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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

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शाज़िया ने अब राज के मोज़े भी उतार दिए

राज : अब अपने हाथ ऊपर करके खड़ी हो जा और जब तक मैं न कहूं अपने हाथ ऊपर

करके इसी तरह खड़ी रह

शाज़िया ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

अब राज अपने तीनों दोस्तों की तरफ देखता हुआ बोला : तुम लोगों के पास 5 मिनट का

समय है -इस चिकनी लौंडिलौं या के साथ जितनी चाहों मस्ती कर सकते हो -यह कुछ नहीं

कहेगी और इसी तरह अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी रहेगी

राज के कहते ही उसके तीनों दोस्त भूखे शेरों की तरह शाज़िया के ऊपर टूट पड़े.

दीपक बेंच से उठकर शाज़िया के पास आया और उसके चेहरे को पकड़कर अपने चेहरे की

तरफ लाते हुए उसके होंठों हों ठोंको बेतहाशा चूमने लगा. दीपक शाज़िया के होंठो हों , गलों और गर्दन

को चूम ही रहा था कि इसी बीच मोहित ने भी शाज़िया की स्कर्ट को ऊपर उठा दिया और

उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फिराने लगा और उसकी जांघों पर अपने चेहरे को रगड़ते हुए

उन्हें चूमने लगा

मोहित और दीपक शाज़िया के बदन से मस्ती ले रहे थे तो विवेक भी कहाँ पीछे रहने वाला था.

विवेक बेंच से उठकर आया और शाज़िया के बदन के पीछे उससे चिपककर खड़ा हो गया और

उसके मस्त मस्त नितम्बों पर अपनी पैंट में बन रहे टेंट को रगड़ने लगा-अपने दोनों हाथों से

उसने शाज़िया के टॉप में कैद मम्मे पकड़ रखे थे जिन्हे वह दबाता सहलाता और मसलता जा

रहा था.

शाज़िया के साथ वे तीनों अलग अलग तरह से मौज़ मस्ती कर रहे थे और वह बेबस होकर अपने

हाथ ऊपर किये उन सबकी इस मौज मस्ती और जबरदस्ती को सहने के लिए विवश थी

तीनों ने बारी बारी से शाज़िया के साथ खूब मज़े ले लिए -अचानक ही गार्डन में काफी हलचल

सी होने लगी -शायद कुछ लोग गार्डन में घुसे थे और इस तरफ ही आ रहे थे.

सब लोगों ने अब शाज़िया को छोड़ दिया और वापस जाकर बेंच पर बैठ गए

तब तक जो लोग गार्डन में घुसे थे, वे सब वापस चले गए थे

शाज़िया अभी भी राज के सामने अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी थी -उसके तीनों दोस्त उसके

बदन को बुरी तरह रौंदरौं चुके थे और बेंच पर बैठे बैठे अपने अपने लण्ड पर हाथ फिरा रहे थे

राज ने अब शाज़िया से पूछा : क्यों चिकनी, मज़ा आया कि नहीं ?हीं

शाज़िया ने कुछ बोलने की बजाये शर्माते हुए अपना सर हिला दिया

राज के सभी दोस्त यह देखकर हंसने लगे : अरे यार, इस लौंडिलौं या को तो हमारी जबरदस्ती से

मज़ा भी आता है -क्या और करें ?

मज़ा आता है, जब उसके साथ कोई हमारे जैसा दबंग लौंडा जबरदस्ती करता है

राज ने यह कहकर शाज़िया की तरफ देखते हुए उससे कहा : इधर मेरे पास आकर खड़ी हो-

अब मैं खुद चेक करूँगा कि मेरे इन दोस्तों ने तेरे साथ जो जोर-जबरदस्ती की, उससे तुझे

कितना मज़ा आया है

शाज़िया अब राज के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

राज : अपने दोनों हाथों को नीचे करो और अपनी स्कर्ट ऊपर उठाकर खड़ी हो जाओ

शाज़िया ने अपने हाथों से अपनी स्कर्ट को ऊपर उठा लिया

शाज़िया की चिकनी जाँघे अब सबके सामने नुमायश पर लगी हुई थीं.

राज ने अपने हाथ को शाज़िया की पैंटी के अंदर डाल दिया और उसकी चिकनी चूत पर अपना

हाथ फेरते हुए उसे दबाने सहलाने लगा -उसकी चूत से खेलते खेलते ही राज ने अपनी उंगली

उसकी चूत में घुसेड़ दी और उसे आगे पीछे करने लगा

राज सबकी तरफ देखते हुए बोला : देखों मैंने कहा था न कि इसे तुम लोगों की जोर

जबरदस्ती से बहुत मज़ा आया है, मेरी बात एकदम सच निकली -इसकी चूत पूरी तरह गीली

हो चुकी है-तुम सब चाहों तो एक बार खुद यहां आकर चेक कर सकते हो

यह सुनते ही शाज़िया राज को देखकर गिड़गिड़ाने लगी : नहीं प्लीज़ ऐसा मत करो. सबके

सामने मुझे इतना ज़लील मत करो. प्लीज़ मुझे अब जाने दो ...अकेले में तुम जो कहोगे मैं सब

करुँगी. प्लीज़ नहीं.हीं

राज : ज्यादा नखरे मत दिखा. मुझे मज़ा आ रहा है ...तू भी मज़े ले और चुपचाप हम सबको

खुश करती रह

अब राज के तीनो दोस्त बारी बारी से शाज़िया के पास आये और अपने हाथ को उसकी पैंटी में

घुसेड़कर उसकी चूत में उंगली डालकर मस्ती करने लगे.

सबने अपनी अपनी उंगली उसकी चूत में से निकाल ली थी

राज ने सबसे कहा : अब यह हम सबकी उंगलियों को अपने मुंह में लेकर साफ़ भी करेगी

उसने शाज़िया से कहा : चल फिर से जमीन पर बैठ और अपना मुंह खोल

शाज़िया जमीन पर अपना मुंह खोलकर बैठ गयी

राज और उसके तीनों दोस्तों ने एक साथ उसके मुंह में चारों उंगलियां डाल दीं और उन्हें शाज़िया

अपनी जीभ फिरा फिरा कर चाटने लगी

बीच बीच में उसके दोस्त अपने मोबाइल में शाज़िया के साथ की जाने वाली इस मौज़ मस्ती के

वीडियो भी बनाते जा रहे थे

अपनी उंगलियां चटवाने के बाद उन चारों ने शाज़िया को छोड़ दिया था

राज ने उससे कहा : इधर आकर मुझे मेरे मोज़े और जूते पहना साली

शाज़िया जमीन पर राज के पैरों के पास आकर बैठ गयी

राज ने अपने पैरों को उठाकर शाज़िया के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया. शाज़िया के चिकने

गालों पर अपने पैरों के तलवे काफी देर तक रगड़ने के बाद राज उससे बोला : चल अब मेरे

तलवों को पांच पांच बार चूम और फिर मुझे मोज़े और और जूते पहना

शाज़िया ने राज के पैर के दोनों तलवों को अपने नरम गुलाबी होंठों हों ठोंसे पांच पांच बार चूमा और

फिर उन्हें मोज़े पहनाने के बाद जूते भी पहना दिए

अब कॉलेज की घंटी भी बजने लगी थी -इसका मतलब था कि अगला मैथ का पीरियड शुरू

होने वाला था. सब लोगों ने अब अपने अपने कॉलेज बैग उठाये और क्लास की तरफ जाने

लगे

शेष अगले भाग में

.....................
 
करिश्मा और गौरव का पनिशमेंट शो शुरू हो चुका था

खाकी वर्दी पहने सिक्युरिटी इंस्पेक्टर गौरव ने करिश्मा को अपनी गॉड में से उठाकर अपने

सामने खड़ा कर लिया और उससे बोला : चल पीछे घूमकर खड़ी हो जा

करिश्मा पीछे घूमकर कड़ी हो गयी तो गौरव ने उसके दोनों हाथों में सिक्युरिटी वाली

हथकड़ी लगाकर उसके हाथ पीछे की और बाँध दिए और फिर बोलै : अब मेरी तरफ घूम जा

करिश्मा घूमकर खड़ी हो गयी और गौरव को देखकर उसके अगले आदेश की प्रतीक्षा करने

लगी

गौरव : अपनी टाँगे खोलकर खड़ी हो

करिश्मा ने अपनी टाँगे खोल लीं

गौरव ने काले रंग के चमड़े के नुकीले जूते पहने हुए थे -उसने अपना दायां पैर उठाया और

उसके आगे के नुकीले सिरे को करिश्मा की चिकनी जाँघों और चूत पर फिराने लगा

करिश्मा का चेहरा शर्म से लाल हो चुका था -उसने अपनी ऑंखें बंद कर लीं लेकिन गौरव

उससे बोला : अपनी ऑंखें खोलकर देख मैं तेरे साथ अभी क्या क्या करूँगा

करिश्मा ने अपनी ऑंखें खोल लीं

गौरव ने अपने जूते की नोक को अचानक उसकी चूत के अंदर घुसेड़ दिया और उसे आगे

पीछे करने लगा -करिश्मा इस तरह से पहले कभी ज़लील नहीं हुई थी जितना उसे आज

गौरव ज़लील कर रहा था. अब गौरव ने अपने हाथ में बेंत को पकड़ लिया और उसे करिश्मा

के मस्त मस्त मम्मों पर गोल गोल फिराने लगा -उसके मम्मों पर बेंत फिराते हुए वह अपने

बेंत को करिश्मा के चेहरे पर ले गया और उसके होंठों हों ठोंपर फिराने लगा

अपने बेंत को उसके होंठों हों ठोंपर फिराते हुए वह उससे बोला : अपना मुंह खोल और इस बेंत

को अपने मुंह में लेकर इस तरह चूस जैसे मेरा लैंड चूस रही हो

कमरे में बैठे सभी लोग इस सेक्सी तमाशे को देख रहे थे. शर्मा का नौकर रणजीत भी अपने

निक्कर में बने टेंट पर हाथ फिराते हुए यह सब देख रहा था -करिश्मा एकदम बेबस अवस्था

में निर्वस्त्र खड़ी हुई थी. उसके हाथ पीछे की तरफ हथकड़ी से बंधे हुए थे. उसकी चूत को

गौरव अपने जूते की नोक से चोद रहा था और उसके सिक्युरिटीिया डंडे से उसके मुंह की

चुदाई हो रही थी.

ऊपर और नीचे की इस डबल चुदाई से करिश्मा जल्द ही अपने क्लाइमेक्स पर पहुँच गयी थी

और उसके मुंह से हर्ष मिश्रित आवाज़ें निकल रही थीं

गौरव ने अपने जूते की नोक और डंडा दोनं वापस निकाल लिए थे और अपने जूते की तरफ

देख रहा था जो एकदम गीला हो चुका था -इससे पहले की वह कुछ बोलता, शर्मा का नौकर

रणजीत जो वहां पास में ही खड़ा यह सब देख रहा था, वह गौरव से बोला : साहब , इससे

अपने जूते आप उतरवा लीजिये -यह आपके पैरों की मालिश भी कर देगी -आप कहें तो मैं

आपकी मदद कर सकता हूँ.

गौरव समझ गया कि जरूर इस नौकर के पास कोई बढ़िया आईडिया है-वह उससे बोला :

हाँ रणजीत तुम जरा कुछ मदद करो

रणजीत करिश्मा के पीछे गया और उसके हथकड़ी बंधे हाथों को पकड़कर उसने उसके सर

के ऊपर उठा दिया और बोला : हाथ ऊपर करके खड़ी रह

रणजीत ने अपने बदन को करिश्मा की पीठ से चिपका दिया था और उसका निक्कर में बन

रहा टेंट अब करिश्मा के मस्त मुलायम नितम्बों से सट गया था.

रणजीत ने करिश्मा के दोनों मस्त मम्मों को अपने हाथों से दबाते हुए कहा : चल नीचे बैठकर

अपने मुंह से साहब के जूतों के फीते खोल

करिश्मा : मुंह से फीते कैसे खुल सकते हैं -मेरे हाथ खोलो तो मैं हाथों से फीते खोल दूंगी

रणजीत : लेकिन तुझे अपने मुंह से ही फीते खोलने पड़ेंगे चिकनी क्योंकि यह मेरा हुक्म है

-चल नीचे बैठ और शुरू हो जा

कोई और रास्ता न देख, करिश्मा नीचे जमीन पर गौरव के जूतों के आगे बैठ गयी -उसके

पीछे अभी भी रणजीत खड़ा हुआ था और इस सारे तमाशे का मानो निर्देशन कर रहा था

रणजीत ने करिश्मा के नितम्बों पर एक लात मारते हुए कहा : अपने चेहरे को साहब के

जूतों के ऊपर ले जाकर फीते खोलने शुरू कर साली

करिश्मा ने अपने होंठों हों , ठों दांतों और चेहरे का इस्तेमाल करते हुए एक एक करके दोनों जूतों के

फीते खोल दिए

गौरव ने अपने जूते को थोड़ा ऊपर उठाकर उसकी नोक को अब करिश्मा के गालों पर

फिराते हुए उसके होंठों हों ठोंपर टिका दी और उससे बोला : मुंह खोलो और जूते को अपने मुंह के

अंदर लो

करिश्मा : नहीं प्लीज़ यह मत करवाओ प्लीज़

गौरव : मुंह खोल साली, अब कहीं जाकर तो मज़ा आना शुरू हुआ है और तू अब नखरे

दिखा रही है

रणजीत भी झुककर अब करिश्मा के पास ही बैठ गया था, उसने करिश्मा के मुंह पर चपत

लगाते हुए उसका मुंह खुलवा दिया और गौरव के जूते की नोक करिश्मा के मुंह में घुसेड़ते

हुए बोला : इसे साहब का लण्ड समझकर चूस साली

करिश्मा अब गौरव के जूते की नोक को अपने मुंह में लेकर उस पर अपनी जीभ फिरा रही

थी

शेष अगले भाग में

.........................
 
इंस्पेक्टर गौरव करिश्मा से अपने जूते चटवा ही रहा था कि उसके मोबाइल फोन की घंटी

बज उठी।

उसने फोन उठाकर किसी से बात की और जल्दी से फोन बंद करके अपने जूते को करिश्मा

के मुंह से निकालते हुए शर्मा से कहा : सब लोग यहाँ से भागो। क्राइम ब्रांच की टीम यहाँ रेड

मारने के लिए निकल पड़ी है और अगले आधे घंटे में यहाँ पहुंच जाएगी। किसी ने क्राइम ब्रांच

में शिकायत की है कि यहाँ यह सेक्स पार्टी चल रही है। वह तो भला हो मेरे दोस्त अभिनब का

जो क्राइम ब्रांच में ही है जो उसने समय पर मुझे इस रेड की खबर लीक करके हम सबको

बचा लिया।

इंस्पेक्टर गौरव की बात सुनते ही पार्टी में अफरा तफरी सी मच गई और सब लड़कियों ने

अपने अपने कपड़े पहन लिए और बाक़ी के लोग भी वहाँ से अपनी जान बचाकर भागने लगे।

शर्मा ने राज से कहा : तुम भी यहाँ से फटाफट निकल जाओ और जाते जाते यह कैमरा भी

लेते जाओ। इसमे आज की पार्टी का पूरा वीडियो है। हम लोगों की गैर हाज़िरी में अगर

क्राइम ब्रांच वाले यहां आएंगे भी तो उन्हें कुछ भी सुबूत यहां नही मिलना चाहिए

कुछ ही मिनटों में फार्म हाउस पर सिर्फ फार्म हाउस का नौकर रणजीत रह गया और बाकी

सब लोग वहाँ से निकल गए।

राज देर रात को घर वापस आया और कैमरे को अपने पास रखकर सोने की कोशिश करने

लगा लेकिन उसे नींदनीं नही आ रही थी क्योंकि उस पर अभी तक सेक्स पार्टी का नशा चढ़ा

हुआ था। उसने कैमरे को अपने लैपटॉप से कनेक्ट करके आज की पार्टी की पूरी वीडियो

डाऊनलोड कर ली और उसे देखने लगा। शाज़िया की मम्मी रुबिका को नंगा करके राज ने

उसके साथ जो मज़े लिए थे, वीडियो का वह हिस्सा लगभग आधे घंटे का था। राज ने वीडियो

के उस हिस्से को अपने मोबाइल में भी डाऊनलोड कर लिया और फिर उसके बाद वह सो

गया।

अगले दिन हर रोज की तरह शाज़िया और राज कॉलेज में पहुंचे क्योंकि वे दोनों एक ही

कॉलेज में एक ही क्लास में पढ़ते थे।

राज के दिमाग मे रुबिका के वीडियो को लेकर लगातार शरारत चल रही थी। अभी तक वह

शाज़िया को एयरपोर्ट पर उसकी मम्मी रुबिका की तलाशी वाली वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर

रहा था। अब उसके पास रुबिका की ऐसी वीडियो भी थी जिसमे रुबिका को खुद राज ने नंगा

करके उझसे खूब मज़े भी लिए थे और अपना लण्ड भी चुसवाया था। राज अब शाज़िया को

उसकी मम्मी रुबिका के इस नए वीडियो के बल पर कुछ नए लेवल की ब्लैकमेलिंग करने की

स्कीम बनाने लगा।

शेष अगले भाग में

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दो बज चुके थे . कॉलेज में लंच ब्रेक चल रहा था. एक घंटे का लंच ब्रेक के बाद वाला पीरियड

भी खाली था क्योंकि इंग्लिश के टीचर आज छुट्टी पर थे.

राज अपने दोस्तों के साथ कॉलेज के गार्डन में एक कोने में बैठा गप्पे लगा रहा था-कॉलेज

गार्डन का यह कोना एकदम एकांत जगह में था और चारों तरफ पेड़ पौधे होने की वजह से

यह सबकी नज़रों से ओझल ही रहता था. राज अपने दोस्तों के साथ अक्सर ही यहां पर मौज़

मस्ती और गप्पे लगाता रहता था क्योंकि उसका और उसके दोस्तों का पढाई में मन तो

लगता नहीं था और उनका कॉलेज आने का मकसद ही मौज़ मस्ती करना था

गार्डन के कोने में पडी एक बेंच पर राज अपने दोस्त मोहित, विवेक और दीपक के साथ बैठा

हुआ था-सारे दोस्त गप्पें लगा रहे थे और अपने अपने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देख देख कर

अपने अपने लण्ड को सहला रहे थे

यह सब करते करते दीपक राज से कहने लगा : यार , हम लोग चार बजे तक क्या इसी तरह

यहां बैठे रहेंगे -अभी तो चार बजने में दो घंटे बाकी हैं’

मोहित : हाँ , हम लोग बोर हो रहे हैं, कुछ मज़ा नहीं आ रहा है

विवेक : राज भाई, तेरे पास कुछ जुगाड़ है क्या हम सबकी बोरियत दूर करने का ?

राज : हाँ यार मेरे पास तो बोरियत दूर करने का बहुत बढ़िया उपाय है लेकिन यहां कॉलेज में

कभी भी कोई भी आकर हमें डिस्टर्ब कर सकता है

मोहित : नहीं यार, गार्डन के इस हिस्से में कभी कोई नहीं आता है-मैंने तो सुना है कि इस

बेंच पर अक्सर लड़के लडकियां सेक्स तक करते हुए पकडे गए हैं

राज : ठीक है, मुझे कुछ सोचने दो. मेरा लण्ड भी खड़ा होना चाह रहा है

यह कहकर राज ने अपने मोबाइल से किसी को फोन लगा दिया : मेरे पास आओ-मैं गार्डन में

सबसे आखिरी वाले दायीं तरफ के कोने वाली बेंच पर बैठा हुआ हूँ. जल्दी आओ दो मिनट

के अंदर

राज के तीनों दोस्त यह सोच ही रहे थे कि उसने फोन करके आखिर किसको यहां बुलाया है,

इतनी ही देर में सबने देखा कि वहां शाज़िया आ गयी थी -उसके हाथ में कॉलेज का बैग था.

राज और उसके तीनों दोस्तों को इस एकांत जगह में देखकर शाज़िया एकदम डर सी गयी थी

राज उससे बोला : अपना कॉलेज बैग एक तरफ साइड से रख दो

राज और शाज़िया के बीच क्या चल रहा था, इसके बारे में उसके किसी दोस्त को कुछ पता नहीं

था -इसलिए सब लोग यह देखकर हैरान थे कि शाज़िया आखिर राज के कहने पर यहां कैसे आ

गयी है और उसकी हर बात को कैसे मानती जा रही है

शाज़िया ने अपना कॉलेज बैग साइड से जमीन पर रख दिया तो राज उससे बोला : इधर आकर

मेरे जूते उतार

राज की इस बात पर शाज़िया के साथ साथ उसके दोस्त भी एकदम चौंकचौं गए थे और वे शाज़िया की

तरफ देखे जा रहे थे

शाज़िया : प्लीज़ ...यहां सबके सामने यह सब मत करवाओ

राज : नखरे मत दिखा साली...तुझे पता है न कि मेरी बात न मानने की क्या सजा है ? आजा

और जो मैं कह रहा हूँ वह करती जा. हम लोग यहां बैठे बैठे बोर हो रहे हैं-इसलिए अब हम

सब तुझसे मस्ती करके अपनी बोरियत को दूर करेंगे -जल्दी आ और मेरे जूते उतार

शाज़िया ने बेबसी से सबकी तरफ देखा -सब लोग उसे देखकर हलके हलके मुस्कुरा रहे थे.

शाज़िया गार्डन की जमीन पर बैठ गयी और राज के जूतों के फीते खोलने लगी

राज और शाज़िया के बीच चल रहे इस तमाशे को देखकर उसके दोस्तों के लण्ड एकदम कड़क

होकर खड़े हो गए थे -जो खूबसूरत लड़की शाज़िया उन लोगों को घास तक नहीं डालती थी, वह

आज यहां आकर राज के इशारों पर नाच रही है

शाज़िया ने जब राज के जूतों के फीते खोल दिए तो वह उससे बोला : अब मोज़े भी उतार

शाज़िया ने राज के पैरों से मोज़े भी उतार दिए

शेष अगले भाग में

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शाज़िया ने अब राज के मोज़े भी उतार दिए

राज : अब अपने हाथ ऊपर करके खड़ी हो जा और जब तक मैं न कहूं अपने हाथ ऊपर

करके इसी तरह खड़ी रह

शाज़िया ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

अब राज अपने तीनों दोस्तों की तरफ देखता हुआ बोला : तुम लोगों के पास 5 मिनट का

समय है -इस चिकनी लौंडिया के साथ जितनी चाहों मस्ती कर सकते हो -यह कुछ नहीं

कहेगी और इसी तरह अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी रहेगी

राज के कहते ही उसके तीनों दोस्त भूखे शेरों की तरह शाज़िया के ऊपर टूट पड़े.

दीपक बेंच से उठकर शाज़िया के पास आया और उसके चेहरे को पकड़कर अपने चेहरे की

तरफ लाते हुए उसके होंठों को बेतहाशा चूमने लगा. दीपक शाज़िया के होंठों को , गालों और गर्दन

को चूम ही रहा था कि इसी बीच मोहित ने भी शाज़िया की स्कर्ट को ऊपर उठा दिया और

उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फिराने लगा और उसकी जांघों पर अपने चेहरे को रगड़ते हुए

उन्हें चूमने लगा

मोहित और दीपक शाज़िया के बदन से मस्ती ले रहे थे तो विवेक भी कहाँ पीछे रहने वाला था.

विवेक बेंच से उठकर आया और शाज़िया के बदन के पीछे उससे चिपककर खड़ा हो गया और

उसके मस्त मस्त नितम्बों पर अपनी पैंट में बन रहे टेंट को रगड़ने लगा-अपने दोनों हाथों से

उसने शाज़िया के टॉप में कैद मम्मे पकड़ रखे थे जिन्हे वह दबाता सहलाता और मसलता जा

रहा था.

शाज़िया के साथ वे तीनों अलग अलग तरह से मौज़ मस्ती कर रहे थे और वह बेबस होकर अपने

हाथ ऊपर किये उन सबकी इस मौज मस्ती और जबरदस्ती को सहने के लिए विवश थी

तीनों ने बारी बारी से शाज़िया के साथ खूब मज़े ले लिए -अचानक ही गार्डन में काफी हलचल

सी होने लगी -शायद कुछ लोग गार्डन में घुसे थे और इस तरफ ही आ रहे थे.

सब लोगों ने अब शाज़िया को छोड़ दिया और वापस जाकर बेंच पर बैठ गए

तब तक जो लोग गार्डन में घुसे थे, वे सब वापस चले गए थे

शाज़िया अभी भी राज के सामने अपने हाथ ऊपर उठाये खड़ी थी -उसके तीनों दोस्त उसके

बदन को बुरी तरह रौंद चुके थे और बेंच पर बैठे बैठे अपने अपने लण्ड पर हाथ फिरा रहे थे

राज ने अब शाज़िया से पूछा : क्यों चिकनी, मज़ा आया कि नहीं ?

शाज़िया ने कुछ बोलने की बजाये शर्माते हुए अपना सर हिला दिया

राज के सभी दोस्त यह देखकर हंसने लगे : अरे यार, इस लौंडिया को तो हमारी जबरदस्ती से

मज़ा भी आता है -क्या और करें ?

राज ( अपने दोस्तों से) : सिर्फ इसे ही नहीं, हर खूबसूरत लड़की को उस समय बहुत मज़ा

आता है, जब उसके साथ कोई हमारे जैसा दबंग लौंडा जबरदस्ती करता है

राज ने यह कहकर शाज़िया की तरफ देखते हुए उससे कहा : इधर मेरे पास आकर खड़ी हो-

अब मैं खुद चेक करूँगा कि मेरे इन दोस्तों ने तेरे साथ जो जोर-जबरदस्ती की, उससे तुझे

कितना मज़ा आया है

शाज़िया अब राज के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

राज : अपने दोनों हाथों को नीचे करो और अपनी स्कर्ट ऊपर उठाकर खड़ी हो जाओ

शाज़िया ने अपने हाथों से अपनी स्कर्ट को ऊपर उठा लिया

शाज़िया की चिकनी जाँघे अब सबके सामने नुमायश पर लगी हुई थीं.

राज ने अपने हाथ को शाज़िया की पैंटी के अंदर डाल दिया और उसकी चिकनी चूत पर अपना

हाथ फेरते हुए उसे दबाने सहलाने लगा -उसकी चूत से खेलते खेलते ही राज ने अपनी उंगली

उसकी चूत में घुसेड़ दी और उसे आगे पीछे करने लगा

राज सबकी तरफ देखते हुए बोला : देखो मैंने कहा था न कि इसे तुम लोगों की जोर

जबरदस्ती से बहुत मज़ा आया है, मेरी बात एकदम सच निकली -इसकी चूत पूरी तरह गीली

हो चुकी है-तुम सब चाहों तो एक बार खुद यहां आकर चेक कर सकते हो

यह सुनते ही शाज़िया राज को देखकर गिड़गिड़ाने लगी : नहीं प्लीज़ ऐसा मत करो. सबके

सामने मुझे इतना ज़लील मत करो. प्लीज़ मुझे अब जाने दो ...अकेले में तुम जो कहोगे मैं सब

करुँगी. प्लीज़ नहीं.

राज : ज्यादा नखरे मत दिखा. मुझे मज़ा आ रहा है ...तू भी मज़े ले और चुपचाप हम सबको

खुश करती रह

अब राज के तीनो दोस्त बारी बारी से शाज़िया के पास आये और अपने हाथ को उसकी पैंटी में

घुसेड़कर उसकी चूत में उंगली डालकर मस्ती करने लगे.

सबने अपनी अपनी उंगली उसकी चूत में से निकाल ली थी

राज ने सबसे कहा : अब यह हम सबकी उंगलियों को अपने मुंह में लेकर साफ़ भी करेगी

उसने शाज़िया से कहा : चल फिर से जमीन पर बैठ और अपना मुंह खोल

शाज़िया जमीन पर अपना मुंह खोलकर बैठ गयी

राज और उसके तीनों दोस्तों ने एक साथ उसके मुंह में चारों उंगलियां डाल दीं और उन्हें शाज़िया

अपनी जीभ फिरा फिरा कर चाटने लगी

बीच बीच में उसके दोस्त अपने मोबाइल में शाज़िया के साथ की जाने वाली इस मौज़ मस्ती के

वीडियो भी बनाते जा रहे थे

अपनी उंगलियां चटवाने के बाद उन चारों ने शाज़िया को छोड़ दिया था

राज ने उससे कहा : इधर आकर मुझे मेरे मोज़े और जूते पहना साली

शाज़िया जमीन पर राज के पैरों के पास आकर बैठ गयी

राज ने अपने पैरों को उठाकर शाज़िया के चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया. शाज़िया के चिकने

गालों पर अपने पैरों के तलवे काफी देर तक रगड़ने के बाद राज उससे बोला : चल अब मेरे

तलवों को पांच पांच बार चूम और फिर मुझे मोज़े और और जूते पहना

शाज़िया ने राज के पैर के दोनों तलवों को अपने नरम गुलाबी होंठों हों ठोंसे पांच पांच बार चूमा और

फिर उन्हें मोज़े पहनाने के बाद जूते भी पहना दिए

अब कॉलेज की घंटी भी बजने लगी थी -इसका मतलब था कि अगला मैथ का पीरियड शुरू

होने वाला था. सब लोगों ने अब अपने अपने कॉलेज बैग उठाये और क्लास की तरफ जाने

लगे

शेष अगले भाग में

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उधर शाज़िया का बड़ा भाई परवेज़ राज वर्मा की बहन सोनाली को अपने जाल में पूरी तरह

फंसा चुका था

सोनाली और परवेज़ कालेज में बी कॉम के फर्स्ट ईयर में पढ़ते थे

दरअसल परवेज़ सोनाली को बातों बातों में एक दिन कालेज से ही छुट्टी के बाद सिनेमा

दिखाने ले गया -सिनेमा हाल में उसने बॉक्स के टिकट लिए थे जहां सिर्फ दो सीटें ही होती हैं-

सिनेमा देखते देखते उसने कोल्ड ड्रिंक का आर्डर किया और सोनाली के कोल्ड ड्रिंक में कुछ

ऐसी नशीली दवा का पाउडर मिला दिया जिसकी वजह से सोनाली लगभग एक घंटे तक

अपने पूरे होश में नहीं रही. इस घंटे के दौरान परवेज़ सोनाली के बदन से जी भरकर

छेड़छाड़ करता रहा और उसकी अपने मोबाइल में वीडियो भी बनाता रहा. बॉक्स का

दरवाज़ा उसने अंदर से बंद कर लिया था ताकि कोई गलती से भी वहां आकर उन्हें डिस्टर्ब न

कर दे.

सोनाली के कपडे भी उसने उतार दिए थे और उसके बदन पर सिर्फ ब्रा और पैंटी ही थी -इस

अर्धनग्न अवस्था में उसने सोनाली के बदन का वीडियो बनाया और फिर अपनी पैंट की ज़िप

खोलकर अपना लण्ड बाहर निकलकर उसने सोनाली के चेहरे पर रगड़ते हुए और उसके

होंठों हों ठोंपर रखते हुए इस तरह वीडियो बना लिया मानो वह वसीम का लण्ड चूस रही हो -इसी

तरह परवेज़ ने सोनाली के चेहरे और होंठों को चूमते हुए और उसके मम्मों को दबाते सहलाते

हुए भी वीडियो बना ली

लगभग आधे घंटे की मज़ेदार वीडियो बनाने के बाद परवेज़ ने सोनाली को सारे कपडे पहना

दिए और उसे साथ सीट पर बिठाकर चुपचाप फिल्म देखने लगा

फिल्म देखते देखते भी वह सोनाली के बदन से अब छेड़खानी करता जा रहा था क्योंकि अब

उसे किसी बात का डर नहीं था क्योंकि सोनाली को ब्लैकमेल करने के लिए उसने धमाकेदार

वीडियो बना ली थी.

अभी भी एक घंटे की फिल्म बाकी थी. फिल्म में काफी सेक्सी सीन थे जिन्हे देख देखकर

परवेज़ का लण्ड बार बार खड़ा हो रहा था -एक सेक्सी डांस इस समय परदे पर चल रहा था

और परवेज़ शाज़िया को अपनी गोद में बिठाकर उसके बदन को दबाते सहलाते हुए सेक्सी डांस

का मज़ा ले रहा था-इस बीच दवा का असर लगभग ख़त्म हो गया और सोनाली को होश

आना शुरू हो गया.

होश में आते ही जब सोनाली ने देखा की उसके बदन को परवेज़ ने अपनी गिरफ्त में ले रखा

है और उसे वह मनमाने ढंग से छू छूकर दबा सहला रहा है, तो वह उसकी गिरफ्त में

कसमसाती हुई बोली : यह क्या बदतमीजी है परवेज़. छोडो मुझे. तुम यहां मुझे फिल्म

दिखाने लाये हो या फिर यह सब करने के लिए ?

परवेज़ : अरे मेरी जान. अभी थोड़ी देर पहले तो तुम मेरी हर बदतमीजी को चुपचाप खुश

होकर सहन करती जा रही थीं अब अचानक क्या हो गया -तुम्हारे जैसी दब्बू लड़कियों को

तो इस बात में मज़ा ही आता है कि हमारे जैसे दबंग लौंडेलौं डेतुम्हारे खूबसूरत बदन को दबाते

सहलाते रहें और और तुम्हारे मस्त मस्त मम्मों को मसल मसल कर मनमानी करते रहें.

सोनाली : तुम यह सब क्या बकवास कर रहे हो -मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है

परवेज़ : सब समझ में आ जाएगा -लो जरा यह वीडियो देखो और खुद समझने की कोशिश

करो कि तुम किस तरह से अपना यह खूबसूरत बदन अपनी मर्ज़ी से मेरे हवाले कर चुकी हो

यह कहकर परवेज़ ने अपना मोबाइल खोलकर वीडियो चलाकर सोनाली को पकड़ा दिया

और सोनाली वीडियो को देखने लगी

पूरा वीडियो देखने के बाद सोनाली एकदम चिल्ला कर बोली : यह सब तुमने क्या किया है

मेरे साथ -प्लीज़ मुझे बताओ कि यह सब क्या है ? इस वीडियो को डिलीट कर दो प्लीज़

परवेज़ : यह वीडियो मैंने डिलीट करने के लिए नहीं बनाया है बल्कि तुझे ब्लेकमेल करके

अपनी हर जायज़ नाजायज़ बात मनवाने के लिए बनाया है

सोनाली : नहीं प्लीज़ मेरे साथ ऐसा मत करो. मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है . मेरे साथ तुम ऐसा

क्यों कर रहे हो ? इस वीडियो को डिलीट कर दो प्लीज़

परवेज़ : देख फिलहाल तो तू मेरी टांगों के बीच में आकर जमीन पर बैठ और मेरा लण्ड चूस

-फिल्म में लगातार सेक्सी सीन आ रहे हैं और इन्हे देख देखकर मेरा लण्ड एकदम खड़ा

होकर बेकाबू हो चुका है- चल इधर आ और मेरा लण्ड अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दे

सोनाली : नहीं यह मुझसे नहीं होगा

परवेज़ : फिर मैं यह वीडियो, कालेज के फ्रेंड्स ग्रुप में फॉरवर्ड कर देता हूँ - वे सब लोग

अपने अपने फ्रेंड्स ग्रुप में इसे फॉरवर्ड कर देंगे. यह वीडियो जल्द ही वायरल हो जाएगा और

तू बहुत जल्दी फेमस हो जाएगी

सोनाली : नहीं नहीं ऐसा मत करो मैं तुम्हारा ....

परवेज़ : हाँ , रुक क्यों गयी मेरी जान. पूरा बोल क्या बोल रही थी

सोनाली : मैं तुम्हारा लण्ड....

परवेज़ : हाँ मेरी जान बोलो, रुको मत नहीं तो यह वीडियो नहीं रुकेगा और आगे फॉरवर्ड हो

जाएगा

सोनाली : मैं तुम्हारा लण्ड चूसने के लिए तैयार हूँ. इस वीडियो को कहीं फॉरवर्ड मत करो

प्लीज़

परवेज़ : यही तो मैं कह रहा हूँ कि तुम मेरी हर बात को चुपचाप मानती जाओ और यह

वीडियो सिर्फ मेरे पास ही रहने दो -अब आओ और मेरा लण्ड अपने मुंह में लेकर उसे चूसो।

सोनाली परवेज़ की दोनों टांगों के बीच घुटनों के बल बैठ गयी

परवेज़ ने अपना मोबाइल उठा लिया और वीडियो बनाने लगा : चल मेरी ज़िप खोलकर लण्ड

बाहर निकाल और उसे अपने मुंह में ले ले

सोनाली ने ज़िप खोलकर लण्ड बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.

परवेज़ फिल्म देखते हुए सोनाली के इस हॉट ब्लो जॉब की वीडियो बनाने लगा

सोनाली ने लण्ड चूसा भी और उसके बाद उसके लण्ड को चाट चाट कर साफ भी किया-

परवेज़ सोनाली के इस पूरे सेक्सी ब्लो जॉब की वीडियो बनाता रहा

जब सोनाली परवेज़ का लण्ड चूसकर अपनी सीट पर बैठकर बची हुई फिल्म देखने लगी तो

परवेज़ उससे बोला : अब अगर तुझे इस ब्लेकमेल से बचना है तो तुझे मुझसे शादी करनी

पड़ेगी. हम लोग तुम्हारे घर शादी का प्रस्ताव लेकर आएंगे -अगर तुमने हमारी शादी का

प्रस्ताव मंजूर कर लिया तो ठीक है, वरना यह वीडियो जब तक मेरे पास है, तुम मेरे इशारों

पर मेरी एक सेक्स स्लेव बनकर सारी जिंदगी नाचती रहोगी -अगर तुम मेरी वाइफ बन गयीं

तो तुम्हे इस ब्लेकमेल से छुटकारा मिल जाएगा क्योंकि मैं अपनी वाइफ को तो ब्लेकमेल

करूँगा नहीं, यह तुम भी समझती हो. कल संडे है-मेरे मम्मी पापा तुम्हारे घर मेरी और

तुम्हारी शादी का प्रस्ताव लेकर आएंगे -अब यह तुम्हे देखना है कि आगे क्या करना है

फिल्म ख़त्म हो चुकी थी

सोनाली परवेज़ के साथ ही उसकी बाइक पर बैठकर अपने घर आ गयी थी. दोनों का घर

पास-पास ही था. बाइक से उतरकर सोनाली अपने घर चली गयी और परवेज़ अपने घर आ

गया

शेष अगले भाग में ...

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अगले दिन ज़ुबैर खान और रुबिका अपने पड़ोस में रहने वाले राज वर्मा और सोनाली वर्मा

के मम्मी पापा से मिलने उनके घर पहुंच गए और उन्हें अपने आने का कारण भी बताया।

राज और सोनाली के पापा महेश वर्मा स्टेट बैंक में मैनेजर थे। उनकी उम्र लगभग 40 साल

की थी। उनकी पत्नी अंजली बेहद खूबसूरत और गोरी थी और 37 साल की उम्र में भी उसने

अपने बदन की खूबसूरती, कसाव और फिगर को बरकरार रखा हुआ था।

शादी को लेकर बड़ी अड़चन इस बात की वजह से आ रही थी कि सोनाली हिन्दू और परवेज़

मुस्लिम परिवार से थी।

बात को बिगड़ते देख ज़ुबैर खान ने चालाकी और मक्कारी दिखाते हुए सोनाली के मम्मी

पापा से कहा : भाई साहब आजकल के बच्चों से गलती तो हो ही जाती है। हमारे परवेज़ की

शादी तो कहीं न कहीं हो ही जाएगी लेकिन आपकी बेटी जो कि परवेज़ के बच्चे की माँ बनने

वाली है, उसे शायद दूसरा लड़का मिलने में दिक्कत हो सकती है।

ज़ुबैर खान का यह सफेद झूठझू एकदम काम कर गया और सोनाली और परवेज़ की शादी

हिन्दू रीति रिवाज के साथ आनन फानन में कर दी गई।

सोनाली अब परवेज़ के यहाँ आ गई थी। उसकी आज सुहागरात थी। शाज़िया ने भी अपनी

भाभी सोनाली को सुहागरात के लिए बिल्कुल तैयार करके उसे उसके कमरे में घूंघट करके

बिस्तर पर बिठा दिया था।‘

रात को दस बजे परवेज़ कमरे में घुसा तो सोनाली साड़ी के घूंघट में बिस्तर पर बैठी हुई थी।

परवेज़ ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बिस्तर के सामने पड़े सोफे पर बैठते हुए

सोनाली से बोला : बिस्तर से उठकर मेरे पास आओ

सोनाली शर्माते हुए बिस्तर से उठी और परवेज़ के सामने आकर खड़ी हो गईं।

परवेज़ : साड़ी उतारो

सोनाली ने लाल रंग की बनारसी साड़ी उतार दी

साड़ी उतरते ही सोनाली का खूबसूरत बदन ब्लॉउज़ और पेटीकोट में कसा हुआ परवेज़ के

सामने था। परवेज़ का लण्ड खड़ा हो चुका था।

परवेज़ : ब्लॉउज़ और पेटीकोट भी उतारो

सोनाली ने धीरे धीरे ब्लॉउज़ और पेटीकोट भी उतार दिए। उसके बदन पर अब ब्रा और पैंटी

बची थी और काफी सारे जेवरात भी उसके बदन पर नज़र आ रहे थे।

परवेज़ उसके बदन की खूबसूरती देखकर अपने लण्ड पर हाथ फिराते हुए बोला : सब कुछ

उतारो। सारे जेवरात भी उतारो। मुझे तुम्हारा बदन एकदम नंगा चाहिए। तुम्हारे कोरे बदन

को जब मैं अपने हाथों से सहलाऊँ तो कुछ भी बीच मे नही आना चाहिये। चलो शुरू हो

जाओ

सोनाली ने एक एक करके अपने सारे जेवर उतारे और फिर बहुत शर्माते हुए अपनी ब्रा और

पैंटी भी उतार दी।

परवेज़ ने एक नज़र ने उसके खूबसूरत और सेक्सी नंगे बदन को ऊपर से नीचे तक जी

भरकर देखा-उसका खूबसूरत गोरा चेहरा, गुलाबी होंठहों , मस्त मस्त मखमली मम्मे, चिकना

समतल पेट, पतली चिकनी कमर और केले जैसी चिकनी और सुडौल जाँघे किसी को भी

बेकाबू करने के लिए काफी थीं।

परवेज़ : यह हार क्यों पहना हुआ है, इसे भी उतारो

सोनाली : यह मंगलसूत्र है, इसे नही उतारा जाता है। यह हमारे सुहाग की निशानी है।

परवेज़ ( हंसते हुए) : यह सब हमारे यहाँ नही होता है। वैसे भी कल हम तुम्हारा धर्म

परिवर्तन करवाकर काज़ी को बुलाकर अपनी रीति रिवाज से तुम्हारा निकाह करवाने वाले

है। चलो इस मंगल सूत्र को भी उतारो।

सोनाली ने न चाहते हुए भी अपना मंगलसूत्र भी उतार दिया और अपने एक हाथ से अपने

मम्मे और दूसरे हाथ से अपने चिकने योनि प्रदेश (चूत)को ढंककर खड़ी हो गई।

परवेज़ : अपने दोनों हाथ ऊपर उठाओ और अपने बदन को धीरे धीरे गोल गोल घुमाओ।

सोनाली ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और धीरे धीरे गोल गोल घूमने लगी।

काफी देर तक परवेज़ सोनाली के बदन की इस तरह से नुमायश देखता रहा और अपना

लण्ड सहलाता रहा

शेष अगले भाग में

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परवेज़ सोनाली के निर्वस्त्र खूबसूरत बदन को गोल गोल घूमते हुए देख रहा था। दोनों हाथ

ऊपर उठे होने की वजह से उसके सीने के मस्त मम्मे एकदम टाइट हो गए थे। इससे पहले

कि परवेज़ कुछ और करता, उसके दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी।

रात के 11 बजे थे। परवेज़ को समझ नही आया कि इस समय कौन आया होगा। शाज़िया और

परवेज़ तो आम तौर पर इस समय तक सो जाते हैं। मम्मी पापा भी 9 बजे ही सो जाते हैं।

जब दरवाज़े पर दुबारा दस्तक हुई तो परवेज़ ने सोनाली से सख्त आवाज़ में कहा : तू अपने

खूबसूरत बदन को बिना रुके ऐसे ही घुमाती रह

यह कहकर वह दरवाज़ा खोलने के लिए बढ़ा लेकिन दरवाज़ा खोलने से रोकते हुए सोनाली

उझसे बोली : प्लीज़ मुझे कपड़े पहनने दीजिये। बाहर पता नही कौन है ?

परवेज़ : ऐसे ही नंगी होकर नाचती रह रंडी, सेक्सी लग रही है। मुझसे मिलने जो भी आया

है, उसे भी यह मालूम होना चाहिये कि तेरी मेरे आगे क्या औकात है ।

यह कहक़र परवेज़ ने अपने कमरे का दरवाजा खोल दिया

दरवाज़ा खोलते ही परवेज़ का बड़ा भाई परवेज़ एक कैमरा हाथ मे लेकर अंदर आ गया और

कमरे के दरवाजे को अंदर से बंद करता हुआ बोला : भाई, मुझसे कंट्रो ल नही हो रहा था,

जब से मैंने इस चिकनी को देखा है, मेरा लण्ड बेकाबू हुए जा रहा है।

सोनाली उन दोनों को एक साथ देखकर एकदम सकपका गई और शर्माकर अपने कपड़े

पहनने लगी।

परवेज़ ने उसे डांटते हुए कहा : तुझसे कपड़े पहनने के लिए किसने कहा साली ? जब तक मैं

ना कहूँ अपने हाथ ऊपर उठाकर गोल गोल घूमती रह। चल शुरू हो जा।

सोनाली हाथ ऊपर उठाएं बेबस होकर अपने खूबसूरत सेक्सी कोरे बदन को घुमा घुमाकर

उसकी नुमायश करने लगी।

परवेज़ और परवेज़ सोफे पर बैठकर उसका यह सेक्सी शो देखने लगे

परवेज़ अपने साथ लाये कैमरे में सोनाली के इस सेक्सी शो का वीडियो बनाते हुए कहने लगा

: साली एकदम मस्त माल है, तूने अभी तक इसे चखा है या अभी तक इसके मस्त बदन की

नुमायश देखकर ही अपना मन बहला रहा है ?

परवेज़ : नही भाई, अपना लण्ड तो मैं इससे शादी के पहले ही चुसवा चुका हूं।बहुत मस्त लंड

चूसती है यह रंडी

जिस तरह से परवेज़ और परवेज़ सोनाली के नंगे बदन को देखकर उसके बारे में भद्दी बातें

कर रहे थे, उसकी वजह से सोनाली का चेहरा शर्म और ज़लालत से एकदम लाल हो गया

था। उसने कभी यह कल्पना भी नही की थी कि सुहागरात वाले दिन ही उसे दोनों भाईयों के

सामने इस तरह से अपने नंगे बदन की नुमायश करनी पड़ेगी।

परवेज़ लगातार वीडियो बना रहा था और बोल रहा था : क्या गज़ब का माल है- केले जैसी

चिकनी जाँघे, सुडौल नितंब, पतली चिकनी क़मर, समतल चिकना पेट और मक्खन मलाई

जैसे मम्मे। ऐसी खूबसूरत और सेक्सी लड़कियाँ हमारे जैसे दबंग लौंडों लौं डोंको खुश करने के

लिए ही पैदा होती हैं।

सोनाली ने अब अपने बदन को गोल गोल घुमाना बंद कर दिया और बोली : अब मैं बहुत थक

गई हूं। मुझसे खड़ा भी नही हुआ जा रहा है।

यह कहकर वह कमरे के फर्श पर ही परवेज़ और परवेज़ के पैरों के पास बैठ गई।

शेष अगले भाग में

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