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राज टेबल की तरफ गया और वहाँ से डिगई-कॅम उठाया. फिर वो माँ के सामने आ के खड़ा हो गया. माँ ने फिर से उसका लंड चूसना शुरू किया, राज माँ को अपने कॅम में रेकॉर्ड करने लग गया. मुझे यकीन नहीं हो रहा था. मेरी माँ आधी नंगी बैठी थी, सिर्फ़ एक लाल पेटीकोट में, एक नंगे मूछों वाले, मिठाई खाने वाले पहलवान मर्द के सामने और पूरी मस्ती में उसका 10” लंबा लोड़ा चूस रही थी. माँ ने ज़रा भी ना सोचा उसका पति पार्टी का कार्यकर्ता है, और यहाँ वो मुस्लिम परिवार से होते हुए भी मिठाई खाने वाले के सामने आधी नंगी बैठी हुई उसका लोड़ा चूस रही थी. 15 मिनिट तक माँ राज के कसे हुए लंड को चूस्ती रही.
राज, “मेरा निकलने वाला है.”
माँ, “क्या करना है अब?”
राज, ‘रुक मत, चूस्ती रह, और वीर्य को अपने मुँह पर गिरा देना या मुँह में अंदर ले लेना.”
माँ चूस्ती रही, पर इसके पहले की राज का निकलता उसने अपना लोड़ा माँ के मुँह से निकाल लिया.
माँ, “क्या हुआ?”
राज, “ऐसे ही बैठी रह.” राज ने अपना लोड़ा हाथ में पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से हिलाना शुरू किया. दूसरे हाथ से वो अभी भी वीडियो बना रहा था. 2 मिनिट बाद राज का छूट गया. राज ने अपना लोड़ा पकड़ के माँ के मुँह पे रख दिया. राज के लंड से थिक सीमेन का पहला शॉट माँ की आँखों पर पड़ा. राज ने लोड़ा घुमा के सुपाड़ा माँ के माथे पे लगाया, जहाँ उसने लाल सिंदूर पहना था. दूसरा शॉट उसकी माँग में पड़ा, जहाँ माँ ने अपने हिंदू सुहाग की निशानी लाल सिंदूर को पहना था, अब वहाँ लंड की गाढ़ी मलाई पड़ी थी. फिर राज ने अपना लंड घुमा के माँ के लाल होठों पर लगाया और बाकी का सीमेन छोड़ दिया.
माँ के लाल होंठ अब राज के सीमेन से सफेद हो गये थे. 1-1.5 मिनिट तक राज के लंड से थिक सीमेन का ईजॅक्युलेशन हुआ. माँ का पूरा चेहरा, उसकी माँग, माथा, आँखें, नाक, होंठ राज के थिक सीमेन से चमक रहे थे.
राज, “अब इसको होठों पर लगी मलाई को चूस ले और निगल जा.”
माँ, “ह्म्म्म्म म, मस्त टेस्टी है तेरी मलाई.”
फिर राज ने कॅम बेड की तरफ़ फेंक दिया और माँ को अपनी बाहों में उठाया. और कस के जकड़ लिया. फिर माँ के होठों को अपने होठों में लेके चूसा. माँ भी राज से कस के चिपक गयी और उसके दूध राज की बालों वाली छाती से दबे हुए थे. मेरी माँ आधी नंगी एक नंगे मर्द से लिपटी हुई थी. उसके माँग में लाल सिंदूर की जगह एक लंड की मलाई थी, और वो पूरे मज़े से उस हिंदू मर्द को अपने लाल होठों का रस चखा रही थी.
राज, “जा धो ले, फिर बिस्तर पर करते हैं प्यार.”
माँ बाथरूम की तरफ चल दी. राज पूरा नंगा बिस्तर पर आकर लेट गया. राज ने डिगई-कॅम टेबल पर रख दिया और उसका फोकस अड्जस्ट किया ताकि पूरा कमरा उसके डिगई-कॅम के फोकस में आ जाए. माँ अपना मुँह साफ करके बाहर आई. उसके बाल खुले थे, और अभी भी थोड़े गीले थे. जब वो बाहर आई और बिस्तर की तरफ़ जा रही थी, तो उसने अपने दोनों हाथ अपने बालों में फिराए. एकदम मस्त लग रही थी इस वक़्त वो. उपर से नंगी, नीचे सिर्क एक लाल पेटीकोट, आँखों में काजल, गले में हिंदू मंगलसूत्र, और बाहों में लाल चूड़ियाँ. उसका मंगलसूत्र उसके दूधों के बीच पड़ा था, जब वो अपनी बाहें उठा के अपने बाल सहला रही थी तो उसके आर्म्पाइट्स दिखाई दिए, एक भी बाल नही था वहाँ, और क्या गोरे आर्म्पाइट्स थे उसके. माँ राज की बगल में आकर लेट गयी. राज टांगे फैलाए नंगा लेटा हुआ था. उसका लंड थोड़ा मुरझा गया था, पर अब भी वो कम से कम 6 इंच लंबा था. माँ ने अपना सर राज की छाती पर रखा और एक हाथ से उसकी छाती और निपल्स को सहलाने लगी. बीच बीच में अपने होठों और जीभ से राज की छाती और निपल्स को चाटती. फिर अपने हाथ से हल्के हल्के उसके लंड को सहलाना शुरू किया. फिर माँ उठी और पूरी तरह राज के उपर लेट गई, और धीरे से राज के होठों को अपने होठों से चूमा. दोनों ने एक दूसरे के हाथों को कस के पकड़ लिया. फिर से उनका ज़बरदस्त किस शुरू हो गया. वो अपनी कमर हिला रही थी धीरे धीरे, राज के लंड को अपनी चूत पर रगड़ रही थी, पेटीकोट के उपर से ही.
क्या मादक नज़ारा था, मेरी माँ आधी नंगी लेटी हुई थी एक नंगे मर्द के उपर, और पूरे ज़ोर से उस मर्द के होठों को चूस रही थी. 5 मिनिट तक दोनों ने ज़बदस्त स्मूच किया. फिर राज ने माँ को अपने उपर से हटाया और उठ के बैठ गया. फिर उसने माँ को अपने उपर लेटाया, माँ की पीठ राज के छाती पर थी, और उसका सर राज के कंधे और सर के बीच था. राज ने दोनों हाथों से माँ के उभारों को अपने मज़बूत हाथों में लेकर दबाना शुरू किया. माँ सिसकियाँ लेने लगी, “आइईईईई….और ज़ोर से दबा, कितने सख़्त मर्दाना हाथ हैं तेरे. इन पर अब सिर्फ़ तेरा हक़ है. निकाल दे जितना दूध हैं इनमें और पी ले उस दूध को.”
राज अब माँ की निपल्स को भी ज़ोर ज़ोर से भींच रहा था. 4-5 मिनिट तक माँ के दूध रगड़ने के बाद राज ने एक हाथ उसके पेटीकोट के अंदर डाल दिया. राज अब माँ की चूत में उंगली करने लगा. माँ ऐसे छटपटाने लगी जैसे एक मछली छटपटाती है पानी के बिना. राज एक हाथ से माँ के दूध कस के दबा रहा था और दूसरे हाथ से माँ की चूत में ज़ोर ज़ोर से उंगली कर रहा था. बीच बीच में राज माँ की चुचियों को अपनी उंगलियों में लेकर खींच रहा था. माँ बहुत गर्म हो गयी थी अब, वो अपने होंठ अपने दाँतों में भींच रही थी. माँ की सिसकियों से पूरा कमरा गूँज रहा था. माँ ने अपना एक हाथ राज के उस हाथ पर रखा जिससे वो उसकी चूत दबा रहा था और उसके हाथ को दबाया ताकि राज और ज़ोर से उसकी चूत में उंगली करे. फिर माँ ने खुद अपने हाथ से अपने पेटीकोट का नाडा खोला ताकि राज को उंगली करने में दिक्कत ना हो. दूसरा हाथ माँ ने राज के सर के पीछे रखा और उसके सर को अपनी तरफ़ घुमाया. फिर माँ ने अपना सर घुमाया और अपनी जीभ निकाल के राज के होंठ चाटने लगी. वो राज के सर को अपने हाथ से अपनी ओर खींच रही थी और पूरे तगड़े तरीके से राज के होठों को चाट रही थी. राज ने भी माँ की जीभ को अपने मुँह मे लेके चूसना शुरू किया. अपनी माँ को ऐसी आधी नंगी अवस्था में एक नंगे मर्द को ऐसे चूमते देख मैंने भी अपना लंड हिलाना शुरू कर किया.
राज अब बहुत तेज़ी से माँ की चूत में उंगली कर रहा था. 5 मिनिट बाद वो रुका, और अपना हाथ माँ के पेटीकोट से निकाला. उसकी उंगलियाँ माँ के चूत की मलाई से भीगी हुई थी, राज ने अपनी उंगलियाँ अपने मुँह में लेके चाटी, और फिर माँ को चटाई.
राज बोला, “तेरा दूध जितना मीठा है, तेरी चूत उतनी ही नमकीन है, मज़ा आ गया.” और फिर से राज और माँ ने एक तगड़ा किस किया. अब राज ने माँ को लेटा दिया और ख़ुद उठ के माँ की टाँगों के पास आ गया. उसने माँ के पेटीकोट निकाल दिया. माँ ने नीचे काले रंग की लेस पैंटी पहनी हुई थी. राज ने माँ के पैंटी भी निकाल दी. माँ ने खुद अपने चूतड़ उठा कर राज को अपनी पैंटी निकालने में मदद की. अब माँ पूरी तरह नंगी हो गयी थी. पहली बार मेरी माँ एक ग़ैर मर्द के आगे नंगी हुई थी, और ये ग़ैर मर्द एक 42 साल का गोरा, मूछों वाला और लंबी दाढ़ी वाला एक मर्द था. राज माँ की टाँगों के बीच लेट गया. माँ ने भी अपनी टाँगें फैला के राज को अपनी गोरी चिकनी चूत के दर्शन कराए. एक महीना में ही मेरी माँ ने अपनी टाँगें फैला दी मकान मालिक के आगे. राज जीभ निकाल के माँ की चूत को चाटने लगा. जैसे एक कुत्ता एक कुतिया की चूत चाट कर उस कुतिया को गर्म कर देता है, वैसे ही राज माँ की चूत चाट कर उसको गर्म कर रहा था. राज पूरे ज़ोरों से माँ की चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ रहा था,
माँ तो जैसे जन्नत में पहुँच गयी थी, वो पूरे ज़ोर से सिसकियाँ के रही थी, वो भूल गयी थी की उसका 12 बरस का बेटा उपर सो रहा है, अब बस वो राज के साथ सेक्स में पागल हो गयी थी. माँ के दोनों हाथ राज के सर पर थे और वो ज़ोर से उसके सर को अपनी चूत की तरफ़ धकेल रही थी, और राज को और ज़ोर से अपनी चूत चाटने का इशारा कर रही थी. माँ नीचे से अपने चूतड़ भी उपर को उठा रही थी. “हे भगवान, क्या कर रहा है राज तू मेरी चूत के साथ, रुक मत अब, खा जा मेरे दाने को तू, और ज़ोर से……और ज़ोर से….आइईईईई….हिस्स्स्स्स्सस्स” वो अपने दाँतों से अपने होठों को भींच रही थी, कभी कभी अपने एक हाथ से अपने दूध और निपल्स भी दबाती.
माँ ने अपनी दोनों टाँगों से राज के सर को कसा हुआ था. आख़िर 10 मिनिट बाद माँ ने अपनी चूत की मलाई राज के मुँह में छोड़ दी और वो वहीं निढाल हो के लेट गयी. राज उठा, उसका मुँह माँ की चूत की मलाई से भीगा हुआ था. वो माँ की पूरी मलाई को निगल गया. फिर वो माँ की बगल में लेट गया. दोनों एक दूसरे से लिपट गये. मेरी माँ पूरी तरह नंगी एक नंगे हिंदू मर्द के साथ लिपटी हुई थी उसके बिस्तर पर. दोनों एक दूसरे की नंगी कमर को अपने हाथों से हल्के हल्के सहला रहे थे. दोनों की आँख लग गयी. 10 मिनिट बाद राज उठा. वो बाथरूम में गया. जब वो बाहर आया तो मैने देखा उसका 10” का लोड़ा अभी भी पूरी तरह अकड़ा हुआ था. हो भी कैसे ना, एक बेहद ख़ूबसूरत और गदराए बदन वाली औरत उसके सामने नंगी लेटी हुई थी, सिर्फ़ अपना मंगलसूत्र और चूड़ियाँ पहने. ऐसे में मिठाई खाने वाले एक का कसा हुआ लंड कैसे शांत रह सकता था. राज के उठने से माँ की आँख भी खुल गयी. उसने राज को बाथरूम से बिस्तर की तरफ आते देखा, जब उसने उसका 10” लंबा कसा हुआ लंड अकड़ा देखा तो वो मुस्कुराई.
राज, “मेरा निकलने वाला है.”
माँ, “क्या करना है अब?”
राज, ‘रुक मत, चूस्ती रह, और वीर्य को अपने मुँह पर गिरा देना या मुँह में अंदर ले लेना.”
माँ चूस्ती रही, पर इसके पहले की राज का निकलता उसने अपना लोड़ा माँ के मुँह से निकाल लिया.
माँ, “क्या हुआ?”
राज, “ऐसे ही बैठी रह.” राज ने अपना लोड़ा हाथ में पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से हिलाना शुरू किया. दूसरे हाथ से वो अभी भी वीडियो बना रहा था. 2 मिनिट बाद राज का छूट गया. राज ने अपना लोड़ा पकड़ के माँ के मुँह पे रख दिया. राज के लंड से थिक सीमेन का पहला शॉट माँ की आँखों पर पड़ा. राज ने लोड़ा घुमा के सुपाड़ा माँ के माथे पे लगाया, जहाँ उसने लाल सिंदूर पहना था. दूसरा शॉट उसकी माँग में पड़ा, जहाँ माँ ने अपने हिंदू सुहाग की निशानी लाल सिंदूर को पहना था, अब वहाँ लंड की गाढ़ी मलाई पड़ी थी. फिर राज ने अपना लंड घुमा के माँ के लाल होठों पर लगाया और बाकी का सीमेन छोड़ दिया.
माँ के लाल होंठ अब राज के सीमेन से सफेद हो गये थे. 1-1.5 मिनिट तक राज के लंड से थिक सीमेन का ईजॅक्युलेशन हुआ. माँ का पूरा चेहरा, उसकी माँग, माथा, आँखें, नाक, होंठ राज के थिक सीमेन से चमक रहे थे.
राज, “अब इसको होठों पर लगी मलाई को चूस ले और निगल जा.”
माँ, “ह्म्म्म्म म, मस्त टेस्टी है तेरी मलाई.”
फिर राज ने कॅम बेड की तरफ़ फेंक दिया और माँ को अपनी बाहों में उठाया. और कस के जकड़ लिया. फिर माँ के होठों को अपने होठों में लेके चूसा. माँ भी राज से कस के चिपक गयी और उसके दूध राज की बालों वाली छाती से दबे हुए थे. मेरी माँ आधी नंगी एक नंगे मर्द से लिपटी हुई थी. उसके माँग में लाल सिंदूर की जगह एक लंड की मलाई थी, और वो पूरे मज़े से उस हिंदू मर्द को अपने लाल होठों का रस चखा रही थी.
राज, “जा धो ले, फिर बिस्तर पर करते हैं प्यार.”
माँ बाथरूम की तरफ चल दी. राज पूरा नंगा बिस्तर पर आकर लेट गया. राज ने डिगई-कॅम टेबल पर रख दिया और उसका फोकस अड्जस्ट किया ताकि पूरा कमरा उसके डिगई-कॅम के फोकस में आ जाए. माँ अपना मुँह साफ करके बाहर आई. उसके बाल खुले थे, और अभी भी थोड़े गीले थे. जब वो बाहर आई और बिस्तर की तरफ़ जा रही थी, तो उसने अपने दोनों हाथ अपने बालों में फिराए. एकदम मस्त लग रही थी इस वक़्त वो. उपर से नंगी, नीचे सिर्क एक लाल पेटीकोट, आँखों में काजल, गले में हिंदू मंगलसूत्र, और बाहों में लाल चूड़ियाँ. उसका मंगलसूत्र उसके दूधों के बीच पड़ा था, जब वो अपनी बाहें उठा के अपने बाल सहला रही थी तो उसके आर्म्पाइट्स दिखाई दिए, एक भी बाल नही था वहाँ, और क्या गोरे आर्म्पाइट्स थे उसके. माँ राज की बगल में आकर लेट गयी. राज टांगे फैलाए नंगा लेटा हुआ था. उसका लंड थोड़ा मुरझा गया था, पर अब भी वो कम से कम 6 इंच लंबा था. माँ ने अपना सर राज की छाती पर रखा और एक हाथ से उसकी छाती और निपल्स को सहलाने लगी. बीच बीच में अपने होठों और जीभ से राज की छाती और निपल्स को चाटती. फिर अपने हाथ से हल्के हल्के उसके लंड को सहलाना शुरू किया. फिर माँ उठी और पूरी तरह राज के उपर लेट गई, और धीरे से राज के होठों को अपने होठों से चूमा. दोनों ने एक दूसरे के हाथों को कस के पकड़ लिया. फिर से उनका ज़बरदस्त किस शुरू हो गया. वो अपनी कमर हिला रही थी धीरे धीरे, राज के लंड को अपनी चूत पर रगड़ रही थी, पेटीकोट के उपर से ही.
क्या मादक नज़ारा था, मेरी माँ आधी नंगी लेटी हुई थी एक नंगे मर्द के उपर, और पूरे ज़ोर से उस मर्द के होठों को चूस रही थी. 5 मिनिट तक दोनों ने ज़बदस्त स्मूच किया. फिर राज ने माँ को अपने उपर से हटाया और उठ के बैठ गया. फिर उसने माँ को अपने उपर लेटाया, माँ की पीठ राज के छाती पर थी, और उसका सर राज के कंधे और सर के बीच था. राज ने दोनों हाथों से माँ के उभारों को अपने मज़बूत हाथों में लेकर दबाना शुरू किया. माँ सिसकियाँ लेने लगी, “आइईईईई….और ज़ोर से दबा, कितने सख़्त मर्दाना हाथ हैं तेरे. इन पर अब सिर्फ़ तेरा हक़ है. निकाल दे जितना दूध हैं इनमें और पी ले उस दूध को.”
राज अब माँ की निपल्स को भी ज़ोर ज़ोर से भींच रहा था. 4-5 मिनिट तक माँ के दूध रगड़ने के बाद राज ने एक हाथ उसके पेटीकोट के अंदर डाल दिया. राज अब माँ की चूत में उंगली करने लगा. माँ ऐसे छटपटाने लगी जैसे एक मछली छटपटाती है पानी के बिना. राज एक हाथ से माँ के दूध कस के दबा रहा था और दूसरे हाथ से माँ की चूत में ज़ोर ज़ोर से उंगली कर रहा था. बीच बीच में राज माँ की चुचियों को अपनी उंगलियों में लेकर खींच रहा था. माँ बहुत गर्म हो गयी थी अब, वो अपने होंठ अपने दाँतों में भींच रही थी. माँ की सिसकियों से पूरा कमरा गूँज रहा था. माँ ने अपना एक हाथ राज के उस हाथ पर रखा जिससे वो उसकी चूत दबा रहा था और उसके हाथ को दबाया ताकि राज और ज़ोर से उसकी चूत में उंगली करे. फिर माँ ने खुद अपने हाथ से अपने पेटीकोट का नाडा खोला ताकि राज को उंगली करने में दिक्कत ना हो. दूसरा हाथ माँ ने राज के सर के पीछे रखा और उसके सर को अपनी तरफ़ घुमाया. फिर माँ ने अपना सर घुमाया और अपनी जीभ निकाल के राज के होंठ चाटने लगी. वो राज के सर को अपने हाथ से अपनी ओर खींच रही थी और पूरे तगड़े तरीके से राज के होठों को चाट रही थी. राज ने भी माँ की जीभ को अपने मुँह मे लेके चूसना शुरू किया. अपनी माँ को ऐसी आधी नंगी अवस्था में एक नंगे मर्द को ऐसे चूमते देख मैंने भी अपना लंड हिलाना शुरू कर किया.
राज अब बहुत तेज़ी से माँ की चूत में उंगली कर रहा था. 5 मिनिट बाद वो रुका, और अपना हाथ माँ के पेटीकोट से निकाला. उसकी उंगलियाँ माँ के चूत की मलाई से भीगी हुई थी, राज ने अपनी उंगलियाँ अपने मुँह में लेके चाटी, और फिर माँ को चटाई.
राज बोला, “तेरा दूध जितना मीठा है, तेरी चूत उतनी ही नमकीन है, मज़ा आ गया.” और फिर से राज और माँ ने एक तगड़ा किस किया. अब राज ने माँ को लेटा दिया और ख़ुद उठ के माँ की टाँगों के पास आ गया. उसने माँ के पेटीकोट निकाल दिया. माँ ने नीचे काले रंग की लेस पैंटी पहनी हुई थी. राज ने माँ के पैंटी भी निकाल दी. माँ ने खुद अपने चूतड़ उठा कर राज को अपनी पैंटी निकालने में मदद की. अब माँ पूरी तरह नंगी हो गयी थी. पहली बार मेरी माँ एक ग़ैर मर्द के आगे नंगी हुई थी, और ये ग़ैर मर्द एक 42 साल का गोरा, मूछों वाला और लंबी दाढ़ी वाला एक मर्द था. राज माँ की टाँगों के बीच लेट गया. माँ ने भी अपनी टाँगें फैला के राज को अपनी गोरी चिकनी चूत के दर्शन कराए. एक महीना में ही मेरी माँ ने अपनी टाँगें फैला दी मकान मालिक के आगे. राज जीभ निकाल के माँ की चूत को चाटने लगा. जैसे एक कुत्ता एक कुतिया की चूत चाट कर उस कुतिया को गर्म कर देता है, वैसे ही राज माँ की चूत चाट कर उसको गर्म कर रहा था. राज पूरे ज़ोरों से माँ की चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ रहा था,
माँ तो जैसे जन्नत में पहुँच गयी थी, वो पूरे ज़ोर से सिसकियाँ के रही थी, वो भूल गयी थी की उसका 12 बरस का बेटा उपर सो रहा है, अब बस वो राज के साथ सेक्स में पागल हो गयी थी. माँ के दोनों हाथ राज के सर पर थे और वो ज़ोर से उसके सर को अपनी चूत की तरफ़ धकेल रही थी, और राज को और ज़ोर से अपनी चूत चाटने का इशारा कर रही थी. माँ नीचे से अपने चूतड़ भी उपर को उठा रही थी. “हे भगवान, क्या कर रहा है राज तू मेरी चूत के साथ, रुक मत अब, खा जा मेरे दाने को तू, और ज़ोर से……और ज़ोर से….आइईईईई….हिस्स्स्स्स्सस्स” वो अपने दाँतों से अपने होठों को भींच रही थी, कभी कभी अपने एक हाथ से अपने दूध और निपल्स भी दबाती.
माँ ने अपनी दोनों टाँगों से राज के सर को कसा हुआ था. आख़िर 10 मिनिट बाद माँ ने अपनी चूत की मलाई राज के मुँह में छोड़ दी और वो वहीं निढाल हो के लेट गयी. राज उठा, उसका मुँह माँ की चूत की मलाई से भीगा हुआ था. वो माँ की पूरी मलाई को निगल गया. फिर वो माँ की बगल में लेट गया. दोनों एक दूसरे से लिपट गये. मेरी माँ पूरी तरह नंगी एक नंगे हिंदू मर्द के साथ लिपटी हुई थी उसके बिस्तर पर. दोनों एक दूसरे की नंगी कमर को अपने हाथों से हल्के हल्के सहला रहे थे. दोनों की आँख लग गयी. 10 मिनिट बाद राज उठा. वो बाथरूम में गया. जब वो बाहर आया तो मैने देखा उसका 10” का लोड़ा अभी भी पूरी तरह अकड़ा हुआ था. हो भी कैसे ना, एक बेहद ख़ूबसूरत और गदराए बदन वाली औरत उसके सामने नंगी लेटी हुई थी, सिर्फ़ अपना मंगलसूत्र और चूड़ियाँ पहने. ऐसे में मिठाई खाने वाले एक का कसा हुआ लंड कैसे शांत रह सकता था. राज के उठने से माँ की आँख भी खुल गयी. उसने राज को बाथरूम से बिस्तर की तरफ आते देखा, जब उसने उसका 10” लंबा कसा हुआ लंड अकड़ा देखा तो वो मुस्कुराई.