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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

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StoryPublisher

Guest
Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

कहानी के पात्रों का परिचय :

[1] ज़ुबैर खान की उम्र 40 साल है, वह सांवले रंग का है और 5 फिट 9 इंच लम्बा है

-ज़ुबैर खान ड्राई फ्रूट का खानदानी बिजनेस करता है और अपने बड़े बेटे परवेज़ खान

(जो 20 साल का है, गोरे रंग का है और 5 फिट 7 इंच लम्बा है) के साथ दुकान को

संभालता है

[2] रुबिका ज़ुबैर खान की वाइफ है- उसकी उम्र 37 साल की है और वह गोरे रंग की

होने के साथ 5 फिट 5 इंच लम्बी है -रुबिका बेहद खूबसूरत और सेक्सी होने के साथ साथ

एक जबरदस्त फिगर की भी मालिक है.रुबिका थोड़े मॉडर्न ख्यालों की है और हिज़ाब और

बुरका न पहनकर साड़ी ही पहनना पसंद करती है जिसमे उसके खूबसूरत बदन की झलक

हर समय दिखाई देती रहती है

[3] परवेज़ खान ज़ुबैर खान का बड़ा बेटा है (जिसका परिचय ऊपर दिया जा चुका है).

परवेज़ ने 12 वीं पास करने के बाद पढाई लिखाई छोड़ दी थी और ज़ुबैर खान के साथ

दुकान पर बैठने लगा था

[4] वसीम ज़ुबैर खान का दूसरा बेटा है-जिसकी उम्र 19 साल की है, वह सांवले रंग का है

और 5 फिट 6 इंच लम्बा है. वसीम अभी बी कॉम की पढाई कर रहा है और उसका कालेज

में पहला साल है

[5] शाज़िया ज़ुबैर की इकलौती बेटी है जो 18 साल की है, गोरे रंग की बेहद खूबसूरत,सेक्सी

और 5 फिट 5 इंच लम्बी है- अभी वह कॉलेज में है और 12 वीं की पढाई कर रही है

कहानी में समय समय पर अन्य पात्र भी कहानी की जरूरत के हिसाब से आते जाते रहेंगे

जिनका परिचय उसी समय दिया जाएगा

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ज़ुबैर खान की खानदानी ड्राई फ्रूट की दुकान सदर बाजार में थी। दुकान के ऊपर ही

पहली और दूसरी मंजिल पर उसका घर था। पहली मंजिल पर एक ड्राइंग रूम, बेड रूम ,

किचिन और वाशरूम था। पहली मंजिल पर ज़ुबैर और उसकी वाइफ रुबिका रहते थे।

दूसरी मंजिल पर तीन कमरे बने थे और एक वाशरूम था। इन कमरों में परवेज़, परवेज़ और

शाज़िया रहते थे। तीसरी मंजिल पर खाली छत थी और एक बड़ा सा कमरा मेहमानों के लिए

बना हुआ था जो आमतौर पर बंद रहता था।

ज़ुबैर खान का बिजनेस तो ड्राई फ्रूट बेचने का ही था और उसकी दुकान का शहर में बहुत

नाम भी था जिसकी वजह से दुकान पर सुबह 10 बजे से लेकर रात 8 बजे तक ग्राहकों की

लाइन लगी रहती थी। कुल मिलाकर उसका बिजनेस बहुत बढ़िया चल रहा था। लेकिन

ज़ुबैर खान और उसकी वाइफ के अलावा यह बात घर मे या बाहर किसी को भी नही

मालूम थी कि दुबई,अफगानिस्तान और पाकिस्तान से ड्राई फ्रूट मंगवाने की आड़ में गोल्ड

और ड्रग्स की तस्करी का धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा था।

इस सारे गोरखधंधे की खबर सबसे पहले शाज़िया को और फिर परवेज़ को कैसे मिली, आइए

उसे देखते हैं।

रात को खाना खाने के बाद 10 बजे तक सब लोग अपने अपने कमरों में सोने के लिए चले

जाते थे।

एक दिन रात को करीब 2 बजे परवेज़ की आंख खुली क्योंकि उसे वाशरूम जाना था। वह

अपने कमरे से बाहर आया और वाशरूम चला गया। वाशरूम से बाहर आया तो उसने शाज़िया

के कमरे में कुछ हलचल सी महसूस की। उसके कमरे की लाइट भी जल रही थी और किसी

के बोलने की हल्की हल्की आवाज़ भी आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि कमरे में शाज़िया के

अलावा कोई और भी मौजूद था। लेकिन इतनी रात को उसके कमरे में कौन हो सकता था।

कमरा अंदर से बंद था।

पहले परवेज़ ने सोचा कि वह दरवाज़ा खुलवाकर देखे कि शाज़िया

इतनी रात को लाइट जलाकर आखिर क्या कर रही है लेकिन उसने अगले ही पल अपना

इरादा बदल दिया और उसके कमरे के अंदर क्या चल रहा है, यह देखने के लिए उसमे कमरे

की खिड़की के एक बड़े से छेद में झांकना शुरू कर दिया। अंदर जो कुछ भी परवेज़ ने देखा,

उसे देखकर उसके पैरों के नीचे से मानो जमीन ही खिसक गई।

शेष अगले भाग में.....

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परवेज़ ने देखा कि उसकी बहन अपना सफ़ेद रंग का नाईट गाउन पहने हुए कमरे में खड़ी

हुई थी और उसके सामने एक कुर्सी पर अपनी टाँगे फैलाकर राज वर्मा बैठा हुआ था

राज वर्मा कॉलेज में उसकी बहन शाज़िया के साथ ही पढता था और पिछले तीन साल से

लगातार फेल होने की वजह से वह 21 साल का होने के बाबजूद भी अभी तक 12 वीं क्लास

में ही पढ़ रहा था. राज का मकान परवेज़ के मकान से एकदम लगा हुआ था और परवेज़ को

पूरा शक था कि वह अपनी छत को लांघकर ही यहां आया होगा

परवेज़ गौर से उन दोनों की तरफ देखने लगा

राज ( शाज़िया से) : खोल दे !

शाज़िया : नहीं प्लीज़ ऐसा मत करवाओ. मुझे बहुत शर्म आती है. मैंने आज तक किसी के सामने

अपने कपडे नहीं खोले हैं

राज : मैं कह रहा हूँ खोल दे तो तो तुझे खोलना ही पड़ेगा- नहीं तो तुझे मालूम है कि मैं क्या

करूंगा

शाज़िया : तुम कुछ करोगे तो नहीं ?

राज : नहीं मैं कुछ नहीं करूँगा. मैं तो बस अपने इस मोबाइल में तुम्हारी सिर्फ 10 मिनट की

एक फिल्म बनाऊंगा और फिर चुपचाप चला जाऊँगा -अब ज्यादा देर मत करो और अपने

गाउन को खोलो

परवेज़ को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा था -हाँ उसका अपना लंड

जरूर अब तक तनकर खड़ा हो गया था. वह इस समय यह भूल गया था कि अंदर जो लड़की

खड़ी है वह उसकी सगी बहन शाज़िया है -उसके अंदर भी इस बात को लेकर रोमांच पैदा होने

लगा कि क्या अब शाज़िया अपने सब कपडे उतार देगी या नहीं

राज अपने मोबाइल को लेकर उसमे वीडियो बनाने के लिए एकदम तैयार था.

शाज़िया ने अपने गाउन की फ्रंट ज़िप नीचे खिसकानी शुरू कर दी -पहले उसकी काले रंग की

ब्रा नज़र आयी और फिर उसकी काले रंग की पैंटी भी दिखने लगी

वीडियो बनाते बनाते राज उससे बोला : अपने गाउन को निकालकर एक तरफ फेंक दे और

गोल गोल घूमकर दिखा

शाज़िया ने अपना गाउन अपने बदन से अलग कर दिया और वहीं खड़ी खड़ी गोल गोल घूमने

लगी.

राज उसकी वीडियो बनाये जा रहा था

परवेज़ ने भी शाज़िया के खूबसूरत बदन को इस हालत में पहली बार देखा था और वह भी अपने

खड़े हो चुके लंड को संभाल नहीं पा रहा था

राज : साली, तू तो एकदम मस्त माल है ! चल अब जरा अपने बाकी के कपडे भी उतार दे

और अपने हाथ ऊपर उठाकर गोल गोल घूमना शुरू कर’

शाज़िया एकदम बेबस सी लग रही थी-उसने एक एक करके अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी

और एकदम नंगी हो गयी’

राज : चल हाथ ऊपर उठा और फिर से गोल गोल घूमना शुरू कर -अभी सिर्फ पांच मिनट

की फिल्म ही बनी है

शाज़िया ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और अपने बदन की गोल गोल घूमकर नुमायश करने

लगी’

राज लगातार इस सेक्सी तमाशे की अपने मोबाइल पर फिल्म बना रहा था. बीच बीच में वह

भी अपनी पेंट में बन रहे टेंट पर हाथ फिरा रहा था
 
कुछ देर बाद राज शाज़िया से बोला : अब इधर आकर मेरे नज़दीक खड़ी हो जा

शाज़िया धीरे धीरे चलकर राज के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

राज ने अपने मोबाइल कैमरा को ऑन करके उसे पास एक टेबल पर खड़ा करके सेट कर

दिया और अपने दोनों हाथों से शाज़िया के मस्त मम्मों को दबाते हुए कहने लगा : साली क्या

गजब का माल है -एकदम मक्खन मलाई का ढेर है तेरा यह खूबसूरत सेक्सी बदन

कुछ देर तक शाज़िया के मस्त मस्त मम्मों से खिलवाड़ करने के बाद राज बोला : चल अब अपनी

टाँगे खोलकर खड़ी हो जा

शाज़िया ने जैसे ही अपनी टाँगे फैलायीं, यीं राज ने अपने हाथ से उसकी चिकनी चूत को दबाना

सहलाना शुरू कर दिया -सहलाते सहलाते उसने अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसेड़ दी

और उसे अंदर बाहर करने लगा और शाज़िया की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए बोला : क्यों

चिकनी, मज़ा आ रहा है ?

शाज़िया का पूरा चेहरा शर्म और ज़लालत से एकदम लाल हो रहा था-वह कुछ नहीं बोली तो राज

ने फिर से पुछा : बोल मेरी जान, मज़ा आ रहा है या नहीं ? जल्दी बोल-अगर जबाब नहीं

दिया तो तुझे पता ही है कि मैं तेरा क्या हाल करूँगा

शाज़िया : हाँ हाँ मुझे बहुत मज़ा आ रहा है

राज (हँसते हुए) : गुड़ गर्ल. यह हुई न बात. बस इसी तरह मेरी हर बात मानती रहेगी तो सब

कुछ ठीक चलता रहेगा , वर्ना तो तू खुद समझदार है

राज ने उसकी चूत में से अपनी उंगली बाहर निकाल ली और उससे बोला चल अब घुटनों के

बल नीचे बैठ मेरे पैरों के बीच में और जो मैं कहता जाऊं वह चुपचाप करती जा -अब एक

10 मिनट की एक फिल्म और बनाई जाएगी

शाज़िया अब राज की दोनों टांगों के बीच में घुटनो के बल बैठ गयी

राज ने अपनी उंगली को उसके मुंह के आगे करते हुए कहा : इसे चाट चाट कर साफ़ कर

शाज़िया ने उसकी सनी हुई उंगली को अपने मुंह में ले लिया और उसे साफ़ करने लगी

राज लगातार मोबाइल पर वीडियो बना रहा था.
 
राज ने अब अपनी जींस और अंडराजयर को नीचे खिसका दिया और अपने खड़े हुए लण्ड

को बाहर निकाल लिया. अपने लण्ड पर हाथ फेरते हुए वह शाज़िया से बोला : चल अब इसे

अपने मुंह में लेकर इस पर अपनी जीभ फिरा फिराकर मुझे खुश कर’’

शाज़िया (गिड़गिड़ाते हुए) : प्लीज़ यह सब मत करवाओ . यह सब मैंने कभी नहीं किया है. अब

बस करो और मुझे छोड़ दो’

राज : आज से पहले जब तुझे राज जैसा कोई दबंग लौंडा मिला ही नहीं तो तुझसे लण्ड कौन

चुसवाता साली ? लेकिन मुझे तो तेरी जैसी खूबसूरत और सेक्सी लड़कियों से लण्ड चुसवाने

में बहुत मज़ा आता है-चल खोल अपना मुंह और मेरा लण्ड अच्छी तरह से चूस’

शाज़िया ने राज के लण्ड को न चाहते हुए भी अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी. राज

फिर से इस मुख मैथुन की फिल्म अपने मोबाइल पर बनाने लगा

शाज़िया के दोनों गालों पर राज बीच बीच में हलके हलके चपत भी मार रहा था और बोल रहा था

: ठीक से चूस साली , मज़ा नहीं आ रहा है !

कुछ समय बाद राज ने अपने लण्ड की पिचकारी शाज़िया के मुंह में छोड़ते हुए कहा : मेरे सारे

जूस को चुपचाप पी जा. एक बूँद भी बाहर नहीं गिरनी चाहिए

लण्ड चुसवाने के बाद राज ने अपने लण्ड को शाज़िया से साफ़ भी करवाया : चल अपनी जीभ से

मेरे लण्ड को साफ़ कर

लण्ड चुसवाने और उसे साफ़ करवाने के बाद राज शाज़िया से बोला : चल अब खड़ी हो जा और

अपने कपडे पहन ले

जब तक शाज़िया कपडे पहनती रही, राज उसकी फिल्म बनाता रहा और फिर मोबाइल को एक

तरफ रखता हुआ उससे बोला : अब मेरे पास वायरल करने के लिए एक फिल्म तेरी मम्मी

की और दो फिल्मे तेरी हैं. अगर तू मेरी सेक्स स्लेव बनकर मेरे इशारों पर नाचती रही तो

ठीक है, वरना यह सब फ़िल्में पूरे शहर में वायरल कर दी जाएंगी

यह कहकर राज कुर्सी से उठकर खड़ा हो गया और अपनी जींस के बटन बंद करने लगा

परवेज़ को लगा की अब राज कमरे से बाहर निकलने वाला है, वह एकदम खिड़की से हट

गया और अपने कमरे की तरफ चला गया और कमरे के अंदर से ही बाहर की तरफ झांकते

हुए राज के बाहर निकलने का इंतज़ार करने लगा

जब पांच मिनट तक भी शाज़िया के कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला और राज बाहर नहीं निकला

तो परवेज़ बेचैन हो गया -कमरे की रोशनी भी अब बंद हो चुकी थी.

परवेज़ दुबारा से वाशरूम की तरफ जाते जाते कमरे की तरफ देखने लगा-अंदर लाइट बंद

हो चुकी थी और अब कोई आवाज़ भी नहीं आ रही थी

परवेज़ जब वाशरूम से बाहर आया वह फिर से शाज़िया के कमरे की खिड़की के छेद में से

कमरे के अंदर झाँकने लगा. उसे इस बात की बड़ी हैरानी थी की अब तक राज बाहर क्यों

नहीं निकला. क्या वह शाज़िया के साथ ही कमरे में सो रहा है ?

परवेज़ ने कमरे के अंदर झाँक कर देखा. अंदर हल्का सा नाईट बल्ब जल रहा था लेकिन यह

साफ़ दिख रहा था कि शाज़िया अपना गाउन पहने हुए अपने बिस्तर पर अकेली लेटी हुई थी

और कमरे में राज का कहीं नामों निशाँ तक नहीं था

परवेज़ अब हैरान परेशान मुद्रा में अपने कमरे में वापस आ गया और यह सब सोचते सोचते

ही सो गया कि यह सब क्या हुआ और राज अचानक कहाँ गायब हो गया -रात ज्यादा हो चुकी

थी इसलिए उसकी इतनी हिम्मत भी नहीं हुई कि वह शाज़िया के कमरे में ही जाकर उसी से यह

सब पूछ ले कि यह सब क्या चल रहा है और राज अचानक कहाँ गायब हो गया है

शेष अगले भाग में .....

.............................
 
अगले दिन संडे था। दुकान, कॉलेज, कालेज सब बंद था और इसके चलते सब लोग घर पर

ही थे।

सुबह 9 बजे तक जब सब लोग नाश्ता वगैरा करके निपटे तो फिर से अपने अपने कमरों में

आराम करने के लिए चले गए।

परवेज़ के दिमाग मे लेकिन अभी तक रात की सारी घटनाएं चलचित्र की तरह घूम रही थी।

उसने अपने कमरे में छोटे भाई वसीम को बुला लिया और उसे पिछले रात की सारी बातें

विस्तार से बताने लगा। वसीम भी परवेज़ की बातें सुनकर एकदम हक्का बक्का हो गया और

बोला : अरे भाई, तेरी जगह मैं होता तो उस हरामी राज को वहीँ ढेर कर देता। साला हमारे

घर की इज़्ज़त से खेलता रहा और हमारी बहन के साथ बदमाशी करता रहा और तुमने उसे

ऐसे ही जाने दिया।

परवेज़ : अरे वसीम जो तुम सोच रहे हो, उतना सिम्पल मामला नही है। यह कोई ब्लैकमेल

का मामला लग रहा है। वह बार बार शाज़िया से मम्मी के किसी वीडियो को वायरल करने की

बात कहकर धमका रहा था।

वसीम : ऐसा है तो हमे शाज़िया से इस बारे में बात करनी चाहिए

परवेज़ : हाँ वह तो ठीक है,लेकिन मुझे यह समझ अभी तक यह बात नही आई कि वह कल

रात शाज़िया के कमरे से बाहर निकले बिना ही गायब कैसे हो गया।

वसीम : हो सकता है वह शाज़िया के कमरे में मोजूद बैक डोर से निकल गया हो

परवेज़ : क्या ?????? शाज़िया के कमरे में यह बैक डोर कहाँ से आ गया जिसका मुझे पता ही

नही है।

वसीम : अरे तुम हैदराबाद एक हफ्ते के लिए अपने दोस्तों के साथ पिछले महीने जब घूमने

गए थे तो उस समय पापा ने कमरे की पिछली खिड़की को तुड़वाकर उसे बाकायदा दरवाज़ा

बनबा दिया था । लेकिन उस दरवाज़े से तो शाज़िया की मर्ज़ी के बिना कोई न कमरे में आ

सकता है और न बाहर जा सकता है क्योंकि वह सिर्फ अंदर से ही बंद होता या खुलता है,

बाहर से नहीं।

परवेज़ : अच्छा अब मुझे सब कुछ ठीक से समझ आ गया। अब चलकर शाज़िया से बात करते हैं

कि यह सब क्या झमेला है

दोनों अब शाज़िया के कमरे में आ गए

परवेज़ : शाज़िया तेरे पास रात राज क्यों आया था ?

शाज़िया (एकदम इस तरह चौंकचौं पड़ी मानो उसकी कोई बड़ी चोरी पकड़ी गई हो) : लेकिन

भैया आपको कैसे मालूम पड़ा कि वह मुझसे मिलने आया था

परवेज़ को कुछ समझ मे नही आया कि वह शाज़िया को क्या जबाब दे। फिर कुछ सोचकर वह

बोला : मैं वाशरूम जाने के लिए बाहर निकला तो तुम्हारे कमरे की लाइट जलती देखकर

उसमे मैंने झाँककर देखा था, लेकिन तुम बात को घुमाने की बजाए साफ साफ यह बताओ

कि यह सब क्या तमाशा चल रहा है और हम लोगों को कुछ पता भी नही है।

शाज़िया : राज के पास एक आधे घंटे का वीडियो है। उसने वह वीडियो मेरे मोबाइल पर भी

भेजा है। वह वीडियो मम्मी और पापा का है। पिछले महीने मम्मी पापा दुबई गए थे । जब वहां

से इंडिया वापस आये थे तो एयरपोर्ट पर उन्हें कस्टम वालों ने पकड़ लिया था। यह वीडियो

उसी सिलसिले में है जिसे दिखाकर राज मुझे ब्लैकमेल कर रहा है।

वसीम : आखिर ऐसा क्या है उस वीडियो में शाज़िया ?

शाज़िया : मुझे तो बताते हुए काफी शर्म आएगी। मैं वीडियो तुम लोगों के मोबाइल पर फारवर्ड

कर देती हूं। खुद देख लेना । सब समझ आ जायेगा।

वसीम : ठीक है, मुझे भेज दे। मैं अपने लैपटॉप पर डाऊनलोड करके परवेज़ भाई के साथ

देख लूंगा।

शाज़िया ने वीडियो वसीम को फारवर्ड कर दिया और उसके बाद परवेज़ परबेज के साथ उसके

कमरे में ही आ गया

वसीम ने वीडियो को अपने लैपटॉप में डाऊनलोड कर लिया और फिर परवेज़ की तरफ

देखकर कहने लगा : मेरा ख्याल है हमे दरवाजा अंदर से बंद करके यह वीडियो देखना

चाहिये

परवेज़ : हाँ ठीक कह रहा है तू

यह कहकर वसीम ने अपने कमरे के दरवाज़े को अंदर से बंद कर दिया और लैपटॉप पर

वीडियो प्ले करना शुरू कर दिया

शेष अगले भाग में

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लैपटॉप पर वीडियो चलना शुरू हो गया था

परवेज़ और वसीम अपनी सांसें रोककर वीडियो को देख रहे थे

वीडियो की शुरुआत में ज़ुबैर खान और रुबिका कस्टम जांच कक्ष में घुसते हुए दिखाई देते

हैं। उनके साथ एक सिक्योरिटी गार्ड भी आया है।

जांच कक्ष में सब तरफ कैमरे लगे हुए है। एक कुर्सी पर खाकी वर्दी में एक सिक्युरिटी वाला

बैठा था । उसकी जेब मे लगी नेम प्लेट पर हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह लिखा हुआ था। अर्जुन

सिंह की उम्र 35 -40 साल के बीच लग रही थी।

कमरे के बीच मे एक बड़ी सी टेबल और उसके पीछे रखी कुर्सी पर एक नीली वर्दी में 30-

35-साल का बेहद बदसूरत और काला कलूटा आदमी बैठा था। उसकी वर्दी की जेब पर जो

नेम प्लेट लगी थी उस पर कस्टम अफसर शर्मा वर्मा लिखा हुआ था।

सिक्योरिटी गार्ड : सर यह दोनों दुबई से आये है। ऐसा लग रहा है कि यह लोग कुछ तस्करी

के धंधे में लिप्त है। इनकी जांच कर लीजिये।

शर्मा : ठीक है, इन्हें यहीं छोड़ दो और तुम बाहर जाओ

सिक्योरिटी गार्ड बाहर चला गया तो शर्मा ने अपने अस्सिटेंट अर्जुन सिंह से कहा : दरवाज़ा

अंदर से बंद कर दो अर्जुन

अर्जुन "जी सर" कहता हुआ उठा और दरवाज़े को अंदर से बंद कर दिया

शर्मा (बेहद कड़क और रौबीली आवाज़ में) ": कहां से आ रहे हो

ज़ुबैर खान : जी हम दुबई से आ रहे हैं

शर्मा : क्या नाम है तुम लोगो का

ज़ुबैर खान : जी मेरा नाम ज़ुबैर खान है और यह मेरी वाइफ रुबिका है।

शर्मा ने रुबिका को एक बार ऊपर से नीचे तक देखा

रुबिका ने एक रेड कलर का गाउन पहना हुआ था जिसमे गोल्डन कलर के 6 बटन लगे थे।

गाउन एकदम टाइट फिटिंग का था जिसमे रुबिका के खूबसूरत बदन की फिगर साफ दिख

रही थी।

शर्मा का लण्ड रुबिका को देखते ही कड़क होकर खड़ा हो गया और वह उस पर हाथ

फिराते हुए बोला : तुम दोनों का सामान कहाँ है।

ज़ुबैर खान : हमारे समान की बाहर चेकिंग हो रही है। हम लोग शरीफ आदमी है। हमारे

पास कुछ नही है। हमे प्लीज़ जाने दीजिए

शर्मा : इतनी जल्दी भी क्या है। अब आ ही गए तो पूरी जांच के बाद ही यहाँ से जा सकोगे

शर्मा ने अब अर्जुन की तरफ देखकर उससे कहा : ज़ुबैर खान की तलाशी लो जरा

अर्जुन आगे बढ़ा और ज़ुबैर खान की तलाशी लेने लगा

तलाशी लेते लेते अर्जुन ने ज़ुबैर खान के लगभग सारे कपड़े उतरवा लिए और दो सफेद

पाउडर के पैकेट शर्मा को देता हुआ बोला : लीजिये सर, यह ड्रग्स के पैकेट इसने अपने

जूतों में छिपाए हुए थे।

शर्मा का लण्ड अब और ज्यादा कड़क हो गया था। उसने ज़ुबैर खान की तरफ देखा । वह

सिर्फ अंडराजयर में खड़ा था और बेहद घबराया हुआ था’’

ज़ुबैर खान : सर हम बैठकर बात कर लेते हैं साहब। कुछ ले देकर मामले को रफा दफा

करना ही ठीक रहेगा

शर्मा कड़क होकर बोला : क्या ठीक रहेगा और क्या नही, यह मुझे अच्छी तरह पता है।

अर्जुन इसके हाथ पीछे करके हथकड़ी लगा दो

अर्जुन सिंह ने ज़ुबैर खान के हाथ पीछे करके हथकड़ी से बांध दिए

शर्मा : अर्जुन इसके अंडराजयर में हाथ डालकर चेक करो। हो सकता है इसने वहां भी कुछ

छिपा रखा हो

अर्जुन ने मुस्कुराते हुए अपना हाथ ज़ुबैर खान के अंडराजयर में डाल दिया और अंदर

टटोलने लगा। काफी देर तक अर्जुन ज़ुबैर खान के लण्ड पर हाथ फिराने के बाद उससे

पूछने लगा : बता यहां क्या छुपा रखा है या फिर तेरा अंडराजयर भी उतार दूँ।

ज़ुबैर खान : सर प्लीज़ जाने दो। अब बहुत ज़लील हो चुके है हम लोग

शर्मा हंसते हुए अर्जुन से बोला : इसका अंडराजयर नीचे खिसकाकर दिखाओ

अर्जुन ने जैसे ही ज़ुबैर खान का अंडराजयर नीचे खिसकाया उसके लण्ड के चारों तरफ

सफेद रंग का कागज़ जैसा लिपटा हुआ था। अर्जुन ने उसे खोलकर हटाया तो मालूम हुआ

कि उस कागज़ के पतले लिफाफे में भी ड्रग्स का पाउडर छुपाया हुआ था।

ड्रग्स का लिफाफा भी अर्जुन ने शर्मा को पकड़ा दिया। शर्मा ने टेबल पर उस लिफाफे को

रख दिया। दो ड्रग्स के पैकेट पहले से ही वहां रखे थे जिन्हें ज़ुबैर खान ने अपने जूतों में

छिपाया हुआ था

शर्मा : अर्जुन अब तुम ऐसा करो इस ज़ुबैर खान के साथ कुछ देर खेल तमाशा करो तब

तक मैं इसकी खूबसूरत और सेक्सी वाइफ की तलाशी लेता हूँ। देखें इस चिकनी ने क्या क्या

माल कहाँ कहाँ छुपा रखा है

अर्जुन शर्मा का इशारा समझ गया और कमरे के एक कोने में ज़ुबैर को ले जाकर खड़ा

कर दिया और खुद उसके सामने कुर्सी पर बैठकर उसकी तरफ देखकर हल्के हल्के

मुस्कराने लगा

शेष अगले भाग में

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शर्मा का सारा फोकस अब रुबिका की मस्त जवानी पर था

उसने रुबिका को अपनी तरफ उंगली के इशारे से बुलाते हुए कहा : इधर आ जा मेरे पास

-अब तेरी तलाशी भी ली जाएगी

रुबिका डरी सहमी सी धीरे धीरे चलती हुई आगे बड़ी और शर्मा के पास उसके दायीं तरफ

आकर खड़ी हो गयी

शर्मा अब अपनी कुर्सी से उठकर खड़ा हो गया और रुबिका की तलाशी लेने लगा –

रुबिका ने टाइट फिटिंग वाला रेड कलर का गाउन पहना हुआ था. शर्मा ने उसके गाउन के ऊपर से

ही अपने हाथ फिराते हुए उसके पूरे बदन को टटोला, सहलाया और दबाया. अपनी पैंट में

खड़े लण्ड को उसने रुबिका के नितम्बों से सटाते हुए उसके मम्मों को भी काफी देर तक

गाउन के ऊपर से ही दबाया –

रुबिका उसकी गिरफ्त में कसमसाते हुए उसका विरोध करने लगी

रुबिका: देखिये मेरे पास कुछ भी नहीं है-आप प्लीज़ मेरे साथ इस तरह से बदतमीजी मत

कीजिये

रुबिका की बातें सुनकर शर्मा को गुस्सा आ गया . उसने रुबिका के गालों पर जोर का एक

थप्पड़ मारते हुए कहा : चुपचाप खड़ी रह और मुझे अपना काम करने दे.एक तो हस्बैंड

वाइफ दोनों मिलकर तस्करी करते हो और ऊपर से इतने नखरे भी दिखा रहे हो

शर्मा के एक ही थप्पड़ से रुबिका उसके कंट्रो ल में आ चुकी थी और अब बिना कुछ बोले

चुपचाप खड़ी हो गयी थी.

शर्मा ने अब उसके गाउन के आगे के हिस्से पर अपना हाथ फिराते हुए उसके गोल्डन बटनों

को देखते हुए कहा : यह तुमने अपने गाउन में इतने बड़े बड़े गोल्डन बटन क्यों लगा रखे हैं-

क्या तुम लोग गोल्ड तस्करी भी करते हो ?

रुबिका : नहीं सर, हम गोल्ड तस्करी नहीं करते हैं-यह बटन सोने के नहीं हैं- पीतल के हैं

शर्मा : अभी सब पता चल जाएगा, हमारे पास चेक करने का सारा इंतज़ाम है

यह कहकर शर्मा ने अपने टेबल की दराज़ में से एक कैंची निकाल ली और उस कैंची को

लेकर रुबिका के पास आ गया

शर्मा : तुम्हारे यह सारे बटन मुझे कैंची से काटकर गाउन से अलग

करने पड़ेंगे और उस मशीन में डालने पड़ेंगे ताकि यह टेस्ट हो सके की यह सोने के हैं या

पीतल के

यह कहते ही शर्मा ने उसके गाउन के बटन एक एक करके कैंची से निकालने शुरू कर दिए

ऊपर के दो बटन निकलते ही उसकी सफ़ेद रंग की ब्रा और उसके मस्त मम्मे शर्मा को नज़र

आने लगे.

कमरे के एक दुसरे कोने में खड़ा ज़ुबैर खान शर्मा के हाथों अपनी वाइफ के इस चीर हरण

को होते हुए देख रहा था -उसके खुद अपने हाथ बंधे हुए थे और वह पूरी तरह नंगा खड़ा

हुआ था

शर्मा ने उसके गाउन के सारे बटन अलग कर लिए थे और उन बटनों को लेकर वह टेबल पर

आ गया था.

रुबिका के गाउन से बटन होने के बाद वह उस गाउन को अपने दोनों हाथों से पकड़कर उसे

बंद करने का असफल प्रयास कर रही थी

शर्मा अपने खड़े लण्ड पर लगातार हाथ फिराए जा रहा था-रुबिका की मस्त जवानी का

नशा उसके सर पर चढ़कर बोल रहा था. उसने देखा की रुबिका अपने हाथों से अपने गाउन

को बंद कर रही थी और उसकी वजह से वह उसकी मस्त जवानी को ठीक से देख नहीं पा

रहा था

शर्मा अब रुबिका से कडककर बोला : चल अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो जा

रुबिका ने अपने दोनों हाथ जैसे ही ऊपर उठाये, हवा के झोंकेझों के से उसका गाउन उड़ने लगा

और ब्रा और पैंटी के अंदर कसा उसका गोरा और सेक्सी बदन शर्मा को दिखने लगा

शर्मा ने एक बार मुस्कराते हुए रुबिका की तरफ देखा और बोला

शर्मा : साली , एकदम मस्त माल है-आज तो बहुज मज़ा आने वाला है तेरे साथ .

चल अब जरा अपनी टाँगे खोलकर खड़ी हो जा

रुबिका ने अपनी टांगों को थोड़ा और चौड़ा करके खोल दिया

शर्मा ने कुछ देर रुबिका के मस्त बदन का जी भरकर दीदार किया और फिर अपने हाथ में

पकडे हुए रुबिका के गाउन से निकले बटनों को अलट पलटकर देखने लगा -शर्मा ने

महसूस किया कि जितने बड़े बड़े बटन थे, उसके हिसाब से उनका वजन काफी कम लग

रहा था. अचानक उसने देखा कि बटन को एक तरफ से हल्का सा दबाने पर वह खुल गया

था और उसके अंदर भी सफ़ेद रंग का पाउडर भरा हुआ था.

शर्मा ने खुला हुआ बटन रुबिका को दिखाते हुए कहा : देख ले अपनी आँखों से. तेरे बटनों

में भी ड्रग्स भरा हुआ है -अब तुम दोनों हस्बैंड वाइफ को कम से कम 20-20 साल की सख्त

सजा होने से कोई नहीं रोक सकता है

रुबिका रँगे हाथों पकडे जाने पर बहुत ज्यादा घबरा गयी. वह एकदम शर्मा के पैरों में गिरकर

उसके दोनों पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने लगी

रुबिका : सर हमसे गलती हो गयी. हमें इस बार छोड़ दो.

आगे से हम लोग ऐसा कभी नहीं करेंगे.

शर्मा का लण्ड कड़क होकर एकदम पत्थर की तरह सख्त हो चुका था. बेहद

गोरी,खूबसूरत,सेक्सी और हॉट आइटम रुबिका उसके पैरो में गिरकर गिड़गिड़ा रही थी.

शर्मा ने भी इस सुनहरी मौके का पूरा फायदा उठाने का मन बना लिया था

उसने रुबिका से कहा

शर्मा : चल मेरे जूते खोल

रुबिका शर्मा के जूतों के फीते खोलने लगी

जूते खोलने के बाद शर्मा उससे बोला : मोज़े भी उतार

रुबिका ने शर्मा के पैरों से मोज़े भी उतार दिए

शर्मा : अब मेरे पैरों की मालिश कर

रुबिका अपने हाथों को शर्मा के पैरों पर फिरा फिराकर उनकी मालिश करने लगी

शर्मा : पैरों की मालिश हाथों से नहीं अपनी जीभ से कर

लगभग पांच मिनट तक शर्मा ने अपने पैरों को और पैरों के तलवों को रुबिका से चटवाया

और फिर उससे बोला : चल अब खड़ी होकर अपने बाकी के सारे कपडे भी उतार दे

रुबिका ने जितनी देर में अपना गाउन,पैंटी और ब्रा उतारी, उतनी देर में शर्मा ने अपनी पैंट

और अंडराजयर नीचे खिसका लिया था और उसका काला लम्बा लण्ड एकदम तनकर बाहर

आ गया था

शर्मा : चल रंडी, फिर से नीचे बैठ और मेरे इस लण्ड को अपने मुंह में लेकर मेरी सेवा कर.

रुबिका बेबस थी. वह नीचे घुटनो के बल बैठ गयी और शर्मा के लण्ड को अपने मुंह में लेकर

उस पर अपनी जीभ फिराने लगी

शेष अगले भाग में

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कमरे के दूसरे कोने में नंगा खड़ा ज़ुबैर खान बेबस होकर यह देख रहा था कि उसकी

खूबसूरत, जवान और सेक्सी वाइफ पूरी तरह से निर्वस्त्र होकर कस्टम अफसर शर्मा का

लण्ड चूस रही है।

हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह कुर्सी पर बैठा ज़ुबैर खान की तरफ देख देखकर हल्के हल्के

मुस्करा रहा था। उसने अपने हाथ मे एक डंडा पकड़ा हुआ था जिसे वह बीच बीच मे ज़ुबैर

खान के नितंबों पर जोर जोर से मार मार कर अपना लंड सहलाये जा रहा था

ज़ुबैर खान डंडे की मार से एकदम उछल उछल कर चिल्ला रहा था : प्लीज़ और मत मारो

मुझे बहुत दर्द होता है। आप जो कहोगे मैं सब करने के लिये तैयार हूं। बस अब और मत मारो

प्लीज़।

अर्जुन सिंह : चल इधर आ और मेरी टाँगों के बीच बैठकर उसी तरह मेरा लण्ड चूस जैसे तेरी

वाइफ शर्मा सर का चूस रही है।

ज़ुबैर खान बेबस था। वह जमीन पर बैठ गया और अर्जुन सिंह ने अपना लण्ड उसके मुंह मे

डाल कर कहा : अब ठीक से इसे चूसता रह।

इधर ज़ुबैर खान अर्जुन को मौज करा रहा था, उधर रुबिका का मुख मैथुन शर्मा बड़ी

मस्ती के साथ कर रहा था। उसने अपनी पैंट में से चमड़े की बेल्ट निकालकर अपने हाथ मे

ले ली थी और उसे वह बीच बीच में रुबिका के मस्त बदन पर जोर जोर से यह कहते हुए मार

रहा था : ठीक से चूस रंडी। आज से पहले क्या कभी किसी का लण्ड नही चूसा है तूने ?

बेल्ट के स्ट्रो क लगते ही रुबिका उछल उछल कर शर्मा का लण्ड चूस रही थी। अचानक ही

शर्मा ने अपने लंड की पिचकारी जोर से रुबिका के मुंह मे छोड़ दी। उसके लंड से इतना

ज्यादा वीर्य निकला कि रुबिका की लाख कोशिश के बाद भी काफी वीर्य रुबिका के मुंह से

बाहर निकल कर शर्मा के लण्ड के नीचे के भाग और जांघों के अंदरूनी हिस्से पर छलक

गया।

शर्मा ने अपनी पूरी तसल्ली के बाद रुबिका से अपने लंड को साफ करवाया और फिर बोला

: देख साली, तूने मेरे सारे अंगों पर वीर्य डालकर उन्हें गंदा कर दिया। अब जरा इस सब को

भी अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ कर।

रुबिका अब शर्मा के लण्ड के निचले हिस्सो और उसके अंडकोषों को चाटने लगी। शर्मा के

बाल भी उसे साफ करने पड़ रहे थे क्योंकि वीर्य उसके बालों में भी चिपक गया था। इसके

बाद उसने शर्मा की जांघों के अंदरूनी हिस्से को भी अपनी जीभ से चाट कर साफ किया।

अपनी सफाई ठीक से करवाने के बाद शर्मा उठकर वाशरूम जाने लगा और जाते जाते

अर्जुन सिंह से बोला : अर्जुन देख ले मस्त माल है। तू भी चख कर देख ले।

यह कहकर शर्मा वाशरूम चला गया

अर्जुन अपनी कुर्सी से उठकर रुबिका के पास आ गया और उसके मस्त नितंबों पर जोर से

डंडा मारते हुए बोला : चल उठकर मेरे पास आकर बैठ और मुझे भी खुश कर

शेष अगले भाग में

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रुबिका उठकर अर्जुन सिंह के पास जाकर खड़ी हो गयी

अर्जुन सिंह ने कुर्सी पर बैठे बैठे अपने खड़े लण्ड पर हाथ फिराते हुए ज़ुबैर खान की तरफ

मुस्कुराते हुए देखा और बोला : अब तेरी सेक्सी वाइफ तेरे सामने ही मेरा लण्ड अपने मुंह में

लेकर चूसेगी

ज़ुबैर खान ने शर्म और ज़लालत से बचने के लिए अपनी दोनों आँखें बंद कर लीं लेकिन

अर्जुन सिंह ने एक जोर का डंडा उसके नितम्बो पर लगाते हुए कहा : आँखे खोलकर देख कि

मैं तेरी इस चिकनी वाइफ से कैसे कैसे मज़े ले रहा हूँ

ज़ुबैर खान ने अब अपनी आँखें खोल लीं और नज़रे झुकाकर अपनी वाइफ रुबिका को

देखने लगा

रुबिका पूरी तरह निर्वस्त्र थी. उसका गोरा चिकना बदन, मस्त मस्त मम्मे, केले जैसी चिकनी

जांघें और सुडौल नितम्बों को देखकर अर्जुन सिंह एकदम बौरा सा गया था

उसने रुबिका से कड़क आवाज़ में कहा : इधर आ मेरे नज़दीक साली

रुबिका अर्जुन सिंह के एकदम नज़दीक आ गयी

अर्जुन सिंह ने रुबिका के चिकने पेट पर हाथ फिराते हुए ज़ुबैर खान की तरफ देखा और

हंसकर बोला : रंडी, 37 साल की उम्र में भी 25 साल की लौंडिलौं या लग रही है-एकदम मस्त

माल है

अर्जुन के हाथ रुबिका के पूरे बदन पर घूम रहे थे. काफी देर तक वह रुबिका के सीने की

मस्त मस्त गोलाइओं को दबाता सहलाता रहा -इसके बाद उसने रुबिका की चिकनी जाँघों

को सहलाते हुए उसकी चूत को भी दबाना सहलाना शुरू कर दिया’’

इस सारे सेक्सी तमाशे को देखकर अर्जुन सिंह के साथ साथ ज़ुबैर खान का भी लण्ड

एकदम खड़ा हो गया था लेकिन ज़ुबैर खान के हाथ हथकड़ी से बंधे हुए थे और वह पूरी

तरह से बेबस होकर अपनी वाइफ के इस चीरहरण को देख रहा था

अर्जुन अब रुबिका से बोला : चल अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो जा

रुबिका ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

अर्जुन अपनी कुर्सी से उठा और अपने डंडे से एक साथ चार पांच स्ट्रो क रुबिका के मस्त

मस्त नितम्बों पर जड़ दिए

अपने नितम्बों पर अचानक पड़े डंडों की मार से रुबिका एकदम उछल उछल कर चिल्लाने

और गिड़गिड़ाने लगी : प्लीज़ मुझे और मत मारो-आप जो कहोगे, वह मैं करने के लिए तैयार

हूँ.

अर्जुन सिंह हँसते हुए कुर्सी पर जाकर बैठ गया और उससे पूछने लगा : बता क्या क्या करने

के लिए तू तैयार है ?

रुबिका : जो आप कहेंगे, वह मैं करुँगी

अर्जुन : आ इधर आकर मेरी टांगों के बीच घुटनो के बल बैठ और मेरे लण्ड को अपने मुंह में

लेकर मेरी मौज़ करा दे

जैसे ही रुबिका अर्जुन की पैंट की ज़िप खोलने लगी, शर्मा भी वाशरूम से बाहर आ गया

और रुबिका के नज़दीक आकर अपनी बेल्ट का स्ट्रो क उसके नितम्बों पर मारते हुए बोला :

घोड़ी बन जा साली

रुबिका अपने दोनों हाथों और दोनों पैरों के बल घोड़ी बनकर खड़ी हो गयी लेकिन अभी तक

वह अर्जुन की पैंट की ज़िप नहीं खोल पायी थी क्योंकि इससे पहले कि वह ज़िप खोल

पाती,शर्मा ने उसे घोड़ी बना दिया था.

रुबिका के दोनों गालों पर अर्जुन ने चपत मारकर कहा : साली , खोल मेरी ज़िप और निकाल

मेरा लण्ड

इस बीच शर्मा कुर्सी लेकर रुबिका के पीछे उसके नितम्बों के पास बैठ गया था -उसने

रुबिका के दोनों नितम्बों को थपथपाते हुए उसके पैर खुलवाए और अपने लण्ड को उसके

दोनों नितम्बों के बीच में घुसेड़ दिया

अर्जुन सिंह ने अब तक अपने लण्ड को खुद ही बाहर निकलकर उसके मुंह में डाल दिया था

दोनों मिलकर रुबिका को आगे पीछे से पेले जा रहे थे - रुबिका की इतनी दुर्गति आज से

पहले कभी नहीं हुई थी.

काफी देर बाद दोनों ने अपनी पूरी तसल्ली के बाद उसे छोड़ा और कहा : चलो अब तुम दोनों

अपने अपने कपडे पहन लो- अब आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी

ज़ुबैर खान की हथकड़ी भी अर्जुन सिंह ने खोल दी -दोनों ने फटाफट अपने अपने कपडे

पहन लिए और अब शर्मा और अर्जुन से गिड़गिड़ाते हुए कहने लगे : सर हम पर कोई

कानूनी कार्यवाही मत करो- हमआपके लिए सब कुछ करने के लिए तैयार हैं

शर्मा : ठीक है, तुम लोगों के पास से आज जो कुछ भी ड्रग्स बरामद हुआ है, मैं उसका

पंचनामा बनाकर उस पर तुम लोगों के दस्तखत करवा लेता हूँ. इसके हिसाब से तुम लोगों

को कम से कम बीस बीस साल की जेल होगी.

अगर तुम दोनों अगले बीस सालों तक मेरे सेक्स स्लेव बनकर रहने ले लिए तैयार हो तो मैं यह

पंचनामा अपने पास ही रखूँगा- जिस दिन तुम लोगों ने मेरी कोई भी बात नहीं मानी तो इस

पंचनामे का इस्तेमाल करके तुम दोनों को जेल में डाल दिया जाएगा

अर्जुन : बोलो, मंजूर है, तुम दोनों को ?

रुबिका और ज़ुबैर एक साथ बोले : जी सर, हमें सब मंजूर है

शर्मा : ठीक से बता चिकनी, तू क्या समझी और तुझे क्या मंजूर है

रुबिका : हम अगले बीस सालों तक आपके सेक्स स्लेव बनकर रहेंगे और आपकी हर बात

को मानेंगे

शर्मा : वैरी गुड़ | वैसे तुम लोगों की यह फिल्म भी मेरे पास ही रहेगी और इसे मैं जब

चाहूँ जैसे चाहूँ, इस्तेमाल कर सकता हूँ. इसलिए ज्यादा होशियारी करने की जरूरत नहीं है

ज़ुबैर : नहीं साहब, हम तो आपके खरीदे हुए गुलाम की तरह ही रहेंगे-बस हमें जेल जाने

से बचा लो

इसके बाद वीडियो ख़त्म हो गयी थी

परवेज़ और वसीम दोनों हक्के बक्के होकर एक दूसरे की तरफ देखने लगे

वसीम : परवेज़ भाई, यह तो बड़ा सीरियस मामला है-हमें तो आज ही पता चला

परवेज़ : हाँ भाई, लेकिन यह वीडियो राज के पास कहाँ से आया ? क्या उस कस्टम अफसर

ने यह वीडियो लीक कर दिया है , फिर तो हमारी बड़ी बदनामी हो जायगी

यह सब बातें करते करते दोनों बोले : अब जरा शाज़िया के पास चलकर पूछते हैं कि राज के

पास यह वीडियो कहाँ से आया

दोनों कमरा खोलकर शाज़िया के पास आ गए और उससे यही सवाल करने लगे

शाज़िया : कस्टम अफसर शर्मा वर्मा, राज वर्मा के मामा हैं-वह बता रहा था कि उसने अपने

मामा के यहां एक दिन उनके लैपटॉप पर यह वीडियो देखा था और उनकी गैर हाज़िरी में

उसे चुपचाप पेन ड्रा इव में लेकर आ गया था. उसके मामा के पास ऐसे और भी कई वीडियो

हैं, जिनके बल पर वह शहर की अन्य लड़कियों को भी अपनी सेक्स स्लेव बनाकर ब्लैकमेल

करते रहते हैं. राज मुझसे बोला कि वह मुझे अपनी सेक्स स्लेव बनाना चाहता है, और अगर

मैंने उसकी बात नहीं मानी तो वह इस वीडियो को पूरे शहर में वायरल कर देगा

परवेज़ : हाँ, समझ आ गया सब. जैसा हरामी इसका मामा है, वैसा ही हरामी यह भांजा है-

सब साले ब्लैकमेल करके खूबसूरत लौंडिलौं यों को फंसाते रहते हैं.

वसीम : वह सब तो ठीक है भाई, लेकिन यह बताओ कि आगे का क्या प्लान है ?

परवेज़ : मुझे थोड़ा सोचने का समय दो. आज शाम को बैठकर हम इस समस्या से बाहर

निकलने का कोई प्लान जरूर बना लेंगे

शेष अगले भाग में

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