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फ्लॅशबॅक 1046
जयसिंघ को कुमार का सच पता चल गया
जयसिंघ को पता चल गया कि कुमार की पहले भी शादी हो चुकी है
जयसिंघ ये सुनकर रोने लगा
नेहा सच बोल रही थी
पर जयसिंघ ने उसकी बात पे विश्वास नही किया
नेहा ने कितनी बार जयसिंघ की बताने की कॉसिश की
पर जयसिंघ नेहा को झूठी बोल रहा था
पर अब जयसिंघ को कुमार के बारे में सब पता चल गया ,
जिसके साथ कुमार ने पहली शादी की उसके बाप ने जयसिंघ को सच बताया
जयसिंघ को पता चल गया कि वो जिस कंपनी को अपने पसीने से खड़ा किया वो खून से लाल थी ,
कुमार ने अपनी पत्नी का खून करके उसके बाप से कंपनी हासिल की ,
जयसिंघ शालिनी के गले लग कर रोने लगा
शालिनी को ये सच पता था कि कुमार की शादी पहले भी हो चुकी है
पर ये नही पता था कि कुमार ने अपनी पत्नी का खून भी किया है
अच्छा हुआ शालिनी ने नेहा की शादी कुमार से होने नही दी वरना नेहा का क्या हो जाता
शालिनी ने जयसिंघ को बताया कि कुमार की शादी हो चुकी है पर जयसिंघ ने विश्वास नही किया था क्यूँ कि कोई सबूत नही था
ना उस लड़की का नाम पता था और ना अड्रेस और ना कुछ , बस नेहा ने इतना बताया था शालिनी को की कुमार की शादी हो चुकी है ,
शालिनी ने नेहा की इस बात को सच मान लिया था
पर जयसिंघ कैसे मान लेता , कोई सबूत ही नही था
कुमार जयसिंघ 11थ क्लास से फ्रेंड है , 6 साल साथ मे पढ़ाई की फिर कब शादी हुई होंगी इस पे जयसिंघ सोच ही नही पाया , कॉलेज के बाद वो कंपनी मे भी साथ साथ थे तो कुमार की शादी हुई कब , ये डाउट था जयसिंघ को , और ये बात किसी ना किसी को पता तो होती ना ,
ऐसे मे जयसिंघ कैसे मान लेता
जयसिंघ ने कहा था शालिनी को सबूत के बिना सच झूठ ही होता है
शालिनी के पास सबूत नही था ,जिस से शालिनी कुछ नही कर पाई पर एक काम अच्छा किया शालिनी ने की नेहा की शादी सुरेश से कर दी
वरना सब कुछ बर्बाद हो जाता ,
और जयसिंघ की नज़रों मे तो शालिनी ने कुमार को राखी बाँधी है ऐसे मे कुमार पे शालिनी को बहन बनाने का शक पैदा ही नही हो रहा था जयसिंघ के दिमाग़ मे
पर आज जयसिंघ की मुलाकात ऐसे आदमी से हुई जिस से जयसिंघ के सामने सबूत के साथ कुमार का असली चेहरा ओपन किया
जैसे जैसे वो आदमी सच बता रहा था वैसे बाइसे जयसिंघ को सबूत मिल रहा था ,
जयसिंघ को पता चल गया कि कुमार ने कब कैसे किस से शादी की
जयसिंघ को पता चला कि कुमार ने शादी क्यूँ की थी , कंपनी के लिए
कुमार ने अपनी पत्नी का खून क्यूँ किया कंपनी के लिए
मतलब नेहा ने जो बताया वो सब सच था
नेहा और शालिनी सच बोल रही थी
ये बात दिमाग़ मे आते ही जयसिंघ शालिनी के गले लग कर रोने लगा
शालिनी को पता था कि सच को कितना भी छुपाओ पर एक दिन सच सामने आ ही जाता है
कुमार का सच भी जयसिंघ के सामने आ गया
इसी लिए तो शालिनी ने जयसिंघ का साथ कभी नही छोड़ा ,
शालिनी को पता था कि जयसिंघ जो सोच रहा है कि कुमार की शादी कैसे हो सकती है इसका जवाब उसके पास नही था , ऐसे मे जयसिंघ गुनहगार नही हो सकता
कुमार और अजीत ने सारे सबूत ऐसे छुपा दिए कि सच जयसिंघ के सामने कभी आया ही नही
शालिनी ने जब पार्टी मे थप्पड़ मारा उसके बाद कुमार ने शालिनी से राखी बँधवा ली , मतलब जो ग़लत फ़हमी थी वो दूर करवा दी जयसिंघ के दिमाग़ से , पर कुमार ने ये इस लिए किया कि वो अच्छा बन कर जयसिंघ की पीठ मे चाकू मार कर शालिनी को हासिल कर सके
जयसिंघ को एक वर्ड मे पार्टनरशिप दे दी क्यूँ कि कुमार जयसिंघ के सामने सच्चा बनकर सही समय का इंतज़ार कर रहा था कि कब जयसिंघ पे वॉर कर सके
कुमार को कभी गाँव मे कंपनी खोलनी ही नही थी
उसने बाद जयसिंघ को खुश करने के लिए बोल दिया कि गाँव मे कंपनी खोल देंगे
और पहली बार वादा इस लिए किया कि जयसिंघ उसके साथ कंपनी स्टार्ट कर सके
कुमार ने हर चाल सोच समझ कर चली थी
ऐसे जयसिंघ के सामने अच्छे बनने का नाटक किया कि अच्छे से अच्छा आदमी धोका खा सके
जयसिंघ के साथ भी यही हुआ
पर शालिनी को पता था ये सब
इसी लिए वो समय समय पे जयसिंघ को सही रास्ता दिखा देती
कुमार जब गांव मे आया तब उसने नेहा को देख कर अपना दूसरा प्लान बनाया
नेहा से शादी करने से जयसिंघ उसकी मुट्ठी मे आ जाएगा
जयसिंघ को कुमार की बुराई के बारे में पता नही था जिस से उसको नेहा के लिए कुमार ठीक आदमी लग रहा था
पर ये अच्छा हुआ कि नेहा को सही समय पर कुमार का असली चेहरा दिख गया
वरना शादी हो जाती तो सब कुछ बर्बाद हो जाता
पूरा घर बर्बाद हो जाता
और शालिनी तो इस घर की बहू थी
वो ऐसा कैसे होने देती
इसी लिए उसने जयसिंघ के गुस्से की परवाह किए बिना नेहा की शादी सुरेश से करवा दी
शालिनी को पता था कि इस से जयसिंघ गुस्सा हो जाएगा पर एक दिन जयसिंघ को अकल आ जाएगी
जयसिंघ समझ जाएगा कि शालिनी ने कुछ ग़लत नही किया
और ये दिन आज आ गया
जयसिंघ को सच पता चल गया
नेहा की शादी के बाद जयसिंघ ने शालिनी को कुछ नही कहा
भले ही शालिनी ने जयसिंघ की मर्ज़ी के बिना नेहा की शादी करवाई
पर जयसिंघ ने शालिनी को कुछ नही कहा
जयसिंघ को शालिनी पे विश्वास था कि वो कुछ ग़लत नही कर सकती
पर सबूत ना होने से जयसिंघ कुमार को ग़लत नही मान रहा था
नेहा ने कुमार से शादी ना करने के बाद सुरेश से शादी कर ली जिस से जयसिंघ को लगा कि ये सब नेहा ने सुरेश के लिए किया
लेकिन आज जयसिंघ को पता चला कि नेहा सच बोल रही थी
शालिनी ने तब जो किया वो सही किया
कुमार जैसे आदमी को थप्पड़ मार कर अच्छा किया
अगर जयसिंघ नेहा की शादी के वक्त पता चलता कुंमार का सच तो वो उसी वक्त कुमार की जान ले लेता
अभी भी जयसिंघ को लग रहा था कि कुमार को सबक सिखा दे
शालिनी पे जो जयसिंघ ने विश्वास दिखाया वो सही साबित हुआ
कुमार धोकेबाज़ इंसान है
पर कुमार बहुत चालाक इंसान था
और अजीत लोमड़ी की तरह सोचता था इन सब बातों मे
शादी मे थप्पड़ खाने के बाद भी जयसिंघ से पाटनेर्शिप बनाए रखी
ताकि जयसिंघ को लगे कि कुमार ग़लत नही है
और कुमार ने र्क बुरे सपने की तरह वो बात बुला दी ऐसा जयसिंघ को कहा था
जयसिंघ को कुमार के इस झूठ पे यकीन हो गया था
ऐसे मे जयसिंघ कैसे कुमार पे शक करता
जब तक साप काटेगा नही तब तक हम कैसे मान ले कि वो ज़हरीला है
ऐसा ही कुमार के केस मे जयसिंघ के साथ हो रहा था
फिर तो उस दिन नेहा ने जो कहा वो भी सच होगा
कुमार ने नेहा के साथ ज़बरदस्ती करनी चाही होंगी
पर इसके सर पे कोई चोट नही थी
पर नेहा ऐसा झूठ क्यूँ बोलेगी
ये जयसिंघ सच का पता लगता उस से पहले ही माँ के साथ आक्सिडेंट हो गया था
ऐसे मे जयसिंघ को ठंडे दिमाग़ से कुछ सोचने का मोका ही नही मिला
मे बी अजीत ने सबूत छुपा दिए होंगे
तभी तो कुमार विदेश चला गया था
लेकिन जयसिंघ ने नेहा की बात पे थोड़ा विश्वास ज़रूर किया होगा तभी तो उस दिन के बाद जयसिंघ ने कुमार की कंपनी छोड़ दी
और नेहा से माफी माँग रहा है
पर आजकुमार का सारा सच जयसिंघ के सामने आ गया
जयसिंघ को पता चल गया कि ये कब हुआ था , कब कुमार ने शादी की
कैसे उस लड़की की ज़िंदगी बर्बाद करके उसके बाप की कंपनी हथिया ली
जयसिंघ जिस कंपनी को अपनी मेहनत से बनाई हुई कंपनी समझ रहा था वो एक लड़की के खून से बनी हुई थी
जयसिंघ को कुमार का सच पता चल गया
जयसिंघ को पता चल गया कि कुमार की पहले भी शादी हो चुकी है
जयसिंघ ये सुनकर रोने लगा
नेहा सच बोल रही थी
पर जयसिंघ ने उसकी बात पे विश्वास नही किया
नेहा ने कितनी बार जयसिंघ की बताने की कॉसिश की
पर जयसिंघ नेहा को झूठी बोल रहा था
पर अब जयसिंघ को कुमार के बारे में सब पता चल गया ,
जिसके साथ कुमार ने पहली शादी की उसके बाप ने जयसिंघ को सच बताया
जयसिंघ को पता चल गया कि वो जिस कंपनी को अपने पसीने से खड़ा किया वो खून से लाल थी ,
कुमार ने अपनी पत्नी का खून करके उसके बाप से कंपनी हासिल की ,
जयसिंघ शालिनी के गले लग कर रोने लगा
शालिनी को ये सच पता था कि कुमार की शादी पहले भी हो चुकी है
पर ये नही पता था कि कुमार ने अपनी पत्नी का खून भी किया है
अच्छा हुआ शालिनी ने नेहा की शादी कुमार से होने नही दी वरना नेहा का क्या हो जाता
शालिनी ने जयसिंघ को बताया कि कुमार की शादी हो चुकी है पर जयसिंघ ने विश्वास नही किया था क्यूँ कि कोई सबूत नही था
ना उस लड़की का नाम पता था और ना अड्रेस और ना कुछ , बस नेहा ने इतना बताया था शालिनी को की कुमार की शादी हो चुकी है ,
शालिनी ने नेहा की इस बात को सच मान लिया था
पर जयसिंघ कैसे मान लेता , कोई सबूत ही नही था
कुमार जयसिंघ 11थ क्लास से फ्रेंड है , 6 साल साथ मे पढ़ाई की फिर कब शादी हुई होंगी इस पे जयसिंघ सोच ही नही पाया , कॉलेज के बाद वो कंपनी मे भी साथ साथ थे तो कुमार की शादी हुई कब , ये डाउट था जयसिंघ को , और ये बात किसी ना किसी को पता तो होती ना ,
ऐसे मे जयसिंघ कैसे मान लेता
जयसिंघ ने कहा था शालिनी को सबूत के बिना सच झूठ ही होता है
शालिनी के पास सबूत नही था ,जिस से शालिनी कुछ नही कर पाई पर एक काम अच्छा किया शालिनी ने की नेहा की शादी सुरेश से कर दी
वरना सब कुछ बर्बाद हो जाता ,
और जयसिंघ की नज़रों मे तो शालिनी ने कुमार को राखी बाँधी है ऐसे मे कुमार पे शालिनी को बहन बनाने का शक पैदा ही नही हो रहा था जयसिंघ के दिमाग़ मे
पर आज जयसिंघ की मुलाकात ऐसे आदमी से हुई जिस से जयसिंघ के सामने सबूत के साथ कुमार का असली चेहरा ओपन किया
जैसे जैसे वो आदमी सच बता रहा था वैसे बाइसे जयसिंघ को सबूत मिल रहा था ,
जयसिंघ को पता चल गया कि कुमार ने कब कैसे किस से शादी की
जयसिंघ को पता चला कि कुमार ने शादी क्यूँ की थी , कंपनी के लिए
कुमार ने अपनी पत्नी का खून क्यूँ किया कंपनी के लिए
मतलब नेहा ने जो बताया वो सब सच था
नेहा और शालिनी सच बोल रही थी
ये बात दिमाग़ मे आते ही जयसिंघ शालिनी के गले लग कर रोने लगा
शालिनी को पता था कि सच को कितना भी छुपाओ पर एक दिन सच सामने आ ही जाता है
कुमार का सच भी जयसिंघ के सामने आ गया
इसी लिए तो शालिनी ने जयसिंघ का साथ कभी नही छोड़ा ,
शालिनी को पता था कि जयसिंघ जो सोच रहा है कि कुमार की शादी कैसे हो सकती है इसका जवाब उसके पास नही था , ऐसे मे जयसिंघ गुनहगार नही हो सकता
कुमार और अजीत ने सारे सबूत ऐसे छुपा दिए कि सच जयसिंघ के सामने कभी आया ही नही
शालिनी ने जब पार्टी मे थप्पड़ मारा उसके बाद कुमार ने शालिनी से राखी बँधवा ली , मतलब जो ग़लत फ़हमी थी वो दूर करवा दी जयसिंघ के दिमाग़ से , पर कुमार ने ये इस लिए किया कि वो अच्छा बन कर जयसिंघ की पीठ मे चाकू मार कर शालिनी को हासिल कर सके
जयसिंघ को एक वर्ड मे पार्टनरशिप दे दी क्यूँ कि कुमार जयसिंघ के सामने सच्चा बनकर सही समय का इंतज़ार कर रहा था कि कब जयसिंघ पे वॉर कर सके
कुमार को कभी गाँव मे कंपनी खोलनी ही नही थी
उसने बाद जयसिंघ को खुश करने के लिए बोल दिया कि गाँव मे कंपनी खोल देंगे
और पहली बार वादा इस लिए किया कि जयसिंघ उसके साथ कंपनी स्टार्ट कर सके
कुमार ने हर चाल सोच समझ कर चली थी
ऐसे जयसिंघ के सामने अच्छे बनने का नाटक किया कि अच्छे से अच्छा आदमी धोका खा सके
जयसिंघ के साथ भी यही हुआ
पर शालिनी को पता था ये सब
इसी लिए वो समय समय पे जयसिंघ को सही रास्ता दिखा देती
कुमार जब गांव मे आया तब उसने नेहा को देख कर अपना दूसरा प्लान बनाया
नेहा से शादी करने से जयसिंघ उसकी मुट्ठी मे आ जाएगा
जयसिंघ को कुमार की बुराई के बारे में पता नही था जिस से उसको नेहा के लिए कुमार ठीक आदमी लग रहा था
पर ये अच्छा हुआ कि नेहा को सही समय पर कुमार का असली चेहरा दिख गया
वरना शादी हो जाती तो सब कुछ बर्बाद हो जाता
पूरा घर बर्बाद हो जाता
और शालिनी तो इस घर की बहू थी
वो ऐसा कैसे होने देती
इसी लिए उसने जयसिंघ के गुस्से की परवाह किए बिना नेहा की शादी सुरेश से करवा दी
शालिनी को पता था कि इस से जयसिंघ गुस्सा हो जाएगा पर एक दिन जयसिंघ को अकल आ जाएगी
जयसिंघ समझ जाएगा कि शालिनी ने कुछ ग़लत नही किया
और ये दिन आज आ गया
जयसिंघ को सच पता चल गया
नेहा की शादी के बाद जयसिंघ ने शालिनी को कुछ नही कहा
भले ही शालिनी ने जयसिंघ की मर्ज़ी के बिना नेहा की शादी करवाई
पर जयसिंघ ने शालिनी को कुछ नही कहा
जयसिंघ को शालिनी पे विश्वास था कि वो कुछ ग़लत नही कर सकती
पर सबूत ना होने से जयसिंघ कुमार को ग़लत नही मान रहा था
नेहा ने कुमार से शादी ना करने के बाद सुरेश से शादी कर ली जिस से जयसिंघ को लगा कि ये सब नेहा ने सुरेश के लिए किया
लेकिन आज जयसिंघ को पता चला कि नेहा सच बोल रही थी
शालिनी ने तब जो किया वो सही किया
कुमार जैसे आदमी को थप्पड़ मार कर अच्छा किया
अगर जयसिंघ नेहा की शादी के वक्त पता चलता कुंमार का सच तो वो उसी वक्त कुमार की जान ले लेता
अभी भी जयसिंघ को लग रहा था कि कुमार को सबक सिखा दे
शालिनी पे जो जयसिंघ ने विश्वास दिखाया वो सही साबित हुआ
कुमार धोकेबाज़ इंसान है
पर कुमार बहुत चालाक इंसान था
और अजीत लोमड़ी की तरह सोचता था इन सब बातों मे
शादी मे थप्पड़ खाने के बाद भी जयसिंघ से पाटनेर्शिप बनाए रखी
ताकि जयसिंघ को लगे कि कुमार ग़लत नही है
और कुमार ने र्क बुरे सपने की तरह वो बात बुला दी ऐसा जयसिंघ को कहा था
जयसिंघ को कुमार के इस झूठ पे यकीन हो गया था
ऐसे मे जयसिंघ कैसे कुमार पे शक करता
जब तक साप काटेगा नही तब तक हम कैसे मान ले कि वो ज़हरीला है
ऐसा ही कुमार के केस मे जयसिंघ के साथ हो रहा था
फिर तो उस दिन नेहा ने जो कहा वो भी सच होगा
कुमार ने नेहा के साथ ज़बरदस्ती करनी चाही होंगी
पर इसके सर पे कोई चोट नही थी
पर नेहा ऐसा झूठ क्यूँ बोलेगी
ये जयसिंघ सच का पता लगता उस से पहले ही माँ के साथ आक्सिडेंट हो गया था
ऐसे मे जयसिंघ को ठंडे दिमाग़ से कुछ सोचने का मोका ही नही मिला
मे बी अजीत ने सबूत छुपा दिए होंगे
तभी तो कुमार विदेश चला गया था
लेकिन जयसिंघ ने नेहा की बात पे थोड़ा विश्वास ज़रूर किया होगा तभी तो उस दिन के बाद जयसिंघ ने कुमार की कंपनी छोड़ दी
और नेहा से माफी माँग रहा है
पर आजकुमार का सारा सच जयसिंघ के सामने आ गया
जयसिंघ को पता चल गया कि ये कब हुआ था , कब कुमार ने शादी की
कैसे उस लड़की की ज़िंदगी बर्बाद करके उसके बाप की कंपनी हथिया ली
जयसिंघ जिस कंपनी को अपनी मेहनत से बनाई हुई कंपनी समझ रहा था वो एक लड़की के खून से बनी हुई थी