S
StoryPublisher
Guest
सुखजीत- हफ्ते में एक बार या महीने में एक बार। पहले तो मुझे रोज चोदा करते थे। पर अब ऐसा लगता है, मानो उनमें पेट्रोल खतम हो गया है। अगर मैं खुद भी कहती हूँ तो कहते है की मैं आज थका हुआ हूँ मुझे सोने दे।
जगरूप- हाए रब्बा... तू कैसे रह जाती है बिना लण्ड के, मुझसे तो एक दिन भी नहीं रहा जाता। अगर कोई लण्ड ना मिले तो मूवी लगाकर खुद ही अपना पानी निकल लेती हूँ।
सुखजीत- वो कैसे?
जगरूप अपना मोबाइल निकलती है, और उसमें ब्लू-मूवी लगाकर सुखजीत के हाथ में मोबाइल दे देती है। उस मूवी में एक गोरी लड़की एक काले आदमी का बड़ा काला लण्ड अपनी चूत में ले रही थी, और साथ-साथ चिल्लाते हुए बोल रही थी- “एस बेबी आह्ह... आहह... फक मी हार्ड आहह... गुड माई पूस्सी इस सो वेट... आहह... प्लीज़्ज़... टेक इस डीपली... फक मी हार्ड इस्स्स...”
उस मूवी में छोटी सी लड़की की चूत में जाता बड़ा लण्ड देखकर सुखजीत की चूत में आग लग जाती है। सुखजीत की सांस एकदम से तेज हो जाती है।
सुखजीत अपने मन में सोचती है- “हाए काश... मैं उस मूवी में किसी तरह से चली जाऊँ और इस लंबे काले लण्ड को अपनी चूत के अंदर ले लूँ..."
सुखजीत ये सोचकर ही गरम हो जाती है, उसकी चूत में करेंट चलने लगता है। तभी उसे याद आता है, की वो इस टाइम कार में बैठी है। फिर सुखजीत अपने आप पर कंट्रोल करती है। सुखजीत अपनी सांसों को कंट्रोल में लेती है, और अपने आप पर पूरा कंट्रोल करके जगरूप का मोबाइल उसे वापिस उसके हाथ में पकड़ा देती है।
इतनी देर में माल आ जाता है। जगरूप कार पार्किंग में खड़ी करती है जो अंडरग्राउंड होती है। फिर वो दोनों एक साथ माल के अंदर जाती हैं। माल के अंदर ज्यादा रश नहीं होता, क्योंकी दोपहर का टाइम था। लेकिन जितने भी बंदे अंदर थे, उन सबकी आँखें दोनों कमाल की औरतों पर टिकी हुई थीं।
वो दोनों कपड़े वाली शाप की तरफ जा रही थी, तभी उन्होंने देखा की सामने 3 लड़के खड़े थे। दिखने में तीनों लंबे और काले थे और तीनों बीड़ियां पी रहे थे। जैसे है जीत और जगरूप अपनी कमर और गाण्ड मटकाती उनके आगे से निकली, तो वो लड़के बोलने लगे।
पहला लड़का- किससे अपनी चूचियां चुसवाई हैं जो ये इतनी बाहर आई हुई हैं?
दूसरा लड़का- ओहह... बड़े भाई चूचियां ना कह, इसे दूध की डेरी कह यार।
तीसरा लड़का- हाए एक किल्लो दूध मुझे भी दे दो ना।
ये सुनकर तीनों हँसने लगे।
तीसरा लड़का फिर बोला- “भाई तूने ग्रीन सूट वाली को देखा है, कैसे उसकी चूचियां राकेट की तरह खड़ी हैं
एकदम।
इतने में सुखजीत और जगरूप उन लड़कों के काफी पास अ जाती है, जिस कारण उन्हें दोनों के हिलाती हुई चूचियां बड़ी आसानी से दिखती हैं। ये सब देखकर एक लड़का बोला, जो सबसे आगे होता है।
पहला लड़का- "हाए मन कर रहा है, एक ही बार में मुँह लगाकर पूरी बोतल खतम कर दूँ..” कहकर वो अपना लण्ड पैंट के बाहर से ही मसलने लगा।
जगरूप- हाए रब्बा... तू कैसे रह जाती है बिना लण्ड के, मुझसे तो एक दिन भी नहीं रहा जाता। अगर कोई लण्ड ना मिले तो मूवी लगाकर खुद ही अपना पानी निकल लेती हूँ।
सुखजीत- वो कैसे?
जगरूप अपना मोबाइल निकलती है, और उसमें ब्लू-मूवी लगाकर सुखजीत के हाथ में मोबाइल दे देती है। उस मूवी में एक गोरी लड़की एक काले आदमी का बड़ा काला लण्ड अपनी चूत में ले रही थी, और साथ-साथ चिल्लाते हुए बोल रही थी- “एस बेबी आह्ह... आहह... फक मी हार्ड आहह... गुड माई पूस्सी इस सो वेट... आहह... प्लीज़्ज़... टेक इस डीपली... फक मी हार्ड इस्स्स...”
उस मूवी में छोटी सी लड़की की चूत में जाता बड़ा लण्ड देखकर सुखजीत की चूत में आग लग जाती है। सुखजीत की सांस एकदम से तेज हो जाती है।
सुखजीत अपने मन में सोचती है- “हाए काश... मैं उस मूवी में किसी तरह से चली जाऊँ और इस लंबे काले लण्ड को अपनी चूत के अंदर ले लूँ..."
सुखजीत ये सोचकर ही गरम हो जाती है, उसकी चूत में करेंट चलने लगता है। तभी उसे याद आता है, की वो इस टाइम कार में बैठी है। फिर सुखजीत अपने आप पर कंट्रोल करती है। सुखजीत अपनी सांसों को कंट्रोल में लेती है, और अपने आप पर पूरा कंट्रोल करके जगरूप का मोबाइल उसे वापिस उसके हाथ में पकड़ा देती है।
इतनी देर में माल आ जाता है। जगरूप कार पार्किंग में खड़ी करती है जो अंडरग्राउंड होती है। फिर वो दोनों एक साथ माल के अंदर जाती हैं। माल के अंदर ज्यादा रश नहीं होता, क्योंकी दोपहर का टाइम था। लेकिन जितने भी बंदे अंदर थे, उन सबकी आँखें दोनों कमाल की औरतों पर टिकी हुई थीं।
वो दोनों कपड़े वाली शाप की तरफ जा रही थी, तभी उन्होंने देखा की सामने 3 लड़के खड़े थे। दिखने में तीनों लंबे और काले थे और तीनों बीड़ियां पी रहे थे। जैसे है जीत और जगरूप अपनी कमर और गाण्ड मटकाती उनके आगे से निकली, तो वो लड़के बोलने लगे।
पहला लड़का- किससे अपनी चूचियां चुसवाई हैं जो ये इतनी बाहर आई हुई हैं?
दूसरा लड़का- ओहह... बड़े भाई चूचियां ना कह, इसे दूध की डेरी कह यार।
तीसरा लड़का- हाए एक किल्लो दूध मुझे भी दे दो ना।
ये सुनकर तीनों हँसने लगे।
तीसरा लड़का फिर बोला- “भाई तूने ग्रीन सूट वाली को देखा है, कैसे उसकी चूचियां राकेट की तरह खड़ी हैं
एकदम।
इतने में सुखजीत और जगरूप उन लड़कों के काफी पास अ जाती है, जिस कारण उन्हें दोनों के हिलाती हुई चूचियां बड़ी आसानी से दिखती हैं। ये सब देखकर एक लड़का बोला, जो सबसे आगे होता है।
पहला लड़का- "हाए मन कर रहा है, एक ही बार में मुँह लगाकर पूरी बोतल खतम कर दूँ..” कहकर वो अपना लण्ड पैंट के बाहर से ही मसलने लगा।