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18थ डे
सुबह हम सब मंदिर चले गये.
मंदिर जाकर पूजा करने के बाद रणजीतसिंघ मेरे साथ बाते करना चाहता था .
अवी-आज तुम काम देख लो मैं आज अपनी फॅमिली के साथ शॉपिंग करने जा रहा हूँ.
रणजीतसिंघ-आज फॅमिली टाइम है
अवी-हाँ, दादाजी ने कहा था कि मेले का काम देखने के बाद सबको गिफ्ट देने है.
रणजीतसिंघ-ये अच्छा सोचा
अवी-तो मैं आज सब को शॉपिंग कराने ले जा रहा हूँ ,
रणजीतसिंघ-यहाँ की टेन्षन मत लो ,यहाँ मैं देख लूँगा.
अवी-अब सीधा कल मिलते है.
रणजीतसिंघ से बात करने के बाद मैं अपनी फॅमिली के साथ घर आ गया.
मैं ने बुआ को उनके घर जाने नही दिया.
सी चाची-क्या बात है अवी, सब को एक साथ क्यूँ बुलाया है
अवी-आज हम सब शहर जाने वाले है.
बी चाची-शहर ,वो किस लिए
अवी-वो तो शहर जाकर पता चलेगा
नीता बुआ-शहर जा कर क्या करना है वो तो बताओ ,
अवी-वो शहर जाकर आपको खुद पता चल जाएगा.
स्वेता दीदी-कही कोई लड़की तो पसंद नही कर ली.जो हम सब को उसके घर ले जा रहे हो
पूजा बुआ-अवी ,स्वेता क्या कह रही है
बी चाची-अवी
अवी-चाची, दीदी मज़ाक कर रही है ,हम किसी और काम से जा रहे है.
म चाची-अवी बता ना , अगर तू नही बताएगा तो मैं नही आउन्गि
सीतल दीदी-मैं नही आने वाली.
अवी-छोटी चाची की तरफ देख कर ,ठीक है मत चलो
और मैं अपने कमरे मे चला गया
कोमल-क्या दीदी आपने अवी को नाराज़ कर दिया.
सीतल दीदी-मुझे क्या पता था कि अवी को गुस्सा आ जाएगा.
सी चाची-दीदी अवी इतना कह रहा है तो हमे उसके साथ जाना चाहिए ,शायद अवी हमे सर्प्राइज़ देना चाहता हो
नेहा बुआ-पर ऐसे कैसे चले जाए ,
पूजा बुआ-मीना ठीक कह रही है, शायद वो हमे कही ले जाना चाहता हो
रानी-मैं सोच रही थी कि..........
पूनम दीदी-तुम क्या सोच रही हो
रानी-मुझे ऐसा लग रहा है कि ,अवी अपना प्रॉमिस पूरा करने के लिए शहर ले जा रहा होगा.
म चाची-कैसा प्रॉमिस
रानी-मेले की शुरुआत मे हम ने अवी से गिफ्ट माँगे थे ,शायद वही प्रॉमिस पूरा करना चाहता होगा.
सी चाची-अब तो मुझे भी ऐसा लग रहा है.
ब चाची-अगर ऐसा है तो हमे शहर जाना चाहिए
पूजा बुआ-हाँ, चलो चलके देखते है अवी किस लिए शहर ले जा रहा है. वैसे वो हमारा इतना ख़याल रखता है और हम है कि उसको नाराज़ कर दिया.
नीता बुआ-चलो अवी को मनाते है.
स्वेता दीदी-नही, हम अवी को ये नही दिखाएँगे कि हमे सब पता है ,बस उसके साथ चलने को हाँ कर देंगे ...
नीता बुआ-हाँ चलो चलते है
चाचा-कहाँ जाने की बाते हो रही है.
सीतल दीदी-मामा अवी के साथ हम शहर जा रहे है.
चाचा-सब जा रहे है
कविता लीना-हाँ
चाचा-कब निकल रहे हो
सी चाची-आप नही आ रहे
चाचा-नही. मुझे यहाँ एक ज़रूरी काम है.तुम सब जाओ
ब चाची-आप साथ चलते तो अवी को अच्छा लगता .
चाचा-मैं आ जाता पर मुझे ठाकुरजी से मिलने जाना था. तुम्हे तो पता है. मेरा जाना ज़रूरी है.
म चाची-कल भी तो मिल सकते है ठाकुरजी से
चाचा-सुमन तुम्हे तो पता है.
ब चाची- आप ठाकुरजी से मिल लीजिए हम अवी के साथ शहर जाते है.
सब के डिसाइड करने के बाद स्वेता दीदी मेरे कमरे मे आ गयी.
स्वेता दीदी-अवी नाराज़ हो
अवी-मैं क्यू नाराज़ रहूँगा.
स्वेता दीदी-मुझे पता है तू नाराज़ है. और मैं यहाँ तेरी नाराज़गी दूर करने आई हूँ.
अवी-आप को पता हैना मैं किस बात से नाराज़ हूँ
स्वेता दीदी-हाँ, अब सुन ,सब शहर जाने की तय्यारी कर रहे है. तू भी तय्यार हो जा, ये धोती छोड़ो और जीन्स पहन ले
अवी-सब तय्यार हो गये
स्वेता दीदी-हाँ ,अब बता कितने बजे निकलना है
अवी-10 बजे ,खाना खा कर निकलते है
स्वेता दीदी-ठीक है मैं सब को बता कर आती हूँ.
सब खाना बनाने मे लग गये.
मैं ने पायल को कॉल करके बता दिया कि वो 10 बजे मेरे यहाँ आ जाए.
खाना बन ने तक मैं बच्चों को शहर ले जाने के लिए आइडिया लगाने लगा.
बच्चों को ज़्यादा देर बाहर रखना ठीक नही होगा.
मैं ने डिसाइड किया कि पहले चाची की खरीददारी कर दूँगा और उनको एक कार मे वापस भेज दूँगा.
जब तक चाची खरीदी करेगी बच्चों के पास विद्या और रति रुक जाएगी.
पंकज की मामी के साथ जिस शॉप मे गया था वहाँ पर बच्चों को खेलने के लिए एक रूम था वहाँ पर बच्चे सेफ रहेंगे
चाची को कहूँगा कि बीच बीच मे बच्चों को देखती रहे.
पहले छोटी चाची को शॉपिंग करवाउन्गा तब तक रानी बच्चों के पास रुक जाएगी.
फिर रानी और छोटी चाची अपनी जगह एक्सचेंज करेगी.
सब फिक्स हो गया.
इस बार मेले की तरह ग़लती नही होगी.
हम खाना खाने के बाद शहर जाने के लिए तय्यार हो गये.
पूजा बुआ ,नीता बुआ और ज्योति बुआ घर जाकर सब के मोबाइल लेकर आ गयी.
पायल भी अपने समय पर आ गयी.
पायल को देख कर सब शॉक्ड हुए पर मैं ने बताया कि कार ज़्यादा रहेंगी तो ट्रॅवेलिंग मे प्राब्लम नही होगी.
सब आराम से 3 कार मे अड्जस्ट हो गये
विद्या चाची और पूजा बुआ एक कार मे बैठ गयी.
नीता बुआ ,नेहा बुआ ,मेरे बहनें और रति नेक्स्ट कार मे
पायल की कार मे कविता ,लीना और राज आ गया.
और मेरी बाइक पे कोमल और रानी बैठ गयी.
मैं सब से आगे और हमारे पीछे कार आने लगी.
अवी-कोमल और रानी तुम्हे मेरा एक काम करना है.
कोमल-हाँ बोलो
अवी-तुम को पता है हम शहर क्यूँ जा रहे हैं
कोमल-नही
अवी-हम शॉपिंग करने जा रहे है.
कोमल-शॉपिंग
अवी-हाँ, अब सुनो जब तक चाची की शॉपिंग नही होती तुम दोनो बच्चों के साथ रहोगी.
कोमल-ठीक है ,
अवी-चाची को शॉपिंग करवाने के बाद हम शॉपिंग करेंगे
कोमल-समझ गयी.
रानी और कोमल को उनका काम बता कर हम शहर की तरफ जाने लगे.
शहर जाकर मैं ने अपनी बाइक शॉप के सामने रोक दी.
सब कार से नीचे उतर गये
सी चाची-ये कहाँ ले आए हो हमें
अवी-सर्प्राइज़्ड ,हम शॉपिंग करने आए है.
मेरी बात सुनकर सब मन ही मन मे स्माइल करने लगे
किसी के चेहरे पे शॉकिंग एक्सपेस्षन ना देख कर मैं शॉक्ड हो गया.
तभी स्वेता दीदी मेरे मन की बात समझ गयी.
स्वेता दीदी-शॉपिंग या हुउऊउ
स्वेता दीदी के साथ सब ने दिया और सब खुश हो गये.
फिर हम सब शॉप मे चले गये.