उसकी ऐसी हालत देखकर मैं खड़ा हुआ और उसके अपनी बाहों में भर लिया। सोनल तुरंत ही किसी बेल की तरफ मुझसे लिपट गई और मेरे गले और गालों को बेहताशा चूमने लगी।
मेरे हाथ उसकी पीठ को सहला रहे थे और सोनल के हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे और वो कभी मेरे गालों किस करती, चाटती और कभी मेरे गले को। और बीच बीच में बड़बड़ाती जा रही थी।
मुझे तो लगा, मेरी जान ही निकल जायेगी, ओहहहह आहहह इतना मजा, मैं ब्यान नहीं कर सकती, पुच पुच,,, लव यू,,,,, आहहहह,, ओहहहह, आई लव यू,, आहहहहहह, लव यू,,,,,,
वो थोड़ा पिछे हटी और मेरे एक पल के लिए मेरे लबों पर अपने लब रखे और उन्हें चूसा ओर फिर नीचे होते हुए मेरी चिन को चूमने लगी, फिर वो नीचे हुई और मेरे निप्पल पर अपनी जीभ फिराने लगी, पैर कांपने की बारी अब मेरी थी, मेरे शरीर में आनंद की तरंगे उठने लगी, अचानक सोनल ने मेरे निप्पल को दांतों के बीच दबा के हलके से चुभला दिया। मेरा तो निकलने को ही हो गया। उसके हाथ मेरे कंधों पर टिके थे। फिर वो नीचे हुई और मेरे पेट को चाटने और चूमने लगी। उसके हाथ मेरी छाती पर मेरे निप्पल्स को छेड़ रहे थे।
फिर वो नीचे घुटने टेक कर बैठ गई और मेरी तरफ देखा, मैंने उसकी तरफ देखा और अपनी आंखें बंद कर ली।
सोनल ने मेरे पेट के नीचे वाले भाग पर अपने होंठ रखे और गोल गोल घुमाते हुए चूमने लगी और साथ साथ अपनी जीभ फिराने लगी। मैं तो बस हवा में उड़ रहा हूं, ऐसा लग रहा था। मेरा लिंग उसके गालों और ठोडी पर रगड़ रहा था। अचानक उसने अपना चेहरा मेरी जांघों में घुसा दिया और अपनी जीभ से मेरी गोलियों के नीचे के हिस्से पर फिराने लगी। अब मेरी टांगे जवाब दे गई थी, इतनी सेंसेशन मैंने अब तक महसूस नहीं की थी। वो मेरी गोलियों पर अपनी जीभ फिरा रही थी और कभी अपने होंठ लगाकर उन्हें अन्दर की तरफ खींचने की कोशिश कर रही थी।
अचानक उसने अपने होंठ खोले और मेरी दोनों गोलियों को मुंह में भर लिया और उन पर जीभ फिराने लगी। मेरा लिंग उसकी आंखों पर टकरा रहा था। वो मेरी गोलियों को जोर जोर से चूसने लगी। मुझे हल्का हल्का दर्द भी हो रहा था और मजे की तो बस पूछो मत, इतना ज्यादा मजा आ रहा था, कि मुझे लग रहा था कि मैं अब निकला कि तब निकला। मेरी आंखें जोरों से बंद थी और मुंह से मजे की सिसकारियां निकल रही थी।
पर मेरे निकलने से पहले ही सोनल ने गोलियों को बाहर निकाल दिया और मेरी जांघों को अपने हाथों से सहलाने लगी।
क्रमशः.....................
मेरे हाथ उसकी पीठ को सहला रहे थे और सोनल के हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे और वो कभी मेरे गालों किस करती, चाटती और कभी मेरे गले को। और बीच बीच में बड़बड़ाती जा रही थी।
मुझे तो लगा, मेरी जान ही निकल जायेगी, ओहहहह आहहह इतना मजा, मैं ब्यान नहीं कर सकती, पुच पुच,,, लव यू,,,,, आहहहह,, ओहहहह, आई लव यू,, आहहहहहह, लव यू,,,,,,
वो थोड़ा पिछे हटी और मेरे एक पल के लिए मेरे लबों पर अपने लब रखे और उन्हें चूसा ओर फिर नीचे होते हुए मेरी चिन को चूमने लगी, फिर वो नीचे हुई और मेरे निप्पल पर अपनी जीभ फिराने लगी, पैर कांपने की बारी अब मेरी थी, मेरे शरीर में आनंद की तरंगे उठने लगी, अचानक सोनल ने मेरे निप्पल को दांतों के बीच दबा के हलके से चुभला दिया। मेरा तो निकलने को ही हो गया। उसके हाथ मेरे कंधों पर टिके थे। फिर वो नीचे हुई और मेरे पेट को चाटने और चूमने लगी। उसके हाथ मेरी छाती पर मेरे निप्पल्स को छेड़ रहे थे।
फिर वो नीचे घुटने टेक कर बैठ गई और मेरी तरफ देखा, मैंने उसकी तरफ देखा और अपनी आंखें बंद कर ली।
सोनल ने मेरे पेट के नीचे वाले भाग पर अपने होंठ रखे और गोल गोल घुमाते हुए चूमने लगी और साथ साथ अपनी जीभ फिराने लगी। मैं तो बस हवा में उड़ रहा हूं, ऐसा लग रहा था। मेरा लिंग उसके गालों और ठोडी पर रगड़ रहा था। अचानक उसने अपना चेहरा मेरी जांघों में घुसा दिया और अपनी जीभ से मेरी गोलियों के नीचे के हिस्से पर फिराने लगी। अब मेरी टांगे जवाब दे गई थी, इतनी सेंसेशन मैंने अब तक महसूस नहीं की थी। वो मेरी गोलियों पर अपनी जीभ फिरा रही थी और कभी अपने होंठ लगाकर उन्हें अन्दर की तरफ खींचने की कोशिश कर रही थी।
अचानक उसने अपने होंठ खोले और मेरी दोनों गोलियों को मुंह में भर लिया और उन पर जीभ फिराने लगी। मेरा लिंग उसकी आंखों पर टकरा रहा था। वो मेरी गोलियों को जोर जोर से चूसने लगी। मुझे हल्का हल्का दर्द भी हो रहा था और मजे की तो बस पूछो मत, इतना ज्यादा मजा आ रहा था, कि मुझे लग रहा था कि मैं अब निकला कि तब निकला। मेरी आंखें जोरों से बंद थी और मुंह से मजे की सिसकारियां निकल रही थी।
पर मेरे निकलने से पहले ही सोनल ने गोलियों को बाहर निकाल दिया और मेरी जांघों को अपने हाथों से सहलाने लगी।
क्रमशः.....................