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12थ डे
हम खंडहर से बाहर आ गये.
आदमी3-भैया अब हम क्या करेंगे
आदमी1-करना क्या है ,जितनी जल्दी हो सके यहाँ से वापस अपने गाओं चलते है.
सविता की सास-हमारे गाओं मे हम सेफ रहेंगे.वैसे भी मेरे हाथ से मार खा कर वो मर गया होगा.
आदमी4-मेरी एक बात समझ मे नही आई कि वो रेप कॉंडम पहन कर क्यू कर रहा था.
आदमी2-मेरी भी समझ मे ये बात नही आई.
अवी-अपनी सुरक्षा के लिए पहना होगा.
आदमी4-क्या मतलब
अवी-कुछ दिन पहले उसने एक लड़की का रेप किया था, हॉस्पिटल से वो क्या कहते है डीएनए टेस्ट से पता चल गया कि रेप इसने किया है. तो इसने उस लड़की को पैसे दे कर चुप कराया.इस बार ऐसा ना हो इस लिए शायद कॉंडम इस्तेमाल किया हो
आदमी4-यही हो सकता है.
सविता की सास-तुम चुप रहो. अपनी माँ के सामने कैसी बाते करते हो
फिर हम चुप चाप चलने लगे.आम के बगीचे से जाते समय मैं ने सविता के कपड़े चुपके से पेड़ के पास फेक दिए.
खेत मे वापस आते ही सब अपने काम मे लग गये. सविता के देवर की पत्नी ने समान पॅक करके रखा था.
शायद सविता का देवर जब अपनी माँ को बुलाने आया था तब बताया होगा कि समान पॅक करके रख
अबी सुबह के 4.00 बज रहे थे. लोग थोड़ी देर मे उठ जाएँगे.
आदमी1-दोस्त एक काम कर सकते हो
अवी-हाँ बोलो
आदमी1-शहर तक जाने के लिए कुछ मिल जाता तो ,
अवी-वो ट्राक्टेर देख रहे हो उनको कुछ पैसे दो वो तुम सब को शहर छोड़ देंगे.
सविता का पति ट्रॅक्टर वाले से बात करने लगा.
ट्रॅक्टर वाला तय्यार हो गया.सविता के देवर अपना समान ट्रॅक्टर मे रखने लगे.
सविता ,सविता का पति और सविता की सास मेरे पास आ गये.
आदमी1-तुमने जो हमारी मदद की है वो मैं मरते दम तक नही भूलूंगा. अगर तुम्हे कभी मदद की ज़रूरत हो तो ये मेरा नंबर रख लो, तुम ने जो हमारे लिए किया उसका शुक्रिया जान देकर भी नही चुका सकते है.
अवी-कैसी बात कर रहे हो, ये तो मेरा फ़र्ज़ था.
सविता की सास-बेटा तुम ने हमारी मदद की उसके बदले मे मैं ने अंजाने मे तुम्हे थप्पड़ मारा ,हो सके तो मुझे माफ़ करना
अवी-उसमे आपकी ग़लती नही थी.आपकी जगह अगर कोई और होता तो वो भी वही करता जो आपने किया है
सविता-भैया मैं आप का सुक्रिया कैसे अदा करू, आपने मुझे नयी ज़िंदगी ,
और सविता रोते हुए मेरे गले लग गयी. सविता का पति सविता कीहालत को समझ रहा था.
सविता ने गले लग कर मेरे कान मे कुछ कहा.
सविता-थॅंक्स अवी,
मेरा नाम सविता को कैसे पता चला. मैं तो भूल ही गया मैं ने सविता को अपना चेहरा दिखाया था. चाँद की रोशनी मे सविता ने मुझे पहचान लिया.
अच्छा हुआ सविता को पता तो चला कि उसका सपना किसने पूरा किया है.
सब ट्रॅक्टर मे बैठ गये.
आदमी2-थॅंक्स, कभी मिले तो मैं तुम्हारी मदद करके ये अहसान चुका दूँगा.
अवी-किस्मत मे लिखा हो तो ज़रूर मिलेंगे
सविता की फॅमिली रात के अंधेरे मे अपने गाओं की तरफ चली गयी.
सविता की फॅमिली जाते ही मैं आम के बगीचे मे चला गया.
मैं ने बॅग मे से कपड़े निकाल कर मोना के पति के कपड़े जो मैं ने पहन रखे थे उनको बॅग मे रख दिया.और अपने कपड़े पहन लिए .
फिर सविता के कपड़े, और मेरी चप्पल को खड्डे मे डाल कर उस पे पेट्रोल डाल कर जला दिए.
कपड़े जलते ही मैं ने खड्डे को बुझा दिया और बॅग को वापस छुपा दिया.
फिर मैं खंडहर की तरफ चला गया.
और ऐसे आक्टिंग करने लगा जैसे मैं अभी यहाँ आया हूँ.
अवी-कौन है वहाँ पर
कुवरसिंघ होश मे आया होगा तो ऐसी आवाज़ देना ज़रूरी था.
अवी-कौन चीख रहा था.
मैं ऐसे आवाज़ दे कर खंडहर मे चला गया. कुवरसिंघ अभी तक बेहोश था.
मैं ने कॅमरा और मोबाइल ले लिया.
फिर मैं ने कुवरसिंघ को उसके फटे हुए कपड़े पहना दिए .और कुवरसिंघ को उठा कर घर3 की तरफ जाने लगा
कुवरसिंघ का वेट ज़्यादा था पर ये सब करना ज़रूरी था.और मैं किसी की मदद ले भी नही सकता था.
लोगो के उठने से पहले मैं कुवरसिंघ को कैसे भी कर के घर3 लेकर आ गया.
कुवरसिंघ अभी तक बेहोश था.
मैं ने कुवरसिंघ के हाथ पैर रस्सी से बेड को बाँध दिए. और कुवरसिंघ के मूह पे टेप लगा दिया.
कुवरसिंघ को घर3 लाने के बाद मैं ने घर3 पे रखा हुआ कॅमरा ऑन किया.(खंडहर के लिए दूसरा कॅमरा खरीदा था )
फिर मैं ने हार्ड डिस्क ,रानी का लॅपटॉप ,खंडहर वाला कॅमरा और अपना मोबाइल बॅग मे डाल दिया और बॅग लेकर आम के बगीचे मे चला गया.
ये सब सामान कुवरसिंघ के साथ घर3 मे रखना डेंजर हो सकता था. और कुवरसिंघ मेरे ना रहने पे क्या करता है ये देखने के लिए एक कॅमरा घर3 मे ऑन किया था.
आम के बगीचे मे जो कपड़ो का बॅग रखा था उसे अपने साथ लेकर घर चला गया
कल शाम मे मैं विद्या के लिए मोबाइल लाया था ,मैं ने उसे कॉल किया .पर कॉल लगा नही, शायद सिम आक्टीवेट नही हुआ होगा.
मैं दोनो बॅग लेकर घर चला गया. चाची मुझे इतनी सुबह घर पर देख कर सर्प्राइज़्ड हुई.
मैं ने चाची को बहाना बना दिया. अच्छा हुआ सीमा चाची थी, अगर छोटी चाची होती तो सवाल पूछ कर परेशान करती
इतनी सुबह कैसे आए? ये 2 बॅग मे क्या है? बॅग लेकर कहाँ गया था?
मैं अपने कमरे मे चला गया और लॅपटॉप वाला बॅग अलमारी मे लॉक कर के रख दिया.
फिर मैं ने विद्या को अपने कमरे मे बुला लिया.
अवी-विद्या मोबाइल स्टार्ट हो गया
विद्या-मोबाइल तो स्टार्ट हो गया पर फोन नही लग रहा.
अवी-4 5 घंटो मे सिम आक्टीवेट हो जाएगा.और ये मोबाइल अपने पास रखना ,मैं कभी भी कॉल कर सकता हूँ
विद्या-ये मेरे पास ही रहेगा.
अवी-ये लो विद्या. इस बॅग मे कपड़े है उनको क्लीन कर देना
विद्या-कर दूँगी
अवी-तुम्हे जल्दी करना है. एक काम करो आज मंदिर मत आना ,और ये कपड़े वॉशिंग मशीन मे क्लीन कर देना.
विद्या-कर दूँगी. 2 घंटे मे कपड़े तुम्हे वापस दे दूँगी.
अवी-थॅंक्स. वैसे तुम्हे...जाने दो,
विद्या-क्या बात है
अवी-कुछ नही. फिर कभी आराम से बात करेंगे.
विद्या-जैसा तुम कहो ,मैं चलूं ,मुझे बहुत काम है.
अवी-ठीक है जाओ,पर एक किस तो दे दो
मैं ने विद्या को अपनी गोद मे बैठा दिया.
विद्या-लो ना जल्दी ,मुझे काम भी करना है
अवी-ले तो रहा हूँ, तुम्हे नीचे कुछ फील नही हो रहा.
विद्या-तुम भी ना, बोल देते तो सलवार निकाल देती
अवी-ऐसे ही मज़ा आता है.
थोड़ी देर विद्या के साथ टाइम पास करने के बाद हम तय्यार होके मंदिर चले गये.
मंदिर मे सब नॉर्मल था.कुवरसिंघ तो ऐसे रात भर बाहर रहता था, उसमे नयी बात नही थी.
पर कुवरसिंघ की पत्नी रेशमा कुछ परेशान थी.पता नही वो क्यू परेशान थी.
मंदिर मे पूजा करते ही मैं जल्दी से अपनी फॅमिली के साथ घर आ गया.
12थ डे
हम खंडहर से बाहर आ गये.
आदमी3-भैया अब हम क्या करेंगे
आदमी1-करना क्या है ,जितनी जल्दी हो सके यहाँ से वापस अपने गाओं चलते है.
सविता की सास-हमारे गाओं मे हम सेफ रहेंगे.वैसे भी मेरे हाथ से मार खा कर वो मर गया होगा.
आदमी4-मेरी एक बात समझ मे नही आई कि वो रेप कॉंडम पहन कर क्यू कर रहा था.
आदमी2-मेरी भी समझ मे ये बात नही आई.
अवी-अपनी सुरक्षा के लिए पहना होगा.
आदमी4-क्या मतलब
अवी-कुछ दिन पहले उसने एक लड़की का रेप किया था, हॉस्पिटल से वो क्या कहते है डीएनए टेस्ट से पता चल गया कि रेप इसने किया है. तो इसने उस लड़की को पैसे दे कर चुप कराया.इस बार ऐसा ना हो इस लिए शायद कॉंडम इस्तेमाल किया हो
आदमी4-यही हो सकता है.
सविता की सास-तुम चुप रहो. अपनी माँ के सामने कैसी बाते करते हो
फिर हम चुप चाप चलने लगे.आम के बगीचे से जाते समय मैं ने सविता के कपड़े चुपके से पेड़ के पास फेक दिए.
खेत मे वापस आते ही सब अपने काम मे लग गये. सविता के देवर की पत्नी ने समान पॅक करके रखा था.
शायद सविता का देवर जब अपनी माँ को बुलाने आया था तब बताया होगा कि समान पॅक करके रख
अबी सुबह के 4.00 बज रहे थे. लोग थोड़ी देर मे उठ जाएँगे.
आदमी1-दोस्त एक काम कर सकते हो
अवी-हाँ बोलो
आदमी1-शहर तक जाने के लिए कुछ मिल जाता तो ,
अवी-वो ट्राक्टेर देख रहे हो उनको कुछ पैसे दो वो तुम सब को शहर छोड़ देंगे.
सविता का पति ट्रॅक्टर वाले से बात करने लगा.
ट्रॅक्टर वाला तय्यार हो गया.सविता के देवर अपना समान ट्रॅक्टर मे रखने लगे.
सविता ,सविता का पति और सविता की सास मेरे पास आ गये.
आदमी1-तुमने जो हमारी मदद की है वो मैं मरते दम तक नही भूलूंगा. अगर तुम्हे कभी मदद की ज़रूरत हो तो ये मेरा नंबर रख लो, तुम ने जो हमारे लिए किया उसका शुक्रिया जान देकर भी नही चुका सकते है.
अवी-कैसी बात कर रहे हो, ये तो मेरा फ़र्ज़ था.
सविता की सास-बेटा तुम ने हमारी मदद की उसके बदले मे मैं ने अंजाने मे तुम्हे थप्पड़ मारा ,हो सके तो मुझे माफ़ करना
अवी-उसमे आपकी ग़लती नही थी.आपकी जगह अगर कोई और होता तो वो भी वही करता जो आपने किया है
सविता-भैया मैं आप का सुक्रिया कैसे अदा करू, आपने मुझे नयी ज़िंदगी ,
और सविता रोते हुए मेरे गले लग गयी. सविता का पति सविता कीहालत को समझ रहा था.
सविता ने गले लग कर मेरे कान मे कुछ कहा.
सविता-थॅंक्स अवी,
मेरा नाम सविता को कैसे पता चला. मैं तो भूल ही गया मैं ने सविता को अपना चेहरा दिखाया था. चाँद की रोशनी मे सविता ने मुझे पहचान लिया.
अच्छा हुआ सविता को पता तो चला कि उसका सपना किसने पूरा किया है.
सब ट्रॅक्टर मे बैठ गये.
आदमी2-थॅंक्स, कभी मिले तो मैं तुम्हारी मदद करके ये अहसान चुका दूँगा.
अवी-किस्मत मे लिखा हो तो ज़रूर मिलेंगे
सविता की फॅमिली रात के अंधेरे मे अपने गाओं की तरफ चली गयी.
सविता की फॅमिली जाते ही मैं आम के बगीचे मे चला गया.
मैं ने बॅग मे से कपड़े निकाल कर मोना के पति के कपड़े जो मैं ने पहन रखे थे उनको बॅग मे रख दिया.और अपने कपड़े पहन लिए .
फिर सविता के कपड़े, और मेरी चप्पल को खड्डे मे डाल कर उस पे पेट्रोल डाल कर जला दिए.
कपड़े जलते ही मैं ने खड्डे को बुझा दिया और बॅग को वापस छुपा दिया.
फिर मैं खंडहर की तरफ चला गया.
और ऐसे आक्टिंग करने लगा जैसे मैं अभी यहाँ आया हूँ.
अवी-कौन है वहाँ पर
कुवरसिंघ होश मे आया होगा तो ऐसी आवाज़ देना ज़रूरी था.
अवी-कौन चीख रहा था.
मैं ऐसे आवाज़ दे कर खंडहर मे चला गया. कुवरसिंघ अभी तक बेहोश था.
मैं ने कॅमरा और मोबाइल ले लिया.
फिर मैं ने कुवरसिंघ को उसके फटे हुए कपड़े पहना दिए .और कुवरसिंघ को उठा कर घर3 की तरफ जाने लगा
कुवरसिंघ का वेट ज़्यादा था पर ये सब करना ज़रूरी था.और मैं किसी की मदद ले भी नही सकता था.
लोगो के उठने से पहले मैं कुवरसिंघ को कैसे भी कर के घर3 लेकर आ गया.
कुवरसिंघ अभी तक बेहोश था.
मैं ने कुवरसिंघ के हाथ पैर रस्सी से बेड को बाँध दिए. और कुवरसिंघ के मूह पे टेप लगा दिया.
कुवरसिंघ को घर3 लाने के बाद मैं ने घर3 पे रखा हुआ कॅमरा ऑन किया.(खंडहर के लिए दूसरा कॅमरा खरीदा था )
फिर मैं ने हार्ड डिस्क ,रानी का लॅपटॉप ,खंडहर वाला कॅमरा और अपना मोबाइल बॅग मे डाल दिया और बॅग लेकर आम के बगीचे मे चला गया.
ये सब सामान कुवरसिंघ के साथ घर3 मे रखना डेंजर हो सकता था. और कुवरसिंघ मेरे ना रहने पे क्या करता है ये देखने के लिए एक कॅमरा घर3 मे ऑन किया था.
आम के बगीचे मे जो कपड़ो का बॅग रखा था उसे अपने साथ लेकर घर चला गया
कल शाम मे मैं विद्या के लिए मोबाइल लाया था ,मैं ने उसे कॉल किया .पर कॉल लगा नही, शायद सिम आक्टीवेट नही हुआ होगा.
मैं दोनो बॅग लेकर घर चला गया. चाची मुझे इतनी सुबह घर पर देख कर सर्प्राइज़्ड हुई.
मैं ने चाची को बहाना बना दिया. अच्छा हुआ सीमा चाची थी, अगर छोटी चाची होती तो सवाल पूछ कर परेशान करती
इतनी सुबह कैसे आए? ये 2 बॅग मे क्या है? बॅग लेकर कहाँ गया था?
मैं अपने कमरे मे चला गया और लॅपटॉप वाला बॅग अलमारी मे लॉक कर के रख दिया.
फिर मैं ने विद्या को अपने कमरे मे बुला लिया.
अवी-विद्या मोबाइल स्टार्ट हो गया
विद्या-मोबाइल तो स्टार्ट हो गया पर फोन नही लग रहा.
अवी-4 5 घंटो मे सिम आक्टीवेट हो जाएगा.और ये मोबाइल अपने पास रखना ,मैं कभी भी कॉल कर सकता हूँ
विद्या-ये मेरे पास ही रहेगा.
अवी-ये लो विद्या. इस बॅग मे कपड़े है उनको क्लीन कर देना
विद्या-कर दूँगी
अवी-तुम्हे जल्दी करना है. एक काम करो आज मंदिर मत आना ,और ये कपड़े वॉशिंग मशीन मे क्लीन कर देना.
विद्या-कर दूँगी. 2 घंटे मे कपड़े तुम्हे वापस दे दूँगी.
अवी-थॅंक्स. वैसे तुम्हे...जाने दो,
विद्या-क्या बात है
अवी-कुछ नही. फिर कभी आराम से बात करेंगे.
विद्या-जैसा तुम कहो ,मैं चलूं ,मुझे बहुत काम है.
अवी-ठीक है जाओ,पर एक किस तो दे दो
मैं ने विद्या को अपनी गोद मे बैठा दिया.
विद्या-लो ना जल्दी ,मुझे काम भी करना है
अवी-ले तो रहा हूँ, तुम्हे नीचे कुछ फील नही हो रहा.
विद्या-तुम भी ना, बोल देते तो सलवार निकाल देती
अवी-ऐसे ही मज़ा आता है.
थोड़ी देर विद्या के साथ टाइम पास करने के बाद हम तय्यार होके मंदिर चले गये.
मंदिर मे सब नॉर्मल था.कुवरसिंघ तो ऐसे रात भर बाहर रहता था, उसमे नयी बात नही थी.
पर कुवरसिंघ की पत्नी रेशमा कुछ परेशान थी.पता नही वो क्यू परेशान थी.
मंदिर मे पूजा करते ही मैं जल्दी से अपनी फॅमिली के साथ घर आ गया.