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जीतनी जल्दी रीमा उत्तेजित होकर चुदने के लिए तैयार हो जाएगी उत्तनी ही रोहित को आगे कम मेहनत करनी पड़ेगी | रोहित रीमा के चूत दाने को उंगलियों से रगड़ने लगा, रीमा के कुल्हो में हरकत होने लगी, रीमा की सांसे तेज होने लगी उसकी कमर अपने आप झटके खाने लगी, उसकी आंखे कामुक वासना से बंद होने लगी | उसके मुहँ से कामुम सिसकारियां और आहे निकालनी शुरू हो गयी |
रोहित ने रीमा के चूत दाने को रगड़ना जारी रखा | उसने चूत दाने को जोर से रगड़ दिया और रीमा के शरीर में एक एक कंपकंपी उसके चुताड़ो से उठकर ऊपर रीढ़ की हड्डी से होती हुई ऊपर की तरफ चली गयी | उसने चूत उंगलियाँ रखी और उसे कसकर मसल दिया | रीमा के मुहँ से मादक कराह निकल गयी, उसका ये हाल तब था जब वो कुछ देर पहले ही बुरी तरह चुद चुकी थी, एक मोटा मुसल लंड अपनी चूत में ले चुकी थी | उसकी चूत गीली होने लगी | रोहित ने गीली गरम चूत में दो उंगलियाँ घुसा दी और चोदने लगा | बीच बीच में उसके स्चुत दाने को अपनी गीली से चाटने लगता और फिर से उंगली रीमा की चूत में अन्दर बाहर करने लगता | रीमा की गीली गरम गुलाबी चूत सचमुच में बहुत गीली थी उसकी दीवारे भी नरम थी इसलिए गरम चूत में उंगलियाँ घुसाने में रोहित को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई
चूत रस से उंगलिया भीग गयी और चूत की गीली रपटीली दीवारों पर आराम से फिसलने लगी, रीमा की उत्तेजना बढती जा रही थी, उसके शरीर में एक मरोड़ सी उठने लगी, उसका शरीर पसीने से सरोबार था, उसकी चूत की दीवारों को रगडती उंगलियों के स्पंदन से उसकी आहे और तेज हो गयी, वो तेज आवाज में सिकरियां भरने लगी, रोहित जैसे जैसे रीमा की चूत को उंगलियों से चोदने की गति बढाता गया वैसे वैसे रीमा का बदन अकड़ने लगा, उसका ओर्गास्म निकट, उसका शरीर अकड़ गया, कमर चुतड जांघे सब कांपने लगे, उसने बेड पर कसकर अपने हाथ जमा दिए, उसका शरीर कांपने लगा और उसके चूत से चूत रस निकर उसकी जांघो पर बहने लगा, धीरे धीरे उसका शरीर ने कांपना बंद कर दिया, उसके हाथो की पकड़ ढीली हो गयी और उसने शरीर को ढीला छोड़ दिया |
रोहित कुछ देर तक थमा रहा फिर उसने रीमा की जांघो के बीच हरकत शुरू कर दी, स्त्री को सबसे तेज उत्तेजित करने का तरीका है चूत का दाना | रोहित फिर से बेदर्दी से रीमा का चूत दाना रगड़ने लगा, रीमा फिर से गरम होने | इसी बीच रीमा ने पलती खाई और बेड के सिरहाने का सहारा लेकर अपने घुटने पर आ गयी | रोहित एक हाथ से उसके चूत दाने को रगड़ने लगा, उसकी चूत के गुलाबी पतले ओंठो पर अपनी उंगलियाँ फिराने लगा |
रोहित के सामने रीमा का संगमरमरी जिस्म नुमाया था | उसकी खूबसूरत सुडौल मांसल उठे हुए चुतड और चिकनी मखमली गुलाबी चूत कमरे की रौशनी में चमकने लगे | रोहित रीमा के दमकते गुलाबी संगमरमर जैसे जिस्म को देखकर मदहोश था | रीमा की सफ़ेद चिकनी पीठ उसके नरम लेकिन ठोस मांसल भरे हुए चुतड, उसकी गांड का छेद और फूल बनने को तैयार कली की तरह खुली गुलाबी गीली चूत के पतले नाजुक ओंठ | रोहित रीमा के हुस्न में ही खोकर रह गया था, रीमा ने हल्की मुस्कराहट के साथ सेक्सी अंदाज में रोहित को देखा, ये आमंत्रण था उसकी चूत चूसने का |
रोहित ने सर को रीमा की जांघो के पास घुसा दिया और अपने ओंठ रीमा की चूत के मुहाने तक ले आया और अपनी खुरधुरी गीली जीभ से रीमा के गुलाबी चूत ओंठो को चाट रहा था |
रीमा कामुकता भरी तरंगो में गोते लगाने लगी , उसने अपने ओठो को ही काटना शुरू कर दिया था | अपनी उंगलिया ही पाने होठो पर फिराने लगी अपने स्तनों को मसलने लगी | रोहित बस रीमा की चूत घाटी में ही खोया हुआ था | रीमा जोर जोर से सिसकारियां भर कर अपने ही ओंठ चबाने लगी |
थोड़ी देर बात रोहित नीचे से होता हुआ ऊपर बढ़कर रीमा सर के पास आ गया | रीमा ने अपने दहकते ओठ रोहित के ओंठो से सटा दिए | दोनों की गरम सांसे एक दुसरे के चेहरे तपाने लगी | रीमा ने रोहित का हाथ नीचे से खीच कर पाने स्तन पर रख दिया | रोहित रीमा के सुडौल सख्त स्तन दबाने लगा मसलने लगा | रोहित दोनों हाथो से रीमा के दोनों स्तन को मसलने लगा, और जोर से रीमा के निचले ओठ पर अपने दांत गडा दिए | फिरनीचे आकर उसके कड़े हो चुके निपल्ल चूसने लगा, उन्हें दांतों के बीच लेकर काटने लगा | चुदाई के लिए बुरी तरह से गरमाई औरत के जिस्म में ये सब हरकते उसकी उत्तेजना आनंद और बढ़ा देती है | नीचे रोहित लंड बुरी तरह तनकर फूल गया था | वो रीमा की जांघो के बीच बनी चूत घाटी के चिकने मैदान में दो जिस्मो के बीच पिसता हुआ रीमा के चुभ रहा था | रोहित के तपते लंड की चुभन अकडन सब रीमा को महसूस हो रही थी | रीमा ने एक हाथ नीचे डाल कर तपते लंड को पाने हाथो में थम लिया और सहलाने लगी | रीमा १० मिनट के अन्दर फिर से पूरी तरह उत्त्तेजित हो गयी थी, उसकी चूत फिर से रस बहाने लगी थी , सांसे तेज हो गयी थी, गर्मी से तपता बदन फिर से पसीने से सरोबार होने लगा था | यही हाल रोहित का भी था | दोनों एक दुसरे के धड़कते दिल महसूस का सकते थे | काफी देर तक जब चूमे चाटने काटने मसलने रगड़ने का सिलसिला ख़त्म नहीं हुआ | तो रीमा हांफते हुए – आज क्या मुझे चुमते चूसते हो रहोगे ?
रोहित रीमा को पूरी तरह से भोगना चाहता थ और रीमा के जिस्म के हर अंग को भी उसका भागीदार बनाना चाहता था | वो चाहता थ अकी ये चुदाई का अहसास रीमा के जिस्म का हर रोम रोम महसूस करे | रोहित ने रीमा की बात को अनसुना कर दिया | रीमा से अब रहा नहीं जा रहा था, उसकी चूत अब झरना बन चुकी थी उसकी चूत के बहते पानी से उसकी जांघे गीली हो गयी थी | रीमा – चूसने रगड़ने से फुर्सत मिल गयी तो नीचे का भी कुछ ख्याल करोगे |
रोहित भी आज रीमा के मुहँ से सुनना ही चाहता था – मजा नहीं आ रहा क्या, जो कहना है खुलकर बोलो, इस समय ये कोड वर्ड मेरे दिमाग में नहीं घुसने वाले |
रीमा – तुम तो मुझे चूम चाट कर मस्त हो और उसे क्या ऐसे ही तड़पाते रहोगे | रोहित ने इशारे से सवालिया मुद्रा बनायीं |
रोहित ने रीमा के चूत दाने को रगड़ना जारी रखा | उसने चूत दाने को जोर से रगड़ दिया और रीमा के शरीर में एक एक कंपकंपी उसके चुताड़ो से उठकर ऊपर रीढ़ की हड्डी से होती हुई ऊपर की तरफ चली गयी | उसने चूत उंगलियाँ रखी और उसे कसकर मसल दिया | रीमा के मुहँ से मादक कराह निकल गयी, उसका ये हाल तब था जब वो कुछ देर पहले ही बुरी तरह चुद चुकी थी, एक मोटा मुसल लंड अपनी चूत में ले चुकी थी | उसकी चूत गीली होने लगी | रोहित ने गीली गरम चूत में दो उंगलियाँ घुसा दी और चोदने लगा | बीच बीच में उसके स्चुत दाने को अपनी गीली से चाटने लगता और फिर से उंगली रीमा की चूत में अन्दर बाहर करने लगता | रीमा की गीली गरम गुलाबी चूत सचमुच में बहुत गीली थी उसकी दीवारे भी नरम थी इसलिए गरम चूत में उंगलियाँ घुसाने में रोहित को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई
चूत रस से उंगलिया भीग गयी और चूत की गीली रपटीली दीवारों पर आराम से फिसलने लगी, रीमा की उत्तेजना बढती जा रही थी, उसके शरीर में एक मरोड़ सी उठने लगी, उसका शरीर पसीने से सरोबार था, उसकी चूत की दीवारों को रगडती उंगलियों के स्पंदन से उसकी आहे और तेज हो गयी, वो तेज आवाज में सिकरियां भरने लगी, रोहित जैसे जैसे रीमा की चूत को उंगलियों से चोदने की गति बढाता गया वैसे वैसे रीमा का बदन अकड़ने लगा, उसका ओर्गास्म निकट, उसका शरीर अकड़ गया, कमर चुतड जांघे सब कांपने लगे, उसने बेड पर कसकर अपने हाथ जमा दिए, उसका शरीर कांपने लगा और उसके चूत से चूत रस निकर उसकी जांघो पर बहने लगा, धीरे धीरे उसका शरीर ने कांपना बंद कर दिया, उसके हाथो की पकड़ ढीली हो गयी और उसने शरीर को ढीला छोड़ दिया |
रोहित कुछ देर तक थमा रहा फिर उसने रीमा की जांघो के बीच हरकत शुरू कर दी, स्त्री को सबसे तेज उत्तेजित करने का तरीका है चूत का दाना | रोहित फिर से बेदर्दी से रीमा का चूत दाना रगड़ने लगा, रीमा फिर से गरम होने | इसी बीच रीमा ने पलती खाई और बेड के सिरहाने का सहारा लेकर अपने घुटने पर आ गयी | रोहित एक हाथ से उसके चूत दाने को रगड़ने लगा, उसकी चूत के गुलाबी पतले ओंठो पर अपनी उंगलियाँ फिराने लगा |
रोहित के सामने रीमा का संगमरमरी जिस्म नुमाया था | उसकी खूबसूरत सुडौल मांसल उठे हुए चुतड और चिकनी मखमली गुलाबी चूत कमरे की रौशनी में चमकने लगे | रोहित रीमा के दमकते गुलाबी संगमरमर जैसे जिस्म को देखकर मदहोश था | रीमा की सफ़ेद चिकनी पीठ उसके नरम लेकिन ठोस मांसल भरे हुए चुतड, उसकी गांड का छेद और फूल बनने को तैयार कली की तरह खुली गुलाबी गीली चूत के पतले नाजुक ओंठ | रोहित रीमा के हुस्न में ही खोकर रह गया था, रीमा ने हल्की मुस्कराहट के साथ सेक्सी अंदाज में रोहित को देखा, ये आमंत्रण था उसकी चूत चूसने का |
रोहित ने सर को रीमा की जांघो के पास घुसा दिया और अपने ओंठ रीमा की चूत के मुहाने तक ले आया और अपनी खुरधुरी गीली जीभ से रीमा के गुलाबी चूत ओंठो को चाट रहा था |
रीमा कामुकता भरी तरंगो में गोते लगाने लगी , उसने अपने ओठो को ही काटना शुरू कर दिया था | अपनी उंगलिया ही पाने होठो पर फिराने लगी अपने स्तनों को मसलने लगी | रोहित बस रीमा की चूत घाटी में ही खोया हुआ था | रीमा जोर जोर से सिसकारियां भर कर अपने ही ओंठ चबाने लगी |
थोड़ी देर बात रोहित नीचे से होता हुआ ऊपर बढ़कर रीमा सर के पास आ गया | रीमा ने अपने दहकते ओठ रोहित के ओंठो से सटा दिए | दोनों की गरम सांसे एक दुसरे के चेहरे तपाने लगी | रीमा ने रोहित का हाथ नीचे से खीच कर पाने स्तन पर रख दिया | रोहित रीमा के सुडौल सख्त स्तन दबाने लगा मसलने लगा | रोहित दोनों हाथो से रीमा के दोनों स्तन को मसलने लगा, और जोर से रीमा के निचले ओठ पर अपने दांत गडा दिए | फिरनीचे आकर उसके कड़े हो चुके निपल्ल चूसने लगा, उन्हें दांतों के बीच लेकर काटने लगा | चुदाई के लिए बुरी तरह से गरमाई औरत के जिस्म में ये सब हरकते उसकी उत्तेजना आनंद और बढ़ा देती है | नीचे रोहित लंड बुरी तरह तनकर फूल गया था | वो रीमा की जांघो के बीच बनी चूत घाटी के चिकने मैदान में दो जिस्मो के बीच पिसता हुआ रीमा के चुभ रहा था | रोहित के तपते लंड की चुभन अकडन सब रीमा को महसूस हो रही थी | रीमा ने एक हाथ नीचे डाल कर तपते लंड को पाने हाथो में थम लिया और सहलाने लगी | रीमा १० मिनट के अन्दर फिर से पूरी तरह उत्त्तेजित हो गयी थी, उसकी चूत फिर से रस बहाने लगी थी , सांसे तेज हो गयी थी, गर्मी से तपता बदन फिर से पसीने से सरोबार होने लगा था | यही हाल रोहित का भी था | दोनों एक दुसरे के धड़कते दिल महसूस का सकते थे | काफी देर तक जब चूमे चाटने काटने मसलने रगड़ने का सिलसिला ख़त्म नहीं हुआ | तो रीमा हांफते हुए – आज क्या मुझे चुमते चूसते हो रहोगे ?
रोहित रीमा को पूरी तरह से भोगना चाहता थ और रीमा के जिस्म के हर अंग को भी उसका भागीदार बनाना चाहता था | वो चाहता थ अकी ये चुदाई का अहसास रीमा के जिस्म का हर रोम रोम महसूस करे | रोहित ने रीमा की बात को अनसुना कर दिया | रीमा से अब रहा नहीं जा रहा था, उसकी चूत अब झरना बन चुकी थी उसकी चूत के बहते पानी से उसकी जांघे गीली हो गयी थी | रीमा – चूसने रगड़ने से फुर्सत मिल गयी तो नीचे का भी कुछ ख्याल करोगे |
रोहित भी आज रीमा के मुहँ से सुनना ही चाहता था – मजा नहीं आ रहा क्या, जो कहना है खुलकर बोलो, इस समय ये कोड वर्ड मेरे दिमाग में नहीं घुसने वाले |
रीमा – तुम तो मुझे चूम चाट कर मस्त हो और उसे क्या ऐसे ही तड़पाते रहोगे | रोहित ने इशारे से सवालिया मुद्रा बनायीं |