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5 मिनट तक उसी स्थिति में गाण्ड मारने के बाद मेजर ने सोज़ी की गाण्ड से लंड निकाला और सोज़ी को अपनी लुल्ली को जूली की चूत से निकालने को कहा। सोज़ी ने ऐसे ही किया तो मेजर ने अब जूली को अपनी गोद में बिठाया और अपना लंड जूलीकी चूत में फिट कर एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर प्रवेश करा दिया सोज़ी की लुल्ली के बाद जब मेजर का लंड जूली की चूत में गया तो जूली की जोरदार सिसकी निकली और मेजर ने बिना रुके धक्के लगाने शुरू कर दिए। अब की बार मेजर के धक्के पहले की तुलना में बहुत तेज थे। मेजर फिर जूली की चूत का पानी निकालना चाहता था।
मात्र 5 मिनट के जानदार धक्कों ने अपना काम दिखा दिया और जूली ने मेजर की गोद में बैठे-बैठे अपनी चूत का पानी निकाल दिया। चूत से पानी दबाव के साथ निकला तो मेजर का पेट और पैर जोली के पानी से भर गये जिन्हें सोज़ी ने अपनी जीभ से चाट लिया। जबकि जूली मेजर पर वारी जा रही थी। उसे विश्वास नहीं आ रहा था कि एक ही रात में एक लंड ने 2 बार उसकी चूत का पानी निकाला। वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रही थी और बेतहाशा मेजर के शरीर पर प्यार कर रही थी।
अब मेजर ने सोज़ी को कहा कि वह अब फिर से जूली की चूत में अपना लंड डाले। सोज़ी जो पहले से ही तैयार थी तुरंत जूली के ऊपर चढ़ गई। मगर मेजर ने कहा ऐसे नहीं, तुम नीचे लेटो और जूली को अपने ऊपर लिटाओ फिर उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसकी चुदाई करो। जूली समझ गई कि अब उसकी चूत और गाण्ड के छेद में लंड जाने वाला है, वह तुरंत ही सोज़ी के ऊपर आई और उसकी लुल्ली अपनी चूत के छेद में डाल कर लेट गई ताकि पीछे से मेजर उसकी गाण्ड में अपना 8 इंच का लोड़ा डाल सके । मेजर ने पीछे से आकर जूली की गाण्ड देखी और उसमें पहले अपनी उंगली डालने की कोशिस तो जूली की हल्की सी सिसकी निकली, नीचे सोज़ी अपनी लुल्ली से जूली की चूत में लगातार धक्के लगा रही थी।
कुछ देर जूली की गाण्ड में उंगली करने के बाद मेजर ने अपने लंड की टोपी सोज़ी के मुंह में दे कर उसको गीला करवाया और उसके बाद फिर से पीछे आकर लंड की टोपी को जूली की टाइट गाण्ड के छेद पर रख और एक जोरदार धक्का लगाया। मेजर के लंड की टोपी जूली की गाण्ड में प्रवेश हो चुकी थी। अब की बार जूली ने जोर से चीख मारी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह साहब जी मैं मर गई। साहब यह आपका अपना लंड है या किसी गधे का लगवा लिया है ?? हे खुदा इतना मोटा लंड मेरी गाण्ड कैसे बरदाश्त करेगी
... मेजर ने थोड़ा इंतजार करने के बाद एक और धक्का लगाया तो मेजर का आधे से ज़्यादा लंड जूली की गाण्ड में था। और अब कमरा जूली की चीखों और सिसकियों की मिलीजुली आवाज से गूंज रहा था।
मेजर ने अब अपने लंड को जूली की गाण्ड में लगातार अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और जूली मजे की ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी थी। मेजर के हर धक्के पर जूली के मांस से भरे हुए चूतड़ मेजर के शरीर से टकराते तो धुप्प धुप्प की आवाज कमरे गूंजने लगती . नीचे सोज़ी की लुल्ली भी अब जूली की चूत को मज़ा देने लगी थी, थोड़ी देर की चुदाई के बाद सोज़ी की लुल्ली ने पानी छोड़ दिया और उसके धक्के लगने बंद हो गए। मगर जूली अभी सोज़ी के ऊपर ही लेटी थी और मेजर के जानदार धक्कों का मज़ा अपनी गाण्ड में ले रही थी।
मेजर ने 5 मिनट तक जमकर जूली की गाण्ड मारी अंत में जूली की गाण्ड ने हार मान ली और वह मेजर से बोली साहब बस कर दो अब, मेरी गाण्ड अब और ज़्यादा आपके लोडे के धक्के सहन नहीं कर सकती। यह सुनकर मेजर ने जूली की गाण्ड से अपना लंड निकाला और बेड से उतर गया, बेड से नीचे उतर कर मेजर ने जूली को अपनी गोद में उठाया, जूली ने अपनी टाँगें मेजर की कमर के गिर्द लपेट ली थीं मेजर ने अपने लंड को जूली की चूत पर रखा और जूली एक झटके में ही मेजरके लंड पर अपना वजन डाल कर बैठ गई, मेजर का लंड जूली की चूत में गुम हुआ तो मेजर ने जूली को गोद में उठाए उसकी चुदाई शुरू की। मेजर ने अपने हाथ जूली के चूतड़ों पर रखे हुए थे और जूली ने मेजर की गर्दन में अपने हाथ डाले हुए थे जूली अपनी गाण्ड उठा उठा कर अपनी चुदाई करवा रही थी। साथ ही वह मेजर को होठों को दीवाना वार चूस रही थी, उसको मेजर राज की मर्दानगी पर प्यार आ रहा था जो जूली की चूत का 2 बार पानी निकलवा चुका था और अब भी वह जूली की चूत में धक्के मार रहा था।
मेजर राज 5 मिनट तक जूली को गोद में उठाए उसकी चूत में लंड से खुदाई करता रहा, आखिरकार मेजर का लंड फूलने लगा और जूली की चूत ने भी मेजर के लंड पर अपने प्यार की बारिश करने का इरादा कर लिया। और 4, 5 जानदार धक्कों से जूली चूत ने मेजर के लंड पर बरसात कर दी और जूली के शरीर को झटके लगने लगे, साथ ही मेजर के शरीर को भी झटके लगे और उसने अपना गरम वीर्य जूली की चूत में ही निकाल दिया . जब मेजर के लंड से सारा वीर्य निकल गया तो मेजर राज जूली को गोद से उतार कर बेड पर ढह गया। सोज़ी और जूली अब दोनों ही मेजर के शरीर पर हाथ फेर रही थी और उसे प्यार कर रही थीं। कुछ देर के बाद सोज़ी ने कमरे में मौजूद दूसरा दरवाजा खोला और 3 मिनट बाद कमरे में लौटी तो उसके हाथ में दूध का प्याला था। सोज़ी ने गर्म गर्म दूध मेजर को पिलाया जिसे पीकर मेजर तरोताज़ा हो गया।
अब मेजर ने अपने कपड़े पहने और दूसरे व्यक्ति का उठाया हुआ बटुआ निकालकर इसमें से 1000, 1000 के दो नोट निकाले और जूली और सोज़ी को दिए। दोनों ने नोट लेने से इनकार कर दिया और कहा कि साहब आज बहुत समय बाद एक असली मर्द ने जमकर चुदाई है आपसे हम पैसे नहीं लेंगे। आप जब चाहें आकर हमारी चुदाई कर सकते हो, मेजर ने एक बार फिर पैसे देने पर जोर दिया मगर दोनों में से किसी ने पैसे नहीं लिए लेकिन फिर आकर चुदाई करने के लिए आमंत्रित जरूर किया मेजर ने पैसे वापस पर्स में रखे और जूली के होंठों पर एक प्यार भरी किस कर के कमरे से निकल गया।
मात्र 5 मिनट के जानदार धक्कों ने अपना काम दिखा दिया और जूली ने मेजर की गोद में बैठे-बैठे अपनी चूत का पानी निकाल दिया। चूत से पानी दबाव के साथ निकला तो मेजर का पेट और पैर जोली के पानी से भर गये जिन्हें सोज़ी ने अपनी जीभ से चाट लिया। जबकि जूली मेजर पर वारी जा रही थी। उसे विश्वास नहीं आ रहा था कि एक ही रात में एक लंड ने 2 बार उसकी चूत का पानी निकाला। वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रही थी और बेतहाशा मेजर के शरीर पर प्यार कर रही थी।
अब मेजर ने सोज़ी को कहा कि वह अब फिर से जूली की चूत में अपना लंड डाले। सोज़ी जो पहले से ही तैयार थी तुरंत जूली के ऊपर चढ़ गई। मगर मेजर ने कहा ऐसे नहीं, तुम नीचे लेटो और जूली को अपने ऊपर लिटाओ फिर उसकी चूत में अपना लंड डाल कर उसकी चुदाई करो। जूली समझ गई कि अब उसकी चूत और गाण्ड के छेद में लंड जाने वाला है, वह तुरंत ही सोज़ी के ऊपर आई और उसकी लुल्ली अपनी चूत के छेद में डाल कर लेट गई ताकि पीछे से मेजर उसकी गाण्ड में अपना 8 इंच का लोड़ा डाल सके । मेजर ने पीछे से आकर जूली की गाण्ड देखी और उसमें पहले अपनी उंगली डालने की कोशिस तो जूली की हल्की सी सिसकी निकली, नीचे सोज़ी अपनी लुल्ली से जूली की चूत में लगातार धक्के लगा रही थी।
कुछ देर जूली की गाण्ड में उंगली करने के बाद मेजर ने अपने लंड की टोपी सोज़ी के मुंह में दे कर उसको गीला करवाया और उसके बाद फिर से पीछे आकर लंड की टोपी को जूली की टाइट गाण्ड के छेद पर रख और एक जोरदार धक्का लगाया। मेजर के लंड की टोपी जूली की गाण्ड में प्रवेश हो चुकी थी। अब की बार जूली ने जोर से चीख मारी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह साहब जी मैं मर गई। साहब यह आपका अपना लंड है या किसी गधे का लगवा लिया है ?? हे खुदा इतना मोटा लंड मेरी गाण्ड कैसे बरदाश्त करेगी
... मेजर ने थोड़ा इंतजार करने के बाद एक और धक्का लगाया तो मेजर का आधे से ज़्यादा लंड जूली की गाण्ड में था। और अब कमरा जूली की चीखों और सिसकियों की मिलीजुली आवाज से गूंज रहा था।
मेजर ने अब अपने लंड को जूली की गाण्ड में लगातार अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और जूली मजे की ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी थी। मेजर के हर धक्के पर जूली के मांस से भरे हुए चूतड़ मेजर के शरीर से टकराते तो धुप्प धुप्प की आवाज कमरे गूंजने लगती . नीचे सोज़ी की लुल्ली भी अब जूली की चूत को मज़ा देने लगी थी, थोड़ी देर की चुदाई के बाद सोज़ी की लुल्ली ने पानी छोड़ दिया और उसके धक्के लगने बंद हो गए। मगर जूली अभी सोज़ी के ऊपर ही लेटी थी और मेजर के जानदार धक्कों का मज़ा अपनी गाण्ड में ले रही थी।
मेजर ने 5 मिनट तक जमकर जूली की गाण्ड मारी अंत में जूली की गाण्ड ने हार मान ली और वह मेजर से बोली साहब बस कर दो अब, मेरी गाण्ड अब और ज़्यादा आपके लोडे के धक्के सहन नहीं कर सकती। यह सुनकर मेजर ने जूली की गाण्ड से अपना लंड निकाला और बेड से उतर गया, बेड से नीचे उतर कर मेजर ने जूली को अपनी गोद में उठाया, जूली ने अपनी टाँगें मेजर की कमर के गिर्द लपेट ली थीं मेजर ने अपने लंड को जूली की चूत पर रखा और जूली एक झटके में ही मेजरके लंड पर अपना वजन डाल कर बैठ गई, मेजर का लंड जूली की चूत में गुम हुआ तो मेजर ने जूली को गोद में उठाए उसकी चुदाई शुरू की। मेजर ने अपने हाथ जूली के चूतड़ों पर रखे हुए थे और जूली ने मेजर की गर्दन में अपने हाथ डाले हुए थे जूली अपनी गाण्ड उठा उठा कर अपनी चुदाई करवा रही थी। साथ ही वह मेजर को होठों को दीवाना वार चूस रही थी, उसको मेजर राज की मर्दानगी पर प्यार आ रहा था जो जूली की चूत का 2 बार पानी निकलवा चुका था और अब भी वह जूली की चूत में धक्के मार रहा था।
मेजर राज 5 मिनट तक जूली को गोद में उठाए उसकी चूत में लंड से खुदाई करता रहा, आखिरकार मेजर का लंड फूलने लगा और जूली की चूत ने भी मेजर के लंड पर अपने प्यार की बारिश करने का इरादा कर लिया। और 4, 5 जानदार धक्कों से जूली चूत ने मेजर के लंड पर बरसात कर दी और जूली के शरीर को झटके लगने लगे, साथ ही मेजर के शरीर को भी झटके लगे और उसने अपना गरम वीर्य जूली की चूत में ही निकाल दिया . जब मेजर के लंड से सारा वीर्य निकल गया तो मेजर राज जूली को गोद से उतार कर बेड पर ढह गया। सोज़ी और जूली अब दोनों ही मेजर के शरीर पर हाथ फेर रही थी और उसे प्यार कर रही थीं। कुछ देर के बाद सोज़ी ने कमरे में मौजूद दूसरा दरवाजा खोला और 3 मिनट बाद कमरे में लौटी तो उसके हाथ में दूध का प्याला था। सोज़ी ने गर्म गर्म दूध मेजर को पिलाया जिसे पीकर मेजर तरोताज़ा हो गया।
अब मेजर ने अपने कपड़े पहने और दूसरे व्यक्ति का उठाया हुआ बटुआ निकालकर इसमें से 1000, 1000 के दो नोट निकाले और जूली और सोज़ी को दिए। दोनों ने नोट लेने से इनकार कर दिया और कहा कि साहब आज बहुत समय बाद एक असली मर्द ने जमकर चुदाई है आपसे हम पैसे नहीं लेंगे। आप जब चाहें आकर हमारी चुदाई कर सकते हो, मेजर ने एक बार फिर पैसे देने पर जोर दिया मगर दोनों में से किसी ने पैसे नहीं लिए लेकिन फिर आकर चुदाई करने के लिए आमंत्रित जरूर किया मेजर ने पैसे वापस पर्स में रखे और जूली के होंठों पर एक प्यार भरी किस कर के कमरे से निकल गया।