाटने लगा. आज आख़िरी दिन था तो मैं ज़ोर ज़ोर से रीया(ज़्) की चूत को चाटने लगा.

चूत को चाट ने के साथ बूब्स भी दबा रहा था. आज मैं रीया(ज़्) के बूब्स को पूरा लाल करने वाला था.

5 मिनट तक रीया(ज़्) की चूत चाटने लगा. फिर रीया(ज़्) ने पानी छोड़ दिया. मैं ने रीया(ज़्) का पानी पी लिया. पर मैं ने चूत चाटना बंद नही किया.

मैं रीया(ज़्) की चूत चाटता रहा और बूब्स को दबाता रहा. रीया(ज़्) शीष्कारिया लेने लगी

रीया(ज़्) ने फिर से पानी छोड़ दिया .और मैं ने आख़िरी बार अमृत पी लिया और रीया(ज़्) की चूत को देखने लगा.

अवी-ज़ीया तुम्हे पता है ना हम कैसे मिले

रीया(ज़्)-(मेरे सवाल से रीया डर गयी) हाँ

अवी-एक बार फिर से मुझे उसी नाम से बुला दो जो पहली बार बुलाया था

रीया(ज़्)-(अब तो रीया पूरी तरह से डर गयी) प्यार कर्लो ना उसके बाद बाते करते है

अवी-एक बार फिर से मैं सुनना चाहता हू.

रीया(ज़्)-मैं बाद मे बता दूँगी ना

अवी-सिर्फ़ नाम ही तो लेना है. इतना परेशान क्यू हो रही हो

रीया(ज़्)-मैं कहाँ...

अवी-तुम ज़ीया ही हो ना

रीया(ज़्)-हाँ मैं ज़ीया ही हू

अवी-फिर जल्दी से नाम लो जो पहली बार मुझे देख कर लिया था

रीया(ज़्)-मैं ने कहा ना बाद मे लेती हू

अवी-मैं खड़ा हो गया. तुम ज़ीया नही हो.

रीया(ज़्)-मैं ज़ीया ही हू

अवी-फिर बताओ कि हम पहली बार किस वजह से मिले थे और बाते की थी

रीया(ज़्)-( उसके पसीने छूटने लगे) तुम्हे पता हैना फिर क्यू पूछ रहे हो

अवी-मतलब तुम ज़ीया नही हो. अपनी गर्दन दिखा दो

रीया(ज़्) ने अपनी टी-शर्ट पहन ने की कोशिस की. मैं ने टी-शर्ट खीच ली.

रीया(ज़्)-मेरी टी-शर्ट दो .एक तो कुछ कर नही रहे हो और मुझे कपड़े भी नही दे रहे हो

मैं ने कोई जवाब नही दिया. और रीया(ज़्) को पकड़ कर गर्दन को देखने लगा .गर्दन पर मोल नही था.

अवी-तुम्हारे गर्दन पर मोल नही है. मतलब तुम ज़ीया नही हो.

और मैं ने रीया को छोड़ दिया और ज़मीन पर बैठ कर अपने हाथो को अपने सर पे रख कर रोने लगा.

रीया-रोते हुए मुझे माफ़ कर दो .मैं ज़ीया नही हू

अवी-रीया तुमने ऐसा क्यू किया

रीया-ये सब कैसे हुआ पता ही नही चला.

अवी-ऐसे कैसे पता नही चला मैं तो तुम्हे ज़ीया कह कर बुलाता था.

रीया-वो पहले दिन मैं देखना चाहती कि ज़ीया और तुम्हारे बीच क्या चल रहा है पर उस्दिन सब तुमने इतनी जल्दी किया कि मैं तुम्हे कुछ बता नही पाई.

अवी-तुम मुझे रोक तो सकती थी

रीया-जब मुझे पता चला कि मैं क्या कर रही हू तब तक हम बहुत आगे बढ़ गये थे.

अवी-उस्दिन के बाद तो बता सकती थी. या फिर मुझसे मिलना बंद कर देती

रीया-मैं खुद को रोक नही पाई और तुम्हारे साथ ज़ीया बनकर प्यार करती गयी.

अवी-तुम ने मुझे धोका दिया तुमने अपनी बहन को धोका दिया.

रीया-रोने लगी. मुझे माफ़ कर दो

अवी-मैं कौन होता हू तुम माफ़ करने वाला.

रीया-मैं ज़ीया से भी माफी माँग लूँगी. पर तुम तो मुझे माफ़ कर दो

अवी-ग़लती से भी ज़ीया से इस बारे मे बात मत करना अगर ज़ीया को पता चला कि तुमने क्या किया है तो वो टूट जाएगी और पता नही अगर उसने अपने आप को कुछ कर दिया तो. तुम ज़ीया से कुछ मत कहना

रीया-रोते हुए ज़ीया मुझे कभी माफ़ नही करेगी. तुम सही कह रहे हो मैं ज़ीया को कुछ नही बताउन्गि. और तुम्हारे और ज़ीया के बीच मे नही आउन्गि.सब मेरी वजह से हुआ है.मैं तुम दोनो के बीच नही आउन्गि.

अवी-इसमे मेरी भी ग़लती है.

रीया- तुम्हारी नही मेरी ग़लती है .मुझे तुम्हे बता देना चाहिए था.

अवी-जो हो गया है अब उसे हम बदल तो नही सकते.

हमे ये सब रोकना चाहिए. इसका एक ही हल है कि मैं ज़ीया से दूर चला जाउ.

रीया-तुम क्यू जा रहे हो

अवी-अगर मैं ने अब ज़ीया के साथ प्यार किया तो उस को धोका देने जैसा होगा . इस 6 दिनो मे जो भी तुम्हारे साथ किया उस से मुझे तुमसे भी प्यार हो गया. अगर मैं ज़ीया के साथ रहूँगा और तुम जब भी मेरे सामने आओगी तो मैं खुद को रोक नही पाउन्गा.इस लिए मेरा तुम दोनो से दूर जाना ही ठीक होगा.

रीया-रोने लगी.ये सब क्या किया मैं ने

अवी-तुम रो मत. अगर तुमने मुझे कभी प्यार किया है तो मुझे एक प्रॉमिस करो

रीया-मेरी तरफ देखा

अवी-तुम हमारे बारे मे कभी भी ज़ीया को नही बताओगि. और पहले जैसे ही तुम ज़ीया के साथ प्यार से रहना. तुम मेरे लिए इतना कर सकती हो ना

रीया-मैं अपनी मम्मी की कसम खाती हू कि मैं ज़ीया या किसी और को हमारे बारे मे नही बताउन्गि. मैं ज़ीया के साथ पहले जैसी रहूंगी.

अवी-मैं ने रीया के सर पर किस किया. आइ लव यू रीया

रीया-रोते हुए मेरे गले लग गयी.

अवी-रीया तुम अपनी लाइफ नये से सुरू करना. जिसमे सिर्फ़ खुशिया ही खुशिया हो .और थोड़ी खुशिया ज़ीया को देना.

रीया-मैं ज़ीया के आँख मे कभी आसू नही आने दूँगी

अवी-मुझे एक सपने की तरह भूल जाना

रीया-तुम्हे भूल तो नही पाउन्गि पर कभी कभी याद कर लूँगी

अवी-जब तक मैं यहाँ हू तुम मुझसे बाते मत करना अगर ज़ीया ने देख लिया तो

रीया-मैं समझ गयी.

अवी-तुम अगर ऐसे ही मुझे गले लगा कर रहोगी तो

रीया-तुम गंदे हो और मुझे कस के गले लगा कर छोड़ दिया.

और रीया ने कपड़े पहन लिए .और हम स्टोर रूम से बाहर आ गये.

और छत पर मेरे गले लग गयी और मेरे होंठो पर किस करके चली गयी.

जाते हुए कहा कि मैं तुम्हे कभी नही भूल पाउन्गि.

 


अपडेट 299

रीया चली गयी. रीया को पहले रुला दिया फिर ग़लती का अहंसास करा दिया. फिर कसम दी कि ज़ीया को मत बताना .फिर उसे नयी लाइफ जीने के लिए कहा. जाते हुए उसके चेहरे पर मैं ने खुशी लाई.

अब ज़ीया की बारी थी. ज़ीया को आने मे 1 घंटा बाकी था. मैं कमरे मे जाकर आराम करने लगा.

जब ज़ीया को आने मे 15 मिनट बाकी थे तब मैं छत पर चला गया. और टी-शर्ट निकाल कर कसरत करने लगा.

20 मिनट के बाद ज़ीया छत पर आ गयी.कसरत करने से मेरा शरीर पसीने से भीग गया था.

अवी-कैसी हो रीया

ज़ीया(र)-तुम्हे कैसी दिख रही हू

अवी-हॉट और सेक्सी लग रही हो

ज़ीया(र)-शरमा गयी

अवी-दर्द हो रहा है

ज़ीया(र)-हाँ थोड़ा सा

अवी-आज कुछ नही करंगे .मैं कसरत करता हू और तुम मेरे साथ बाते करो

मैं कसरत करने लगा और ज़ीया मेरे साथ बाते करने लगी.

ज़ीया(र)- तुम्हारी बॉडी तो सलमान ख़ान जैसी है

अवी-मैं रुक गया. क्या कहा तुमने

ज़ीया(र)-मैं ने तुम्हारी बॉडी की तारीफ की. सलमान जैसी है.

मैं खड़ा हो गया और ज़ीया(र) का हाथ पकड़ कर स्टोर रूम मे ले गया.ज़ीया(र) मेरे इस तरह स्टोर रूम मे ले जाने से हैरान हो गयी.

मैं ने ज़ीया(र) के लोवर को पकड़ कर नीचे कर दिया.और पैंटी भी नीचे कर ली.

ज़ीया(र)-ये क्या कर रहे हो

तुमने तो कहा था कि आज नही करंगे

अवी-मैं ने कोई जवाब नही दिया.और उसकी चूत और गंद देखने का नाटक किया. फिर खड़ा हो गया और ज़ीया(र) के गर्दन से टी-शर्ट हटा दी. और गर्दन देखने लगा.

फिर ज़ीया(र) से दूर हो गया.

अवी-तुमने ये सब क्यू किया

ज़ीया(र)-मैं ने क्या किया है

अवी-तुम रीया नही हो

ज़ीया(र)-शोक्ड हो गयी

अवी-तुम ज़ीया हो. ज़ीया ने मुझे पहली बार कहा था कि मेरी बॉडी सलमान जैसी है.

ज़ीया(र)-मुझे भी ज़ीया की तरह सलमान अच्छा लगा है

अवी-फिर तुम्हारे गर्दन पे मोल है जो रीया के गर्दन पर नही है. तुम ज़ीया हो.तुम ने ऐसा क्यू किया ज़ीया

ज़ीया-रोने लगी

अवी-तुमने मेरे साथ ऐसा क्यू किया

ज़ीया-क्यू कि मैं तुमसे प्यार करने लगी थी

अवी-पर तुमने तो मुझे ऐसा कहा ही नही

ज़ीया-मुझसे पहले रीया ने तुमसे कह दिया.

अवी-मैं भी रीया से प्यार करने लगा था.

ज़ीया-तुमने कहा था कि मैं तुम्हे अच्छी लगती हू

अवी-वो मैं ने फ्रेंड की तरह कहा था. और रीया ने तो मुझे आइ लव यू कहा.तुमने मुझे रीया बनकर पाने की कोशिस की

ज़ीया-मैं क्या करती. मैं तो बस एक बार तुम्हारा प्यार पाना चाहती थी

अवी-एक बार ठीक है पर बाद मे तो बता सकती थी

ज़ीया-मैं खुद को रोक नही पाई

अवी-तुम्हे पता है,तुमने क्या किया है

ज़ीया-मुझे माफ़ कर दो और रोने लगी

अवी-तुमने अपनी बहन को धोका दिया है

ज़ीया-मैं रीया से माफी माँग लूँगी

अवी-ग़लती से भी रीया को मत बताना कि हमने क्या किया है. अगर तुमने बता दिया तो रीया जी नही पाएगी.

ज़ीया-मैं रीया को कुछ नही होने दूँगी. मैं रीया को कुछ नही होने दूँगी

अवी-तुम प्रॉमिस करो कि तुम रीया को कुछ नही बताओगि

ज़ीया-मैं मम्मी की कसम खाती हू कि मैं रीया को हमारे बारे मे कुछ नही बताउन्गि. बस तुम रीया का साथ मत छोड़ना

अवी-मैं अब रीया के साथ प्यार करके उसे धोका नही दे सकता

ज़ीया-ऐसा मत करो

अवी-हमारे बीच जो हुआ वो भी एक प्यार था .मैं अगर रीया के साथ प्यार करता रहा तो हम दोनो फिर से एक हो सकते है. जो हम तीनो के लिए ठीक नही होगा.

ज़ीया-ये मैं ने क्या किया

अवी-इसमे मेरी भी ग़लती है.

ज़ीया-नही.मेरी ग़लती है मुझे इसकी सज़ा मिलनी चाहिए

अवी-तुम्हे क्यू मुझे भी सज़ा मिलनी चाहिए.मैं यहाँ से दूर चला जाउन्गा. ताकि हमारे बारे मे रीया को कभी पता ना चले और वो मुझे भूल जाए

ज़ीया-तुम मत जाओ .मैं चली जाती हू

अवी-इस वक्त रीया को तुम्हारी ज़्यादा ज़रूरत है. मेरे जाने के बाद तुम रीया को संभाल सकती हो

ज़ीया-मैं नही कर पाउन्गि

अवी-तुम्हे मेरे लिए इतना करना होगा. तुम्हे रीया को हमेशा खुश रखना होगा.क्या मेरे लिए इतना नही कर पाओगि

ज़ीया-रोते हुए मैं रीया को हमेशा खुश रखने की कोशिस करूँगी

अवी-और अगर तुमने मुझे कभी प्यार किया होगा तो तुम भी अपने आप को खुश रखना और अपनी नयी लाइफ सुरू करना

ज़ीया-मैं तुम्हे भूल कर कैसे ...

अवी-अगर तुम खुश रहोगी तो मैं भी खुश रहूँगा नही तो मैं भी...

ज़ीया-मेरे खुश रहने से अगर तुम खुश रहोगे तो मैं वैसा ही करूँगी जैसा तुमने कहा है

अवी-मैं ने ज़ीया के सर पे किस किया और गले लगा लिया

ज़ीया-मुझे गले लगा कर रोने लगी.

अवी-अब चलो कपड़े पहन लो.

ज़ीया ने कपड़े पहन लिए. हम बाहर आ गये

अवी-ज़ीया मुझे एक सपने की तरह भूल जाना

ज़ीया-मैं तुम्हे कभी नही भूलूंगी.

अवी-पर रीया को मत बताना

ज़ीया-नही कहूँगी

ज़ीया जाने लगी

अवी-ज़ीया

ज़ीया-हाँ

अवी-अपनी शादी मे बुलाना

ज़ीया-आँख मे पानी और चेहरे पे स्माइल के साथ.तुम अजीब हो और मुझे किस कर दिया .और जाते हुए कहा शादी मे अगर तुम्हे बुलाया तो मैं शादी नही कर पाउन्गि. और वो चली गयी.

मुझे भी रीया और ज़ीया के लिए अच्छा नही लग रहा था. पर जो रीया ज़ीया ने पहले दिन मेरी वजह से स्वेता दीदी और सीतल दीदी का जो मज़ाक उड़ाया था वो मुझे अच्छा नही लगा था.

पर मैने जो रीया और ज़ीया के साथ किया वो प्यार से किया. और जाते हुए रीया और ज़ीया को नयी ज़िंदगी जीने का प्रॉमिस करने को कहा. जिस से वो इस 7 दिन को भूल कर नयी ज़िंदगी खुशी के साथ जियेंगी

 


अपडेट 299ए

रीया और ज़ीया के साथ चुदाई का खेल ख़तम करने के बाद मैं सीधा हॉस्पिटल चला गया.

थोड़ी देर चाची के पास रुकने के बाद 8.00पीएम माला को चाची के पास रुकने को कहा और चाचा को घर छोड़ दिया.और बिना वक्त गवाए खाना लेकर हॉस्पिटल चला गया. मैं घर पर खाना खाने मे वक्त नही गवाना चाहता था.

माला को आज मेरे साथ रात भर चाची के रूम मे रुकने को कहा. माला मान गयी.

फिर मैं ने चाची को खाना खिलाया.छोटी चाची ने कम खाना खाया.

फिर ज़ोया ने आकर चाची को चेक किया. चेक करने के बाद मुझे अपने कॅबिन मे बुलाया.

मैं ने चाची को सुला दिया. माला को चाची के रूम मे रोक कर मैं ज़ोया के पास चला गया.

अवी-आपने मुझे ऐसे क्यू बुलाया.

ज़ोया-तुम से तुम्हारी चाची के बारे मे बात करनी थी.

अवी-मैं सुन रहा हू

ज़ोया- तुम्हारी मीना चाची की दिलेवेरी डेट कल की है.

अवी-हाँ

ज़ोया-तो तुम अपनी चाची का ख़याल रखो, दर्द कभी भी हो सकता है. आज रात मे भी हो सकता है.वैसे उस रूम मे कॅमरा है पर तुम रात मे बीच बीच मे उठ कर देखते रहना.

अवी-मैं सोउंगा ही नही,

ज़ोया-बस देखते रहना, वैसे माला तो है वही पर, और ज़ोया ने स्माइल की

अवी-मुझे अकेला देख कर मेरी मदद कर रही है.

ज़ोया-पता है मुझे,वैसे क्रीम का कुछ असर हुआ है कि नही

अवी-मेरे बारे मे बाद मे बात करेंगे, आप बस चाची को देखिए

ज़ोया-तुम चाची की टेन्षन मत लो ,सारा और मैं हू ना. अब तुम जाओ अपनी चाची के पास

फिर मैं चाची के पास आ गया.

मैं ने माला को कहा कि हम आल्टरनेट सोएंगे. पहले तुम सो जाओ बाद मे मैं सो जाउन्गा.

ऐसे 1 1 गाँते के सोते हुए मैं चाची का द्यांन रख रहा था. चाची को रात मे दर्द नही हुआ.

12थ डे

मैं ने कल की तरह आज भी छोटी चाची के सर पर किस करके जगाया

अवी- कैसा लग रहा है

सी चाची-अब तुम्हे मैं क्या बताऊ कि कैसा लग रहा है.

मैं ने चाची के पेट हाथ घुमाया

अवी-चाची आपका पेट तो बहुत बड़ा हो गया है

सी चाची-सच मे बढ़ा हुआ है

अवी-मुझे तो यही लग रहा है ,वैसे चाची मुझे लग रहा है कि आपके पेट मे 2 जुड़वा है

सी चाची-नही रे, सिर्फ़ एक है

अवी-एक ,मुझे तो 2 चाहिए थे

सी चाची-पर अभी तो मेरे पेट मे सिर्फ़ एक बचा है. सोनोग्राफी की रिपोर्ट नही देखी तुम ने

अवी-पर मुझे तो 2 चाहिए

सी चाची-तुझे तो 3 मिल रहे है. सुमन दीदी और सीमा दीदी और मुझेसे

अवी-मुझे आप से 2 चाहिए

सी चाची-फिर से माँ बना...सुमन दीदी की तरफ देखते हुए इस बात पर बाद मे बात करेंगे.

अवी-मैं तो मज़ाक कर रहा हू.

सी चाची-मज़ाक, पर अब तो मुझे एक और बार माँ....

अवी-एक और बार क्या जितनी बार बन ना है बना दूँगा.

सी चाची-बड़ा आया, चल जा दीदी को उठा दे

अवी-अभी उठा ता हू

और मैं ने बड़ी चाची और सीमा चाची को नींद से जगाया. और फिर माला को भी नींद से जगाया.

 
अपडेट 300

सारा ने छोटी चाची को अच्छे से चेक किया और चली गयी. माला भी अपने घर चली गयी.

फिर मैं ने चाची को नाश्ता करवाया और चाचा के आने के बाद मैं सारा के पास चला गया.

सारा-तुम यहाँ, मुझे लगा कि तुम आज अपनी चाची के पास रुकोंगे

अवी-वो तो रुकुंगा ही. मैं आप से पूछने आया था कि चाची को दर्द सुरू कब होगा.

सारा-हंसते हुए ,हो जाएगा

अवी-डेट तो आज की है.

सारा-डेट मे प्लस माइनस 5 दिन हो जाते है. जब दर्द होना सुरू हो जाएगा तब हम देख लेंगे.

अवी-मैं बस यही पूछने आया था.अब चलता हू

सारा-घर या चाची के पास

अवी-चाची के पास

फिर मैं चाची के पास चला गया.

आज घर जाने का मन नही हो रहा था.मैं हॉस्पिटल मे रुक गया.

स्वेता दीदी, पूनम दीदी और सीतल दीदी आज कॉलेज नही गयी. वो आज दिन भर हॉस्पिटल मे रुकने के लिए आई थी.

समय बीत रहा था. मैं कभी चाची की तरफ देखता तो कभी घड़ी की तरफ

मुझे समझ नही रहा था कि मुझे क्या हो रहा है. मेरा दिल बेचैन हो रहा था. डर लग रहा था.खुशी हो रही थी, एक अजीब सी हलचल सुरू थी मेरे दिमाग़ मे,

पता नही मुझे क्या हो रहा था. कभी मैं बैठ जाता तो ,कभी बाते सुनकर चाची की तरफ देखता कही चाची को दर्द होना तो सुरू नही हुआ.

वैसे स्वेता दीदी सब संभाल रही थी.

मुझे रात भर जागना था, इस लिए मैं 2.00 बजे घर चला गया. और थोड़ी देर आराम किया. पर बार बार चाची का ख़याल दिमाग़ मे आ रहा था.बार बार मैं मोबाइल की तरफ देख रहा था.

स्वेता दी का कॉल आएगा और मुझे जल्दी हॉस्पिटल जाना होगा. बस मैं मोबाइल की तरफ देख रहा था.

थोड़ी देर सोने के बाद मैं 5.00 बजे हॉस्पिटल चला गया.

मेरे आने के बाद स्वेता दीदी थोड़ी देर रुक कर रोहन ने के साथ घर चली गयी.

मैं छोटी चाची के पास रुक गया.

फिर शाम 8.00 बजे माला आ गयी. माला को चाची के पास रुकने को कहा और मैं चाचा को लेकर घर चला गया और जल्दी से खाना लेकर वापस आ गया.

ज़ोया ने चाची को चेक किया और चली गयी. मैं ने आज चाची के साथ खाना खा लिया. फिर थोड़ी देर बाद चाची सो गयी.

माला को रूम मे रुकने को कह कर ज़ोया के पास चला गया.

अवी-आज भी चाची को दर्द सुरू नही हुआ

ज़ोया-हो जाएगा. लगता है पापा बन ने की जल्दी है तुम्हे.

अवी-वो बात नही है. अगर छोटी चाची और सीमा चाची को एक साथ दर्द सुरू हो गया तो हम क्या करेंगे

ज़ोया-तो क्या हुआ. हम भी तो 2 है. सारा और मैं हू ना.सब संभाल लेंगे

अवी-और अगर तीनो चाची को एक साथ दर्द सुरू हुआ तो

ज़ोया-हम हर बात के लिए तय्यार रहते है. तुम टेन्षन मत लो

अवी-मेरी चाची है मैं टेन्षन नही लूँगा तो कौन लेगा

ज़ोया-तीनो को एक साथ दर्द हुआ तो हम दूसरे हॉस्पिटल से डॉक्टर बुलाते है.अब जाओ ,देखो , अपनी चाचियों को.

ज़ोया के साथ 2 3 मिनट बाते करने के बाद मैं वापस चाची के रूम मे आ गया.

चाची आराम से सो रही थी. माला भी थोड़ी देर बाद सो गयी.

पर आज मुझे नींद नही आ रही थी. अगर चाची को दर्द होना सुरू हो गया तो.मैं रात भर रूम मे बैठा रहा तो कभी मोबाइल पे गेम खेलने लगा.तो कभी घड़ी को देखते हुए चाची का ध्यान रख रहा था.

मैं रात भर रूम मे इधर से उधर घूमता रहा. रात भर मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था.

13थ डे

देखते देखते दिन निकलना सुरू हो गया.करीब सुबह के 5.00 बज रहे थे कि छोटी चाची की नींद खुल गयी.

छोटी चाची की आँख खुलते ही मैं छोटी चाची के पास चला गया.

छोटी चाची बेड से उतरना चाहती थी. छोटी चाची जैसे ही बेड से उतर रही थी की छोटी चाची के मुँह से एक चीख निकल गयी.

छोटी चाची ने अपने पेट पर हाथ रख दिए. छोटी चाची को दर्द होना सुरू हो गया.

मैं ने माला को जल्दी से जगाया.

माला ने छोटी चाची को देखा और समझ गयी कि अब क्या करना है. माला ने बेल बजा दी

छोटी चाची की चीख सुनकर बड़ी चाची और सुमन चाची भी उठ गयी.

थोड़ी देर मे 2 नर्स रूम मे आ गयी. और छोटी चाची को अपने साथ ले गयी.

बड़ी चाची और सीमा चाची समझ गयी कि क्या हो रहा है.

मैं ने स्वेता दीदी को कॉल किया और जल्दी से हॉस्पिटल आने को कहा.

करीब 20 मिनट बाद चाचा जी ,स्वेता दीदी आ गयी. स्वेता दीदी ने मुझे कहा कि तुम चाचा के साथ डेलिवरी रूम मे रूको मैं मामी के पास रुकती हू.

स्वेता दीदी बड़ी चाची के पास रुक गयी. उनको भी संभालना था.

मैं और चाचा डेलिवरी रूम के सामने बैठ गये.

थोड़ी देर मे ज़ोया और सारा डेलिवरी रूम के अंदर चली गयी. चाचा और मैं बाहर रुक कर खुश खबरी सुन ने का इंतज़ार करने लगे.

30 मिनट के बाद पूनम दीदी, सीतल दीदी,और ज्योति बुआ टॅक्सी से हॉस्पिटल मे आ गयी.

ज्योति बुआ बड़ी चाची के पास चली गयी. और स्वेता दीदी हमारे पास आ गयी.

सब की नज़र डेलिवरी रूम के गेट पर थी. कि कब गेट खुलेगा और कब खुश खबरी सुन ने को मिलेंगी .

चाचा जी अपने आँख बंद करके भगवान का नाम ले रहे थे. बीच बीच मे कह रहे थे कि बेटा हो ,भगवान बेटा हो.

मुझे चाचा जी पर गुस्सा आ रहा था. क्या बेटा और क्या बेटी दोनो एक जैसे है.

चाचा को बस इतना कहना चाहिए था कि बस मैं बाप बन जाउ.

1 घंटे के बाद रोहन अपनी भाभी के साथ हॉस्पिटल आ गया.

मेरी धड़कने बढ़ रही थी. जैसे जैसे समय लग रहा था मेरी बैचेनी बढ़ रही थी.

हम इधर से उधर चल रहे थे. सीतल दीदी कभी हमारे पास रुकती तो कभी बड़ी चाची के पास जाकर इधर का हाल बता देती.

2 घंटे के बाद डेलिवरी रूम का गेट खुल गया और ज़ोया बाहर आ गयी.

हम सब ज़ोया की तरफ देखने लगे.

ज़ोया-बेटा हुआ है

ये सुनकर हम सब उछल पड़े. मैं तो सबसे ज़्यादा खुश था पर बेटा होने से तो चाचा डॅन्स करने लगे.

मुझे चाचा जी पर गुस्सा आ रहा था पर छोटी चाची की खुशी के सामने मैं भी गुस्सा होने की बजाय खुश हो रहा था

स्वेता दीदी खुश खबरी सुनकर रोहन के गले लग गयी.

सीतल तो भागते हुए बड़ी चाची के पास चली गयी और बड़ी चाची और सीमा चाची को बता दिया कि छोटी चाची को बेटा हुआ है.

बड़ी चाची और सीमा चाची खुश हो गयी. मैं भी बड़ी चाची के पास आ गया. और उनको खुशख़बरी सुना दी,

स्वेता दीदी ने भी यही किया. पूनम दीदी भी सब को खुशकाबारी सुना रही थी.

हम तो खुशकाबारी सुनकर बहुत खुश थे. हॉस्पिटल मे जो मिल रहा था उसे बता रहे थे.

चाचा के चेहरे पे खुशी इस लिए थी कि बेटा हुआ है. मुझे लग रहा था कि चाचा के पास जाउ और उनको एक जोरदार थप्पड़ मारू,

करीब 5 घंटे के बाद हमे चाची से मिलने की इजाज़त मिल गयी. हम एक एक करके रूम मे चले गये.

सबसे पहले मैं ने चाचा को जाने दिया.

फिर मैं छोटी चाची को मिलने चला गया. छोटी चाची सो रही थी.

सोते हुए भी चाची के चेहरे पे खुशी थी.मैं ने छोटी चाची के सर पर किस किया और फिर अपने बेटे को किस किया.

छोटी चाची इतनी खुश थी कि बताने के लिए मेरे पास वर्ड नही है.

फिर शाम को चाची को अपने रूम मे शिफ्ट कर दिया.

मैं सब को फोन करके खुश खबरी दे रहा था.

 


अपडेट 301

दिन कैसे चला गया पता भी नही चला. रात भी निकल गयी.

अब हमारी ज़िंदगी मे खुशिया आने की शुरुआत हो गयी.

कितने दिनो के बाद हम सब के चेहरे पे खुशी दिख रही थी.

छोटी चाची के नयी ज़िंदगी की शुरुआत हो गयी.

दिन भर छोटी चाची को कोई ना कोई मिलने आ रहा था .

पहले रोहन के घर से रोहन की फॅमिली मिलने के लिए आ गयी. 2 3 घंटे के बाद रोहन की फॅमिली चली गई.

फिर 5.00 बजे तक पूजा बुआ और नीता बुआ छोटी चाची और नये मेहमान को देखने के लिए आ गयी.

नेहा बुआ आज नही आई. मुझे नेहा बुआ पर गुस्सा आ रहा था पर जब देखा कि राज ,लीना, कविता और कोमल भी नही आए .तब लगा कि नेहा बुआ उन सब को देख रही होगी.

फिर रात मे पूजा बुआ और नीता बुआ ज्योति बुआ के घर सोने के लिए चली गयी.

मैं ने माला को खुश खबरी सुना दी. माला को पता था फिर भी मैं ने उसे बता दिया.उस ने मेरी बहुत मदद की और आगे भी करने वाली थी.

आज रात मे मैं थोड़ी देर के लिए सो गया.ज़ोया और सारा से बाते करने का मोका नही मिल रहा था.

सारा और ज़ोया के कॅबिन मे जाना बंद हो गया था.

14थ डे

मैं सुबह उठ गया .सब से पहले छोटी चाची की नींद खुल गयी.

फिर मैं ने बड़ी चाची और सीमा चाची को जगाया.

हम उठ कर फ्रेश हो रहे थे कि सुबह 6.00 बजे पूजा बुआ और नीता बुआ हॉस्पिटल मे आ गयी.

बुआ को इतनी सुबह हॉस्पिटल मे देख कर मैं खुश हो गया.

पूजा बुआ ने आते ही मुझे पपीता लाने को कहा और छोटी चाची को फ्रेश होने मे मदद करने लगी.

नीता बुआ ने बड़ी चाची और सीमा चाची का ध्यान रखना सुरू किया.

सुबह पपीता लाने मे मुश्किल हो गयी. पर मैं ने ज़्यादा पैसे दे कर जहाँ से रोज फ्रूट खरीदता था वहाँ से पपीता लेकर हॉस्पिटल आ गया.

पूजा बुआ ने छोटी चाची को पपीता खाने को दिया और बड़ी चाची और सीमा चाची को दूसरे फ्रूट खाने को दिए

फिर चाचा और स्वेता दीदी आ गयी.

सारा इतने लोगो को हॉस्पिटल मे देख कर नाराज़ थी.

सारा ने मुझे अपने कॅबिन मे बुलाया.मैं सारा के पास चला गया.

अवी-आपने मुझे बुलाया

सारा-हाँ, एक बात करनी है

अवी-हाँ बोलिए

सारा-हॉस्पिटल मे इतने लोग नही रुक सकते ,हम सिर्फ़ 2 लोगो की इजाज़त दे सकते है. उस से ज़्यादा नही

अवी-मेरे लिए

सारा-तुम हो इसी लिए 2 लोग बोले है

अवी-और मैं

सारा-तुम्हे छोड़ कर, तुम समझ तो रहे हो ना. ये हॉस्पिटल है इतने लोगो से बाकी पेशेंट डिस्ट्रब हो जाते है

अवी-मुझे पता है. यहाँ पर सिर्फ़ 2 लोग रहेंगे और एक मैं

सारा-ज़्यादा लोग होने से तुम्हारी सीमा चाची को परेशानी होगी

अवी-मैं चाचा और स्वेता दीदी को घर भेज देता हू. पर छोटी चाची को देखने लिए लोग आएँगे उनका क्या

सारा-उनको 1 घंटे की इजाज़त दे रही हू. तुम्हारी वजह से.पर आवाज़ नही होनी चाहिए

अवी-थॅंक्स

फिर मैं ने चाचा और स्वेता दीदी घर भेज दिया.

आज नेहा बुआ कोमल, कविता ,राज और लीना के साथ छोटी चाची को मिलने आ गये .

कोमल ने आते ही मुझे गले लगा लिया. और थोड़ी देर मेरे गले लगी रही.

फिर कोमल ने मुझे छोड़ दिया और मुझ से बिना बात किए छोटी चाची को देखने लगी.

इन सब को 15 मिनट छोटी चाची से मिलने दिया उसके बाद नेहा बुआ को ज्योति बुआ के घर चले जाने को कहा.

दोपहर मे छोटी चाची के माता पिता और उनकी फॅमिली छोटी चाची को देखने के लिए आ गयी.

वो सब 15 लोग थे. पूरा हॉस्पिटल जैसे भर गया था. पर ज़ोया और सारा ने मेरे कहने पर सब को 1 घंटे की इजाज़त दी थी.

6 साल मे मैं पहली बार छोटी चाची की फॅमिली को देख रहा था. छोटी चाची की बहन से मिला था पर माता पिता से आज पहली बार मिल रहा था.

छोटी चाची की माँ को मैं छोटी चाची की बड़ी बहन समझ रहा था. पर जब छोटी चाची ने मेरी पहचान करवाई तब पता चला कि वो छोटी चाची की माँ है.

उन सब को एक एक करके छोटी चाची से मिलवाया . फिर रोहन और मैं ने छोटी चाची की फॅमिली के रहने का इंतज़ाम कर दिया. चाची को मिलने के बाद वो सब होटेल मे रहने के लिए चले गये.

 


अपडेट 301 ए

आज फिर मुझे रात भर बिना सोए रहना था. क्यू कि कल का दिन सीमा चाची के लिए खुशी लाने वाला दिन था.

छोटी चाची की डेलिवरी एक दिन देर से हुई. पता नही सीमा चाची के साथ क्या होगा.

सीमा चाची की रिपोर्ट देखते हुए मैं आज कुछ ज़्यादा ही बेचैन था.

पर वो अच्छा हुआ कि पूजा बुआ मेरे साथ हॉस्पिटल मे रुक गयी.

पूजा बुआ सब से बड़ी थी.उनको अपनी ज़िम्मेदारी पता थी.

मैं और पूजा बुआ रात भर बाते करते रहे.

ना पूजा बुआ सोई और ना मैं सोया ,

रात भर मैं पूजा बुआ के साथ बाते कर रहा था पर पूजा बुआ ने एक बार भी चुदाई के बारे मे बात नही की.

उनको पता था कि किस समय क्या करना होता है.इसी को बड़ा होना कहते है

पूजा बुआ मुझे 12 दिन मे क्या क्या हुआ वो पूछने लगी. मैं ने चाची के बारे मे बता दिया.

पूजा बुआ रुकने की वजह से माला अपने रूम मे जाकर चाची पर नज़र रख रही थी.

15थ डे

फिर से नया दिन सुरू हो गया

नये मेहमान ने रो रो कर सब को जगा दिया. छोटी चाची अपने बेटे को दूध पिलाने लगी.

पूजा बुआ थक गयी थी. दिन और रात भर वो चाची का ख़याल रख रही थी.

नीता बुआ भी जल्दी आ गयी.

सीमा चाची नये मेहमान को देखने के लिए उठ कर बैठी थी कि सीमा चाची को दर्द होना सुरू हो गया.

ठीक उसी समय सारा चेक करने के लिए आई थी. सीमा चाची का दर्द सुरू होते ही ,माला सीमा चाची को डेलिवरी रूम मे ले गयी.

ज़ोया और सारा भी डेलिवरी रूम मे चली गयी.

सीमा चाची छोटी चाची से ज़्यादा चिल्ला रही थी.

हम बाहर रुक कर फिर से खुश खबरी सुनने का इंतज़ार करने लगे.

इस बार धड़कने कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से चल रही थी.

पूजा बुआ वही पर सीमा चाची के बेड पर लेट गयी.

स्वेता दीदी और नीता बुआ बड़ी चाची और छोटी चाची के पास थी.

बाकी हम सब और नेहा बुआ डेलिवरी रूम के पास थे.

नेहा बुआ ने राज,कविता,कोमल और लीना को ज्योति बुआ के घर पे रुकने को कहा.

छोटी चाची की डेलिवरी 2 घंटे मे हुई थी पर सीमा चाची को डेलिवरी रूम मे गये हुए 3 घंटे हो गये.

3 घंटे, मेरे दिमाग़ मे अजीब अजीब ख़याल आ रहे थे. मैं अपनी जगह से उठ कर डेलिवरी रूम के गेट के पास जाता और फिर वापस आ कर अपनी जगह बैठ जाता.

घड़ी अपनी रफ़्तार से चल रही थी. जैसे जैसे घड़ी चल रही थी वैसे वैसे मेरी धड़कने तेज हो रही थी.

मैं ने चाचा की तरफ देखा,वो आराम से बैठे थे जैसे कुछ हुआ ही नही हो.

उनके चेहरे पे कोई टेन्षन नही था .

बस फिर से भगवान से बेटा होने ही दुआ कर रहे थे.

मुझे इस बार ज़्यादा गुस्सा आया. मैं चाचा की तरफ जा रहा था कि डेलिवरी रूम का गेट खुल गया.

4 घंटे के बाद सारा बाहर आ गयी.

मैं सारा की तरफ देखने लगा.

सारा-बेटी हुई है.

बेटी नाम सुनकर मैं खुश हो गया.हम सब खुश हो गये .

घर मे लक्ष्मी आई. चाचा भी खुश हो गये पर उतना नही जितना छोटी चाची को बेटा हुआ सुनकर हुए थे.

मुझे कोई फरक नही पड़ता था कि बेटा हुआ कि बेटी, मैं तो बाप बन गया. चाची को खुशी मिली, बस यही मुझे चाहिए था.

बेटी, हमारे घर मे लक्ष्मी आई,

मैं भागते हुए चाची के रूम मे गया.

अवी-बेटी हुई है

मेरी बात सुनकर बड़ी चाची और छोटी चाची खुश हो गयी.

नीता बुआ-सीमा कैसी है

अवी-चाची ठीक है,(डॉक्टर ने बड़ी चाची के सामने कुछ कहने से मना किया था)

फिर हमे नन्ही परी कब देखने को मिलेगी इसी इंतज़ार मे थे.

खुशख़बरी सुन ने के 3 घंटे के बाद हमे सीमा चाची से मिलने दिया गया

सीमा चाची की हालत नाज़ुक थी

फिर हम एक एक करके सीमा चाची और नन्ही परी को देखने के लिए रूम मे चले गये.

मैं ने सीमा चाची के सर पर एक किस किया और फिर नन्ही परी को किस किया.

सीमा चाची को एक दिन के लिए (आज के लिए)स्पेशल रूम मे रखा गया.

 


अपडेट 301बी

आज हम सब खुश थे, आज हमारी लाइफ मे एक और मेहमान आया था.

सीमा चाची को स्पेशल रूम मे रखा गया.

बड़ी चाची के पूछने पे मैं ने बताया कि कुछ टेस्ट करने के लिए सीमा चाची को स्पेशल रूम मे रखा गया है.

आज मैं रिलॅक्स था. बड़ी चाची की डेलिवरी परसो थी.

रात मे पूजा बुआ सीमा चाची के बेड पर सो गयी और मैं सोफे पर सो गया.

16थ डे

हमे अब अलार्म की ज़रूरत नही थी. छोटी चाची के बेटे ने रो कर हमे जगा दिया.

पूजा बुआ ने उठ ते ही अपना काम सुरू किया.

नीता बुआ और नेहा बुआ भी पूजा बुआ की मदद करने के लिए जल्दी आ गयी.

बूआयों के होने से चाचा को ज़्यादा टेन्षन नही थी. वो अपने तरीके से और समय पर हॉस्पिटल आते और घर चले जाते,

मैं तो 2 3 दिन से घर सिर्फ़ एक बार गया था.

सब अपने अपने काम मे लग गये.

मैं फोन करके सब को खुशख़बरी सुना रहा था.

फिर सीमा चाची के गाओं मे माता पिता को कॉल कर के खुश खबरी सुनाई.

छोटी चाची की फॅमिली चली गयी पर छोटी चाची की माँ और भाई रुक गये थे.

दोपहर मे नेहा बुआ राज ,कविता,लीना और कोमल सीमा चाची से मिलने हॉस्पिटल आ गये.

मुझे इतने काम थे कि मैं कोमल से बात भी नही कर पाया.

आज का दिन भी कैसे चला गया पता नही चला

सीमा चाची को शाम मे चाची के रूम मे शिफ्ट किया गया.

मुझे कल एक बहन मिली, मुझे कल एक बेटी मिली

सीमा चाची की डेलिवरी ठीक हुई. ज़्यादा प्राब्लम नही आया.

पूजा बुआ फिर से अपने काम मे लग गयी. चाची को पपीता खिलाने लगी

नीता बुआ लड्डू लाई थी. मैं ने नीता बुआ से पूछा कि ये किस लिए. तो नीता बुआ ने कहा कि ये माँ को दिया जाता है.बीच मे पूजा बुआ ने टोक दिया और मुझे डाँट कर भगा दिया.

आज रात मे मुझे फिर जागना था. पूजा बुआ छोटी चाची और सीमा चाची का ध्यान रख रही थी. रात मे बच्चे रोने लग जाते ,तो पूजा बुआ उनको संभाल लेती.

मैं बड़ी चाची का ध्यान रखने लगा.कल बड़ी चाची का दिन था.

17 थ डे

बड़ी चाची को भी सुबह दर्द होना सुरू हो गया.हम सब इसके लिए तय्यार थे.

बड़ी चाची के समय हमे 2 बार का एक्सपीरियेन्स था.

बड़ी चाची हमेशा फिट रहने वालो मे से थी. उनको ज़्यादा परेशानी नही हुई

बड़ी चाची को डेलिवरी रूम मे ले गये.हम फिर से डेलिवरी रूम के सामने खुश खबरी सुन ने के लिए खड़े हो गये.

इधर बड़ी चाची की डेलिवरी हो रही थी उधर सीमा चाची की फॅमिली आ गयी. वो भी 15 लोगो के साथ सीमा चाची को देखने आए थे.

उन मे सिर्फ़ 6 लोग सीमा चाची की फॅमिली मेंबर थे बाकी गाओं वाले लोग थे.

बड़ी चाची को देखु या इनको देखु

चाचा तो अपनी दुनिया मे रहते है. उनको कुछ बोलना मतलब गयी भैंस पानी मे

रोहन और स्वेता दीदी सीमा चाची के पास चली गयी. और मैं बड़ी चाची के पास रुक गया

ज़ोया डेलिवरी रूम से बाहर आ गयी.

ज़ोया-बेटा हुआ है

हम सब खुश हो गये .

चाचा फिर एक बार डॅन्स करने लगे. मैं अपने तीनो बच्चो के लिए खुश था.

बड़ी चाची की डेलिवरी जल्दी हो गयी. हमे जल्दी बड़ी चाची से मिलने दिया गया.

हर बार की तरह हम बड़ी चाची को मिलने गये

मैं ने बड़ी चाची के सर पे किस किया फिर अपने बेटे को किस किया.

रोहन ने सीमा चाची के फॅमिली के रहने के लिए एक होटेल बुक कर लिया.

छोटी चाची ने मुझे अपने पास बुलाया.

अवी-चाची आपने मुझे बुलाया

सी चाची-हाँ एक बात करनी थी

अवी-जी

सी चाची-सीमा दीदी के माता पिता कहाँ है

अवी-जहा आपके फॅमिली को रुकवाया था वही पर रुके है.

सी चाची-ठीक है, मेरी बात ध्यान से सुनो

अवी-जी

सी चाची-उनके रहने का पूरा खर्च तुम देना ,और उनके जाने के लिए 2 दिन बाद टिकेट निकाल कर रखना ,जब वो जाने के लिए तय्यार होंगे तब उनको टिकेट देना

अवी-ये सब

सी चाची-सीमा दीदी के माता पिता ग़रीब है. मेरी फॅमिली की तरह. पर मैं अपनी फॅमिली को पैसे दे कर मदद करती हू .पर सीमा दीदी के माता पिता हम से पैसे लेना तो दूर की बात है वो पानी तक नही पीते, मुझे पता है वो पैसे उधार लेकर यहाँ इतनी दूर आए होंगे. तुम उनको खर्च करने मत देना, बस उनका ख़याल रखना.

अवी-आप बेफिकर रहिए. मैं संभाल लूँगा.

फिर मैं ने 2 दिन बाद की टिकेट निकाल ली. और होटेल वाले को बता दिया कि उनको जो लगेगा वो बिना पैसे माँगे दे देना

इनका तो हो गया.

आज का दिन भागदौड़ वाला था.

छोटी चाची की तरह बड़ी चाची को अपने रूम मे शिफ्ट किया गया.

 
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