S
StoryPublisher
Guest
अपडेट 904
अब तो यही चलेगा.
कोमल को अब पढ़ाई के साथ लोगो के कॉमेंट का सामना करना होगा .ऐसा करने से कोमल सही मायने मे टॉप करेगी तो सबको अच्छा लगेगा
पढ़ाई अगर नेगेटिव बातों पे मात करके की जाए तो उसकी वॅल्यू बढ़ जाती है.
आरती तो मेंटली कोमल को डिस्ट्रब करके टॉप आना चाहती है.
आरती तो हर तरह से कोमल को डिस्ट्रब करके शर्त जितना चाहती है.
लेकिन मैं और रानी ,कोमल को कमज़ोर नही पड़ने देंगे.
हम कोमल की हिम्मत बनाए रखेंगे.
लेकिन आज आरती ने कॉलेज मे पोस्टर लगा के ग़लत किया. टीचर तक बात चली गयी. अब देखते है आगे क्या होगा.टीचर कुछ करेंगी या आरती इस से भी आगे बढ़ेंगी.
मैं ने तो कोमल का मूड ठीक करने की पूरी कोशिस की.
फिर भी कोमल थोड़ी अपसेट थी जिस से शाम मे मैं उस से मिलने चला गया.
कोमल पढ़ाई करने की जगह वो बेड पे लेट कर कुछ सोच रही थी.
अवी-मे आइ कम इन मेडम
कोमल-अवी तुम ,
अवी-क्या सोच रही थी.
कोमल-कुछ नही
अवी-मुझे तो लगा तुम मुझसे झूठ नही बोलती. जाने दो मैं वापस जाता हूँ, मेरी फ्रेंड मुझसे झूठ बोल रही है.
कोमल-रूको
मैं रुक गया और वापस कोमल के पास जाकर बैठ गया.
अवी-क्या बात है.
कोमल-आज जो कॉलेज मे हुआ उसके बारे मे सोच रही थी.
अवी-उसके बारे मे सोच कर तुम्हें क्या मिलेगा.
कोमल-आरती मेरी फ्रेंड है ,उसने आज जो किया उस से मैं अपसेट हूँ .उसे ऐसा नही करना चाहिए
अवी-उसे ऐसा लगता है कि वो टॅलेंटेड है उसकी बराबरी कोई नही कर सकती.
कोमल-पर मैने तो उसके उकसाने पे शर्त लगाई थी. मैं इस लफडे मे पड़ना नही चाहती थी.
अवी-अब जो हुआ उसे बदल नही सकते
कोमल-मैं कल शर्त वापस लूँगी. मैं हार गयी हूँ डिक्लियर करूँगी.
अवी-तुम कौन हो
कोमल-ये कैसा सवाल है.
अवी-तुम कौन हो. मेरी कोमल कहाँ है.क्या किया तुमने कोमल के साथ
कोमल-ये क्या बोल रहे हो .मैं कोमल हूँ
अवी-तुम कोमल नही हो सकती.हमारी कोमल ऐसी नही थी.
कोमल-साफ साफ बोलो .कहना क्या चाहते हो
अवी-हमारी कोमल बिना खेले हार मान रही है. हमारी कोमल ऐसी नही थी.
कोमल-मैं क्या करूँ. इस शर्त ने जो रूप अपना लिया है वो एक तो मुझे या आरती को नुकसान पहुँचा देगा.
अवी-ये तो सही है .पर बिना खेले हार मान लेना कहाँ की अकल्मंदी है.
कोमल-मुझ से नही होगा.
अवी-तुम्हें ये खेल खेलना होगा.ऐसा खेलना होगा जिस से आरती फ्रेंडशिप की वॅल्यू को समझ सके.
कोमल-ये कैसे होगा.
अवी-मुझे नही पता पर तुम्हें करना होगा.
कोमल-तुम समझ नही रहे हो
अवी-तुम सिर्फ़ पढ़ाई करके डॉक्टर बनाना चाहती हो तो ऐसा कोई भी बनता है. शर्त का प्रेसर ,आरती की नेगेटिव थिंकिंग का सामना करके अगर तुम डॉक्टर बनोगी तो मुझे ज़्यादा खुशी होगी.
कोमल-तुम खुश होंगे
अवी-हाँ .पर ऐसी जीत से जिसमे आरती भी फ्रेंड की जीत मे शामिल हो.
कोमल-मैं कोशिस करूँगी
अवी-कोशिस नही. तुम्हें ये करना होगा . तुम इस से पढ़ाई की दुनिया से बाहर की दुनिया मे कदम रख पाओगी
कोमल-पर आरती कुछ ज़्यादा सीरीयस है.
अवी-कुछ दिन बाद वो ठंडी हो जाएगी.
कोमल-अब तो पूरे कॉलेज मे ये बात फैल गयी.
अवी-तो क्या हुआ. तुम बस पॉज़िटिव बातों पे ध्यान दो.और मैं रानी हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे
कोमल-तो तुम चाहते हो मैं टॉप करूँ .
अवी-टॉप करके डॉक्टर बन जाओ
कोमल-अब तो मैं ज़रूर शर्त जीतूँगी.
अवी-ये हुई ना बात ,और कभी भी टेन्षन आए तो मैं और रानी है.
कोमल-अब टेन्षन लूँगी नही. आरती की बातों को इग्नोर करूँगी
अवी-ये हुई ना बात ,ये है हमारी कोमल
कोमल-थॅंक्स ,मेरा कॉन्फिडेन्स वापस लाने के लिए
अवी-तुम उदास अच्छी नही लगती. ऐसे हस्ते हुए क्यूट लगती हो.
कोमल मेरी बात सुनते शरमा गयी.
और मेरे गले लग कर मेरे गाल पे किस किया.
इस किस से मुझे टूर की बात याद आ गयी.
पर मैं ने जल्दी अपना माइंड दूसरी तरफ डाइवर्ट किया.
और कोमल का कॉन्फिडेन्स बढ़ाने के किए उसके साथ बातें करने लगा.
रानी को कॉल करके हम थोड़ी देर मेले और टूर की बातें करने लगे.
कोमल अब इस कॉन्फिडेन्स के साथ शर्त ज़रूर जीतेगी.
हम काफ़ी देर तक बातें करते रहे.
मैं ने खाना भी कोमल के साथ खाया.
पूरी शाम मेरे साथ बिताने से कोमल खुश हो गयी.
फिर कल मिलने का प्रॉमिस करके मैं अपने घर चला गया.
नेक्स्ट डे
आज तो क्लासस स्टार्ट होंगे
कोमल और आरती को देख कर सब शर्त की बातें करके अपने अपने कॅंडिटेट को विश कर रहे थे
आरती को पता चल गया कि उसने कल जो पोस्टर लगाया था उस से मिसेज़ गुप्ता नाराज़ है
वो अच्छा हुआ कल कोमल ने मिसेज़ गुप्ता को आरती के बारे मे नही बताया.
आरती को जब पता चला कि मिसेज़ गुप्ता गुस्सा है तो वो नॉर्मल बिहेव कर रही थी.
आरती ऐसे दिखा रही थी कि उसे पोस्टर के बारे मे कुछ पता नही था.
आरती के नॉर्मल बिहेव करने से कोमल रिलॅक्स होकर अपने पढ़ाई मे लग गयी .
कुछ दिन आरती शांत रहेगी.
रानी है कोमल का साथ देने के लिए.
मैं लड़कियो के शर्त झगड़े से दूर रहूँगा. ताकि कोमल की जीत क्लीन हो
पर मैं अपनी नज़र कोमल और आरती पे बनाए रखूँगा
लेकिन करीम और उसकी गर्लफ्रेंड आज भी नही आई.
मुझे करीम से कल बात करने उसके घर जाना होगा.
आज का दिन शांत बीतने से मैं कोमल के साथ हस्ते हुए घर आ गया.
अब तो यही चलेगा.
कोमल को अब पढ़ाई के साथ लोगो के कॉमेंट का सामना करना होगा .ऐसा करने से कोमल सही मायने मे टॉप करेगी तो सबको अच्छा लगेगा
पढ़ाई अगर नेगेटिव बातों पे मात करके की जाए तो उसकी वॅल्यू बढ़ जाती है.
आरती तो मेंटली कोमल को डिस्ट्रब करके टॉप आना चाहती है.
आरती तो हर तरह से कोमल को डिस्ट्रब करके शर्त जितना चाहती है.
लेकिन मैं और रानी ,कोमल को कमज़ोर नही पड़ने देंगे.
हम कोमल की हिम्मत बनाए रखेंगे.
लेकिन आज आरती ने कॉलेज मे पोस्टर लगा के ग़लत किया. टीचर तक बात चली गयी. अब देखते है आगे क्या होगा.टीचर कुछ करेंगी या आरती इस से भी आगे बढ़ेंगी.
मैं ने तो कोमल का मूड ठीक करने की पूरी कोशिस की.
फिर भी कोमल थोड़ी अपसेट थी जिस से शाम मे मैं उस से मिलने चला गया.
कोमल पढ़ाई करने की जगह वो बेड पे लेट कर कुछ सोच रही थी.
अवी-मे आइ कम इन मेडम
कोमल-अवी तुम ,
अवी-क्या सोच रही थी.
कोमल-कुछ नही
अवी-मुझे तो लगा तुम मुझसे झूठ नही बोलती. जाने दो मैं वापस जाता हूँ, मेरी फ्रेंड मुझसे झूठ बोल रही है.
कोमल-रूको
मैं रुक गया और वापस कोमल के पास जाकर बैठ गया.
अवी-क्या बात है.
कोमल-आज जो कॉलेज मे हुआ उसके बारे मे सोच रही थी.
अवी-उसके बारे मे सोच कर तुम्हें क्या मिलेगा.
कोमल-आरती मेरी फ्रेंड है ,उसने आज जो किया उस से मैं अपसेट हूँ .उसे ऐसा नही करना चाहिए
अवी-उसे ऐसा लगता है कि वो टॅलेंटेड है उसकी बराबरी कोई नही कर सकती.
कोमल-पर मैने तो उसके उकसाने पे शर्त लगाई थी. मैं इस लफडे मे पड़ना नही चाहती थी.
अवी-अब जो हुआ उसे बदल नही सकते
कोमल-मैं कल शर्त वापस लूँगी. मैं हार गयी हूँ डिक्लियर करूँगी.
अवी-तुम कौन हो
कोमल-ये कैसा सवाल है.
अवी-तुम कौन हो. मेरी कोमल कहाँ है.क्या किया तुमने कोमल के साथ
कोमल-ये क्या बोल रहे हो .मैं कोमल हूँ
अवी-तुम कोमल नही हो सकती.हमारी कोमल ऐसी नही थी.
कोमल-साफ साफ बोलो .कहना क्या चाहते हो
अवी-हमारी कोमल बिना खेले हार मान रही है. हमारी कोमल ऐसी नही थी.
कोमल-मैं क्या करूँ. इस शर्त ने जो रूप अपना लिया है वो एक तो मुझे या आरती को नुकसान पहुँचा देगा.
अवी-ये तो सही है .पर बिना खेले हार मान लेना कहाँ की अकल्मंदी है.
कोमल-मुझ से नही होगा.
अवी-तुम्हें ये खेल खेलना होगा.ऐसा खेलना होगा जिस से आरती फ्रेंडशिप की वॅल्यू को समझ सके.
कोमल-ये कैसे होगा.
अवी-मुझे नही पता पर तुम्हें करना होगा.
कोमल-तुम समझ नही रहे हो
अवी-तुम सिर्फ़ पढ़ाई करके डॉक्टर बनाना चाहती हो तो ऐसा कोई भी बनता है. शर्त का प्रेसर ,आरती की नेगेटिव थिंकिंग का सामना करके अगर तुम डॉक्टर बनोगी तो मुझे ज़्यादा खुशी होगी.
कोमल-तुम खुश होंगे
अवी-हाँ .पर ऐसी जीत से जिसमे आरती भी फ्रेंड की जीत मे शामिल हो.
कोमल-मैं कोशिस करूँगी
अवी-कोशिस नही. तुम्हें ये करना होगा . तुम इस से पढ़ाई की दुनिया से बाहर की दुनिया मे कदम रख पाओगी
कोमल-पर आरती कुछ ज़्यादा सीरीयस है.
अवी-कुछ दिन बाद वो ठंडी हो जाएगी.
कोमल-अब तो पूरे कॉलेज मे ये बात फैल गयी.
अवी-तो क्या हुआ. तुम बस पॉज़िटिव बातों पे ध्यान दो.और मैं रानी हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे
कोमल-तो तुम चाहते हो मैं टॉप करूँ .
अवी-टॉप करके डॉक्टर बन जाओ
कोमल-अब तो मैं ज़रूर शर्त जीतूँगी.
अवी-ये हुई ना बात ,और कभी भी टेन्षन आए तो मैं और रानी है.
कोमल-अब टेन्षन लूँगी नही. आरती की बातों को इग्नोर करूँगी
अवी-ये हुई ना बात ,ये है हमारी कोमल
कोमल-थॅंक्स ,मेरा कॉन्फिडेन्स वापस लाने के लिए
अवी-तुम उदास अच्छी नही लगती. ऐसे हस्ते हुए क्यूट लगती हो.
कोमल मेरी बात सुनते शरमा गयी.
और मेरे गले लग कर मेरे गाल पे किस किया.
इस किस से मुझे टूर की बात याद आ गयी.
पर मैं ने जल्दी अपना माइंड दूसरी तरफ डाइवर्ट किया.
और कोमल का कॉन्फिडेन्स बढ़ाने के किए उसके साथ बातें करने लगा.
रानी को कॉल करके हम थोड़ी देर मेले और टूर की बातें करने लगे.
कोमल अब इस कॉन्फिडेन्स के साथ शर्त ज़रूर जीतेगी.
हम काफ़ी देर तक बातें करते रहे.
मैं ने खाना भी कोमल के साथ खाया.
पूरी शाम मेरे साथ बिताने से कोमल खुश हो गयी.
फिर कल मिलने का प्रॉमिस करके मैं अपने घर चला गया.
नेक्स्ट डे
आज तो क्लासस स्टार्ट होंगे
कोमल और आरती को देख कर सब शर्त की बातें करके अपने अपने कॅंडिटेट को विश कर रहे थे
आरती को पता चल गया कि उसने कल जो पोस्टर लगाया था उस से मिसेज़ गुप्ता नाराज़ है
वो अच्छा हुआ कल कोमल ने मिसेज़ गुप्ता को आरती के बारे मे नही बताया.
आरती को जब पता चला कि मिसेज़ गुप्ता गुस्सा है तो वो नॉर्मल बिहेव कर रही थी.
आरती ऐसे दिखा रही थी कि उसे पोस्टर के बारे मे कुछ पता नही था.
आरती के नॉर्मल बिहेव करने से कोमल रिलॅक्स होकर अपने पढ़ाई मे लग गयी .
कुछ दिन आरती शांत रहेगी.
रानी है कोमल का साथ देने के लिए.
मैं लड़कियो के शर्त झगड़े से दूर रहूँगा. ताकि कोमल की जीत क्लीन हो
पर मैं अपनी नज़र कोमल और आरती पे बनाए रखूँगा
लेकिन करीम और उसकी गर्लफ्रेंड आज भी नही आई.
मुझे करीम से कल बात करने उसके घर जाना होगा.
आज का दिन शांत बीतने से मैं कोमल के साथ हस्ते हुए घर आ गया.