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दोपहर के टाइम हरपाल घर आ जाता है। हरपाल के चेहरे पर बहुत खुशी नजर आ रही थी। सुखजीत ये देखकर थोड़ी हैरान हो जाती है, क्योंकी हरपाल आज दोपहर को ही घर आ गया था।
सुखजीत- सरदारजी आज आप दोपहर को कैसे?
हरपाल खुशी में बोला- “हाँ सुखजीत बात ही कुछ ऐसी है, की मैं आज अपने आपको रोक नहीं पाया.."
सुखजीत- ओहो... बात क्या है, जरा मुझे भी तो बताओ। आप अकेले-अकेले खुश हो रहे हो।
हरपाल- “मलकपुर वाले बड़े भाईजी के लड़के का रिश्ता पक्का हो गया है...”
सुखजीत हरपाल की बात सुनकर बहुत खुश हो जाती है और कहती है- “ये तो बहुत खुशी की बात है, कब हुआ वैसे रिश्ता?"
हरपाल- आज ही हुआ है, और अगले हफ्ते शादी भी फिक्स कर दी है। अब हमको कल तक वहां जाना है।
सुखजीत- सरदार जी ये क्या बात कर दी उन्होंने? अब इतनी जल्दी शादी की तैयारी कैसी होगी?
हरपाल- “आज का दिन है हमारे पास सारी तैयारी के लिए। वैसे भी तेरे पास इतने सूट हैं, कोई अच्छा सा डाल के शादी में चल...”
इतने में रीत लंच करने के बाद बाहर आती है और अपने पापा को सत श्री अकाल कहती है। हरपाल रीत को भी खुश खबरी देता है।
रीत भी ये बात सुनकर काफी खुश हो जाती है, और कहती है- “वाउ... हम कल गाँव में जाएगें, बहुत मजा आएगा सच में..."
हरपाल- “हाँ बड़े टाइम बाद आया है खुशी का टाइम हमारे घर में। रीत बेटा तू ऐसा कर, बाजार से सारा समान ले आ जल्दी से...”
हरपाल रीत को पैसे देता है, और रीत ने खुश होकर अपने पापा को थैक्स भी कह दिया। फिर वो भागकर अपने रूम में जाती है और वहां अच्छे से तैयार होने लगती है। फिर हरपाल सुखजीत को सोनू के बारे में पूछता है।
दोपहर के टाइम हरपाल घर आ जाता है। हरपाल के चेहरे पर बहुत खुशी नजर आ रही थी। सुखजीत ये देखकर थोड़ी हैरान हो जाती है, क्योंकी हरपाल आज दोपहर को ही घर आ गया था।
सुखजीत- सरदारजी आज आप दोपहर को कैसे?
हरपाल खुशी में बोला- “हाँ सुखजीत बात ही कुछ ऐसी है, की मैं आज अपने आपको रोक नहीं पाया.."
सुखजीत- ओहो... बात क्या है, जरा मुझे भी तो बताओ। आप अकेले-अकेले खुश हो रहे हो।
हरपाल- “मलकपुर वाले बड़े भाईजी के लड़के का रिश्ता पक्का हो गया है...”
सुखजीत हरपाल की बात सुनकर बहुत खुश हो जाती है और कहती है- “ये तो बहुत खुशी की बात है, कब हुआ वैसे रिश्ता?"
हरपाल- आज ही हुआ है, और अगले हफ्ते शादी भी फिक्स कर दी है। अब हमको कल तक वहां जाना है।
सुखजीत- सरदार जी ये क्या बात कर दी उन्होंने? अब इतनी जल्दी शादी की तैयारी कैसी होगी?
हरपाल- “आज का दिन है हमारे पास सारी तैयारी के लिए। वैसे भी तेरे पास इतने सूट हैं, कोई अच्छा सा डाल के शादी में चल...”
इतने में रीत लंच करने के बाद बाहर आती है और अपने पापा को सत श्री अकाल कहती है। हरपाल रीत को भी खुश खबरी देता है।
रीत भी ये बात सुनकर काफी खुश हो जाती है, और कहती है- “वाउ... हम कल गाँव में जाएगें, बहुत मजा आएगा सच में..."
हरपाल- “हाँ बड़े टाइम बाद आया है खुशी का टाइम हमारे घर में। रीत बेटा तू ऐसा कर, बाजार से सारा समान ले आ जल्दी से...”
हरपाल रीत को पैसे देता है, और रीत ने खुश होकर अपने पापा को थैक्स भी कह दिया। फिर वो भागकर अपने रूम में जाती है और वहां अच्छे से तैयार होने लगती है। फिर हरपाल सुखजीत को सोनू के बारे में पूछता है।