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Guest
मैं पीछे हटा तो प्रेमा मेरे पास आ गई और मेरे होटों और मुंह पर ताबड़तोड़ चूमियों की बौछार लगा दी.मेरे हाथ उसकी चूत में काले बालों के बीच घूम रहे थे और उसके गीलेपन का अंदाजा लगा रहे थे, प्रेमा की चूत एकदम गीली हो चुकी और उसने मेरे हाथ अपनी जांघों में जकड़ लिए थे.
नैना भी कपड़े उतार कर प्रेमा के मम्मों को चूस रही थी और उसके हाथ प्रेमा के चूतड़ों के ऊपर घूम रहे थे.अब प्रेमा नैना को बेड पर ले आई और उसको होटों पर चूमते हुए उसने नैना को लिटा दिया. मैं भी बेड के पास आ गया और प्रेमा ने मेरे लौड़े को अपने हाथ में ले लिया.
मैंने प्रेमा से पूछा- आपको सेक्स के लिए कौन सी पोजीशन अच्छी लगती है?प्रेमा बोली- वही पोजीशन, जिससे गर्भ ठहर जाए!मैं बोला- वो पोजीशन तो नैना ही बताएगी लेकिन उससे पहले कोई पोजीशन अच्छी लगती है तो बता दीजिए और मैं पहले आपको उस तरह से ही चोद देता हूँ.
प्रेमा बोली- मुझ को खड़े होकर पीछे से चोदना बहुत अछा लगता है क्यूंकि मेरी सारी सहेलियाँ उसी तरह से ही चुदाती हैं लेकिन मेरे पति ने कभी ऐसे नहीं चोदा, मुझको वो तो सिर्फ मेरे ऊपर लेट कर ही चोदना जानते हैं.मैं बोला- चलो जैसा आपको अच्छा लगता है वैसे ही सही!
मैं जल्दी से उसके चूतड़ों के पीछे खड़ा हो गया और उन संगमरमर के नायाब नमूने को जी भर के देखता रहा और फिर मैंने उनको चूमना शुरू किया.प्रेमा हिलने लगी क्यूंकि उसको हल्की सी गुदगुदी होने लगी थी.
फिर मैंने अपने तने हुए लंड को हाथ में लेकर उसकी चूत का पीछे से निशाना लगाया और एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर घुसेड़ दिया.नैना प्रेमा के मुंह में अपने मम्मे डाल रही थी और वो बड़े ही आनन्द से उनको चूस रही थी.
हर धक्के के बाद उसका मुंह नैना के मम्मों में घुस जाता था, उसने उनको चूसते हुए अपना मुंह को बाहर निकाला तो मैंने फिर एक ज़ोरदार धक्का मारा और प्रेमा का मुंह फिर उसके मम्मों में चला गया.
नैना के हाथ प्रेमा के मम्मों के साथ खेल रहे थे, वो उसकी चुचियों को मसलने लगी और वो काली सी गोलियाँ लंड की तरह सख्त खड़ी हो गई.
अब मैंने धक्के तेज़ कर दिए और प्रेमा के चूत का खुलना और बंद होना शुरू हो गया और थोड़ी देर में ही प्रेमा धराशायी हो गई.
मैंने उसको सीधा किया और उसके आधे शरीर को बेड पर लिटा कर बाकी शरीर को अपने हाथों में ले लिया और लंड को अंदर डाल दिया.प्रेमा ने भी अपनी टांगें मेरी कमर के चारों और फैला दी और मुझको अपनी टांगों में कैद कर लिया. मैं अब बहुत ही धीरे धीरे चोद रहा था क्यूंकि मेरे लंड को आगे पीछे होने के लिए जगह नहीं मिल रही थी तो मैंने प्रेमा की टांगों को अपनी कमर से हटा कर अपने कंधे पर रख दिया और फ़ुल स्पीड से चुदाई शुरू कर दी.
चुदाई की स्पीड को वो महसूस ही कर पा रही थी लेकिन देख नही पा रही थी पर उसकी चूत तो पूरा लंड का हमला सहन कर रही थी. बहुत जल्दी ही उसकी गांड मेरे लंड का जवाब देने लगी यानि वो भी उठ उठ कर मेरे लंड का स्वागत कर रही थी.
अब मैंने धक्के चूत के अंदर दूर तक देने शुरू कर दिए और चूत रानी यह जुल्म सहन नहीं कर पाई और जल्दी ही हथियार डाल दिए, उसमें उठ रही कम्पकंपाहट को मेरे सारे शरीर ने महसूस किया, यहाँ तक नैना ने भी महसूस किया और उसने प्रेमा की चूत से टपकते रस को सूंघा और मुझको प्रेमा से अलग होने के लिए कहने लगी.
अब नैना ने प्रेमा को सीधा लेट जाने के लिए कहा और मुझको उसके ऊपर चढ़ जाने के लिए उकसाने लगी.मैं समझ गया कि यह पोजीशन लास्ट एंड फाइनल एक्शन के लिए है और इसके बाद प्रेमा का प्रेग्नेंट होना आवश्यक है.
मैंने प्रेमा की टांगों को चौड़ा किया और उनके बीच बैठ कर अपना लंड उसकी गीली चूत में डाल दिया, पहले धीरे और फिर तेज़ी से धक्के मारने लगा. प्रेमा आँखें बंद किये हुए चुदाई का आनन्द ले रही थी और सारी मेहनत मुझ गरीब को करनी पड़ रही थी.
मैंने भी चुदाई में वेरिएशन लाने की खातिर कभी उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखा या फिर उसको अपनी बगल में लेकर धक्के मार रहा था.प्रेमा को बहुत ही आनन्द आ रहा था जो इस बात से साबित होता था कि उसके मुंह से अपने आप निकल रहे शब्द जैसे ‘मार डाल ज़ालिम, मत छोड़ना साली को और मर गई रे !’
अब मैंने बड़ी तेज़ स्पीड से उसको चोदना जारी रखा और कुछ ही मिनटों में वो फिर झड़ गई.उसके झड़ने के बाद नैना ने इशारा किया कि अब मैं छूटा लूँ अपना. और मैं भी आँखें बंद करके उसको ऐसे गहरे और छोटे धक्केमारने लगा कि दो मिन्ट में ही मेरा फव्वारा पूरी ताकत से छूट गया.
नैना भी कपड़े उतार कर प्रेमा के मम्मों को चूस रही थी और उसके हाथ प्रेमा के चूतड़ों के ऊपर घूम रहे थे.अब प्रेमा नैना को बेड पर ले आई और उसको होटों पर चूमते हुए उसने नैना को लिटा दिया. मैं भी बेड के पास आ गया और प्रेमा ने मेरे लौड़े को अपने हाथ में ले लिया.
मैंने प्रेमा से पूछा- आपको सेक्स के लिए कौन सी पोजीशन अच्छी लगती है?प्रेमा बोली- वही पोजीशन, जिससे गर्भ ठहर जाए!मैं बोला- वो पोजीशन तो नैना ही बताएगी लेकिन उससे पहले कोई पोजीशन अच्छी लगती है तो बता दीजिए और मैं पहले आपको उस तरह से ही चोद देता हूँ.
प्रेमा बोली- मुझ को खड़े होकर पीछे से चोदना बहुत अछा लगता है क्यूंकि मेरी सारी सहेलियाँ उसी तरह से ही चुदाती हैं लेकिन मेरे पति ने कभी ऐसे नहीं चोदा, मुझको वो तो सिर्फ मेरे ऊपर लेट कर ही चोदना जानते हैं.मैं बोला- चलो जैसा आपको अच्छा लगता है वैसे ही सही!
मैं जल्दी से उसके चूतड़ों के पीछे खड़ा हो गया और उन संगमरमर के नायाब नमूने को जी भर के देखता रहा और फिर मैंने उनको चूमना शुरू किया.प्रेमा हिलने लगी क्यूंकि उसको हल्की सी गुदगुदी होने लगी थी.
फिर मैंने अपने तने हुए लंड को हाथ में लेकर उसकी चूत का पीछे से निशाना लगाया और एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर घुसेड़ दिया.नैना प्रेमा के मुंह में अपने मम्मे डाल रही थी और वो बड़े ही आनन्द से उनको चूस रही थी.
हर धक्के के बाद उसका मुंह नैना के मम्मों में घुस जाता था, उसने उनको चूसते हुए अपना मुंह को बाहर निकाला तो मैंने फिर एक ज़ोरदार धक्का मारा और प्रेमा का मुंह फिर उसके मम्मों में चला गया.
नैना के हाथ प्रेमा के मम्मों के साथ खेल रहे थे, वो उसकी चुचियों को मसलने लगी और वो काली सी गोलियाँ लंड की तरह सख्त खड़ी हो गई.
अब मैंने धक्के तेज़ कर दिए और प्रेमा के चूत का खुलना और बंद होना शुरू हो गया और थोड़ी देर में ही प्रेमा धराशायी हो गई.
मैंने उसको सीधा किया और उसके आधे शरीर को बेड पर लिटा कर बाकी शरीर को अपने हाथों में ले लिया और लंड को अंदर डाल दिया.प्रेमा ने भी अपनी टांगें मेरी कमर के चारों और फैला दी और मुझको अपनी टांगों में कैद कर लिया. मैं अब बहुत ही धीरे धीरे चोद रहा था क्यूंकि मेरे लंड को आगे पीछे होने के लिए जगह नहीं मिल रही थी तो मैंने प्रेमा की टांगों को अपनी कमर से हटा कर अपने कंधे पर रख दिया और फ़ुल स्पीड से चुदाई शुरू कर दी.
चुदाई की स्पीड को वो महसूस ही कर पा रही थी लेकिन देख नही पा रही थी पर उसकी चूत तो पूरा लंड का हमला सहन कर रही थी. बहुत जल्दी ही उसकी गांड मेरे लंड का जवाब देने लगी यानि वो भी उठ उठ कर मेरे लंड का स्वागत कर रही थी.
अब मैंने धक्के चूत के अंदर दूर तक देने शुरू कर दिए और चूत रानी यह जुल्म सहन नहीं कर पाई और जल्दी ही हथियार डाल दिए, उसमें उठ रही कम्पकंपाहट को मेरे सारे शरीर ने महसूस किया, यहाँ तक नैना ने भी महसूस किया और उसने प्रेमा की चूत से टपकते रस को सूंघा और मुझको प्रेमा से अलग होने के लिए कहने लगी.
अब नैना ने प्रेमा को सीधा लेट जाने के लिए कहा और मुझको उसके ऊपर चढ़ जाने के लिए उकसाने लगी.मैं समझ गया कि यह पोजीशन लास्ट एंड फाइनल एक्शन के लिए है और इसके बाद प्रेमा का प्रेग्नेंट होना आवश्यक है.
मैंने प्रेमा की टांगों को चौड़ा किया और उनके बीच बैठ कर अपना लंड उसकी गीली चूत में डाल दिया, पहले धीरे और फिर तेज़ी से धक्के मारने लगा. प्रेमा आँखें बंद किये हुए चुदाई का आनन्द ले रही थी और सारी मेहनत मुझ गरीब को करनी पड़ रही थी.
मैंने भी चुदाई में वेरिएशन लाने की खातिर कभी उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखा या फिर उसको अपनी बगल में लेकर धक्के मार रहा था.प्रेमा को बहुत ही आनन्द आ रहा था जो इस बात से साबित होता था कि उसके मुंह से अपने आप निकल रहे शब्द जैसे ‘मार डाल ज़ालिम, मत छोड़ना साली को और मर गई रे !’
अब मैंने बड़ी तेज़ स्पीड से उसको चोदना जारी रखा और कुछ ही मिनटों में वो फिर झड़ गई.उसके झड़ने के बाद नैना ने इशारा किया कि अब मैं छूटा लूँ अपना. और मैं भी आँखें बंद करके उसको ऐसे गहरे और छोटे धक्केमारने लगा कि दो मिन्ट में ही मेरा फव्वारा पूरी ताकत से छूट गया.