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मैं और मेरा परिवार

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फ्लॅशबॅक 1046

जयसिंघ को कुमार का सच पता चल गया

जयसिंघ को पता चल गया कि कुमार की पहले भी शादी हो चुकी है

जयसिंघ ये सुनकर रोने लगा

नेहा सच बोल रही थी

पर जयसिंघ ने उसकी बात पे विश्वास नही किया

नेहा ने कितनी बार जयसिंघ की बताने की कॉसिश की

पर जयसिंघ नेहा को झूठी बोल रहा था

पर अब जयसिंघ को कुमार के बारे में सब पता चल गया ,

जिसके साथ कुमार ने पहली शादी की उसके बाप ने जयसिंघ को सच बताया

जयसिंघ को पता चल गया कि वो जिस कंपनी को अपने पसीने से खड़ा किया वो खून से लाल थी ,

कुमार ने अपनी पत्नी का खून करके उसके बाप से कंपनी हासिल की ,

जयसिंघ शालिनी के गले लग कर रोने लगा

शालिनी को ये सच पता था कि कुमार की शादी पहले भी हो चुकी है

पर ये नही पता था कि कुमार ने अपनी पत्नी का खून भी किया है

अच्छा हुआ शालिनी ने नेहा की शादी कुमार से होने नही दी वरना नेहा का क्या हो जाता

शालिनी ने जयसिंघ को बताया कि कुमार की शादी हो चुकी है पर जयसिंघ ने विश्वास नही किया था क्यूँ कि कोई सबूत नही था

ना उस लड़की का नाम पता था और ना अड्रेस और ना कुछ , बस नेहा ने इतना बताया था शालिनी को की कुमार की शादी हो चुकी है ,

शालिनी ने नेहा की इस बात को सच मान लिया था

पर जयसिंघ कैसे मान लेता , कोई सबूत ही नही था

कुमार जयसिंघ 11थ क्लास से फ्रेंड है , 6 साल साथ मे पढ़ाई की फिर कब शादी हुई होंगी इस पे जयसिंघ सोच ही नही पाया , कॉलेज के बाद वो कंपनी मे भी साथ साथ थे तो कुमार की शादी हुई कब , ये डाउट था जयसिंघ को , और ये बात किसी ना किसी को पता तो होती ना ,

ऐसे मे जयसिंघ कैसे मान लेता

जयसिंघ ने कहा था शालिनी को सबूत के बिना सच झूठ ही होता है

शालिनी के पास सबूत नही था ,जिस से शालिनी कुछ नही कर पाई पर एक काम अच्छा किया शालिनी ने की नेहा की शादी सुरेश से कर दी

वरना सब कुछ बर्बाद हो जाता ,

और जयसिंघ की नज़रों मे तो शालिनी ने कुमार को राखी बाँधी है ऐसे मे कुमार पे शालिनी को बहन बनाने का शक पैदा ही नही हो रहा था जयसिंघ के दिमाग़ मे

पर आज जयसिंघ की मुलाकात ऐसे आदमी से हुई जिस से जयसिंघ के सामने सबूत के साथ कुमार का असली चेहरा ओपन किया

जैसे जैसे वो आदमी सच बता रहा था वैसे बाइसे जयसिंघ को सबूत मिल रहा था ,

जयसिंघ को पता चल गया कि कुमार ने कब कैसे किस से शादी की

जयसिंघ को पता चला कि कुमार ने शादी क्यूँ की थी , कंपनी के लिए

कुमार ने अपनी पत्नी का खून क्यूँ किया कंपनी के लिए

मतलब नेहा ने जो बताया वो सब सच था

नेहा और शालिनी सच बोल रही थी

ये बात दिमाग़ मे आते ही जयसिंघ शालिनी के गले लग कर रोने लगा

शालिनी को पता था कि सच को कितना भी छुपाओ पर एक दिन सच सामने आ ही जाता है

कुमार का सच भी जयसिंघ के सामने आ गया

इसी लिए तो शालिनी ने जयसिंघ का साथ कभी नही छोड़ा ,

शालिनी को पता था कि जयसिंघ जो सोच रहा है कि कुमार की शादी कैसे हो सकती है इसका जवाब उसके पास नही था , ऐसे मे जयसिंघ गुनहगार नही हो सकता

कुमार और अजीत ने सारे सबूत ऐसे छुपा दिए कि सच जयसिंघ के सामने कभी आया ही नही

शालिनी ने जब पार्टी मे थप्पड़ मारा उसके बाद कुमार ने शालिनी से राखी बँधवा ली , मतलब जो ग़लत फ़हमी थी वो दूर करवा दी जयसिंघ के दिमाग़ से , पर कुमार ने ये इस लिए किया कि वो अच्छा बन कर जयसिंघ की पीठ मे चाकू मार कर शालिनी को हासिल कर सके

जयसिंघ को एक वर्ड मे पार्टनरशिप दे दी क्यूँ कि कुमार जयसिंघ के सामने सच्चा बनकर सही समय का इंतज़ार कर रहा था कि कब जयसिंघ पे वॉर कर सके

कुमार को कभी गाँव मे कंपनी खोलनी ही नही थी

उसने बाद जयसिंघ को खुश करने के लिए बोल दिया कि गाँव मे कंपनी खोल देंगे

और पहली बार वादा इस लिए किया कि जयसिंघ उसके साथ कंपनी स्टार्ट कर सके

कुमार ने हर चाल सोच समझ कर चली थी

ऐसे जयसिंघ के सामने अच्छे बनने का नाटक किया कि अच्छे से अच्छा आदमी धोका खा सके

जयसिंघ के साथ भी यही हुआ

पर शालिनी को पता था ये सब

इसी लिए वो समय समय पे जयसिंघ को सही रास्ता दिखा देती

कुमार जब गांव मे आया तब उसने नेहा को देख कर अपना दूसरा प्लान बनाया

नेहा से शादी करने से जयसिंघ उसकी मुट्ठी मे आ जाएगा

जयसिंघ को कुमार की बुराई के बारे में पता नही था जिस से उसको नेहा के लिए कुमार ठीक आदमी लग रहा था

पर ये अच्छा हुआ कि नेहा को सही समय पर कुमार का असली चेहरा दिख गया

वरना शादी हो जाती तो सब कुछ बर्बाद हो जाता

पूरा घर बर्बाद हो जाता

और शालिनी तो इस घर की बहू थी

वो ऐसा कैसे होने देती

इसी लिए उसने जयसिंघ के गुस्से की परवाह किए बिना नेहा की शादी सुरेश से करवा दी

शालिनी को पता था कि इस से जयसिंघ गुस्सा हो जाएगा पर एक दिन जयसिंघ को अकल आ जाएगी

जयसिंघ समझ जाएगा कि शालिनी ने कुछ ग़लत नही किया

और ये दिन आज आ गया

जयसिंघ को सच पता चल गया

नेहा की शादी के बाद जयसिंघ ने शालिनी को कुछ नही कहा

भले ही शालिनी ने जयसिंघ की मर्ज़ी के बिना नेहा की शादी करवाई

पर जयसिंघ ने शालिनी को कुछ नही कहा

जयसिंघ को शालिनी पे विश्वास था कि वो कुछ ग़लत नही कर सकती

पर सबूत ना होने से जयसिंघ कुमार को ग़लत नही मान रहा था

नेहा ने कुमार से शादी ना करने के बाद सुरेश से शादी कर ली जिस से जयसिंघ को लगा कि ये सब नेहा ने सुरेश के लिए किया

लेकिन आज जयसिंघ को पता चला कि नेहा सच बोल रही थी

शालिनी ने तब जो किया वो सही किया

कुमार जैसे आदमी को थप्पड़ मार कर अच्छा किया

अगर जयसिंघ नेहा की शादी के वक्त पता चलता कुंमार का सच तो वो उसी वक्त कुमार की जान ले लेता

अभी भी जयसिंघ को लग रहा था कि कुमार को सबक सिखा दे

शालिनी पे जो जयसिंघ ने विश्वास दिखाया वो सही साबित हुआ

कुमार धोकेबाज़ इंसान है

पर कुमार बहुत चालाक इंसान था

और अजीत लोमड़ी की तरह सोचता था इन सब बातों मे

शादी मे थप्पड़ खाने के बाद भी जयसिंघ से पाटनेर्शिप बनाए रखी

ताकि जयसिंघ को लगे कि कुमार ग़लत नही है

और कुमार ने र्क बुरे सपने की तरह वो बात बुला दी ऐसा जयसिंघ को कहा था

जयसिंघ को कुमार के इस झूठ पे यकीन हो गया था

ऐसे मे जयसिंघ कैसे कुमार पे शक करता

जब तक साप काटेगा नही तब तक हम कैसे मान ले कि वो ज़हरीला है

ऐसा ही कुमार के केस मे जयसिंघ के साथ हो रहा था

फिर तो उस दिन नेहा ने जो कहा वो भी सच होगा

कुमार ने नेहा के साथ ज़बरदस्ती करनी चाही होंगी

पर इसके सर पे कोई चोट नही थी

पर नेहा ऐसा झूठ क्यूँ बोलेगी

ये जयसिंघ सच का पता लगता उस से पहले ही माँ के साथ आक्सिडेंट हो गया था

ऐसे मे जयसिंघ को ठंडे दिमाग़ से कुछ सोचने का मोका ही नही मिला

मे बी अजीत ने सबूत छुपा दिए होंगे

तभी तो कुमार विदेश चला गया था

लेकिन जयसिंघ ने नेहा की बात पे थोड़ा विश्वास ज़रूर किया होगा तभी तो उस दिन के बाद जयसिंघ ने कुमार की कंपनी छोड़ दी

और नेहा से माफी माँग रहा है

पर आजकुमार का सारा सच जयसिंघ के सामने आ गया

जयसिंघ को पता चल गया कि ये कब हुआ था , कब कुमार ने शादी की

कैसे उस लड़की की ज़िंदगी बर्बाद करके उसके बाप की कंपनी हथिया ली

जयसिंघ जिस कंपनी को अपनी मेहनत से बनाई हुई कंपनी समझ रहा था वो एक लड़की के खून से बनी हुई थी
 
फ्लॅशबॅक 1047

जयसिंघ रोता हुआ शालिनी के गले लग गया.

जयसिंघ को इस तरह रोता हुआ देख कर शालिनी डर गयी.

जयसिंघ लगातार रो रहा था

जयसिंघ शालिनी को रोते हुए बता रहा था कि कुमार कैसा आदमी है

जयसिंघ फुट फुट कर रो रहा था

बड़ी मुश्किल से शालिनी ने जयसिंघ का रोना कम किया

अच्छा हुआ अवी यहाँ नही था

वरना वो अपने पापा को रोता हुआ देखता तो वो भी रोने लग जाता

अवी पड़ोसी के घर मे खेल रहा था

शालिनी को जयसिंघ को शांत करना ज़रूरी था

शालिनी जयसिंघ से पूछने लगी पूरी बात क्या है

जयसिंघ शालिनी को कुमार की शादी की बात बताने लगा

शालिनी-क्या हुआ .आप ऐसे क्यूँ रो रहे है

जयसिंघ-मैं ने ये क्या कर दिया.

शालिनी-क्या हुआ

जयसिंघ-नेहा झूठी नही थी. वो सच कह रही थी.

शालिनी-आपको किसने बताया

जयसिंघ-वो पड़ोसी के यहाँ उनका दोस्त आया था .उसकी बेटी के साथ कुमार की शादी हुई थी. कुमार ने उस लड़की के साथ बहुत बुरा किया.

शालिनी-मैं तो आपको पहले ही कह रही थी.

जयसिंघ-ये मैं ने क्या किया ,नेहा पे एक बार भी भरोसा नही किया.

शालिनी-हमारी नेहा बहुत अच्छी है.

जयसिंघ-और मैं ने उसे के साथ क्या किया.वो कहती रही कि एक बार उसकी बात मान लूँ पर मैं ने उसकी बात ना सुन कर क्या कर दिया.

शालिनी-नेहा को जब पता चलेगा कि आप को अपनी ग़लती का अहसास हुआ तो वो आपको माफ़ कर देगी.

जयसिंघ-नही करेगी. मैं ने ये क्या कर दिया .शालिनी तुम्हारी बात भी नही मानी.

शालिनी-आप ने कुछ ग़लत नही किया .आपकी जगह कोई भी होता तो वही करता जो आपने किया.

जयसिंघ-नही करता .मैं अँधा था जो नेहा का भरोसा नही किया.उसे कैसा लगा होगा.

शालिनी-नेहा समझदार है. मैं ने उसको टूटने नही दिया.

जयसिंघ-तुम ने सही किया ,जो नेहा का साथ दिया. नेहा झूठी नही थी ,मतलब उस दिन कुमार वहाँ आया था.

शालिनी-नेहा ने कहा तो ज़रूर आया होगा

जयसिंघ-पर वो तो ठीक था.

शालिनी-मुझे भी उसी बात ने परेशान किया है .

जयसिंघ-वो झूठे है,

शालिनी-अजीत ने किया होगा.

जयसिंघ-उनको मैं नही छोड़ूँगा.

शालिनी-छोड़ना भी मत हमारी नेहा के साथ ऐसा करने वाले को सज़ा मिलनी चाहिए

जयसिंघ-उनके वजह से मेरी माँ इस दुनिया मे नही है.

शालिनी-माजी के साथ जो हुआ वो आक्सिडेंट था

जयसिंघ-पर हुआ तो उनकी वजह से ना

शालिनी-हाँ

जयसिंघ-मैं उनको जान से मार दूँगा.

शालिनी-ऐसा मत करना ,आपको कुछ हुआ तो हमारा क्या होगा.

जयसिंघ-लेकिन उनको इसकी सज़ा ज़रूर मिलेगी.ऐसी सज़ा दूँगा कि जीते जी मरेगा .दुश्मन को जिंदा रख कर मरने के लिए छोड़ना चाहिए

शालिनी-आप पहले शांत हो जाइए

जयसिंघ-कैसे शांत हूँ, कुमार ने नेहा के साथ जो किया उसकी सज़ा उसे मिल कर रहेगी.

शालिनी-मैं कहाँ मना कर रही हूँ

जयसिंघ-उसकी वजह से मैं अपनी फॅमिली से दूर रहा .नेहा मेरा चेहरा नही देखना चाहती है.

शालिनी-पहले हमे नेहा से माफी माँगनी चाहिए

जयसिंघ-मैं उसके पैर पकड़ लूँगा ,चाहे कुछ भी हो नेहा से माफी माँग लूँगा.

शालिनी-नेहा ने पहले भी आपको माफ़ किया है और आज भी करेगी.

जयसिंघ-चलो अभी नेहा के पास चलते है.

शालिनी-अभी रात हुई है, कल सुबह निकल जाएँगे,

शालिनी के हिम्मत देते ही जयसिंघ का रोना कम हुआ

जयसिंघ बड़ी मुश्किल से शांत हुआ

शालिनी -अब पूरी बात बताइए क्या हुआ

जयसिंघ-तुम सच बोल रही थी , कुमार की शादी जो चुकी है

शालिनी -आपको किसने बताना

जयसिंघ-अभी एक आदमी मिला जिसने मुझे अपनी बेटी और कुमार के रिश्ते के बारे में बताया

शालिनी -पर आपने तो कहा था कि कुमार हमेशा आपके साथ था फिर शादी कब हुई

जयसिंघ-जब मैं फाइनल एअर मे था कुमार की शादी हुई थी

शालिनी -फाइनल एअर , फिर आपको कैसे पता नही चला

जयसिंघ-कुमार ने 2 महीने मे शादी भी की और उस लड़की को मार भी डाला

शालिनी -क्या बात कर रहे हो ,, कुमार ने अपनी पत्नी का खून किया

जयसिंघ-हां , एक नंबर का घटिया इंसान निकला कुमार

शालिनी -पर खून किया क्यूँ

जयसिंघ-क्यूँ कि कुमार को उस लड़की के बाप की कंपनी चाहिए थी ,

शालिनी -जहाँ आप पार्टनर हो उस कंपनी मे

जयसिंघ-हाँ ,

शालिनी -मुझे सुरू से बताइए , कुमार ने क्या किया था

जयसिंघ-मुझे उस लड़की के बाप ने बताया कि ये सब मेरे फाइनल एअर के समय हुआ था

और जयसिंघ शालिनी को मुस्कान की कहानी बताने लगा
 
फ्लॅशबॅक 1048

कुमार 13

जयसिंघ बड़ी मुश्किल से शांत हुआ

शालिनी -अब पूरी बात बताइए क्या हुआ

जयसिंघ-तुम सच बोल रही थी , कुमार की शादी जो चुकी है

शालिनी -आपको किसने बताया

जयसिंघ-अभी एक आदमी मिला जिसने मुझे अपनी बेटी और कुमार के रिस्ते के बारे में बताया

शालिनी -पर आपने तो कहा था कि कुमार हमेशा आपके साथ था फिर शादी कब हुई

जयसिंघ-जब मैं फाइनल एअर मे था कुमार की शादी हुई थी

शालिनी -फाइनल एअर , फिर आपको कैसे पता नही चला

जयसिंघ-कुमार ने 2 महीने मे शादी भी की और उस लड़की को मार भी डाला

शालिनी -क्या बात कर रहे हो ,, कुमार ने अपनी पत्नी का खून किया

जयसिंघ-हाँ , एक नंबर का घटिया इंसान निकला कुमार

शालिनी -पर खून किया क्यूँ

जयसिंघ-क्यूँ कि कुमार को उस लड़की के बाप की कंपनी चाहिए थी ,

शालिनी -जहाँ आप पार्टनर हो उस कंपनी मे

जयसिंघ-हाँ ,

शालिनी -मुझे सुरू से बताइए , कंज़र ने क्या किया था

जयसिंघ-मुझे उस लड़की के बाप ने बताया कि ये सब मेरे फाइनल एअर के समय हुआ था

कुमार और जयसिंघ जब फाइनल एअर मे थे बात तब की है ---->>>>>>>

जयसिंघ शहर3 मे जब पढ़ने आया तब से कुमार और जयसिंघ साथ साथ है

पर इंजीनियर के समय कुमार जयसिंघ के साथ हॉस्टिल मे रहने लगा

कुमार का बाप मेरचेंट था , कुमार रिच था , फिर भी जयसिंघ से फ्रेंडशिप कर ली

कुमार के बाप को दलाली मे बहुत मेहनत करनी पड़ती ,

पर कुमार को मेहनत नही करनी थी , कुमार को आराम से बैठ कर पैसे कमाना था

इस लिए कुमार ने जयसिंघ से दोस्ती करके ये प्लान बनाया कि जयसिंघ के साथ कंपनी स्टार्ट करेगा और आराम से ज़िंदगी जिएगा

जयसिंघ काम करेगा और कुमार एश करेगा

पर कुमार को अपने बाप की तरह मर्चेट बिज़्नेस नही करना था

कुमार को कंपनी स्टार्ट करनी थी

कंपनी स्टार्ट करने के लिए कुमार का बाप पैसे देने को तय्यार था पर जयसिंघ के साथ पार्टनरशिप को तय्यार नही हुए

कुमार को पता था कि जयसिंघ के बिना वो कंपनी चला ही नही सकता

इस लिए कुमार ने अपने बाप को लात मारी

और खुद किसी पुरानी या छोटी कंपनी को खरीदने का सोचने लगा वो भी बिना पैसे के

कुमार ऐसा प्लान बनाने लगा कि उसको कंपनी फ्री मे मिल जाए

कुमार इसी की तलाश मे थर्ड की छुट्टियों मे अलग अल्ग कंपनी और उनके मालिक के बारे में इन्फर्मेशन निकालने लगा

ऐसा मालिक ढूँढने लगा जिसकी सिर्फ़ एक बेटी हो

और कहते है ना , ढूँढा सारा जहाँ पर हेरा मिला घर के पास

कुमार को अपने ही शहर3 की एलेक्ट्रॉनक कंपनी के बारे में पता चल गया

छोटी कंपनी थी पर काम की थी क्यूँ कि कंपनी सही लोकेशन पे थी , शहर3 से 5 किमी दूर

और उस कंपनी का मालिक शहर3 मे बाहर जयपुर मे रहता है

इस कंपनी के मालिक को सिर्फ़ एक बेटी है , ना बीवी और कोई बेटा है ,

कंपनी का का मेनेज़र देखता है और कंपनी का मालिक अपनी बेटी के साथ जयपुर मे आराम से ज़िंदगी जी रहा था

कुमार की नज़र उस कंपनी और उस कंपनी के मालिक की बेटी पे गयी

कुमार की तलाश ख़तम हुई

कुमार को अपना शिकार मिल गया

बस अब चाल चलनी थी

पर ये सब कुमार अकेला नही कर सकता था

जयसिंघ ऐसे घटिया काम मे कभी मदद नही कर सकता

ऐसे मे अजीत काम का आदमी था

3र्ड की छुट्टियाँ लगते ही जयसिंघ अपने गाँव चला गया ,

छुट्टियाँ 1 महीने की थी जिसमे कुमार को अपना प्लान पूरा करना था

कुमार ने अजीत को अपना प्लान बताया

साथ मे कंपनी मे 2% का पार्टनर बनाने का प्रोमिस किया

अजीत तो इस बात से खुश हो गया

उसे नौकरी नही करनी पड़ेगी , उसको तो बैठ बैठ पार्टनरशिप मिल रही है

अजीत कुमार का साथ देने को तय्यार हो गया

अजीत और कुमार छुट्टियों मे जयपुर चले गये

कुमार ने अजीत को बता दिया कि उसके बारे में किसी को पता ना चले ,जयसिंघ को तो बिल्कुल ही नही

अजीत तो बस 2% के बारे में सोच रहा था

जयपुर आते ही कुमार उस कंपनी के मालिक की बेटी मुस्कान का पीछा करने लगा

कुमार के पास ज़्यादा टाइम नही था

ऐसे मे जयपुर मे आने के दूसरा दिन ही मुस्कान को फसाना सुरू किया

उस लड़की का नाम मुस्कान था

मुस्कान को फसाने मे मूवी वाला सीन काम आ जाएगा कुमार के

अजीत ने नकाब पहन कर सुनसान रोड पे उस मुस्कान को छेड़ना सुरू किया , उसे चाकू दिखा कर उसके साथ जबर्जस्ती करनी चाही

पर सही समय पे कुमार आ गया

और अजीत की पिटाई करके उस मुस्कान को बचा लिया

पर वो मुस्कान कुमार को थॅंक्स बोलती उस से पहले कुमार वहाँ से चला गया

मुस्कान सोचती रही कि ये फरिस्ता कौन था

उसने ये बात अपने बाप को नही बताई , वो अपने पिता को परेशन नही करना चाहती थी

वो उस रात कुमार के सपने देख रही थी

बार बार उसकी आँख के सामने कुमार चेहरा आ रहा था

कौन था वो , उसकी मदद करके कहाँ गायब हो गया

कुमार की 1स्ट चाल कामयाब हो गयी

अब 2न्ड प्लान ईस्तमाल करना था ,

अजीत को कार दे कर कुमार ने रोड पे एक लड़के को उड़ाने की बात कही

मुस्कान भी वहाँ होनी चाहिए थी

मुस्कान के रोड पे आते ही अजीत कार लेकर लड़के को उड़ाने वाला था कि कुमार ने उस लड़के को बचा लिया

मुस्कान कुमार की बहादुरी देखती रह गयी

कुमार सच मे एक अच्छा इंसान है ये वो समझने लगी

कुमार वहाँ से भी उस लड़के की मदद करके जाने वाला था कि उस मुस्कान ने कुमार को रोक दिया , और थॅंक्स कहा

कुमार चाहता तो मुस्कान का एक्सीडेंट करके उसे बचा सकता था

पर ऐसा करने पे मुस्कान को लगता कि जब भी वो मुशिबत मे होती है तो ये वहाँ कैसे आ जाता है ,इस लिए कुमार ने एक छोटे बच्चे को बचाने का प्लान बनाया

और मुस्कान पूरी तरह से कुमार के जाल मे फस गयी

कुमार और मुस्कान ने फ्रेंडशिप कर ली

कुमार ने 3 दिन मे फ्रेंडशिप कर ली

मुस्कान के लिए तो कुमार सपनो का राजकुमार बन गया था

कुमार ये जानता था इस लिए वो धीरे धीरे उसको प्यार मे और गहराई तक ले जाने लगा

मुस्कान को अपने झूठे किस्से बताने लगा , मुस्कान के साथ रोड पे चलते हुए भिकारी को पैसे देने लगा , कोई गिर रहा होता यो उसकी मदद

करता , बूढ़े लोगो की मदद करता रोड क्रॉस करने मे

ये सब देख कर वो मुस्कान कुमार के प्यार मे दीवानी बन गयी

1 हफ्ते मे कुमार ने मुस्कान को अपने प्यार मे फसा दिया

कुमार चाहता था कि प्यार का इज़हार वो करे , ताकि उसके बाप को मुट्ठी मे कर सके

इस लिए कुमार ने अजीत को एक आक्टिंग करने वाली लड़की का इंतज़ाम किया ,

और उसको स्यूयिसाइड का नाटक करने को बोला

कुमार को ये पता चला तो वो मुस्कान के साथ हॉस्पिटल मे आ गया , आक्टिंग करने वाली लड़की को देखने

कुमार उसको जलाना चाहता था

कुमार ने उस शूसाइड वाली लड़की को कहा कि सुसाइड करना अच्छी बात नही है , कुमार ने उसको समझा दिया और बाहर आ गया

अजीत ने आक्टिंग वाली लड़की को पैसे दिए

कुमार हॉस्पिटल से सीधा पार्क मे गया और कंपनी के मालिक की बेटी के साथ उस सुसाइड वाली लड़की के बारे में बात करने लगा

और बातों बातों मे कुमार ने मुस्कान को मज़बूर किया कि वो प्रपोज़ करे

मुश्कान के प्रपोज़ करते ही कुमार की 3र्ड चाल कामयाब हुई

कुमार ने भी प्यार का इज़हार कर दिया

फिर क्या था दोनो प्यार करने लगे

कुमार के पास एक महीना था इन सब के लिए

पर प्यार जितने दिन ज़्यादा हो उतना अच्छा होता है मुस्कान को अपने काबू करने को

कुमार उसको धीरे धीरे फसा रहा था

कुमार चाहता तो मुस्कान के साथ सेक्स करके प्रेगेनेंट करके शादी कर सकता था

पर कुमार का प्लान कुछ अलग था

कुमार अच्छा बन कर गेम खेलना चाहता था

मुश्कान के बाप को शक ना हो इस का ध्यान रख रहा था कुमार

एक बार मुश्कान कुमार के प्यार मे इतनी डूब गयी कि अपनी मर्यादा तोड़ने को तय्यार हो गयी थी

कुमार के साथ किस करते हुए गरम होने लगी थी मुस्कान

पर कुमार ने कंट्रोल रखते हुए मुश्कान को रोक दिया

मुस्कान को कुमार के रोकने से पता चला कि कुमार उसकी मर्यादाओ का ध्यान रख रहा है

इसके बाद मुस्कान को अपने इशारो पे नचाना आसान था

पर कुमार को अपना प्लान कामयाब करना था

कुमार को इतनी जल्दी शादी करनी ही नही थी

वो तो ये सब कंपनी पाने के लिए कर रहा था

अगर कुमार ने मुस्कान से शादी कर ली , जो दूसरे कास्ट की थी , ये जब कुमार के बाप को पता चलेगा तो कुमार को घर से बाहर निकाल देगा

इस लिए कुमार का मकसद बिना मुस्कान से शादी किए कंपनी पाना था , पर सबको लगे कि ये ईमानदारी से किया है

कुमार ने मुस्कान को अपने जाल मे फसा लिया

उसमे 1महीना लग गया

कॉलेज स्टार्ट हो गया पर कुमार अब पीछे हटना नही चाहता था

1महीना कुमार ने इस लिए लगा दिया कि वो पूरा यकीन करना चाहता था कि मुस्कान वही करेगी जो वो कहेगा

और हुआ भी ऐसा ही

एक दिन कुमार ने मज़ाक मज़ाक मे मुस्कान से पूछा कि वो उसके लिए क्या कर सकती है

मुस्कान ने कहा कि वो कुमार के लिए जान भी दे सकती है

तो कुमार ने कहा कि करके दिखाओ

ती मुस्कान ने सच मे हाथ की नस काट दी

ये देखते ही कुमार खुश हुआ पर मुस्कान को थप्पड़ मार दिया ,और कहा कि वो मज़ाक कर रहा था , वो उसके बिना नही जी सकता , दुबारा ऐसा मत करना

मुस्कान कुमार का प्यार पा कर खुश थी

कुमार को पूरा यकीन हुआ कि सब उसकी मुट्ठी मे है

कुमार नेक्स्ट प्लान चलने वाला था ,

कुमार ने मुस्कान के बाप से शादी की बात करने का सोचा

ये सुनकर मुस्कान खुश हो गयी

पर कुमार ने मुस्कान के बाप से मिलने के एक दिन पहले अजीत को एक चिट्ठी लिखने को कहा , और लिखने को कहा कि कुमार कर क्या रहा है , वो उनकी बेटी को फसाना चाहता है

अजीत को समझ मे नही आया कि कुमार कर क्या रहा है

कुमार चाहता था कि मुस्कान का बाप शादी से मना कर दे

और मुस्कान अपने बाप को दुश्मन समझ ले

और कुमार फिर से हीरो बन जाए
 
फ्लॅशबॅक 1049

कुमार की हर चाल कामयाब हो रही थी

मुस्कान के बाप ने कुमार से शादी ना करने की बात कही

ये सुनकर मुस्कान भड़क गयी

मुस्कान पे तो कुमार के प्यार का जादू चल रहा था

मुश्कान को अपना पिताही आपे प्यार के दुश्मन लगने लगा

कुमार ने भी नाटक करते हुए मुस्कान को कहा कि वो उसको भूल जाए ,

कुमार मुस्कान को अच्छे से अपने जाल मे फसा रहा था

मुस्कान को अब तो बस कुमार ही चाहिए था

पर कुमार ने मुश्कान को भूलने को कहा

मुस्कान के बाप को कुछ शक हुआ पर वो मुस्कान को रोता हुआ देख कर ज़्यादा सोच नही पाए

कुमार कुछ दिन मुस्कान से मिला नही

मुस्कान को देखते ही उस से बिना बात किए चला जाता

मुस्कान कुमार के बिना रह ही नही सकती थी

ऐसे मे एक दिन मुस्कान ने कुमार से बात कर ली

मुस्कान ने कहा कि वो ऐसा क्यूँ कर रहा है

कुमार ने कहा कि उसके पिताजी नही चाहते तो शादी कैसे हो सकती है

मुस्कान ने कहा कि हम भाग कर शादी करते है

यही तो कुमार चाहता था

कि मुस्कान खुद कहे कि भाग कर चल कर शादी करते है

कुमार तय्यार हो गया पर उसने मुस्कान को एक प्लान बताया

भाग कर शादी करेंगे भी और नही भी

मुस्कान सोच मे पड़ गयी

कुमार ने बताया कि हम शादी करेंगे , पर तुम्हारे पिताजी को ये लगना चाहिए कि तुहारा किडनप हुआ है

मुस्कान सोच पे लड़ गयी

हम तुम्हारे किडनप का नाटक करेंगे , और फिर मैं तुम्हें बचा लूँगा जिस से तुम्हारे पिताजी हमारी शादी कर देंगे

मुस्कान इस आइडिया से खुश हुई

कुमार ने कहा कि जब तुम्हारा किडनप होगा तब हम शादी करेंगे , ताकि अगर तुम्हारे पिताजी ने फिर भी मना किया तो बता देंगे कि हमारी

शादी हो गई है

मुस्कान को दोनो आइडिया पसंद आए

मुस्कान को किडनप कब होना है ये बता दिया

किडनप अजीत करेगा ताकि कुमार पर शक ना आए , किडनप के वक्त कुमार बॅंक मे रहेगा

और प्लान के मुताबिक ,

मुस्कान अपनी सहेली के साथ मूवी देख कर आ रही थी तो अजीत ने उसका किडनप कर दिया

मुस्कान के किडनप की बात उसके बाप तक गयी

उम्मीद के मुताबिक मुस्कान के बाप ने कुमार पे शक किया

पोलीस ने कुमार को पकड़ लिया पर कुमार ने प्रूफ कर दिया कि वो 11 से 4 बजे के वक्त मे वो बॅंक मे था

कुमार की छोड़ देना पड़ा ,

कुमार इस किडनप का मुस्कान के बाप ने किया है ऐसा बोल रहा है ताकि मुस्कान और कुमार की शादी ना हो और मैं किडनप के इल्ज़ाम

मे जैल जा सकूँ

पोलीस दोनो पे शक कर रही थी

कुमार और मुस्कान के बाप पे

पर एक हफ़्ता हो गया पर कुछ हाथ नही लगा

ना किडनप की कोई चिट्ठी आई

ऐसे मे पोलीस ने दूसरी तरफ अपना फोकस लगा दिया ,शायद लड़की उठाने वालो ने उठा लिया होगा और बेच दिया होगा

ऐसे कुमार को अपनी अगली चाल चलने का मोका मिला

कुमार वहाँ चला गया जहाँ मुस्कान को रखा था

मुस्कान को मिल कर कुमार ने बताया कि प्लान कामयाब हुआ है

मुस्कान खुश हुई

कुमार मे कहा कि आज ही मंदिर जाकर शादी करेंगे

शादी का नाम सुनते ही मुस्कान खुश हो गयी

और दुल्हन की तरह तय्यार हो गयी

मुस्कान दिखने मे नॉर्मल थी पर दुल्हन के ड्रेस मे बहुत खूबसूरत दिखती है

कुमार ने मुस्कान से शादी कर ली

यहाँ शादी के लिए आग लगाई वहाँ कुमार ने गुन्डो को पैसे दे कर मुस्कान के बाप की कंपनी को आग लगा दी

इधर कुमार रात भर मुस्कान की चुदाई करता रहा

उधर मुस्कान का बाप शहर3 जाकर अपनी कंपनी को जलता हुआ देखने लगा

इधर मुस्कान की आग शांत हुई

उधर कंपनी रख मे बदल गयी

एक साथ 2 2 झटके , एक तो बेटी गायब हो गयी है और दूसरी तरफ कंपनी जल गयी ,

मुस्कान के बाप को अटॅक आ गया , पर मुस्कान की तो कुमार कमरे मे बंद करके चुदाई पे चुदाई कर रहा था

मुस्कान अब कुमार की हो गयी थी

1हफ़्ता हो गया शादी को और 2 हफ्ते हो गये मुस्कान को गायब हुए

अब प्लान का नेक्स्ट स्टेप चालू होगा

कुमार ने 15 चिट्ठि लिखी , अलग अलग डेट की , और मुस्कान के बाप के घर के डोर के पास फेक दी जैसे यहाँ काफ़ी दिन से पड़ी हो

ये चिट्ठियाँ मुस्कान के बाप के हाथ लग गयी

इसमे लिखा था कि बेटी चाहिए तो 1 करोड़ दो ,

और हर चिट्ठि मे गुस्से मे लिखा हुआ था कि जवाब क्यूँ नही दिया

इस वक्त कोई सोचने और समझने की हालत मे नही था जिस से मुस्कान का बाप पैसे का इंतज़ाम करने लगा
 
मुस्कान के बाप ने पोलीस की फोन नही किया , वो मुस्कान की जान ख़तरे मे नही डालना चाहते थे

लेकिन इतने पैसे कहाँ से दे

कंपनी जली ना होती तो उसे बेच देते

फिर भी बेटी को बचाना था

मुश्कान के बाप ने बंगला और बॅंक के पैसे जमा किए , ऑर 25 लाख कम पड़ रहे थे

ऐसे मे जली हुई कंपनी को 25 लाख मे एक आदमी ने खरीद लिया ,

पैसे जमा होते ही मुस्कान का बाप नेक्स्ट चिट्ठि का इंतज़ार करने लगा , पैसे जमा हो गये उसका सबूत घर पे लाल कपड़ा बाँध दिया था

मुस्कान तो यहाँ मस्ती मे थी

कुमार नशे की गोली खिला देता अजीत के साथ चुदाई करने को

शादी के बाद से लगातार मुस्कान की चुदाई हो रही थी

कभी अजीत तो कभी कुमार ,क्यूँ कि मुस्कान को मारना था

अजीत को चुदाई करने दी तो कुमार भी अजीत की बीवी की चुदाई कर पाएगा

पर एक दिन मुस्कान ने रात मे दूध नही पिया

मुस्कान होश मे थी

और अजीत उस पे टूट पड़ा

मुस्कान अजीत के हाथो से निकलना चाहती थी

पर अजीत शराब पी कर था उसे लगा ये रोज की तरह चुदाई कर रहा है

मुस्कान ने कुमार की मदद माँग ली

तो कुमार हँसने लगा

और मुस्कान को अपना प्लान बता दिया

मुस्कान अपनी किस्मत पे रोने लगी

कुमार हँसने लगा

और दोनो ने मिलकर मुस्कान की चुदाई की

मुस्कान अपने पिताजी को याद करने लगी

कुमार ने बताया कि तेरे बाप ने मुझे मना किया था

तेरे बाप की कंपनी जला दी है ,

तेरे बाप को अटेक आ गया था

वो मर गया है

इसी लिए तुझे उस कमरे से बाहर जाने नही दिया इतने दिनो से

कुमार ने मुस्कान से झूठ कहा

मुस्कान अपने बाप की मौत का ज़िम्मेदार खुद को समझने लगी

उधर कुमार ने मुस्कान के बाप को पैसे लेकर बुला लिया

पैसे मंदिर मे रख कर जाने को कहा और मुस्कान एक खंडहर मे मिल जाएगी ये कहा

पर मुश्कान दूसरी जगह थी

पैसे लेने अजीत गया था

उस वक्त कुमार हॉस्पिटल मे था , उसका आक्सिडेंट हो गया था ऐसा दिखाया कुमार ने

पैसे दे दिए पर मुस्कान नही मिली

मुस्कान का बाप रोने लगा

पैसे दे कर दो दिन हो गये पर मुस्कान नही मिली

पर दो दिन मे अजीत मुस्कान की चुदाई करता गया

और कुमार हॉस्पिटल मे एडमिट था

फिर प्लान के मुताबिक अजीत ने सारे सबूत छुपा दिए

और मुस्कान को अकेला छोड़ दिया

मुस्कान अपने बाप की.मौत का ज़िम्मेदार खुद को समझ कर खुद ख़ुसी कर ली

फॅन से लटक कर सुसाइड कर लिया

मुस्कान के बाप को पोलीस ने बताया कि एक लाश मिली

ये मुस्कान थी

कुमार मुस्कान को देख कर बहुत रोया ताकि उसपे कोई शक ना करे

मुस्कान के बाप को तो झटका लग गया

पोलीस को कोई सबूत नही मिला

और पोस्टमार्टन की रिपोर्ट कह रही थी कि कुछ लोगो ने रेप किया है पर कुमार ने इसका भी अच्छा बंदोबस्त किया था

मुस्कान की सुसाइड से पहले उसने मुस्कान के साथ सेक्स नही किया , वो हॉस्पिटल मे एडमिट रहा था ,, ऐसे मे उसपे शक नही होगा ,

पोलीस ने केस मे लिखा कि रेप के बाद बदनामी के डर से मुस्कान ने सुसाइड किया है

पोलीस ने केस क्लोज़ किया ये बोल के कि अननोन गुनहगार थे

क्यूँ की कोई सबूत मिला ही नही

कुमार का प्लान कामयाब हुआ

कुमार को पैसे मिल गये

कुमार उन पैसो से कुछ महीनो बाद वो कंपनी खरीदने वाला था ये बोल कर कि उसके बाप ने पैसे दिए है

कुमार को कंपनी मिली , एक बीवी का सुख मिला और अच्छा बन कर वापस कॉलेज आ गया

कुमार कॉलेज सुरू जाने के 45 दिन के बाद कॉलेज आया था

शहर3 मे कुमार के बारे में किसी को कुछ पता नही था

लोगो को इतना पता था कि इस कंपनी के मालिक की किस्मत खराब है , पहले बेटी किडनप हुई फिर कंपनी जल गयी , फिर बेटी ने

सुसाइड की बदनामी के डर से

कुमार का नाम नही आया

जयपुर कहाँ और शहर3 कहाँ

प्लान कामयाब हुआ

कुमार और अजीत जशन मनाने लगे

जयसिंघ के साथ फाइनल एअर की पढ़ाई करने लगे

फिर कुमार ने 6 महीने बाद वो कंपनी खरीद ली ,

उस कंपनी को मुस्कान नाम दिया जो पहले था

अगर मुस्कान के बाप ने कुछ कहा तो ये बोल सकता था कि मुस्कान की याद मे कंपनी सुरू कर रहा हूँ अपने बाप के पैसे लेकर

और कुमार ने जयसिंघ को मना लिया पार्टनरशिप के लिए

इस तरह कंपनी स्टार्ट हो गयी
 
फ्लश बॅक 1050

ये थी कुमार के शादी की कहानी

शालिनी -पर प्रूफ नही हुआ कि मुस्कान की शादी कुमार से हुई थी

जयसिंघ-कुमार फाइनल एअर के स्टार्टिंग मे 45 दिन देर से आया था और जब मैं पूछा था तो उसने बताया कि वो अपनी बुआ के घर चेन्नई गया था

पर मुस्कान के पिताजी कह रहे थे कि तब कुमार जयपुर मे था ,

मतलब कुमार झूठ बोल रहा था

शालिनी -और कुछ शक हुआ

जयसिंघ-हाँ , मुझे याद है एक दिन कुमार और अजीत कुछ बात कर रहे थे और जैसे ही मैं आया बात बंद कर दी थी

शालिनी -क्या बात कर रहे थे

जयसिंघ-पूरी बात नही सुनी थी , पर अजीत के मूह से सुना था कि मुस्कान के साथ बहुत मज़ा आया था

शालिनी -तो उस वक्त तुम्हें शक नही हुआ

जयसिंघ-अजीत के मूह से सुना था और वो वैसा ही था लड़कियो के पीछे भागने वाला मुझे लगा होंगी कोई मुस्कान , पर आज मुस्कान के

पिताजी के मूह से स्टोरी सुनते ही वो बात याद आ गयी ,

शालिनी -इसका मतलब कुमार खूनी भी है

जयसिंघ-हाँ , और धोकेबाज़ भी , और उसकी वजह से मैं भी इस कंपनी का हिस्सा बन गया

शालिनी -तब आपको पता नही था

जयसिंघ-पर वो कितना बड़ा कमीना है , उसे मैं छोड़ूँगा नही ,

शालिनी -आप पहले पता लगाना

जयसिंघ-तुम ठीक कह रही हो , नेहा नीता , तुम्हारे , माँ का बदला भी लूँगा कुमार से , और मुस्कान के गुनहगार को जैल मे डालूँगा

शालिनी -आप बस सबूत जमा करना

जयसिंघ-उस से पहले मुझे गाँव जाना है

शालिनी -हम जल्दी गाँव जाएँगे

जयसिंघ-शालिनी तुमने उस वक्त सही किया जो मेरी परवा किए बिना मेरी बहन को कुमार जैसे सैतान से बचा लिया

शालिनी -नेहा मेरी भी बहन है

जयसिंघ-मैं भगवान से दुआ करूँगा कि हर जनम मे तुम ही मेरी बीवी बनो

और जयसिंघ फिर से शालिनी के गले लग कर रोने लगा

जयसिंघ-मुझे जल्दी नेहा से मिलना है.

शालिनी-हम सुबह होते निकल जाएँगे, अब हमे देर नही करनी चाहिए

जयसिंघ-सुबह होते,

शालिनी-आप आराम करो,आपको आराम की ज़रूरत है

जयसिंघ अपने कमरे मे चला गया ,और कमरे मे इधर उधर घूमते हुए नेहा के बारे में सोचने लगा.

नेहा के साथ उसने क्या क्या किया. उसकी वजह से नेहा ने कितना दर्द बर्दास्त किया

कितनी बार नेहा ने उस से बात करनी चाहिए पर उसने नेहा से एक बार भी बात नही की.

उसके बाद माँ के साथ जो हुआ उसके बाद तो नेहा नेमेरी तरफ देखना भी बंद किया.

नेहा ने मुझसे दूर रहने के लिए खुद को कितना दर्द दिया होगा.

वो मुझे कितना प्यार करती थी ऐसे मे नेहा ने कैसे मेरे बिना जिया होगा.

नेहा की आँखो मे मैं ने मेले के दिन वो दर्द देखा था.

नेहा मुझे माफ़ ज़रूर करेगी. वो मुझे बहुत प्यार करती है.

नेहा और उसके बीच मे जो नफ़रत की दीवार है उसको तोड़ने का समय आ गया था.

नेहा के दिल मे जो नफ़रत पैदा हुई है उसको प्यार मे बदलने का समय आ चुका था.

जयसिंघ ने सोच लिया था कि उसे क्या करना है.

वो घर जाते ही नेहा के पैर मे पड़ कर माफी माँग लेगा.

जयसिंघ कमरे मे घूमते हुए नेहा और पिताजी के बारे में सोचने लगा.

जयसिंघ सोचते सोचते एक नोट बुक मे नेहा के लिए कुछ लिखने लगा.

जयसिंघ नेहा से माफी माँगने लगा.

शालिनी ने ये देखते ही जयसिंघ को गले लगा लिया.

और उसको अपना प्यार दे कर उसका दर्द कम करने लगी.

शालिनी को लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा .

शालिनी सुबह होने का इंतज़ार कर रही थी.

शालिनी ने जयसिंघ को अपने प्यार के आगोश मे सुला दिया.

सुबह होते ही शालिनी जयसिंघ और अवी गाँव की तरफ निकल गये. अपने पड़ोसी को बिना बताए वो अपनी कार से गाँव की तरफ निकल पड़े

जयसिंघ अपनी सोच मे कार चला रहा था.

शालिनी यही सोच रही थी कि बात कहाँ सुरू करेगी.

नेहा क्या कहेगी.क्या नेहा माफ़ करेगी.

पिताजी क्या कहेंगे ,पिताजी ने तो इनडाइरेक्ट्ली जयसिंघ को माफ़ किया है.

पर अब क्या होगा.नीता और पूजा ने मेले मे जयसिंघ को गले लगा कर माफ़ कर दिया था.

नेहा ने भी कुछ हद तक जयसिंघ को माफ़ किया था.

शालिनी और जयसिंघ अपनी अपनी सोच मे डूबे हुए थे.

शालिनी-मैं क्या कह रही थी.

जयसिंघ-हाँ बोलो

शालिनी-अवी को देख कर पिताजी आपको माफ़ कर देंगे.

जयसिंघ-पिताजी ,हाँ , अवी को हम अब गाँव मे रहेंगे

शालिनी-हम भी वही रहेंगे

जयसिंघ-हाँ, हम भी वही रहेंगे.

शालिनी-नेहा कितनी खुश होगी हमे वापस देख कर

जयसिंघ-नेहा से मैं कैसे बात करूँगा.

शालिनी-मैं हूँ ना, हम मिल कर नेहा से माफी माँग लेंगे

जयसिंघ-वो माफ़ कर देगी ना.

शालिनी-हाँ, उसने तो उसी दिन आपको माफ़ किया जिस दिन आपके लिए टी बनाई थी

जयसिंघ-सच

शालिनी-हाँ (मैं उसके पैर पकड़ते वो मुझे ना कर ही नही सकती)

जयसिंघ ने ब्रेक मार कर कार रोक दी.

शालिनी-क्या हुआ यहाँ क्यूँ कार रोक दी

जयसिंघ-तुम बैठो मैं उस कमीने से बात करके आता हूँ

शालिनी-मैं भी चलूंगी

जयसिंघ-तुम यही बैठो मैं उसे सिर्फ़ बात करके आता हूँ, उसे मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया.

शालिनी-मैं भी चलूंगी.

जयसिंघ-तुम अवी के पास रूको ,

शालिनी-जल्दी आना

जयसिंघ ने कुमार के घर के सामने कार रोकी थी.

गाँव जाने के लिए शहर3 से होकर जाना पड़ता था.

ऐसे मे जयसिंघ कुमार से मिल कर जाना चाहता था.

जयसिंघ गुस्से मे था ऐसे मे शालिनी उसके साथ जाना चाहती थी पर जयसिंघ ने मना कर दिया.

जयसिंघ अकेले कुमार के घर के अंदर चला गया.अपने सवाल का जवाब पूछने
 
फ्लश बॅक 1051

जयसिंघ ने कुमार के घर के सामने कार रोक दी

और अकेले कुमार से मिलने गया

जयसिंघ यहाँ पहले भी आता था जिस से घर के नौकर ने जयसिंघ को अंदर जाने दिया

जयसिंघ इस घर मे अपनी माँ की डेत के बाद पहली बार आया था.

जयसिंघ घर के कौने कौने को अच्छे से जानता था.

जयसिंघ घर के अंदर आ गया और कुमार को आवाज़ देने वाला था कि नौकरानी ने रोक दिया.

नौकरानी-कहिए क्या काम है

जयसिंघ-तुम मुझे नही जानती .मैं कुमार का पार्टनर हूँ ,कुमार से मिलने आया हूँ

नौकरानी-मैं यहाँ नयी हूँ , साब तो अजीत साब के साथ मीटिंग कर रहे है. और किसी को उपर जाने से मना किया है

जयसिंघ-मैं उसी मीटिंग के लिए आया हूँ.

नौकरानी-मीटिंग तो रात से चल रही है.

जयसिंघ-कहा ना मीटिंग के लिए आया हूँ. कुमार को बटाऊ ,2 मिनिट मे नौकरी से निकाल देगा.

नौकरानी डर गयी और जयसिंघ को उपर जाने दिया.

जयसिंघ कुमार के बेडरूम मे चला गया. जयसिंघ को बेडरूम से अजीत कुमार और उनकी बीवी के हँसने की आवाज़ आ रही थी

कुमार विदेश से आ चुका था

ये बात मुस्कान के पिताजी ने जयसिंघ को बता दी

जयसिंघ कुमार से कुछ हिसाब क्लियर करना चाहता था गाँव जाने से पहले

जयसिंघ सुबह सुबह अजीत और उसकी बीवी को यहाँ देख कर सोच मे पड़ गया. नौकरानी ने कहा कि मीटिंग रात से चालू है.

रात से अजीत और उसकी बीवी कुमार के बेडरूम मे क्या कर रही है.

जयसिंघ बेड रूम के बाहर खड़ा रह कर उनकी बाते सुन ने लगा.बेडरूम का गेट थोड़ा खुला हुआ था शायद नाश्ता लेते हुए खुला रह गया होगा.

अजीत की बीवी-क्या टी पी रहे हो ,मेरा दूध पियो ,तुम दोनो के लिए 2 है

कुमार की बीवी-तू दूध पिला मैं तो अजीत का लंड चूस कर क्रीम खाउन्गी

अजीत-रात भर खा कर पेट नही भरा

कुमार-दे दे ,उसको तेरा लंड पसंद है. मैं चला तेरी बीवी का दूध पीने

जयसिंघ को अपने कानो पे विश्वास नही हो रहा था.

कुमार अजीत एक दूसरी की बीवी के साथ चुदाई कर रहे है.

वो भी साथ मे ,कैसे कोई ऐसा कर सकता है.

जयसिंघ को कुमार और अजीत की असली चेहरा दिख रहा था.जयसिंघ को लगने लगा कि अच्छा हुआ नेहा की शादी कुमार के साथ नही हुई.

कुमार कितना घटिया आदमी है ये जयसिंघ को पता चल गया

जयसिंघ अंदर जाने वाला था कि अपनी बहन का नाम सुनकर रुक गया.

अजीत की बीवी-ये नेहा की चोट है ना

कुमार-किसका नाम ले लिया .अच्छे मूड का माँ बहन खराब कर दी

अजीत-तेरे नकली बाल कहाँ गये वो पहन ले

कुमार-अब उसकी ज़रूरत नही है. रियल बाल वापस आ गये थे पर मेरे बाप के मरने की वजह से से काटने पड़े

अजीत-तो नकली बाल है ना तेरे पास

कुमार-वो तो विदेश जाते ही फेक दिए थे. वो सिर्फ़ तेरे कहने पे जयसिंघ को दिखाने के लिए पहने थे.ताकि हम पे जयसिंघ शक ना करे

अजीत-काम हुआ कि नही. उस जयसिंघ को कैसे उल्लू बनाया था,

कुमार-वो छोड़ ,उस्दिन नेहा हाथ मे आते आते निकल गयी.

अजीत-एक दिन आ जाएगी.

कुमार की बीवी-ये नेहा कौन है

अजीत-नेहा अप्सरा है. कुमार की शादी होते होते और सुहागरात होते होते रह गयी उसके साथ

कुमार की बीवी-क्या मतलब

अजीत-वो लंबी कहानी है. फिर कभी बताउन्गा.

कुमार की बीवी-फिर तभी तुम्हारा लंड चूसुन्गि

कुमार ने अजीत के बीवी को एक थप्पड़ मारा

कुमार-उस नेहा का नाम किसने निकालने को कहा था

अजीत की बीवी-सॉरी

अजीत-थप्पड़ मारने की जगह उसकी गान्ड मार

अजीत की बीवी-मार लो

कुमार ने अजीत की बीवी की गान्ड मे लंड डाल दिया.

अजीत-कुमार

कुमार-क्या है

अजीत-जयसिंघ वापस आ गया तो. उसके 40% शेर है

कुमार-नही आएगा.आया तो उसकी बहन नेहा की गान्ड मार दूँगा.अब तक तो भूल चुका होगा , तूने अब तक कंपनी संभाल कर अच्छा किया अब मैं विदेश नही रही रहूँगा यही रहूँगा , देखता हूँ क्या करता है वो जयसिंघ

अपनी बहन के बारे में ऐसा सुनते ही जयसिंघ ने गेट पर एक लात मारी और अंदर चला गया.
 
जयसिंघ को देखते ही कुमार और अजीत की गंद फट गयी.

कुमार-जयसिंघ तुम ,तुम कब आए

जयसिंघ ने कोई जवाब नही दिया और उसकी गंद पे जोरदार लात मारी.

कुमार और अजीत की बीवी की दर्द के मारे चीख निकल गयी.

कुमार अजीत की बीवी के उपर गिर गया.

जयसिंघ ने अजीत के मूह पे जोरदार मुक्का मारा. अजीत के 2 दाँत टूट गये और उसके उन्ह से खून निकलने लगा.

अजीत भी दर्द से तडप ने लगा. कुमार की बीवी डर के मारे एक कौने मे जाकर बैठ गयी.

जयसिंघ ने कुमार और अजीत के बेड पर गिरते ही लातों से उसको तोड़ना सुरू किया.

कुमार को लात मारते ही अजीत की बीवी की चीख निकल जाती.

अजीत की बीवी की गंद मे अब तक कुमार का लंड था और कुमार उसके उपर था.

कुमार की गंद पर जयसिंघ लगातार लात मार रहा था.

और अजीत के लंड और पेट पे लात मार रहा था

अजीत और कुमार जान की भीख माँग रहे थे.

जयसिंघ का गुस्सा दोनो पे ऐसा बरस रहा था कि दोनो की चीखो पे चीखे निकल रही थी.

जयसिंघ ने अपना पूरा गुस्सा उन दोनो की हड्डी तोड़ कर एक शांत किया.

दोनो के चेहरे खून से लाल कर दिए

दोनो की माँ बहन एक करने के बाद कुमार को अजीत की बीवी से उपर से हटा दिया.

जयसिंघ-तुम जैसे दोस्तो की वजह से दोस्ती बदनामी होती है.

अजीत-हमे माफ़ कर दो .

जयसिंघ-माफ़ , तुम दोनो को बर्बाद कर दूँगा.मेरी बहन को बर्बाद करने वाले थे मैं तुम को ऐसा बर्बाद करूँगा कि भीख माँगते फ़िरोगे

और जयसिंघ ने दोनो के मूह पे थूक कर वहाँ से चला गया.

कुमार की बीवी डरी हुई कमरे के कौने मे बैठी सब देख रही थी.

जयसिंघ ने दोनो की हालत करब करके शालिनी के पास चला गया

शालिनी-क्या हुआ. इतना हाफ़ क्यूँ रहे हो

जयसिंघ-तुम सही थी

शालिनी-क्या हुआ

जयसिंघ-कुमार ही था वो

शालिनी-मैं समझी नही

जयसिंघ-उस रात कुमार नेहा के घर गया था.

शालिनी-आपको कैसे पता

जयसिंघ-कुमार के सर पे चोट देखी. और उस ने उस्दिन नकली बाल पहने थे .

शालिनी-आपने क्या किया उनके साथ

जयसिंघ-उनको उनकी सज़ा दी.

शालिनी-क्या किया

जयसिंघ-घबराओ मत, सिर्फ़ मारा है जान से नही मारा.

शालिनी-चलिए यहाँ से , मुझे डर लग रहा है

जयसिंघ-हाँ चलो ,अब सीधा नेहा के पास रुकेंगे, नेहा से माफी माँगूंगा

शालिनी-हाँ, चलिए. अवी भी सो गया.

अवी पीछे की सीट पे सो रहा था.

जयसिंघ ने अवी के सर पे किस किया .और शालिनी के भी.

और कार को गाँव की तरफ ले जाने लगा.

जयसिंघ को जल्दी थी नेहा से मिलने की

जयसिंघ कार स्पीड से चला रहा था.

जयसिंघ-शालिनी

शालिनी-हाँ

जयसिंघ-तुम ना होती तो मेरा क्या होता.

शालिनी-सब अच्छा ही होता

जयसिंघ-तुम ने मेरा साथ कभी नही छोड़ा, और फॅमिली का भी. तुम दोनो के साथ थी.

शालिनी-आप भी मेरे लिए खास है, और फॅमिली भी

जयसिंघ-तुम्हारे जैसी बीवी मिली ये मेरी किस्मत थी.

शालिनी-आप भी ना

जयसिंघ-मैं भगवान से दुआ करूँगा कि तुम ही हर जनम मे मेरी बीवी हो

शालिनी-मैं भी दुआ करूँगी कि मुझे हर जनम मे यही फेमिली मिले, और आपका प्यार मिले

जयसिंघ-इतना कुछ हो गया फिर भी नेहा ने तुम्हें कभी ग़लत नही समझा ,ना पिताजी ने

शालिनी-ये उनका प्यार है मेरे लिए.

जयसिंघ-तुम देवी हो देवी ,मैं खुद को किस्मत वाला समझता हूँ.

शालिनी-मैं भी ,जो आप मुझे मिले हो

जयसिंघ-हमारे अवी को तुम्हारे जैसा बनाएँगे.

शालिनी-अवी को पिताजी जैसा बनाएँगे. और आपके जैसा भी

जयसिंघ-हाँ मैं तो पिताजी जैसा नही बन पाया पर अवी को ज़रूर बनाएँगे.

शालिनी-पिताजी अवी मे अपनी छवि देखते है

जयसिंघ-हाँ, उनका बस चले तो वो अवी को अपने नज़रों से दूर नही करेंगे

शालिनी-मैं यही चाहती हूँ कि अवी गाँव मे रहे .पिताजी जैसा बने, आपके जैसा बने ,हमारा नाम रोशन करे ,पूरी फॅमिली को एक करे

जयसिंघ-जैसा तुम ने कहा है वैसा ही होगा.

दोनो बाते कर रहे थे कि अचानक

शालिनी-संभालिए ,

जयसिंघ ने शालिनी की बात सुनकर दूसरी तरफ देखता ,तब तक ट्रक कार के पास आ चुका था.

जयसिंघ कुछ करता उस से पहले ट्रक ने कार को उड़ा दिया.

ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी.
 
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