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मैं और मेरा परिवार

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बातें बहुत हो चुकी थी, टाइम बहुत बर्बाद कर चुका था. पता नही मामी कितनी देर यहाँ रुकने वाली है. अगर मामी जल्दी चली गयी तो ,मुझे 2 3 बार तो मामी की चुदाई करनी है.

मामी बेड पर लेट कर मुझे अपने उपर आने के लिए कह रही थी.

अब ना बात करूँगा और ना समय बर्बाद करूँगा.

मैं मामी के उपर आ गया.और मामी के गुलाबी होंठो पे मैं ने अपने होंठ रख दिए.

मामी के होंठो को अपने होंठो से छुते ही मेरे अंदर एक अलग ही जोश आ गया.

ऐसा जोश जिसमे मामी के गुलाबी होंठ का गुलबीपन मैं पीने लगा. मामी के होंठो को चूसने लगा.

मामी भी मेरा पूरा साथ देते हुए मेरे होंठो को चूसने लगी.

मामी के होंठो को चूस्ते हुए मैं लंड को मामी की चूत पर मारने लगा. जैसे कि मेरा लंड मामी की चूत मे हो और मैं धक्के मार रहा हू.

मेरा लंड मामी की चूत पर दस्तक दे रहा था .मामी लंड को चूत पर महसूस करके और गरम हो गयी और पूरे जोश के साथ मेरे होंठो को चूसने लगी.

होंठो का गुलाबी रस पीने के बाद हम एक दूसरे के मुँह मे अपनी अपनी जीभ डाल कर एक दूसरे को चूसने का मज़ा दे रहे थे.

थोड़ी देर मैं मामी के होंठो का रास्पान करता रहा.

अब बारी थी मामी के बूब्स की ,मामी की गोल मटोल ,पके हुए आम नंगे मेरे सामने थे. पहले मैं आँखे से उसका लुफ्त उठाने लगा.

मामी के बूब्स टाइट लग रहे थे, शायद मामा मामी के आम को अच्छे से मसल्ते नही होगे. पहले मैं ने मामी के बूब्स को हाथो से दबा कर पक्का हुआ आम बनाने का फ़ैसला किया.

मैं ने अपना हाथ मामी के बूब्स पर रख कर मसल्ने लगा. और दूसरी बूब्स के निपल को अपने मुँह मे लेकर चूसने लगा.

एक बूब्स पर हाथ और दूसरे बूब्स का निपल मुँह मे, इस वजह से मामी मस्ती मे आहे भरने लगी.

आआआहह माँ ,क्या चूस्ता है तू ,ऐसे ही आअहह, तेरे आअहह मेरा पानी निकाल दिया ....चूस पी जा .....खा जा....मेरे पति ....मुझे चोद....आआहह....अपनी बहन....आअहह...ऐसे ही

मामी की हालत बूब्स चूस ने से ही खराब हो गयी. मामी अपनी पति का गुस्सा और नफ़रत मुझसे प्यार करके निकाल रही थी.

जिसका मैं पूरा फ़ायदा ले रहा था. मामी गुस्से और प्यार की वजह से मुझे पर भारी पड़ रही थी.

मामी का हर एक अंग खा जाने का मन हो रहा था.

मामी के खूबसूरत बदन पर ये गुलाबी निपल चार चाँद लगा रहे थे.

मामी ने खुद को अच्छे से मेनटेन करके रखा था.

इस एज मे मामी का पेट बाहर निकालना चाहिए था पर ऐसा नही हुआ. मामी ने अपनी खूबसूरती को अच्छे से संभाल कर रखा हुआ था

मामी के बूब्स और मामी के चूतड़ हर किसी को मामी का दीवाना बना सकता था.और मैं देवना बन भी गया.

मामी के बूब्स चूसने से मामी आहें भर रही थी.

मामी की शीष्कारियाँ सुनकर मैं ज़ोर ज़ोर से मामी के निपल चूस ने लगा .और जानवर की तरह दूसरे बूब्स को मसल्ने लगा.

मामी मज़े ले रही थी और मैं बूब्स चूस रहा था. थोड़ी देर एक बूब्स का मज़ा लेने के बाद मैं दूसरे बूब्स का मज़ा लेना शुरू किया. जैसे पहले बूब्स को चूस रहा था और दूसरे बूब्स को मसल रहा था वैसे ही अब भी वही कर रहा था.पर इस बार बूब्स बदल दिए थे.

जिस बूब्स को मसल ने से लाल कर दिया था उसे चाटकर गीला कर रहा था और जिस बूब्स को बूब्स को पहले चूस कर गीला किया था उसे अब मसल कर लाल कर रहा था.

मैं अपनी तरीके से मज़े ले रहा था और मामी अपने तरीके से,मामी मस्ती मे अपना सर पटक रही थी.और मैं बूब्स का मज़ा ले रहा था.

मामी कभी अपने हाथ को मेरी पीठ पर दबा देती तो कभी मेरे सर को पकड़ कर अपने बूब्स पर दबा देती. तो कभी मेरे हाथ जो बूब्स मसल रहा है उस पर अपना हाथ रख कर मुझे बूब्स मसल्ने मे साथ दे रही थी.

इधर मैं बूब्स के साथ खेल रहा था और उधर कभी मेरा लंड मामी की चूत पर दस्तक देता तो कभी मामी की नाभि मे जाकर फस जाता.

मामी की नाभि ने पेट की शोभा डबल कर दी थी. गोरा पेट ,पर्फेक्ट फिगर उस पर गहरी नाभि क्या कहूँ मामी कामदेव की रति थी.

मामा ने मामी पर ज़्यादा ध्यान नही दिया जिस की वजह से मुझे डाउट था कि मामी की नाभि ज़्यादा गहरी है या चूत

मामा ने पंकज की मम्मी की चुदाई के बाद मामी पर ध्यान नही दिया होगा तभी मुझे ऐसा डाउट हो रहा है.

चलो चेक कर देखता हूँ ,चूत मे लंड से ड्रिल कर के देखता हू पर पहले पहाड़ की हवा का मज़ा लेता हू. बूब्स के साथ पूरा मज़ा करता हू

मामी ने शीष्कारियाँ लेना बंद नही किया. ऊओ तू...बस....आआहह रुक जा...नीचे..,पानी आ....ऐसे ही...ऊओ माँ...मर गयी...आअहह...दर्द ...हो...ऐसे ही...मज़ा आ...आअहह

मामी की कोई बात पूरी नही हो रही थी. मैं होने भी नही दे रहा था. मामी के कुछ बोलते ही मैं बूब्स को काट देता.

मैं मामी के बूब्स को चूस था रहा और मसल था रहा .मेरे चूसने और मसल्ने से मामी के बूब्स लाल और थूक से गीले हो गये.

अब और बूब्स को मसलता रहा तो मामी को दर्द ज़्यादा होगा और मज़ा कम होगा.

इसी लिए मैं ने नीचे जाने का फ़ैसला किया.

मामी की टाँगो को फैला दिया. टाँगे फैलने से मामी की चूत खुल गयी.

मैं ने आज तक बहुत चूत देखी, कुवारि,चुदि हुई, फटी हुई, टाइट, गुलाबी चूत,बालो वाली चूत, ,मामी की चूत भी कुछ इसी तरह की थी.या फिर कहूँ मॅरीड औरतों मे सब से बेस्ट थी.

मामी की चूत पर बाल नही थे, गुलाबी छूट थी. एक बेटी की माँ होने के बाद भी चूत टाइट लग रही थी.मामा को थॅंक्स कहना चाहिए मुझे ,मामा ने मेरे लिए मामी की चूत टाइट रखी है.

मैं मामी की चूत को देखता रहा. मामी मुझे चूत को घूरते हुए देख कर अपने हाथ से चूत को छुपाने लगी.

मैं ने मामी के हाथ चूत से हटाए. हाथ से चूत के होंठो को खोल कर चूत को देखने लगा. चूत की गहराई देखने के लिए मैं ने चूत मे उंगली डाल दी.

उंगली अंदर डाल ने के बाद बाहर निकालने का मन नही हुआ,थोड़ी देर उंगली को चूत मे रहने दिया.

फिर मैं उंगली से चूत के दाने के साथ खेलने लगा , रगड़ने लगा. दाने को छुते ही मामी पागल हो गयी ,मामी मछली की तरह तड़पने लगी, अपनी गंद हिला ने लगी.

मामी को गंद उपर नीचे हिलाने मे मुश्किल हो रही थी ,मामी अपनी गंद को गोल घुमा कर मज़े लेने लगी.

उंगली से चूत के साथ खेलने के बाद अब बारी थी चूसने की.

मामी की चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी.

मैं ने मामी की जाँघो को थोड़ा और खोल दिया जिस से मुझे चूत चूसने मे परेशानी ना हो.

मामी की चूत एकदम साफ दिखाई देने लगी.

चूत चूसने से पहले मैं मामी की चिकनी जाँघो को मसल ने लगा. मैं आँखो से चूत को चोद रहा था.

जाँघो को मसल्ने के बाद मैं ने जाँघो पर किस करना शुरू किया.

चूत मे उंगली करने के बाद चूत चूसना की बजाय मैं मामी की जाँघो पर किस कर रहा था. ऐसा करने से मामी की हालत खराब होने लगी.

सुबह से मामी की चूत मे खुजली हो रही थी.अब मामी की खुजली ख़तम करने का समय आ चुका था.

मैं ने मामी की चूत पे किस कर दिया .किस करते ही मामी के मुँह से आहह निकल गयी.

किस करने के बाद मैं अपनी जीभ मामी की चूत पर घुमाने लगा.

मामी की चूत गीली थी .मैं ने जीभ से मामी की चूत को पहले चाट कर साफ कर दिया और चूत को फिर से गीली करने के लिए चूसने लगा.

मामी जो करीब 1 घंटे से चूत के साथ कोई खेले इसका इंतज़ार कर रही थी.

मेरे चूसने से मामी को राहत मिली.पर पानी अभी निकला नही था जिस से मामी अपने चूतड़ उपर कर कर के अपनी चूत को मेरे मुँह के पास लाने लगी.

मामी की चूत उपर आने से मैं ने मामी की चूत को मुँह मे भर लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा.

मामी की चूत चूसने के बाद मैं ने अपनी जीभ को नुकीला कर के मामी की चूत मे डाल दिया. और फिर अपनी जीभ से मामी की चूत को चोदने लगा.

मामी की चूत को जीभ से चोदने के साथ मैं चूत का दाना अपने उंगली से दबाने लगा और ज़ोर ज़ोर से मामी की चूत चोदने लगा.

मामी ने अपनी गति बढ़ा दी. मामी पूरे जोश के साथ अपनी चूत मेरे मुँह पर दबा रही थी.

मामी के ऐसा करने से मुझे मज़ा और दर्द दोनो हो रहा था.मामी के उछलने से कभी कभी मेरी जीभ मेरे दाँतों मे लग जाती जिस से मुझे दर्द हो रहा था.

पर कुछ पाने के कुछ खोना पड़ता है. मामी को बीच मे रोकना ठीक नही होता.

मैं ऐसे ही जीभ से मामी को खुद दर्द ले कर मज़ा देने लगा.

मामी का पानी जल्दी निकलने वाला था जिस से मैं ने चूत चूसना जारी रखा.

थोड़ी देर मे मामी ने अपनी जाँघो से मेरे सर का कस के पकड़ लिया.

मामी ने अपने हाथ से मेरे सर को अपनी चूत पर दबा दिया.

जाँघो और हाथ की वजह से मैं हिल नही पा रहा था. मैं ने चूसना जारी रखा.

अचानक मामी का बदन अकड़ गया. मामी ने अपनी चूत उपर कर ली और 1 घंटे से जो सूनामी चूत मे रुका हुआ था वो बाहर निकल गया.

मामी की चूत का सूनामी मेरे मुँह मे चला गया.

मामी की चूत ने बहुत सारा पानी छोड़ा.मैं ने मामी का सारा पानी पी लिया.

पानी पीने के बाद मामी ने मेरे सर को छोड़ दिया.

मैं लंबी लंबी साँसे लेने लगा. मामी भी हाफ़ रही थी..

 


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मामी ने मुझे अपनी जाँघो मे पकड़ कर चूत पे दबाया था जिस से मुझे साँसे लेने मे प्राब्लम हो रही थी.

मामी का पानी पीने के बाद जब मामी ने अपनी पकड़ ढीली की तब जाके मुझे कुछ राहत मिली. मैं पानी पीने के बाद लंबी लंबी साँसे लेने लगा.

एक तरफ मैं नॉर्मल हो रहा था तो दूसरी तरफ मामी भी हाफ़ रही थी.

थोड़ी देर बाद हम दोनो नॉर्मल हो गये.

मामी के चेहरे पे संतुष्टि के निशान थे .मामी के चेहरे पे खुशी झलक रही थी.

मैं मामी की तरफ देखने लगा.

मामी मुझे कुछ इशारा कर रही थी .

मामी ने अपने एक हाथ के अंगूठे(थंब) के पास वाली उंगली तर्जनी (इंटेक्श फिंगर) फिंगर की टिप के साथ मिला दिया.

दोनो उंगली एक दूसरे को उपर के हिस्से को टच हो गयी.

दोनो उंगली ने एक गोल (सर्कल) बना लिया.

फिर मामी ने दूसरे हाथ की तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) को उस गोल(सर्कल ) मे डाल कर आगे पीछे करने लगी.

थोड़ी देर तर्जनी(इंडेक्स फिंगर) को उस गोल मे आगे पीछे करने लगी. फिर तर्जनी (इंडेक्स फिंगर)को निकाल लिया और मध्यम(मिड्ल फिंगर) को धीरे धीरे उस गोल(सर्कल) मे डालने लगी.

मध्यम (मिड्ल फिंगर) को धीरे द्धिरे गोल(सर्कल)के अंदर डाल ने के बाद थोड़ी देर मध्यम (मिड्ल फिंगर) को वैसे ही रहने दिया.और फिर मध्यम (मिड्ल फिंगर) को आगे पीछे करने लगी.

मैं सोचने लगा कि मामी आख़िर कर क्या रही है. मैं सोच रहा था कि मामी मेरी तरफ देख कर मुश्कुरा रही थी.

मामी ने मुझे फिर एक बार दिमाग़ का इस्तेमाल करने पर मज़बूर कर दिया.

मैं सोचने लगा, हम चुदाई कर रहे है.फिर मामी किस बात का इशारा कर रही थी.

एक मिनिट, हम चुदाई कर रहे है ,यही तो मामी बता रही है,तो मामी लंड को चूत मे डालने को कह रही है.

एक हाथ मतलब मामी और दूसरा हाथ मतलब मैं.

गोल(सर्कल) मतलब मामी की चूत और मध्यमा(मिड्ल फिंगर) मतलब मेरा लंड तो फिर मामी ने तर्जनी(इंडेक्स फिंगर)का इस्तेमाल क्यू किया.

मैं फिर से सोचने लगा.मामी ने तर्जनी(इंडेक्स फिंगर को ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर किया था और मध्यम(मिड्ल फिंगर)को पहले आराम से फिर थोड़ी देर रुकी उसके बाद ज़ोर से अंदर बाहर करने लगी.

मध्यम(मिड्ल फिंगर)तो लंड है और गोल(सर्कल) चूत इसमे कोई डाउट नही है.

पर ये तर्जनी प(इंडेक्स फिंगर) क्या हो सकती है.

मैं भी क्या सोच रहा हू तर्जनी तो तर्जनी है. मैं ने अपनी उंगली डाली थी ना मामी की चूत मे,

मान ना पड़ेगा मामी को.

क्या मैं मामी को बता दूं कि मैं उनके इशारो का मतलब समझ गया हू.

पर मामी कुछ पूछ थोड़ी ही रही थी मुझे, मामी तो बस मुश्कुरा कर इशारा कर रही थी. मुझे भी इसका जवाब करके दिखा कर देना होगा.

मैं ने मामी की तरफ मुश्कुरा कर देखा. मेरे मुश्कूराते ही मामी ने इशारा करना बंद किया.

फिर मैं ने अपने लंड को मामी की चूत पर रख दिया.

मामी-समझ गये मैं क्या कहना चाहती हू

अवी-हाँ

मामी-तो फिर हो जाओ शुरू

अवी-हो तो जाउन्गा ,पहले ये बताइए अब तक का सफ़र कैसा रहा

मामी-पूरी लाइफ एक तरफ और तुम्हारे साथ बिताया हुआ समय एक तरफ , तुम्हारे साथ ,क्या कहूँ, आज तक इतना अच्छा और मज़ा नही आया

अवी-और मज़ा लेना है

मामी-हाँ,

मैं मामी की टाँगो के बीच आ गया. मैं ने मामी की गंद के नीचे एक पिल्लो रख दिया.पिल्लो रखने से मामी की चूत उपर की तरफ आ गयी.

मैं ने अपना लंड मामी की चूत पर रख दिया. लंड को मामी की चूत पर रगड़ने लगा. लंड रगड़ने से ही मामी शीष्कारियाँ लेने लगी.

लंड रगड़ने से मामी फिर से गरम होने लगी.

मुझे मामी की चूत की गर्मी बर्दास्त नही हो रही थी.

मैं अपना कंट्रोल खोता जा रहा था. ऐसा लग रहा था कि एक बार मे पूरा लंड अंदर डाल दूं और पूरी गर्मी निकाल दूं

मामी की चूत मे एक साथ पूरा लंड डालु या धीरे धीरे, मामी ने इशारा करके धीरे धीरे लंड डालने को कहा था .लंड को धीरे धीरे अंदर डालता हू.

लंड तो आराम से डालूँगा पर पहला झटका जोरदार मार कर मामी को ये बताना होगा कि लंड मे कितना दम है.

ये सही रहेगा ,दोनो की इच्छा पूरी होगी.

मैं ने मामी को बताया कि मैं लंड अंदर डाल रहा हू. मामी ने मुन्डी हिला कर मुझे आगे बढ़ने को कहा.

मैं ने लंड को चूत पर रख कर एक ज़ोर दार झटका मारा. मामी की चूत गीली होने से और चिकनी होने से एक बार मे टोपा के साथ लंड करीब 4 इंच अंदर चला गया.

मेरे मोटे लंड की वजह से मामी को दर्द हुआ.मामी की चूत ने मेरे मोटे लंड को कस कर पकड़ लिया.

मामी की चूत पर मेरे लंड की मोहर लग गयी.मामी की चूत का स्वाद मेरे लंड ने चख लिया

लंड अंदर जाते ही मामी की हल्की सी चीख निकल गयी.

हल्की चीख निकलने से मैं ने एक और झटका मारा ,लंड 2 इंच और अंदर चला गया.

इस बार मामी की चीख की आवाज़ बढ़ गयी थी.

मामी की चूत अब मेरी हो गयी.मामी मेरी हो गयी.

पर मामी बस एक बार चीखी उसके बाद शांत हो गयी.

मामी ने सुबह मेरे लंड को देख कर अपना मन पक्का कर लिया था कि उनकी चूत फटने वाली है.

मामी ने मेरे लंड का हमला बर्दास्त कर लिया

मामी की हिम्मत देख कर दिल और लंड दोनो खुश हो गये

लेकिन अब आख़िरी झटका मारना बाकी था. और मैं ने आख़िरी झटका मार कर पूरा लंड मामी की चूत मे डाल दिया. मामा का लंड मेरे जितना बड़ा नही था जिस से मामी के ज़ोर दार चीख निकल गयी.

आआअहह...मार डाला तूने...क्या खा कर लंड इतना ....आअहह...इतना दर्द...कब से इस दर्द के लिए मैं ....मार डाला तूने....ये दर्द पहले क्यू नही मिला....तेरा लंड काट कर मैं अपने साथ....क्या लंड है..1 बेटी की माँ की चूत मे द...1 बेटी की माँ की चूत को फाड़ दिया...आआहह

इतना कह कर मामी ने अपनी टाँगे उपर उठा कर मेरी कमर पर लपेट ली और मुझे लंड को ऐसे ही चूत मे हमेशा के लिए रखने के लिए बोल रही थी.

आज तक जितनी चूत मुझे मिली सब को मेरा लंड हमेशा के लिए चाहिए था.

मामी दर्द से छटपटा रही थी और मुझे कस के पकड़ कर रखा था. और लंड को हिलने नही दे रही थी.

मामी ने अपनी टाँगो से मुझे पकड़ रखा था .मैं ने अपने आप को मामी के उपर गिरा दिया. अब मैं पूरी तरह से मामी से चिपक गया था

मामी से चिपक ने के बाद मुझे ऐसा लग रहा था कि मामी की चूत ने मेरे लंड को कस के पकड़ लिया हो. और लंड वही रहने की तय्यरी कर रहा है.

फिर मैं भी तब तक वैसे ही मामी से चिपका रहा जब तक मामी ने खुद अपनी गंद हिलाना शुरू नही किया.

मामी की गंद हिलाना मेरे लिए इशारा था कि मैं अब उनकी चूत को फाड़ दूं.

मामी ने अपने पैरो को मेरी कमर से अलग किया .मुझे धक्के मारने के लिए आसानी हो गयी.

मैं ने धीरे धीरे मामी की चूत मे धक्के मारना शुरू किया.मुझे मामी के साथ चुदाई का पूरा मज़ा लेना था.

हर धक्का मारते हुए मामी की आहह निकलते हुए देख रहा था

पहले तो धक्का इतने प्यार से मारने लगा जितना कभी वर्जिन चूत के साथ भी ना मारा हो.

लंड को मामी की चूत मे जाते हुए देखने मे मज़ा आ रहा था.

जैसे लंड पर ऊट की पकड़ कम हुई वैसे मैं मामी के उपर आ कर धक्के मारने लगा.

मैं धक्के मारने से साथ मामी के होंठो को चूसने लगा. मामी की गीली चूत मे आराम से लंड जा रहा था.

मेरा लंड जब चूत की गहराई मे जाता तो मामी की चूत मे कसाव आ जाता और चूत की देवार मेरे लंड से रगड़ने लगती जिस से मुझे मज़ा आ रहा था.

मामी की गरम गरम चूत मे लंड डालने मे और रगड़ने मे मज़ा आ रहा था.

मैं धीरे धीरे धक्के मार रहा था ,मामी शीष्कारियाँ लेते हुए मुझे ज़ोर दार धक्के मारने को कह रही थी.

मामी की बात सुन कर मैं ने अपने धक्को की गति तेज़ कर दी. गति बढ़ते ही मामी ने मुझे कस के पकड़ लिया. जिस से मेरा लंड मामी की चूत के दाने से रगड़ ने लगा.

मेरे साथ चुदाई करके मामी को बहुत मज़ा आ रहा था. मामी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और अपनी गंद उछाल उछाल कर लंड चूत मे ले रही है.

मज़ा लेने के साथ मामी ने पानी की बारिश की और इस बारिश के साथ मैं ने लंड बाहर निकाल कर पोज़िशन चेंज की

मामी को उल्टा लेटने को कहा था ,और पीछे से मामी की चूत मे धीरे धीरे लंड डालने लगा

इस पोज़िशन मे मामी की चूत और टाइट हो गयी थी जिस की वजह से मुझे चूत मे धक्के मारने मे मज़ा आ रहा था.

मुझे मज़ा आ रहा था पर मामी को परेशानी हो रही थी.

मैं ने मामी को एक तरफ हो कर लेटने को कहा और मामी की पीछे लेट कर मामी के एक पैर को उपर करके चूत मे लंड डाल दिया.

इस बार मामी को मेरे साथ मज़ा आने लगा. और मैं भी मामी की चूत का बॅंड बाजा बजाने लगा.

मामी को मज़ा लेते हुए देख कर मैं भी अब पूरी ताक़त लगा कर मामी को दना दन पेल रहा था.

मामी की चूत पानी पे पानी छोड़ कर बहुत गीली हो चुकी थी .मामी का पानी चूत से बाहर आ रहा था.

चूत गीली होने से मेरा लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था .

हम दोनो पूरी जी जान लगा कर चुदाई कर रहे थे जिससे मेरी और मामी की साँसे तेज़ चल रही थी.

अब फिर से पोज़िशन चेंज करके पहली पोज़िशन पे आ गये और चुदाई का मज़ा लेने लगे.

चुदाई करते हुए बहुत समय हो गया था पर ना मामी अपना जोश कम कर रही थी और ना मैं अपनी गति कम कर रहा था.

हम दोनो चुदाई का पूरा मज़ा ले रहे थे.पर ये मज़ा और ज़्यादा करने के लिए हम दोनो को एक साथ अपना अपना पानी छोड़ना था.

हम दोनो पूरी ताक़त लगाकर कर अपना पानी निकालने के करीब आते जा रहे थे.

थोड़ी देर जोरदार धक्के मारने के बाद मामी का बदन अकड़ने लगा.मेरा भी पानी निकलने वाला था. मैं ने अपनी पूरी ताक़त लगा कर आख़िर के 5 6 धक्के जोरदार मारे, ऐसा करने से मामी का पानी निकल गया और साथ मे मैं ने भी अपना वीर्य मामी की चूत मे डाल दिया. मामी का पानी बहुत ज़्यादा निकला ,मामी का पानी चूत से बाहर आने लगा साथ मे मेरा वीर्य भी बाहर आने लगा.

अपना अपना पानी निकालने के बाद हम दोनो हान्फते हुए एक दूसरे से चिपक गये..

 


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थोड़ी देर हम ऐसे ही हान्फते रहे, 10 मिनिट तक मैं मामी के उपर लेटा रहा.

मामी थोड़ी नॉर्मल हो जाने के बाद .

मामी-अब उठो मेरे उपर से ,मुझे बाथरूम जाना है

अवी-इतनी जल्दी क्या है, थोड़ी देर आपके नरम बदन पर सोने दो

मामी-बाथरूम से आने के बाद सो लेना,

अवी-दिखा है, आप फ्रेश हो जाइए मैं आपके लिए खाने का इंतज़ाम करता हू

मैं मामी के उपर से अलग हो गया. मेरा लंड मामी की चूत से निकल ने को तय्यार नही था पर क्या

करता दिल पर बड़ा पत्थर रख कर लंड को चूत से बाहर निकाला.

मामी आराम से बेड से नीचे उतर गयी. मामी के खड़ी होते ही मामी की चूत से दोनो का पानी निकलना शुरू हो गया.

मामी चूत पर हाथ रख कर बाथरूम मे चली गयी.

मामी के बाथरूम जाते ही मैं भी हॉल मे चला गया.

मैं ने दुकान से जो खाने का समान लाया था उसे 2 प्लेट मे डाल दिया. और मामी का इंतज़ार करने लगा.

जब तक मामी बाथरूम से नही आई तब तक मैने मामी के साथ जो चुदाई की थी उसको याद करने लगा.

मामी के साथ चुदाई करने मे मज़ा आया. मामी की चूत से लंड निकालने का मन नही हुआ.

मैं ने सोचा नही था कि मामी के साथ कल रात जो हुआ उसके बाद चुदाई करने को मिल जाएगी.

पर मामी अचानक मेरे पास आई कैसे. वो तो मुझसे दूर दूर रह रही थी.

मैं ने अपने दिमाग़ पर ज़्यादा ज़ोर देने की बजाय मामी के बाथरूम से आने के बाद पूछ लूँगा.

वैसे कुछ भी हो मामी के साथ चुदाई करके मज़ा आया.

पता नही मामी कितनी देर यहा रुकेंगी. पर जितनी देर भी रुके उतनी देर तक मामी की चुदाई करता रहूँगा.

मामी ने तो गंद मारने की इजाज़त भी दी है.

मामी के जाने से पहले गंद मार लूँगा. गंद मे अपना वीर्य डाल कर यहाँ से वापस भेजूँगा.

मामी के बाद शाम को मिसेज़ दूबे के साथ भी तो चुदाई करने का प्रॉमिस किया है.

कल से ,पहले आंटी,फिर काकी,अब मामी,और बाद मे मिसेज़ दूबे ,चूत ही चूत है मेरे लंड के सामने.

ये मामी को क्या हुआ है. अबी तक बाथरूम से बाहर क्यू नही आई.

मामी के साथ चुदाई करने के बाद मुझे मिसेज़ दूबे के साथ,मतलब मुझे शाम तक यही रहना होगा.

घर पर बड़ी चाची मुझे ना देख कर परेशान हो जाती है. कल भी मैं यही था और आज भी मुझे शाम तक यही रुकना होगा .

मुझे छोटी चाची को कॉल करके बता देना चाहिए.मामी तो बाथरूम मे बहुत समय ले रही है .चलो मामी के आने तक मैं छोटी चाची को कॉल कर लेता हू.

मैं ने छोटी चाची को कॉल किया.

अवी-हेलो चाची

सी चाची-हेलो,अवी कहाँ है तू,अभी तक तू आया क्यू नही

अवी-चाची मैं शहर मे हू

सी चाची- वहाँ क्या कर रहा है अब तक

अवी-चाची आपकी मदद चाहिए

सी चाची-मदद

अवी-हा,वो आज मैं रात मे घर आउन्गा

सी चाची-रात मे, इतनी देर तक वहाँ क्या करने वाले हो

अवी-एक काम पूरा करना बाकी है उसे पूरा कर के आता हू

सी चाची-कौन सा काम है, मुझे बता

अवी-मैं घर आकर बताता हू

सी चाची-ठीक है, मैं दीदी को संभाल लूँगी.वैसे कितने बजे तक आ जाओगे

अवी- शाम के 8.00 9.00 तो बज जाएँगे

सी चाची-इतनी देर, रात मे मत आना नही तो दीदी गुस्सा हो जाएगी. तुम 7.00 बजे तक घर आ जाना

अवी-7.00 बजे,ठीक है देखता हू,

सी चाची-अवी

अवी-हाँ

सी चाची-कल पार्टी मे क्या किया

अवी-वो सब घर आकर बताता हू.अब मुझे एक काम करना है .

सी चाची-ठीक है, अपना ख़याल रखना

चलो एक काम तो हो गया. शाम तक बड़ी चाची की टेन्षन नही रहेंगी.

पर ये मामी अभी तक आई क्यू नही.

मैं बाथरूम के पास जाकर नॉक किया

अवी-मामी ,

मामी-क्या है

अवी-और कितनी देर लगेगी

मामी-थोड़ी देर रुक नही सकते,

अवी-रुक तो जाउन्गा पर ये खाना ठंडा हो रहा है

मामी-तुम खाना शुरू करो मैं 10 मिनिट मे आती हू

अवी-मैं रुकता हू ,आप थोड़ा जल्दी कीजिए

मैं मामी का इंतज़ार करने लगा.

अगर मामी ऐसे ही समय बर्बाद करती रहेंगी तो कैसे चलेगा.

जितना ज़्यादा समय बर्बाद होगा उतनी कम चुदाई होगी.

ये भगवान कुछ करो मामी को जल्दी बाथरूम से बाहर भेजो

मेरे लंड ने सच्चे मन से दुआ माँगी थी .जिसका फल मुझे मिल गया.

मामी 10 मिनिट की जगह 5 मिनिट मे बाथरूम से बाहर आ गयी.

मामी बाथरूम मे मुरझाए हुए फूल की तरह

गयी थी और बाथरूम से एक ताज़ा फ्रेश फूल बन कर आ गयी.

मामी पूरी तरह से फ्रेश दिख रही थी. जैसे अब दूसरी चुदाई के लिए अभी मेरे लंड पर आकर बैठ जाएँगी.

मैं मामी को देख रहा था. और मामी ने मेरे पास आकर खाना भी शुरू कर दिया.

नयी चुदाई के लिए नयी ताक़त जमा करने के लिए खाना खाने लगी. मैं भी मामी के साथ खाना खाने लगा..

 


428

मामी और मैं ने हल्का हल्का नाश्ता कर लिया.

नाश्ता करने के बाद मैं मामी की तरफ देखने लगा. मतलब आँखो से पूछने लगा कि नेक्स्ट चुदाई कब करेंगे

मामी ने कोई इशारा नही दिया.

मैं ने फिर घड़ी की तरफ देखा ,अभी दोपहर के 12 बज रहे थे.टाइम निकालता जा रहा था. मुझे कुछ तो करना पड़ेगा

अवी-मामी आपको मज़ा आया

मामी-तुम मज़े की बात कर रहे हो मैं ने तो आज तक ऐसी चुदाई कभी नही की

अवी-मतलब आपको मेरी साथ चुदाई करने मे मज़ा आया

मामी-हाँ,बहुत मज़ा

अवी-तो फिर से करे

मामी-हाँ ,एक बार करते है

अवी-(एक बार मतलब मामी चुदाई करके चली जाएगी ,दुबारा पता नही कब मिलेगी. अगर एक बार करना है तो मामी की गंद मारता हू) आगे से हो गया अब पीछे से करते है

मामी-जहाँ से करना है वहाँ से करो

अवी-चलो फिर शुरू करते है

मामी-इस बार कहाँ से शुरू करोगे

अवी-आप कहेंगी वहाँ से करेंगे

मामी-पिछली बार एक एक कर के चूस कर मज़ा किया था,अब एक साथ चूस कर मज़ा करते है

अवी-तो ठीक है, हम 69 पोज़िशन मे करते है .

मामी-69, हाँ चलो

मैं बेड पर लेट गया और मामी मेरे उपर आ गयी.

मामी ने अपनी चूत मेरी मुँह से 2 इंच उपर रखी ताकि की मैं जिस तरह चाहूं उस तरह मामी की चूत चूस सकूँ.

उधर मामी ने मेरे लंड को अपने मुँह से चिपका दिया.

मामी की एक बार चुदाई की थी ,मामी की चूत मे मेरा और मामी का पानी होगा. मतलब मुझे ..

मैं ने मामी की चूत को हाथो से खोल कर देखा तो मामी की चूत मे मेरे पानी का नामो निशान नही था. पता नही मामी ने बाथरूम मे अपनी चूत के साथ क्या किया था पर जो भी किया था वो मेरे लिए फ़ायदा लेकर आया था.

मैं इधर मामी की चूत के बारे मे सोच रहा था और उधर मामी ने मेरे लंड को चूसना शुरू किया.

मैं ने भी मामी की चूत को चूसना शुरू कर दिया.

मैं चूत चूस रहा था और मामी मेरा लंड चूस रही थी.

एक साथ डबल मज़ा मुझे मिल रहा था और साथ मे मामी को भी डबल मज़ा मिल रहा था.

मामी के उपर के उपर के और नीचे के होंठो से एक साथ मैं खेल रहा था.

मामी की चूत के होंठो के साथ मेरी जीभ छेड़ छाड़ कर रही थी ,वही मामी के होंठो का मज़ा मेरा लंड ले रहा था

मैं मामी की चूत को चूस रहा था और उस पे किस भी कर रहा था.मैं जैसा कर रहा था वैसा मामी भी कर रही थी .मामी को लंड को चूसने के साथ बीच बीच मे किस कर रही थी.

फिर मैं मामी की चूत को मुँह मे भर कर ज़ोर ज़ोर से चूस ने लगा. मामी भी मेरे लंड को अपने हाथ मे पकड़ कर सहलाते हुए चूसने लगी.

मामी कभी लंड को मुँह मे लेकर चूस्ति तो कभी मेरे लंड के टोपे पे किस कर देती. तो कभी चाट कर लंड को टेस्ट करती

किस करने के साथ अपनी जीभ निकाल कर मेरे लंड के टोपे पर घुमा देती

मामी कभी अपनी जीभ से पूरे लंड को गीला कर देती तो कभी लंड के टोपे को गीला कर देती.

टोपे को गीला करने के बाद मामी लंड को मुँह मे लेकर मुझे मज़ा देती गयी.

पहले तो मामी ने लंड का टोपा चूसना शुरू कर दिया था फिर आधे लंड को मुँह मे लेकर चूसना शुरू किया.

मामी के लंड चूसने से मैं भी जोश मे आकर मामी की चूत चाटने लगा.

मामी तो गरम चीज़ थी और गरम चीज़ को और गरम करने मे समय ही कितना लगता है.

चूत चूसने से मामी फिर गरम हो गयी और अपने चूतड़ हिला हिला कर अपनी चूत चूस्वा रही थी और मैं भी पूरा मन लगा कर मामी का साथ दे रहा था.

मामी मेरे लंड को चूस कर गरम कर देना चाहती थी क्यू कि मैं मामी की गंद मरने वाला था और गरम चीज़ हर जगह आराम से चली जाती है.

मामी ने अचानक मेरे लंड को चूसने की गति बढ़ा दी.

एक बार तो मामी ने पूरा लंड मुँह मे ले लिया .पूरा लंड अंदर लेने से मेरा लंड मामी के हलक तक चला गया.

इधर मैं जीभ से चूत का दाना चाटने लगा

.मामी की चूत चाटने से ज़्यादा मेरा ध्यान अपना लंड चूसवाने की तरफ था.

मामी के मुँह मे जब मेरा आधा लंड जाता तब मैं नीचे से अपनी गंद उपर कर देता जिस से मेरा लंड मामी के मुँह मे आधे से ज़्यादा चला जाता.

इधर अगर मैं मामी की मुँह मे धक्के मार रहा था तो उधर मामी ने अपनी चूत मेरे मुँह मे दबा दी थी.

मैं कल रात से चुदाई कर रहा था ,और मामी ने अभी थोड़ी देर पहले चुदाई शुरू की थी.

मेरा पानी निकलने मे टाइम था पर मामी को अब कंट्रोल नही हो रहा था.

मैं अपनी ही मस्ती मे मामी की चूत चाट रहा था की मामी का बदन एक दम से अकड़ गया.

मामी ने अपनी चूत मेरे मुँह मे दबा दी और मेरे मुँह मे झड़ने लगी.मेरा पूरा मुँह मामी के पानी से भर गया.

मैं मामी का पानी पी रहा था जिस से मुझे अपने लंड का ख़याल नही आया और मामी अपना पानी निकाल रही थी जिस से मामी को भी खुद पर कंट्रोल नही रहा और मेरा पूरा लंड मामी के गले की गहराई मे चला गया.

पानी निकलने के बाद मामी का बदन दिला पड़ गया.

फिर मामी ने मेरा लंड अपने गले से निकाल लिया. मेरा लंड पूरी तरह से मामी की थूक से गीला हो गया था.

मामी मेरे उपर से अलग हो गयी. और मेरी बाजू मे आकर लेट गयी.

 


429

एक दूसरे को चूस कर मज़ा देने के बाद मामी मेरे बाजू मे लेट गयी.

मामी-तुम्हारी बीवी जो भी बनेगी वो बहुत लकी होगी.

अवी-वो क्यू?

मामी-क्यू कि तुम औरत को अच्छी तरह से मज़ा देते हो,और खुश करते हो

अवी-मेरी बीवी की बात छोड़िए,आपको मज़ा आ रहा है ना

मामी-हाँ,

अवी-थोड़ी देर बाद आपको डबल मज़ा आएगा

मामी-वो कैसे

अवी-अब मैं आपकी गंद मारने वाला हू

मामी-तो मारो ना

अवी-(एक झटके मे मान गयी) क्या आपने पहले भी अपनी गंद मे लंड लिया है

मामी-हाँ, 10 12 बार मेरे पति..मेरे बेहन्चोद पति ने मारी थी

अवी-बस 10 12 बार

मामी-हाँ,मुझे छोड़ कर बार अपनी बहन से मिलने आ जाता था.अभी मैं समझी कि वो यहाँ बार बार क्यू आते थे

अवी-जाने दो,ये बताओ किस पोज़िशन मे गंद मारू

मामी-मैं घोड़ी बनती हू और तुम घोड़ा बन जाओ

और मामी घोड़ी बन गयी.

मामी घोड़ी बनते ही मैं मामी के पीछे आ गया.

मैं ने मामी के चूतड़ पर थप्पड़ मार कर गंद मारने का पहला पार्ट शुरू किया.

मैं एक एक कर के दोनो चूतड़ पर थप्पड़ मारने लगा.

मामी अपने चूतड़ पर थप्पड़ मारने का मज़ा भी ले रही थी.

मामी के चूतड़ थप्पड़ मार कर लाल कर दिए.

फिर मैं ने मामी के चूतड़ को हाथ मे पकड़ कर फैला दिया. और मामी की गंद का छेद देखने लगा.

मामी की गंद का छेद ब्राउन कलर का था .और मामी का छेद बहुत छोटा दिख रहा था.

मैं सोचने लगा कि इतनी छोटी सी गंद के छेद मे मेरा लंड कैसे जाएगा.और जाएगा तो मुझे कितना मज़ा आएगा.

और मामी ने कहा कि उनकी गंद 10 12 बार मारी गयी है. मतलब इतने सालों मे सिर्फ़ 10 12 बार, यानी कि मामी की गंद वर्जिन गंद की तरह टाइट होगी.

मैं मामी की गंद को देखता रहा. कि मामी ने मुझे अपने ख़यालो से बाहर निकला.

मामी- बस देखने वाले हो या कुछ करोगे भी

अवी-आपकी गंद को देख रहा हू. आपकी गंद मारने मे मज़ा आएगा.

मामी-तो तेल लगाकर मारो जल्दी. मुझे भी तुम्हारा लंड गंद मे ले कर देखना

अवी-मामी मैं तेल तो लगा लूँगा पर आपको बहुत दर्द होगा.

मामी- होने दो,जो इस गंद का मालिक था वो दूसरो की मार रहा है तो मैं भी...

मैं ने मामी को बात पूरी होने से पहले रोक दिया. मैं नही चाहता था कि मामी सेनटी हो जाए.

मैं ने तेल की बॉटल लेकर तेल को मामी की गंद पर लगाने लगा .मामी के छोटे से छेद को बड़ा बनाने के काम मे लग गया.

उंगली से मामी की गंद के साथ खेलने लगा. मामी का छेद बहुता छोटा था.

मामी की गंद मामा ने मारी थी फिर भी 16 17 साल मे 10 12 बार मारने के बाद भी मामी की गंद टाइट थी.

मैं ने उंगली पर तेल डाल कर एक झटके मे 2 उंगली गंद मे डाल दी. उंगली गंद मे डालने के लिए ज़ोर लगाना पड़ा.

उंगली गंद मे जाते ही मामी की चीख निकल गयी.

मामी की बातें सुनकर मेरा जोश बढ़ गया.

और साथ मे समझ गया कि मामी मामा से कितना गुस्सा है.

मैं उंगली को फुल स्पीड से गंद मे अंदर बाहर करने लगा.

मामी मुझे रोकने की बजाय और ज़ोर से गंद फाड़ने को कह रही थी. साथ मे चिल्ला रही थी.

मुझे मामी की गंद मे उंगली करने मे बड़ा मज़ा आ रहा था. मामी भी कमर हिला-हिला कर मज़ा ले रही थी और मुझे ज़ोर से उंगली चलाने को कह रही थी.

थोड़ी देर बाद मैं ने मामी की गंद से उंगली निकाल ली.क्यू कि मेरा लंड कब से खड़ा था जिस से लंड मे दर्द हो रहा था.

फिर मैं अपने लंड पर तेल लगा कर मालिश करने लगा. लंड को चिकना करने के बाद अब बारी थी लंड को गंद मे डालने की.

मैं उठ कर घुटनो के बल मामी के पीछे बैठ गया और लंड को पकड़ कर मामी की गंद के छेद पर रख दिया.

मामी ने एक बार पीछे मूड कर देखा. और खुद को गंद मे लंड लेने के लिए तय्यार किया.

लंड को गंद पर रखने के बाद मैं ने मामी की चूतड़ को दोनो हाथो से पकड़ कर एक झटका मारा.

मामी की गंद का छेद बहुत टाइट था. गंद मारी गयी थी पर छेद छोटा था .जिस से लंड फिसल गया.

लंड का फिसलना मतलब अब मामी को ज़्यादा दर्द होगा. क्यू कि मुझे और ताक़त लगा कर लंड गंद मे डालना होगा.

पर मामी का छेद छोटा था मुझे लंड को हाथ मे पकड़ कर अंदर डालना होगा.

मैं ने मामी को चूतड़ को फैलाने को कहा. मामी ने अपने दोनो हाथो से अपने चूतड़ को खींच कर गंद के छेद को चौड़ा किया .

फिर मामी के छेद पर लंड लगा कर मैं ने झटका मारा. इस बार मैं ने थोड़ा और ज़ोर लगा कर झटका मारा था जिस से मेरा लंड का टोपा मामी की गंद के छेद मे चला गया.

आआअहह...माँ....फाड़ दे मेरी गंद को...ऐसी फाड़ कि उस बेहन्चोद को तो उसे लगना चाहिए कि गंद कैसे मारते है...फाड़ ...माँ...उंगली से क्या फाड़ रहा है लंड डाल कर फाड़ ...खून से लाल कर दे गंद को...

टोपा अंदर जाते ही मामी की चीख निकल गयी.

मामी की कसी हुई गंद ने मेरे लंड को जाकड़ लिया.

मुझे बड़ा मज़ा आया.मुझे मामी की टाइट गंद मारने को मिल रही थी.

ज़्यादा देर ऐसे सिर्फ़ टोपे को अंदर रख कर नही रह सकता था.

मैं ने दुबारा ज़ोर दार झटका दिया और मामी की गंद को चीरता हुआ मेरा आधा लंड मामी की गंद मे दाखिल हो गया.

मामी की ज़ोर से चीख उठी, “अयीई माँ, दुख़्ता है...और दुखने देने दे...निकाल बाहर...फाड़ गंद को...आआहह”

मामी कभी बाहर निकालने को कह रही थी तो कभी गंद फाड़ने को कह रही थी.

मैं कन्फ्यूज़्ड हो गया मामी की गंद मारू या नही.

थोड़ी देर सोचने के बाद मैं ने मामी की चीख पर कोई ध्यान नही देने का डिसाइड किया

और लंड को थोड़ा पीछे खींच कर ज़ोर दार झटका मारा. और मेरा लंबा लंड मामी की गंद को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर दाखिल हो गया.

इतनी टाइट गंद मे मेरा मोटा लंड जाने पर मामी का क्या हाल हुआ होगा वो मामी ही जानती थी. पर मामी की चीख ने मुझे बता दिया कि मामी को कितना दर्द हुआ होगा.

इस बार मामी ने गंद फाड़ने को नही कहा क्यू कि मामी की गंद अब फट चुकी थी.

मामी के मुँह से चीखो की बरसात होने लगी. मामी मुझे लंड बाहर निकालने को कहने लगी.

ज़्यादा तर औरतों के साथ ऐसा ही होता है पहले तो वो शेरनी की तरह लंड गंद मे डालने को कहती है पर जब लंड गंद मे जाता है तब भीगी बिल्ली की तरह रोते हुए लंड को गंद से बाहर निकालने को कहती है.

मामी भी मुझे लंड बाहर निकालने को कह रही थी. मामी बार बार अपनी कमर को हिला हिला कर मेरे लंड को बाहर निकाल ने की कोशिश कर रही थी.

मामी का ज़्यादा हिलना उनके लिए और ज़्यादा दर्द बढ़ा रहा था.

मुझे अब गंद मारने से पहले मामी का दर्द कम करना था.

मैं ने आगे को झुक कर पीछे से मामी के बूब्स को पकड़ लिया और उन्हे सहलाने लगा.

लंड अभी भी पूरा का पूरा मामी की गंद के अंदर था.

मैं मामी के बूब्स को मसल्ने लगा .कभी निपल को पकड़ कर ज़ोर से खिच लेता. जिस से मामी को गंद से ज़्यादा निपल मे दर्द महसूस होता और मामी चीख की निकल जाती.

निपल मे ज़्यादा दर्द होने से मामी गंद के दर्द को भूल जाती.

थोड़ी देर ऐसे ही मामी के बूब्स के साथ खेलने से मामी के गंद का दर्द कम होने लगा. पर गंद ने मेरे लंड पर अभी तक पकड़ रखा था.

मैं मामी के निपल के साथ खेल रहा था और मामी अपनी चूत मे उंगली करने लगी. चूत मे उंगली करने से मामी को थोड़ी राहत मिली.

गंद मे लंड डाल कर खड़े रहने मे प्राब्लम हो रही थी. और बहुत देर से मैं मामी के बूब्स के साथ खेल रहा था पर मामी का सिर्फ़ थोड़ा सा दर्द कम हुआ था.

अवी-मामी

मामी-ह्म्म्मज

अवी-दर्द कम हुआ

मामी-थोड़ा सा कम हुआ .

अवी-क्या मैं रुकु या फिर धक्के मारना शुरू करू

मामी-कुछ सोच कर, धीरे धीरे मारना शुरू करो

मामी की इजाज़त मिलते ही मैं ने अपने लंड को गंद से थोड़ा बाहर निकाला ,और लंड पर तेल डाल कर एक झटके मे अंदर डाल दिया.

मामी की चीख निकल गयी. पर मैं ने उनकी तरफ ध्यान नही दिया और फिर से लंड बाहर निकाला.

इस बार आधा लंड बाहर निकाल कर उस पे तेल डाल कर फिर एक झटके मे अंदर डाल दिया.

मामी की फिर चीख निकल गयी. मैं ने फिर से लंड को बाहर निकाला. इस बार आधे से ज़्यादा लंड बाहर निकाल कर तेल के साथ एक झटके मे अंदर डाल दिया.

मामी की फिर चीख निकल गयी. इस बार मामी पहले से ज़्यादा ज़ोर से चीखी.

मैं ने मामी पर ध्यान नही दिया और इसी तरह झटके मार कर मामी की गंद मारने लगा.

पहले आधे से कम लंड बाहर निकालता ,फिर आधा लंड बाहर निकालता ,फिर आधे से ज़्यादा लंड बाहर निकालता और एक झटके मे पूरा लंड अंदर डाल देता.

जितना ज़्यादा लंड बाहर निकालता उतना ज़्यादा मामी की चीख निकल जाती.

पर मैं झटके मारने के साथ लंड पर तेल डाल रहा था जिस से मामी की गंद मे लंड अपनी जगह बनाने लगा.

मामी का दर्द धीरे धीरे कम होने लगा. फिर मामी भी गंद मरवाने का मज़ा लेने लगी.

जब मामी की तरफ से धक्के मारने का सिग्नल मिला तो मैं ने मामी के चूतड़ पकड़ कर धीरे धीरे कमर हिला कर लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.

इतना कुछ करने के बाद भी मामी की गंद टाइट थी.

मुझे मामी की टाइट गंद चोद ने मे बड़ा मज़ा आ रहा था. अब मामी भी अपना दर्द भूल कर शीष्कारिया भरते हुए मज़ा लेने लगी.

मामी ने अपनी एक उंगली अपनी चूत मे डाल कर कमर हिलाना शुरू कर दिया. मामी की मस्ती देख कर मैं भी जोश मे आ गया और धीरे धीरे अपनी गति बढ़ाने लगा.

मेरे लंड ने थोड़ी देर मे फुल स्पीड पकड़ ली.

मैं तेज़ी से मामी की गंद मे लंड अंदर बाहर करने लगा. मामी भी पूरी तेज़ी से कमर आगे पीछे कर के मेरे लंड का मज़ा ले रही थी.

लंड ऐसे अंदर बाहर हो रहा था कि कुछ पूछो ही मत. पूरे कमरे मे चुदाई की थप थप की आवाज़ गूँज रही थी.

जब मामी के हिलते हुए चूतड़ो से मेरी जंघे टकराती थी तो मुझे और ज़्यादा मज़ा आता

मामी अब पूरे जोश मे पूरे तेज़ी से चूत मे उंगली अंदर बाहर करते हुए शीष्कारिया भर रही थी.

हम दोनो ही थक गये थे पर कोई भी रुकने का नाम नही ले रहा था. मामी मुझे बार बार चिल्ला कर मेरा जोश बढ़ा रही थी, “चोद लो...फाड़ डालो गंद को.. फाड़ दो ....अपनी बीवी समझ कर मामी की गंद फाड़ दो...आज पूरा फाड़ डालो इससे. और ज़ोर से और ज़ोर से. फाड़ कर भोसड़ा बना दो मेरी गंद का... ”

मामी की बातें सुनकर मैं पूरा का पूरा लंड बाहर खींच कर एक झटके मे अंदर डालने लगा. ऐसा करने से मामी की चीख निकलने लगती.

मामी की गंद इतनी टाइट थी कि मैं ने अभी थोड़ी देर पहले मामी की चूत मार के अपना वीर्य निकालने के बावजूद मेरा पानी निकलने के आख़िरी धक्को पर था.

मैं मामी की कमर को पकड़ कर दनादन धक्के लगाने लगा. मामी भी ज़ोर ज़ोर से आह उहह करते हुए चूतड़ आगे पीछे करके अपनी गंद मे मेरा लंड ले रही थी.

हम दोनो की साँस फूल रही थी. आकीर मेरा ज्वाला मुखी फुट गया और मैं मामी की पीठ से चिपक कर मामी की गंद मे झड गया.

मेरा पानी और मामी की चूत का पानी एक साथ निकल गया. जिस से हमारा बदन ढीला पड़ गया और हम दोनो बेड पर गिर गये..

 


430

मामी की गंद मारने के बाद मैं मामी के उपर गिर गया.

मामी की गंद ने तो मेरी पूरी ताक़त निकाल ली थी.

मेरी ही क्या, मामी की गंद ने तो मामी की भी ताक़त निचोड़ ली थी.

मेरा लंड अभी भी मामी की गंद मे था .

ना मामी मुझे गंद से लंड बाहर निकाल ने को कह रही थी. और ना मेरा मन लंड बाहर निकालने का हो रहा था.

मैं लंड को वैसे ही मामी की गंद के अंदर रख कर मामी के उपर लेटा हुआ था

मामी की पहले चूत और फिर गंद मारने मे समय का पता ही नही चला.

मामी की चूत और गंद मारने के बाद जब मैं ने टाइम देखा तो दोपेहर के 2.00 बज रहे थे.

मतलब 4 घंटे लगे मामी की चूत और गंद मारने में

4 घंटे हो गये मामी को मेरे साथ चुदाई करके ,4 घंटों से मामी मेरे साथ थी

इस का अब एक ही मतलब था कि मामी अब वापस चली जाएगी.

काश मामी आज यहाँ रुकती तो रात भर मामी की चुदाई करता.

अगर मामी यहाँ रुक गयी तो मिसेज़ दूबे ,मैं तो भूल गया कि शाम को मिसेज़ दूबे की चुदाई भी करनी है.

पर मिसेज़ दुबे से मामी के साथ चुदाई कहीं गुना मजेदार होती है

जाने दो कोई भी क्यू ना मुझे तो बस मज़ा करना है

मैं अपने ख़यालो मे था कि मैं तो मामी को भूल ही गया.

मामी तो अभी भी मेरे नीचे है. अभी तक मेरा लंड मामी की गंद मे है.

मैं ने मामी को देखा वो तो पूरी तरह से ,क्या कहूँ मामी तो पूरी तरह से कमज़ोर हो गयी थी. मामी को देख कर ऐसा लग रहा था कि आइसीयू मे पेशेंट ऑक्सिजन पे होते है उसी तरह मामी की हालत लग रही थी.

मामी लंबी लंबी साँसे ले रही थी.

एक तो मैं ने पहले मामी की चूत मारी फिर गंद मारी और अब अपना पूरा वेट मामी के उपर डाल कर लेटा हुआ था. और तो और अभी तक गंद से लंड नही निकाला था.

मामी कुछ नही बोल रही है इसका मतलब ये नही है कि मैं मामी के उपर लेटा रहूं

मामी को नॉर्मल होने के लिए मुझे मामी के उपर से अलग होना होगा.

मैं तो अलग हो जाउन्गा पर मेरे लंड का क्या, वो तो मामी की गंद से बाहर निकलने को तय्यार ही नही है

मैं अपने दिल पर पत्थर रख कर मामी के उपर से अलग हो गया. और लंड को मामी की गंद से बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकलते ही मामी ने राहत की सास ली.

मेरे अलग होते ही मामी एक तरफ मुँह करके लेट गयी.मामी पीठ के बल सो नही सकती थी जिस से वो इस तरह लेट गयी.

मुझे इसका जवाब भी मिल गया. मैं ने मामी के बूब्स की तरफ देखा वो मेरे मसल ने से टमाटर की तरह लाल हो गये थे.

बूब्स के साथ निपल का भी यही हाल था. या कहूँ कि निपल गंद की तरह हो गये थे और बूब्स की हालत चूत की तरह.

मतलब मामी के निपल का क्या हाल हुआ है ये मैं नही बता सकता था

ये सब तब हुआ जब गंद का दर्द कम करने के लिए निपल को खींच रहा था.

मैं मामी की गंद घोड़ी स्टाइल मे मार रहा था जिस से निपल को सिर्फ़ खींच रहा था ,मुझे निपल दिख नही रहे थे नही तो मैं निपल की इतनी बुरी हालत नही होने देता.

मामी ने एक बार मेरी तरफ देखा . मुझे लगा मामी मुझ पर गुसा हो जाएगी पर ऐसा नही हुआ.

मामी ने ताक़त जमा कर के बड़ी मुश्किल से मुझ से बात की

मामी-अवी

अवी-हाँ

मामी-मेरा हॅंड बॅग देना ज़रा

मैं ने मामी को हॅंड बॅग दे दी

मामी ने हॅंड बॅग से पहले एक गोली(टॅबलेट) निकाली

मामी के टॅबलेट निकालते ही मैं ने टेबल पर रखा हुआ पानी मामी को दे दिया

मामी ने बिना पानी के गोली खा ली. ऐसा करने की एक वजह थी, अगर मामी गोली पानी के साथ खाती तो मामी को उठ कर बैठना पड़ता. और बैठने का मतलब है गंद मे फिर से दर्द होना.

गोली खाने के बाद मामी ने बॅग से एक आयिल की बॉटल निकाली.

मुझे पता नही था कि वो क्या है.

मामी ने वो आयिल धीरे धीरे अपने बूब्स पर लगाया.

मामी ने अच्छे तरीके से आयिल बूब्स और निपल पर लगा लिया.

फिर आयिल को अपने हाथ पे लेकर गंद के छेद पर लगाने लगी.

हाथ से लगाने से मामी को दर्द हो रहा था पर मामी ने बड़े आराम से गंद पर आयिल लगा लिया.

फिर थोडा सा आयिल अपनी चूत पर लगा लिया.

मामी अपना काम कर रही थी और मैं अपने ख्यालों मे खोया था

मामी की गंद अगर एक और बार मिल जाए तो ,पर मुझे नही लग रहा था मामी की गंद मुझे फिर मारने मिल सकती है

पर एक काम हो सकता, रियल में नही तो कम से कम सपने मे तो मामी की गंद मार सकता हू.

मामी की गंद मारने के लिए मैं ने अपनी आँखे बाद कर ली.

रात मे आंटी की चुदाई, उसके बाद काकी की 2 बार चुदाई फिर रात मे देर से सोना.

सुबह मामी का जल्दी आना, फिर मामी की चूत मारना, उसके बाद गंद मारना.

इतनी सर्कस के बाद मुझे आँखे बंद करते ही नींद आ गयी.

मुझे एक बात पता थी कि मेरे आँखे खोलने के बाद मामी यहाँ पर नही दिखेगी.

मेरे सोने के बाद मामी यहाँ से चली जाएगी.

मामी जाएगी तो जाने दो पर जाने से पहले एक बार सपने मे मामी की गंद तो मार ही लूँगा.

मामी अपना काम कर रही थी और मैं अपना काम कर रहा था

मामी गंद पर आयिल लगा रही थी और मैं सपनो मे मामी की गंद मार रहा था.

जिस तरह रियल मे मामी की गंद मारी थी वैसे ही सपनो मे मैं मामी की गंद मार रहा था.

सपनो मे ऐसा लग रहा था कि मामी की गंद जितनी बार मैं मार रहा था उतनी बार मुझे ऐसा लगता कि मामी की गंद और टाइट हो गयी है.

मामी तो सपनो मे भी मुझे पूरा मज़ा दे रही थी.

मैं सपनो मे मामी की गंद मार रहा था पर रियल मे क्या हो रहा है इसके बारे मे मुझे पता नही था

मामी चली गयी या नही गयी, मुझे कुछ पता नही था, मैं तो बस सपनो मे मामी की गंद मारने का मज़ा ले रहा था..

 


431

मैं ने सपने मे मामी की एक बार गंद मारी.

जिस तरह मामी की रियल मे गंद मारी थी उसी तरह सपने मे मामी की गंद मारी

रियल मे मामी की गंद मारने के बाद मैं मामी की उपर लेट गया था ठीक उसी तरह सपने मे मैं मामी की गंद मे लंड डाल कर उनके उपर लेट गया.

मैं मामी की गंद को दुबारा मार कर मज़े ले रहा था.

जैसे मामी ने गंद मरवाने के बाद बूब्स, गंद और चूत पर आयिल लगाया था वैसे ही सपने मे मामी ने आयिल लगाया.

रियल मे मामी ने उसके बाद क्या किया था वो मुझे पता नही ,मामी उसके बाद चली गयी ये भी मुझे पता नही था. मैं तो सो रहा था.

पर सपने मे आयिल लगाने के बाद क्या हुआ ये मुझे पता था.

मामी सपने मे आयिल लगाने के बाद वैसे ही सो गयी.

फिर शाम को मामी उठ कर बाथरूम मे जा कर फ्रेश हो गयी.

फ्रेश हो जाने के बाद मामी वापस मेरे पास आ गयी.

मैं पीठ के बाल सो रहा था. और मेरा लंड खड़ा था.

सपने मे मामी की गंद मारने के बाद मैं वैसे ही सो गया था.

सपने मे मैं सो रहा था, पता नही वहाँ क्या देख रहा था जो सोते हुए लंड खड़ा हो गया.

मामी ने मेरे लंड को पहले पानी और फिर कपड़े से साफ किया.

मामी के इतना करने के बाद भी मैं सपने मे सो रहा था.

फिर मामी ने सपने मे वो किया जो मैं रियल लाइफ मे हो ऐसा सोच रहा था.

मामी ने मेरे लंड के टोपे को जीभ से चाट कर साफ किया. फिर भी सपने मे मैं सोता रहा.

मामी ने लंड के टोपे को जीभ से चाटने के बाद पूरे लंड को उपर से लेके नीचे तक चाट लिया.

मामी ने ना सिर्फ़ लंड को चाटा बल्कि मामी अंदो को भी चाट कर मज़ा ले रही थी.

फिर मामी ने लंड को हाथ मे पकड़ कर एक दो बार हिलाया.

मामी के इतना करने के बाद भी मैं सपने मे सो रहा था. पता नही मैं सपने के सपने मे ऐसा क्या देख रहा था जो मेरी नींद नही खुली

मामी अपना काम कर रही थी और मैं सपने मे आराम से सो रहा था.

फिर मामी ने लंड को मुँह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया.

मामी मज़े लेते हुए लंड को चूस रही थी.

मामी की गंद मारने के बाद भी मामी मे इतनी ताक़त कहाँ से आ गयी जो मेरा लंड चूस रही है

शायद वो सब उस आयिल का कमाल होगा.या फिर उस गोली का कमाल हो

काश रियल मे ऐसा होता तो और ज़्यादा मज़ा आता.

मामी अपने काम मे लगी हुई थी.

पर अब इतनी देर हो गयी मामी मेरा लंड चूस रही थी फिर भी सपने मे मेरी नींद नही खुली

अब तो मामी को भी गुस्सा आ गया ,

मामी इतनी प्यार से मुझे जगा रही थी और मैं था कि उठने का नाम नही ले रहा था.

अब मामी को मेरा ऐसे सोना बर्दास्त नही हुआ. मामी ने सपने मे मेरा लंड चूसना बंद किया

और लंड को मुँह से बाहर निकाल कर मेरे आंडो को को हाथो मे लेकर ज़ोर से दबा दिया.

मामी के आंडो को ज़ोर से दबाने से मेरी सपने मे नींद खुल गयी और साथ ही रियल लाइफ मे भी नींद खुल गयी.

सपने मे तो मैं समझ सकता हू कि मेरी नींद मामी के आंडो को दबाने से खुली पर रियल लाइफ मे मेरी नींद कैसे खुली

जैसे सपने मे मुझे मामी के आंडो को दबाने से दर्द हुआ होगा वैसे ही मुझे रियल लाइफ मे आंडो पर दर्द हो रहा था.

मैं ने अपनी आँखे को अच्छे से खोल कर अपने लंड की तरफ देखा तो मैं शॉक्ड हो गया.

मामी सपने मे जिस तरह मेरे उपर बैठ कर आंडो को दबा रही थी ठीक उसी तरह रियल लाइफ मे भी मामी उसी तरह मेरे उपर बैठ कर आंडो को दबा रही थी.

मेरे मामी की तरफ देखते ही मामी ने आंडो को छोड़ दिया.

मैं तो मामी को देखता रह गया. मैं ने एक बार मामी की तरफ देखा और फिर घड़ी की तरफ देखा.

वॉच मे शाम के 7.00 बज रहे थे.

इतनी देर हो गयी फिर भी मामी यहाँ पर है ,

क्या अभी भी मैं सपने मे हँ या ये रियल है

मैं ने अपने हाथ पर चिमटा लिया. और गाल पर थप्पड़ मारा.

ये सपना नही हक़ीकत है, ये रियल है. मामी अभी तक गयी नही है

एक मिनिट, ये रियल है तो फिर सपने मे जो हो रहा था वो यहाँ कैसे हो रहा था.

मुझे तो रियल लाइफ मे सिर्फ़ इतना पता था कि मामी ने आयिल लगाया और फिर मैं सो गया. उसके बाद सपना देख कर अभी मेरी नींद खुल गयी है.

तो क्या ,मैं जो सपना समझ रहा था वो क्या हक़ीकत थी ,क्या वो रियल मे हुआ था.

हो सकता है, शायद थकावट की वजह से मैं रियल लाइफ को सपना समझ रहा हुँगा.

नही नही, वो सपना ही था ,क्यू की अबी मामी के अंदो को दबा ने से मेरी नींद खुल गयी है

वेट वेट, सपने मे भी तो मामी ने अंदो को दबाया था ,और अब रियल लाइफ मे भी मामी अंदो को दबा रही थी

क्या मैं सपना डेक रहा था या फिर ये रियल मे हो रहा था ,जो थकावट के वजसे मैं सपना समझ रहा था

रूको मामी को पूछता हू ,फिर पता चल जाएगा कि क्या हक़ीकत (रियल लाइफ) थी और क्या सपना था

मैं मामी को पूछ रहा था कि मामी ने खुद मुझे झटका दिया.

मामी-कब से मैं तुम्हे जगा रही हू और तुम हो की उठने का नाम नही ले रहे हो

अवी-वो मैं...

मामी-मैं तुम्हारा लंड चूस रही थी फिर भी तुम सोते रहे

क्या मामी मेरा लंड भी चूस रही थी. मतलब ये सब रियल मे हो रहा था और मैं थकावट की वजह से सपना समझ रहा था.

मैं रिलॅक्स हो गया.मतलब कोई सपना नही था सब कुछ रियल मे हो रहा था.

मैं रिलॅक्स हुआ था कि मुझे याद आया कि मैं ने सपने मे सॉरी सॉरी ,मतलब मैं ने 2 बार मामी की गंद मारी है.

मुझे 1 बार गंद मारने के बारे मे पता था पर दूसरी बार ,क्या मैं ने रियल मे दूसरी बार मामी की गंद मारी है.

अगर दूसरी बार गंद मारी होती तो मुझे पता होता. ऐसा हो नही सकता कि मुझे पता ना हो कि दुबारा मैं मामी की गंद मारी हो.

अब इस सपने और रियल लाइफ का क्या चक्कर है इसका जवाब मामी के पास है.

अगर मामी ने कहा कि मैं ने 2 बार उनकी गंद मारी है तो, वो सपना नही रियल था.

और अगर मामी ने कहा कि मैं ने उनकी गंद सिर्फ़ एक बार मारी है तो वो सपना था.

अगर वो सपना था तो फिर से एक सवाल खड़ा हो जाएगा.

पर पहले मामी से पूछ लेता हू कि उनकी गंद मैं ने कितनी बार मारी है.

मैं अपने ख़यालो से बाहर निकल कर मामी की तरफ देखा .पर मामी वहाँ पर नही थी.

मामी मुझे चुप चाप देख कर हॉल मे चली गयी थी.

मैं भी अपने सवाल का जवाब पूछने के लिए मामी के पास चला गया..

 


432

मैं अपने सवाल का जवाब पूछने के लिए मामी के पास चला गया.

मामी हॉल मे सोफे पर बैठी थी .

मामी पूरे गुस्से मे थी. शायद मामी के लंड चूसने के बाद भी मैं सोता रहा इसके लिए मामी गुस्से मे थी.

मुझे मामी से कुछ पूछने से पहले मामी का गुस्सा शांत करना होगा.

एक बात अच्छी थी कि मामी हॉल मे नंगी बैठी हुई थी.

मैं मामी के सामने ज़मीन पर बैठ गया. मामी ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर गुस्से से मुँह फूला लिया.

मामी ने जिस तरह मेरा लंड चूसा था मुझे भी उसी तरह मामी की चूत चूस कर मामी का गुस्सा शांत करना था.

मैं ने मामी की जाँघो पर हाथ रख कर जाँघो को फैला दिया.

जाँघो को फैलाते ही मामी की प्यारी चूत मेरे सामने आ गयी.

मैं ने समय बर्बाद ना करते हुए मामी की चूत पर अपने होंठ लगा लिए.और किस करना शुरू कर दिया.

मामी ने पहले तो कुछ रेस्पॉन्स नही दिया पर बाद मे मेरे चूत को चूस्ते ही मामी ज़्यादा देर मुझ पर गुस्सा ना रह सकी.

मुझसे आज तक कोई ज़्यादा देर गुस्सा नही हो पाया. और मामी के साथ भी ऐसा ही हुआ ,मामी मेरे बालो पर हाथ घुमा कर मुझे बता रही थी कि उनका गुस्सा ख़तम हो गया है.

गुस्सा शांत हुआ तो क्या हुआ अब तो चुदाई के बिना दोनो को मज़ा नही आएगा.

मामी ने लंड चूस कर मेरी गर्मी बढ़ाई थी और मैं छूट चूस कर मामी को गरम कर रहा था.

मामी मेरा साथ देने लगी. मामी मेरे हाथ मे आ गयी फिर भी मैं मामी की चूत को चूस्ता रहा.

पर इस पोज़िशन मे मैं ठीक से मामी की चूत चूस नही पा रहा था.

मामी ये बात जान गयी और मामी सोफे पर लेट गयी. अब मैं अच्छी तरह से मामी की चूत चूस सकता था.

मामी की चूत के साथ मैं जाँघो पर भी किस कर रहा था.

मैं तब तक मामी की चूत चूस्ता रहा जब तक मामी का पानी निकल ना गया.

मामी का पानी पीने के बाद मामी शांत हो गयी और मैं उनके उपर आ कर लेट गया.

अवी-क्या अब भी आप मुझ पर गुस्सा हो

मामी-हाँ, थोड़ा सा गुस्सा हू

अवी-वो क्यू?

मामी-मैं कब से तुम्हारा लंड चूस रही थी पर तुम हो कि उठने का नाम नही ले रहे थे

अवी-वो मैं सपना देख रहा था जिस की वजह मैं उठा नही

मामी-किस का सपना देख रहे थे

अवी-आपका

मामी-मेरा, क्या देखा सपने मे

अवी-सपने मे मैं आपकी गंद मार रहा था

मामी-सपने मे, क्यू एक बार गंद मार कर मन नही भरा जो सपने मे मेरी गंद मार रहे थे

अवी-वो छोड़ो ,मुझे ये बताइए मैं ने आपकी गंद कितने बार मारी

मामी-2 बार

अवी-2 बार(तो क्या वो सपना नही हक़ीकत थी)

मामी-हाँ , 2 बार, 1 रियल मे और दूसरी बार सपने मे जो अभी तुमने बताया

अवी-(तो मामी मज़ाक कर रही थी. मतलब वो सपना था. पर सपने मे गंद मारने के बाद जो हुआ वो सब रियल मे भी हो रहा था. ) आपको पता है मेरे सोने के बाद क्या हुआ

मामी-हाँ

अवी-क्या हुआ

मामी-मैं भी आयिल लगा कर सो गयी

अवी-फिर क्या हुआ

मामी-फिर तुम नींद मे बातें कर रहे थे.

अवी-क्या बोल रहा था मैं

मामी-वो मुझे दिखा से सुनाई नही दिया

अवी-उसके बाद क्या हुआ

मामी-तुम सोते हुए बीच बीच मे उठ कर बैठ जाते, इधर उधर देख कर फिर सो जाते

अवी-फिर (मैं ने ऐसा किया .मुझे तो कुछ याद नही)

मामी-फिर तुम ने सोते हुए मेरी गंद मे उंगली भी डाली थी

अवी-(उंगली डाली ये तो मुझे याद नही है)फिर क्या हुआ

मामी-फिर शाम को 6.00 बजे किसी के बेल बजाने से मेरी नींद खुल गयी

अवी-(मिसेज़ दूबे होगी. चुदाई करने आई होगी) कौन बेल बजा रहा था

मामी-मुझे क्या पता

अवी-क्यू आपने गेट नही खोला

मामी-कैसे खोलती, किसी ने मुझे यहाँ देख लिया तो,

अवी-फिर आपने क्या किया

मामी-मैं ने तुम जगाया पर तुम शायद थक गये थे जो ऐसे गहरी नींद मे थे.तुम उठे मेरी तरफ देखा और फिर सो गये

अवी-उसके बाद

मामी-उसके बाद मैं फ्रेश हो गयी.

अवी-फ्रेश होने के बाद

मामी-मैं तुम्हारा लंड चूस कर तुम्हे उठा रही थी

अवी-क्या मैं उठा था

मामी-हाँ, तुम ने 3 4 बार अपनी आँखे खोली थी और फिर सो गये

अवी-फिर आपने गुस्से मे मेरे आंडो को दबाया

मामी-हाँ

अवी-(तो सपने मे मैं मामी की गंद मारी और फिर सपने मे जो देखा वो रियल मे हो रहा था. और मुझे लगा मैं सपना देख रहा

हू.) तो अब क्या प्लान है

मामी-एक बार हो जाय

अवी-पर आपकी गंद का दर्द

मामी-दर्द वो तो चला गया.पर तुम चूत मारो

अवी-गंद मारता हू

मामी-नही चूत मारो

अवी-ठीक है चूत मारता हू पर पहले मुझे आप से कुछ पूछना है जो सुबह से पूछना चाह रहा था

मामी-जो पूछना है बाद मे पूछ लेना

अवी-बाद मे कब

मामी-चुदाई के बाद

अवी-ठीक है, पर चुदाई कहाँ करना पसंद करेगी आप

मामी-बेड रूम मे करते है

फिर मैं मामी को उठा कर बेडरूम मे ले गया. .

 


433

मैं ने मामी को उठा कर बेड पर लिटा दिया.और मैं मामी के उपर आ गया.

अवी-मामी एक बात कहूँ

मामी-कहो

अवी-आप इतनी हॉट क्यूँ हो

मामी-मुझे क्या पता. और मैं कोई हॉट नही हूँ अगर होती तो मेरा पति अपनी बहन के साथ नही बल्कि मेरे उपर लेटा होता

अवी-मामा को पता नही कि मामा ने कितनी बड़ी ग़लती की है

मामी-उनको उस ग़लती की सज़ा मिल जाएगी पर तुम मेरी चूत मे लंड ना डाल कर मुझे गुस्सा दिला रहे हो

अवी-डालता हूँ

मामी-तो डालो ना जल्दी

अवी-किस पोज़िशन मे डालु

मामी-पहले मेरे उपर आकर डालो फिर मैं तुम्हारे उपर आ जाउन्गी.

अवी-आप मेरे उपर आ जाएगी

मामी-हाँ, और अब तुम ने मुँह से एक भी वर्ड निकाला तो मैं तुम्हारी जान ले लूँगी. तुम्हारे सामने चूत है और तुम हो की बतो मे वक्त बर्बाद कर रहे हो

मामी ने मेरा लंड चूसा था और मैं ने मामी की चूसी थी.

अब हमारे पास ओरल सेक्स करने बचा ही कुछ नही था.

मामी की चूत मैं ने चूसी थी और गंद मारते समय मैं ने मामी के बूब्स का जो हाल किया था उस से फिर से बूब्स के साथ खेलने से डर रहा था.

मतलब अब लंड डालने के सिवा कुछ बाकी नही था .

मैं मामी के उपर से खड़ा हो गया. मेरे खड़े होते ही मामी ने अपनी गंद के नीचे पिल्लो रख दिया.

गंद के नीचे पिल्लो रखते ही मामी ने अपनी टांगे फैला दी.

मामी बेड पर टाँगे खोल कर लेट गयी और अपनी चूत खोल दी. मामी की चूत देख कर मेरे लंड का तो बुरा हाल हो गया .

मैं ने देर ना करते हुए मामी की टाँगो के बीच आ गया और आगे बढ़ कर अपना लंड मामी की चूत पर लगा दिया.

और मामी की कमर को पकड़ कर एक जोरदार झटका लगाया.

मेरा लंड एक दम पूरा का पूरा मामी की चूत की गहराई मे फिसल कर समा गया जैसे कोई केले पर फिसलता है वैसे आज मेरा केला चूत मे फिसल गया.

झटका इतना जोरदार था कि मेरा लंड मामी की चूत के अंदर जा कर बच्चेदानी से टकरा गया.

मैं ने मामी की चूत मारी है इस लिए एक झटके मे लंड चूत मे डाला.

पर ये क्या मामी की चूत अभी भी टाइट थी.

मे बी कुछ लगाया होगा ताकि माषपेशियाँ सिकुड जाए.

कुछ भी हो मुझे तो मज़ा मिलेंगा.

मेरा पूरा लंड अंदर जाते ही मामी की चीख निकल गयी.

माँ...आहह..मार डाला तूने...दोपहर मे ..गंद...आआही अब चूत फाड़ डाली...

आअहह... इतने ज़ोर से... कोई.... धक्का मारता ...आआहह..

मामी पूरे लंड के लिए तय्यार नही थी. पर इस मे तो मज़ा आता है.

अगर मैं कहता कि एक झटके मे पूरा लंड डालने वाला हू तो मामी मना करती या फिर कुछ ऐसा करती ताकि चूत लंड आराम से ले सके.और इसमे मुझे मज़ा नही आता.

मामी तो दर्द से बहाल हो गयी. चलो इसी वजह से मामी मेरी चुदाई कभी नही भूलेंगी .और मैं भी यही चाहता हू.

मामी जैसी औरत की चुदाई मैं करता रहत. और मामी भी मेरे लिए पागल हो जाए

वो बाद की बातें है अभी तो चुदाई पे फोकस करना है.

मैं ने मामी को कहा कि क्या करू मामी आप की चूत इतनी अच्छी है की मेरा लंड मेरी बात सुनता ही नही. वो तो बस आपकी चूत मे जाने के लिए मार रहा था.

मामी ने कहा अब डाला...आअहह तो थोड़ी देर रुक जा

मामी मैं तो रुक जाउन्गा पर लंड का क्या करे. वो तो आपकी चूत मे जाने के बाद रुकने को तय्यार नही है.

मैं ने मामी की कमर को पकड़ कर अपने चूतड़ हिलाने लगा मेरे लंड को थोड़ी तकलीफ़ हो रही थी पर मामी की गीली चूत ने आसानी कर दी ,और लंड चूत मे अंदर बाहर हो ने लगा.

मामी को दर्द हो रहा था पर मेरा लंड चूत मे लेने की खुशी के आगे ये दर्द कुछ भी नही था.

मामी अपना दर्द कम करने के लिए कभी अपने पैर उठा लेती ताकि मैं अंदर तक आराम से धक्के मार सकूँ

तो कभी अपने पैर को और फैला देती ताकि चूत खुल जाए और लंड चूत मे आराम से जा सके.

मामी के ऐसा करने से मेरा धक्के मारने का मज़ा डबल हो जाता.

और मैं अपनी गति बढ़ा कर मामी की चूत मारने लगा.

मैं ने धीरे धीरे चूत मारने के गति बढ़ा दी और मामी की चूत का भोसड़ा बनाना शुरू कर दिया.

गति बढ़ाने से मामी ने अपनी जाँघो को पकड़ कर फैला दिया जिस से लंड चूत का पूरा मज़ा ले रहा था.

मेरा मज़ा देख कर मामी भी मज़ा लेने लगी.

मेरे धक्को के साथ मे मामी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला कर चोदने को बोल रही थी. और मैं अपने ही मस्ती मे मामी की चूत मार रहा था.

मामी भी अपनी गंद गोल गोल घुमा रही थी .और मेरे लंड का मज़ा ले रही थी.

अब तो हम दोनो चुदाई के नशे मे खो कर अलग दुनिया मे चले गये.

मामी शीष्कारियो पे शीष्कारियाँ ले रही थी और मैं धक्को पे धक्के मार रहा था.

फिर मैं ने भी अपनी पोज़िशन चेंज करके आगे झुक कर मैं मामी के उपर आ गया. मामी के बूब्स मेरी चेस्ट से दब कर नरम हो गये.

फिर मैं ने ज़ोर ज़ोर से धक्के मारना शुरू किया .मामी की गीली चूत के मज़े लेने लगा. मैं मामी को पूरी बहरहमी से चोद रहा था.

मैं ने मामी के होंठो पर किस करते हुए जोरदार धक्के लगाने शुरू कर दिए

.

किस करने से चुदाई का मज़ा इतना गुना बढ़ गया कि क्या बताऊ

मामी भी अब अपनी गंद उछाल उछाल कर अपने तरीके से मज़े ले रही थी.साथ मे मेरी पीठ पे हाथ घुमा रही थी.

थोड़ी देर मामी को किस करते हुए धक्के मारने के बाद मैं वापस पहले वाली पोज़िशन मे आ गया और चूत को हमेशा के लिए अपनी बनाने लगा.

मामी भी मेरे लंड को अपनी चूत का दीवाना बनाने लगी.

मामी कभी कभी इतनी ज़ोर से गंद उछाल देती कि मेरा लंड मामी की चूत की गहराई मे अंदर तक चला जाता.

हम दोनो चुदाई मे इतने खो गये थे कि हम भूल गये थी कि मामी मेरे उपर आकर चूत मे लंड लेना चाहती है.

ना मुझे याद रहा और ना मामी ने मुझे धक्के मारते हुए बीच मे रोका.

हमे तब याद आया जब मैं ने अपना वीर्य मामी की चूत मे डाला. और वैसे ही मामी के उपर लेट गया.

धुँआधार चुदाई के बाद हम हाँफने लगे. हान्फते हुए मामी बातें भी करने लगी.

मामी-ये क्या किया

अवी-क्यू ?क्या हुआ

मामी-तुम ने मुझे अपने उपर आ कर चुदाई करने क्यू नही दी

अवी-आपकी चुदाई करते समय मैं सब कुछ भूल जाता हू

मामी-पर मुझे तो तुम्हारे लंड पर उछलना था

अवी-तो फिर से एक बार करते है

मामी-बस एक बार

अवी-क्यू आपको जाना नही है

मामी मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी. जैसे कि मैं ने कोई गुनाह कर दिया हो.

 


434

मामी मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी. जैसे की मैं ने कोई गुनाह कर दिया हो.

अवी-क्या हुआ आप ऐसे क्यू देख रही हो

मामी-क्या कहा तुम ने

अवी-क्या आपको जाना नही है

मामी-तुम मुझे जाने के लिए बोल रहे हो. मैं तो यहाँ आज रात भर रुकने के इरादे से आई थी.

अवी-(रात भर फिर तो मज़ा ही मज़ा होगा)

मामी-और तुम मुझे जाने को कह रहे हो. मुझे पता होता कि तुम ऐसे हो तो...

अवी-मैं ने आपको जाने के लिए नही कहा, ये तो मैं पूछ रहा था कि आप कब तक रुकने वाली हो ,अगर रुकने वाली हो तो खाना लाना होगा.

मामी-तो ये बात है

अवी-और आप हो की मुझ पर गुस्सा हो रही हो

मामी-सॉरी. पर तुम जल्दी खाना लेकर आ जाओ मुझे बहुत भूक लगी है

अवी-लाता हू पर मुझे आप से कुछ पूछना है

मामी-मुझे भी तुमसे एक सवाल पूछना है

अवी-पहले आप पूछ लो

मामी-तुम ने कहा था कि वो कॉंडम मेरे साथ चुदाई करने के लिए लाए हो. फिर तुम ने बिना कॉंडम की चुदाई क्यू की

अवी-वो आदमी पागल होगा जो आपके साथ चुदाई करते हुए कॉंडम इस्तेमाल करेगा

मामी-ऐसा क्या

अवी-आप इतनी हॉट और सेक्सी हो कि...

मामी-फिर तुम ने कॉंडम क्यू खरीदे थे

अवी-ताकि आपको चुदाई के लिए तय्यार कर सकूँ

मामी-समझ गयी. अब तुम पूछो क्या पूछना है

अवी-मैं ने कभी सोचा नही था कि आप यहाँ आएगी ,आप ने ये कैसे सोचा कि यहा आना चाहिए

मामी-कल तुम ने मुझे अपने पति और पति की बहन की चुदाई दिखाई

अवी-हाँ दिखाई

मामी-उसके बाद तुम ने देखा कि मैं ने अपने पति को थप्पड़ मारा

अवी-हाँ, उसके बाद क्या हुआ था

मामी-उसके बाद मैं ने अपने पति को बता दिया कि मुझे सब कुछ पता चल गया है

अवी-फिर आपके पति ने क्या कहा

मामी-वो मुझे माफी माँग ने लगे और कहने लगे कि वो दुबारा ऐसा नही करेंगे

अवी-तो आपने क्या किया

मामी-क्या करती. गेम मेरे हाथ मे था.मैं उसको डाइवोर्स दे कर अपनी बेटी का फ्यूचर बर्बाद नही करना चाहती थी .पर उसको सज़ा तो मिलनी थी.घर हमेशा उनके मर्ज़ी से चलता था पर अब मेरी मर्ज़ी से चलेगा ये बात दिमाग़ मे आते ही, मैं ने अपना पॉवर दिखाना शुरू किया.

अवी-ये तो आपके लिए अच्छा हुआ

मामी-हाँ, अब घर मे मेरा राज चलेगा. पूरी पोर्पेर्टी मेरे और मेरी बेटी के नाम करने को कहा ,उसके पास हाँ करने के सिवा दूसरा रास्ता नही था.मुझे प्रॉपर्टी मिली और मेरा फ्यूचर सेफ हुआ और इसके साथ मेरा पति भी मुझे मिल गया. वो अब दूसरो की तरफ देखेंगे भी नही.और हमेशा मेरे ज़ूते के नीचे रहेगा.

अवी-ये तो डबल अच्छा हुआ

मामी-तुम ने मेरी इतनी मदद की ,मेरे पति का सच मेरे सामने रखा ,तो क्या मैं तुम्हारा सपना पूरा नही कर सकती.

अवी-थॅंक्स

मामी-मैं तुम्हे जैसा समझ रही थी तुम वैसे नही निकले ,तुम ने मेरी बेटी के साथ कुछ नही किया, मुझे अपने पति का राज़ बताया. इतना कुछ करने के बाद तुम तो कुछ मिलना चाहिए ना. और

अवी-और क्या

मामी-और अगर मेरा पति मेरे सिवा किसी के साथ भी चुदाई कर सकते है तो मैं क्यू पीछे रहूं. और तुम तो मेरे दीवाने हो.

अवी-तो ये बात है. तो आप रात भर रुकेंगी

मामी-हाँ,कल सुबह चली जाउन्गी

अवी-और आपके घर वाले उनको क्या बता कर आई हो

मामी-अभी तो बताया कि घर मे मेरा राज चलेगा. मुझे किसी को बता कर आने की ज़रूरत नही है

अवी-वो तो है, पर आप अपने शहर कब जाने वाली हो

मामी-कल शाम को

अवी-मतलब ये हमारी आख़िरी मुलाकात है

मामी-अभी के लिए पर जब मैं यहाँ वापस आउन्गि तो तुम्हे बता दूँगी

अवी-फिर ठीक है

मामी-अब उठो मेरे उपर से मुझे फ्रेश होना है

अवी-आप फ्रेश हो जाइए मैं खाना लेकर आता हू

मामी फ्रेश होने चली गयी और मैं 2 मिनिट मे फ्रेश होकर कपड़े पहन ने लगा.

 
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