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Guest
हम सब माल रोड पर आ गये। हमने वहां तीन-चार शोरूम पर देखा पर कुछ समझ में नहीं आया। मैंने अनु से कहा- "तुम मेरे साथ आओं मैं तुम्हें दिलवाता हू..."
अनु को एक शोरूम में ले गया वहां मैंने जाते ही कहा- "मेडम के साइज की जीन्स दिखाओ..."
अनु मुझं चुटकी काटतं हए बोली- "मैंने आपको बताया नहीं था, मैं नहीं पहनती जीन्स.."
मैंने कहा- वहां नहीं पहनती, यहां तो पहन सकती हो?" और मैंने सेल्सगर्ल को कहा- "दिखाओ.."
सेल्सगर्ल ने दिखानी शुरू कर दी।
अनु मुझे घूरती रही फिर बोली- "मैं तो नहीं पहनूंगी.."
पर मैं अनु की परवाह किए बिना जीन्स के कलर देखता रहा। फिर मैंने कहा- "इनके साइज की लोग करती और दिखाओ...
अनु ने कहा- "आप समझते क्यों नहीं? में नहीं पहनंगी, क्या फायदा देखने से?"
मैंने कहा- "रुको तो दो मिनट.." और मैंने कुरती भी पसंद कर ली। मैंने जीन्स और कुरती अनु को देते हुए कहा- "जाओं चेंज रूम में जाकर ट्राई करो..."
अनु ने बुरा सा मुँह बनाया।
ऋतु ने कहा- "दीदी ट्राई तो करके देखो। अच्छी लगेगी.."
मैंने कहा- "अगर अच्छी ना लगे तो नहीं लेना। बस ट्राई तो करो एक बार.."
अनु बेमन में चली गई। अनु जब चेंज रूम से बाहर आई तो मेरे मुँह से निकला- "वाऊओ...'
ऋतु भी बोली- "दीदी सच में आप इस ड्रेस में बड़ी प्यारी लग रही हो...'
अनु हम दोनों को ऐसे देखने लगी जैसे की हम उसको झठ बोल रहे हों। फिर जिस सेल्सगर्ल ने इस दिखाई थी उसने भी कहा- "मॅडम ये इस आप पर बड़ी प्यारी लग रही है.....
अनु को तब जाकर कुछ कान्फिडेन्स आया।
मैने अनु से कहा- "तुम ऐसे ही डर रही थी। तुम जीन्स में जितनी प्यारी लग रही हो, इतनी ता सलवार सूट में भी नहीं लगती..."
अनु ने मिरर में देखा और कहा- "हाँ सच में... ये तो मुझपर अच्छी लग रही है...
-
मैंने कहा- "अब इसी ड्रेस में चलो.."
अनु बोली- "पक्का बुरी तो नहीं लग रही ना?"
मैंने कहा- "कसम से बड़ी कातिल लग रही हो, पता नहीं कितनों को मार डालिगी?"
अनु शर्मा गईं।
हम सब वहां से निकले तो ऋतु बोली- "दीदी जीन्स के साथ स्टाइलिश सँडल भी होते तो मजा आता.."
मैंने कहा- "वो भी ले लेते हैं, चलो.." हम एक फुटवेर के शोरूम में गये। वहां अनु को सँडल लेकर दिए, और एक शानदार हैंडबैग भी लेकर दिया।
अनु बोली- "आप तो मुझे ऐसे शापिंग करवा रहे हो जैसे की......"
हम जब वहां से बाहर आए तो मैंने अनु को देखा वो सच में बड़ी प्यारी लग रही थी। मैंने अनु से कहा- "अब मेरे साथ-साथ मत चलना। लोग देखकर मेरे से जलने लग जाएंगे..."
अनु बाली- "दनियां को जलने दो मुझं क्या?" कहकर अनु ने मेरे हाथ में अपना हाथ डाल दिया। अब अनु और में ऐसे चल रहे थे जैसे नये कपल हो।
ऋतु ने कहा- "आप दोनों यहां अपना हनीमून माजा रहे हो। मैं भी आपके साथ है."
मैंने हँसते हुए अनु से कहा- "ये कैसी साली है?"
सुनकर अनु शर्मा गई और ऋतु मुझे ऐसे देखने लगी जैसे की मैने।
थोड़ी देर चुप रहने के बाद अनु ने कहा- "चला मामास खाते हैं."
मुझे भी मोमोस पसंद हैं। मैंने कहा- "हाँ चलो..."
हम लोग मोमोस खाने लगे। अनु ने मोमोस खाते ही सस्स्सी ... सस्स्सी ... करनी शुरू कर दी।
मैंने कहा- "मुझे तो इतना तीखा नहीं लगा.."
अनु बोली- "आपको तीखा नहीं लगा और मेरी हालत खराब हो गई... मेरे तो कानों में सीटियां बज रही हैं। सीईई... सस्स्सी .."
मैंने जल्दी से एक आइसक्रीम लाकर अनु को दे दी। अनु ने झट से आइस्क्रीम खतम कर ली। उसको अब रिलैक्स होने लगा। फिर अनु ने मुझे बड़े ही प्यार से देखा और आँखें बंद करके कहा- "थॅंक्स मेरे बाबू.."
मैंने कहा- "मुझे थॅंक्स क्यों बोल रही हो?"
अनु बोली- "आप मेरी इतनी केयर जो करते हो इसलिए.."
मैंने मुश्कुराकर कहा- "में कभी-कभी केयरलेस भी हो जाता हूँ.."
अनु समझ गई में क्या बोल रहा हूँ। अनु शर्मा गई। उसने अपनी निगाहों को नीचे कर लिया।
ऋतु ने कहा- "आप दोनों के साथ मुझे अब ऐसे लग रहा है जैसे कबाब में हड्डी."
अनु और में दोनों एकसाथ हँस पड़े।
मैंने ऋतु का हाथ पकड़कर कहा- "चलो अब अनु को हड्डी बनाते हैं..." हम लोग जैसे ही रोड पर आए हल्की हल्की बूंदा बांदी होने लगी। मैंने अनु से कहा- "जल्दी बताओं और कुछ खाने पीने का मन है?"
अनु ने कहा- अभी तो नहीं।
मैंने कहा- फिर जल्दी करो बारिश कहीं तेज ना हो जाए।
अनु को एक शोरूम में ले गया वहां मैंने जाते ही कहा- "मेडम के साइज की जीन्स दिखाओ..."
अनु मुझं चुटकी काटतं हए बोली- "मैंने आपको बताया नहीं था, मैं नहीं पहनती जीन्स.."
मैंने कहा- वहां नहीं पहनती, यहां तो पहन सकती हो?" और मैंने सेल्सगर्ल को कहा- "दिखाओ.."
सेल्सगर्ल ने दिखानी शुरू कर दी।
अनु मुझे घूरती रही फिर बोली- "मैं तो नहीं पहनूंगी.."
पर मैं अनु की परवाह किए बिना जीन्स के कलर देखता रहा। फिर मैंने कहा- "इनके साइज की लोग करती और दिखाओ...
अनु ने कहा- "आप समझते क्यों नहीं? में नहीं पहनंगी, क्या फायदा देखने से?"
मैंने कहा- "रुको तो दो मिनट.." और मैंने कुरती भी पसंद कर ली। मैंने जीन्स और कुरती अनु को देते हुए कहा- "जाओं चेंज रूम में जाकर ट्राई करो..."
अनु ने बुरा सा मुँह बनाया।
ऋतु ने कहा- "दीदी ट्राई तो करके देखो। अच्छी लगेगी.."
मैंने कहा- "अगर अच्छी ना लगे तो नहीं लेना। बस ट्राई तो करो एक बार.."
अनु बेमन में चली गई। अनु जब चेंज रूम से बाहर आई तो मेरे मुँह से निकला- "वाऊओ...'
ऋतु भी बोली- "दीदी सच में आप इस ड्रेस में बड़ी प्यारी लग रही हो...'
अनु हम दोनों को ऐसे देखने लगी जैसे की हम उसको झठ बोल रहे हों। फिर जिस सेल्सगर्ल ने इस दिखाई थी उसने भी कहा- "मॅडम ये इस आप पर बड़ी प्यारी लग रही है.....
अनु को तब जाकर कुछ कान्फिडेन्स आया।
मैने अनु से कहा- "तुम ऐसे ही डर रही थी। तुम जीन्स में जितनी प्यारी लग रही हो, इतनी ता सलवार सूट में भी नहीं लगती..."
अनु ने मिरर में देखा और कहा- "हाँ सच में... ये तो मुझपर अच्छी लग रही है...
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मैंने कहा- "अब इसी ड्रेस में चलो.."
अनु बोली- "पक्का बुरी तो नहीं लग रही ना?"
मैंने कहा- "कसम से बड़ी कातिल लग रही हो, पता नहीं कितनों को मार डालिगी?"
अनु शर्मा गईं।
हम सब वहां से निकले तो ऋतु बोली- "दीदी जीन्स के साथ स्टाइलिश सँडल भी होते तो मजा आता.."
मैंने कहा- "वो भी ले लेते हैं, चलो.." हम एक फुटवेर के शोरूम में गये। वहां अनु को सँडल लेकर दिए, और एक शानदार हैंडबैग भी लेकर दिया।
अनु बोली- "आप तो मुझे ऐसे शापिंग करवा रहे हो जैसे की......"
हम जब वहां से बाहर आए तो मैंने अनु को देखा वो सच में बड़ी प्यारी लग रही थी। मैंने अनु से कहा- "अब मेरे साथ-साथ मत चलना। लोग देखकर मेरे से जलने लग जाएंगे..."
अनु बाली- "दनियां को जलने दो मुझं क्या?" कहकर अनु ने मेरे हाथ में अपना हाथ डाल दिया। अब अनु और में ऐसे चल रहे थे जैसे नये कपल हो।
ऋतु ने कहा- "आप दोनों यहां अपना हनीमून माजा रहे हो। मैं भी आपके साथ है."
मैंने हँसते हुए अनु से कहा- "ये कैसी साली है?"
सुनकर अनु शर्मा गई और ऋतु मुझे ऐसे देखने लगी जैसे की मैने।
थोड़ी देर चुप रहने के बाद अनु ने कहा- "चला मामास खाते हैं."
मुझे भी मोमोस पसंद हैं। मैंने कहा- "हाँ चलो..."
हम लोग मोमोस खाने लगे। अनु ने मोमोस खाते ही सस्स्सी ... सस्स्सी ... करनी शुरू कर दी।
मैंने कहा- "मुझे तो इतना तीखा नहीं लगा.."
अनु बोली- "आपको तीखा नहीं लगा और मेरी हालत खराब हो गई... मेरे तो कानों में सीटियां बज रही हैं। सीईई... सस्स्सी .."
मैंने जल्दी से एक आइसक्रीम लाकर अनु को दे दी। अनु ने झट से आइस्क्रीम खतम कर ली। उसको अब रिलैक्स होने लगा। फिर अनु ने मुझे बड़े ही प्यार से देखा और आँखें बंद करके कहा- "थॅंक्स मेरे बाबू.."
मैंने कहा- "मुझे थॅंक्स क्यों बोल रही हो?"
अनु बोली- "आप मेरी इतनी केयर जो करते हो इसलिए.."
मैंने मुश्कुराकर कहा- "में कभी-कभी केयरलेस भी हो जाता हूँ.."
अनु समझ गई में क्या बोल रहा हूँ। अनु शर्मा गई। उसने अपनी निगाहों को नीचे कर लिया।
ऋतु ने कहा- "आप दोनों के साथ मुझे अब ऐसे लग रहा है जैसे कबाब में हड्डी."
अनु और में दोनों एकसाथ हँस पड़े।
मैंने ऋतु का हाथ पकड़कर कहा- "चलो अब अनु को हड्डी बनाते हैं..." हम लोग जैसे ही रोड पर आए हल्की हल्की बूंदा बांदी होने लगी। मैंने अनु से कहा- "जल्दी बताओं और कुछ खाने पीने का मन है?"
अनु ने कहा- अभी तो नहीं।
मैंने कहा- फिर जल्दी करो बारिश कहीं तेज ना हो जाए।