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रीमा – हाय हाय मुझे लगा मै कोई सपना देख रही हूँ, तुम तो सचमुच में.............|
रोहित – सचमुच में क्या ?
रीमा – तुम अब तक घर नहीं गए, कितने बजे है रात के (कमरे में परदे पड़े थे इसलिए सूरज के उजाले से पता लगाना मुश्किल था ) घडी की तरफ देखते हुए – 9 बजने वालेहै , तुम अब तक यही हो और प्रियम को किसने तैयार किया होगा ??????
रीमा को परेशान देख, रोहित उसे चूमने लगा | रीमा उसे झटकते हुए बोली – छोड़ो मुझे |
रोहित – अभी तो कह रही थी ऐसे ही हौले हौले चोदते रहो मुझे, अब छोड़ने की बात कर रही हो |
रीमा झुन्झुलाकर – मै एक गन्दा सपना देख रही थी बाबा |
रोहित ने रीमा की चूत में लंड ठेल दिया – गन्दा, चुदाई तुम्हे गन्दी लगती है, फिर चुदाई के सपने क्यों देखती हो, क्योंकि तुमारा मन चुदने को करता है और इसका मतलब तुम गन्दा सोचती हो, इसीलिए गन्दा सपना देखती हो | चुदाई तो चुदाई है |
रीमा परेशान होते हुई – अरे प्रियम .......????
रोहित ने उसके ओंठो पर अपने ओंठ रख दिए, रीमा ने मुहँ फेर लिया | रोहित – प्रियम को कॉलेज के लिए विदा करने के बाद यहाँ आया हूँ, अब खुश |
रीमा – मतलब तुम अपने घर गए थे |
रोहित – हाँ रीमा, अब तो अपना ड्रीम एन्जॉय करो, हौले हौले धीरे धीरे, अन्दर तक .........|
रीमा – शटउप, सुबह सुबह ये क्या फितूर चढ़ा है, रात में करके मन नहीं भरा, कल शाम से जब से आये हो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हो, दो बार तो कर चुके हो अभी भी ठरक चड़ी हुई है |
रोहित – अरे तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे मै ही सब केवल अपने लिए कर रहा हूँ, क्यों ??? अकेला मै ही थोड़े हूँ, तुम भी कहाँ रुकने दे रही हो, हर बार तो राजी हो जाती है, मै अकेला थोड़े तुम्हे चोद रहा हूँ, तुम भी तो चुद रही हो, तुमारी चूत भी तो मेरे लंड की उतनी ही दीवानी है जितना मेरा लंड तुमारी चूत का प्यासा |
रीमा – कितना गन्दा गन्दा बोलते हो, दुसरे तरीके से भी तो बोल सकते हो, पता नहीं बोल बोल क्या क्या गन्दा गन्दा सिखा दोगे मुझे |
इतना कहकर रीमा ने अपनी कमर और चूतड़ ऊपर उठा दिए, अपने हाथो से बेड की चादर भींच ली | रोहित भी रीमा की चूत में अन्दर तक लंड धंसता चला और गहराई तक धक्के लगाने लगा | हर झटके के साथ रीमा कराहने लगी |
रोहित – रीमा मेरी जान चुदाई दुसरे किसी और तरीके से नहीं कर सकते है , चुदाई होती ही एक तरीके से है चूत में लंड, चूत में लंड, चिकनी चूत में लंड, चिकनी मखमली चूत को अन्दर तक चीर कर पूरा लंड जड़ तक घुसा कर, दे पेलम पेल चुदाई होती है | रोहित धक्के लगाते हुए बोला |
रीमा – छी छी छी तुम मर्दों को न बस यही सब आता, तुमारा बस चले तो यही सब गन्दी गन्दी जबान हम औरतो को भी सिखा दो | बड़ा मजा आता है न जब औरत के मुहँ से ऐसे गंदे शब्द सुनते हो |
रोहित – इसमें गन्दा क्या है, हम वही कर भी तो रहे है, अन्दर तक चुदने के लिए अभी चूतड़ किसने ऊपर उठाये | पूरा लंड चूत में लेने के लिए अभी किसने कमर ऊपर करी |
रीमा – उफ्फ्फफ्फ्फ़ बस यही तोहमत रह गयी थी, जिन्दा लाश की तरह पड़ी रंहू क्या ????????????
करने में मदद करो तो भी दोष औरत का ही लगेगा, तुम्हे करने में कोई दिक्कत न हो बाबा, इसलिए थोड़ा कमर ऊँची कर दी | करना अलग चीज है, सभी करते है लेकिन उसी चीज को बोलना जरुरी है क्या ???? पूरी रात वही तो किया है लेकिन तो क्या उसकी कमेंट्री करोगे बैठकर |
रोहित ने जोर का धक्का लगाया |
रीमा – आआआऊऊऊऊऊऊऊऊउईईईईई आआऐईईईईईईईईईई ऊऊऊऊउ आऔऊऊऊऊउच, उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआआआऐईईईईईईईऊऊऊऊऊऊऊऊ आराम से नहीं कर सकते, मुझे सता के........ दर्द देकर क्या मिलता है, रबर की नहीं हूँ, हांड मांस का जिस्म है ..........आआआऐईईईईईईईऊऊऊऊऊऊऊऊ |
रोहित धक्का मारते हुए – भला मै क्यों सताऊंगा तुम्हे, मै तो बस तुम्हे जन्नत की सैर करवाना चाहता हूँ | तो बोलो न कैसे करना है, वैसे भी सारी मेहनत मै ही तो कर रहा हूँ, और तुम्हे है अपने ओंठ हिलाने में भी तकलीफ है | जैसे बोलोगी वैसे ही करूगां मेरी जान, बतावो तो सही कैसे चोदना है ये गुलाम बिलकुल उसी तरह तुमारी गुलाबी गीली चूत में अपन मुसल गरम लंड पेलेगा, और तुम्हें स्वर्ग की सैर कराएगा |
रीमा खीझ गयी – सुबह सुबह लोग परमात्मा का नाम लेते है जुबान पर, और तुम हो पता नहीं क्या क्या अंट शंट गन्दा गन्दा बोल रहे हो, मै नहीं बोलूंगी गन्दा संदा, मुझसे नहीं होगा | तुम्हे जो मर्जी में आये वो करो | वैसे भी मेरी सुनोगे कहाँ | करोगे वही जो तुम्हें पसंद होगा |
रोहित – एक बार बोलकर तो देखो |
रीमा – रहने दो, कल शाम से देख ही रही हूँ, कितना सुनी है मेरी, बस जब से आये हो तन को कपड़ा नहीं नसीब हुआ है ऊपर से बस किये जा रहे हो | इतनी जोर से झटका मारते हो, पूरा जिस्म अकड़ जाता है ये तो मै हूँ जो तुमारा झेल रही हूँ और कोई औरत होती अब तक अपना कुल्हा कमर लेकर बैठ गयी होती | एक बार के बाद छुने भी न देती |
रोहित - तो मना क्यों नहीं कर देती |
रोहित – सचमुच में क्या ?
रीमा – तुम अब तक घर नहीं गए, कितने बजे है रात के (कमरे में परदे पड़े थे इसलिए सूरज के उजाले से पता लगाना मुश्किल था ) घडी की तरफ देखते हुए – 9 बजने वालेहै , तुम अब तक यही हो और प्रियम को किसने तैयार किया होगा ??????
रीमा को परेशान देख, रोहित उसे चूमने लगा | रीमा उसे झटकते हुए बोली – छोड़ो मुझे |
रोहित – अभी तो कह रही थी ऐसे ही हौले हौले चोदते रहो मुझे, अब छोड़ने की बात कर रही हो |
रीमा झुन्झुलाकर – मै एक गन्दा सपना देख रही थी बाबा |
रोहित ने रीमा की चूत में लंड ठेल दिया – गन्दा, चुदाई तुम्हे गन्दी लगती है, फिर चुदाई के सपने क्यों देखती हो, क्योंकि तुमारा मन चुदने को करता है और इसका मतलब तुम गन्दा सोचती हो, इसीलिए गन्दा सपना देखती हो | चुदाई तो चुदाई है |
रीमा परेशान होते हुई – अरे प्रियम .......????
रोहित ने उसके ओंठो पर अपने ओंठ रख दिए, रीमा ने मुहँ फेर लिया | रोहित – प्रियम को कॉलेज के लिए विदा करने के बाद यहाँ आया हूँ, अब खुश |
रीमा – मतलब तुम अपने घर गए थे |
रोहित – हाँ रीमा, अब तो अपना ड्रीम एन्जॉय करो, हौले हौले धीरे धीरे, अन्दर तक .........|
रीमा – शटउप, सुबह सुबह ये क्या फितूर चढ़ा है, रात में करके मन नहीं भरा, कल शाम से जब से आये हो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हो, दो बार तो कर चुके हो अभी भी ठरक चड़ी हुई है |
रोहित – अरे तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे मै ही सब केवल अपने लिए कर रहा हूँ, क्यों ??? अकेला मै ही थोड़े हूँ, तुम भी कहाँ रुकने दे रही हो, हर बार तो राजी हो जाती है, मै अकेला थोड़े तुम्हे चोद रहा हूँ, तुम भी तो चुद रही हो, तुमारी चूत भी तो मेरे लंड की उतनी ही दीवानी है जितना मेरा लंड तुमारी चूत का प्यासा |
रीमा – कितना गन्दा गन्दा बोलते हो, दुसरे तरीके से भी तो बोल सकते हो, पता नहीं बोल बोल क्या क्या गन्दा गन्दा सिखा दोगे मुझे |
इतना कहकर रीमा ने अपनी कमर और चूतड़ ऊपर उठा दिए, अपने हाथो से बेड की चादर भींच ली | रोहित भी रीमा की चूत में अन्दर तक लंड धंसता चला और गहराई तक धक्के लगाने लगा | हर झटके के साथ रीमा कराहने लगी |
रोहित – रीमा मेरी जान चुदाई दुसरे किसी और तरीके से नहीं कर सकते है , चुदाई होती ही एक तरीके से है चूत में लंड, चूत में लंड, चिकनी चूत में लंड, चिकनी मखमली चूत को अन्दर तक चीर कर पूरा लंड जड़ तक घुसा कर, दे पेलम पेल चुदाई होती है | रोहित धक्के लगाते हुए बोला |
रीमा – छी छी छी तुम मर्दों को न बस यही सब आता, तुमारा बस चले तो यही सब गन्दी गन्दी जबान हम औरतो को भी सिखा दो | बड़ा मजा आता है न जब औरत के मुहँ से ऐसे गंदे शब्द सुनते हो |
रोहित – इसमें गन्दा क्या है, हम वही कर भी तो रहे है, अन्दर तक चुदने के लिए अभी चूतड़ किसने ऊपर उठाये | पूरा लंड चूत में लेने के लिए अभी किसने कमर ऊपर करी |
रीमा – उफ्फ्फफ्फ्फ़ बस यही तोहमत रह गयी थी, जिन्दा लाश की तरह पड़ी रंहू क्या ????????????
करने में मदद करो तो भी दोष औरत का ही लगेगा, तुम्हे करने में कोई दिक्कत न हो बाबा, इसलिए थोड़ा कमर ऊँची कर दी | करना अलग चीज है, सभी करते है लेकिन उसी चीज को बोलना जरुरी है क्या ???? पूरी रात वही तो किया है लेकिन तो क्या उसकी कमेंट्री करोगे बैठकर |
रोहित ने जोर का धक्का लगाया |
रीमा – आआआऊऊऊऊऊऊऊऊउईईईईई आआऐईईईईईईईईईई ऊऊऊऊउ आऔऊऊऊऊउच, उफ्फ्फफ्फ्फ़ आआआआऐईईईईईईईऊऊऊऊऊऊऊऊ आराम से नहीं कर सकते, मुझे सता के........ दर्द देकर क्या मिलता है, रबर की नहीं हूँ, हांड मांस का जिस्म है ..........आआआऐईईईईईईईऊऊऊऊऊऊऊऊ |
रोहित धक्का मारते हुए – भला मै क्यों सताऊंगा तुम्हे, मै तो बस तुम्हे जन्नत की सैर करवाना चाहता हूँ | तो बोलो न कैसे करना है, वैसे भी सारी मेहनत मै ही तो कर रहा हूँ, और तुम्हे है अपने ओंठ हिलाने में भी तकलीफ है | जैसे बोलोगी वैसे ही करूगां मेरी जान, बतावो तो सही कैसे चोदना है ये गुलाम बिलकुल उसी तरह तुमारी गुलाबी गीली चूत में अपन मुसल गरम लंड पेलेगा, और तुम्हें स्वर्ग की सैर कराएगा |
रीमा खीझ गयी – सुबह सुबह लोग परमात्मा का नाम लेते है जुबान पर, और तुम हो पता नहीं क्या क्या अंट शंट गन्दा गन्दा बोल रहे हो, मै नहीं बोलूंगी गन्दा संदा, मुझसे नहीं होगा | तुम्हे जो मर्जी में आये वो करो | वैसे भी मेरी सुनोगे कहाँ | करोगे वही जो तुम्हें पसंद होगा |
रोहित – एक बार बोलकर तो देखो |
रीमा – रहने दो, कल शाम से देख ही रही हूँ, कितना सुनी है मेरी, बस जब से आये हो तन को कपड़ा नहीं नसीब हुआ है ऊपर से बस किये जा रहे हो | इतनी जोर से झटका मारते हो, पूरा जिस्म अकड़ जाता है ये तो मै हूँ जो तुमारा झेल रही हूँ और कोई औरत होती अब तक अपना कुल्हा कमर लेकर बैठ गयी होती | एक बार के बाद छुने भी न देती |
रोहित - तो मना क्यों नहीं कर देती |