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जग्गू को घिन आ गयी, पता नहीं रीमा क्या क्या करवाएगी उससे | उसका लंड भी तना हुआ था, काफी देर से वो उसे हाथ से मसल रहा था, जग्गू के दिमाग में रीमा पूरी तरह से छाई हुई थी रीमा के लिए वो अभी समुन्दर में भी कूद जाये यहाँ तो बस प्रियम पर झुकाना था | जग्गू प्रियम के पीछे जाकर के खड़ा हो गया राजू पहले से झुका हुआ था प्रियम ने बाहर निकले लंड को फटाक से राजू की गांड में पेल दिया | प्रियम जानता था यहाँ उसका कुछ बस नहीं चलने वाला है, रीमा चाची से पंगे लेने पर आज वो सचमुच में पछता रहा था | उसे पहले ही अकल आ जानी थी लेकिन पता नहीं किसने उसकी बुद्धि भ्रस्त कर दी थी | ये आफत उसकी खुद की बनायीं हुई थी अब तो बस उसे अपनी और रीमा चाची की नजरो में अपमानित होना ही बाकि रह गया था | रीमा ने वो भी कसर पूरी कर दी | अब इससे ज्यादा और कोई क्या उसकी इज्जत उछाल सकता था | उसका ही खास दोस्त उसके पीछे अपना लंड थामे खड़ा था | इस घोर अपमान से प्रियम की आंखे गीली हो गयी | उसने मन ही मन कसम खाई अब से वो कभी भी रीमा चाची के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचेगा | क्योंकि जो भी उसके साथ होने जा रहा है वो खुद उसकी ही गलती है | जग्गू ने प्रियम को अच्छे से पीछे से जकड़ लिया और उसकी गांड पर अपना मोटापा फूला हुआ सख्त लंड सटा दिया | प्रियम की कोरी करारी गांड का छेद भी इससे पहले कभी नहीं खुला था | जग्गू ने अपना जोर बढ़ा दिया | प्रियम को तो समझ में आ गया था उसकी गांड की फट रही है क्योंकि उसकी गांड में मोटा लंड छोड़ो उंगली तक नहीं गई थी | उसने कहा जग्गू से बोला अबे जग्गू लार तो लगा ले |
जग्गू बोला - हां यार मैंने भी नहीं चाहता कि तेरी गांड मेरे सीखे लंड से चीर जाए |
प्रियम को जग्गू के इस डायलोग पर गुस्सा आ गया - बेटा अभी तेरी मारूगां तब पता चलेगा सुखा लंड क्या होता है |
जग्गू ने अपने लंड पर ढेर सारी लार उड़ेल दी और उसे मलने लगा |
आगे प्रियम अपनी कमर हिला कर के राजू की गांड मारने लगा था राजू नीचे की तरफ झुका हुआ उसकी गांड ऊपर की तरफ हवा में उठी हुई थी और उस पर प्रियम लदा हुआ था अब उसके ऊपर जग्गू लद गया था | प्रियम का लंड राजू के गांड में घुसा हुआ था लेकिन प्रियम राजू को पकड़कर थम गया क्योंकि जग्गू ने जोर बढ़ा दिया था और प्रियम की गांड का छल्ला फ़ैलाने लगा था उसको दर्द होने लगा | उसने जबड़े भीच लिए थे और उसके हाथो की पकड़ राजू पर और ज्यादा सख्त हो गयी | जग्गू ने प्रियम को थामकर एक जोरदार तरीके से झटका मारा जग्गू का लंड का सुपाड़ा प्रियम की कोरी कुंवारी गांड में घुस गया था प्रियम के मुंह से चीख निकल गई | उसकी आंखे आंसुओं से डबडबा आई | प्रियम की चीख सुन रीमा के अंदर ही अंदर एक सुकून की लहर दौड़ गयी - हरम जड़ो मेरी इज्जत से खेलने चले थे, अब मेरे सामने ही सबकी इज्जत तार तार हो रही है |
रीमा गरजी - अब पता चला ऐसे ही चीख निकलती है जब कोई लंड किसी चूत में जाता है या किसी औरत की गांड में ऐसे ही लंड को घुसाते हैं तब भी तो ऐसी ही चीखे निकलती हैं | आह्ह खुस कर दिया तुमने प्रियम बेबी | अब तुम भी चुदाई का दर्द का अनुभव कर रहे हो | उम्मीद है तुम्हे अकल आएगी |
रीमा - जग्गू शुरू हो जा, तुझे क्या न्योता बेजू |
उसको बदला लेते समय इतना सुकून कभी नहीं मिला जितना उसे प्रियम की चीख सुनकर मिला था अब साले इसको समझ में आएगा लंड की चुदाई क्या होती है अब सालो को पता चलेगा जब कोई लंड अंदर घुसता है तो कैसा महसूस होता है |
जग्गू ने फिर से लंड को हल्का सा पीछे खींच लिया जोरदार झटका दिया | प्रियम तो घुटनों के बल होकर भी खडभड़ा गया | जग्गू ने पूरी ताकत से उसकी गांड पर लंड की ठोकर मरी | उसका लंड प्रियम की गांड के सख्त छेद को फैलाता हुआ अन्दर तक घुस गया | प्रियम के मुहँ से एक लम्बी जोरदार चीख निकल | वो दर्द से हाथ पैर पटकने लगा | जग्गू के लगे धक्के से उसका लंड भी राजू की गांड में घुस गया | जग्गू ने जोर से दबाव बनाये रखा जग्गू का लंड प्रियम की गांड में और अन्दर तक घुसता हुआ चला गया | ये देखकर जग्गू को बहुत ही खुशी हुई की उसका लंड प्रियम की कसी हुई गांड में समां गया था | जग्गू ने एक हुंकार भरी | राजू दोनों के बोझ से दबा जा रहा था | प्रियम को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और उसकी गांड में बहुत तेज जलन भी हो रही थी यही हाल राजू का था लेकिन राजू कुछ देर पहले से गांड मरवा रहा था इसलिए उसका दर्द कम हो चुका था लेकिन प्रियम की तो बुरी हालत है उसने अपनी कमर हिलाने बंद कर दी वह अपनी गांड में होने वाले दर्द को बर्दाश्त करने की पूरी कोशिश कर रहा था उर इसीलिए इधर उधर हाथ पाँव पटक रहा था | इसके उलट जग्गू पुरे जोश में था |
रीमा ने तीनो की हालत देखि और धमकाते हुए बोली - मैंने यहाँ कोई गांड का दर्द निवारण केंद्र खोल रखा है, गांड मरवाओगे तो दर्द तो होगा ही | जग्गू मेरी चूत के दर्शन करने है की नहीं |
रीमा की चूत की बात सुनते ही जग्गू को जोश आ गया | उसके सटक से एक जोर दार धक्का प्रियम के चुताड़ो पट लगाया और उसका मोटा लंड प्रियम की गांड में पैबस्त हो गया | ठोकर इतनी तेज थी की प्रियम का लंड भी राजू के गांड में घुस गया | जग्गू प्रियम को थाम कर तेज तेज अपनी कमर हिलाने लगा | उसके ठोकरों से प्रियम भी हिलाने लगा जिससे उसका लंड अपने आप ही राजू की गांड मारने लगा | क्या नजारा था रीमा तो अन्दर तक वासना से नाहा सी गयी | वो कैमरा छोड़कर तेजी से अपनी गुलाबी चूत मसलने लगी | और जग्गू की तरफ जांघे फैलाकर दिखाते हुए - जग्गू तुझे ये चाहिए की नहीं |
जग्गू तेज मारते धक्को की वजह से हांफता हुआ - हाँ मैडम बिलकुल चाहिए |
रीमा - तो जोर जोर से चोद साले इस भडवे को | मार साले की गांड जोरदार तरीके से | अपने लंड से मसल कर कुचकर रख दे इसकी हरामी गांड को |
जग्गू का जोश तो दुगना हो गया जैसे उसे किसी ने वियाग्रा की गोली खिला दी हो | जग्गू पुरे जोश से धक्के मारने लगा | प्रियम की हालत पतली हो गयी | एक तो पिछवाड़े में भीषण दर्द और उसपर से जग्गू के भीषण धक्के | प्रियम तो जैसे बेहोश होने की कगार पर पंहुच गया | प्रियम के मुहँ से बस दर्द भरी कराहे ही निकल रही थी और उसके शरीर में जीतनी ताकत थी उससे वो खुद की गांड में हो रहे दर्द को बर्दास्त करने की कोशिश कर रहा था | जग्गू के धक्को से राजू की गांड तो अपने आप ही प्रियम का लंड अन्दर ले रही थी |
जग्गू बोला - हां यार मैंने भी नहीं चाहता कि तेरी गांड मेरे सीखे लंड से चीर जाए |
प्रियम को जग्गू के इस डायलोग पर गुस्सा आ गया - बेटा अभी तेरी मारूगां तब पता चलेगा सुखा लंड क्या होता है |
जग्गू ने अपने लंड पर ढेर सारी लार उड़ेल दी और उसे मलने लगा |
आगे प्रियम अपनी कमर हिला कर के राजू की गांड मारने लगा था राजू नीचे की तरफ झुका हुआ उसकी गांड ऊपर की तरफ हवा में उठी हुई थी और उस पर प्रियम लदा हुआ था अब उसके ऊपर जग्गू लद गया था | प्रियम का लंड राजू के गांड में घुसा हुआ था लेकिन प्रियम राजू को पकड़कर थम गया क्योंकि जग्गू ने जोर बढ़ा दिया था और प्रियम की गांड का छल्ला फ़ैलाने लगा था उसको दर्द होने लगा | उसने जबड़े भीच लिए थे और उसके हाथो की पकड़ राजू पर और ज्यादा सख्त हो गयी | जग्गू ने प्रियम को थामकर एक जोरदार तरीके से झटका मारा जग्गू का लंड का सुपाड़ा प्रियम की कोरी कुंवारी गांड में घुस गया था प्रियम के मुंह से चीख निकल गई | उसकी आंखे आंसुओं से डबडबा आई | प्रियम की चीख सुन रीमा के अंदर ही अंदर एक सुकून की लहर दौड़ गयी - हरम जड़ो मेरी इज्जत से खेलने चले थे, अब मेरे सामने ही सबकी इज्जत तार तार हो रही है |
रीमा गरजी - अब पता चला ऐसे ही चीख निकलती है जब कोई लंड किसी चूत में जाता है या किसी औरत की गांड में ऐसे ही लंड को घुसाते हैं तब भी तो ऐसी ही चीखे निकलती हैं | आह्ह खुस कर दिया तुमने प्रियम बेबी | अब तुम भी चुदाई का दर्द का अनुभव कर रहे हो | उम्मीद है तुम्हे अकल आएगी |
रीमा - जग्गू शुरू हो जा, तुझे क्या न्योता बेजू |
उसको बदला लेते समय इतना सुकून कभी नहीं मिला जितना उसे प्रियम की चीख सुनकर मिला था अब साले इसको समझ में आएगा लंड की चुदाई क्या होती है अब सालो को पता चलेगा जब कोई लंड अंदर घुसता है तो कैसा महसूस होता है |
जग्गू ने फिर से लंड को हल्का सा पीछे खींच लिया जोरदार झटका दिया | प्रियम तो घुटनों के बल होकर भी खडभड़ा गया | जग्गू ने पूरी ताकत से उसकी गांड पर लंड की ठोकर मरी | उसका लंड प्रियम की गांड के सख्त छेद को फैलाता हुआ अन्दर तक घुस गया | प्रियम के मुहँ से एक लम्बी जोरदार चीख निकल | वो दर्द से हाथ पैर पटकने लगा | जग्गू के लगे धक्के से उसका लंड भी राजू की गांड में घुस गया | जग्गू ने जोर से दबाव बनाये रखा जग्गू का लंड प्रियम की गांड में और अन्दर तक घुसता हुआ चला गया | ये देखकर जग्गू को बहुत ही खुशी हुई की उसका लंड प्रियम की कसी हुई गांड में समां गया था | जग्गू ने एक हुंकार भरी | राजू दोनों के बोझ से दबा जा रहा था | प्रियम को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और उसकी गांड में बहुत तेज जलन भी हो रही थी यही हाल राजू का था लेकिन राजू कुछ देर पहले से गांड मरवा रहा था इसलिए उसका दर्द कम हो चुका था लेकिन प्रियम की तो बुरी हालत है उसने अपनी कमर हिलाने बंद कर दी वह अपनी गांड में होने वाले दर्द को बर्दाश्त करने की पूरी कोशिश कर रहा था उर इसीलिए इधर उधर हाथ पाँव पटक रहा था | इसके उलट जग्गू पुरे जोश में था |
रीमा ने तीनो की हालत देखि और धमकाते हुए बोली - मैंने यहाँ कोई गांड का दर्द निवारण केंद्र खोल रखा है, गांड मरवाओगे तो दर्द तो होगा ही | जग्गू मेरी चूत के दर्शन करने है की नहीं |
रीमा की चूत की बात सुनते ही जग्गू को जोश आ गया | उसके सटक से एक जोर दार धक्का प्रियम के चुताड़ो पट लगाया और उसका मोटा लंड प्रियम की गांड में पैबस्त हो गया | ठोकर इतनी तेज थी की प्रियम का लंड भी राजू के गांड में घुस गया | जग्गू प्रियम को थाम कर तेज तेज अपनी कमर हिलाने लगा | उसके ठोकरों से प्रियम भी हिलाने लगा जिससे उसका लंड अपने आप ही राजू की गांड मारने लगा | क्या नजारा था रीमा तो अन्दर तक वासना से नाहा सी गयी | वो कैमरा छोड़कर तेजी से अपनी गुलाबी चूत मसलने लगी | और जग्गू की तरफ जांघे फैलाकर दिखाते हुए - जग्गू तुझे ये चाहिए की नहीं |
जग्गू तेज मारते धक्को की वजह से हांफता हुआ - हाँ मैडम बिलकुल चाहिए |
रीमा - तो जोर जोर से चोद साले इस भडवे को | मार साले की गांड जोरदार तरीके से | अपने लंड से मसल कर कुचकर रख दे इसकी हरामी गांड को |
जग्गू का जोश तो दुगना हो गया जैसे उसे किसी ने वियाग्रा की गोली खिला दी हो | जग्गू पुरे जोश से धक्के मारने लगा | प्रियम की हालत पतली हो गयी | एक तो पिछवाड़े में भीषण दर्द और उसपर से जग्गू के भीषण धक्के | प्रियम तो जैसे बेहोश होने की कगार पर पंहुच गया | प्रियम के मुहँ से बस दर्द भरी कराहे ही निकल रही थी और उसके शरीर में जीतनी ताकत थी उससे वो खुद की गांड में हो रहे दर्द को बर्दास्त करने की कोशिश कर रहा था | जग्गू के धक्को से राजू की गांड तो अपने आप ही प्रियम का लंड अन्दर ले रही थी |