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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 904

अब तो यही चलेगा.

कोमल को अब पढ़ाई के साथ लोगो के कॉमेंट का सामना करना होगा .ऐसा करने से कोमल सही मायने मे टॉप करेगी तो सबको अच्छा लगेगा

पढ़ाई अगर नेगेटिव बातों पे मात करके की जाए तो उसकी वॅल्यू बढ़ जाती है.

आरती तो मेंटली कोमल को डिस्ट्रब करके टॉप आना चाहती है.

आरती तो हर तरह से कोमल को डिस्ट्रब करके शर्त जितना चाहती है.

लेकिन मैं और रानी ,कोमल को कमज़ोर नही पड़ने देंगे.

हम कोमल की हिम्मत बनाए रखेंगे.

लेकिन आज आरती ने कॉलेज मे पोस्टर लगा के ग़लत किया. टीचर तक बात चली गयी. अब देखते है आगे क्या होगा.टीचर कुछ करेंगी या आरती इस से भी आगे बढ़ेंगी.

मैं ने तो कोमल का मूड ठीक करने की पूरी कोशिस की.

फिर भी कोमल थोड़ी अपसेट थी जिस से शाम मे मैं उस से मिलने चला गया.

कोमल पढ़ाई करने की जगह वो बेड पे लेट कर कुछ सोच रही थी.

अवी-मे आइ कम इन मेडम

कोमल-अवी तुम ,

अवी-क्या सोच रही थी.

कोमल-कुछ नही

अवी-मुझे तो लगा तुम मुझसे झूठ नही बोलती. जाने दो मैं वापस जाता हूँ, मेरी फ्रेंड मुझसे झूठ बोल रही है.

कोमल-रूको

मैं रुक गया और वापस कोमल के पास जाकर बैठ गया.

अवी-क्या बात है.

कोमल-आज जो कॉलेज मे हुआ उसके बारे मे सोच रही थी.

अवी-उसके बारे मे सोच कर तुम्हें क्या मिलेगा.

कोमल-आरती मेरी फ्रेंड है ,उसने आज जो किया उस से मैं अपसेट हूँ .उसे ऐसा नही करना चाहिए

अवी-उसे ऐसा लगता है कि वो टॅलेंटेड है उसकी बराबरी कोई नही कर सकती.

कोमल-पर मैने तो उसके उकसाने पे शर्त लगाई थी. मैं इस लफडे मे पड़ना नही चाहती थी.

अवी-अब जो हुआ उसे बदल नही सकते

कोमल-मैं कल शर्त वापस लूँगी. मैं हार गयी हूँ डिक्लियर करूँगी.

अवी-तुम कौन हो

कोमल-ये कैसा सवाल है.

अवी-तुम कौन हो. मेरी कोमल कहाँ है.क्या किया तुमने कोमल के साथ

कोमल-ये क्या बोल रहे हो .मैं कोमल हूँ

अवी-तुम कोमल नही हो सकती.हमारी कोमल ऐसी नही थी.

कोमल-साफ साफ बोलो .कहना क्या चाहते हो

अवी-हमारी कोमल बिना खेले हार मान रही है. हमारी कोमल ऐसी नही थी.

कोमल-मैं क्या करूँ. इस शर्त ने जो रूप अपना लिया है वो एक तो मुझे या आरती को नुकसान पहुँचा देगा.

अवी-ये तो सही है .पर बिना खेले हार मान लेना कहाँ की अकल्मंदी है.

कोमल-मुझ से नही होगा.

अवी-तुम्हें ये खेल खेलना होगा.ऐसा खेलना होगा जिस से आरती फ्रेंडशिप की वॅल्यू को समझ सके.

कोमल-ये कैसे होगा.

अवी-मुझे नही पता पर तुम्हें करना होगा.

कोमल-तुम समझ नही रहे हो

अवी-तुम सिर्फ़ पढ़ाई करके डॉक्टर बनाना चाहती हो तो ऐसा कोई भी बनता है. शर्त का प्रेसर ,आरती की नेगेटिव थिंकिंग का सामना करके अगर तुम डॉक्टर बनोगी तो मुझे ज़्यादा खुशी होगी.

कोमल-तुम खुश होंगे

अवी-हाँ .पर ऐसी जीत से जिसमे आरती भी फ्रेंड की जीत मे शामिल हो.

कोमल-मैं कोशिस करूँगी

अवी-कोशिस नही. तुम्हें ये करना होगा . तुम इस से पढ़ाई की दुनिया से बाहर की दुनिया मे कदम रख पाओगी

कोमल-पर आरती कुछ ज़्यादा सीरीयस है.

अवी-कुछ दिन बाद वो ठंडी हो जाएगी.

कोमल-अब तो पूरे कॉलेज मे ये बात फैल गयी.

अवी-तो क्या हुआ. तुम बस पॉज़िटिव बातों पे ध्यान दो.और मैं रानी हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे

कोमल-तो तुम चाहते हो मैं टॉप करूँ .

अवी-टॉप करके डॉक्टर बन जाओ

कोमल-अब तो मैं ज़रूर शर्त जीतूँगी.

अवी-ये हुई ना बात ,और कभी भी टेन्षन आए तो मैं और रानी है.

कोमल-अब टेन्षन लूँगी नही. आरती की बातों को इग्नोर करूँगी

अवी-ये हुई ना बात ,ये है हमारी कोमल

कोमल-थॅंक्स ,मेरा कॉन्फिडेन्स वापस लाने के लिए

अवी-तुम उदास अच्छी नही लगती. ऐसे हस्ते हुए क्यूट लगती हो.

कोमल मेरी बात सुनते शरमा गयी.

और मेरे गले लग कर मेरे गाल पे किस किया.

इस किस से मुझे टूर की बात याद आ गयी.

पर मैं ने जल्दी अपना माइंड दूसरी तरफ डाइवर्ट किया.

और कोमल का कॉन्फिडेन्स बढ़ाने के किए उसके साथ बातें करने लगा.

रानी को कॉल करके हम थोड़ी देर मेले और टूर की बातें करने लगे.

कोमल अब इस कॉन्फिडेन्स के साथ शर्त ज़रूर जीतेगी.

हम काफ़ी देर तक बातें करते रहे.

मैं ने खाना भी कोमल के साथ खाया.

पूरी शाम मेरे साथ बिताने से कोमल खुश हो गयी.

फिर कल मिलने का प्रॉमिस करके मैं अपने घर चला गया.

नेक्स्ट डे

आज तो क्लासस स्टार्ट होंगे

कोमल और आरती को देख कर सब शर्त की बातें करके अपने अपने कॅंडिटेट को विश कर रहे थे

आरती को पता चल गया कि उसने कल जो पोस्टर लगाया था उस से मिसेज़ गुप्ता नाराज़ है

वो अच्छा हुआ कल कोमल ने मिसेज़ गुप्ता को आरती के बारे मे नही बताया.

आरती को जब पता चला कि मिसेज़ गुप्ता गुस्सा है तो वो नॉर्मल बिहेव कर रही थी.

आरती ऐसे दिखा रही थी कि उसे पोस्टर के बारे मे कुछ पता नही था.

आरती के नॉर्मल बिहेव करने से कोमल रिलॅक्स होकर अपने पढ़ाई मे लग गयी .

कुछ दिन आरती शांत रहेगी.

रानी है कोमल का साथ देने के लिए.

मैं लड़कियो के शर्त झगड़े से दूर रहूँगा. ताकि कोमल की जीत क्लीन हो

पर मैं अपनी नज़र कोमल और आरती पे बनाए रखूँगा

लेकिन करीम और उसकी गर्लफ्रेंड आज भी नही आई.

मुझे करीम से कल बात करने उसके घर जाना होगा.

आज का दिन शांत बीतने से मैं कोमल के साथ हस्ते हुए घर आ गया.
 
चॅप्टर 905

मिसेज़ गुप्ता को पता चलने से आरती डर गयी थी जिस से कुछ दिन आराम से बीतेंगे

मैं भी रिलॅक्स हो गया पर

करीम आज भी कॉलेज नही आया.

करीम तो डेली कॉलेज आने वालो मे से एक था

कॉलेज स्टार्ट हो गया. अपने फ्रेंड से मिलने से ज़्यादा ज़रूरी कौन सा काम हो सकता है.

शायद वो अपनी बाजी के घर गया होगा.

ऐसा होता तो उसकी गर्लफ्रेंड तो आ जाती कॉलेज मे

कुछ तो बात होगी.

करीम के घर जाके देख लेता हूँ.

लेकिन करीम की गर्लफ्रेंड मिल जाती तो उस से पूछ लेता. उसको फोन करके देखता हूँ.

इस बार फोन लग गया और उसने फोन उठा भी लिया.

अवी-हेलो

करीम की गर्लफ्रेंड-हेलो अवी

अवी-शुक्र है तुम्हें याद तो हूँ.

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम्हें ही याद कर रही थी.

अवी-मुझे .क्यूँ करीम है ना

करीम की गर्लफ्रेंड-करीम के ही बारे मे बात करनी थी.

अवी-करीम के बारे मे ,क्या हुआ उसे

करीम की गर्लफ्रेंड-मिलके बात करते है

अवी-कॉलेज के कॅंटीन मे आ जाओ मुझे भी तुमसे बात करनी है.

करीम की गर्लफ्रेंड-आधे घंटे मे पहुँच जाउन्गी .बाइ

ये करीम को क्या हुआ.

करीम की गर्लफ्रेंड को करीम के बारे मे क्या बात करनी थी.

लगता है करीम टेन्षन या परेशान होगा तभी मेरी मदद की ज़रूरत पड़ रही है.

मैं ने क्या ठेका लेकर रखा है. जो इनकी परेशानी अपने सर लेता रहूं

पर फ्रेंड है. फ्रेंड की मदद करनी पड़ती है.

पहले पता तो लगा लूँ कि करीम को हुआ क्या है.

करीम की गर्लफ्रेंड समय से पहले आ गयी. अब तो ज़रूर कोई बात होगी तभी करीम की गर्लफ्रेंड भागते हुए आई है.

करीम की गर्लफ्रेंड हाफ़ रही थी .मैं ने उसे पानी दिया .उसे सास लेने को कहा .

उसके नॉर्मल होते ही हम बातें करने लगे

अवी-क्या हुआ .ऐसे भागते हुए क्यूँ आई.

करीम की गर्लफ्रेंड-तुमसे बात जो करनी थी

अवी-मुझे भी तुमसे बात करनी थी.

करीम की गर्लफ्रेंड-पहले मेरी बात सुनो .मेरी बात ज़रूरी है

अवी-बोलो

करीम की गर्लफ्रेंड-करीम कुछ दिन से परेशान है. मुझसे बात भी नही कर रहा

अवी-तो मैं क्या करूँ

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम ही कुछ कर सकते हो. करीम से मिलके पता करो कि वो परेशान क्यूँ है.

अवी-फॅमिली प्राब्लम होगी इसमे मैं क्या कर सकता हूँ

करीम की गर्लफ्रेंड-2 हफ्ते से मेरी बात नही हुई है. उसका फोन स्विच ऑफ है. मुझे तो उसकी फिकर हो रही है

अवी-तो मिलने उसके घर चली जाओ,

करीम की गर्लफ्रेंड-गयी थी पर उसने मिलने से मना किया.

अवी-मिलने से मना किया,फिर ज़रूर कुछ बात होगी.

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम उसके फ्रेंड हो तुम पता लगवाना कि उसे परेशानी क्या है

अवी-तुम उसकी गर्लफ्रेंड होके तुम्हें नही बताया तो मुझे क्यू बताएगा.

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम फ्रेंड हो. फ्रेंड को बात जल्दी बता देते है

अवी-लेकिन इन सब मे मुझे क्या मिलेगा

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम जो चाहो वो मिलेगा.

अवी-पहले पुरानी डिमॅंड तो पूरी कर दो

करीम की गर्लफ्रेंड-कौनसी

अवी-तुम्हें क्या कहा.था कि करीम की बहन सोफीया को मेरे लिए सेट करो

करीम की गर्लफ्रेंड-मैं कोशिस कर रही हूँ पर वो हाथ नही आ रही

अवी-साफ साफ बोलो तुम सेट कर सकती हो या नही

करीम की गर्लफ्रेंड-मुश्किल है. मतलब ना

अवी-ऐसा बोलो ना. अब मैं ट्राइ करता हूँ.

करीम की गर्लफ्रेंड-तुम नाराज़ नही हुए

अवी-नही. मैं ट्राइ करूँगा तो सोफीया मेरे साथ होती अब तक. तुम टेन्षन मत लो करीम से मैं आज बात कर लूँगा.

करीम की गर्लफ्रेंड-पक्का करोगे

अवी-हा. वो मेरा फ्रेंड है.

करीम की गर्लफ्रेंड-थॅंक्स

अवी-थॅंक्स बाद मे कहना पहले एक किस दो

करीम की गर्लफ्रेंड-यहाँ .यहाँ कैसे

अवी-चलो पार्क मे

करीम की गर्लफ्रेंड-अवी बाद मे जितने चाहे लेना .पहले करीम का काम कर दो

अवी-मैं मज़ाक कर रहा था , मैं तुम्हारा काम करता हूँ . पहले प्राब्लम क्या है ये समझ लूँ फिर प्राब्लम सॉल्व करूगा.

करीम की गर्लफ्रेंड-मुझे पूरा विश्वास है तुम मेरा काम ज़रूर पूरा करोगे

अवी-फ्रेंड्स के लिए इतना तो करना पड़ेगा.

करीम की गर्लफ्रेंड-फ्रेंड हो तो तुम्हारे जैसा

अवी-मस्का मत लगाओ .मैं करीम के घर जाके आता हूँ.

करीम की गर्लफ्रेंड-थॅंक्स

करीम की गर्लफ्रेंड की बातों से पता चल रहा था कि करीम किसी टेन्षन मे है.

अब उसे क्या टेन्षन हो सकती है. वो बिंदास लड़का है.

उसकी 2 बाजी का निकाह हो गया अब क्या टेन्षन होगा.

शायद सोफीया की वजह से तो टेन्षन मे नही है. शायद वो ग़लत लड़के के साथ फसि हो सकती है.

ये हो सकता है. अगर सोफीया का टेन्षन होगा तो मेरा भी फ़ायदा हो सकता है.

चलो करीम से मिलके पता लगा लेता हूँ.

मैं करीम के घर चला गया.

पहले तो करीम ने मिलने से मना किया पर मैं बिना मिले बिना जा नही सकता था.

करीम को पता था कि मैं अपना काम निकाले बिना जाउन्गा नही.

मेरे आगे उसको झुकना पड़ा .

करीम पोपट की तरह बोलने लगा.

करीम की बात सुनकर मुझे झटका लगा.

करीम अपनी अम्मी की वजह से टेन्षन मे था.

करीम की अम्मी का किसी और आदमी के साथ चक्कर चल रहा था.

मुझे तो करीम की अम्मी से इसी की उम्मीद थी.

करीम के अब्बा काम के वजह से बाहर जाते रहते है ऐसे मे ये तो होना ही है.

करीम अपनी अम्मी के बारे मे बता कर रोने लगा.

मैं करीम को सहारा दिया. उसे हिम्मत से काम लेने को कहा.

करीम अपने दिल की बात बता कर उसे हल्का लगने लगा.

मैं ने करीम को इस बात का सोल्यूशन बताया .

करीम तो पहले गुस्सा हुआ पर उसे मेरी बात मानने के अलावा कोई रास्ता नही था.

करीम अपनी अम्मी के लिए मेरा साथ देने को तैयार हुआ.

फिर मैं और करीम काम मे लग गये.

हम धीरे धीरे अपना काम करके करीम की अम्मी की मदद करने लगे.

इसी बीच मैं ने सोफीया से छेड़छाड़ शुरू की

मस्ती मज़ाक कर लेता सोफीया के साथ

मैं करीम की अम्मी का प्राब्लम सॉल्व करते हुए सोफीया पे ट्राइ कर रहा था

उधर कॉलेज मे सब शांत था .आरती के शांत रहने से मैं कोमल पे कम ध्यान देने लगा.

करीम का काम करना ज़रूरी था.

करीम की अम्मी का प्राब्लम इस तरह सॉल्व की ,जिस से सोफीया मेरी बाहों मे आ गयी किस्मत से

करीम अपनी अम्मी को खुश देख कर मुझे थॅंक्स कहने लगा.

मैं सोफीया के साथ प्यार करके खुश हो गया.

मैं ने करीम की बहन सोफीया और करीम की अम्मी ,दोनों की चुदाई की.

करीम की गर्लफ्रेंड भी करीम को खुश देख कर मुझे थॅंक्स कहने लगी.

मैं ने कॉलेज करते हुए करीम का काम कर दिया.

करीम का काम करने मे कुछ दिन लग गये पर मुझे सोफीया की कुवारि चूत मिल गयी.

साथ मे करीम की अम्मी की गंद मार कर तो दिल खुश हो गया.

करीम का प्राब्लम सॉल्व होते ही उसने कॉलेज आना शुरू किया.

कॉलेज तो अब अच्छे से स्टार्ट हो गया.

जल्दी जूनियर के क्लास शुरू होंगे फिर तो मज़ा आ जाएगा.
 
चॅप्टर 906

करीम का प्रॉब्लम सॉल्व हो गया.

मुझे सोफीया मिल गयी. करीम की तीनो बहनों की चूत की सील मैं ने तोड़ी.

2 बहनों की तो एक साथ तोड़ी थी. अब सोफीया की चुदाई करके दिल खुश हो गया

सोफीया की जवानी ने मुझे काफ़ी इंतजार करवाया .करीम की गर्लफ्रेंड ने पहले बता दिया होता कि उस से नही होगा तो अब तक मैं ट्राइ कर लेता.

चलो जाने दो. जो होता है वो अच्छे के लिए होता है.सोफीया के साथ उसकी अम्मी भी मिल गयी.

करीम भी खुश है. वो अपनी गफ़ के साथ कॉलेज आने लगा.

कॉलेज तो अब अच्छे से स्टार्ट हो गया.

कोमल अपनी पढ़ाई पे ध्यान दे रही ही. रानी कोमल के साथ बनाए हुई थी.

आरती मिसेज़ गुप्ता की वजह से शांत थी.

लेकिन जल्दी कुछ ना कुछ ज़रूर होगा.

पंकज तो जूनियर के आने का इंतजार कर रहा था

जूनियर से याद आया कविता और लीना का कॉलेज स्टार्ट होगा.

कविता और लीना तो पूरी तैयारी मे लगी हुई होगी.

वो तो तैयारी मे लगी थी पर मुझे टेन्षन आ रहा था.

कविता लीना का अड्मिशन दूसरे कॉलेज मे कर तो दिया पर अब उनको मेनेज करना होगा.

नेहा बुआ नीता बुआ से बात छुपाना आसान है.क्यूँ कि वो तो घर पे रहेंगी.

पर कोमल को तो पहले दिन ही पता चल जाएगा.

मुझे कोमल को सच बता कर समझाना होगा कि कविता लीना के लिए यही अच्छा था कि वो दूसरे कॉलेज मे पढ़ाई करे.

कोमल को मनाना मुश्किल होगा क्यूँ कि बात छुपाने से वो गुस्सा होगी.

फिर भी मुझे कोमल को मनाना होगा.

पहले अपनी नटखट बहनों से तो मिल लूँ ,मंडे से वो स्कूल गर्ल से कॉलेज गर्ल बन जाएगी.

कविता लीना बड़ी हो रही है.

देखता हूँ दोनो क्या कर रही.

मैं ने लीना को फोन करके पूछा कि वो किस घर मे है.

मैं नीता बुआ के घर चला गया. कविता लीना के कमरे बैठ कर पुरानी किताबें स्टोर रूम मे रखने की तैयारी कर रही थी ताकि नयी किताबो को जगह मिल सके.

मैं लीना के कमरे मे जाकर बेड पे बैठ गया .दोनो ने एक बार मेरी तरफ देखा ,मुझे एक स्माइल दे कर फिर से अपने काम मे लग गयी.

अवी-मैं यहाँ तुमसे मिलने आया हूँ और तुम हो कि मेरी तरफ देख नही रही हो.

लीना-भैया हम बिज़ी है.

कविता-हमे बहुत काम है.

अवी-तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना .आज ऐसे बातें कर रही हो

लीना-हमारी तबीयत ठीक है. बस मंडे की तैयारी कर रही है.

कविता-मंडे से कॉलेज जो शुरू हो रहा है और हम ने अब तक कुछ तैयारी नही की.

अवी-मुझे तो लगा अब तक तुम ने पूरी तैयारी कर ली होंगी

लीना-भैया हम एमबीए के बारे मे सोच रही थी.

कविता-और हम एक्सट्रा कोर्सस भी करने के बारे मे सोच रहे थे

अवी-तुम अभी कॉलेज मे जा रही हो. ग्रेजुएशन कॉलेज मे जाने मे टाइम है.

लीना-ये बात हमे थोड़ी देर पहले समझ मे आई है,इसी लिए काम मे लग गये

कविता-आप हमे डिस्ट्रब मत करिए. यहाँ का काम करने के बाद मेरा कमरा भी ठीक करना है.

अवी-हो जाएगा पहले मेरे पास आकर बैठो

लीना-भैया ,हम बिज़ी है

अवी-थप्पड़ दूं

थप्पड़ का नाम सुनते ही दोनो चुप चाप मेरे पास आकर बैठ गयी.

दोनो पसीने से भीग गयी.

अवी-ये क्या हाल बना कर रखा है .

लीना-भैया हमे तो टेन्षन आ रहा है

अवी-तुम्हारे भाई के होते हुए तुम टेन्षन ले रही हो.

लीना-भैया मंडे से कॉलेज स्टार्ट होगा.

अवी-तो क्या हुआ.

कविता-हम ने ना ड्रेस लिया, ना किताबें, ना बॅग ,हमारे पास कुछ नही है.

अवी-तुम्हारे पास मैं हूँ. फिर इतनी टेन्षन क्यूँ ले रही हो

लीना-भैया एक दिन मे इतना सब कैसे होगा.

अवी-मैं हूँ ना. हम कल शॉपिंग करने जाएँगे.

कविता-एक दिन मे हो जाएगा

अवी-हम मिल के करेंगे. तुम कोमल को किताबो की लिस्ट बनाने को बोल दो

लीना-अभी फोन करती हूँ.

लीना ने कोमल को फोन करके किताबो की लिस्ट और कॉलेज मे जो लगता है उसकी लिस्ट बनाने को कहा

लड़कियो का यही टेन्षन होता है. वो पर्फेक्ट रहना चाहती है.

पहले दिन ही पूरी तैयारी से कॉलेज जाना चाहती है.

अपने किताब से लेके सॅंडल तक सब तैयार कर के कॉलेज जाएगी. किताबो को कवर लगाना टाइम पे नोट लिखना ,असाइनमेंट कंप्लीट रखना. सब पर्फेक्ट होना चाहिए

आराम से किताबें ले सकते है पर इनको तोपहले दिन लेनी है किताबें.

इनको समझा के कोई फ़ायदा नही होगा.

अवी-लो किताबो का हो गया .अब क्या बाकी है.

कविता-कॉलेज बॅग.

अवी-पिछले साल तो स्कूल की ली थी .वो चल जाएगी.

लीना-हमे नयी चाहिए. कॉलेज के पहले दिन इंप्रेशन खराब नही करना चाहता

अवी-इंप्रेशन दिखाना है.

कविता-हाँ, हम कॉलेज पे राज करना चाहती है, कॉलेज को हम चलाना चाहते है.

अवी-अब ये कौनसा भूत तुम दोनो के दिमाग़ मे घुस गया.

लीना-हर कॉलेज का एक शेर होता है जो कॉलेज को चलाता है. हमारे कॉलेज की हम शेरनी बनना चाहती है.

अवी-तुम ऐसा करना चाहती हो तो मैं ने ग़लती की उस कॉलेज मे डाल कर

कविता-भैया ,हम चाहते है कि कॉलेज मे हमारी चले

अवी-वो कैसे होगा.

लीना-1स्ट इंप्रेशन से

अवी-क्या मतलब

कविता-हम 1स्ट इंप्रेशन से सबके दिल जीतेंगे

अवी-पागल हो तुम दोनो

लीना-भैया

अवी-पहले दिन तो तुम्हारी रॅगिंग होगी. पहले उस से बच लेना. चली है 1स्ट इंप्रेशन की बात करने

कविता-रॅगिंग कैसे होती है भैया

अवी-उसी के बारे मे बताने आया था .अगर तुम मेरे कॉलेज मे होती तो तुम्हारी रॅगिंग होने नही देता.

लीना-बस ऐसे ही. जैसे आपने कहा आप हमारी रॅगिंग नही होने देते, हम भी ऐसे राज करना चाहते है.

अवी-तो जीस से कॉंटॅक्ट करना

कविता-स्टूडेंट लीडर

अवी-हाँ. वो फ्रेंड बन गयी तो कॉलेज तुम्हारी मुट्ठी मे होगा.

लीना-समझो हो गया.

अवी-जल्दबाज़ी से कुछ मत करना .वरना सेबीओर को लगेगा कि तुम स्मार्ट बनने की कोशिस कर रही हो

कविता-मतलब हमे ,दिमाग़ से काम लेकर जीस के फ्रेंड बनना होगा.

अवी-हां. जीएस फ्रेंड बन गयी तो तुम्हारी रॅगिंग नही होगी.

लीना-पर रॅगिंग मे होगा क्या

अवी-लड़को की रॅगिंग के बारे मे पता है. पर लड़किया लड़को से ज़्यादा डेंजर रॅगिंग लेती है.

कविता-आप हमे डरा रहे है.

अवी-नही. बता रहा हूँ. अगर रॅगिंग मुश्किल लगे तो दिमाग़ का ईस्तमाल करना

लीना-वो हमे आता है.

अवी-क्या करोगी वो तो बताओ

कविता-आपका नाम बता देंगे. हमारा काम हो जाएगा.

अवी-मेरा नाम मेरे कॉलेज मे चलेगा .तुम्हारे कॉलेज मे मेरे नाम से क्या होगा.

लीना-भैया आपको मेले मे लड़कियो ने देखा है. उसी का फ़ायदा उठाएँगे. क्या पता आपकी दीवानी निकल जाए कोई सीनियर

अवी-बात मे दम है. एक काम करूँगा मैं तुम्हें छोडने आउन्गा. शायद तुम्हारी हेल्प होगी.

कविता-इस से तो बहुत फ़ायदा होगा.

अवी-फिर भी ज़्यादा रॅगिंग हुई तो मुझे कॉल करना. मैं तुम्हारे कॉलेज मे आकर उनको बताउन्गा की रॅगिंग क्या होती है.

लीना-इसका टाइम नही आएगा.

अवी-आने भी मत देना. मेरी स्मार्ट बहनें सब संभाल लेंगी.

कविता-तो कॉलेज जाते ही पहले जीएस को फ्रेंड बनाना

अवी-जीएस फ्रेंड बन गयी तो अगले साल तुम जीएस बन सकती हो.

लीना-वो तो हम बन जाएँगे .

अवी-मुझे तो तुम दोनो के इरादे ठीक नही लग रहे

कविता-भैया हम जो मूवी मे दिखाते है वैसे कॉलेज लाइफ जीना चाहते है.

अवी-ज़्यादा कुछ मत करना. कुछ भी प्राब्लम हुई तो

लीना-पहला कॉल आपको करूँगी.

अवी-सबाश

कविता-तो हमे नयी कॉलेज बॅग मिलेगी.

अवी-ज़रूर मिलेगी.

लीना-और नयी ड्रेस

अवी-वो भी मैं लेकर दूँगा.

कविता-जीन्स, भी मिलेगी.

अवी-तुम बुआ को मना लेना मैं खरीद दूँगा.

लीना-माँ ने हाँ करदी

अवी-ठीक है .कल जीन्स खरीद लेना

कविता-थॅंक यू भैया. आपने तो मुश्किल हल कर दी

अवी-तुम दोनो की सारी मुश्किले मेरी है.

लीना-वो हमे पता है.

अवी-अब लग जाओ काम पे

कविता-काम तो होता रहेगा. आपके होते हुए काम कैसे जा सकती है.

अवी-थोड़ी देर पहले तो तुम कुछ बिज़ी होने की बात कर रही थी.

लीना-तब कॉलेज टेन्षन था

अवी-और अब

कविता-हमारे प्यारे भैया ने हमारी टेन्षन दूर कर दी.

अवी-तो मेरा इनाम

लीना और कविता ने मुझे स्वीट सी किस दी

अवी-ये है मेरी नटखट बहनें

कविता-नटखट नही. अब हम बड़ी हो गयी है.

अवी-मेरी लिए तो तुम नटखट हो

लीना-भैया. अब हम कॉलेज गर्ल हो गयी है.

अवी-सॉरी ,तो तुम कॉलेज गर्ल हो गयी.

कविता-हाँ, अब स्कूल की मस्ती ख़तम कॉलेज मस्ती स्टार्ट

अवी-ज़्यादा मस्ती मत करना .वरना बुआ का हाथ और मेरा गाल होगा.

लीना-हमारी वजह से आपको कुछ नही होगा.

अवी-चलो अब तुम अपना काम करो .कल शॉपिंग पे जाएँगे

कविता-थॅंक्स भैया

अवी -थॅंक्स शॉपिंग के बाद कहना

लीना-लव यू भैया

कविता और लीना का टेन्षन फ्री करके उनको कॉलेज मे एंजाय करने की टिप्स दी.
 
चॅप्टर 907

कविता और लीना सुबह जल्दी तैयार हो गयी.

कॉलेज के शॉपिंग की लिस्ट अपने हाथो मे लेकर कविता और लीना मेरा इंतज़ार कर रही थी.

मेरे आते दोनो भाग कर मेरे बाइक पे बैठ गयी.

कोमल-अवी मैं ने कविता को किताबो की लिस्ट दी है, और मेद्स की बुक के लिए तुम मदद करना

अवी-मैं कर दूँगा. मुझे एक्सपीरियेन्स है.

बुआ ने मुझे शॉपिंग के लिए पैसे दिए

नीता बुआ-अवी ये कुछ पैसे है, शॉपिंग कर लेना.

अवी-बुआ इसकी क्या ज़रूरत है

नीता बुआ-जब देखो तब तुम अपने पैसे ईस्तमाल करते हो. आज तुम्हारी एक नही सुनूँगी.

अवी-दीजिए .अगर ज़रूरत पड़ी तो ईस्तमाल करूँगा.

नीता बुआ-बिल्कुल नही, पहले इनको ईस्तमाल करना ज़रूरत पड़े तो अपने पैसे लगाना.

बुआ के ज़ोर देने पे मैं ने उनके पैसे ले लिए.

और कविता लीना को अपने साथ शहर लेगया.

अवी-बताओ पहले कहाँ चले

लीना-भैया शहर आए है तो थोड़ा प्यार करते

कविता-हा ,भैया आज थोडा प्यार करके जाएँगे

अवी-मेरे हाथ मे खुजली हो रही है. अगर गाल मिल जाता तो अपने हाथ की खुजली मिटा देता

मेरी बात सुनते ही दोनो ने अपना इरादा बदल दिया.

लीना-भैया प्यार तो हम ने टूर पे किया था .चलिए पहले शॉपिंग करते है.

अवी-अब आई लाइन पे. प्यार हम रोज रोज नही कर सकते समझा करो

कविता-समझ गये

अवी-मुझे लगा कि तुम्हें प्यार चाहिए तो मैं माना था क्या .

लीना-हम तो ट्राइ कर रहे थे. अगर बात बन जाती तो अच्छा हो जाता.

अवी- तुम दोनो स्मार्ट हो

कविता-सब आपसे सीखा है,चले भैया पहले किताबें लेते है.

अवी-नही. पहले तुम्हारे कॉलेज जाएँगे .देखते है कैसा है

लीना-भैया आज सनडे है हमे कैसे जाने दिया जाएगा. और वो लड़कियो का कॉलेज है वहाँ आप का आना मुश्किल होगा.

अवी-तुम दोनो को मिलने के लिए मैं कभी भी जा सकता हूँ.

कविता-चाहिए फिर.

मैं कविता और लीना को लेकर उनके कॉलेज आ गया.

उनके कॉलेज के गेट के सामने बड़ी बड़ी मूछों वालो वॉचमन खड़ा था.

वॉचमन-कहाँ जा रहे हो. आज सनडे है

मैं ने जेब से 100 की नोट निकाल ली.

वॉचमन ने नोट ले ली.

वॉचमन-साब काम क्या है.

मैं ने और 4 *100 की नोट निकाली.

वॉचमन ने इधर उधर देखा और पैसे ले लिए

वॉचमन-साब जल्दी आना मेरी नौकरी का सवाल है

और वॉचमन ने गेट खोल दिया .और हम अंदर आ गये

लीना-भैया वॉचमन से बिना बात करके अंदर जा सकते थे

कविता-दीवार से जंप मारके जा सकते थे .इतने पैसे क्यूँ दिए .

अवी-मेरी प्यारी बहना ,इतने पैसे इस लिए दिए ताकि वो मुझे याद रखे. ताकि मुझे कभी भी यहाँ आना हो तो वो ज़्यादा नाटक नही करेगा.

लीना-फिर तो हम भी बंक मार पाएँगे

अवी-बंक, ज़्यादा बंक मत मारना,चलो नोटीस बोर्ड देखते है

हम नोटीस बोर्ड के पास आ गये.

कल कॉलेज स्टार्ट होगा .कल ज़्यादा गड़बड़ ना हो इस लिए नोटीस जल्दी लगा दिया था.

कविता-लीना हम एक ही क्लास मे है. रूम नंबर 11

लीना-अच्छा हुआ ,शायद पर्सेंटेज के हिस्साब से अरेंज किए होगे

अवी-ये देखो ,ये है तुम्हारी जीएस , देख लो

कविता-मैं नाम नोट करती हूँ. सोशियल नेटवर्किंग साइट पे होगी ही वहाँ से इन्फो और फ्रेंड बना लेंगे

अवी-तुम तो काफ़ी स्मार्ट हो.

लीना-वैसे भैया काफ़ी हॉट है ये जीएस तो. आप क्या कहते हो.

अवी-तुम्हारे कॉलेज की लड़किया इतनी हॉट है कि कॉलेज के बाहर लड़को की लाइन लगी रहती है.

कविता-जीएस के बारे मे आप क्या कहते हो.

अवी-अच्छी है. सेक्सी लग रही है.

लीना-अगर कुछ बन पाया तो हम ज़रूर कोशिस करेंगी.

अवी-तुम बस अपनी पढ़ाई पे ध्यान देना.और जो कल के लिए ज़रूरी बातें है वो नोट करो

कविता और लीना ने नोटीसरबोर्ड को अच्छे से समझ लिया. जीएस के बारे मे सब जान लिया.

कविता-भैया हो गया.

अवी-चलो फिर किताबें लेते है.

लीना-भैया कॉलेज अच्छा है ना

अवी-कॉलेज अच्छा बनाना पड़ता है. अपने हिस्साब से

और हम किताब लेने के लिए जाने लगे. जाते हुएफिर से एक नोट मिलने से वॉचमन खुश हो गया.

कविता और लीना ने किताबें तो जल्दी ले ली पर ड्रेस लेते हुए काफ़ी टाइम लिया.

शॉपिंग होते ही मैं दोनो को लेके घर2 आ गया.

घर2 आके कविता लीना डबल खुश हो गयी.

कविता-वाउ भैया. आप तो झूठे हो पहले प्यार करने से मना किया अब घर2 लेकर आए हो.

लीना-भैया आप तो सर्प्राइज़्ड देने मे एक्सपर्ट हो

अवी-तुम दोनो हमेशा यही सोचती हो. हम यहाँ बातें करने आए है

कविता-क्या भैया हमे तो लगा

अवी-तुम दोनो के दिमाग़ मे जब देखो तब प्यार करना ही घूमता रहता है.

लीना-भैया .घर2 तो अब बहुत अच्छा हो गया.

अवी-तुम्हें पसंद आया

कविता-हाँ, पिच्छली बार यहाँ प्यार करके मज़ा आया था.

अवी-ये घर2 प्यार करने के लिए बढ़िया है.

लीना-भैया ये घर आपका है या आपके फ्रेंड का ये समझ नही आ रहा.

अवी-तुम्हें बताया था ना

कविता-आपने तो फ्रेंड का घर बताया पर ऐसा कभी लगा नही कि ये आपके फ्रेंड का घर है.

अवी-तुम दोनो को पहली बार यहाँ प्यार किया था. जिस से इस घर2 को मैं ने खरीद लिया

लीना-सच भैया. हमारे लिए घर2 लिया.

अवी-हां, क्यूँ तुम्हें पसंद आया ना

कविता-हां, हमारी तो मस्ती वाले यादे है यहाँ पे

लीना-भैया मैं क्या कह रही थी.

अवी-बोलो

लीना-ये घर2 हमारे लिए लिया है ना

अवी-हां

लीना-तो एक की हमारे पास होनी चाहिए

अवी-भूल जाओ. मैं तुम्हें की नही दूँगा. (राजेश ने हॉस्टिल जाते हुए मुझे के वापस दी थी)

कविता-भैया प्लीज़

अवी-मुझे तुम्हारे इरादे ठीक नही लग रहे.

लीना-भैया हम बंक मारेंगे तो कहा जाएँगे. घर2 की की रहेंगी तो हम अपनी फ्रेंड के साथ यहाँ पार्टी कर पाएँगी.

अवी-बिल्कुल नही. ये ज़्यादा हो रहा है.

कविता-भैया आप यहाँ कॅमरा लगा दो, हम सिर्फ़ लड़कियो के साथ पार्टी या आराम करने आएँगे .प्लीज़ भैया

अवी-मुझे तुम पे विश्वास है. कॅमरा लगाने की ज़रूरत नही है.

लीना-तो भैया हमे के दो ना, हम टूर जैसी पार्टी बीयर के साथ नही करेंगी. प्लीज़ भैया.

अवी-ठीक है .मैं तुम्हें देता हूँ पर तुम किसी और को मत देना. और छुट्टियों मे की मुझे वापस देना

कविता-छुट्टियों मे वापस क्यूँ

अवी-मैं अपने फ्रेंड के साथ यहाँ आता हूँ तभी तुम आई तो गड़बड़ हो जाएगी.

लीना-ठीक है और कुछ

अवी-कोई पूछेगा तो कहना तुम्हारे पापा ने खरीद लिया है.

कविता-समझ गयी. थॅंक यू भैया

अवी-तुम मेरे प्यार का बहुत फ़ायदा उठाती हो

लीना-थोड़ा सा तो माँगते है.

अवी-थोड़ा थोड़ा बोल कर मेरी गर्दन पे तलवार लटका दी है.

कविता-क्या हुआ भैया.

अवी-कल तुम्हारा कॉलेज है.

लीना-हा .फिर क्या हुआ

अवी-कल तुम्हारा कॉलेज है. सबको लगता है तुम मेरे कॉलेज मे हो पर कल सबको पता चल जाएगा

कविता-भैया वो आप देखिए ,हम क्या कर सकते है

अवी-पहले मुझे फसा दिया और अब कह रही हो हम क्या कर सकते है.

लीना-आपके होते हुए हमे कुछ करने की ज़रूरत नही है.

अवी-अपने भैया को फसा दो

कविता-भैया जो करना है वो आप कीजिए हम मदद करेंगे.

अवी-कल हम कोमल को सच सच बता देंगे

लीना-दीदी को फिर तो सबको पता चल जाएगा.

अवी-कोमल को मनाना होगा. कल तुम थोड़ा ड्रामा करना ,उसके सामने रोना

कविता-ड्रामा तो हम कर लेंगे

लीना-ऐसा ड्रामा करेंगे कि असली जैसा लगेगा.

अवी-कोमल को मैं समझा दूँगा. तुम्हारा रोना देख कर वो मान जाएगी.

कविता-थॅंक यू भैया

अवी-ये नाटक जितने दिन चलता है चलने दो ,जब सही टाइम आएगा तो सबको बता देंगे

लीना-जैसा आपको ठीक लगे वैसा करना.

ऐसे कविता और लीना के साथ इधर उधर की बातें की.

थोड़ा आराम किया

फिर लंच करके हम वापस

गाओं की तरफ जाने लगे.

कविता और लीना को घर2 की के देना ठीक नही होगा.

राजेश के पास घर2 के के तो नही है पर किसी को लेकर डर आ गया तो

राजेश को मैं ने बताया कि घर2 मस्ती करने को लिया है. ऐसे मे कविता लीना को यहाँ देखा तो गड़बड़ हो जाएगी.

और राजेश ने तो गाओं वीकॅंड पे आते रहने का प्रॉमिस किया है.

मुझे कविता लीना से के वापस लेनी होगी.

अवी-कविता

कविता-हां भैया

अवी-घर2 की की वापस दो

कविता-क्या हुआ भैया

लीना-हम नही देंगे की वापस

अवी-वो घर2 तुम्हारे कॉलेज से दूर है.

कविता-तो

अवी-तो मैं तुम्हारे लिए तुम्हारे कॉलेज के पास एक घर रेंट पे लूँगा .ये कैसा रहेगा

लीना-कॉलेज के पास.

कविता-ये लीजिए घर2 के .पर हमारे लिए अच्छा घर देखना

अवी-बढ़िया लूँगा. खुश.

लीना-थॅंक यू भैया
 
अपडेट 908

नेक्स्ट डे

आज का दिन कविता और लीना के लिए स्पेशल था.

आज कविता और लीना अपनी लाइफ को नयी दिशा देने के रास्ते पे चल पड़ेंगी.

आज कविता लीना शहर की भागदौड़ वाली लाइफ मे अपने कदम रखने जा रही है. दुनिया को समझ कर खुल के जीना शुरू करेंगी.

एक आज़ाद पंछी की तरह आसमान मे उड़ने को तैयार थी.

आज मेरी छोटी ,नटखट ,चंचल बहनें स्कूल गर्ल से कॉलेज गर्ल बनेंगी.

कितनी जल्दी दोनो बड़ी हो गयी.कल की बात थी दोनो छोटी बच्ची की तरह हस्ती खेलती रहती थी. और आज इतनी बड़ी हो गयी कि उड़ने लगी है.

वो इस दुनिया मे बिना किसी रोक टोक से उड़ सके इस लिए मैं उनपे अपनी नज़र बनाए रखूँगा.

दोनो को पता है वो कुछ भी करेंगी तो उनका भाई उनकी मदद करेगा.

दोनो तो सुबह से तैयार होके कॉलेज जाने के लिए मेरा इंतजार कर रही थी.

नेहा बुआ और नीता बुआ उनको कुछ इंस्ट्रेक्षन दे रही थी.

अब उनको बच्पना छोड़ कर बड़ा बन ना होगा.

कविता और लीना एक कान से बुआ की बातें सुन रही थी तो दूसरे कान पे मोबाइल लगा कर अपने पापा से बातें कर रही थी.

नेहा बुआ-अब तुम दोनो कॉलेज जा रही हो .वहाँ बच्पना करके मस्ती मत करना

लीना-मौसी हम बड़ी हो गयी ,अब हम मस्ती नही करेंगे

कोमल भी कविता लीना कुछ बातें बता रही थी.

और आपमे साथ कॉलेज मे रहने की बात कह रही थी.

मेरे आते ही कविता और लीना अपनी बॅग लेकर तैयार हो गयी.

बुआ मुझे बता रही थी की मैं कविता लीना का ध्यान रखू

कविता और लीना ने बुआ का आशीवाद लिया.

मेरे ने बाइक स्टार्ट करते कोमल मेरे बाइक पे बैठ गयी.

नेहा बुआ-कोमल ये क्या कर रही हो. तुम अपनी स्कूटी पे बैठो

कोमल-माँ मैं तो रोज अवी के साथ कॉलेज जाती हूँ.

नेहा बुआ-उसके साथ कॉलेज जाओ .पर अपनी स्कूटी पे ,तुम कविता या लीना को अपनी स्कूटी पे बैठा कर कॉलेज जाओ ,अवी दूसरे को कॉलेज लेकर जाएगा.

कोमल-पर

नेहा बुआ-कोमल तुम बड़ी हो. कविता और लीना के हाथो मे स्कूटी दी और आक्सिडेंट हो गया तो. वो पता है ना कितनी मस्ती करती है.तुम्हें उनका ध्यान रखना है

कोमल को नेहा बुआ की बात से गुस्सा आ गया.

पर वो कर भी क्या सकती है ,कोमल ने एक बार मेरी तरफ देखा ताकि मैं बुआ को कुछ बोलू .पर मेरे कुछ ना कहने पे कोमल गुस्से से अपनी स्कूटी पे बैठ गयी.

कविता और लीना पहले दिन ड्रामा नही करना चाहती थी जिस से वो चुप चाप कोमल की स्कूटी और मेरी बाइक पे बैठ गयी.

कोमल के पीछे लीना थी और मेरे पीछे कविता.

बुआ ने हरी झंडी दिखाई और हम शहर की तरफ निकल पड़े

कोमल शहर की तरफ जाते हुए बार बार मेरी तरफ देख रही थी.

उसकी जगह पे आज कविता बैठी थी जिस से कोमल को गुस्सा आ रहा था.

कोमल के मन की बात मैं जान गया था.

मैं ने बीच रास्ते मे बाइक रोक दी.

कोमल-क्या हुआ अवी बाइक क्यूँ रोक दी

अवी-तुम्हें क्या हुआ .तुम मेरी तरफ देख कर स्कूटी क्यूँ चला रही हो

कोमल-मैं तो आगे देख कर चला रही थी.

अवी-कविता तुम कोमल की जगह पे बैठ कर स्कूटी चलाओ

कविता-मैं स्कूटी चलाऊ. थॅंक यू भैया

लीना-आते वक्त मैं चलाउन्गी.

कोमल-तुम चुप रहो,अवी माँ ने कहा कि...

अवी-कोमल .बुआ यहाँ नही है. तुम क्यूँ इतना डर रही हो

कोमल-माँ को पता चला कि कविता ने स्कूटी चलाई है तो मुझपे गुस्सा करेंगी.

अवी-बुआ को कौन बताएगा.

कविता लीना-हम तो नही बताएँगे

मेरे कहने पे कोमल मेरी बाइक पे मेरे पीछे बैठ गयी.

कोमल मन ही मन मे खुश हो रही थी. उसे यही चाहिए था. पर ऐसे दिखा रही थी कि वो मेरे कहने पे कविता को स्कूटी चलाने दे रही है.

कोमल के बैठ ते ही हम शहर की तरफ जाने लगे

बाइक स्टार्ट होते ही कोमल पीछे से मेरे गले लग गयी.

कोमल-थॅंक यू

अवी-क्या कहा ,कुछ सुनाई नही दिया.

कोमल-कुछ नही तुम बाइक चलाओ

कोमल खुश हो गयी. मेरे साथ कॉलेज जो जा रही थी.

शहर आते ही हम महिला कॉलेज की तरफ जाने लगे.

महिला कॉलेज और हमारा कॉलेज अलग रास्ते पे था.

कोमल-ये कहाँ जा रहे है हम ,

अवी-कॉलेज

कोमल-ये हमारे कॉलेज का रास्ता नही है. हमारा कॉलेज दूसरी तरफ है.

कविता-दीदी ये हमारे कॉलेज का रास्ता है.

कोमल-तुम नयी हो ,ये थोड़े रास्ता है हमारे कॉलेज का

अवी-कोमल हम सही रास्ते जा रहे है.

लीना-दीदी लगता है आप रास्ता भूल गयी.

कोमल-मुझे रास्ता पता है. इस तरफ हमारा कॉलेज नही है.

लीना-पर हमारा तो है.

कोमल-क्या मतलब

लीना-लो दीदी आ गया हमारा कॉलेज

हम महिला कॉलेज के सामने रुक गया.

अवी-आ गया कॉलेज

कोमल-ये क्या मज़ाक है. ये तो महिला कॉलेज है

अवी-वो तो हमे पता है.

लीना-हमारा कॉलेज आ गया. महिला कॉलेज

कोमल-तुम्हारा अड्मिशन हमारे कॉलेज मे किया है.

लीना-दीदी .हमारा अड्मिशन इस कॉलेज मे हुआ है.

कोमल-क्या कहा.

कविता-दीदी आपने तो हमारा अड्मिशन यहाँ किया था.

कोमल-मेरी तो कुछ समझ नही आ रहा.अवी ये दोनो क्या बोल रही है.

अवी-कविता लीना सच बोल रही है.

लीना-दीदी माँ के कहने पे आपने हमारा अड्मिशन महिला कॉलेज मे करवाया था.

कोमल-मुझे कन्फ्यूज़्ड मत करो,

अवी-कोमल अड्मिशन के दिन क्या हुआ था

कोमल-हम अड्मिशन करवा रहे थे कि मुझे अर्जेंट क्लास मे जाना था तो मैं ने तुम को...इसका मतलब कि तुम इनसे मे मिले हो

अवी-हाँ,

लीना-भैया हमारी हर बात मानते है.

अवी-तुम दोनो इतनी क्यूट हो कि बात माननी पड़ती है.

लीना-दीदी आप खुश नही है

कोमल-तुम ने मेरे साथ धोका किया

कविता-दीदी ये धोका नही था ,

कोमल-तुम दोनो ने ये ठीक नही किया.मैं माँ को अभी फोन करके बताती हूँ.

लीना-दीदी मौसी ने क्या कहा था

कविता-कोमल बेटी तुम इन दोनो का अड्मिशन अपने हाथो से अपनी आँख के सामने करवाना.

लीना-आप ने ऐसा किया.

कोमल-तुम दोनो स्मार्ट बनने की कोशिस मत करो. वरना एक थप्पड़ पड़ेगा

लीना-दीदी हम से ज़्यादा मौसी आप पे गुस्सा करेंगी.

कोमल-फिर भी मैं तुम्हारा सच माँ को ज़रूर बताउन्गी.

लीना-दीदी आपको तो हमारी खुशी देखी नही जाती.

कविता-हमारे बारे मे तो आप कभी सोचती नही.

कोमल-तुम्हारे भले के लिए मेरे कॉलेज मे अड्मिशन करवाने का फ़ैसला लिया था.

लीना-हमारी खुशी किसमे है ये जाने बिना फ़ैसला लिया

कविता-भैया अच्छे है जो हमारी खुशी का ध्यान रखते है

लीना कविता अपने आँख मे आँसू लाने लगी.

जैसा प्लान किया था वैसा हो रहा था.

अवी-कोमल ये तुम ने क्या किया. दोनो को रुला दिया

कोमल-तुम्हारी वजह से दोनो रोने लगी है.तुम ने मुझे इतना बड़ा झूठ बोला

अवी-मैं बताने वाला था.

कोमल-मुझे तुम से झूठ की उम्मीद नही थी.

अवी-कोमल मेरी बात तो सुनो

कोमल-सीधा माँ से बात करना

अवी-कोमल यहाँ रोड पे ड्रामा करने की जगह कॉफी पीते हुए बात करते है.

कोमल-मुझे नही करनी तुमसे बात

अवी-एक बार मुझे अपनी बात रखने का मौका तो दो देखो कविता लीना रो रही है.

लीना-दीदी भैया की बात सुन लो ना

अवी-प्लीज़ कोमल

कोमल-ठीक है. पहले तुम रोना बंद करो

कविता-थॅंक यू दीदी

कोमल-कहो क्या कहना है

अवी-चलो कॉफी शॉप मे बात करते है

लीना-यहाँ पास मे एक शॉप है

अवी-चलो वही चलते है

कोमल को मनाने के लिए मैं उसे कॉफी शॉप मे ले गया
 
चॅप्टर 909

कोमल से मैं ने झूठ कहा था जिस से वो मुझसे नाराज़ हो गयी.

कविता और लीना ने झूठ बोल कर अपना अड्मिशन महिला कॉलेज मे करवाया ये उसे अच्छा नही लगा.

कोमल को धोके मे रख के मैं ने उनका अड्मिशन यहा किया था.

अड्मिशन तो मैं ने करवाया था पर बुआ को पता चलेगा तो गुस्सा कोमल पे होंगी.

कोमल को इनकी ज़िम्मेदारी दी थी. और कोमल ने मुझपे विश्वास किया था ऐसे मे वो बहुत गुस्से मे थी.

लेकिन मुझे पता था कि कोमल को कैसे समझा ना है.

मैं कोमल को लेकर कॉफी शॉप मे आया .

कोमल गुस्से से लाल हो गयी थी.

कविता और लीना धीरे धीरे रोने का नाटक करने लगी.

अवी-कोमल

कोमल-क्या है

अवी-देखो दोनो रो रही है.

कोमल-दोनो ने काम ही ऐसा किया है. रोना तो होगा इनको

अवी-वो छोटी है नादान है

कोमल-पर तुम तो समझदार हो .तुम ने ऐसा क्यूँ किया.

अवी-दोनो की खुशी के लिए किया

लीना-दीदी .भैया ने हमारे कहने पे ये सब किया

अवी-कोमल तुम गुस्सा थूक दो .और मेरी बात सुनो

लीना-दीदी ,हम ने यहाँ अड्मिशन क्यूँ लिया ये तो सुनो

कोमल-क्यूँ किया

कविता-दीदी ,हम कॉलेज लाइफ जीना चाहते थे

कोमल-तो हमारे कॉलेज मे क्या बुराई थी.

लीना-वहाँ सब हमे आपकी बहन की तरह ट्रीट करते

कोमल-ये तो अच्छा होता तुम्हारे लिए, तुम्हें कोई परेशानी नही होती.

कविता-यही हम नही चाहते थे. हम नॉर्मल लड़की की तरह कॉलेज जाना चाहते थे. हमारी रॅगिंग हो , हमे टीचर पनिश करके ,एट्सेटरा

कोमल-तुम पागल हो.

लीना-दीदी आप तो 1 साल बाद चली जाती ग्रेजुएशन करने फिर हम क्या करते कॉलेज

कोमल-और यहाँ क्या करोगी.

कविता-यहाँ हम अपनी मर्ज़ी जैसा एंजाय कर पाएँगी

कोमल-एंजाय .मार चाहिए तुम्हें

लीना-दीदी ,ये लड़कियो का कॉलेज है .लड़को की परेशानी नही होगी.

कोमल-वो तो है. पर इतनी सी बात मेरा गुस्सा ख़तम नही कर पाएगी.

कविता-दीदी

अवी-तुम दोनो वॉशरूम होकर आओ .कोमल से मैं बात करता हूँ

लीना-ओके भैया

लीना और कविता वॉशरूम मे चली गयी.

अवी-तुम पागल हो .

कोमल-ग़लती तुम करो और पागल मुझे कह रहे हो

अवी-और नही तो क्या, तुम बिना वजह कविता पे गुस्सा हो रही हो

कोमल-क्यूँ ना हूँ गुस्सा दोनो पे, दोनो ने काम ही ऐसा किया

अवी-इसमे कविता लीना का कसूर नही है. मैं ने उनका अड्मिशन महिला कॉलेज मे किया.

कोमल-तुम ने ,तुमने ऐसा क्यूँ किया

अवी-हमारे लिए करना पड़ा.

कोमल-हमारे लिए ,मैं समझी नही.

अवी-देखो ,सुबह क्या हुआ था

कोमल-क्या हुआ सुबह

अवी-बुआ ने क्या कहा तुम मेरे साथ कॉलेज नही जा सकती. जिस पे तुम नाराज़ हुई.थोड़ा गुस्सा भी हुई थी तुम ,

कोमल-मैं नाराज़ नही हुई थी.

अवी-झूठ तो तुम्हें बोलना नही आता , मैं ने तुम्हें देख लिया था मुँह टेडा करते हुए

कोमल-आया तो गुस्सा, हम रोज साथ मे कॉलेज मे जाते है ऐसे मे माँ ने मुझे तुम्हारी बाइक पे बैठने से मना किया .गुस्सा तो आएगा.

अवी-पर देखा मैं ने तुम्हें अपने बाइक पे बैठा दिया.

कोमल-पर इसका उनके अड्मिशन से क्या रिस्ता है

अवी-आज बाइक की बात है बाद मे क्या क्या होगा वो सोचो

कोमल-कह तो तुम सही हो. माँ कहेंगी ये करो ,वो करो ,

अवी-सही कहा. बुआ कविता और लीना से पूछेंगी कि हम कॉलेज मे क्या करते है तो क्या होगा सोचा है.

कोमल-माँ को कॉलेज के बारे मे पता चला तो गुस्सा करेंगी.

अवी-आरती और तुम्हारी फाइट के बारे मे कविता ने बुआ को बता दिया तो...

कोमल-माँ को हमारी फाइट के बारे मे पता नही चलना चाहिए

अवी-इसी लिए तो कविता और लीना को दूर रखा

कोमल-पर आरती के साथ मेरी फाइट अभी शुरू हुई है.और अड्मिशन तो बहुत पहले हुआ है

अवी-कोमल जिस दिन रिज़ल्ट लगा था उस दिन फाइट शुरू हुई थी.मैं तभी समझ गया था

कोमल-तुम्हें पता था कि ऐसा होगा.

अवी-अंदाज़ा लगाया था और सोचो आरती ने तुम्हें हराने के लिए कविता का ईस्तमाल करने का सोचा तो,कविता को नुकसान पहचाया तो

कोमल-ऐसा नही होना चाहिए. कविता को बीच मे लाना ठीक नही होगा.

अवी-और सोचा रानी तुम और मैं ,हमारे ग्रूप मे कविता लीना आएँगी तो क्या होगा.

कोमल-हम ठीक से एंजाय नही कर पाएँगे

अवी-अगर हमारी बातें कविता ने बुआ को बतानी शुरू की तो

कोमल-मैं ने ये तो सोचा ही नही.

अवी-पर मैं ने सोच रखा था

कोमल-लेकिन

अवी-कविता लीना दूसरे कॉलेज मे रहेंगी तो उसका फ़ायदा हमे होगा.

कोमल-पर माँ को पता चला तो

अवी-मैं हूँ ना .मैं संभाल लूँगा

कोमल-लेकिन मुझे डर लग रहा है

अवी-डरो मत .ये सोचो हम पहले जैसे कॉलेज मे एंजाय कर पाएँगे.

कोमल-कविता और लीना उनका क्या

अवी-वो तो महिला कॉलेज मे है, वहाँ लड़के नही है फिर क्या डरना, वहाँ इस प्राब्लम का डर नही होगा , और हम तो अगले साल ग्रेजुएशन करने जाएँगे फिर उन दोनो को अकेले रहना होगा जिस से उनके लिए महिला कॉलेज बेस्ट रहेगा

कोमल-बात तो सही पर

अवी-पर वर छोड़ो .और इस झूठ मे मेरा साथ दो

कोमल-मैं साथ तो दूँगी लेकिन थोड़ी भी गड़बड़ हुई तो बात बहुत बिगड़ जाएगी

अवी-ठीक है .मैं उनका अड्मिशन अपने कॉलेज मे कराता हूँ

कोमल-नही नही, वो यही ठीक है.

कोमल तो जल्दी मान गयी

अवी-कोमल फिर से सोचो , कविता लीना कितनी मस्ती करती है तुम्हें पता है ना

कोमल-हाँ.

अवी-अगर वो हमारे कॉलेज मे मस्ती करेंगी तो तुम्हारा नाम खराब होगा, टीचर तुम पे गुस्सा होगी. तुम्हारी इमेज खराब होगी.

कोमल-मैं ऐसा होने नही दूँगी.

अवी-तो क्या करोगी.

कोमल-उनके लिए महिला कॉलेज ठीक है.पर वहाँ मस्ती की और घर पे फोन किया तो

अवी-वहाँ फोन नंबर मैं ने अपना दिया है

कोमल-तुम ने पूरी प्लॅनिंग की है

अवी-हमारे लिए करना पड़ा ,

कोमल-ये तुम ने अच्छा किया

अवी-तुम्हारे लिए तुमसे झूठ कहा

कोमल-झूठ अच्छा हो तो वो सच से अच्छा लगता है

अवी-तो तुम बात करो कविता से, उनको कहो तुम खुश हो

कोमल-ठीक है , पर मेरी एक शर्त है

अवी-बोलो

कोमल-तुम्हे कविता और लीना पे ध्यान रखना होगा.

अवी-वो तो रखूँगा ही.

हमारी बातें ख़तम होते ही कविता और लीना वॉशरूम से आ गयी.

कोमल-तुम दोनो ने मुझे झूठ क्यूँ बोला था.

कविता-तब आप हमारी बात नही मानती

कोमल-और अब

लीना-लगता है भैया ने आपको मना लिया.

कविता-थॅंक यू दीदी

कोमल-मैं ने कब कहा कि मैं तुम्हारे फ़ैसले से खुश

अवी-कोमल और मत तंग करो

कोमल-ठीक है. मुझे कोई अतराज़ नही है तुम्हारे महिला कॉलेज मे पढ़ने से

लीना-लव यू दीदी

कोमल-पर मेरी कुछ बातें तुम्हें माननी होगी.

कविता-हमे सब मंज़ूर है

कोमल-पहले सुन तो लो

कविता-क्या करना होगा हमे

कोमल-तुम कॉलेज मे ज़्यादा मस्ती नही करोगी.

लीना-थोड़ी मस्ती कर सकते है ,या

कोमल-कॉलेज की बात घर पे माँ को नही बताउन्गी

कविता-ऐसा तो हम ग़लती से भी नही करेंगे

कोमल-स्कूटी तुम दोनो की है.

लीना-समझ गये. भैया की बाइक पे आप बैठेंगी.

स्मार्ट है दोनो

कोमल-कॉलेज ख़तम होते ही हमारे कॉलेज मे आना होगा. फिर हम घर जाएँगे

कविट-ये बढ़िया रहेगा. आपके कॉलेज मे मस्ती कर पाएँगे

कोमल-पढ़ाई पे थोड़ा भी असर हुआ तो कॉलेज ट्रान्स्फर होगा

लीना-दीदी हम साथ मे पढ़ाई करेंगे

कोमल-नही. तुम मुझे डिस्ट्रब करोगी. तुम दोनो मिल के पढ़ाई करना

(कोमल ने ऐसा इस लिए कहा होगा कि मैं उसके साथ अकेले मे पढ़ाई करूँ)

अवी-कोमल इतना काफ़ी है.

कोमल-एक बात और. माँ को इस बात का पता नही चलना चाहिए इस बात का पूरा ध्यान रखना

लीना-ये भी हो जाएगा.

कोमल-चलो तुम्हें कॉलेज मे छोड़ देती हूँ.

कविता-थॅंक यू दीदी

कोमल-मेरी बहन के लिए इतना तो करना ही था.

अवी-और मुझे थॅंक्स कौन कहेगा

लीना-थॅंक यू भैया.

कविता-लव यू भैया

अवी-चलो तुम्हें कॉलेज मे छोड़ देता हूँ .पहले दिन लेट होना ठीक नही होगा

कोमल-मैं भी साथ मे चलती हूँ

कोमल को समझ मे आ गया कि कविता लीना का हमारे कॉलेज से दूर रहना कितना ज़रूरी है.

कोमल के हाँ करते ही हम महिला कॉलेज मे चले गये .जहाँ लड़किया ही लड़किया थी.
 
चॅप्टर 910

कविता लीना खुश हो गयी ,क्यूँ ना होती कोमल ने हाँ जो कर दिया.

कविता लीना को लायसेंस मिल गया लाइफ एंजाय करने का.

कविता लीना खुश होकर अपने कॉलेज जाने को बेताब हो रही थी.

उनको पता था कि उनकी रॅगिंग होंगी फिर भी वो काफ़ी एग्ज़ाइट थी.

क्यूँ ना होती मेरी बहनें थी. उनकी पता है रॅगिंग से कैसे बचना है.

आज पहला दिन होने से पेरेंट को कॉलेज मे जाने दे रहे थे

उस वॉचमन ने हमे देखते ही सॅलुट मारा. उसको हम से कुछ आशा दिख रही थी.

मैं ने वॉचमन को आज भी एक नोट दी .जिस देखते ही वॉचमन ने डबल सॅलुट मारा.

कोमल-अवी ये तुम ने क्या है. उसे पैसे क्यूँ दिए.

अवी-इस से वो कविता और लीना की मदद कर सके. और कुछ हुआ तो मुझे बता सके , उसकी वजह से मैं कविता लीना पे नज़र रख सकता हूँ

कोमल-ये अच्छा किया ,

और हम कॉलेज मे आ गये.

हर तरफ हर्याली थी .जिसे देख कर मुझे तो कुछ कुछ हो रहा था.

मुझे तो हर तरफ लड़किया नही अप्सरा दिख रही थी.

ऐसा लग रहा था कि लड़किया नंगी घूम रही है और मुझे अपने पास बुला रही हो.

इधर से एक हसीन लड़की आती तो दूसरी लड़की पहली से ज़्यादा हॉट लगती.

मेरे मुँह मे तो पानी आ गया. अगर कोमल ना होती तो एक 2 लड़कियो को अब तक अपना नंबर दे दिया होता.

सीनियर का ग्रूप हमे देख कर बातें कर रही थी.

कोमल हमारे कॉलेज की टॉपर थी. और ये कॉलेज और हमारे कॉलेज मे कॉंपिटेशन लगा रहता है. जिस से कोमल को यहाँ ज़्यादातर सीनियर जानते थे.

और मैं मेले मे मशहूर हो चुका था.

मुझे तो लड़कियो ने एक झटके मे पहचान लिया

कोमल-अवी सब हमे घूर क्यूँ रहे है

अवी-कोमल तुम हमारे कॉलेज की टॉपर हो और मैं मेले की वजह से मशहूर हूँ .इसलिए हमारी बात कर रहे है सब

कोमल-अच्छा ये बात है. पर यहाँ तो रॅगिंग नही हो रही

कविता-दीदी पेरेंट्स के सामने रॅगिंग कैसे करेंगी.आप जाओगी तभी रॅगिंग होंगी

कोमल-अपना ख़याल रखना, हम जा रहे है.

लीना-दीदी, ज़रूरत पड़ी तो फोन करेंगे

कोमल-हाँ, फोन कर देंगे . अपनी कॉलेज लाइफ को जीना शुरू कर दो

अवी-इतना एंजाय करना कि बड़े होने पे ऐसा ना लगे कि हम ने कॉलेज लाइफ को एंजाय नही किया

कविता-आपकी बात को हमेशा याद रखेंगे

लीना-हर पल को ऐसे जियेंगी की आख़िरी हो

कविता और लीना को उनके लाइफ के नये अड्वेंचर को जीने के लिए आज़ाद कर दिया.

और हम भी अपने कॉलेज मे चले गये अपने जूनियर से मिलने के लिए.

हमारे कॉलेज मे भी जूनियर की रॅगिंग लेनी शुरू हो गयी थी.

हमारे कॉलेज मे आते रानी हमारे पास आ गयी.

रानी-तुम दोनो कहाँ रह गये थे.

अवी-कविता लीना को उनके कॉलेज छोड़ने गये थे.

कोमल-रानी दोनो ने महिला कॉलेज मे अड्मिशन लिया.

रानी-पता है मुझे

कोमल को ये सुनकर झटका लगा

कोमल-क्या कहा.

मैं रानी को चुप रहने का इशारा कर रहा था पर वो मुझे पिटवाने का इंतज़ाम कर चुकी थी

रानी-चलो अच्छा है तुम्हें पता चल गया. और तुम गुस्सा नही हुई

कोमल-इसका मतलब तुम्हें पता था.

रानी-हां, जिस दिन अड्मिशन हुआ उसी दिन मुझे पता चल गया था.

कोमल-तुम्हें कैसे पता चला.

रानी-अवी ने बताया. उसी ने उस दिन तुम्हें फोन करके डिस्ट्रब करने को कहा था.

कोमल-क्या, तुम सब का प्लान था .अवईीईईईईई

अवी-रानी तुम ने मुझे मरवा दिया

कोमल-अवी मैं तुम्हें छोड़ूँगी.

कोमल मुझे मारने वाली थी कि मैं वहाँ से भाग गया

अवी-सॉरी कोमल

और मैं वहाँ से भाग गया.

कोमल ने बात पे ज़्यादा ज़ोर नही दिया ,और रानी के साथ अपने क्लास मे चली गयी.

और मैं भाग कर पंकज और करीम के पास चला गया.

करीम और पंकज कॅंटीन मे रॅगिंग ले रहे थे.

करीम की गर्लफ्रेंड और पंकज की गर्लफ्रेंड भी लड़कियो की रॅगिंग ले रही थी करीम और पंकज जूनियर लड़कियो की खिचाई कर रहे थे.

पंकज-अवी अच्छा हुआ तू आ गया. चल रॅगिंग लेते है.

अवी-मैं ने ना रॅगिंग दी थी और ना किसी की रॅगिंग लूँगा.

करीम-तू देख हम कैसे रॅगिंग लेते है

मैं उनको रॅगिंग लेते हुए देखने लगा.

जूनियर लड़की-सर आप अवी हो.मैं ने आपको मेले मे देखा था.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हें बीच मे बोलने को किसने कहा.

जूनियर लड़की-मेडम, अवी सर आपके फ्रेंड है. आप लकी है.

करीम की गर्लफ्रेंड-तुझे लकी बना देते है. अवी का नंबर चाहिए

जूनियर लड़की-हां .हां,बताइए नंबर

पंकज की गर्लफ्रेंड-तू अभी कॉलेज मे आई है और इतनी जल्दी उड़ना चाहती है

जूनियर लड़की-उड़ाने वाला इतना हॅंडसम हो तो हर कोई उड़ना चाहेंगी

पंकज की गर्लफ्रेंड-तू तो बड़ी बड़ी बातें करती है , इसको अपने ग्रूप मे शामिल करते है.

जूनियर लड़की-थॅंक यू मादा

करीम की गर्लफ्रेंड-मेडम नही ,अब तुम हमारे ग्रूप मे से एक हो. हम फ्रेंड है

पंकज-तुमको किसने रुकने को कहा .चलो उठक बठक लगाओ.

पंकज मज़ा लेते हुए रॅगिंग ले रहा था

करीम इंट्रो ले रहा था.

करीम की गर्लफ्रेंड और पंकज की गर्लफ्रेंड लड़कियो को अपने ग्रूप मे शामिल कर रही थी. जैसे मुझे कह रही हो ये तुम्हारे लिए है.

जूनियर मुझ पे पहले फिदा थी ऐसे मे हमारे ग्रूप मे आ जाने से वो मुझसे ज़्यादा चिपक रही थी.

मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड को आँख मार कर थॅंक्स कहा.

दोनो अपना काम कर रही थी और मैं हमारे ग्रूप मे जाय्न हुई लड़कियो के साथ बातें करके टाइम पास कर रहा था.

पंकज की गर्लफ्रेंड ने 3 जूनियर लड़कियो और पंकज ने 1 लड़के को अपने ग्रूप मे शामिल किया.

3 जूनियर लड़कियाँ .फिर तो ये साल बढ़िया जाएगा.

पंकज और करीम तो जोरू के गुलाम है ,ऐसे मे तीनो लड़कियो को मुझे संभालना होगा.

मेरा दिल तो दरिया है. तीनो लड़कियो को जगह देनी होगी. वैसे मेरा मूड तो नही था पर चलो वो भी दरिया मे नहा कर अपनी गर्मी शांत कर लेंगी.

आज तो पूरा दिन जूनियर के साथ बातें करने मे चला गया.

रानी और कोमल ने रेगिंग नही ली पर कुछ जूनियर जो पढ़ाई मे स्मार्ट थी उनको फ्रेंड बना लिया.

कुछ दिन कॉलेज मे जूनियर का इंट्रो लेने की बातें चलेगी.

जो जूनियर स्मार्ट होते है वो पहले दिन ही रॅगिंग देते हुए सीनियर को फ्रेंड बना लेते है. फिर उनकी रॅगिंग नही होती है.

मैं कविता और लीना को यही बताया कि पहले दिन सीनियर को फ्रेंड बना लेना जिस से तुम्हें ज़्यादा प्राब्लम नही होगी.

हमारे कॉलेज का स्टूडेंट प्रेसीडेंट तो इतना चूतिया था कि पूछो मत, वो पढ़ाई मे लड़को मे टॉपर था जिस से टीचर ने उसे स्टूडेंट प्रेसीडेंट बना दिया. कोई भी बने मुझे क्या मैं तो अपनी लाइफ जीता हूँ.

मैं अपने ग्रूप की नयी लड़कियो को ग्रूप जाय्न होने की खुशी मे ट्रीट दी .

मेरी ट्रीट से तो वो डबल खुश हो गयी.

और वो अपने बारे मे मुझे ऐसे बताने लगी जैसे मैं उनका बाय्फ्रेंड हूँ
 
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