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जब चुदाई करते कोई 10 मिन्ट हो गए तो उसने चंचल की चूत पर ऊँगली तेज़ कर दी और फिर बड़ी ही सुहानी चीख मार कर चंचल का छूटना शुरू हो गया.तभी नैना ने नीचे लेटे हुई ही चिल्लाना शुरू कर दिया- छोटे मालिक, आप भी छूटा लो जल्दी से.
इतना सुनना था कि मैंने फुल स्पीड से धक्के मारने शुरू कर दिये और बहुत जल्दी ही लंड को पूरा चूत के अंदर डाल कर फव्वारा छोड़ दिया और उसके चूतड़ को कस के पकड़े रहा ताकि वीर्य का एक कतरा भी बाहर न गिरे.
उधर नैना ने नीचे से चंचल की चूत को ऊपर उठाये रखा और फिर एक तकिया उसकी चूत के नीचे रख कर आप नीचे से हट गई.ऐसा करने के बाद ही नैना चंचल के नीचे से हटी और मुझको कहा- आप चंचल की चूत से लंड निकाल लो.
हम सबने नोट किया कि वीर्य का एक कतरा भी बाहर नहीं गिरा.नैना ने चंचल को सीधा लेटने से पहले उसकी गांड के नीचे दो मोटे तकिये रख दिए ताकि उसकी कमर ऊपर को उठी रहे और वीर्य बाहर न गिर सके.
मैं बहुत हैरान था कि नैना को यह सब कैसे मालूम था.तब उस ने बताया कि जब वो विधवा हुई तो उसने सोचा कि वो एक अच्छी दाई बन सकती है जिससे अच्छी आमदन भी सकती है तो वो एक बूढ़ी दाई के साथ काम सीखने लगी.यह दूध और तकिये का और तारीख देख कर चोदना दाई से ही सीखा था.
नैना आगे बोली- यह छोटे मालिक जो इतनी ज्यादा चुदाई कर लेते हैं, उसका राज़ भी मैं जानती हूँ.मैं बोला- अच्छा बताओ, क्या राज़ है इसमें?नैना बोली- अभी नहीं, जब वक्त आएगा तो बता दूंगी सब कुछ आपको, चंचल तू जानती है कि छोटे मालिक कितनी औरतों को हरा कर चुके है यानि गर्भवती कर चुके हैं?
मैं बोला- नैना, नहीं बताना किसी को! वैसे कुछ गाँव से खबर आई क्या?नैना बोली- कौन सी खबर छोटे मालिक?‘वही जो तू सुनना चाहती है. छाया की और दूसरी औरतों की?’‘नहीं छोटे मालिक!’‘चलो फिर सो जाते हैं, काफी रात हो गई है.’नैना बोली- छोटे मालिक, आपको सुबह को फिर चंचल को चोदना हो गा जैसा आज चोदा था.मैं हँसते हुए बोला- नैना, तू तो मुझको सरकारी साँड बना रही है. तू बाहर एक बोर्ड लगा दे कि ‘यहाँ औरतों को गर्भवती बनाया जाता है!’
हम सब बहुत हँसे और फिर हम तीनों एक दूसरे की बाँहों में सो गये.
सुबह उठ कर पहला काम वही किया, चंचल को फिर से चोदा नैना की देख रेख में.और इस चुदाई के बाद नैना बोली- चंचल आज चली जायेगी क्यूंकि इसका पति आज वापस आ जायेगा. और सुन चंचल आज रात को पति से दो बार ज़रूर चुदवाना नहीं तो सब गड़बड़ हो जाएगा.
उस दिन मैं कालेज जल्दी चला गया क्यूंकि कालेज की एक ख़ास मीटिंग थी.शाम को घर आया तो नैना ने हँसते हुए बताया- छोटे मालिक, बधाई हो छाया के घर लड़का हुआ है.मैं भी हँसते हुए बोला- तुझको बधाई हो! तेरी ही सहेली है न!नैना बोली- हाँ, वो तो है. उसके लड़के के जन्म से मैं बहुत खुश हूँ. आखिर उसकी तमन्ना पूरी हो गई. छाया आपको शुक्रिया कह रही थी.मैं बोला- मेरा शुक्रिया क्यों? उसके पति की मेहनत जो सफल हुई.नैना हंसने लगी और बोली- रहने दो छोटे मालिक, हम सब जानते हैं किस की मेहनत रंग लाई.पारो यह सब सुन रही थी लेकिन उसको समझ नहीं आ रहा था कि हम किस की बात कर रहे हैं.
कहानी जारी रहेगी.
इतना सुनना था कि मैंने फुल स्पीड से धक्के मारने शुरू कर दिये और बहुत जल्दी ही लंड को पूरा चूत के अंदर डाल कर फव्वारा छोड़ दिया और उसके चूतड़ को कस के पकड़े रहा ताकि वीर्य का एक कतरा भी बाहर न गिरे.
उधर नैना ने नीचे से चंचल की चूत को ऊपर उठाये रखा और फिर एक तकिया उसकी चूत के नीचे रख कर आप नीचे से हट गई.ऐसा करने के बाद ही नैना चंचल के नीचे से हटी और मुझको कहा- आप चंचल की चूत से लंड निकाल लो.
हम सबने नोट किया कि वीर्य का एक कतरा भी बाहर नहीं गिरा.नैना ने चंचल को सीधा लेटने से पहले उसकी गांड के नीचे दो मोटे तकिये रख दिए ताकि उसकी कमर ऊपर को उठी रहे और वीर्य बाहर न गिर सके.
मैं बहुत हैरान था कि नैना को यह सब कैसे मालूम था.तब उस ने बताया कि जब वो विधवा हुई तो उसने सोचा कि वो एक अच्छी दाई बन सकती है जिससे अच्छी आमदन भी सकती है तो वो एक बूढ़ी दाई के साथ काम सीखने लगी.यह दूध और तकिये का और तारीख देख कर चोदना दाई से ही सीखा था.
नैना आगे बोली- यह छोटे मालिक जो इतनी ज्यादा चुदाई कर लेते हैं, उसका राज़ भी मैं जानती हूँ.मैं बोला- अच्छा बताओ, क्या राज़ है इसमें?नैना बोली- अभी नहीं, जब वक्त आएगा तो बता दूंगी सब कुछ आपको, चंचल तू जानती है कि छोटे मालिक कितनी औरतों को हरा कर चुके है यानि गर्भवती कर चुके हैं?
मैं बोला- नैना, नहीं बताना किसी को! वैसे कुछ गाँव से खबर आई क्या?नैना बोली- कौन सी खबर छोटे मालिक?‘वही जो तू सुनना चाहती है. छाया की और दूसरी औरतों की?’‘नहीं छोटे मालिक!’‘चलो फिर सो जाते हैं, काफी रात हो गई है.’नैना बोली- छोटे मालिक, आपको सुबह को फिर चंचल को चोदना हो गा जैसा आज चोदा था.मैं हँसते हुए बोला- नैना, तू तो मुझको सरकारी साँड बना रही है. तू बाहर एक बोर्ड लगा दे कि ‘यहाँ औरतों को गर्भवती बनाया जाता है!’
हम सब बहुत हँसे और फिर हम तीनों एक दूसरे की बाँहों में सो गये.
सुबह उठ कर पहला काम वही किया, चंचल को फिर से चोदा नैना की देख रेख में.और इस चुदाई के बाद नैना बोली- चंचल आज चली जायेगी क्यूंकि इसका पति आज वापस आ जायेगा. और सुन चंचल आज रात को पति से दो बार ज़रूर चुदवाना नहीं तो सब गड़बड़ हो जाएगा.
उस दिन मैं कालेज जल्दी चला गया क्यूंकि कालेज की एक ख़ास मीटिंग थी.शाम को घर आया तो नैना ने हँसते हुए बताया- छोटे मालिक, बधाई हो छाया के घर लड़का हुआ है.मैं भी हँसते हुए बोला- तुझको बधाई हो! तेरी ही सहेली है न!नैना बोली- हाँ, वो तो है. उसके लड़के के जन्म से मैं बहुत खुश हूँ. आखिर उसकी तमन्ना पूरी हो गई. छाया आपको शुक्रिया कह रही थी.मैं बोला- मेरा शुक्रिया क्यों? उसके पति की मेहनत जो सफल हुई.नैना हंसने लगी और बोली- रहने दो छोटे मालिक, हम सब जानते हैं किस की मेहनत रंग लाई.पारो यह सब सुन रही थी लेकिन उसको समझ नहीं आ रहा था कि हम किस की बात कर रहे हैं.
कहानी जारी रहेगी.