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Adultery माशूका बनी दोस्त की बीवी

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Guest
माशूका बनी दोस्त की बीवी

मेरा यह मानना है कि आदमी चाहे कितना ही शरीफ क्यों न हो, अगर औरत चाहे तो उसे बिगाड़ सकती है।

कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ।

मेरी शादी के तीन साल बाद मेरे एक बेटा हुआ और मेरी बीवी रोमा का सेक्स में रुझान कम हो गया।

मैं छब्बीस साल का गोरा चिट्टा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाला आकर्षक व्यक्तित्व का नौजवान हूँ, मुझे सेक्स का बहुत शौक है पर अब बीवी साथ नहीं देती तो मुठ से काम चलाना पड़ता था।

मैं अंग्रेजी नोवल पढ़ता और एडल्ट मूवीज बहुत देखता था।

मेरे एक बड़े भाई जैसे दोस्त थे विकास, उनकी पत्नी नीता… दोनों बहुत मस्त प्रकृति के थे और मुझसे बहुत प्रेम रखते थे।

उन दोनों की शादी जल्दी हुई थी और बच्चा भी तुरंत ही हो गया था।

उनकी कोठी अगली कॉलोनी में ही थी और वो अपने माँ-पिताजी के साथ रहते थे।

उनके माँ-पिताजी को मैं चाची-चाचा कहता था, वो लोग नीचे रहते थे और विकास – नीता का कमरा ऊपर था।

विकास के एक ही लड़का था वो भी नैनीताल मैं हॉस्टल में पढ़ता था।

विकास शाम को अपने व्यापार से सात बजे तक आ जाते थे और आधा घंटा नीचे माँ-पिताजी के साथ बैठकर फिर ऊपर चले जाते थे। कहीं जाना हो तो अलग बात है वर्ना फिर वो अगले दिन सुबह ही नीचे आते थे।

खाना भी उनका नौकर ऊपर ही लाता था।

मैं महीने में 4-5 बार तो खाना उनके घर ही खाता था। रोमा ने कभी इस पर एतराज भी नहीं किया।

इधर कुछ दिनों से मैं महसूस कर रहा था कि विकास, नीता मुझसे कुछ ज्यादा ही खुल गए हैं। मैं नीता को भाभी कहता था मगर अब उन्होंने मुझसे जबरदस्ती अपना नाम लेने को ही कहा, मुझे भी कोई दिक्कत नहीं लगी क्योंकि मेरी और नीता की उम्र बराबर ही थी।

हाँ, विकास को मैं विकास भाई कहता था, वो थे भी मुझसे 4 साल बड़े!

रात को इन दिनों नीता ने कुछ ज्यादा ही सेक्सी नाईट ड्रेस पहननी शुरू कर दी थी।

एक शाम को जब में चाचा-चाची के पास बैठा था विकास ने ऊपर से मुझे आवाज देकर बुलाया और मुझसे रात को खाना खाकर ही जाने के लिए कहा।

मैंने कहा- नहीं, घर पर खाना बन चुका होगा।

तो चाची बोली- कोई बात नहीं, रोमा को कह देना कि चाची ने कहा था।

मैं कुछ नहीं कह पाया, थोड़ी देर बाद ऊपर चला गया।
 
गर्मी के दिन थे पर विकास का कमरा आज ए सी से खूब ठंडा हो रहा था और मोगरा की खुशबू से महक रहा था।

पता चला कि आज नीता की बर्थडे है, नीता बाथरूम में थी।

मैंने विकास से कहा- भाई मैं अभी आता हूँ, नीता के लिए एक गिफ्ट ले आऊँ!

विकास हंस कर बोले- तू खुद ही आज गिफ्ट बन जा!

मैं कुछ समझा नहीं और हंस कर कह दिया- मैं तो आप ही लोगों का हूँ।

नौकर रामू खाना रख गया।

विकास ने नीता को आवाज दी, संभवतः वह रामू के जाने का ही इन्तजार कर रही होंगी बाहर आने के लिए!

वो ही हुआ, विकास के आवाज देने के बाद ही नीता बाथरूम से बाहर आई!

क्या ग़जब की खूबसूरत लग रही थी, लाल रंग की मिनी नाईटी पहने हुए थी वो… होठों पर लाल लिपस्टिक थी, हाथों में लाल रंग की ही नेल पॉलिश लगा रखी थी और स्लीपर भी उन्होंने लाल ही पहने थे।

मैंने होश खोते हुए उनसे हाथ मिलाते हुए हैप्पी बर्थडे कहा।

हाथ छूते ही लगा कि करंट लग गया हो… जिन्दगी में पहली बार मैंने उन्हें छूआ था पर उन्होंने तो कमाल ही कर दिया। नीता ने थैंक्स कहते हुए मुझे चूम लिया था।

हालाँकि उनकी इस हरकत को विकास ने नहीं देखा।

खाना खाकर विकास ने रामू को आवाज दी बर्तन ले जाने के लिए, नीता बाथरूम में चली गई, मैं भी उनको स्वीट ड्रीम्स बोलकर वापस घर जाने के लिए खड़ा हुआ तो विकास बोले- थोड़ी देर में चले जाना!

उनके कहने पर नीता ने रोमा को फोन कर के कह दिया कि मैंने उनके घर खाना खा लिया है और मैं देर से घर आऊँगा।

हम लोग बिस्तर पर अधलेटे होकर टीवी पर सीडी देख रहे थे, विकास ने कोई इंगलिश रोमांटिक मूवी लगा दी थी। जो पार्ट हम लोग देख रहे थे उसमे फ्रेंच किस सीन, जिसमें जोड़े होठों से होंठ मिलाये देर तक रहते हैं, ज्यादा थे।

हम लोग इस तरह से लेट कर टीवी देख रहे थे कि मेरी पीठ विकास की ओर थी और विकास की पीठ नीता की ओर थी।

मूवी देख कर हम सभी गर्म हो रहे थे। नीता कब विकास से चिपक गई, मुझे पता ही नहीं चला।

मुझे जब स्मूच की आहट हुई तब बिना मुड़े मैंने यह अंदाज़ कर लिया कि विकास नीता फ्रेंच किस कर रहे हैं।

मगर ये मेरी उपस्थिति में क्यों इतने बेताब हो रहे हैं, यह मैं उस समय नहीं समझ पा रहा था।

मेरा सिर विकास की छाती से टिका था और मुझे अब यह एहसास हो रहा था कि नीता अपना हाथ विकास की छाती पर ले आई है और विकास के निप्पल पर अपनी उँगलियाँ घुमा रही है।

उसकी इस हरक़त से निश्चित रूप से विकास का खड़ा हो गया होगा और इस विचार से मेरा भी खड़ा हो गया था

बड़ी अजीब स्थिति थी… न तो मैं पीछे देख पा रहा था और न ही घर जा पा रहा था।

अचानक विकास यह कह कर उठा कि नीचे झांक आऊँ और बाहर जाकर वापस आ गया और नीता को आगे मेरी ओर धकेल कर खुद उसके पीछे लेट गया।

अब नीता बीच में थी।

विकास ने बदमाशी में नीता को पीछे से धकेला तो नीता बिल्कुल मुझसे चिपक गई।

विकास ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और नीता का हाथ मेरे ऊपर रख दिया और मुझसे बोला- तू तो आज नीता का बर्थडे गिफ्ट है तो झिझक क्यों रहा है?

अब मैं भी मस्ती के मूड में आ चुका था तो बोला- नहीं, मैं तो नहीं झिझक रहा पर जिसका गिफ्ट है उसकी जो मर्जी हो, वो अपने गिफ्ट से कर सकती है।

विकास ने नीता से कहा- अपना गिफ्ट अनरैप कर लो!

नीता शरमाई पर विकास ने उसे फिर उकसाया तो उसने अपना हाथ मेरी छाती पर रख दिया और मेरे निप्पल पर अपनी उंगलियाँ गोल गोल घुमाने लगी।

अब तो मेरी गांड फट चुकी थी और लंड बगावत कर बाहर आने को तैयार था।

मुझे फच फच की आवाज आने लगी तो मैं समझ गया कि विकास ने अपनी उंगली नीता की चूत में कर दी है।
 
मैंने भी सर घुमाकर नीता के होठों को अपने होठों से मिला लिया।

अब पागल होने की बारी नीता की थी, एक तो विकास ने उसकी चूत को मस्त कर दिया था और अब होठों की गर्मी उसकी कामाग्नि भड़का रही थी। वो पागलों की तरह मुझसे लिपट गई और मेरे पूरे चेहरे को चूमने चाटने लगी।

मैंने भी एक हाथ से उसके मम्मे दबाने शुरू कर दिये थे।

तभी मुझे एहसास हुआ कि जो कुछ हो रहा है, यह गलत है।

मैं एक झटके में नीता को अपने से अलग करके खड़ा हुआ और कमरे से बाहर आ गया।

पीछे से विकास ने धीरे से आवाज दी तो मैंने कोई जबाब न देते हुए सीधे सीढ़ियों पर से नीचे आ गया और अपने घर की ओर चल दिया।

घर आकर रोमा ने मुझसे पूछा- आजकल नीता भाभी तुम्हें रोज दावत देती हैं, मैंने उनसे कह दिया है कि मुझे भी कभी कभी दावत दिया करें!

मैं कामाग्नि में जल रहा था और मन में पश्चाताप भी था कि आज तो बहुत कुछ गलत हो गया, पता नहीं अब विकास मुझे कभी घर आने देंगे या नहीं?

कभी रोमा को पता चल गया तो?

मैं नहा कर चुपचाप बिस्तर पर लेट गया।

रोमा को भी यह एहसास था कि हमारी सेक्स लाइफ नीरस हो गई है इसलिए आज उसने भी हल्का सा मेकअप किया और एक झीनी सी नाइटी पहन कर बिस्तर पर आई और आते ही मुझसे चिपक कर मुझे चूमने लगी।

उस रात हम लोगों ने बहुत दिनों के बाद सेक्स का आनन्द लिया।

विकास और नीता भाभी के घर से लौट कर आया तो रोमा ने मुझे उत्तेजित करके सेक्स किया।

अगले दिन विकास दोपहर को मेरी फैक्ट्री आये और बोले- चल ठण्डा पिला!

मैंने फ्रिज से बोतल निकाल कर उसे दो गिलासों में करी।

ठंडा पीते पीते मैंने उनको सॉरी बोला।

विकास हंसकर बोले- सॉरी तो तुझे बोलना चाहिए पर नीता को जिसका बर्थडे तूने ख़राब कर दिया।

वो बोले- चाहे फिर कभी नहीं मानता, पर कल तो तुझे नीता को किसी बात के लिए मना नहीं करना चाहिए था।

मैंने विकास को बोला- आप मेरी ओर से भाभी को सॉरी बोल देना!

विकास बोले- गलती तूने की है, सॉरी तुझे खुद घर आकर बोलनी होगी।

मेरी हिम्मत नहीं पड़ रही थी, घर आने की तो विकास ने अपने मोबाइल से नीता का नंबर मिलाया और बोले- ले सनी से बात कर ले!

नीता ने मुझसे फ़ोन पर चुम्बन करते हुए कहा- जो कुछ हुआ, वो सबकी मर्जी से हुआ… उसे भूल जाओ और आज घर आ जाना!

मैं शाम को फैक्ट्री से घर जल्दी आ गया और रोमा को झूठ बोल कर कि मुझे किसी पार्टी के साथ फैक्ट्री पर ही डिनर करने जाना है, नहा धोकर निकल लिया।

घर से निकला ही था कि विकास का फ़ोन आ गया- कितनी देर में आ रहा है?

मैंने कहा- तुम लोग खाना खा लो, मैं रात को आऊँगा, जब तुम फ्री हो जाओ तो मुझे फोन कर देना!

जब आदमी बेईमानी पर आता है तो वो बहुत प्लानिंग करता है, मैंने होटल से खाना पैक कराया, फैक्ट्री जाकर खाना खाया।

तभी विकास का फ़ोन आ गया।

अब मेरे पास यदि रोमा शक करती या कुछ पूछती तो होटल का बिल भी था और विकास के घर जाने का बहाना भी था कि विकास ने फ़ोन करके बुलाया था।

मैं रात को नौ बजे करीब विकास के घर पहुँचा, विकास ने मेन गेट खोला और मुझे अन्दर करके बंद कर दिया।

चाचाजी चाचीजी अपने कमरे में सोने की तैयारी में होंगे, हम दबे पाँव ऊपर आये।

नीता भाभी ने आज काले रंग की स्लीवलेस मिडी पहन रखी थी और गोरी होने से उसके ऊपर खूब फब रही थी।

नीता की आँखें नशीली हो रही थी।

विकास ने मुझसे कहा कि मैंने नीता को उसके बर्थडे पर रुलाया है, इसलिए अब मैं ही उसे खुश करूँगा।

मैंने नीता के पास जाकर सॉरी बोला तो उसने मेरे बाल पकड़कर मुझे अपनी ओर खींचा और होठों से होंठ मिला दिये।

मुझे लगा कि शायद यही सही है तो मैंने कुछ एतराज नहीं किया और नीता के सर के पीछे दोनों हाथ ले जाकर उसे अपनी ओर भींच लिया और अपनी जीभ उसके मुंह के अन्दर कर के उसकी जीभ को चूसने लगा।

वो पागलों भी की तरह मेरी जीभ को अपनी जीभ से चूस रही थी।
 
अब अचानक ही मेरा एक हाथ उसके मम्मों पर आ गया और उसका एक हाथ मेरे लंड को टटोल रहा था।

अचानक ही विकास की आवाज़ आई- अरे भाई हमें भी शामिल कर लो बर्थडे पार्टी में!

सच में हम दोनों को ही झटका लगा… वाकयी हम तो यह भूल ही गए थे कि कमरे में विकास भी है।

पर नीता बहुत प्रैक्टिकल निकली, उसने विकास को भी खींचा और अब उसके होंठ विकास के होंठों से मिल चुके थे और उसके एक हाथ में मेरा और दूसरे हाथ में विकास का लंड था।

मैं भी थोड़ा झुककर उसकी मिडी के ऊपर से ही उसके मम्मे चूस रहा था।

यह देख विकास ने उसकी मिडी उठाकर उसकी चूत में अपनी उंगली कर दी थी।

दो मिनट के बाद ही नीता ने हम दोनों को धक्का देकर अलग कर दिया और नीचे बैठकर कभी मेरा कभी विकास का लंड चूसने लगी। उसका चूसने का स्टाइल ऐसा ग़जब था जैसे वो चूस कर अंदर का माल निकालना चाहती हो।

विकास और मेरे दोनों के लंड पूरे तने हुए थे। भाभी शिश्न की खाल को अपने हाथ से आगे पीछे कर के पूरी उत्तेजना पैदा कर रही थी।

विकास ने थोड़ा झुक कर नीता की मिडी ऊपर खींच कर उतार दी।

हम लोगों ने भी अपने पूरे कपड़े उतार दिये।

अब हम तीनों बिल्कुल नंगे थे।

नीता खड़ी हुई और हम दोनों के हाथ पकड़कर बेड तक ले गई, वो बीच में लेटी, उसकी एक ओर मैं और दूसरी ओर विकास था।

उसने अपने हाथों में हम दोनों के लंड ले लिए, मैं उसके होंठों से चिपक गया, मेरे हाथ उसके चेहरे को मजबूती से अपनी ओर भींचे हुए थे।

विकास को कुछ और समझ में नहीं आया तो वो नीता से अपना लंड छुड़ाकर उसकी चूत को चूसने लगा।

नीता की चूत तो पहले ही पानी छोड़ चुकी थी।

विकास ने अपनी जीभ उसकी चूत में पूरी अन्दर कर रखी थी और उसने उसकी चूत में अपने मुँह से खूब सारा थूक भी वहाँ डाला हुआ था जो बहकर नीता की गांड तक आ रहा था।

विकास के चूमने चाटने से नीता की आग बहुत भड़क उठी थी।

अब मैं भी उसके होंठ छोड़कर उसके मम्मे चूस रहा था। नीता के मम्मे मांसल और गोरे थे और उसकी निप्पल भी उठी हुई थी। निप्पल के चारों ओर भूरे रंग की गोलाई थी, कुल मिलकर हूरों जैसा रूप था नीता का…

शायद किसी के लिए भी उसके नजदीक आना एक नसीब की बात थी और ऐसे हुस्न की मलिका आज नंगी मेरी बाँहों में थी।

विकास ने चूत चूसते चूसते अपनी एक उंगली नीता की गांड में कर दी, नीता हल्का सा चीखी!

तभी मैंने उसके निप्पल पर दातों से काटा था, मुझे लगा कि नीता मेरे काटने से चीखी है तो मैंने अपने होंठों से उसका मुँह सिल दिया। विकास ने भी अपनी जीभ की स्पीड और बढ़ा दी।
 
नीता ने मेरे कान में फुसफुसा कर कहा- अन्दर आ जाओ!

मैं वहाँ से हटा तो विकास को भी हटना पड़ा और विकास एक बार बेड से नीचे उतरा।

मैंने मौका साफ़ देखा तो नीता की टांगों के बीच में आ गया और धीरे से उसके ऊपर आ गया, नीता ने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के ऊपर रख दिया।

मैंने भी अपने लंड का दवाब नीता की चूत पर डाला और धीरे से उसकी चूत के अन्दर किया। चूंकि नीता की चूत को विकास पहले ही चिकना किये हुए था, इसलिए नीता को एक नए लंड से कोई दिक्कत नहीं हुई।

नीता भाभी और मेरे लिए अपने साथी के अलावा किसी अन्य से सम्भोग करने का पहला अवसर था इसलिए आग पूरी लगी हुई थी, दो जिस्म एक होने को बेक़रार थे, हम भूल चुके थे कि विकास कमरे में ही है।

नीता ने अपनी बाहें मेरी गर्दन में डालकर मुझे झुका लिया था और मैं भी अपना लंड पूरा अन्दर कर चुका था। नीता की कामाग्नि भड़क चुकी थी, वो मेरे लंड को और गहराई से अन्दर करना चाह रही थी।

मैंने धक्के देने शुरू किया… अब नीता की सीत्कारें निकलने लगी, वो हाँफ रही थी और कह रही थी- सनी और अन्दर करो… जोर से करो, और तेज करो प्लीज सनी… मुझे पूरा मजा दो… आज फाड़ दो मेरी चूत को!

मैंने भी पूरा जोर लगा कर अपनी स्पीड बढ़ा रखी थी।

अब विकास भी अब बेड पर पर नीता के सर के पास आ गया था, नीता ने हाथ बढ़ाकर विकास का लंड अपने मुँह में ले लिया।

विकास मुझे देखकर मुस्कुराया, मैंने अपने हाथ से विकास का हाथ पकड़ा।

तभी मुझे लगा कि मैं छूटने ही वाला हूँ, मैंने कहा- नीता भाभी, मैं आने वाला हूँ कहाँ निकालूँ?

नीता ने मुझे भींचते हुए कहा- बाहर मत निकालना!

मैं दो-चार धक्कों में ही आ गया, मैंने अपना सारा माल नीता भाभी की चिकनी चूत में डाल दिया और साफ़ करने के लिए उठने की कोशिश की पर नीता ने मुझे जकड़ लिया, बोली- कहीं मत जाओ, ऐसे ही पड़े रहो!

मगर मुझे लगा कि अभी विकास का तो हुआ नहीं है इसलिए मैं जोर देकर उठ गया और बाथरूम की ओर चल दिया।

दो-चार धक्कों में ही मैंने अपना सारा माल नीता भाभी की चिकनी चूत में डाल दिया और साफ़ करने के लिए बाथरूम की ओर चल दिया।

बाथरूम से धोकर साफ़ करके आया तो देखा कि विकास नीता को कुतिया बना कर चोद रहा है, वो उसके ऊपर चढ़ा हुआ था और नीता की चुदाई कर रहा था।

वो अपने एक हाथ से नीता के मम्मे भी मसल रहा था।

कुछ ही देर में विकास भी आ गया और नीता वहीं बिस्तर पर पेट के बल निढाल होकर लेट गई… विकास बाथरूम की ओर चल दिया।
 
अब मुझे भी घर जाना था, मैंने कपड़े पहने, बिस्तर पर लेटी नीता को चुम्बन किया और विकास से नीचे दरवाजा खोलने को कहा और दबे पाँव नीचे आ गया।

अगले दिन 11 बजे नीता का फोन आया, एक लम्बे किस के बाद उसने मुझे थैंक्स बोला।

मैंने उससे पूछा कि वो इतनी खूबसूरत है और विकास भी बहुत सेक्सी है… फिर मुझे बीच में क्यों घुसा लिया?

नीता ने बताया कि पता नहीं क्यों पर मैं उसे बहुत अच्छा लगता हूँ। सेक्स के दौरान नीता और विकास ने पाया कि अगर वो किसी तीसरे का नाम लेते हैं तो उन्हें सेक्स में ज्यादा मजा आता है।

विकास उस दौरान नीता की चचेरी बहन जो नीता की ही हमउम्र और गठीले बदन की है, का नाम लेता था और नीता मेरा नाम लेती थी।

नीता ने बताया कि उसकी चचेरी बहन कावेरी तो फिलहाल नीता की पकड़ में नहीं आ रही थी विकास के लिए, हालाँकि नीता और कावेरी आपस में बहुत खुले हुए हैं और एडल्ट जोक्स खूब शेयर करतें हैं और एक दो बार एक बिस्तर पर दोनों ने एक दूसरे के मम्मे दबाये और चूत में उंगली की है। पर यह कहने की कि कावेरी विकास से चुदा ले, अभी तक नीता की हिम्मत नहीं हो पाई है।

हाँ पर जब नीता मेरा नाम लेती थी तो विकास की चोदने की स्पीड बढ़ जाती थी और पिछले दिनों एक बार विकास ने नीता से पूछ ही लिया था कि अगर वो मुझसे नीता को चुदा दे तो क्या नीता कावेरी को विकास से चुदने के लिए मना लेगी।

इस पर नीता ने विकास को कहा था कि वादा तो नहीं है पर अगले महीने कावेरी 2-3 दिनों के लिए यहाँ आएगी, उस दौरान नीता पूरी कोशिश करेगी कि कावेरी विकास से चुद जाए।

नीता के बर्थडे वाले दिन जब मैं अचानक वापस आ गया तो नीता बहुत घबरा गई थी कि चुदाई भी हुई नहीं और बात भी खुल गई कि नीता मुझमें इंटरेस्ट रखती है।

तब उसने विकास को कहा था कि बस एक बार विकास मुझे घर बुला लाये, बाकी नीता खुद सम्भाल लेगी।

नीता ने मुझसे पूछा- सच बताना तुम्हें कैसा लगा?

मैंने कहा- मुझे तो अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि नीता जितनी प्यारी और ख़ूबसूरत लड़की मेरे साथ बिस्तर पर थी, वो भी अपने पति की मौजूदगी में!

नीता ने कहा कि उसे मेरे बात करने का और सलीके में रहने का स्टाइल बहुत पसंद था, पर अब उसे मेरा सेक्स करने का स्टाइल भी बहुत पसंद है।

उसने मेरे लंड का नाम ‘चैम्प’ रखा और मैंने उसकी चूत का नाम ‘परी’ रखा।

हमने अपने सेक्स का नाम ‘मस्ती’ रखा।

कुल मिलकर हमारे बीच अब एक नया रिश्ता जुड़ चुका था जिसमें रोमा और विकास कहीं नहीं थे।

नीता बोली कि मर्द कुछ भी बोले पर शक्की बहुत होता है। नीता ने बताया कि विकास को आज सुबह लग रहा था कि कहीं नीता मुझसे जुड़ तो नहीं गई है इसलिए अब वो मुझे फोन विकास से छिप कर करेगी, रोज ठीक 11 बजे, क्योंकि 11 बजे विकास दुकान जाता है और अगले एक घंटा उसे फुर्सत नहीं मिलती।

इसलिए नीता ने विकास से कह रखा है कि अगर 11 से 12 के बीच नीता का फोन व्यस्त आये तो विकास समझ ले कि नीता या तो अपने मायके वालों से बात कर रही है या अपनी सहेलियों से!

इसलिए इस बीच नीता मुझे किया करेगी, वो भी लैंडलाइन पर…

सच बेवफाई और प्यार बहुत शातिर बना देता है।
 
मैं और नीता अब रोज 11 से 12 अपनी ‘मस्ती’ की बातों में डूबने लगे।

एक दिन विकास ने मुझे कहा कि कल वो और नीता सूरजकुंड मेला देखने जा रहें हैं।

उसने मुझसे कहा साथ चलने के लिए!

हालाँकि में उस दिन दिल्ली जा भी रहा था, पर मैंने उनके साथ जाने को मना कर दिया, कहा- जाओ और मस्ती कर के आओ!

शाम को नीता भाभी का फोन आया और उसने मुझे साथ चलने के लिए दवाब दिया।

आखिर मैंने उससे इस बात के लिए बोल दिया- ठीक है, मैं दोपहर को सूरजकुंड पहुँच जाऊँगा।

अगले दिन मैं अपना काम निपटा कर दोपहर एक बजे करीब मेले में पहुँचा।

मुझे नीता और विकास मिल गए, नीता ने जीन्स और टॉप पहना था।

हम लोगों ने रेस्टोरेंट में खाना खाया।

नीता बोली- मुझे तो नींद आ रही है!

और ऐसा कहते उसने मेरी ओर विकास से छुपा कर आँख मारी।

मैं समझ गया कि वह चुदासी हो रही है, मैंने उससे धीरे से कहा कि होटल में कमरा लेना पड़ेगा और दो हजार से कम का कमरा मिलेगा नहीं, क्यों दो तीन घंटों के लिए पैसा बर्बाद करती हो।

मगर उसे और विकास को तो चुदाई सूझ रही थी। वहीं कॉटेज भी थीं जिनका किराया एक हज़ार रूपये था, जो शायद चुदाई के ही काम आती होंगी।

खैर, हम लोग एक कॉटेज में गए।

मैंने उन्हें एकांत देने के मूड से कहा- तुम लोग आराम कर लो, मैं घूम कर आता हूँ।

तब विकास बोला- पहले हम बाथटब में नहा कर आते हैं, फिर बैठ कर गप्पें मारेंगे।

एक्स्ट्रा कपड़े तो लाये नहीं थे इसलिए उन दोनों ने अपने कपड़े कमरे में ही उतार कर तौलिये लपेट लिए थे।

तौलिये में नीता का चिकना और संगमरमरी बदन क़यामत ढा रहा था, गोरी चिकनी उँगलियों पर उसने लाल नेल पॉलिश लगा रखी थी।

सच मेरा चैम्प तो जीन्स फाड़ कर बाहर आने को तैयार था मगर समय की मजबूरी थी, बिना विकास से न्यौता मिले मैं कुछ नहीं कर सकता था।

मेरा खड़ा करके नीता और विकास नहाने चले गए।

अंदर से उनके चूमने, चिपटने की आवाज आ रही थी, मैं अपना लंड बाहर निकाल कर मुठ मारने की सोच ही रहा था कि नीता तौलिया लपेट कर बाहर आई और मुझे एक चुम्मी देकर कान में फुसफुसा कर बोली- अभी विकास नखरे कर रहा है, शायद आज चुदाई न हो!

सही बात यह थी कि विकास इस बात से डर गया था कि कहीं नीता उसके हाथ से निकल कर मुझसे प्यार न कर बैठे!

अब विकास को कौन समझाए कि जिस बात से वो डर रहा है, वो तो हो चुका…

अब नीता बीवी तो सिर्फ उसकी है पर माशूका मेरी है।

अब बीवी और माशूका में दीवाना कौन होता है… पति और आशिक में ज्यादा चाहत किसकी होती है… यह तो सब जानते ही हैं।

विकास को इस बात का डर था कि कहीं नीता को मुझसे प्यार न हो जाए!

मेरी माशूका की चूत में बाथटब में नहाकर आग लगी हुई थी, जो शायद उसका पति नहाते समय न बुझा पाया हो, या फिर वो अपने आशिक के लंड की प्यासी हो रही हो!

तभी विकास भी तौलिया लपेट कर बाहर आ गया।

नीता ने बड़े स्टाइल से मुझसे आँख मारकर कहा- तुम प्लीज बाहर चले जाओ जिससे मैं कपड़े बदल सकूँ।

मैं दरवाजे से निकला ही था कि नीता ने अपना तौलिया हटा दिया और विकास का भी तौलिया खींच दिया।

नीता ने ये सब क्यों किया?

सनी के लंड के लिए में बहुत बैचैन हूँ, पर विकास से कह नहीं सकती।

और विकास डर रहा है कि कहीं मैं सनी के लंड की दीवानी न हो जाऊँ।

विकास को क्या मालूम कि मैं विकास से बहुत प्यार करती हूँ पर सनी की दीवानी हो गई हूँ, उसका बात करने का, कपड़े पहनने का, चोदने का, होठों पर चूसने का अंदाज़ अलग है।

मैंने सोचा कि कुछ ऐसा करूँ जिससे विकास को लगे कि मैं सिर्फ उससे नजदीकी चाहती हूँ और मैं उसे यह विश्वास दिला दूँ कि कावेरी की चूत उसे दिलाने के लिए मैं अपनी पूरी कोशिश कर रही हूँ।

मैं ऐसा करती हूँ कि सनी को बाहर भेज देती हूँ तो विकास को लगेगा कि मैं सनी की मौजूदगी में मजे नहीं ले पा रही हूँ, इसलिए मैंने सनी को आँख मारकर बाहर भेज दिया ताकि उसे बुरा न लगे।

और उसके जाते ही खुद भी नंगी हो गई और विकास को भी नंगा कर दिया।

जब दो बदन नंगे हों तो आग तो लग ही जानी है…

विकास ने मुझे अपने नंगे बदन से चिपटा लिया।

मैंने अब उससे एक झूठ बोला- तुम्हारे लिए एक खुशखबरी है, कावेरी अगले हफ्ते आ रही है और वो बजाये दो तीन दिन के चार पांच दिन रुकेगी और मैंने उससे कुछ सेक्सी नाईट ड्रेस लाने को कहा है। मेरा पूरा प्रयास होगा कि पहले या दूसरे दिन ही हम तीनों बिस्तर पर एक साथ हों!

विकास यह सुनते ही बेकाबू हो गया और मुझे बेतहाशा चूमने लगा।.

अब मैंने अपना आखिरी तीर मारा, मैंने विकास से पूछा- विकास सच बतओ तुम सनी को लेकर मुझसे डर रहे हो न?

विकास चुप रहा।

मैंने उसके होठों पर एक जोरदार चुम्मी लेकर कहा- इसमें कोई शक नहीं कि मुझे सनी के साथ बहुत मजा आया, पर वो सब कुछ विकास और मेरे संबंधों की कीमत पर नहीं!

मैंने विकास को यह विश्वास दिलाया कि मेरे लिए जो विकास है वो कोई दूसरा हो ही नहीं सकता।

और अगर विकास को पसंद नहीं तो मैं सनी से कोई नजदीकी नहीं चाहती!

बस इतना सुनते ही विकास ने मुझे कस के भींच लिया और बोला- जानू, बस मुझे यही सुनना था! अब मुझे कोई डर नहीं… मेरी जान को कोई चीज ख़ुशी दे रही है तो अब मुझे इसमें कोई एतराज नहीं होगा!

विकास बोला- अब मुझे यकीन है कि सनी की वजह से उसके और नीता के सबंधों पर कोई दिक्कत नहीं आएगी।

विकास ने मुझसे यह भी कहा कि अब वो मुझ और सनी पर कोई शक नहीं करेगा, मैं जब चाहे सनी को घर बुला सकती हूँ या फोन पर बात कर सकती हूँ।

विकास बहुत खुश था और उससे ज्यादा मैं खुश थी।

मैंने विकास से कहा- अब कपड़े पहन लो, बेचारा सनी बाहर खड़ा है।

विकास ने तौलिया लपेटा और मैंने भी केवल तौलिया ही लपेट लिया।

विकास ने इण्टरकॉम पर पनीर पकोड़े और चिल्ड बियर का आर्डर दिया और सनी को बुलाने बाहर गया।

अब सनी बताएगा कि क्या हुआ आगे!

मुझे नीता ने बाहर भेज तो दिया पर मैं बाहर क्या करता, बाहर एक हट में स्नैक्स शॉप थी… मैं उस पर जाकर खड़ा हो गया और चिप्स और कोल्ड ड्रिंक ले ली।

मुझे नीता पर यकीन था कि वो कुछ भी करके मुझे अन्दर बुलाएगी और हम सब मस्ती करेंगे।

लगभग पंद्रह मिनट की बोरियत के बाद मुझे विकास अपनी ओर आता दिखाई दिया, मेरे दिल के धड़कन बढ़ गई… पता नहीं अन्दर क्या गुल खिला हो!

विकास ने मेरे पास आकर मेरा हाथ पकड़ा और मुझसे गले लगकर बोला- सॉरी… चल अन्दर चल!

मैं और विकास कॉटेज में गए।

विकास तो तौलिया लपेटे था, अन्दर नीता ने एक फ्रॉक डाल ली थी।

मैं विकास के पीछे था, नीता ने आगे बढ़कर मुझे अपने होठों से लगा लिया।

विकास के सामने मुझे उससे एसी उम्मीद नहीं थी पर अब मैंने भी बेशर्मी से उसे भींच लिया, उसके गोल गोल मम्मे उसके जलते होंठ और उसका मेरे बालों में हाथ फेरना… बता नहीं सकता… आग लग गई थी।

मैंने फ्रॉक के ऊपर से ही उसकी चूत का दाना मसल दिया।

पीछे से विकास हंसकर बोला- जरा सब्र कर, वेटर खाने का सामान लेकर आता ही होगा!

तभी गेट पर आहट हुई।

नीता अन्दर बाथरूम में चली गई, वेटर आया था सामान लेकर… उसके जाने के बाद विकास ने दरवाजा बंद कर दिया।

नीता बाहर आ गई।

उसने पकोड़े प्लेट में कर दिये, विकास ने बियर की बोतल खोल ली और मेरी ओर कर दी।

मुझे मालूम था कि नीता बियर ले लेती है, मैंने एक घूँट भर कर नीता को दोबारा होंठ से चिपका लिया और अपने मुँह की बियर उसके मुँह में डाल दी।

विकास ने बियर की बोतल उसकी चूत में घुसा कर थोड़ी सी लुढ़का दी और फिर नीचे लेटकर उसकी चूत चूसने लगा।

अब नीता की आग भड़क चुकी थी, उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिये, मैंने भी उसका साथ दिया और अपने साथ ही उसे भी नंगी कर दिया।

विकास ने भी तौलिया पलंग पर फेंक दिया था।

मैंने नीता को कमर से उठाया, उसने अपनी टाँगें मेरी कमर पर लपेट ली और एक हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत की ओर किया।

मैंने भी पूरा जोर लगा कर लंड को भाभी की चिकनी चूत में घुसा दिया।
 
मैंने खड़े खड़े ही दो-चार धक्के मारे तो नीता मुझ पर और झूल गई। उसने अपनी बाहें ढीली की और खुद भी झटके देते हुए अपनी जीभ मेरे मुख में कर दी।

अब मुझ से बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैंने उसे पलंग पर लिटाया और चढ़ गया उसके ऊपर…

विकास भी जोश में था, उसने अपना लंड नीता के मुँह में घुसा दिया।

नीता एक हाथ से उसका लंड चूस रही थी और दूसरे हाथ से उसने मेरे बाल पकड़े हुए थे। दस मिनट की धक्का मुक्की के बाद उसकी चूत और मम्मे मेरे और विकास के वीर्य से भरे हुए थे।

विकास ने अपना लंड उसके मुख से निकाल कर अपना माल उसके मम्मों पर खाली कर दिया था।

एक ऐसा वासना का माहौल बना था जिसे हम तीनों ने एन्जॉय किया।

नीता बाथरूम चली गई और शावर लेकर तौलिया लपेट कर बाहर आई।

हम लोगों ने पकौड़े और बियर निबटाई।

शाम हो चुकी थी, हम लोग वापस आ गए।

इसके बाद तो हमारा रूटीन ही बदल गया, विकास से हरी झंडी पाकर नीता मुझसे जुड़ती चली गई। नीता और मैं रोज कई बार बात करते!

नीता ने मुझे कह रखा था कि जब तक विकास मेरे पीछे पड़कर मुझे घर नहीं बुलाये, मैं नहीं आऊँ…

जब मैंने पूछा ‘ऐसा क्यों…?’

तो वो बोली- विकास कितनी भी कसम खा ले… पर शक हमेशा करेगा! इसलिए अगर मैं अपनी मर्जी से उनके घर गया तो शायद चुदाई न हो… और अगर विकास मुझे खुशामद करके ले जाएगा तो वो चुदाई भी करवाएगा।

और ऐसा ही हुआ।

विकास ने दो-तीन दिन बाद मुझ से घर आने को कहा तो मैंने काम का बहाना बना कर टाल दिया।

अगले दिन विकास ने मुझे फ़ोन पर काफी जोर दिया और घर आने को कहा।

मेरा भी लंड तो जोर मार ही रहा था, मैं शाम को घर से नहा कर खाना जल्दी खाकर निकला, रोमा को बोल दिया कि लौटने में देर हो जाएगी।

मैं सीधा विकास के घर गया।

नीचे चाचीजी बोली- कभी रोमा को भी ले आया कर?

अब मैं उनको क्या कहता?

पर दिमाग में एक आईडिया आया कि क्यों न रोमा को भी इस खेल में शामिल कर लिया जाए!

पर इसमें मुझे विकास और रोमा दोनों की नीयत जाननी जरूरी थी।

‘चलो अभी तो ऊपर चलूँ और अपनी माशूका की प्यास बुझाऊँ…’ यह सोच कर में तेजी से ऊपर गया।

ऊपर विकास अकेला था, नीता कहीं दिखाई नहीं दे रही थी।

मैं बड़ा उदास हुआ कि मुझे विकास ने बुलाया क्यों है?

विकास मेरी परेशानी समझ गया और हंस कर बोला- नीता नहा रही है!

तभी नीता ने विकास को आवाज दी और कहा- जरा मेरी पीठ पर साबुन लगा दो…

विकास ने मेरी ओर आँख मार कर कहा- सनी तू जा!

मैंने कहा- मेरे कपड़े भीग जायेंगे!

तो विकास ने कहा- कपड़े उतार दे और तौलिया लपेट कर चला जा!

मुझे संकोच हो रहा था तो विकास ने मेरे हाथ में तौलिया थमा दिया।

मैं समझा कि यह सब नीता की बनाई कहानी है।

मगर ऐसा था नहीं, यह विकास ने प्लान किया था क्योंकि इससे उसे लगा कि नीता खुश हो जाएगी।

अब मैं केवल तौलिया लपेट कर बाथरूम में घुसने के लिए तैयार हुआ, विकास ने नीता को आवाज दी- दरवाजा खोल दो।

और खुद बाथरूम में घुसा और लाइट बंद कर दी।

फिर वो बाहर आ गया और मुझे बाथरूम में कर दिया।

अन्दर अँधेरा था और दो बदन नंगे थे।

मैंने नीता को टटोला और उसे अपने होंठों से चिपका लिया।

नीता दंग रह गई, बोली- तुम कब आये और विकास कहाँ है?

मैंने उसे बताया- विकास ने ही मुझे भेजा है तुम्हें नहलाने के लिए!

नीता यह सुन कर गर्म हो गई और मुझे शावर के नीचे खींच ले गई।

एक तो नंगे बदन ऊपर से शावर की बौछार… मानो सावन में आग लग गई थी।

मैंने उसे उठाना चाहा तो नीता ने अपना एक पैर टोंटी पर रख दिया और अपनी चिकनी चूत मेरे आगे कर दी।

मैंने भी अपना लंड उसकी चूत के मुंह पर रख कर अन्दर धकेल दिया।

सच जन्नत का मजा आ रहा था, नीचे चूत और लंड मिल रहे थे, बीच में उसके मम्मे मेरी छाती से टकरा रहे थे और ऊपर दोनों की जीभ एक दूसरे को चूस रही थी।

तभी विकास की बाहर से आवाज आई- कुछ मेरे लिए भी छोड़ दो…

हमने अपने को संभाला और तौलिया लपेट कर बाहर आ गए।

बाहर आकर नीता ने एक लम्बा चुम्बन विकास को दिया और उसकी शॉर्ट्स में हाथ डाल कर उसका लंड पकड़ लिया।

विकास सारी शिकायत भूल कर नीता को उठा कर बेड पर ले गया और उसका तौलिया निकाल कर उसके मम्मे चूसने लगा।

मैं भी बेड पर आ गया, अब नीता का एक मम्मा मैं चूस रहा था दूसरा विकास!

नीता के दोनों हाथों में हम दोनों के लंड थे।

विकास ने अपनी उंगली उसकी चूत में कर रखी थी जिसकी स्पीड वो बढ़ाता जा रहा था।

नीता ने भी अब आवाजें निकालनी शुरु कर दी थी, नीता अब विकास से बोली- जल्दी से मेरी चूत में आ जाओ।

नीता अब हाँफ रही थी और बड़बड़ाते हुए कह रही थी- विकास… सनी… मेरी चूत की आग बुझा दो, दोनों मिल कर फाड़ दो मेरी.. आ जाओ जानू मेरी चूत आज तुम दोनों के लंड खा जाएगी!

विकास ने भी कहा- हाँ जानू, आज हम तेरी चूत का भोसड़ा बना देंगे, दोनों मिलकर तेरे को बहुत मजा देंगे! तेरी चूत फाड़ ही देंगे!

विकास नीचे लेट गया और अपने ऊपर उसने नीता को लिटा लिया पीठ के बल और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया।

वो नीचे से धक्के दे रहा था।

विकास ने कहा- सनी तू ऊपर से आ जा!
 
एक बार तो मुझे लगा कि वाकयी इससे तो नीता की चूत फट ही जाएगी… एक चूत में दो लंड…

मुझे सकुचाता हुआ देख कर विकास बोला- घबरा मत, कुछ नहीं होगा… आज इस हरामजादी की चूत बिल्कुल रंडी की चूत बनी हुई है, जितनी मर्जी लंड खा लेगी!

नीता भी बोली- हाँ सनी, आज देखूँगी कि तुम दोनों के लंडों में कितना दम है!

यह सुनकर में भी अपना लंड अपने हाथ में लेकर बिस्तर पर चढ़ गया और नीता की चूत में पेल दिया।

एक बार तो नीता चीखी फिर मेरे को अपनी बाँहों में भर लिया।

अब उसकी चूत में दो दो लंड थे, मैंने भी चुदाई शुरू कर दी।

नीता बड़बड़ा रही थी- मजा आ गया सनी और जोर से.. आज सारी कसर निकाल दो… मेरी प्यास बुझा दो दोनों मिलकर…

विकास के धक्के तो तेज नहीं लग पा रहे थे पर मैंने अपनी रफ़्तार राजधानी एक्सप्रेस जैसी कर दी। दो मिनट के बाद मेरा होने को आया तो मैंने नीता से पूछा- जानू क्या मैं तुम्हारे मुँह में आ जाऊँ या मम्मों पर?

नीता बोली- जहाँ तुम्हारा मन आये वहीं आ जाओ, मैं तो अब तुम दोनों की हूँ!

मैंने अपना लंड निकालकर उसके मुँह में कर दिया, मेरा फव्वारा छूटा तो उसने अपने हाथों से मेरा लंड पकड़ लिया और लोलीपॉप की तरह चूस कर चाट कर साफ़ कर दिया।

उधर विकास ने भी अपना माल उसकी चूत में खाली कर दिया।

मैंने नीता को दोबारा होंठों से चिपका लिया और उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी।

उसके मुँह में मेरे वीर्य का स्वाद था।

अब वक़्त हो चुका था मेरे घर जाने का!

अब मेरे और नीता को कोई रोकने वाला नहीं था!

और कोई यानि विकास रोकता भी क्यों और कैसे… उसको यह अहसास हो चुका था कि वो अपने खेल में फँस चुका है। अब केवल एक ही रास्ता है कि वो इसे एन्जॉय करे

और अब वो यह कर भी रहा था।

हम लोगों ने यह तय किया कि अब हम लोग हफ्ते में एक बार जरूर मिलेंगे और जोरदार मस्ती होगी।

एक दिन नीता ने मुझे बताया कि अगले दिन उसकी चचेरी बहन कावेरी आ रही है और इस बार नीता को कावेरी की सेटिंग विकास से करनी है तो अगले चार पाँच दिन वो बिजी रहेगी।

अगली कहानी में आपको बताऊँगा कि नीता, कावेरी और विकास ने क्या गुल खिलाये!

कावेरी और नीता खूब खुली हुई हैं… दोनों हम उम्र हैं… दोनों सेक्सी हैं… दोनों शादी से पहले लेस्बीयन सेक्स करते हुए हमबिस्तर हो चुकी हैं और आज भी व्हाट्सएप पर एडल्ट्स जोक्स और फोटोज शेयर करती हैं।
 
नीता का उद्देश्य है कावेरी की सेटिंग अपने पति से करवाना जिससे नीता सनी से बेधड़क और खुलमखुल्ला प्यार कर सके और उसके पति की भी दूसरी औरत की ख्वाहिश पूरी हो जाए।

सच तो यह था कि व्हाट्सएप पर और मोबाइल पर बातचीत में नीता और कावेरी दोनों ही इतनी खुल चुकी थीं कि दोनों एक बार लेस्बियन होकर एक दूसरे से मजे लेना चाहती थीं।

मायके में एकांत ज्यादा नहीं मिल पाता था क्योंकि दिन रात सब लोग साथ होते थे और कावेरी की ससुराल मैं संयुक्त परिवार होने से नीता वहाँ नहीं जाना चाहती थी और विकास उसे छोड़ता भी नहीं था।

खैर दोनों ने यह तय किया कि कावेरी ही नीता के पास आये!

आखिर वो दिन आ ही गया, आज सुबह कावेरी को लेने विकास और नीता स्टेशन आये हैं।

अब यह कहानी आपको नीता ही सुनाएगी।

आज कावेरी को लेने स्टेशन जाना है। ट्रेन सुबह सात बजे आती है तो मै और विकास बिना नहाये ही स्टेशन चले आये।

ट्रेन पंद्रह मिनट लेट थी तो हम दोनों ने चाय पी।

विकास की बेताबी देखने लायक थी, वो मुझसे कावेरी के बारे में इतना सुन चुका था और एक बार मैंने उसे कावेरी की शॉर्ट्स में फोटो भी उसे दिखा दी थी तो अब विकास अपनी आँखों से देखना चाहता था।

मैंने उसकी बेकरारी देख कर उससे कहा- जानू तुम कोई भी हरकत ऐसी मत कर देना या जल्दीबाजी मत करना जिससे कावेरी को शक हो जाए! तुम बस एक शरीफ जीजा बन कर रहना, बाकी मैं कोशिश करुँगी।

ट्रेन आ गई और सेकंड ए सी से कावेरी उतरी। कावेरी बिल्कुल बदल गई थी, गोरी चिट्टी लम्बी तो वो थी ही!

उसने ट्रैक सूट पहना हुआ था… आते ही उसने मुझे चिपटा लिया और गाल पर चुम्बन किया, विकास से उसने हाथ मिलाया और हाय बोला…

मुझे मालूम है विकास अब आज तो हाथ धोएगा नहीं!

विकास से सब्र नहीं हुआ और वो कह ही बैठा कि हमारा किस कहाँ है?

तो कावेरी ने हंस कर कहा- आपके हिस्से का भी नीता को दे दिया… और अलग से चाहिए तो घर पर दे दूँगी।

मैंने विकास को आँख दिखाई।

हम घर आ गए। कावेरी नीचे माँ बाबूजी के पास बैठ गई और वहीं पर चाय पीने लगी।

मैंने विकास को बोला- मैं नाश्ता बनाती हूँ, तुम नहा लो, दुकान के लिए लेट हो जाओगे।

कावेरी भी मेरे पास आ गई, मैंने उससे कहा- तुम ऊपर रूम में जाओ, फ्रेश हो लो या कुछ देर सो लो!

तो वो बोली- जीजू को नाश्ता देकर विदा कर… तब ही एक साथ ऊपर चलेंगे।

विकास नाश्ता करके दुकान चले गए, मैं रामू से अपना और नीता का नाश्ता ऊपर लाने को बोल कर कावेरी का हाथ पकड़कर ऊपर आ गई।

रामू नाश्ता रख कर चला गया।

हालाँकि कमरे मैं ए सी चल रहा था पर कावेरी को ट्रैक सूट मैं गर्मी लग रही थी, रामू के जाते ही उसने किवाड़ बंद किये और अपना सूट का टॉप उतार दिया, अन्दर उसने स्पोर्ट्स ब्रा पहनी थी।

मैं उसे देखकर हंस पड़ी कि क्यों गर्मी क्या सिर्फ ऊपर लग रही है?

कावेरी पूरी बेशर्म है, उसने लोअर भी उतार दिया अब वो हुस्न की मलिका केवल ब्रा पैंटी मैं थी।

उसने मुझसे पूछा- क्यों, तुझे क्या शर्म आ रही है?

और यह कहते ही वो मुझ पर झपट पड़ी और मुझे भी ब्रा पैंटी में कर दिया।

हम लोगों ने नाश्ता निबटाया, मैं और कावेरी ऊपर बिस्तर पर लेट गए।

कावेरी मुझसे चिपक गई और दो मिनट बाद ही हम दोनों नंगे चिपकी हुई थी।

आधा घंटा लेटने के बाद मैंने कावेरी को चूमते हुए कहा- जा नहा ले!

वो बोली- चल साथ ही नहायेंगे!

इससे पहले हम दोनों ने एक दूसरे की चूत के बाल वीट लगा कर साफ़ किये, फिर हम दोनों बाथरूम में शावर लेने लगी।

मुझे पता नहीं क्या सूझा मैंने कावेरी की चूत में उंगली कर दी।

अब तो कावेरी की आग भड़क गई, उसने एक खुराफात की, बाथरूम के स्टूल पर खड़ी होकर शावर आगे से खोल लिया।

अब शावर से झरने की बजाय पानी की मोटी धार निकल रही थी।

कावेरी अब नीचे फर्श पर लेट गई और अपनी चूत उस पानी की धार के नीचे कर ली। एक मिनट बाद ही उसे पता नहीं क्या हुआ वो कामाग्नि से उछलने लगी और अपने दोनों हाथों से उसने अपनी चूत को पूरा फैला लिया।

उसने अपनी टांगे ऊपर उठा रखी थी, पानी की मोटी धार उसकी चूत में गिर रही थी।

मैं भी ऐसा करना चाहती थी, मैंने कावेरी को उठाया और खुद वैसे ही करने लगी।

…ओह माय गॉड… क्या मजा आया… ऐसा लगा कि किसी का मोटा लंड मेरी चूत में टक्कर मार रहा है। मेरे मुख से तो आवाज निकलने लगी।

कावेरी ने अपनी चूत मेरे मुख पर रख दी, मैं उसकी चूत चूसने लगी और नीचे मेरी चूत को पानी की मोटी धारा चोद रही थी।

पांच दस मिनट की मस्ती के बाद हम लोग बाथरूम से बाहर आईं, हम दोनों बहुत खुश थी, आज हमारी एक पुरानी इच्छा पूरी हुई थी।

कपड़े पहन कर कावेरी नीचे माँ बाबूजी के पास चली गई और मैं रामू को बुलाकर कमरा ठीक करवाने लगी।

इस बीच विकास का दो तीन बार फ़ोन आया, मैं उससे गुस्सा हुई कि ज्यादा जल्दबाजी करोगे तो कुछ भी नहीं होगा।

एक फ़ोन सनी का भी आया… मेरा मन तो था सनी को बुला कर एक बार चुद लूँ… पर अब तो कावेरी जब तक है तब तक सनी को बुलाना ठीक नहीं!

दोपहर का खाना हम लोगों ने नीचे ही खाया और सोने के लिए हम दोनों ऊपर आ गई, मैं थक रही थी इसलिए लेटते ही सो गई कावेरी भी मुझसे चिपक कर सो गई।

लगभग चार बजे हमारी आँख रामू की आवाज से खुली कि माताजी चाय के लिए बुला रहीं हैं।

बाबूजी ने समोसे मंगाए थे।

चाय पीकर कावेरी माँ को कह कर मुझे ऊपर ले आई- चल तुझे दिखाऊँ क्या क्या लाई हूँ।

ऊपर उसने अपनी अटैची खोली और नीचे से भानुमती का पिटारा निकालना शुरु किया।

वो मेरे लिए दो नाईट ड्रेस लाई थी, पांच छह ड्रेस वो अपनी भी लाई थी। इसके अलावा भी वो शॉर्ट्स, बरमूडा और पता नहीं क्या क्या ले आई थी जिन्हें केवल कमरे में ही पहना जा सकता था।

उसके पास एक छोटा सा लम्बा पैकेट था, जिसे उसने नहीं खोला और हंस कर बोली- बाद में दिखाऊँगी।

मैंने रामू को आवाज़ देकर कहा कि वो सब्जी काट ले, मैं अभी आती हूँ।

तो माँ ने कहा- तू खाने की चिंता न कर, वो आज रामू बना लेगा, तू आज कावेरी के साथ बैठ ले।

कावेरी मेरी गोदी में सर रख कर लेट गई और बोली- जीजू कब तक आयेंगे?

मैंने कहा- अभी तो ढाई घंटे हैं।

यह सुन कर कावेरी मुझसे बोली- फिर ठीक है, ला मैं तेरी वैक्सिंग कर दूँ।

मुझे याद आया कि कावेरी ने ब्यूटिशियन का कोर्स किया है।

कावेरी अपने साथ वेक्सिंग स्ट्रिप्स लाई थी, उसने मुझसे कपड़े उतारने को कहा, इस वक्त मुझे झिझक हो रही थी, मैंने बात बदलते हुए कहा- ला आज मैं तेरी वेक्सिंग कर देती हूँ, तू उतर कपड़े।

कावेरी बोली- मोटी बदमाशी कर रही है, चल हम दोनों ही उतार देते हैं।

हम दोनों ही ब्रा पैंटी में आ गई।

एक घंटा लग गया हम दोनों को चिकना होने में, इस बीच में ब्रा पैंटी भी उतर चुकी थी और हम दोनों बिल्कुल नंगी थीं। पर शरीर ऐसा हो गया कि अपनी ही नीयत ख़राब होने लगी और वही हुआ।
 
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