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Adultery हसीनों का मेला वासना का रेला

राज की उंगली अभी भी उसकी चूत में थी जो पूरी तरह से भीगी हुई थी। राज अपनी उंगली को धीरे से बाहर निकालकर अपने मुँह में ले लेता है और चूसने लगता है।

नजमा अपनी बोझिल आँखों से राज को देखती है जो इस समय नजमा की चूत का रस चाट रहा था। नजमा की चूत अभी भी पानी छोड़ रही थी जिसे राज देख रहा था। ऐसी हसीन चूत देखकर राज से रहा नहीं जाता और बो गाड़ी को साइड में खड़ी कर देता है।

बारिश तेज हो रही थी जिसकी वजह से गाड़ी के अंदर दिखना मश्किल था। गाड़ी रुकते ही राज नजमा की जाँघ पकड़कर अपनी तरफ खींचता है जिससे नजमा अपनी सीट पर लेट जाती है और उसकी चूत राज के बिल्कुल

सामनेजाती है। राज बिना टाइम खराब किए किसी कुत्ते की तरह उसकी चूत पर टूट पड़ता है और अपनी लंबी जीभ नजमा की गुलाबी चूत में पेल देता है। जिसमें नजमा पागल हो जाती है। राज उसकी चूत को चाट-चाट कर लाल कर देता है। वो अपनी लंबी जीभ से नजमा की चूत को ऊपर से नीचे तक चाट रहा था।

राज की इस तरह से चूत चाटने पर नजमा एक बार फिर से अपना पानी छोड़ देती है जिसे राज पूरा पी जाता हैं और निढाल होकर सीट पर लेटे-लेटे ही नजमा की आँख बंद हो जाती है। उसके शरीर में अब जान नहीं बची थी, 15 मिनट में वो दो बार बुरी तरह से झड़ी थी। में उसकी लाइफ का पहला अनुभव था जब वो झड़ने का सुख महसूस कर रही थी। करीब 10 मिनट बाद जब नजमा को होश आता है तो देखती है की राज उसकी चूत

की मोबाइल से वीडियो क्लिप बना रहा था, जिसे देखकर नजमा डर जाती है। लेकिन राज उसे भरोसा दिलाता है की वो ऐसा कोई गलत काम नहीं करेगा। उसे बस आज बात के लिए चाहिए जिसे देखकर वो अपनी आग शांत कर सके।

नजमा राज को देखकर स्माइल करती है और उठकर राज के मोटे होंठ अपने नाजुक होंठों में कैद कर लेती है

और उसे एक तगड़ा किस करती है। जिसमें राज बहुत ज्यादा खुश हो जाता है। राज को खुश देखकर नजमा उसे घर तक छोड़ने को कहती है क्योंकी वो पहले ही लेट हो चुकी थी।

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तब राज गाड़ी को आगे बढ़ाता है। करीब दो किलोमीटर चलने के बाद नजमा गाड़ी रोकने को कहती है। राज गाड़ी रोक देता है। नजमा गाड़ी का दरवाजा खोलकर बाहर जाती है और वो राज के पास जाकर खड़ी हो जाती है

और उसे जाने के लिए कहती है। तब राज उसे घर तक छोड़ने को कहता है।

लेकिन नजमा उसे मना कर देती है और कहती है- "मेरा घर बस दो मिनट की दूरी पर है.." और नजमा झठ बोलती हैं क्योंकी वो नहीं चाहती थी की लोग उसे किसी और के साथ आता हुआ देखें।

तब राज उससे उसका मोबाइल नम्बर लेता है और कल सुबह साथ में चलने के लिए कहता है। नजमा हाँ कर देती हैं और गोड के दोनों तरफ देखने के बाद झुककर राज के होंठ चूम लेती हैं और उसे बाइ करके चली जाती हैं। राज जाती हुई निक्षा की गाण्ड देखकर एक आह भरता है और गाड़ी स्टार्ट करके घर की तरफ बढ़ जाता

नजमा अपने घर तक पहुँचते-पहुँचते सिर्फ यही सोचता रही की राज ने आज उसे बिना चोदे ही दो बार जन्नत की सैर करवा दी, और जब वो चोदेगा तो मैं कितनी बार झइंगी पता नहीं। नजमा के दिल में भी अब राज से चुदने की इच्छा हो रही थी, और वो चाहती भी थी की अगर राज उसे चोदने के लिए बोलेगा तो बो मना नहीं करेगी। तभी उसके दिल में जुनैद का ख्याल आता है और वो चौक जाती है। तब तक उसका घर आ जाता है। घर पहुँचते ही नजमा घर का लाक खोलती है और अंदर आ जाती है।

नजमा सीधे अपने बेडरूम में जाकर अपने शरीर के सारे कपड़े उतार फेंकती है और जाकर शीशे के सामने खड़ी हो जाती है। नंगी होकर तो वो हमेशा शीशे के सामने खड़ी होती थी। लेकिन आज उसे अपने शरीर में कुछ अलग सा लग रहा था। अपनी चूचियों को अपनी कमर को देखने के बाद जब वो अपनी चूत देखती हैं तो उसकी सांसें अपने आप भारी होने लगती हैं।

उसकी चूत अभी भी लाल पड़ी हुई थी। उसकी जांघों पर भी कई जगह लाल नजमान थे। लेकिन सबसे गहरा नजमान उसकी चूत पर था जिसे राज ने बुरी तरह से चाटकर बनाया था। उसकी चूत में अभी भी राज की जीभ महसूस हो रही थी। राज का नाम सोचते ही नजमा अपनी एक उंगली चूत में डालती है, और उंगली करना शुरू कर देती है। लेकिन उसे वो मजा नहीं आ रहा था जो मजा उसे राज ने दिया था। फिर भी लगातार अपनी चूत में उंगली पलें जा रही थी। उत्तेजित होने के कारण कब उसने अपनी चूत में तीन उंगली ले ली थी उसे पता ही नहीं चला और राज को सोचते ही उसने अपना पानी छोड़ दिया। ये तीसरी या चौथी बार था जब वो झड़ी थी। उसकी चूत में पानी निकल रहा था और वो मदहोश होकर लेटी रही।

नजमा की लाइफ का ये पहला हस्तमैथुन था जो उसने किया था।
 
उधर राज का भी बुरा हाल था। नजमा को याद करके उसकी हालत खराब हो जाती थी। आज तो उसने उसकी चूत को भी चाट लिया था। ये सब राज के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। राज जब घर पहुँचता है तो वो सीधे अपने कमरे में जाता है और अपने सारे कपड़े उतारकर फा नंगा हो जाता है, और अपने लण्ड की तरफ देखता है। आज उसे अपना लण्ड पहले से भी ज्यादा बड़ा लग रहा था और वो अपने लण्ड का दोनों हाथों से पकड़ने की कोशिश करता है, फिर भी उसका लण्ड आधे से ज्यादा बाहर था।

राज का लण्ड लगभग 10 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था। कोई भी लड़की राज का लण्ड आसानी से नहीं लें पाती थी। क्योंकी उसके लण्ड की मोटाईही अच्छी-अच्छी चूत को पहली बार में ही फाड़ देता था। नजमा को सोचते हुए वो अपना मोबाइल उठाकर अपना एम.एम.एस. बनाता है जिसमें वो अपना लण्ड हिला रहा था और फिर नजमा की चूत का वीडियो प्ले कर के मूठ मारना शुरू कर देता है। तभी उसके दिमाग में नजमा को चोदने का एक तगड़ा आइडिया आ जाता है। जिसे सोचकर ही मुश्कुरा देता है और सोचता है अगर नजमा में साथ दिया तो कल ही वो नजमा की चूत में अपना लण्ड पेलकर अपनी रांड बना लेगा, जो सिर्फ मेरी रातें रंगीन करेगी। ये सोच कर राज और उत्तेजित हो जाता है और अपना हाथ जोर-जोर से चलाने लगता है। करीब 40 मिनट बाद उसका लण्ड अपना वीर्य छोड़ देता है जो की काफी मात्रा में था, और राज कल की प्लानिंग शुरू कर देता है।

उधर नजमा अब अपनी हालत को सही करते हए बाथरूम में जाती है और हेयर रिमवल क्रीम से अपनी झांटों को साफ करती है। उसकी झांटें छोटी-छोटी थी, लेकिन वो उसे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी। झांटें साफ करने के बाद नजमा अपने हर अंग को अची तरह साफ करती है और नहाकर बाथरूम से बाहर आ जाती है। नजमा फिर वही नाइट गाउन पहन लेती है और जुनैद को फोन लगाकर उसके आने का टाइम पूछती है।

जुनैद उसे बताता है- "मैं आधे घंटे में आ रहा हूँ और मैं तुम्हें बाहर खाना खिलाने लेकर जाऊँगा..."

नजमा का मन नहीं होता और वो जुनैद को मना कर देती है- "मैं थक गई हैं इसलिए नहीं जा पाऊँगी..."

जुनैद भी उसे फोर्स नहीं करता और वो आफिस से घर आ जाता है। घर पहुँचते ही वो नजमा से लिपट जाता है और उसे किस करने लगता है। और कहता है- "जान मुझे कुछ जरूरी बात करनी है तुमसे..."

नजमा- "क्या बात करनी है?"

जुनैद- "यही मेरी जान की मैं कल सुबह 15 दिन के लिए आउट आफ टाउन जा रहा हैं। हो सकता है कुछ ज्यादा दिन भी लग जाएं..."

नजमा यह सुनकर उदास हो जाती है, और उसको गले लगाकर कहती है- "अब कैसे मैनेज करेगी? कोई किराएदार भी नहीं है, और ना ही कोई संबंडी है जो मेरी मदद कर देगा.."

जुनैद कहता है- "मैंनेज तो करना ही पड़ेगा। बस कुछ दिन की बात है.." कहकर जुनैद नहाने चला जाता है।

नजमा खाना बनाने किचन में। जब नजमा किचेन में खाना बना रही थी तभी उसके मोबाइल में अंजान नम्बर से मेसेज आता है जिसमें लिखा था- "क्या कर रही हो मेरी जान?"

नजमा को समझते देर नहीं लगती की ये राज साहब का नम्बर है वो भी जवाब देती है- "खाना बना रही है.."

राज- मैं भी आ जाऊँ क्या?

नजमा- आ जाओ, मोस्ट वेलकम।

राज- मुझे तो दोपहर बाली डिश खानी है।

नजमा- वो डिश अभी नहीं मिलेगी।

राज- "क्या हुआ जान गुस्सा हो क्या?"

नजमा- नहीं जी। मेरे पति घर पर है।

राज- अच्छा जी, आज तो मलाई आपके पति खाएंगे।

नजमा- वो तो रोज खाते हैं और अच्छे से खाते हैं आपकी तरह लाल नहीं करते।
 
राज- "क्या हुआ जान गुस्सा हो क्या?"

नजमा- नहीं जी। मेरे पति घर पर है।

राज- अच्छा जी, आज तो मलाई आपके पति खाएंगे।

नजमा- वो तो रोज खाते हैं और अच्छे से खाते हैं आपकी तरह लाल नहीं करते।

राज- मेरी जान जब फुर्सत में मिलोगी तो हम भी प्यार से खाएंगे।

नजमा- मेरे पति आ गये। मैं बाद में मिलती हूँ ।

राज- रात में चुदने के बाद मिलोगी?

नजमा- धत्... पागल। बाइ।

तब तक जुनैद नहाकर आ जाता है।

फिर थोड़ी देर बाद नजमा खाना लगा देती है और दोनों खाना खा लेते हैं और जुनैद बैडरूम में जाकर अपने जानें की पैकिंग करने लगता है। आधे घंटे बाद नजमा बेडरूम में आती है, तब जुनैद उसी का इंतजार कर रहा था। नजमा के आते ही वो उसपर टूट पड़ता है और एक मिनट से भी कम समय में नजमा को पूरा नंगी कर के बैड में लिटाकर उसकी चूत चाटने लगता है। तभी जुनैद उसको अपना मोबाइल देकर उसकी वीडियो रिरिकार्डिंग करने के लिए बोलता है।

नजमा मना करती है।

लेकिन जुनैद उसे बताता है- "तुमसे दूर रहने पर एक यही सहारा है..."

जिससे नजमा को राज की बात याद आ जाती है, और वो रिकार्डिंग शुरू कर देती है। अब नजमा भी राज को सोच कर पूरी तरह से गरम हो जाती है, और अपनी चूचियों को अपने दोनों हाथों से मसलने लगती है। उसके सामने आज पूरे दिन का नजारा याद आने लगता है, और वो तेज सिसकारी लेकर झड़ जाती है।

जुनैद ये सब देखकर बहुत खुश होता है की आज उसने नजमा को चूत चाटकर ही झड़ा दिया।

जबकी बात कुछ और थी। नजमा को अब लण्ड चाहिए था। क्योंकी आज सारा दिन उसे लण्ड की तलब थी। वो जुनैद को पकड़कर अपने ऊपर खींच लेती है और उसका लण्ड अपनी चूत में उतार लेती है।

जुनैद बहुत उत्तजित महसूस करता है नजमा की इस हरकत पर। उसे यकीन नहीं होता की उसकी बीबी इतनी गरम है। उसे आज पहली बार उसकी गर्मी का पता चला था। जुनैद कुछ देर तक उसके ऊपर से धक्के लगाता रहा। फिर वो नजमा को ऊपर आकर धक्के लगाने को कहता है। नजमा ऊपर आ जाती है और बहुत तेजी से अपनी कमर हिलाकर जुनैद को चोदने लगती है। जुनैद इन सबकी वीडियो रिकार्डिंग कर रहा था।

तभी नजमा भी अपना मोबाइल लेकर अपनी चुदाई की कार्डिग करती है, और साथ ही कुछ फोटो भी खींच लेती है, जिसमें वो जुनैद का लण्ड चूत में सेट करते हए, लण्ड परा लेते हए और चुदते हए।

जुनैद को यकीन नहीं हो रहा था की उसकी बीबी ऐसा कर रही है । आज जुनैद भी हारने के मूड में नहीं था। वो भी आज नजमा को जमकर चोद रहा था। जैसे ही नजमा झड़ने के करीब पहुँचती है, जुनैद का पानी उसकी चूत में ही निकल जाता है और नजमा तड़प जाती है। वो अभी भी झटके मार रही थी। लेकिन तब तक जुनैद का लण्ड ढीला होकर उसकी चूत से बाहर आ जाता है, और नजमा तड़पती और प्यासी रह जाती है।

जुनैद उठकर बाचरम चला जाता है और आने के बाद सुबह जल्दी जाना है बोलकर सो जाता है।

नजमा वैसे ही अपनी चूत में बीज भरकर अपनी चूत रगड़ती रहती है। चुदने के 10 मिनट बाद उसके मोबाइल में राज का मेसेज आता है।

राज- चुद गई मेरी जान?

नजमा कोई जवाब नहीं देती है। कुछ देर सोचने के बाद जवाब देती है- "हाँ..."

राज- मजा आया?

नजमा- नहीं आया।

राज- अपजें चुदने की फोटो भेजा।

तब नजमा अपनी एक फोटो भेजती हैं, जिसमें जुनैद का बीज उसकी चूत से बहकर बाहर आ रहा था।

राज- "हाय मेरी जान... इतनी प्यारी चूत कसम से मझें मिल जाए तो मैं फाड़ के रख दूँ...

नजमा- तो आ जाओ, फाइ दो आकर। वैसे भी आज आपने मेरी हालत खराब कर दी है।

राज- मेरी भी हालत ऐसी ही है और अपना मूठ मारता हुआ एम.एम.एस. नजमा को भेज देता है।

जब नजमा को राज का मूठ मारता हा एम.एम.एस. मिलता है तब वो उसके लण्ड को देखकर डर जाती है और सोचती हैं- "बापरे... ये इंसान का है या घोड़े का? ये तो मेरी फाड़ देगा। मेरी छोटी चूत तो इस मसल से एक बार में ही फैल जाएगी।

नजमा- "बापरे... इतना बड़ा?"

राज- तो क्या हुआ मेरी जान? तुम तो ले लोगी।

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नजमा- मेरी जान निकल जाएगी।

राज- मेरी जान अपनी फोटो भेजो।

तब नजमा अपनी चुदाई की सारी फोटो और वीडियो राज को भेज देती है और राज के लण्ड को सोचकर जोर जोर से अपनी चूत में उंगली करते हए झड़ जाती हैं। तब नजमा राज के किसी भी मैसेज का जवाब नहीं करती

और गुड नाइट बोलकर सो जाती है।

उधर राज भी नजमा की चुदाई देखकर पागल हो जाता है, और उसके चुदने का स्टाइल देख कर राज समझ जाता है की ये मेरी जिंदगी रंगीन बना देंगी, बस एक बार उसे अपना लण्ड लेने का आदि बना दं। पूरी रात राज नजमा को देखकर कम कम पाँच बार मठ मारता है और गहरी नींद में सो जाता है।

उधर सुबह जब नजमा की आँख खुलती है तो वो अपनी हालत देखकर शर्मा जाती है, और उठाकर अपने कपड़े पहनती है।

जुनैद जाने के लिए तैयार हो जाता है और वो नजमा को लव यू बोलकर निकल जाता है।

नजमा बाथरूम जाकर फ्रेश होती है और स्कूल के लिए तैयार होने लगती है। तभी उसकी नजर मोबाइल पर जाती है, जिसमें राज के साथ रात की चैटिंग थी। वो सब पढ़कर शर्मा जाती है। तभी राज का एक मेसेज आता है जिसे पढ़कर नजमा के गाल और लाल हो जाते हैं। मैसेज में राज ने नजमा को पैंटी ना पहनकर आने के लिए कहा था।

नजमा स्कूल के लिए तैयार होती है आज उसने आरेंज कलर का कुर्ता और ब्लैक लेगिंग पहनी थी और नीचे बिना पैटी के थी। वह नाश्ता करके घर से निकल जाती है। रास्ते में उसे राज का फोन आता तो नजमा उसे बताती है की वो बस पहुँच रही है।

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राज ने भी आज अंडरवेर नहीं पहना था। आज वो कुरता और पाजामे में था। वो नजमा को देखकर खुश हो जाता हैं और नजमा भी उसे देखकर मुश्कुरा देती है।

नजमा आकर गाड़ी में बैठ जाती है। आज बिना कहे ही बो आगे वाली सीट पर बैठ जाती है। नजमा के बैठते ही राज उसकी जांघों को मसल देता है और अपना हाथ उसकी चूत में लगाकर पैटी चेक कर लेता है। तब नजमा मकुलाकर उसे चिढ़ा देती है। राज को यकीन हो जाता है की अब वो जब चाहे नजमा की चूत मार सकता है। पूरे रास्ते भर राज नजमा की चूत को छेड़ता रहा, जिससे नजमा कुछ ज्यादा ही गरम हो गई थी।

नजमा स्कूल पहुँच कर अपने क्लास में जाती है, जहां उसे सलमा मिलती है, वो थोड़ा लंगड़ाकर चल रही थी। नजमा के पूछने पर मोच का बहाना बना देती हैं और मन में नजमा को भी गाली देती है की साली तेरी वजह से आज मेरी ये हालत है। तब सलमा रूम बाहर चली जाती है।

नजमा क्लास में बैठकर राज की हरकतों को याद करने लगती है। उसकी लेगिंग उसके चूत के पानी से गीली हो रही थी। तभी सलमा उसे राज साहब के रूम में जाने के लिए बोलती है। जब नजमा राज के पास जाने के लिए निकलती है, तो उसकी मुलाकात वहीदा में होती हैं। वहीदा और सलमा राज से ही मिलकर आ रहे थे।

जब नजमा राज के रूम में पहुँचती है तो सलमा और वहीदा उसकी गाण्ड को ही घूर रही थी, और आपस में बात करके हँस रही थी- "ये भी अब हमारे जैसी लण्ड की दीवानी हो जाएगी..."

राज के आफिस में पहुँचते ही नजमा राज को हाय कहती है। तब राज उसकी तरफ देखकर चूमने का इशारा करता है। नजमा शर्मा जाती है। राज उसे चेयर पर बैठने को कहता है।

राज नजमा से कहता है- "अगर तुम बुरा ना मानो तो मुझे तुम्हारा घर किराए पे चाहिए."

नजमा को ये सुनकर झटका सा लगता है। लेकिन पल भर में ही उसे राज से चुदने का एक अच्छा रास्ता दिखता है, और वो हाँ में सिर हिला देती है और अपने पति को फोन करके अपने किराएदार के बारे में बता देती हैं। जुनैद भी खुश हो जाता है की अब उसकी बीबी का मन लगा रहेगा।

जब नजमा फोन कट करती हैं तब राज उसके पीछे आ जाता है और उसकी चूचियों को पकड़कर दबाने लगता है। दोनों तरफ आग सुबह से लगी थी। नजमा भी खड़े होकर राज का साथ देने लगती है। राज नजमा के पीछे से ही उसकी गाण्ड मसल देता है, और नीचे झुकाकर उसकी लेगिंग को नीचे सरका देता है। नजमा के पटी ना पहनने का कारण पता चल चुका था। राज नीचे झुककर नजमा की चूत और गाण्ड को बेतहाशा चूमने लगता है। वो नजमा के चूतरों को बुरी तरह फैलाकर दोनों छेद एक साथ चाट रहा था।

जिससे नजमा बिल्कुल पागल सी हो गई थी। उसका ये पहला अनुभव था गाण्ड और चूत एक साथ चटवाने का।

राज भी नजमा जैसे माल को पाकर धन्य हो गया था। नजमा की मोटी गाण्ड जिसे देखकर बो हमेशा पागल रहता था, आज वो गाण्ड उसके हाथों में थी। वो किसी जानवर की तरह नजमा को चाट रहा था। नजमा के पीछे से ही वो उसकी गाण्ड में नाक और जीभ डाल रहा था।

राज आज पागल सा हो गया था और नजमा उससे ज्यादा पागल हो गई थी। करीब 15 मिनट चूत और गाण्ड चटवाने के बाद नजमा झड़ जाती है, जिसे राज चाटकर पूरा पानी साफ करता है और नजमा के पीछे खड़े होकर अपने पाजामें से अपना लण्ड बाहर निकालता है।
 
नजमा को जब अपनी गाण्ड पर नंगा लण्ड महसूस होता है तो घूमकर खड़ी हो जाती हैं। राज का लण्ड देखकर उसका गला सूख जाता है और वो राज को यहां ना चोदने के लिए कहती है। तब राज उसे अपना घर दिखाने के लिए बोलता है। राज के घर दिखाने की बात में नजमा सांच में पड़ जाती है। कछ देर शांत रहकर बो राज के खड़े हए लण्ड को ही देखती रही।

जब राज उसकी तरफ से कोई रिएक्सन नहीं देखता तो उसे घुमाकर फिर से उसकी चूत में जीभ डालकर उसे चाटना शुरू कर देता है, जिससे नजमा की एक बार फिर सिसकी निकल जाती है और वो राज के आधे गंजे सिर को पकड़कर अपनी चूत से दूर हटाने की कोशिश करती है। लेकिन राज को उसकी चूत से ज्यादा उसकी गाण्ड में इंटरेस्ट था। वो तुरंत उसकी कमर को जार से पकड़ लेता है और अपनी जीभ चूत से निकालकर गाण्ड के छेद में लगा देता है।

नजमा भी अब थोड़ा झुककर अपनी गाण्ड बाहर निकाल देती है, जिससे राज को नजमा की गाण्ड के छेद में जीभ घुसाने में आसानी हो जाती है। अब राज भी दोबारा पहली पोजीशन की तरह अपने दोनों हाथों से उसकी गाण्ड को फैलाकर उसके दोनों छेदों को अपनी लंबी जीभ से किसी कुत्ते की तरह उसकी चूत और गाण्ड को चाट रहा था। राज नजमा की गाण्ड का दीवाना हो गया था। उसकी मोटी गाण्ड उसको कुछ ज्यादा हो उत्तेजित कर देती है। राज नजमा को इतना तड़पा देना चाहता था की वो अब बिना सोचे ही उसका लण्ड अपने आप चूत में सेंट कर के चोदने की रिक्वेस्ट करे। वो उसे पागल करना चाहता था। राज का दोहरा हमला नजमा को पागल बना रहा

था।

नजमा को अब राज की लंबी जीभ की जगह राज का तगड़ा लण्ड उसे अपनी गाण्ड और चूत में लेने की चाहत हो रही थी। उसे बस कुछ सेकेंड ही लगे और फिर से जोरदार चीख के साथ झड़ने लगती हैं। वो बार-बार झड़ रही थी और राज उसे बार-बार तैयार कर रहा था। राज उसे आज पूरी तरह से अपना दीवाना बना देना चाहता था।

नजमा जब झड़ रही थी तब उसके दिमाग में सिर्फ राज से कैसे चुदे यही चल रहा था। वो राज को अब अपने से अलग नहीं होने देना चाहती थी, और किसी भी हालत में आज वो अपनी चूत राज को देना चाहती थी। वो बस आज अपने अंदर राज का लण्ड महसूस करना चाहती थी।

राज अभी भी नीचे बैठकर नजमा की चूत का पानी चाट रहा था। तब नजमा राज को खड़ा करके उसको हाँठ अपने होंठों में भरकर चूसने लगती है। आग दोनों तरफ तरफ लगी थी। राज चोदने के लिए और नजमा चुदवाने के लिए पूरी तरह तैयार थी। तब राज नजमा को अपने से अलग करता है और उसके कंधे को पकड़कर नीचे बिठा देता है और अपना मसल नजमा के मुँह में लगा देता है।

नजमा की आँखों के सामने राज का लण्ड अपने प्रचंड रूप में खड़ा था। नजमा डरते हए राज के लण्ड को अपने हाथ से पकड़ लेती है लण्ड को पकड़ते ही नजमा को एहसास होता है की राज का लण्ड उसकी कलाई से भी मोटा और लंबा है। वह सोचती है- "राज का लण्ड तो इतना हाई है जैसे कोई लकड़ी का इंडा..."

नजमा के लण्ड छूते ही राज के लण्ड की नशे फूलने लगती हैं जिसे देखकर नजमा को अजीब सी फीलिंग आती है। उसे ऐसा लगता है जैसे राज का लण्ड उसकी चूत में फूल रहा हो। वो बहुत तेज-तेज सांस लेने लगती और एकदम से राज के लण्ड का टोपा मुँह में भर लेता है। लेकिन राज का लण्ड इतना माटा था की नजमा के मुंह में वो सही ढंग से नहीं आ पा रहा था। नजमा अपनी पूरी जान लगाकर मुँह फैलाकर उसका टोपा अंदर ले लेती है और जीभ से उस लण्ड को चोदने लगती है।
 
राज को भी अपने लण्ड में नजमा के दाँत गढ़ते हए लगते हैं, तो वो थोड़ा दर्द सहता है और अपने लण्ड को नजमा के मुँह में थोड़ा धकेल देता है। जिससे राज का लण्ड " इंच तक अंदर चला जाता है, और वो तुरंत अपना लण्ड बाहर खींच लेता है।

तब तक नजमा का मुँह पूरी तरह से फैल जाता है और उसके मुंह में दर्द होने लगता है। राज उसको देखकर हँस देता है। नजमा की आँखों में आँसू आ जाते हैं। नजमा उसी पल खड़ी होकर राज के गले लग जाती है। तब राज उसकी दोनों जांघों के बीच में अपना लण्ड डाल देता है, और उसकी गाण्ड को पकड़कर आगे-पीछे करने लगता हैं। नजमा को अपनी चूत में राज का लण्ड महसूस होते ही वो राज के कान में घर चलने के लिए कहती है, और धीरे से राज का लण्ड अपने हाथ से पकड़कर अपनी चूत में सेंट करती है।

राज नजमा की इस हरकत पर खुश होकर हल्का सा धक्का मार देता है। नजमा की चूत पूरी तरह से गीली थी तो धक्का लगते ही राज का लण्ड नजमा की चूत में थोड़ा सा फंसकर बाहर निकल जाता है। जिससे नजमा की जान निकल जाती है, और वो तुरंत राज का लण्ड पकड़कर बाहर निकाल देती है और घर चलने के लिए कहती है, और अपनी लेगिंग को ऊपर चढ़ा लेती है।

राज भी अपने लण्ड को अंदर करता है और जाकर अपनी चेयर में बैठ जाता है नजमा भी वहीं चेंगर में बैठ जाती है। राज अपने फोन में एक काल करके सलमा और वहीदा को अपने आफिस में बुलाता है। जब सलमा और वहीदा राज के आफिस में पहुँचती हैं, तब राज अपने पैर से सामने बैठी नजमा की चूत को सहला रहा था।

राज करीब 5 मिनट में ऐसे ही नजमा की चूत से खेल रहा था, और नजमा भी अपनी दोनों जांघों को फैलाकर राज की हरकत का मजा ले रही थी। उस समय नजमा की आँखें थोड़ी बोझिल सी लग रही थी। उसके दिमाग में सिर्फ राज का लण्ड घूम रहा था। सलमा और वहीदा के आफिस में आते ही राज अपना पैर नजमा की चूत से हटा लेता है। तब नजमा उन दोनों की तरफ देखकर अपनी नजरें झुका लेती हैं। सलमा और वहीदा को सब पता था की पिछले 40 मिनट से यहां पर बासना और हवस का खेल खेला जा रहा है। उन दोनों को नजमा से चिढ़ हो रही थी।

तब राज सलमा और वहीदा को बताता है की वो नजमा के साथ उसके घर उसके पति से मिलने जा रहे हैं। क्योंकी राज को नजमा का घर किराए पर चाहिए। इसलिए वो उसके पति से भी मिल लेगा और घर देखकर किराए की बात भी कर लेगा। इसलिए आज स्कूल की जिम्मेवारी आप दोनों की है। मैं अब कल ही स्कूल आऊँगा और नजमा भी।

सलमा राज को हँसते हए कहती है- "कल नजमा आकर क्या करेगी? वैसे भी आज के बाद तो नजमा.... ..." और इतना कहकर हँस देती है।

जिसका मतलब राज समझ जाता और वहां पर सभी हँस देते हैं। बस नजमा हल्का सा मुश्कुरा देती है। क्योंकी उसे सलमा की बात समझ में नहीं आई थी। राज और नजमा उठकर जाने लगते हैं राज का लण्ड अभी भी खड़ा था, जिसे सलमा देखकर हँस देती है।

जब नजमा और राज आफिस से बाहर जाते हैं तब नजमा के कुर्ते पर कुछ दाग दिखता है जो की नजमा की चूत में लगातार बह रहे पानी का था।

सलमा और वहीदा एक दूसरे को देखकर मुश्कुरा रही थी। उन्हें पता था की आज की रात नजमा की चूत और गाण्ड हमेशा के लिए लण्ड की हो जाएंगी।

राज और नजमा आफिस से निकलकर सीधे गाड़ी की तरफ चले जाते हैं दोनों इस समय आपस में बात करके टाइम खराब नहीं करना चाहते थे। उनके दिल में तो बस एक दूसरे के लिए प्यार और सिर्फ प्यार ही था, जो आज सारी हदें पार करने वाला था। राज को अपनी किश्मत पर यकीन नहीं हो रहा था की नजमा जैसी माल उसमें इतनी जल्दी चुदने के लिए तैयार हो जाएगी। वो तो इस काम को एक महीने में करने वाला था। लेकिन ये काम महज तीन दिनों में अपने अंजाम को पहुँच गया था।

राज के दिमाग में एक बात बार-बार उसे परेशान कर रही थी की नजमा उससे पति के होते हए कैसे चूत मरवाएगी? जब उससे रहा नहीं जाता तो वो नजमा से पूछ लेता है- "आपका पति कहां है?"

नजमा जो जवाब देती है उससे राज की खुशी का ठिकाना नहीं रहता, और वो नजमा की चूचियों को जोर से दबा

देता है और कहता है- "मेरी जान 15 दिन में तो मैं तुम्हें पूरी जन्नत दिखा दूँगा.." और मन में- "15 दिन में मैं तेरी गाण्ड को भी फाड़ दूंगा। इस साली गाण्ड में ही तो मेरी हालत तेरी चूत से भी ज्यादा खराब की है."
 
नजमा भी राज की बात से खुश हो जाती है। वो अपनी हवस और शरीर की गर्मी में इतना खो गई थी की उसे राज के बारे में सही गलत सोचने का भी समय नहीं था। उसे तो बस राज का लण्ड चाहिए था और वो भी जल्दी से जल्दी।

राज गाड़ी चलाते समय बीच-बीच में नजमा की चूत और चूचियों के साथ खेल रहा था। वो नजमा को घर तक पहुँचने से पहले एक बार फिर से उसकी उत्तेजना को चरम तक पहुँचना चाहता था, और नजमा भी उसकी हरकतों से काफी गरम हो गई थी।

नजमा आज सुबह से पानी छोड़ रही थी। क्योंकी राज ने उसे ऐसा रोग ही दे दिया था की वो अब पीछे नहीं हटना चाहती थी। राज गाड़ी भी आज काफी तेज चला रहा था। उसे जल्द से जल्द नजमा की चूत में अपना लण्ड डालना था। करीब 20 मिनट बाद नजमा उसको अपने घर का रास्ता बताती है और अगले पाँच मिनट बाद गाड़ी एक घर के सामने रुकती है। घर सोसाइटी से थोड़ा दर था लेकिन घर काफी बड़ा था। दोनों गाड़ी से उतरकर घर की तरफ चल देते हैं। नजमा अपने पर्स से चाबी निकालकर ताला खोलने लगती है। नजमा के हाथ आज ताला खोलते समय कांप रहे थे।

जिसे देखकर राज मन में सोचता है- "मेरी जान अंदर जाकर आज तरी चूत मारकर तैरा भी ताला अपने लण्ड के लिए खोल दूँगा.."

ताला खुलते ही दोनों घर के अंदर आ जाते हैं राज तुरंत पीछे मुड़कर दरवाजा बंद कर देता है, और नजमा को पीछे से अपनी बाहों में भरकर उसकी चूचियों को जोर-जोर से मसलने लगता है। राज उसके कुर्त को गले से पकड़कर खींच देता है जिससे उसका कुर्ता दो टुकड़ों में बंट जाता है। नजमा राज की हरकत पर गुस्सा भी नहीं कर पाती और अगले ही पल राज उसका कुर्ता उसके बदन से खींचकर अलग कर देता है। नजमा अब सिर्फ लेगिंग और ब्रा में राज के सामने खड़ी थी।

राज नजमा को ऐसे देखकर जल बिन मछली की तरह तड़प जाता है। उसकी खड़ी हुई चचियां जिनका ब्रा में कैद करने की जरूरत भी नहीं थी, वो इतनी बड़ी-बड़ी और गोल-गोल थी की राज उन्हें कुछ देर तक सिर्फ देखता ही रहता है। उसने आज तक इतनी औरतें और लड़कियां चोदी थी। लेकिन नजमा के जैसी चूची आज तक नहीं देखी थी। वो पूरी तरह सुडौल थीं। ऐसा लग रहा था जैसे अल्लाह ने उसे साँचे में ढालकर बनाया हो।
 
राज को ऐसे घूरते हुए देखकर नजमा अपनी चूचियां ढक लेती है तब राज आगे बढ़ कर नजमा को पीछे से पकड़कर उसकी चूचियों को अपने बड़े हाथों से पकड़ लेता है। नजमा की चूचियां अभी भी राज के हाथ से बाहर थीं। राज चूचियों को हाथ में लेकर जोर से दबाता है, जिसमें नजमा की आह निकल जाती है। राज नजमा की पीठ को अपने बड़े-बड़े होठों से चाट रहा था।

नजमा भी अब राज के रंग में रंग गई थी। वो भी अपना हाथ बढ़कर राज के लण्ड को पकड़ लेती हैं। नजमा को राज का लण्ड बहुत पसंद आ गया था। वो राज के लण्ड को आगे-पीछे करने लगती है। तब राज मौका पाकर उसकी ब्रा को भी फाड़कर फेंक देता है और उसकी चूचियों को अपने हाथों में बुरी तरह मसलने लगता है। अब राज और नजमा दोनों अपने आप से बाहर हो चुके थे। उन्हें सिर्फ अपने जिस्म की भूख को किसी भी हालत में शांत करना था।

राज अब नजमा को घुमाकर अपने सामने खड़ा करके उसकी चूचियों को अपने मुँह में भरकर चूसने लगता है। जुनैद ने कुछ ही बार उसकी चूचियों को चूसा था, वो तो नजमा की चूत का दीवाना था। राज की चूचियां चूसने का अंदाज बिल्कुल अलग था।

नजमा को अब अपने आपको संभालें रखना मुश्किल हो रहा था। उसके पैर जवाब दे रहे थे। उसे अपना शरीर भारी लग रहा था, और वो बही जमीन पर टेंर हो जाती है। तब राज उसे अपनी गोदी में उठाकर उसके बेडरूम का रास्ता पूछता है। नजमा उसे अपने बेडरूम का रास्ता बताती है। राज जैसे ही नजमा को बेडरूम में लेकर पहुँचता है, वो नजमा को बेंड में लिटाकर उसकी लेगिंग भी उतार देता है। अब नजमा किसी स्वप्न सुंदरी की तरह राज के सामने थी, नजमा के कटाव इतने साँचे में थे की कोई भी उसे इस हालत में देखता तो पागल हो जाता या फिर उसे पाने के लिए सब कछ त्याग देता।

राज नजमा को एक बार ऊपर से नीचे तक देखता है। उसे ये समझ में नहीं आ रहा था की वो शुरु कहां से करें? वो नजमा के सामने बैठकर सिर्फ उसे देखता रहता है और कहता है- "नजमा मेरी जान... मैंने आज तक तुम्हारे जैसी बला की खूबसूरत औरत नहीं देखी है। तुम बहुत खूबसूरत हो। तुम्हें तो मैं अपने से कभी दूर नहीं होने दूँगा, और तुम्हें बहुत प्यार करेगा... इतना कहकर राज नजमा को ऊपर से नीचे तक चूमने लगता है।

नजमा राज को पकड़कर अपने ऊपर ले लेती है और उसके ब बड़े होंठों को चूसना शुरू कर देती है। नजमा भी अब धीरे-धीरे राज के शरीर से सारे कपड़े उतार देती हैं। राज भी इस समय बिल्कल नंगा था। जहां राज किसी मास्टर शैतान लग रहा था। वही नजमा किसी जन्नत की हर लग रही थी।

राज अब नजमा को पीठ के बल लिटाकर उसके पेट के ऊपर आ जाता है और अपना लण्ड नजमा के होंठों पर लगा देता है। लेकिन नजमा उसे चूसने से मना कर देती है। तब राज उसके ऊपर ज्यादा जोर नहीं देता है, और झुककर उसके हर अंग को चूसने लगता है। चूचियां चूसने के बाद जब वो नीचे पेंट पर आता है तो उसकी आँखें नजमा का पेट और उसमें गहरी नाभि को देखकर आह भरने लगता है।

नजमा का पेंट एकदम गोल था और उसकी नाभि कम से कम एक इंच से भी ज्यादा गहरी थी। राज उसकी नाभि में जीभ डालकर गोल-गोल घुमाता है। नजमा का सबसे कमजोर पाइंट उसकी नाभि थी, जिसे ज्यादा देर छेड़ने से नजमा अपने आप पानी छोड़ देती थी। लेकिन राज उसका हर अंग अपने तरीके से चस और चाट रहा था। अब नजमा के शरीर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी, और वो राज का सिर पकड़कर अपनी चूत की तरफ धर्कलती हैं, और राज बिना समय खराब किए सीधे उसकी चूत में अपनी जीभ डालकर चोदने लगता है।

नजमा अपने दोनों हाथों से अपनी चूचियां दबा रही थी और राज उसकी चूत चाट रहा था। नजमा की चूत का छेद राज को अपने लण्ड के हिसाब से काफी छोटा लग रहा था। वो अब नजमा की चूत में एक उंगली डालकर चोदने लगता है, और अपनी जीभ से उसकी चूत के दाने को भी चाटने और काटने लगता है। नजमा के ऊपर राज दोहरा हमला कर रहा था, जिसे नजमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। अब राज अपनी दो उंगलियों से नजमा की चूत मार रहा था और नजमा अपनी कमर को उतना ही ज्यादा उछल रही थी। नजमा के मुंह से जीरदार चीखें निकल रही थीं। दो बार झड़ने के बाद तीसरी बार झड़ने में उसे टाइम लग रहा था।

राज अब अपनी तीसरी उंगली चूत में डालता है और उसे चोदने लगता है। तीन उंगली नजमा की चूत को पी तरह से फैलाकर रख देती है। राज की मोटी उंगलियां उसकी चूत की गहराई नाप रही थी, और राज की जीभ नजमा को पागल कर रही थी। करीब दो मिनट की गजब की चूत पेलाई से नजमा की सांसें उखाड़ने लगती है और वो एक लंबी चीख के साथ अपना पानी छोड़ देती है। इतनी सिइदत से आज तक वो कभी नहीं झड़ी थी। ऐसा सकन उसे आज तक नहीं मिला था। उसे ऐसे महसूस हो रहा था जैसे उसके सिर का बोझ उतर गया हो।

नजमा को जब होश आता है तो वो देखती है की उसने जोश में आकर राज के सिर को अपनी जांघों में जकड़ रखा है। वो उसे छड़ती है और राज अपने ऊपर खींच लेती है। नजमा सुबह से तीसरी बार झड़ी थी और राज

अभी तक एक बार भी नहीं। अब नजमा राज को अपने ऊपर खींच कर अपनी दोनों टाँगें राज की कमर में लपेट देती है।
 
राज को और उसके लण्ड को अब ये दूरी बर्दाश्त नहीं हो रही थी। राज अपना लण्ड नजमा की गुलाबी चूत में सेट करता है, और नजमा की आँखों में देखकर उसे एक हल्का सा धक्का उसकी चूत में मारता है। नजमा की चूत बहुत ज्यादा गीली थी जिसकी वजह से उसका लण्ड अपनी दिशा में भटक जाता है। अब राज एक बार फिर उसे नजमा की चूत में सेट करता है, और एक तेज झटका उसकी चूत में मारता है। इस बार राज का लण्ड आधा इंच तक नजमा की चूत में उतर जाता है। राज के इस झटके से नजमा का मुंह खुल जाता है उसे दर्द की एक लहर सी अपनी चूत में महसूस होती है।

राज तभी एक और झटका मारता है। लण्ड पहले से ही चूत में फंसा था, इसलिए झटका लगते ही लण्ड कम से कम तीन इंच तक अंदर चला जाता है। अब नजमा को अपनी चूत में बहुत तेज दर्द महसूस हो रहा था। वो राज को झटका देकर अपने ऊपर से हटाने लगती है। राज समझ जाता है की अगर नजमा एक बार हट गई या उसका लण्ड बाहर आ गया तो उसे फिर से इतनी मेहनत करनी पड़ेगी। वो नजमा के दोनों हाथ कसकर पकड़

लेता है तब नजमा जोर से चिल्लाकर उसे छोड़ने के लिए बोलती है।

राज उसे दिलाशा देता है- "बस थोड़ी देर बाद सब ठीक हो जाएगा..." और राज इस बार एक जोर का झटका मारता है जिससे राज का लण्ड आधे से भी ज्यादा करीब 7 इंच तक नजमा की हसीन चूत को चीरता हुआ उसकी चूत में दाखिल हो जाता है।

नजमा ने कभी अपनी जिंदगी में इतना भयंकर दर्द बर्दाश्त नहीं किया था। उसे यकीन नहीं हो रहा था की एक लण्ड उसे इतना बड़ा दर्द देगा। उसे जुनैद का लण्ड बहुत प्यार देता था, इसीलिए उसे अपनी पहली चुदाई में भी इतना खास दर्द नहीं हुआ था। इस बार उसकी चूत में एक असली लण्ड गया था, जिसने उसकी चूत को चीरकर रख दिया था। नजमा को ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कोई गरम सरिया उसकी चूत में डाला गया है। वो अपना दर्द किससे बयान करती? बस अपने सिर को इधर-उधर पटकती रही। उसकी आँख से आँसुओं की लंबी धार बह रही थी।
 
राज नजमा को ही देख रहा था। अब नजमा धीरे-धीरे शांत हो रही थी। राज उसे तसल्ली देता है- "अब दर्द नहीं होगा.." और वो अपना लण्ड धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगता है। नजमा का दर्द कुछ हद तक कम हो गया था अब राज नजमा का हाथ छोड़ देता है और उसकी चूचियों को मुँह में लेकर चूसने लगता है।

नजमा को भी अञ्च थोड़ा आराम मिलता है। वो राज की पीठ पर हाथ फेरने लगती है। अब राज समझ जाता है

नजमा का दर्द कम हो गया है और वो धीरे-धीरे नजमा की चूत मारनं लगता है। नजमा की चूत की कसावट अभी भी वैसी ही थी। जैसे ही राज अपना लण्ड बाहर निकलता नजमा की चूत की चमड़ी भी बाहर आ जाती। नजमा की चूत में राज का लण्ड अच्छी तरह से फंसा हुआ था।

राज की चोदने की स्पीड अब बढ़ने लगती हैं और नजमा भी अपनी चुदाई का मजा लेने लगती हैं। जब नजमा पूरी तरह से राज का लण्ड ले रही थी, तभी राज एक बार अपना लण्ड बाहर निकालता है और एक झटके में बाकी बचा 3" इंच भी नजमा की चूत में डाल देता है, जो की सीधे नजमा की बच्चेदानी में लगता है।

नजमा के लिए ये एक नया एहसास था। उसकी चूत आज पूरी तरह से भरी हुई थी। राज का लण्ड नजमा की चूत की हर गहराई को पार कर गया था। नजमा का भी लग रहा था यही असली लण्ड है, जिसने आज मेरी पूरी गहराई नाप ली है। राज और नजमा चुदाई में सब कुछ भूल गये थे। नजमा अपने चरम की तरफ पहुँच रही थी

और राज भी। लेकिन तभी दरवाजे की घंटी बजती है राज जल्दी-जल्दी नजमा की चूत पेलने लगता है और नजमा भी राज का पूरा साथ देने लगती है। तभी फिर से एक बार बेल बजती है।

अब राज और नजमा दोनों पागल हो चके थे। वो दोनों अब अपनी मंजिल तक किसी भी हाल में पहुँचना चाहते थे। तभी एक जोरदार चीख के साथ राज का बीज नजमा की चूत में गिरने लगता है। राज का लण्ड जैसे-जैसे बीज गिरा रहा था लण्ड की नशे नजमा की चूत को और फैला रही थी। जिससे नजमा भी अपना पानी छोड़ देती है। उसकी चूत राज के गरम बीज से पूरी तरह भर गई थी।

तभी फिर से एक बार बेल बजती है।

राज तुरंत अपना लण्ड नजमा की चूत से खींचता है, तो नजमा भी लण्ड के साथ उठ जाती है। राज का लण्ड नजमा की चूत में एकदम फिट था। तब राज जोर का झटका देकर अपना लण्ड बाहर खींचता है तो पुक्क की

आवाज के साथ नजमा की चूत से राज का बीज और खून दोनों बेडशीट पर गिरने लगता है। वो जल्दी से खड़ी होना चाहती थी पर उसका शरीर साथ नहीं देता और वो फिर से बेड पर गिर जाती है। अब राज उसे सहारा देकर खड़ा करता है।

नजमा अलमारी से अपना कुर्ता और लेगिंग निकालकर पहनती है और राज को सीढ़ियों से ऊपर जाने के लिए कहती है। राज अपने कपड़े लेकर ऊपर चला जाता है। तब नजमा अपनी टाँगें चौड़ी करके चलते जाती है। उसे अपनी चूत में कुछ खाली-खाली सा महसूस हो रहा था। राज का बीज अभी भी बहकर नजमा की जांघों को गीला कर रहा था। उसी हालत में नजमा जाकर दरवाजा खोलती है। दरवाजा खोलते ही बो चकित हो जाती है। क्योंकी उसके सामने उसकी ननद खड़ी थी जो की गुस्से से नजमा को देख रही थी।

अपनी ननद को सामने खड़ा देखकर नजमा की सांस रुक जाती है। उसे समझ में नहीं आ रहा था की क्या करें क्या ना करें? नजमा की ननद का नाम शाज़िया था। वो भी किसी कयामत से कम नहीं थी। उसकी उंचाई भी नजमा जैसी ही थी, लेकिन उसका फिगर नजमा के जितना खास नहीं था। बस उसकी गाण्ड ही कुछ ज्यादा कातिल थी। उसकी कमर नजमा से पतली थी। उसकी फिगर 32-26-38 की होगी। इस समय उसने जीन्स और टाप पहना था उसकी उम्र 29 साल की होगी। वो नजमा से उम्र में तीन साल बड़ी थी।

था
 
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