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लाला: थोड़ा आराम मिला मेरी जान को या नहीं।
दिव्या: हम्म,लेकिन अब भी बहुत दुख रहा है।
लाला: मेरे लिए इतना नहीं सह सकती क्या तू। ऐसी चुदाई तेरे पति ने तो कभी नहीं की, मैं जानता हूँ, पर क्या सलमान ने भी कभी तेरी गांड नहीं मारी?
कर्नल के मुह से सलमान का नाम सुनकर दिव्या हैरान रह जाती है।
लाला: बोल ना, ऐसा नहीं हो सकता कि उसने इतनी चिकनी गांड बिना मारे छोड़ दी हो?
दिव्या: ना नहीं अंकल। लेकिन आपसे ये सब किसने कहा।
लाला: बस पता है मुझे।
दिव्या: अंकल उसने सब जबरदस्ती किया था मेरे साथ।
लाला: तुझे मजा आया था या नहीं।
दिव्या फिर चुप हो जाती है पर कर्नल के दोबारा पूछने पर वो बोल ही पड़ती है।
दिव्या: हाँ आया था।
लाला: तो फिर क्यों बोलती है की जबरदस्ती की थी लेकिन अब तुझे और किसी से चुदने की जरूरत नहीं है जान। अब तू मेरी है। बोल है ना मेरी तू।
दिव्या: ओहो हाँ अंकल अब मैं आपकी हूँ, प्लीज़ अब तो छोड़ दो।
लाला: बस कुछ देर और डियर।
कर्नल के धक्के और तेज होने लगे थे, दिव्या की टाइट गांड में उसका लंड फंस फंस के जा रहा था पर कुछ देर में दिव्या के कराहने की आवाज़ सिस्कियों में बदलने लगी थी। कर्नल भी हैरान था कि दिव्या इतनी चुदाई के बाद भी अपनी गांड मरवाने को एन्जॉय करने लगी थी। कर्नल भी अब झड़ना चाहता था,जब भी कर्नल स्पीड कम करता तो दिव्या पीछे मुड़कर उसकी और देखने लगती थी।
दिव्या के हफूस आम के जैसे मोटे हवा मम्मे में आगे पीछे झूल रहे थे। कर्नल अब अपना हाथ दिव्या की गांड पर रखकर उसे टाइट पकड़ लेता है और पूरा लंड अंदर डालकर उसकी गांड चोदने लगता है।
दिव्या: हम्म,लेकिन अब भी बहुत दुख रहा है।
लाला: मेरे लिए इतना नहीं सह सकती क्या तू। ऐसी चुदाई तेरे पति ने तो कभी नहीं की, मैं जानता हूँ, पर क्या सलमान ने भी कभी तेरी गांड नहीं मारी?
कर्नल के मुह से सलमान का नाम सुनकर दिव्या हैरान रह जाती है।
लाला: बोल ना, ऐसा नहीं हो सकता कि उसने इतनी चिकनी गांड बिना मारे छोड़ दी हो?
दिव्या: ना नहीं अंकल। लेकिन आपसे ये सब किसने कहा।
लाला: बस पता है मुझे।
दिव्या: अंकल उसने सब जबरदस्ती किया था मेरे साथ।
लाला: तुझे मजा आया था या नहीं।
दिव्या फिर चुप हो जाती है पर कर्नल के दोबारा पूछने पर वो बोल ही पड़ती है।
दिव्या: हाँ आया था।
लाला: तो फिर क्यों बोलती है की जबरदस्ती की थी लेकिन अब तुझे और किसी से चुदने की जरूरत नहीं है जान। अब तू मेरी है। बोल है ना मेरी तू।
दिव्या: ओहो हाँ अंकल अब मैं आपकी हूँ, प्लीज़ अब तो छोड़ दो।
लाला: बस कुछ देर और डियर।
कर्नल के धक्के और तेज होने लगे थे, दिव्या की टाइट गांड में उसका लंड फंस फंस के जा रहा था पर कुछ देर में दिव्या के कराहने की आवाज़ सिस्कियों में बदलने लगी थी। कर्नल भी हैरान था कि दिव्या इतनी चुदाई के बाद भी अपनी गांड मरवाने को एन्जॉय करने लगी थी। कर्नल भी अब झड़ना चाहता था,जब भी कर्नल स्पीड कम करता तो दिव्या पीछे मुड़कर उसकी और देखने लगती थी।
दिव्या के हफूस आम के जैसे मोटे हवा मम्मे में आगे पीछे झूल रहे थे। कर्नल अब अपना हाथ दिव्या की गांड पर रखकर उसे टाइट पकड़ लेता है और पूरा लंड अंदर डालकर उसकी गांड चोदने लगता है।