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Adultery हसीनों का मेला वासना का रेला

शाज़िया की शादी को 5 साल हो गये थे और उसके तलाक को भी एक साल हो गया था। वो अपने मम्मी पापा के साथ दसरे शहर में रहती थी, जो की नजमा के घर से चार घंटे की दूरी पर था।

शाज़िया गुस्से से नजमा को देखकर कहती है- "क्या भाभी 15 मिनट से मैं बाहर खड़े होकर बेल बजा रही हूँ और आप हो की सुन ही नहीं रही हो... इतना कहकर वो घर के अंदर चली जाती है।

शाज़िया के अंदर जाते ही नजमा को ध्यान आता है की वो कहीं उसके बेडरूम में ना चली जाए, जिससे उसे वहां पर हुई भयानक चुदाई का पता चल जाए। इसलिये वो भी तुरंत नजमा के पीछे लंगड़ाते हुए चल देती है। उसकी चूत बुरी तरह से फैली हुई थी। उसे अपनी चूत में अभी भी राज का तगड़ा लण्ड महसूस हो रहा था। वो शाज़िया के पीछे-पीछे चल रही थी। शाज़िया सीधा अपने रूम में चली जाती है, और नजमा उसके गम के बाहर खई होकर उसको चाय और खाने के लिए पूछती है। तब शाज़िया उसे नहाने के बाद खाना खाने के लिए बोलती है और वो अपने कपड़े चेंज करके आराम करने लगती है।

उधर राज नंगा होकर ही सीधा ऊपर चला जाता है। उसे बहुत गुस्सा आ रहा था। उसका लण्ड अभी भी खड़ा था। वो नजमा को तसल्ली से चोदना चाहता था। वो अपने लण्ड को पकड़कर सहलाता है तब उसे अपने हाथ में

और लण्ड में खून दिखाई देता है। उसका पूरा लण्ड लाल हो गया था। नजमा की चूत का खून उसके पूरे लण्ड में लगा था। तब राज सोचता है अगर नजमा को एक बार और चोद दूं तो वो हमेशा के लिए मेरी हो जाएगी।

उधर नजमा शाज़िया के पास में सीधे अपने बेडरूम में जाती है, जहां उसका बैड उसकी चुदाई का गवाह बना था। बेडशीट पर नजमा की चूत का खून और राज के लण्ड का बीज पड़ा हुआ था, जो आपस में मिल गया था। नजमा एक बार फिर से अपनी चुदाई में खो जाती है, और एक बार फिर राज से चुदने का मूड बनाती है। लेकिन वो शाज़िया के होते हए कैसे राज का लण्ड अपनी चूत में ले? यही सोचती है। तभी उसके दिमाग में एक आइडिया आता है और वह शाज़िया के कमरे की तरफ जाकर शाज़िया को आवाज लगाती है, तो शाज़िया कोई जवाब नहीं देती।
 
तब नजमा अपने कमरे में जाकर वहां की हालत सही करती है, और बेडशीट चेंज करके अपने कपड़े भी चेंज करती है। वो अब कुरता और लेगिंग उतारकर अपनी मैक्सी पहन लेती है। वो मैक्सी के नीचे सिर्फ पैंटी पहनती हैं। बिना ब्रा के ही उसकी चूचियां पूरी तनी हुई थीं। वो कमरे से निकलकर सीधे ऊपर जाती है।

जहां राज पहले से ही गुस्से में था। उसे आज इतनी हसीन औरत चोदने को मिली थी और वो उस मादरचोद की वजह से सही से चोद भी नहीं पाया था। राज अपने मन में खूब गलियां दे रहा था। तभी नजमा उसके सामने आ जाती है। राज कमरे के अंदर बैड पर बैठकर यही सब सोच रहा था। नजमा को देखते ही उठकर खड़ा हो जाता है। उसका लण्ड अभी भी खड़ा था, जिसे नजमा देख लेती है।

नजमा राज की तरफ देखकर मुश्कुरा देती है और मन ही मन सोचती है- "हे भगवान... ये तो पहले से ही मेरी चूत में जाने के लिए तैयार है..."

नजमा और राज एक दूसरे को देख रहे थे। उनके पास कहने के लिए कुछ भी नहीं था। बस राज यही पूछना चाहता था- "की कौन आया है?"

लेकिन नजमा को देखकर वो ये भी पूछना भूल जाता है, और आगे बढ़ कर नजमा को अपनी बाहों में भर लेता है। नजमा भी राज के सीने में लग जाती है। चुदाई के बाद दोनों अपनी जान बचाकर भागे थे। अब गले लगने के बाद दोनों को थोड़ा सुकून मिलता है। लेकिन दोनों के दिमाग में सिर्फ चदाई का खुमार छाया था। राज धीरे से अपने दोनों हाथ पीछे लेजाकर नजमा की मखमली और बड़ी गाण्ड को अपने दोनों हाथों से मसल देता है। जिसमें नजमा आगे होकर राज का लण्ड मैक्सी के ऊपर से ही दोनों जांघों में दबा लेती हैं। तब राज जल्दी से नजमा को पलटकर उसके पीछे हो जाता है।

नजमा समझ जाती है की राज साहब फिर से उसकी चूत मारने वाले हैं। तभी नजमा राज को रोकती हैं और कहती है- "राज साहब मेरी नजर शाज़िया नीचे अपने रूम में सो रही है प्लीज़... मुझे अभी मत चोदो। आप आज रात में आ जाइए और जैसे चाहे वैसे आप मेरी चूत मार लीजिए। मैं आपके लिए यही कमरा तैयार कर दूँगी और अपनी ननद को भी बता दूँगी."

तब तक राज का एक हाथ नजमा की मैक्सी के अंदर चला जाता है और वो नजमा की पैंटी को खींच देता है। नजमा की पैंटी उस समय नजमा की चूत में चिपकी हुई थी। चुदाई के बाद नजमा ने अपनी चूत भी नहीं धोई थी। राज का बीज अभी भी उसकी चूत में था, जिससे उसकी चूत चिकनी लग रही थी। राज की हरकत पर नजमा कोई रिएक्सन नहीं देती। उसे पता था राज अब मानने वाले नहीं है। वो भी राज से चुदने के मूड से ही ऊपर आई थी। उसके पास 30 मिनट का समय था, जिसमें वो राज से अपने चूत मरवा सकती थी।

राज उसकी पैटी को उतारकर बैड पर फेंक देता है और नजमा को झुकाकर उसकी मैक्सी ऊपर कर देता है। पहली बार नजमा की गाण्ड का छेद राज के लण्ड के सामने था, और नजमा की कातिल गाण्ड उसके लण्ड को और खड़ा कर रही थी। राज नीचे झक कर नजमा की चूत को देखता है तो चूत की फांकों पर अभी भी खून के दाग थे। राज उठकर खड़ा होता है, और अपना पाजामा उतारकर लण्ड बाहर निकालता है और अपने लण्ड में टेर सारा थूक लगाता है, और थोड़ा भूक नजमा की चूत में भी लगाता है।

नजमा की चूत पीछे से बहुत मस्त लग रही थी। वो अपने साइज से थोड़ा बड़ी और फैली हुई थी, जिसका कारण आज सुबह की चुदाई थी। अब राज अपना लण्ड नजमा की फटी हुई चूत में लगाता है और एक हल्का सा धक्का देता है। जिसमें राज के लण्ड का टोपा नजमा की चूत में फँस जाता है। नजमा की चूत लण्ड के घुसते ही '' आकर में हो जाती है, और नजमा आह करके रह जाती है।

राज अपने लण्ड को तब थोड़ा तंज धक्का देकर अंदर करता है। राज का लण्ड नजमा की चूत को बुरी तरह फैलाते हए अंदर जा रहा था। राज का आधा लण्ड घुसने के बाद नजमा को फिर से तेज दर्द होने लगता है। उसकी चूत में अब हवा जाने तक की भी जगह नहीं थी। राज का लण्ड नजमा की चूत की दीवारों को बुरी तरह से रगड़ रहा था, जिससे नजमा दर्द से झटपटा रही थी।

राज अपने लण्ड को एक जोरदार झटका देता है जिससे उसका परा लण्ड नजमा की चूत में समा जाता है। राज नजमा की चूत की कसावट को अपने लण्ड पे महसूस कर रहा था। उसे ये भी एहसास हो रहा था की उसका

लण्ड नजमा की चूत की गहराई में किसी चीज से टच हो रहा है।

नजमा को फिर से वहीं तेज दर्द होता है। राज का झटका इतना तेज था की वो अपने आपको संभाल नहीं पाती और बैड पर गिर जाती है। राज भी उसी के सहारे ऊपर गिर जाता है। राज का पूरा लण्ड नजमा की चूत में उत्तर चुका था। राज थोड़ी देर शांत रहकर नजमा को आराम मिलने तक का इंतजार करता है। जब नजमा थोड़ा आराम महसूस करती है तो वो अपनी गाण्ड ऊपर उठा देती है। जिससे राज का लण्ड नजमा की बच्चेदानी में जाता है, तब नजमा को एक अलाग सा मजा मिलता है।

राज धीरे-धीरे अब नजमा की चूत मारने लगता है। राज का लण्ड पूरी तरह से नजमा की चूत फैलाकर अंदर-बाहर हो रहा था। अब राज को भी नजमा की चूत मारने का मजा आने लगा था। क्योंकी नजमा की चूत अब पानी छोड़ रही थी, जिसमें राज का लण्ड अब आराम से नजमा की चूत में आ-जा रहा था। नजमा को भी अब आराम मिल

गया था। अब वो राज के लण्ड का दर्द भूल गई थी। उसे अब राज के लण्ड से जो मजा मिल रहा था वो दुनिया के सबसे बड़े सुख से भी बढ़कर था। राज पीछे से ही नजमा की चूत मारे जा रहा था।

नजमा की चूत अब पूरी तरह पानी बहा रही थी। जिससे राज का लण्ड सह-सट की आवाज से नजमा की चूत में आ और जा रहा था, 15 मिनट तक नजमा को लिटाकर चोदने के बाद राज अपना लण्ड चूत से बाहर निकालता है तब नजमा की चूत में एक बड़ा सा छेद दिखाई देता है।

राज तब नजमा को घोड़ी बना देता है। नजमा को भी घोड़ी वाली स्टाइल सबसे ज्यादा पसंद थी। वो जुनैद को अक्सर इसी स्टाइल में चोदने को कहती थी। राज नजमा के पीछे से उसकी गाण्ड को देखता है। उसका मन तो नजमा की गाण्ड मारने का करता है, लेकिन वो जल्दबाजी नहीं करना चाहता था। उसे तो ये अब कभी भी मिल जाएगी ये सोचकर वो अपना लण्ड नजमा की चूत में पेल देता है। एक बार में राज का पूरा लण्ड नजमा की चूत में नहीं जाता। बो दसरे झटके के साथ पूरा लण्ड नजमा की चूत में उतार देता है।
 
नजमा को इतना बड़ा लण्ड लेने में अब कोई दिक्कत नहीं हो रही थी। उसे समझा में आ गया था की जितना बड़ा लण्ड उतना ज्यादा मजा और वो खुद अपनी कमर पीछे धकेल देती है। अब राज नजमा की कमर को थाम लेता है और अपना लण्ड नजमा की चूत में पेलने लगता है। अब दोनों को सिर्फ चुदाई का खुमार चढ़ा था, और दोनों दुनियां भूल चुके थे।

राज नजमा की चूत अब पूरी स्पीड में मार रहा था। नजमा की चूत जाने कितनी बार पानी छोड़ चुकी थी। उसकी चूत का पानी राज के टट्टों में लग रहा था। हर झटके में फच फच की आवाज आ रही थी। राज के झटके नजमा को अपनी बच्चेदानी में महसूस हो रहे थे। नजमा इस समय जन्नत की सैर कर रही थी। वो पूरी तरह से

राज की गुलाम बन गई थी। राज अपने तगड़े लण्ड से नजमा की चूत की गहराई को और बढ़ा रहा था।

नजमा की चूत में अब सैलाब सा आ गया था। उसे लग रहा था अगर राज ने अपना लण्ड नहीं निकाला तो उसका मूत निकल जाएगा। वो राज को हटाना चाहती थी। लेकिन राज को आज तक ऐसी चूत मारने को कभी नहीं मिली थी। वो पूरी शिद्दत से नजमा को चोद रहा था। और नजमा को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा था और वो अपनी चूत से चीखते हुए पानी की धार छोड़ देती है। राज रुक जाता है लेकिन उसका लण्ड नजमा की बच्चेदानी को रगड़ देता है जिससे नजमा और जोर से चीखती है, और अपने दोनों हाथों में बैडशीट को पकड़कर पूरा जोर लगाकर पानी की बौछार कर देती है। उसका पानी राज के लण्ड को भिगो देता है।

जैसे ही नजमा शांत होती है राज फिर से नजमा को बुरी तरह से चोदने लगता है। अब नजमा को अपनी चूत छीलते हए महसूस हो रही थी। वो राज को रोकती हैं। लेकिन राज अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहा था और वो नजमा का चोदे जा रहा था। नजमा एक बार फिर राज का साथ देने लगती है और उसकी चूत राज का एक

अलग मजा देने लगती हैं। अब राज भी अपनी मंजिल को पा लेता है और एक जोर के झटके के साथ नजमा की चूत में पूरा लण्ड डालकर रूक जाता है और अपना बीज नजमा की बच्चदानी में भर देता है।

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नजमा को अपने अंदर कुछ गरम-गरम सा लगता है जिसकी गर्मी से वो भी आपनी चूत से राज का लण्ड जकड़ लेती है। राज के लण्ड की नसें फूल रही थी और नजमा की चूत भी उन नशों के साथ खुल और बंद हो रही थी। नजमा की चूत भी पानी छोड़ रही थी। दोनों एक दूसरे में खोए हुए थे। नजमा बही बेड पर लेट जाती है और राज भी नजमा के ऊपर उसकी चूत में लण्ड डालकर लेट जाता है। दोनों पूरी तरह से संतुष्ट थे।

दोनों अपने बीच बने सम्बन्ध से पूरी तरह से खुश थे। दोनों बेहोश होकर बेड पर लेटे थे। राज का लण्ड छोटा होकर नजमा की चूत से बाहर आ जाता है और नजमा की चूत से राज का बीज धीरे-धीरे बाहर आ रहा था। ये दृष्य इतना कामक था की कोई दूसरा देख लेता तो वो भी नजमा को वही चोद देता।

नजमा की चूत राज के बीज से पूरी भरी थी। नजमा और राज अपनी जबरदस्त चुदाई के बाद दोनों एक दूसरे से लिपट कर लेंटें रहते हैं। तभी राज का मोबाइल बजने लगता है। राज उठकर अपना मोबाइल उठाता है। मोबाइल

की स्क्रीन पर नाम देखकर वो मुश्कुरा देता है और फोन रिसीव करता है।
 
फोन राज के दोस्त जय राज का था। वो इंडिया से बाहर कुवैत में रहता था। वो वहीं काम करता था और कभी-कभी इंडिया आता था। दोनों अच्छे दोस्त थे। वो अपनी कोई भी बात एक दूसरे से नहीं पाते थे। नजमा के बारे में राज ने जय को पहले ही बता दिया था। जिसके बारे में सुनकर ही जय पागल हो गया था। बा महीने में एक बार फोन करता था। लेकिन जब से नजमा के बारे में बताया था वो तबसे हर हफ्ते फोन करने लगा था। राज और राज आपस में बात कर रहे थे।

उधर नजमा वैसे ही टाँग चौड़ी करके लेटी थी। अभी भी नजमा की चूत में राज का बीज भरा हुआ था।

राज- हाँ अमलम, बोल भाई आज शाम को फोन कर दिया।

जय- क्या करंग यार जब से तने उस माल के बारे में बताया है तबसे मुझे चन नहीं है।

राज- अरे यार तू परं शान मत हो वा माल अब मेरा हो गया है।

जय- क्या मतलब हुआ यार?

राज- अरे यार साली को आज दो बार चोद दिया उसी के घर में।

जय- क्या बात कर रहा है यार, उसी के घर में उसकी चूत मार ली?

राज- हाँ यार, बड़ी टाइट चूत है साली की। पहली बार में साला पूरा लण्ड खुन से भर गया था। दूसरी बार में जो मजा दिया साली में लगता है बस साली को चोदता रह।

जय- फेंक मत साले झठ बोल रहा है।

राज- तुझें झठ लग रहा है। सच में यार अभी-अभी चोदा हैं। यकीन ना हो तो फोटो भेजं अभी भी उसकी चूत से मेरा माल निकल रहा है।

जय- हौं फोटो भेज तब मैं यकीन करेगा।

राज- "चल ठीक है। एक मिनट रुक, मैं फोटो भेजता है.." और राज नजमा के पास जाकर उसके पास लेट जाता हैं और अपना लण्ड नजमा की चूत में लगाकर दो तीन फोटो खींचता है और वो जय को फोटो भेज देता है।

जय को जैसे ही फोटो मिलती है वो फोटो देखकर पागल हो जाता है। उसने भी आज तक इतनी गोरी चूत नहीं देखी थी। राज की चुदाई के बाद नजमा की चूत पूरी तरह से लाल हो गई थी। वा मन ही मन नजमा को चोदने लगता है। और राज को फोन मिलकर अगले महीने इंडिया आने के लिए बोलता हैं।

राज भी उसकी बात से खुश हो जाता है, और हँसने लगते है।

राज की बात खत्म होने के बाद वो जाकर नजमा को उठाता है। नजमा गहरी नींद में थी। उसके सिर पर अभी भी चुदाई का खुमार छाया हुआ था। लेकिन उसके मन में भी एक डर था। उसे एक बार और राज से अपनी चूत मरवाने का मन कर रहा था, लेकिन वो शाज़िया की मौजू दूँगी में एक बार चुद चुकी थी अब वो रिस्क नहीं लेना चाहती थी। इसलिये वो उठकर खड़ी होती है। उसकी जांघे दर्द कर रही थी और उसके घुटने भी राज के धक्कों से छिल गये थे। अपनी मैक्सी सही करके वहां से जाने लगती है। उसके बाल बिखरे हुए थे। उसकी कल से उसकी जबरदस्त चुदाई का पता चल रहा था।

राज उसे जाते हए तब गोकता है और उसके पास जाकर कहता है- "मेरी जान तुम तो कह रही थी की आज गत में आ जाओ, जैसे मर्जी वैसे चोदना."

नजमा राज की बात पर हँसती है और उसके गाल को सहलाते हुए कहती है- "मेरी जाज अभी तो आपने मुझे दो बार चोद दिया। पूरी रात में तो आप मुझे चलने लायक भी नहीं छोड़ोगे आज थोड़ा आराम कर लेने दो और मरी ननद भी घर में है। मैं रात भर तो नहीं रह सकती आपके साथ। बस 3 से 4 घंटे रह पाऊँगी। अभी आप अपने

घर चले जाओ और अपना सामान लेकर आ जाओ। तब तक मैं शाज़िया को आपके बारे में बताती हैं..."

राज खुश हो जाता है। और नजमा को किस करके उसी के साथ जाने लगता है। लेकिन नजमा उसे बाद में आने के लिए बोलती है। नजमा नीचे जाकर शाज़िया को चेक करती है। शाज़िया अभी भी सो रही थी। तब नजमा राज को इशारा करके घर से बाहर भेज देती है, और जकर शाज़िया के लिए चाय बनाने लगती है। नजमा चाय बनाकर शाज़िया के पास जाती है और उसका दरवाजा नाक करके उसे जागती है।

शाज़िया दरवाजा खोलती है। तब नजमा चाय लेकर उसके कमरे में जाती है, और उसे चाय देते हुए तैयार होने के लिए कहती है। शाज़िया भी हाँ बोल कर चाय पीने लगती है। तब तक नजमा उसके कमरे से निकलकर अपने कमरे में जाती है। और बंड पर बैठकर आज हई चुदाईके बारे में सोचती है की कैसे वो स्कूल के तीसरे दिन ही चुद गई। पता नहीं क्या था राज में जिसने मुझे संभालने का भी मौका नहीं दिया और आज मेरा ही बैड रूम मेरी चुदाई का गवाह बन गया। राज का लण्ड किसी घोड़े के लण्ड से कम नहीं है। मैंने पता नहीं कैसे उस लण्ड को अपनी चूत में ले लिया। मुझे अपनी चूत एक बार देखनी चाहिए।

इतना सोचकर वो अपनी मैक्सी उतारकर बाथरूम चली जाती है। उसे याद आता है की उसकी पैटी ऊपर ही छूट गई है। वो बाथरूम में पहुँचकर छोटे शीशे को अपनी चूत में लगाकर देखती है तो उसे यकीन नहीं होता की राज ने सिर्फ दो बार चूत मारी है और उसकी चूत पहले से आधा इंच ज्यादा खुल गई है। उसे याद था की राज की चुदाई से पहले जब जुनैद ने चोदा था तब उसकी चूत में एक लाइन सी बनती थी, उसकी चूत का छेद दिखता नहीं था। लेकिन आज राज की दो चुदाई के बाद ही उसकी चूत खुल गई थी और उसको अपनी चूत का

छेद भी दिख रहा था। आज उसकी चूत भी पहले से ज्यादा पिक दिख रही है।

तभी नजमा अपनी चूत की फांका को पकड़कर फैलती है तो उसे अपनी चूत की गहराई भी दिख जाती है। उसकी चूत की फांके अभी भी दर्द कर रही थीं। नजमा अपनी चूत को हल्के-हल्के रगड़ रही थी। ये सब करते हए उसे राज की चुदाई और राज के लण्ड की मोटाई ही याद आ रही थी। वा सोच रही थी मैं राज से चुद तो गई हैं। लेकिन मेरे पति के आने के बाद में कैसे मिलंगी राज से?

नजमा के मन में जुनैद को धोखा देने का कोई पछतावा नहीं था। बल की वो तो उसकी मौजू दूँगी में भी राज से चुदने का मौका दैद रही थी। तभी उसके मन में एक खयाल आता है। वो अपना मोबाइल लेकर अपनी चूत की फोटो खींचती है। वो सोच रही थी की वो हर चुदाई के बाद अपनी चूत की फोटो खींच कर देखेंगी की उसकी चूत हर चुदाई के बाद कितनी चौड़ी होती है? फिर वा अपनी चूत गरम पानी धोती है। अभी भी उसकी चूत में हुलका हल्का दर्द हो रहा था। बो नहाकर फिर से मैक्सी पहन लेती हैं, लेकिन पैटी नहीं पहनती। वो ऊपर जाकर पेंटी पहने की सोचती है, तभी शाज़िया उसे आवाज लगती है नजमा ने तब तक अपना मेकप भी कर लिया था। आज की चुदाई का निखार उसके चेहरे पर दिख रहा था।

नजमा अपने रज्म से बाहर आती है तो शाज़िया को वहीं हाल में बैठा हुआ पाती है। नजमा भी उसके पास जाकर बैठ जाती है। और दोनों आपस में बात करने लगते हैं, तब उसे वेता बताती है- "कल रात में ही भैया ने उसे फोन करके यहां पर रहने के लिए बोला था। और भैया ने बताया की उन्हें 20 दिन लग जाएंगे वापस आने में..."

तब नजमा भी उसकी बात सुनकर कहती है- "अच्छा हुआ दीदी आप आ गई, नहीं तो मैं यहां अकेले रहकर परेशान हो जाती.."

फिर नजमा शाज़िया को किराएदार की बात बताती है लेकिन बो शाज़िया को ये नहीं बताती की वो एक मुश्लिम है। ये बात उसने जुनैद को भी नहीं बताई थी। फिर नजमा शाज़िया को बताती है की वो उसी के स्कूल में प्रिन्सिपल है। उनका घर यहां से काफी दूर है तो उन्होंने ही इसे किराए पर ले लिया। उनका भी यही में आना जाना हो

जाएगा। ।

शाज़िया उससे तब पूछती है- "भाभी भैया को पता है?"

नजमा तब बोलती है- "हाँ मैंने जुनैद से भी बात कर ली है और वो आज शाम को ही यहाँ शिफ्ट हो जाएंगे। कल उनका स्कूल है इसलिए वो आज रात में ही शिफ्ट होना चाहते है.." फिर नजमा शाज़िया को बोलती है- "दीदी अगर

आपको बुरा ना लगे तो आज रात का खाना हम प्रिन्सिपल सर के साथ खा लें?"

शाज़िया उसे मना कर देती है- "भाभी वो आपके स्कूल के प्रिन्सिपल है। आप उनको खाना बनाकर ऊपर ही दे देना। मैं तो आज जल्दी खाना खाकर सो जाऊँगी। वैसे भी मैं आज बहुत थक गई हैं.." और दोनों आपस में और थोड़ी बात-चीत करके अपने रूम में चली जाती हैं।
 
नजमा कुछ देर बाद खाना बनाने किचेन में चली जाती है। आज वो राज के लिए भी खाना बना लेती है। और राज का इंतजार करने लगती है।

उधर राज भी जल्दी से अपने कपड़े पैक करता है और अपना जरी समान गाड़ी में रखकर नजमा के घर की तरफ चल देता है। उसे रास्ते में याद आता है की नजमा उसे बस रात को दो से चार घंटे के लिए मिलेंगी। क्यों न आज रात उसे जमकर चोदा जाए, ताकी वो सबह ही मेरे पास से उठकर जाए। वो रास्ते में गाड़ी रोककर एक मेडिकल शाप में जाता है और वहां से वियाग्रा की एक बोतल टबलेट ले लेता है। आज उसके दिमाग में नजमा की चुदाई करने का एक अलग ही प्लान था। और गाड़ी स्टार्ट करके चल देता है। एक घंटे के बाद राज की गाड़ी नजमा के घर के सामने रुकती हैं। राज अपना समान गाड़ी में उतार देता है, और जाकर घर की डोर बेल बजाता है।

दरवाजा खोलने शाज़िया जाती है। जैसे ही शाज़िया दरवाजा खोलती है नजमा भी वहां आ जाती है। राज शाज़िया को देखते ही उसकी पूरी बाडी को स्कैन कर लेता है। एकता भी उसकी नजरों को देख लेतीटी है और मन में उसे गाली देती है।

नजमा राज को "वेलकम सर..." बोलकर अंदर ले जाती है। वो राज को वहीं हाल में बिठाकर पानी लेने चली जाती हैं। राज को देखते ही नजमा की चूत पानी छोड़ने लगती हैं। और वो कितनी जल्दी उससे चूत मरवाए यही सोचते हुए पानी लेकर जाती है। राज शाज़िया के साथ ही हाल में बैठा था। वो शाज़िया से ज्यादा बात नहीं करता लेकिन उसके दिमाग में अब शाज़िया और नजमा को एक साथ चोदने का प्लान बनता है।

जब नजमा पानी लेकर आती है तो शाज़िया वहां से उठकर अपने रूम में जाने लगती है। उसके राम पहुँचने तक राज सिर्फ उसकी बलखाती गाण्ड ही देखता रहता है और सोचता है की साली इनकी गाण्ड कितनी बड़ी होती है। इसकी गाण्ड तो नजमा के जैसी ही है। तब नजमा उसे पानी देती है तब राज उसे वहीं पकड़कर उसकी एक चूची दबा देता है। तब नजमा उसका हाथ हटाकर उसे ऊपर चलने के लिए कहती हैं। तब राज खड़ा होकर अपना समान उठाकर ऊपर की तरफ चल देता है। नजमा भी उसके पीछे-पीछे चल देती है। राज अपना सामान उसी कमरे में रखता है, जहां आज उसने नजमा की चूत मारी थी। उस कमरे में नजमा की पैटी अभी भी पड़ी थी जिसे नजमा और राज दोनों देख रहे थे, और दोनों के दिमाग में आज की चुदाई की पूरी मूवी चल रही थी। तभी राज नजमा को अपनी बाहों में भर लेता है और उसके नाजुक होंठों को अपने बड़े होंठों के बीच में दबाकर चूसने

लगता है।

राज की इस हरकत का जवाब नजमा राज के मुंह में अपनी जीभ डालकर देती हैं। आग दोनों तरफ लगी थी।

दोनों एक दूसरे को बहसी तरीके से चूमने और काटने लगे थे। नजमा के नाजुक होठ राज के होंठों से बुरी तरह चमें और चूसे जा रहे थे। करीब 5 मिनट की जारदार किसिंग के बाद राज नजमा को घुमा देता है और उसकी मैक्सी ऊपर उठा देता है, तो राज के सामने नजमा की मखमली और चौड़ी

गाण्ड थी, जो ट्यूबलाइट की रोशनी में और भी चमक रही थी। राज उसे देखकर पागल हो जाता है। वो नजमा को आगे की तरफ झुकाकर अपनी जीभ नजमा की गाण्ड के छेद में लगाकर जोर से दबाता है।

नजमा राज की हरकत से अपनी सिसकी नहीं रोक पाती है और आ आ की आवाज निकालने लगती है। राज नजमा की गाण्ड की दानों फांकों को फैलाकर अपनी लंबी जीभ में उसकी गाण्ड के छेद को खोलने लगता है। वो नजमा की गाण्ड को चाटकर पूरा गीला कर देता है। नजमा भी अपनी गाण्ड चुसाई से पूरी तरह गरम हो गई थी।

वो भी अब अपनी गाण्ड को राज की तरफ ही अपने दोनों हाथों में फैला रही थी। दोनों एक दूसरे में गम थे। नजमा को लग रहा था की अब वो अपने को नहीं रोक पाएगी।

तभी राज अपनी जीभ नजमा की चूत में डाल देता है। चूत इतनी गीली थी की राज की जीभ एक इंच तक उसके अंदर चली जाती हैं। जिसके जाते ही नजमा बैड को पकड़कर उसमें पूरी तरह से झुक जाती है, जिससे नजमा की चूत और गाण्ड और ज्यादा बाहर आ जाती है। जिससे राज अपनी जीभ नजमा की चूत में और अंदर

तक डाल देता है। नजमा झड़ने के बिल्कुल करीब थी। तभी उसे भाभी भाभी की आवाज सुनाई पड़ती है तो दोनों डर जाते हैं।

नजमा तुरंत उठकर कमरे से बाहर चली जाती है। उसे शाज़िया के ऊपर बहुत गुस्सा आ रहा था। बो शाज़िया का मन में बहुत गाली देती है- "साली कुतिया को भी चैन नहीं है। दस मिनट रुक जाती तो क्या हो जाता हरामजादी को। साली में पूरा मूड खराब कर दिया। नजमा कभी भी गाली का इश्तेमाल नहीं करती थी। लेकिन आज राज ने उसे इतना गरम कर दिया था की उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
 
नजमा नीचे पहुँचकर शाज़िया से पूछती है- "क्या हुआ?"

तब शाज़िया उसे कहती है- "क्या भाभी आधे घंटे से आप ऊपर हो। मुझे भूख लगी है। मैं कब से चिल्ला रही हूँ। बस आप अपने बास की सेवा में लगी हो। वो खुद शिफ्ट हो जाएंगे। आप मुझे खाना दो....

तब नजमा घड़ी की तरफ देखती है तो उसे एहसास होता हैं की शाज़िया का गरम होना सही है। रात के 10:30 बज चुके थे। उसे अभी राज को भी खाना खिलाना था। वो नजमा को डाइनिंग टेबल पर खाना देती है और उसके साथ बैठ जाती है।

तब शाज़िया उससे कहती है- "भाभी आप भी खाना खा लो..."

तब नजमा बाद में खाने के लिए बोल देती है। शाज़िया अपना खाना खतम करके अपने रूम में चली जाती है। उधर राज भी किसी भूखें भेड़िए की तरह अपना लण्ड पकड़कर हिला रहा था। लेकिन कुछ सोचकर रुक जाता है

राज अपने बैंग से वियाग्रा की गोली निकालकर खा लेता है और 3 गोली को वहीं रखी पानी की बोतल में डाल देता है। गोली धीरे-धीरे घुलने लगती है। तभी उसका मोबाइल बजने लगता है। फोन जय का था। राज फोन उठाकर जय से बात करने लगता है।

राज- हाँ जय कैसे हो?

जय- साले तू बहां इतना तगड़ा माल चोद रहा है और मुझसे पूछ रहा है वैसा ही

राज- क्या करंग भाई अब त नहीं है तो मुझे अकेले ही चोदना पड़ेगा।

जय-त चिता मत कर साले में भी 15 दिन में तेरे पार बजाऊँगा।

राज- अबे तू तो अगले महीने आने के लिए बोल रहा था।

जय- हाँ यार, लेकिन तरी माल ने मेरा यहां माल निकाल रखा है। इसलिए सोच रहा है वहीं आकर साली की चूत में ही अपना माल भर दूं।

तभी राज के दिमाग में एक आइडिया आता है, और वो जय को अपना मूठ मारता हुआ वीडियो भेजने को कहता है।

जय- अबे राज तू है कहा?

राज- सालें अपनी नई वाली रखैल के पास। अभी-अभी चूत चटवा के गई हैं। आज पूरी रात उसकी चूत मारने का प्लान है।

जय- भाई मुझे भी उसकी चुदाई दिखा दें।

राज- चिता मत कर। जब साली को चादूँगा तो त मझें काल कर लेना.."

दोनों खुश हो जाते हैं। और राज फोन काट देता है। थोड़ी देर बाद राज को जय का वीडियो मिल जाता है। उधर नजमा राज का खाना लेकर ऊपर आ जाती है। वो राज के कमरे में जाती है तब राज बाथरूम में था। नजमा राज को आवाज लगाती है। तब राज उसे दो मिनट बोलकर बाहर आता है। वो नजमा का हाथ पकड़कर उसे अपने पास भीच लेता है और नजमा को अपने साथ ही खाना खिलाने लगता है। वियाग्रा की गोली का असर

शुरू हो चुका था और राज का खाना भी खत्म हो चुका था तभी नजमा राज की थाली लेकर जाने लगती है नजमा भी नीचे जाकर चैक करना चाहती थी की शाज़िया सो गई की नहीं" तभी बा राज के पास आ सकती थी।

राज उसे रोकता है तो वो सारी बात बता देती है और वहां से जाते समय राज के लण्ड को भी दबा देती है।

राज आह भरकर रह जाता है। नजमा के जाते ही राज पूरा नंगा हो जाता है और एक लंगी लपेटकर वहीं बेडरूम में नजमा का इंतजार करने लगता है।

नजमा नीचे जाकर एक गिलास दूध लेती है और उसमें एक गोली नींद की मिला देती है और वो दूध लेकर शाज़िया के रूम में जाती है और दरवाजा नाक करके शाज़िया को जगाती है और उसे दूध पिलाकर अपना किचन का काम करने लगती है।

उधर राज का लण्ड बिल्कुल पागल हो चुका था। उसे अब चूत चाहिए थी। राज के दिमाग में भी अब हवस भर गई थी। अब उससे नजमा का इंतजार नहीं हो रहा था। वो उठकर नीचे चला जाता है। नजमा अभी भी किचन में थी। वो भी अब जल्द से जल्द राज के पास जाना चाहती थी। उसकी चूत में भी आग लगी थी। वो आज रात के बारे में सोचकर बुरी तरह गरम हो चुकी थी। उसके मन से शाज़िया का डर भी निकल गया था। वो हल्के हाथों में अपनी चूत सहला रही थी।

राज पीछे से ये सब देख लेता है वो किचेन में जाते ही नजमा की मैक्सी को ऊपर उठा देता है और उसकी एक टांग को सीक पर रख देता है अपना लण्ड नजमा की चूत में लगाकर एक जोरदार झटका मारता है। जिससे राज

का आधा लण्ड नजमा की चूत को चीरता हुआ अंदर चल जाता है।
 
नजमा की एक जोरदार चीख पूरे घर में गूँज जाती है। उसे यकीन नहीं हो रहा था की इतनी जल्दी उसकी चूत को लण्ड मिल जाएगा। राज के उस झटके में नजमा की चूत को एक बार फिर से फाड़ दिया था। नजमा अपना हाथ नीचे लेजाकर अपनी चूत को छती है तो उसे राज का आधा लण्ड जो उसकी कलाई के जितना मोटा था उसकी चूत में था और कुछ गीला सा उसकी फांकों पर लगा था। वो हाथ निकालकर देखती है तो उसे हल्का सा खून दिखाई देता है। जो आह आह करते हुए सिसक रही थी। उसकी सांसें अभी भी अटकी हुई थी। नजमा की चूत ने आज तीसरी बार राज का लण्ड अपनी चूत में लिया था। लेकिन हर बार उसे इतना ही दर्द सहना पड़ रहा था। उसकी चूत राज के लण्ड में चिपक गई थी।

राज धक्का मारने के बाद रूक जाता है क्योंकी नजमा की चीख इतनी तेज थी की वो डर जाता है। जब किसी का कोई रिएक्सन नहीं होता तो वो एक और तगड़ा झटका मारकर अपना पूरा लण्ड नजमा की चूत में पेल देता है। एक बार फिर नजमा की चूत राज के लण्ड से जड़ तक भरी हुई थी और उसकी चीख फिर से घर में

गूंजने लगती है। नजमा बहुत तेज सांस ले रही थी। वा अपना हाथ नीचे लेजाकर राज के लण्ड को छूती है लेकिन उसे वहां पर राज के टटे लटकते हए मिलते हैं। जो उसकी चूत से टच हो रहे थे। नजमा को यकीन नहीं होता की आज राज ने दो झटकों में ही पूरा लण्ड उसकी चूत में उतार दिया है।

नजमा की जान निकल रही थी। उसकी चूत में बहुत तेज जलन सी हो रही थी। कुछ देर तक वो ऐसे ही तड़पती रहती है और राज भी शांत खड़ा हो जाता है। और नजमा के रिएक्सन का इंतेजार करता है, 5 मिनट बाद नजमा

का दर्द गायब हो जाता है और वो अपने हाथ से राज की गाण्ड को आगे की तरफ पुश करती है। राज भी समझ जाता है की अब नजमा चुदाई के लिए तैयार है और राज वही सिंक पर झुकाकर उसकी चूत मारने लगता हैं। वो बड़ी तेजी से नजमा की चूत को पेल रहा था। नजमा भी अब अपने रंग में आ गई थी। उसकी चूत भी अब पानी छोड़े जा रही थी। पूरे किचेन में फल-फछ की आवाज गैंज रही थी।

राज का पूरा लण्ड नजमा की चूत की गहराई में उतर रहा था। राज का लण्ड हर झटके में नजमा की बच्चेदानी को छ रहा था, जिस नजमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और वो बहुत तंज आवाज के साथ राज से चुद रही थी। राज भी पागल होकर उसे चोदे जा रहा था। नजमा अपनी चूत से कितना पानी बहा रही थी उसे खुद नहीं पता था। उसकी चूत का पानी राज की जाँघ भी गीला कर रहा था।

नजमा किचन में चुदाई के समय कितनी बार झड़ी उसे कुछ पता नहीं, वो हर पांच मिनट में पानी छोड़ रही थी। राज का भी उसकी चूत अब बिल्कुल खुली हुई लग रही थी। उसका लण्ड आसानी से नजमा की चूत में आ और जा रहा था। नजमा की चूत अब राज के लण्ड का अच्छे से स्वागत कर रही थी। राज का लण्ड नजमा की चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ अंदर-बाहर हो रहा था। नजमा के शरीर में अब जान नहीं बची थी,उसके मुँह से लार

और थूक निकल रहा था। राज से उसे ऐसी चुदाई की उम्मीद नहीं थी।

एक ही पोजीशन में चोदते हए करीब 45 मिनट हो चुके थे। नजमा की चूत तब से लगातार लण्ड को अपने अंदर ले रही थी। अब राज के भी पैर दर्द करने लगे थे, लेकिन उसका लण्ड अभी भी थका नहीं था। तब राज नजमा की चूत में अपना लण्ड एक झटके में बाहर निकाल लेता है, तो एक पुक्क की आवाज के साथ राज का लण्ड बाहर आ जाता है। ऐसा लग रहा था जैसे कोईकाला नाग चूत से बाहर आ रहा हो।

नजमा को लण्ड निकलते ही कुछ आराम मिलता है। लोकन उसे अपनी चूत में कुछ खाली-खाली सा भी लगता हैं। तब राज नजमा को घुमाकर अपने सामने कर लेता है और नजमा को उठाकर अपने लण्ड पर बिठा लेता है। राज का लण्ड अभी भी उतना ही हाई था जितना पहले। नजमा के बैठते ही पूरा लण्ड उसकी चूत में घुस जाता है जो सीधे उसकी बरचंदानी में टच होता है। नजमा को भी इस एहसास का मजा आता है और वो अपने दोनों

पैर राज की कमर में लपेट देती है।

तब राज उसे लेकर छत की तरफ चल देता है। नजमा की हालत खराब हो चुकी थी। वो राज के बाजू में सिर रखकर लेटी है और अपनी आँखें बंद कर लेती है। उसकी चूत में राज का लण्ड था जो सीदिया चढ़ते समय हिल रहा था। नजमा भी उस लण्ड की अब दीवानी हो चुकी थी। राज अपने कमरे पहुँचकर नजमा को बेड पर लिटा देता है और उसकी चूत में अपना लण्ड बाहर निकाल लेता है।

फिर राज नजमा की दोनों टाँग उठाकर अपने कंधे में रखता है। जिससे नजमा की चूत पूरी खुलकर बाहर आ जाती है। राज अपना लण्ड एक बार फिर से नजमा की चूत में पेल देता है और अपना पुरा वजन नजमा के ऊपर हाल देता है। जिससे नजमा को राज का लण्ड अपने अंदर और भी गहराई तक महसूस हो रहा था। उसे ऐसा लग रहा था जैसे राज का लण्ड उसकी बच्चेदानी को भी फाड़ देगा। राज का लण्ड पहली बार इतनी गहराई में पहुँचा

था।

नजमा भी इस चुदाई से पागल हो जाती है वो अपना सिर इधर-उधर करने लगती है। ऐसा एहसास उसे आज पहली बार हुआ था। राज अब नजमा को पूरी जोश से चोद रहा था। उसका लण्ड अब किसी पिस्टन रोड की तरह नजमा की चूत में चल रहा था। करीब 20 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद राज अपना लण्ड नजमा की चूत की

गहराई में उत्तार देता है अपना पूरा बीज नजमा की बच्चेदानी में भर देता है। नजमा भी उसका गर्म एहसास पाकर उससे लिपट जाती है। दोनों 10 मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे से लिपटे रहते है।
 
राज का लण्ड अभी भी वैसे खड़ा था। वो अपना लण्ड नजमा की चूत से बाहर खींचता है तो उसके वीर्य की दो चार बूदें नजमा की चूत के ऊपर गिर जाती हैं। राज का लण्ड नजमा की चूत से बाहर आ जाता है। लेकिन उसका

अभी भी खड़ा था। उसका मन थक गया था लेकिन उसका लण्ड अभी भी नजमा की चूत को और मारना चाहता था।

नजमा की चूत राज के वीर्य से पूरी भरी थी लेकिन वो वीर्य नजमा की चूत की उस गहराई में था, जो चाहकर भी बाहर नहीं आ सकता था। राज का लण्ड नजमा की चूत से निकलने के बाद भी नजमा की चूत की गहराई को बयान कर रहा था। नजमा की चूत के आकार में थी। उसकी चूत में बाहर से ही राज की रसमलाई दिख रही थी। राज का लण्ड उसकी बेचैनी को बढ़ा रहा था। वो अपने लण्ड के बारे में सोच रहा था। वो एक बार फिर से नजमा की टांग को उठाकर अपना लण्ड नजमा की चूत में उतारने लगता है।

नजमा आज की चदाई से बेहाल हो गई थी। उसका गला सख रहा था। राज का लण्ड जाते ही वो अपनी आँखें खोल देती है। राज का आधा लण्ड उसकी चूत में था। वो राज से बिनती करती है- "प्लीज़... मुझसे पानी पीला दो. लेकिन वो लण्ड चूत से बाहर करने के लिए नहीं कहती।

तब राज अपने हाथ से वही पानी की बोतल उठाकर नजमा को देता है, जिसमें वियाया की गाली मिली थी। नजमा पानी मिलते ही उसे आधे से ज्यादा पी जाती है और बाकी बचा पानी राज पी जाता है। कुछ देर तक

राज नजमा को ऐसे ही चोदता है। जब वियाग्रा का असर नजमा के ऊपर चढ़ता है तो वो राज को फिर से अपने ऊपर खींच लेती है और दोनों टाँगें चौड़ी करके राज का लण्ड अपनी चूत की गहराई में उतार लेती हैं।

वियाया का असर अब दोनों तरफ था। राज उसे तसल्ली से चाट रहा था। तभी जय की मिस्ड काल आती है। राज समझ जाता है की जय की काल है। तभी राज अपना मोबाइल उठाकर नजमा को जय का बीडियो दिखाने की सोचता है। वो नजमा को अब पेट के बल लिटा देता है और एक झटके में अपना आधा लण्ड नजमा की चूत में पेल देता है, और दूसरे झटके में पूरा लण्ड नजमा की चूत को '' आकर में फैला देता है।

फिर राज नजमा को अपने दोस्त जय का वीडियो दिखाता है जिसमें जय मूठ मार रहा था। नजमा उस वीडियो को देखने के बाद और भी ज्यादा गरम हो जाती है। उसे राज का लण्ड दुनियां का सबसे बड़ा लण्ड लग रहा था। लेकिन जय का लण्ड राज के लण्ड में हर मामले में तगड़ा था। उसकी मोटाई ने नजमा की चूत को फैला दिया था और उसकी लंबाई में नजमा के होश उड़ा दिए थे। इतना तगड़ा लण्ड देखकर ही नजमा का गला सूख जाता है और उसकी चूत उस लण्ड के डर से ही कॉपने लगती है। उसे यकीन नहीं होता की दुनियां में इतने बड़े लण्ड भी होते हैं।

राज नजमा को जय का लण्ड देखते हुए खुश हो जाता है और उसे ये लण्ड लेने के लिए पूछता है। जय के लण्ड के बारे में सोचते ही उसकी चूत पानी छोड़ देती है। अब राज भी उसकी हालत समझ जाता है। तभी जय का फोन आ जाता है। राज जय का फोन उठाता है और अपने धक्को की स्पीड बढ़ा देता है, जिससे नजमा की चीख निकलने लगती है और वो चीख जय को सुनाई देने लगती है। जय फ्री तरह से गरम हो

जाता है। तभी जय राज को नजमा से बात करने के लिए बोलता है। राज मना करता है लेकिन जय उसे जोर देकर बात करने के लिए कहता है।

नजमा बात करने के मूड में नहीं उसे बस अपनी चूत की खुजली की फिकर थी। लेकिन जय का लण्ड देखकर उसका मन एक बार उससे बात करने के लिए बोलता है, तो वो राज से फोन लेकर जय से बात करने लगती है।

जय- कैसी हो मेरी जान?

नजमा- ठीक नहीं है।

जय- क्या हुआ मेरी जान को?

नजमा सोचती है क्यों ना आज जय से थोड़ा फ्लर्ट किया जाए, तो नजमा बोली- "कुछ नहीं जय जी आपके दोस्त ने अपना हथियार अंदर छोटी सी जगह में रख दिया है जिसमें वो जगह फैल गई है."

तभी राज एक जोर का झटका उसकी चूत में मारता है जिससे नजमा चीख पड़ती है।

जय- तो क्या हुआ मेरी जान... वो मेरा दोस्त हैं। वो अपने हथियार से मेरे हथियार को रखने की जगह बना रहा है।

नजमा- इसका मतलब आप भी मेरी?

जय- सही सोचा मेरी जान.... हम दोनों मिलकर तेरी कमसिन चूत का भोसड़ा बनाएंगे।

नजमा- मेरी चूत का भोसड़ा तो आपके दोस्त ने पहले ही बना दिया है।

जय-राज ने आज कितनी बार तेरी चूत मारी है मेरी जान?

नजमा- आज चौथी बार उनका लण्ड मेरी चूत फाड़ रहा है।

जय- नजमा मेरी जान... मैं अगले हफ्ते आ रहा हैं। इंडिया आने के बाद सबसे पहले तेरी चूत फाईगा मेरी राड़ साली..."

नजमा- चोद लेना मेरे आका, मेरी चूत तो तुम्हारे लिए ही है। बना देना उसका भोसड़ा।
 
राज दोनों की बातें सुनकर बुरी तरह से गरम हो जाता है और वो नजमा के हाथ से मोबाइल लेकर जय को गाली देता है और फोन काट देता है।

नजमा भी जय की बातों में गरम हो गई थी वो भी अब अपनी चूत की कुटाई जोर से करवाना चाहती थी। वो राज को एक बार फिर से अपने नीचे ले लेती है और उसका लण्ड अपनी चूत में उतार लेती है।

नजमा राज के ऊपर बैठ कर उसके लण्ड पर अपनी चूत पटक रही थी। उसकी चूत राज के लण्ड को अपनी पूरी गहराई में उतार रही थी। उसे आज चुदने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 15 मिनट तक राज के लण्ड पर

करने के बाद, राज नजमा को अपने नीचे लिटा लेता है और उसकी दोनों टाँगे फैलाकर अपना मसल पल देता है। उसका लण्ड नजमा की परी गहराई में समा जाता है। वो नजमा की कमर को पकड़कर अपने लण्ड

को नजमा की चूत की गहराई में पेलने लगता है।

राज का लण्ड नजमा की चूत के हिसाब से बहुत बड़ा लग रहा था, लेकिन नजमा की चूत अब राज की चुदाई से गुफा बन गई थी। वो पूरी जोश से राज का लण्ड ले रही थी। दोनों जिम वियाया की आग में जल रहे थे। दोनों आज एक दूसरे को खा जाना चाहते थे। राज के कमरे में सिर्फ चुदाई की आवाज फरक-फछ और सिसकारियां अया अया अया यही गूंज रही थी। राज ने नजमा की चूत का हर हिस्सा हिला दिया था। नजमा की चूत राज के लण्ड से चुदकर पूरी तरह से फैल गई थी।

तभी नजमा अपने मोबाइल से राज के लण्ड के साथ अपनी चूत की फोटो खींचती है, जिसमें नजमा की चूत ने राज का आधे से भी ज्यादा लण्ड अपने अंदर ले रखा था। वो इसी तरह कई फोटो खींचती है और अपनी और राज की चुदाई का 5 मिनट का वीडियो बनाती है जिसमें वह राज का लण्ड हर तरह अपनी चूत में ले रही थी। करीब एक घंटे की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद राज एक बार फिर नजमा की चूत को भरने की सोचता है।

लेकिन वो लास्ट टाइम में अपना लण्ड नजमा की चूत से निकालकर नजमा की गाण्ड के छेद में लगा देता है, और हल्का धक्का मार देता है। जिससे नजमा की गाण्ड थोड़ी सी खुल जाती है और राज अपना पूरा वीर्य नजमा के छोटे छेद में उसकी गाण्ड में भर जाता है। कुछ वीर्य उसकी गाण्ड के छेद में भी लग जाता है। नजमा की चूत उसके पानी में पूरी चिकनी हो गई थी।

नजमा आज ना जाने कितनी बार राज के लण्ड से झड़ी थी। राज के झड़ते ही वो बिल्कुल सुन्न हो जाती है। नजमा अपनी घनघोर चुदाई के बाद बुरी तरह से थक कर सो जाती है। उस रात राज ने नजमा को दो बार और

चोदा था,और नजमा ने भी हर बार उसे खा किया था।

सुबह करीब 5:30 बजे नजमा की आँख खुलती है तो उसे बहुत जोर की सूसू आ रही थी। वो उठकर बाथरूम चली जाती है। जब मूतने के लिए नीचे बैठती हैं तो उसकी चूत में बहुत तेज सिटी की आवाज निकलती है, और उसे अपनी चूत में बहुत तेज जलन महसूस होती है। बो बाथरूम की लाइट जलाकर अपनी चूत देखती है तो उसकी पूरी चूत पारोटी की तरह फूली हुई थी और वो बिल्कुल लाल हो चुकी थी।

नजमा को अपनी चूत देखकर तरस आ रहा था। उसे यकीन नहीं हो रहा था की उसकी चूत पिक से अब लाल हो गई है। उसे यकीन होने लगता है की अगर राज ने उसे ऐसे ही चोदा तो उसकी चूत कुछ दिनों में ही काली हो जाएगी। वो उठकर खड़ी होती है लेकिन उसकी जान निकल जाती है। उससे खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था। बों खड़े होकर राज के पास जाती है। उसे राज का लण्ड सोते हए भी अपने पति से बहुत बड़ा लग रहा था। वो तुरंत राज के रूम से निकलकर अपने रूम में चली जाती है।

उधर जय नजमा की बात से और उसे चोदने के खयाल से ही पागल हो जाता है। उसमें अब नहीं रहा जा रहा था। वो तुरंत अपने लिए इंडिया की फ्लाइट की टिकट निकाकर इंडिया जाने की तैयारी शुरू कर दंता है।

जुनैद अपने काम में बिजी था। जिस काम के लिए वो बाहर आया था वो काम कैंसिल हो गया था। जिससे जुनैद भी घर जाने की सोचता है। जुनैद फ्लाइट से घर जाने की सोचता है लेकिन उस दिन कोई फ्लाइट ना होने की वजह से वा कल ट्रेन से जाने की टिकेट निकाल लेता है।

उधर जय भी फ्लाइट से निकाल लेता हैं।
 
जुनैद अपने काम में बिजी था। जिस काम के लिए वो बाहर आया था वो काम कैंसिल हो गया था। जिससे जुनैद भी घर जाने की सोचता है। जुनैद फ्लाइट से घर जाने की सोचता है लेकिन उस दिन कोई फ्लाइट ना होने की वजह से वा कल ट्रेन से जाने की टिकेट निकाल लेता है।

उधर जय भी फ्लाइट से निकल लेता हैं।

इसकेबाद उसे राज के घर तक का सफर ट्रेन से करना था। वो भी शाम की ट्रेन की टिकट ले लेता है। जय जब इंडिया पहुँच ता है तो वो सबसे पहले राज को फोन करता है की वो इंडिया पहुँच गया है।

राज जय की बात से शाक हो जाता है। उसे यकीन नहीं होता है की जय इतनी जल्दी इंडिया आ जाएगा। वो सोचता है की अभी तो नजमा को उसने तसल्ली से चोदा भी नहीं है। अगर नजमा जय को एक रात के लिए मिल गई तो साला उसकी चूत सिर्फ उसी के मारने के लिए बचेगी मेरा लण्ड भी छोटा पड़ जाएगा नजमा की चूत में। चलो कोई बात नहीं, अब आ गया तो मना तो कर नहीं सकता।

जय को राज का अड्रेस पता था लेकिन वो राज कहां किराए पर रह रहा है। वो उसे नहीं पता था। तभी जय सोचता है की क्यों ना में राज में नजमा का नम्बर और उसके किराए वाले घर का अड्रेस लें लें। वह राज को फोन करके नजमा का नम्बर माँगता है। पहले तो राज मना करता है फिर बो नम्बर दे देता है और घर का अड्रेस्स भी बता देता है। लेकिन राज उसे पुराने वाले घर में जाने के लिए कहता है। जय ही बोलकर फोन काट देता है।

जब राज घड़ी की तरफ देखता है तो वो तुरंत उठता है और तैयार होने के लिए बाथरूम चला जाता है। रात में उसने जिस हिसाब से नजमा की चूत मारी थी, उससे उसे भी तकलीफ हो रही थी। उसका लण्ड भी नजमा की चूत मारते-मारतें छिल गया था। वो आज रात भी नजमा की चूत मारने का प्लान करता है और तैयार होने लगता है।

जब राज तैयार होकर बाहर आता है तभी राज के मोबाइल पर वहीदा का फोन आता है। बा राज से, स्कूल आने के लिए पूछती है क्योंकी आज स्कूल की जरुरी मीटिंग थी। तो राज उसे एक घंटे में बोलता है और जल्दी से कपड़े पहनकर वो स्कूल निकल जाता है। उसने आज नाश्ता भी नहीं किया था। स्कूल जाते समय नजमा उससे नाश्ते के लिए पूछती है तो वो मना कर देता है और उसे भी स्कूल ना आने के लिए कहता है।

नजमा भी अपने आपको रिलैक्स महसूस करती है। क्योंकी पूरी रात राज ने उसकी चूत को छील कर रख दिया था। उसकी चूत ब्रेड की तरह फूल गई थी। उसे अपनी चूत आज कुछ ज्यादा ही फूली लग रही थी। नजमा बाथरूम में जाकर गरम पानी से अपनी चूत को साफ करने लगती है, जिससे उसे रात की पूरी चुदाई याद आ जाती हैं। तभी उसे अचानक जय का लण्ड याद आ जाता है जिसके बारे में सोचकर ही नजमा की चूत पानी छोड़चोद देती है। पता नहीं उसे राज के लण्ड से डर भी लग रहा था और उसे अच्छा भी लग रहा था। वो अब राज के बारे में सोचती है की वो जय का वीडियो राज से माँग ले। उसे एक बार फिर से जय का लण्ड देखने का मन कर रहा था।

नजमा जल्दी से अपनी चूत को साफ करती है और नहाकर बाहर आ जाती है। वो फिर से कल रात वाली मॅक्सी पहन लेती है और नीचे एक थोंग पैंटी पहन लेती है। नजमा तैयार होकर राज को फोन मिलाती है। तभी उसके फोन में एक अंजान नम्बर से फोन आता है। वो नम्बर इंडिया का नहीं था। नजमा को समझ में नहीं आता की किसका फोन है? वो डरते हुए फोन उठाकर हेलो बोलती है। नजमा को उसकी आवाज सुनते ही कल रात की बातें याद आ जाती है और उसके दिमाग में राज और जय दोनों के साथ चुदते हुए फोटो भी दिखने लगते हैं वो समझ जाती है की फोन जय का है।

जय- हेला नजमा डालिंग।

नजमा जय को छेड़ते हए- "हेलो आप कौन बोल रहे हैं?"

जय- अ नजमा मेरी जान मैं जय।

नजमा- ओह जय जी। सारी मैंने आपको पहचाना नहीं था।

जय- कोई बात नहीं मेरी जान... जिस दिन मेरा लण्ड अपनी चूत में लोगी उस दिन के बाद पहली बार में पहचान जाओगी।

नजमा- ऐसी कोई बात नहीं जय जी। आप तो हमारे खास हो। हम तो आपके आने का इंतजार कर रहे हैं।

जय- चिंता मत करो मेरी जान, दो दिन में ही मैं तम्हारे पास आ जाऊँगा।

नजमा ये बात सुनते ही चकित हो जाती है। उसे यकीन नहीं होता की जय इतनी जल्दी उसकी चूत फाइने इंडिया आ जाएगा। नजमा ने कहा- "क्या बात कर रहे हो जय जी?"

जय- हाँ मेरी जान... मैं इंडिया में हैं और कल रात को ट्रेन पकड़कर राज के पास और फिर तेरी कमसिन चूत को में चाट-चाटकर मारेंगा।

नजमा- "सच में। फाड़ दोगे बन्या मेरी? स्स्सी..." इतना कहकर नजमा एक जोर की सिसकी लेती है जिससे जय का लण्ड पूरी तरह कड़क हो जाता है।

जय- हाँ मेरी रानी... तेरी चूत में मेरी जान निकल रखी है।

तभी नजमा के फोन पर जुनैद का फोन आ जाता है। तब नजमा जय को बोलती है- "मेरे पति का फोन आ रहा है मैं बाद में बात करंगी..' और फोन काटकर जुनैद से बात करने लगती है।

नजमा को एक बार और झटका लगता है जब जुनैद उसे घर आने की बात बताता है। नजमा पूरी तरह से घबरा जाती है। उसे अपनी चुदाई अधरी लगने लगती है। वो सोचती है की जुनैद के आने के बाद वो अब राज से कैसे चुदेगी और जय का भीलण्ड नहीं मिलेगा। यही सोचकर नजमा परेशान हो जाती है।

नजमा राज के स्कूल से वापस आने का इंतजार करने लगती है। तब तक शाज़िया भी जाग जाती है। उसका भी सिर भारी-भारी लग रहा था। जागने के बाद वो नजमा से चाय बनाने के लिए बोलकर फ्रेश होने चली जाती है। नजमा का मन किसी भी काम में नहीं लग रहा था। आज उसे जुनैद किसी दुश्मन की तरह लग रहा था वासना

और हवस ने उसे पागल बना दिया था।

जब शाम को राज स्कूल से वापस आता है तो नजमा उसे सब कुछ बता देती है। जिससे राज का भी मूड खराब हो जाता है, और वो नजमा को रात में फिर से आने के लिए बोल देता है। नजमा भी रात का इंतजार करने लगती है। नजमा आज अपनी चूत को पूरा फड़बाना चाहती थी इसलिए वो राज को आज एक झटके में पूरा लण्ड अपनी चूत में डालने के लिए कहती है।

राज भी आज नजमा की चूत को और आज ही गाण्ड के छेद में भी अपना लण्ड डालने की सोचता है।
 
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