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586
मोना को आगे क्या करना है वो बता कर मैं अपने काम मे लग गया.
मैं खेत मे आकर सविता को ढूँढने लगा.
सविता अपनी फॅमिली के साथ दर्शन करके आ गयी थी.
लेकिन एक बात मैं ने नोट की ,सविता खुश नही दिख रही थी.
कल उसने कुवरसिंघ के साथ चुदाई की फिर भी वो खुश नही थी.
लगता है कल कुवरसिंघ ने अपनी मन मानी की है.
सविता जिस तरह चल रही है उस से लग रहा है कि कल कुवरसिंघ ने उसकी गंद नही मारी.
हां, चद्दर पे खून लगा हुआ नही था.
ये भी तो हो सकता है क़ि सविता अपनी गंद पहले मरवा चुकी है.
हो तो सकता है,पर कल जिस तरह कुवरसिंघ को किस करते हुए अपनी गंद दबाने को कहा उस से तो नही लग रहा है
चलो मान लेते है कि सविता पहले गंद मरवा चुकी है, फिर भी कुवरसिंघ के साथ चुदाई करती तो लंगड़ा कर ज़रूर चलती.
कुवरसिंघ को जो पसंद है वही किया उसने, सविता की कल सिर्फ़ चूत मारी होगी.
लो नाम लिया और शैतान आ गया.
कुवरसिंघ सविता को देखने आ गया.
कुवरसिंघ सविता को इशारा कर रहा था पर सविता कुवरसिंघ को भाव नही दे रही थी.
लगता है सविता कुवरसिंघ पर बहुत ज़्यादा नाराज़ है.
पर कुवरसिंघ सविता को मना लेंगा.लेकिन थोड़ा टाइम लगेगा.
मैं तब तक के लिए आम के बगीचे मे चला गया.
मैं ने अपने मोबाइल से सिम कार्ड निकाल लिया. और जहाँ पर कल कुवरसिंघ और सविता किस कर रहे थे वहाँ पर मोबाइल पे वाय्स रेकॉर्डिंग शुरू करके पेड़ के पास छुपा दिया.
अगर कुवरसिंघ ने सविता को मना लिया तो वो यही पर आ सकते है.
ये जगह दिन मे थोड़ी मस्ती करने के लिए अच्छी थी. जिस को इस के बारे मे पता था वो इस पेड़ का पूरा फ़ायदा उठा लेता था.
अगर किस्मत अच्छी होगी तो कुवरसिंघ और सविता यहाँ आ सकते है
चलो चलके देखता हूँ कि कुवरसिंघ सविता को मनाता कैसे है.
मैं आम के बगीचे से वापस खेत मे आ गया.
ये क्या सविता आम के बगीचे मे टाय्लेट का डब्बा लेकर आ रही थी.
कुवरसिंघ अपनी जगह पर नही था. शायद वो भी दूसरे तरफ से आम के बगीचे मे गया हो.
मैं सविता के रास्ते से दूर हो गया. सविता आम के बगीचे मे चली गयी.
थोड़ी देर बाद मैं वापस आम के बगीचे मे चला गया.
मैं उस्दिन वाले पेड़ के पास चला गया जहाँ से मैं दोनो को देख सकता था.
कुवरसिंघ और सविता उसी पेड़ के पास थे जहा उस्दिन वो किस कर रहे थे और आज मैं ने वहाँ पर अपना मोबाइल छुपा दिया था.
मैं उन दोनो को देखने लगा.
सविता के चेहरे पे गुस्सा था और कुवरसिंघ सविता को मना रहा था.
सविता ने कुवरसिंघ को गुस्से मे कुछ कहा और पलट गयी.
कुवरसिंघ सविता को इतनी आसानी से हाथ से जाने नही देगा.
अगर मैं कुवरसिंघ की जगह होता तो मैं भी सविता को इतनी आसानी से जाने नही देता.
सविता थी ही कमाल की, सर से लेके पैरो तक अप्सरा थी. एक बार देखो तो बस देखते रहने का मन करता है.
सविता गुस्से से कुवरसिंघ की तरफ पीठ करके खड़ी थी.
कुवरसिंघ ने अपने गले की गोल्ड की चैन निकाल कर सविता के गले मे डाल दी.
कुवरसिंघ को लगा कि इस से सविता मान जाएगी पर ऐसा नही हुआ.
सविता अभी भी कुवरसिंघ की तरफ पीठ करके खड़ी थी.पर मेरी तरफ उसका चेहरा था.
जब कुवरसिंघ ने उसे गोल्ड की चैन पहनाई तब सविता के चेहरे पे मुस्कान आई.
सविता गोल्ड की चैन देख कर खुश तो हो गयी पर वो इतनी जल्दी मान ने वाली नही थी.
कुवरसिंघ ने फिर वो किया जिसके बारे मे सविता सोच रही थी.
कुवरसिंघ सविता के पीछे से चिपक गया और गंद मारने जैसे धक्के मारने लगा.
कुवरसिंघ का लंड अपनी गंद पर महसूस करते सविता के चेहरे मे मुस्कान आ गयी.
सविता को जो चाहिए था वो कुवरसिंघ उसको देने को तैयार था.
सविता ने कुवरसिंघ के लंड को अपनी खूबसूरती के सामने झुका दिया.
कुवरसिंघ की जगह अगर मैं होता तो साड़ी उपर कर गंद मारता
सविता कुवरसिंघ के ऐसा करने से खुश हो गयी.
कुवरसिंघ अपने धक्के लगाता गया जैसे सच मे सविता की गंद मार रहा हो
सविता अपनी गंद पे कुवरसिंघ का लंड फील करके अपनी गंद को पीछे कर रही थी.
थोड़ी देर बाद सविता पलट गयी. और कुवरसिंघ ने उसे किस करते हुए गंद मसलना शुरू किया.
सविता ने कुवरसिंघ पे काबू पा लिया था.और वो कुवरसिंघ को अपने हाथो पर नचा सकती है. गोल्ड का नेकक्लेस माँग सकती है, पर उसे सिर्फ़ अपनी गंद मे लंड चाहिए था.
सविता वो गोल्ड की चैन वापस तो नही करेगी पर अपनी गंद मरवाकर रहेगी. अपना मज़ा लेके रहेगी.
थोड़ी देर किस करने के बाद कुवरसिंघ और सविता बातें करने लगे.
बातें करते हुए कुवरसिंघ ने अपना हाथ सविता की गंद पर रखा ,जिस से सविता खुश थी.
कुवरसिंघ सविता को मनाने मे कामयाब हो गया.
सविता कुवरसिंघ को एक और चान्स दे रही थी.
दोनो ने ,एक बीच का रास्ता निकाला होगा जिस से दोनो खुश लग रहे थे
अब बस रेकॉर्डिंग सुन लूँ तो सब पता चल जाएगा.
दोनो ने फिर से किस किया ,और फिर सविता जाने लगी तो कुवरसिंघ ने सविता की गंद पर थप्पड़ मारा.
थप्पड़ खा कर सविता अपनी गंद को मटकाते हुए चलने लगी. और वापस खेत मे चली गयी.
कुवरसिंघ भी दूसरी तरहफ़ से वापस चला गया.
मैं जल्दी से पेड़ के पास आया और अपना मोबाइल उठा लिया.
रेकॉर्डिंग चालू थी. मैं ने रेकॉर्डिंग सेव की और घर3 चला गया.
अब सुन ना है कि कुवरसिंघ और सविता के बीच मे क्या समझौता हुआ है.
क्या सविता अपनी गंद मरवाने मे कामयाब होगी.
क्या कुवरसिंघ ने सविता को अपने दोस्तो के लिए मनाया होगा
क्या आज कुवरसिंघ अपने दोस्तो को बुलाने वाला है.
क्या सविता का हाल उस गर्ल की तरह होगा ,
मोना को आगे क्या करना है वो बता कर मैं अपने काम मे लग गया.
मैं खेत मे आकर सविता को ढूँढने लगा.
सविता अपनी फॅमिली के साथ दर्शन करके आ गयी थी.
लेकिन एक बात मैं ने नोट की ,सविता खुश नही दिख रही थी.
कल उसने कुवरसिंघ के साथ चुदाई की फिर भी वो खुश नही थी.
लगता है कल कुवरसिंघ ने अपनी मन मानी की है.
सविता जिस तरह चल रही है उस से लग रहा है कि कल कुवरसिंघ ने उसकी गंद नही मारी.
हां, चद्दर पे खून लगा हुआ नही था.
ये भी तो हो सकता है क़ि सविता अपनी गंद पहले मरवा चुकी है.
हो तो सकता है,पर कल जिस तरह कुवरसिंघ को किस करते हुए अपनी गंद दबाने को कहा उस से तो नही लग रहा है
चलो मान लेते है कि सविता पहले गंद मरवा चुकी है, फिर भी कुवरसिंघ के साथ चुदाई करती तो लंगड़ा कर ज़रूर चलती.
कुवरसिंघ को जो पसंद है वही किया उसने, सविता की कल सिर्फ़ चूत मारी होगी.
लो नाम लिया और शैतान आ गया.
कुवरसिंघ सविता को देखने आ गया.
कुवरसिंघ सविता को इशारा कर रहा था पर सविता कुवरसिंघ को भाव नही दे रही थी.
लगता है सविता कुवरसिंघ पर बहुत ज़्यादा नाराज़ है.
पर कुवरसिंघ सविता को मना लेंगा.लेकिन थोड़ा टाइम लगेगा.
मैं तब तक के लिए आम के बगीचे मे चला गया.
मैं ने अपने मोबाइल से सिम कार्ड निकाल लिया. और जहाँ पर कल कुवरसिंघ और सविता किस कर रहे थे वहाँ पर मोबाइल पे वाय्स रेकॉर्डिंग शुरू करके पेड़ के पास छुपा दिया.
अगर कुवरसिंघ ने सविता को मना लिया तो वो यही पर आ सकते है.
ये जगह दिन मे थोड़ी मस्ती करने के लिए अच्छी थी. जिस को इस के बारे मे पता था वो इस पेड़ का पूरा फ़ायदा उठा लेता था.
अगर किस्मत अच्छी होगी तो कुवरसिंघ और सविता यहाँ आ सकते है
चलो चलके देखता हूँ कि कुवरसिंघ सविता को मनाता कैसे है.
मैं आम के बगीचे से वापस खेत मे आ गया.
ये क्या सविता आम के बगीचे मे टाय्लेट का डब्बा लेकर आ रही थी.
कुवरसिंघ अपनी जगह पर नही था. शायद वो भी दूसरे तरफ से आम के बगीचे मे गया हो.
मैं सविता के रास्ते से दूर हो गया. सविता आम के बगीचे मे चली गयी.
थोड़ी देर बाद मैं वापस आम के बगीचे मे चला गया.
मैं उस्दिन वाले पेड़ के पास चला गया जहाँ से मैं दोनो को देख सकता था.
कुवरसिंघ और सविता उसी पेड़ के पास थे जहा उस्दिन वो किस कर रहे थे और आज मैं ने वहाँ पर अपना मोबाइल छुपा दिया था.
मैं उन दोनो को देखने लगा.
सविता के चेहरे पे गुस्सा था और कुवरसिंघ सविता को मना रहा था.
सविता ने कुवरसिंघ को गुस्से मे कुछ कहा और पलट गयी.
कुवरसिंघ सविता को इतनी आसानी से हाथ से जाने नही देगा.
अगर मैं कुवरसिंघ की जगह होता तो मैं भी सविता को इतनी आसानी से जाने नही देता.
सविता थी ही कमाल की, सर से लेके पैरो तक अप्सरा थी. एक बार देखो तो बस देखते रहने का मन करता है.
सविता गुस्से से कुवरसिंघ की तरफ पीठ करके खड़ी थी.
कुवरसिंघ ने अपने गले की गोल्ड की चैन निकाल कर सविता के गले मे डाल दी.
कुवरसिंघ को लगा कि इस से सविता मान जाएगी पर ऐसा नही हुआ.
सविता अभी भी कुवरसिंघ की तरफ पीठ करके खड़ी थी.पर मेरी तरफ उसका चेहरा था.
जब कुवरसिंघ ने उसे गोल्ड की चैन पहनाई तब सविता के चेहरे पे मुस्कान आई.
सविता गोल्ड की चैन देख कर खुश तो हो गयी पर वो इतनी जल्दी मान ने वाली नही थी.
कुवरसिंघ ने फिर वो किया जिसके बारे मे सविता सोच रही थी.
कुवरसिंघ सविता के पीछे से चिपक गया और गंद मारने जैसे धक्के मारने लगा.
कुवरसिंघ का लंड अपनी गंद पर महसूस करते सविता के चेहरे मे मुस्कान आ गयी.
सविता को जो चाहिए था वो कुवरसिंघ उसको देने को तैयार था.
सविता ने कुवरसिंघ के लंड को अपनी खूबसूरती के सामने झुका दिया.
कुवरसिंघ की जगह अगर मैं होता तो साड़ी उपर कर गंद मारता
सविता कुवरसिंघ के ऐसा करने से खुश हो गयी.
कुवरसिंघ अपने धक्के लगाता गया जैसे सच मे सविता की गंद मार रहा हो
सविता अपनी गंद पे कुवरसिंघ का लंड फील करके अपनी गंद को पीछे कर रही थी.
थोड़ी देर बाद सविता पलट गयी. और कुवरसिंघ ने उसे किस करते हुए गंद मसलना शुरू किया.
सविता ने कुवरसिंघ पे काबू पा लिया था.और वो कुवरसिंघ को अपने हाथो पर नचा सकती है. गोल्ड का नेकक्लेस माँग सकती है, पर उसे सिर्फ़ अपनी गंद मे लंड चाहिए था.
सविता वो गोल्ड की चैन वापस तो नही करेगी पर अपनी गंद मरवाकर रहेगी. अपना मज़ा लेके रहेगी.
थोड़ी देर किस करने के बाद कुवरसिंघ और सविता बातें करने लगे.
बातें करते हुए कुवरसिंघ ने अपना हाथ सविता की गंद पर रखा ,जिस से सविता खुश थी.
कुवरसिंघ सविता को मनाने मे कामयाब हो गया.
सविता कुवरसिंघ को एक और चान्स दे रही थी.
दोनो ने ,एक बीच का रास्ता निकाला होगा जिस से दोनो खुश लग रहे थे
अब बस रेकॉर्डिंग सुन लूँ तो सब पता चल जाएगा.
दोनो ने फिर से किस किया ,और फिर सविता जाने लगी तो कुवरसिंघ ने सविता की गंद पर थप्पड़ मारा.
थप्पड़ खा कर सविता अपनी गंद को मटकाते हुए चलने लगी. और वापस खेत मे चली गयी.
कुवरसिंघ भी दूसरी तरहफ़ से वापस चला गया.
मैं जल्दी से पेड़ के पास आया और अपना मोबाइल उठा लिया.
रेकॉर्डिंग चालू थी. मैं ने रेकॉर्डिंग सेव की और घर3 चला गया.
अब सुन ना है कि कुवरसिंघ और सविता के बीच मे क्या समझौता हुआ है.
क्या सविता अपनी गंद मरवाने मे कामयाब होगी.
क्या कुवरसिंघ ने सविता को अपने दोस्तो के लिए मनाया होगा
क्या आज कुवरसिंघ अपने दोस्तो को बुलाने वाला है.
क्या सविता का हाल उस गर्ल की तरह होगा ,