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अपडेट 7
ओर आगे की बात उसके के होंठो में घुट जाती है, सतीश ने एक दम से प्रियंका के सर को पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच लिया और अपने जलते हुए लब प्रियंका के लबो पे रख देता है और उसके होठो को चुस्ने लगता है..... प्रियंका सतीश की इस हरकत से चौक जाती है, उसकी आँखे आस्चर्य से फ़ैल जाती हे... आज सतीश पर तो एक अलग ही भुत सवार था वो जंगलियों की तरह प्रियंका के होंठो को चुस रहा था तभी सतीश प्रियंका के होंठो को बाईट करता है, प्रियंका के शरीर में एक दर्द की लहर दौड जाती है.... और प्रियंका उसको पीछे धकेल देती है...
प्रियंका अपने होंठ पर निकल आये खुन को पोछते हुये- “पागल हो गये हो क्या? थोड़ी देर कण्ट्रोल नहीं कर सकते क्या, माँ देख लेती तो”...
सतीश- “क्या करू तुम्हारे जूसी होठ देख कर कण्ट्रोल नहीं हुआ”...
तभी नलिनी कॉफ़ी लेकर आ जाती है...
नलिनी- “क्या बातें हो रही हैं आपस में”...?
सतीश- “कुछ खास नहीं आंटी, बस ऐसे ही नार्मल बात चित हो रही थी... वैसे आप कही बाहर जा रही हैं क्या”...?
नलिनी- “नहीं तो क्यों तुम्हे ऐसा क्यों लगा”...?
सतीश- “नहीं बस ऐसे ही लगा तो पूछ लिया, वैसे आज आप इस साड़ी में काफी स... सुन्दर लग रही है”...
नलिनी- “कहा बेटा अब में बूढी हो गई हु”...
सतीश- “ये आपसे किसने कहा आंटी आप तो इतनी सेक्सी लग रही हो की कोई भी आपको २८ से ज्यादा नहीं कह सकता”...
उसकी बात सुनकर जहा नलिनी के चेहरे पर स्माइल आ जाती है वहि प्रियंका सतीश को घुर कर देखने लगती है...
नलिनी- “हट झूटा कही का शर्म नहीं आती तुझे मेरा मजाक बनाते हुये”....
सतीश- “कसम से आंटी मैं सच कह रहा हु... और आपको यकीन ना हो तो आप ऐसे ही बाहर घुमने चले जाओ, देख लेना हर एक नजर बस आप पर ही टिक जाएगी”....
वैसे ये बात तो नलिनी को पता थी की जिस रोड से वो गुज़रती है वहा पर सब की निगाहें बस उसी पर टिक जाती है पर सतीश के मुह से उसे अपनी तारीफ सुन्ना काफी अच्छा लग रहा था...
सतीश तो पता नहीं अभी नलिनी को कितने चने के झाड़ पर चढाता पर तभी प्रियंका बीच में ही बोल पड़ती है...
प्रियंका- “माँ हम दोनों ऊपर स्टडी करने जा रहे हैं प्लीज् हमे डिस्टर्ब मत करना”...
नलिनी- “ठीक है बेटा तुम जाकर स्टडी करो.... और सतीश थँक्स फॉर दी कम्प्लीमेंट”...
प्रियंका सतीश का हाथ पकड़ कर उसे अपने रूम में ले जाती है... और डोर को अंदर से लॉक करके सतीश की पीठ और हाथ पर घुसे मारते हुये...
प्रियंका- “बेशरम इंसान शर्म नहीं आई तुम्हे मेरी माँ से फ़्लर्ट करते हुये”....
सतीश प्रियंका का हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच लेता है जिससे प्रियंका के बॉब्स सीधे सतीश की छाती से जा टकराते हे, और उसके निप्पल सतीश की कठोर छाती से लग दब जाते हैं जिससे प्रियंका के मुह से एक मस्ती भरी आह निकल जाती है...
सतीश प्रियंका की पीठ पर अपने हाथ फेरते हुये
सतीश- “क्या करू यार तेरी माँ लग ही इतनी सेक्सी रही थी, की मे अपने आप को उनकी तारीफ करने से, रोक ही नहीं पाया”....
प्रियंका- “बहुत बड़ा कमीना है तू मेरी माँ पे अपनी बुरी नजर रखता है... तभी तो साला ये आज पहले से ही खड़ा हुआ है”...
प्रियंका सतीश के खड़े लंड को जो की उसे अपनी चुत पर स्कर्ट पे से मह्सुस हो रहा था, अपने हाथ से सहलाने लगती है...
सतीश अब अपने हाथ से उसके चूतडो को मसलते हुये
सतीश- “वैसे इसके खड़े होने के पीछे का राज केवल तेरी माँ ही नही, बल्कि तू भी है, आज तो तू भी गजब का माल लग रही है”...
ओर इसी के साथ सतीश उसके चूतडो को अपने हाथो में लेकर बुरी तरह मसल देता है, जिससे प्रियंका के मुह से एक चीख निकल जाती है....
प्रियंका- “एआइइइ... थोड़ा आराम से सतीश में कही भागे थोड़ी जा रही हु”...
सतीश- “साली भाग के जायगी भी कहा”...
और इसी के साथ सतीश प्रियंका के होठो को अपने होठो में लेकर चुस्ने लगता है....
सतीश आज बहुत बुरी तरह से प्रियंका के होठो को चुस रहा था...
सतीश आज सुबह से ही बहुत उत्तेजित था और उसे अब अपने आपको कण्ट्रोल करना मुस्किल था, सतीश किस तोड़कर पीछे हटता है और फिर टॉप को पकड़ कर निकाल देता है और फिर उसकी स्कर्ट को भी प्रियंका की बॉडी से अलग कर देता है... प्रियंका भी उसका पूरा साथ दे रही थी...
अब प्रियंका केवल रेड कलर की ब्रा और पेन्टी में सतीश के सामने थी... उसके उन्नत वक्ष रेड ब्रा में बहुत ही आकर्षक लग रहे थे... उस समय अगर कोई संन्यासी भी उसे देख लेता तो अपना लंड उसकी चुत में डाल कर उसकी चुदाई कर देता... उसकी नंगी मांसल जांघे बहुत ही सेक्सी लग रही थी... प्रियंका का एक एक अंग प्यार करने लायक था...
कहानी जारी रहेगी