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Incest आग्याकारी माँ



अपडेट 7

ओर आगे की बात उसके के होंठो में घुट जाती है, सतीश ने एक दम से प्रियंका के सर को पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच लिया और अपने जलते हुए लब प्रियंका के लबो पे रख देता है और उसके होठो को चुस्ने लगता है..... प्रियंका सतीश की इस हरकत से चौक जाती है, उसकी आँखे आस्चर्य से फ़ैल जाती हे... आज सतीश पर तो एक अलग ही भुत सवार था वो जंगलियों की तरह प्रियंका के होंठो को चुस रहा था तभी सतीश प्रियंका के होंठो को बाईट करता है, प्रियंका के शरीर में एक दर्द की लहर दौड जाती है.... और प्रियंका उसको पीछे धकेल देती है...

प्रियंका अपने होंठ पर निकल आये खुन को पोछते हुये- “पागल हो गये हो क्या? थोड़ी देर कण्ट्रोल नहीं कर सकते क्या, माँ देख लेती तो”...

सतीश- “क्या करू तुम्हारे जूसी होठ देख कर कण्ट्रोल नहीं हुआ”...

तभी नलिनी कॉफ़ी लेकर आ जाती है...

नलिनी- “क्या बातें हो रही हैं आपस में”...?

सतीश- “कुछ खास नहीं आंटी, बस ऐसे ही नार्मल बात चित हो रही थी... वैसे आप कही बाहर जा रही हैं क्या”...?

नलिनी- “नहीं तो क्यों तुम्हे ऐसा क्यों लगा”...?

सतीश- “नहीं बस ऐसे ही लगा तो पूछ लिया, वैसे आज आप इस साड़ी में काफी स... सुन्दर लग रही है”...

नलिनी- “कहा बेटा अब में बूढी हो गई हु”...

सतीश- “ये आपसे किसने कहा आंटी आप तो इतनी सेक्सी लग रही हो की कोई भी आपको २८ से ज्यादा नहीं कह सकता”...

उसकी बात सुनकर जहा नलिनी के चेहरे पर स्माइल आ जाती है वहि प्रियंका सतीश को घुर कर देखने लगती है...

नलिनी- “हट झूटा कही का शर्म नहीं आती तुझे मेरा मजाक बनाते हुये”....

सतीश- “कसम से आंटी मैं सच कह रहा हु... और आपको यकीन ना हो तो आप ऐसे ही बाहर घुमने चले जाओ, देख लेना हर एक नजर बस आप पर ही टिक जाएगी”....

वैसे ये बात तो नलिनी को पता थी की जिस रोड से वो गुज़रती है वहा पर सब की निगाहें बस उसी पर टिक जाती है पर सतीश के मुह से उसे अपनी तारीफ सुन्ना काफी अच्छा लग रहा था...

सतीश तो पता नहीं अभी नलिनी को कितने चने के झाड़ पर चढाता पर तभी प्रियंका बीच में ही बोल पड़ती है...

प्रियंका- “माँ हम दोनों ऊपर स्टडी करने जा रहे हैं प्लीज् हमे डिस्टर्ब मत करना”...

नलिनी- “ठीक है बेटा तुम जाकर स्टडी करो.... और सतीश थँक्स फॉर दी कम्प्लीमेंट”...

प्रियंका सतीश का हाथ पकड़ कर उसे अपने रूम में ले जाती है... और डोर को अंदर से लॉक करके सतीश की पीठ और हाथ पर घुसे मारते हुये...

प्रियंका- “बेशरम इंसान शर्म नहीं आई तुम्हे मेरी माँ से फ़्लर्ट करते हुये”....

सतीश प्रियंका का हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खिंच लेता है जिससे प्रियंका के बॉब्स सीधे सतीश की छाती से जा टकराते हे, और उसके निप्पल सतीश की कठोर छाती से लग दब जाते हैं जिससे प्रियंका के मुह से एक मस्ती भरी आह निकल जाती है...

सतीश प्रियंका की पीठ पर अपने हाथ फेरते हुये

सतीश- “क्या करू यार तेरी माँ लग ही इतनी सेक्सी रही थी, की मे अपने आप को उनकी तारीफ करने से, रोक ही नहीं पाया”....

प्रियंका- “बहुत बड़ा कमीना है तू मेरी माँ पे अपनी बुरी नजर रखता है... तभी तो साला ये आज पहले से ही खड़ा हुआ है”...

प्रियंका सतीश के खड़े लंड को जो की उसे अपनी चुत पर स्कर्ट पे से मह्सुस हो रहा था, अपने हाथ से सहलाने लगती है...

सतीश अब अपने हाथ से उसके चूतडो को मसलते हुये

सतीश- “वैसे इसके खड़े होने के पीछे का राज केवल तेरी माँ ही नही, बल्कि तू भी है, आज तो तू भी गजब का माल लग रही है”...

ओर इसी के साथ सतीश उसके चूतडो को अपने हाथो में लेकर बुरी तरह मसल देता है, जिससे प्रियंका के मुह से एक चीख निकल जाती है....

प्रियंका- “एआइइइ... थोड़ा आराम से सतीश में कही भागे थोड़ी जा रही हु”...

सतीश- “साली भाग के जायगी भी कहा”...

और इसी के साथ सतीश प्रियंका के होठो को अपने होठो में लेकर चुस्ने लगता है....

सतीश आज बहुत बुरी तरह से प्रियंका के होठो को चुस रहा था...

सतीश आज सुबह से ही बहुत उत्तेजित था और उसे अब अपने आपको कण्ट्रोल करना मुस्किल था, सतीश किस तोड़कर पीछे हटता है और फिर टॉप को पकड़ कर निकाल देता है और फिर उसकी स्कर्ट को भी प्रियंका की बॉडी से अलग कर देता है... प्रियंका भी उसका पूरा साथ दे रही थी...

अब प्रियंका केवल रेड कलर की ब्रा और पेन्टी में सतीश के सामने थी... उसके उन्नत वक्ष रेड ब्रा में बहुत ही आकर्षक लग रहे थे... उस समय अगर कोई संन्यासी भी उसे देख लेता तो अपना लंड उसकी चुत में डाल कर उसकी चुदाई कर देता... उसकी नंगी मांसल जांघे बहुत ही सेक्सी लग रही थी... प्रियंका का एक एक अंग प्यार करने लायक था...

कहानी जारी रहेगी

 
अपडेट 8

पर अभी सतीश का मूड ओरल सेक्स करने का बिलकुल भी नहीं था वो तो बस अपने लंड को चुत में डालकर चुदाई करना चाहता था...

ओर वो करता भी ऐसा ही है... सतीश तेजी से उसके ब्रा का हुक खोल कर ब्रा को प्रियंका के बदन से अलग कर देता है... और फिर निचे आकर उसकी पेन्टी को भी निचे खिसका देता है प्रियंका भी अपने पैर उठा कर उसे पेन्टी निकालने में हेल्प करती है... अब प्रियंका सतीश सामने पूरी नुड थी और उसका संगेमर्मर से तराशा गया बदन बहुत ही मादक था... सतीश अब भी उसके किसी अंग को हाथ तक नहीं लगाता...

प्रियंका सतीश के इस रूप से बहुत आस्चर्य चकित थि, सतीश हमेशा ओरल सेक्स करते हुए उसके कपडे उतरता था फिर उसे फ़क करता था पर आज सतीश ओरल सेक्स बिलकुल नहीं कर रहा था...

पता नहीं आज सतीश पर कैसा जुनून सवार था वो प्रियंका को पूरा नंगा करने के बाद अब तेजी से अपने कपडे उतारने सुरु कर देता है....

सतीश अब फुल नुड प्रियंका के सामने था, और उसका लौडा पूरी तरह से खड़ा अब खुली हवा में सांस ले रहा था...

प्रियंका का सबसे प्यारा खिलौना और उसकी सबसे लजीज लोलीपोप अब उसके सामने थी... प्रियंका की आँखों में चमक आ जाती है और वो आगे बड़कर अपने लोलीपोप को पकड़ लेती है....

सतीश- “प्लीज् प्रियंका अभी इस सब का टाइम नहीं है, मैंने अगर अभी चुदाई नहीं की तो मे मर जाऊंगा”...

प्रियंका उसकी बात को समझ कर अपने हाथ बेड के किनारे पर रख कर झुक जाती है, और उसके सामने घोड़ी बन जाती है.... अब प्रियंका की चुत सतीश के सामने थी सतीश आगे बढ़ कर लंड के सुपाडे को उसकी चुत के मुह पर टीका कर एक जोर का धक्का मारता है...

लंड प्रियंका की चुत को फैला कर आधा अंदर चला जाता है और इसी के साथ प्रियंका के मुह से एक दर्द भरी चीख़ निकल जाती है...

प्रियंका- “आआईईईइ.... बहुत दर्द हो रहा है सतीश प्लीज् थोड़ा आराम से... आअह्ह्ह”

प्रियंका की चुत चुदाई का सोच कर और सतीश का लंड देख गिली तो हुई थि, पर इतनी गिली नहीं हुई थी की सतीश का लंड ले सके, और ऊपर से सतीश का लंड भी चिकना नहीं था जिससे वो बहुत कसा हुआ चुत में अंदर गया था..

सतीश प्रियंका के दर्द की परवाह न करते हुए अपना पूरा लंड अंदर पेल देता है.. प्रियंका के मुह से दर्द भरी चीख़ निकल जाती है... पर सतीश तो अब ताबड़तोड़ धक्के मारते हुये प्रियंका की चुदाई करने लगता है...

प्रियंका को अपनी चुत में जलन हो रही थि, और उसकी आँखों से दर्द की अधिक्ता के कारन आँसु निकल आये थे, पर वो सतीश को रुकने को नहीं कहती है....

सतीश अपने लंड को सुपाडे तक बाहर निकाल कर अंदर पेल रहा था... इसी तरह वो अपने लंड को तेजी में अंदर बाहर कर रहा था...

आज तो सतीश दरिन्दा बन गया था वो प्रियंका के दर्द की परवाह किये बिना उसे बुरी तरह से चोद रहा था... सतीश प्रियंका में अपनी माँ सोनाली को देख कर उसकी इतनी ताबड़तोड़ चुदाई कर रहा था...

सतीश प्रियंका के बाल पकड़ लेता है और अपने लंड को पूरी तेजी में अंदर बाहर करने लगता है.... पूरे कमरे में प्रियंका की दर्द भरी चीखें गुंज रही थी...

पर वो चीखें तो सतीश के लिए आग में घी जैसा काम कर रही थी और उसके धक्के में तेजी आ जाती है और १० मीनट की चुदाई करने के बाद उसका लंड चुत में ही अपना माल गिरा देता है...

सूबह से फ़टने को तैयार लंड अब फट पडता है और अपना सारा लावा उगल कर शांत हो जाता है... प्रियंका लंड के चुत से निकलते ही बेड पर पीठ के बल लेट जाती है... सतीश की तो जैसे जान ही निकल गई हो वो भी जाकर प्रियंका के सीने पर अपना सर रख कर लेट जाता है...

सतीश प्रियंका के सीने पर सर रख कर लेट जाता है, प्रियंका और सतीश अपनी उखड़ी हुई साँसों को कण्ट्रोल करने में लगे हुए थे, प्रियंका सतीश के बालों में हाथ फिरा रही थी..... सतीश अब बहुत अच्छा महसुस कर रहा था और अब उसे फील होता है की उसने प्रियंका को कितना दर्द दिया है....

 
अपडेट 9

सतीश गर्दन उठकर प्रियंका की तरफ देखता है, प्रियंका की आँखें अभी भी लाल थी जोकि बता रही थी की दर्द की बजह से वो काफी आँसु बहा चुकी हें..... सतीश थोड़ा ऊपर बढ़ कर प्रियंका के होंठो पर एक किस करता है.....

सतीश किस तोड़कर- “आई एम सॉरी”...

प्रियंका बस मुस्कुरा देती है, और सतीश के होंठो को अपने होंठो में लेकर चुस्ने लगती है.... थोड़ी देर ऐसे ही एक दूसरे के होंठ चुस्ने के बाद वो दोनों अलग होते हे....

प्रियंका- “एक बात पुछु”....?

सतीश-“ह्म्मम्”

प्रियंका- “आज तुम्हे हुआ क्या था.... आज से पहले तो तुमने ऐसे सेक्स कभी नहीं किया, पर आज तो ऐसा लग रहा था जैसे, तुम नहीं कोई और ही मेरे साथ सेक्स कर रहा है”...

सतीश कोई जवाब नहीं देता और प्रियंका के दोनों चूचियों को अपने हाथो में लेकर मसलने लगता है और एक निप्पल को अपने मुह में लेकर चुसना स्टार्ट कर देता है..... प्रियंका के मुह से एक दम से सिसकारी फ़ुट पड़ती है....

प्रियंका- “इस्स्स्सस्छ्हःह”

प्रियंका सतीश के सर को अपने चूचि पेर दबाने लगती है और सतीश भी तेजी में उसकी दोनों चूचियों को मसल रहा था और एक एक करके चुस और काट रहा था और इसी के साथ प्रियंका की सिसकारियां भी तेज हो जाती हे.......

प्रियंका- “आआह्ह्ह्हह्ह्ह्..... उफ्फ्”

अब सतीश उसके पेट् पर से अपनी जीभ फिराते हुए नीचे की तरफ बढ्ने लगता है... और उसकी नैवल(नाभि) के पास पहुँच कर थोड़ी देर उसकी गहरी नाभि के चरो तरफ जीभ फिराता है और फिर उसमे अपनी जीभ दाल कर उसे चुस्ने लगता है.... सतीश प्रियंका की नाभि को ऐसे चुस राह था जैसे वो नाभि न होकर चुत को चुस रहा हो....

थोड़ी देर तक नाभि को चुस्ने के बाद सतीश नीचे बढ़ता है और फिर उसकी चुत के सामने आकर रुक जाता है.... थोड़ी देर तक चूत को देखने के बाद वो उसकी क्लीट को अपने मुह में लेकर चुस्ने लगता है..... अब तो प्रियंका का बुरा हाल हो जाता है वो अपना सर इधर उधर पटकने लगती है और अपने दोनों हथेलियों में बेडशीट को पकड़ कर मचलने लगती है.......

सतीश कभी अपनी जीभ उसकी क्लीट पर फिराता और कभी उसे मुह में लेकर चूसता और काटने लागत, प्रियंका की चुत से दरिया बह रहा था.... अब प्रियंका से कण्ट्रोल नहीं होता और वो अपने हाथ से सतीश के बालों को पकड़ कर अपनी चुत पर दबा देता है पर सतीश उसकी चुत को नहीं चुस्ता, प्रियंका ग़ुस्से में सतीश के मुह को अपनी चुत पर घीसने लगती है....

प्रियंका- “ओहः.... सतीश प्ल्ज़ सक इट.... चुसो इसे....

सतीश अब अपनी जीभ निकल कर उसकी चुत पर फिराता है चुत का टिट मिलते ही सतीश अपने होठो में उसकी चुत को लेकर चुस्ने लगता है... प्रियंका की बॉडी अकड जाती है और एक चीख़ के साथ प्रियंका का बांध तूट जाता है.... सतीश प्रियंका के सरे कामरस को पि जाता है....

अब प्रियंका का शरीर शांत पड़ गया था, उसे बहुत मजा आया था इस चुत चूसाई में, वो अब अपनी साँसे कण्ट्रोल कर रही थी....

ईधर सतीश प्रियंका की चुत से एक एक बून्द चाट जाता है..... और फिर अपने हाथो से चुत की दोनों फाकों को फैला कर उसमे अपनी जीभ दाल देता है और अपनी जीभ को अंदर बाहर करने लगता है.... सतीश अपनी जीभ निकल कर अपनी दो उंगलियाँ उसकी चुत में दाल देता है....

प्रियंका- “आह”....

सतीश तेजी से ऊँगली अंदर बाहर करने लगता है और चुत के दाने को अपने होंठो से चुस्ने लगता है....

प्रियंका भी अब गरम होने लगती है.... अब सतीश उठ कर प्रियंका को बेड के किनारे ले आता है.... अब प्रियंका पीठ तक तो बेड पर थी पर उसके पैर बेड से नीचे लटक रहे थे, सतीश जमीन पर खड़े होकर उसके पैरों को ऊपर कन्धो की तरफ फोल्ड कर देता है, प्रियंका अपने पैरों को अपने दोनों हाथो से पकड़ कर सतीश की हेल्प करती है, अब प्रियंका की कामरस बहति चुत सतीश के सामने थी... प्रियंका की गुलाबी चुत की दोनों फाकें एक दूसरे से चिपकी हुई थि, सतीश अपने लंड का टोपा उसकी चुत पर रख कर उसपर घीसने लगता है...

प्रियंका- “श्... अब और मत तडपाओ जान प्लीज् फ़क मि”...

सतीश- “हिंदी मे बोलो ना डार्लिंग, थोड़ी गालियों के साथ”.....

प्रियंका- “अब लंड चुत मे दाल भी दे भोसडी के, ऐसे खड़े खड़े क्यों अपनी माँ चूदा रहा है”....

सतीश- “तेरी माँ की चोदुं, साली रंडी कही की.... ले मेरा लौडा लंच कर रहा है”....

ओर इसी के साथ सतीश एक ही धक्के मे अपना लंड खुट्टो तक अंदर पेल देता है.... और इसी के साथ प्रियंका की एक दर्द भरी चीख़ निकल जाती है... पर सतीश उसके दर्द की परवाह किये बिना अपना लंड अंदर बाहर करने लगता है.... प्रियंका को दर्द हो रहा था पर वो सतीश को रुक्ने को कहने की जगह उसे और भडकाने लगती है....

प्रियंका-“आह......यमः.... थोड़ा जोर लगा झानटू गांड मे दम नहीं रहा क्या अभी तो बहुत बड़ा चड़ा कर बोल रहा था की मेरी माँ चोद देगा... साले तेरे में दम नहीं की तू मेरी माँ चोद सके.....

सतीश- “साली रंडी आज तेरी चुत का भोसडा न बनाया तो मेरा नाम भी सतीश नहि”...

ओर इसी के साथ सतीश प्रियंका की गर्दन को अपने दोनों हाथो मे पकड़ कर अपने धक्को की स्पीड बड़ा देता है.... “ये ले साली, और ले”......

प्रियंका की चीखे और सिसकियाँ कमरे मे गूँजने लगती है.... सतीश प्रियंका के होंठो को अपने होंठो मे लेकर उन्हें चुसना सुरु कर देता है.... थोड़ी देर होंठ चुस्ने के बाद सतीश जब अपनी गर्दन ऊपर उठता है तो अक्समात उसकी नजर विंडो पर पड़ती है जोकि थोड़ी सी खुली हुई थि, सतीश को वहा पर किसी की परछाई मेहसुस होती है, जब वो ध्यान देता है तो देखता है की खिड़की पर प्रियंका की सेक्सी माँ खड़ी हुई उनकी चुदाई को देख रही थि, पहले तो सतीश की गांड फट जाती है पर जिन नजरो से वो सतीश और प्रियंका की चुदाई देख रही थी उससे सतीश को अन्दाजा हो जाता है की वो काफी प्यासी हे....

कहानी जारी रहेगी

 
अपडेट 10

सतीश वहा से अपनी नजरें हटा लेता है और ऐसा शो करता है जैसे उसने कुछ देखा ही नहीं हो और वो अपनी चुदाई जारी रखता है....

प्रियंका- “आह.... आई एम कमिंग......आह”

प्रियंका इतनी हार्ड चुदाई बरदास्त नहीं कर पाती और थोड़ी देर मे ही वो

पाणी छोड़ देती है........

सतीश- “क्या हुआ मेरी रंडी इतनी जल्दी झड गयी, अभी तो बहुत ताव दिखा रहि थी की मेरे में दम नहि, साली में तो तेरी माँ की चुत का भोसडा बनाने लायक दम रखता हुन, चल उठ और

लौडा चाट कर साफ़ कर मेरा.....

ओर इसी के साथ सतीश अपना लंड बाहर निकाल लेता है, वो कनखियों से

प्रियंका की माँ की हर हरकत पर नजर रखे हुए था, और उसने जानकार

अपणा लंड बाहर निकाला था ताकि अपना

मुसल लंड उसको दिखा कर उसकी चुत की आग और बड़ा सके.... और उसका

सोचना सही था प्रियंका की माँ की नजर

उसके मुसल पर ही अटक गई थि, वो उसको किसी भूखी पर पींजरे में कैद

शेरणी की तरह घुर रही थी जिसका

मन तो कर रहा था की वो अपने शिकार को झपट कर कच्चा चबा

जाये पर पींजरे की सलाख़ों के कारन वो ऐसा करने मे असमर्थ थी....

प्रियंका तुरंत उठ कर उसका मुसल जैसा लंड अपने हाथ मे ले लेती है,

ओर फिर अपनी जीभ निकालकर उसे ऊपर से निचे तक चाट कर उसपर से

अपणे चुत का रस साफ़ कर देती है, फिर

४-५ बार अपने हाथ से स्ट्रोक मारने के बाद फिर से अपने मुह मे

ले लेती है, और उसकी चूसा ई करना शुरू कर देती है.... ये सब देख कर

प्रियंका की माँ के आँखे फटी की फटी रह जाती हैं की कैसे उसकी बेटी इस

मुसल को पूरा अपने मुह में लेकर चूस रही थी.....

सतीश प्रियंका के सर पर हाथ रख कर उसको अपने लंड की तरफ

दबाते हुये- “आह.... क्या चुस्ती है तू साली”....

“ईस मामले में तो तूने प्रोफ़ेशनल रंडी को भी फेल कर दिया”....

चल अब बस कर और बेड पर चढ़ कर घोड़ी बन जा, अब मे तेरी पीछे से लुंगा....

प्रियंका घोड़ी बन जाती है, सतीश उसके पीछे आ जाता है और

पहले प्रियंका की गांड को अपने हाथो से मसलने लगता है....

ओर फिर चटाक से एक झन्नाटे दार थप्पड़

उसकी गांड पर लगा देता है....

प्रियंका-“आई.... क्या कर रहा है हरामि”.....?

सतीश-“हरामी कहती है साली.... अब देख मेरा हरामीपण”....

ओर फिर एक के बाद एक जोरदार थप्पड़ वो उसकी

गांड पर मारते चला जाता है और प्रियंका चिखती जाती है,

प्रियंका की गांड पूरी लाल करने के बाद वो थप्पड़ मारना

बन्द कर देता है... प्रियंका की गांड में दर्द के कारन जलन होने लगती है....

प्रियंका-“आई...उफ...मार डाला कुत्ते”....

सतीश- “देख कैसे बन्दरिया की तरह तेरा पिछवाडा लाल हो गया है”....

पहले सतीश झुक कर अपना मुह प्रियंका की चुत पर लगा

देता है, और उसे चाटने लगता है.... सतीश ये सब

जानकर कर रहा था क्योकि उसे पता था की खिड़की पर खड़ी नलिनी

ये सब देख रही है...

सतीश प्रियंका की क्लीट अपने मुह मे लेकर उसे चुस्ने लगता

ही और फिर अपनी जीभ उसकी चुत से लेकर गांड तक फिराता

हि, गांड के छेद पर सतीश की जीभ पड़ते हि, प्रियंका के मुह

से सिसकि निकल जाती है, इतना दर्द होने के बावजूद

ओ इस चूसाई से मस्ती में आ गई थी....

अब सतीश अपनी जीभ उसकी गुदा-द्वार पर फिराता है और फिर उसके छेद पर

थुक गिरा कर उसके छेद में अपनी जीभ डालकर उसे ढीला करने लगता है

शायद आज उसका मूड कुछ और ही था.... जिसकी भनक प्रियंका को भी लग गई थी....

प्रियंका- “ओह नो.... नहीं सतीश मे वहां पर नहीं करने दूँगी, वहां बहुत दर्द होता है”....

सतीश- “डोन्ट वरि डार्लिंग में वहा पर नहीं करूँगा”

मै तो बस तुम्हे मजे दे रहा था, क्यों तुम्हे अच्छा नहीं लग रहा क्या????.....

प्रियंका-“श्.... बहुत अच्छा लग रहा है सतीश”....

सक इट...सक माय अस्स.......ओह्ह यस लाइक टिट......यमः

सतीश कुछ देर तक और उसकी गांड सक करता है,

उसके बाद वो अपनी पोजीशन ले लेता है और अपने

लंड को प्रियंका की चुत के छेद पे सेट करके एक धक्का

लागता है उसका आधा लंड इस धक्के से प्रियंका की चुत को

खोलते हुए अंदर चला गया था... और बाकि का आधा दूसरे धक्के में

अंदर चला जाता है... और फिर तो एक के बाद एक ताबड़तोड़ धक्के लगने शुरु हो जाते हे....

प्रियंका- “आह.....यमः........फासटर....

सतीश धक्के लगाते हुए अपनी एक ऊँगली से प्रियंका की

गांड को कुरेदने लगता है, थोड़ी देर तक गांड कुरेदने के बाद वो अपनी आधी ऊँगली को उसकी गांड में घुसेड़ देता है,

ओर फिर पूरी ऊँगली उसकी गांड में घुसेड़ कर अंदर बाहर करने लगता है....

 
अपडेट 12

सतीश वहा से अपनी नजरें हटा लेता है और ऐसा शो करता है जैसे उसने कुछ देखा ही नहीं हो और वो अपनी चुदाई जारी रखता है....

प्रियंका- “आह.... आई एम कमिंग......आह”

प्रियंका इतनी हार्ड चुदाई बरदास्त नहीं कर पाती और थोड़ी देर मे ही वो

पाणी छोड़ देती है........

सतीश- “क्या हुआ मेरी रंडी इतनी जल्दी झड गयी, अभी तो बहुत ताव दिखा रहि थी की मेरे में दम नहि, साली में तो तेरी माँ की चुत का भोसडा बनाने लायक दम रखता हुन, चल उठ और

लौडा चाट कर साफ़ कर मेरा.....

ओर इसी के साथ सतीश अपना लंड बाहर निकाल लेता है, वो कनखियों से

प्रियंका की माँ की हर हरकत पर नजर रखे हुए था, और उसने जानकार

अपणा लंड बाहर निकाला था ताकि अपना

मुसल लंड उसको दिखा कर उसकी चुत की आग और बड़ा सके.... और उसका

सोचना सही था प्रियंका की माँ की नजर

उसके मुसल पर ही अटक गई थि, वो उसको किसी भूखी पर पींजरे में कैद

शेरणी की तरह घुर रही थी जिसका

मन तो कर रहा था की वो अपने शिकार को झपट कर कच्चा चबा

जाये पर पींजरे की सलाख़ों के कारन वो ऐसा करने मे असमर्थ थी....

प्रियंका तुरंत उठ कर उसका मुसल जैसा लंड अपने हाथ मे ले लेती है,

ओर फिर अपनी जीभ निकालकर उसे ऊपर से निचे तक चाट कर उसपर से

अपणे चुत का रस साफ़ कर देती है, फिर

४-५ बार अपने हाथ से स्ट्रोक मारने के बाद फिर से अपने मुह मे

ले लेती है, और उसकी चूसा ई करना शुरू कर देती है.... ये सब देख कर

प्रियंका की माँ के आँखे फटी की फटी रह जाती हैं की कैसे उसकी बेटी इस

मुसल को पूरा अपने मुह में लेकर चूस रही थी.....

सतीश प्रियंका के सर पर हाथ रख कर उसको अपने लंड की तरफ

दबाते हुये- “आह.... क्या चुस्ती है तू साली”....

“ईस मामले में तो तूने प्रोफ़ेशनल रंडी को भी फेल कर दिया”....

चल अब बस कर और बेड पर चढ़ कर घोड़ी बन जा, अब मे तेरी पीछे से लुंगा....

प्रियंका घोड़ी बन जाती है, सतीश उसके पीछे आ जाता है और

पहले प्रियंका की गांड को अपने हाथो से मसलने लगता है....

ओर फिर चटाक से एक झन्नाटे दार थप्पड़

उसकी गांड पर लगा देता है....

प्रियंका-“आई.... क्या कर रहा है हरामि”.....?

सतीश-“हरामी कहती है साली.... अब देख मेरा हरामीपण”....

ओर फिर एक के बाद एक जोरदार थप्पड़ वो उसकी

गांड पर मारते चला जाता है और प्रियंका चिखती जाती है,

प्रियंका की गांड पूरी लाल करने के बाद वो थप्पड़ मारना

बन्द कर देता है... प्रियंका की गांड में दर्द के कारन जलन होने लगती है....

प्रियंका-“आई...उफ...मार डाला कुत्ते”....

सतीश- “देख कैसे बन्दरिया की तरह तेरा पिछवाडा लाल हो गया है”....

पहले सतीश झुक कर अपना मुह प्रियंका की चुत पर लगा

देता है, और उसे चाटने लगता है.... सतीश ये सब

जानकर कर रहा था क्योकि उसे पता था की खिड़की पर खड़ी नलिनी

ये सब देख रही है...

सतीश प्रियंका की क्लीट अपने मुह मे लेकर उसे चुस्ने लगता

ही और फिर अपनी जीभ उसकी चुत से लेकर गांड तक फिराता

हि, गांड के छेद पर सतीश की जीभ पड़ते हि, प्रियंका के मुह

से सिसकि निकल जाती है, इतना दर्द होने के बावजूद

ओ इस चूसाई से मस्ती में आ गई थी....

अब सतीश अपनी जीभ उसकी गुदा-द्वार पर फिराता है और फिर उसके छेद पर

थुक गिरा कर उसके छेद में अपनी जीभ डालकर उसे ढीला करने लगता है

शायद आज उसका मूड कुछ और ही था.... जिसकी भनक प्रियंका को भी लग गई थी....

प्रियंका- “ओह नो.... नहीं सतीश मे वहां पर नहीं करने दूँगी, वहां बहुत दर्द होता है”....

 
अपडेट 13

सतीश- “डोन्ट वरि डार्लिंग में वहा पर नहीं करूँगा”

मै तो बस तुम्हे मजे दे रहा था, क्यों तुम्हे अच्छा नहीं लग रहा क्या????.....

प्रियंका-“श्.... बहुत अच्छा लग रहा है सतीश”....

सक इट...सक माय अस्स.......ओह्ह यस लाइक टिट......यमः

सतीश कुछ देर तक और उसकी गांड सक करता है,

उसके बाद वो अपनी पोजीशन ले लेता है और अपने

लंड को प्रियंका की चुत के छेद पे सेट करके एक धक्का

लागता है उसका आधा लंड इस धक्के से प्रियंका की चुत को

खोलते हुए अंदर चला गया था... और बाकि का आधा दूसरे धक्के में

अंदर चला जाता है... और फिर तो एक के बाद एक ताबड़तोड़ धक्के लगने शुरु हो जाते हे....

प्रियंका- “आह.....यमः........फासटर....

सतीश धक्के लगाते हुए अपनी एक ऊँगली से प्रियंका की

गांड को कुरेदने लगता है, थोड़ी देर तक गांड कुरेदने के बाद वो अपनी आधी ऊँगली को उसकी गांड में घुसेड़ देता है,

ओर फिर पूरी ऊँगली उसकी गांड में घुसेड़ कर अंदर बाहर करने लगता है....

जबकि अंदर प्रियंका मजे मे अपनी गांड हिला हिला कर अपनी गांड मे लंड

ले रही थी-“आअह्हह्ह्ह्हह.....बहुत बड़ा मादरचोद है रे तु... आखिरकार

तूने गांड मे लंड पेल ही दिया,..... ऊम्म्ह.... बहुत मजा आ रहा जान और तेज,......

फ़क माय अस्स...ओहह येस.....हारडर.....यमः”

सतीश तो जैसे सातवे आसमान पर था, वो अपने धक्को की स्पीड और

बढा देता है..... और १० मिनट की चुदाई के बाद सतीश- “मे झरने वाला हूँ प्रियंका”....

प्रियंका- “मे भी सतीश......आंह्’......

ओर फिर सतीश अपना लास्ट शॉट लगा कर अपना लंड गांड मे

पुरा अंदर दाल कर उसमे ही झड़ने लगता है... और इसी के साथ प्रियंका भी अपनी

गंद मे सतीश के माल को मह्सुश कर झड़ने लगती है.......

सतीश अपना सारा माल उसकी गांड मे गिराने के बाद अपना

लंड प्रियंका की गांड से निकाल लेता है और साइड मे बेड पर लुडक जाता है,

ओर अपनी आँखे मुंदकर अपनी साँसे कण्ट्रोल करने लगता है.... प्रियंका भी

सतीश के सीने पर अपना सर

रखकर अपनी उखड़ी साँसे कण्ट्रोल करने लगती है....

थोड़ि देर मे जब सतीश की साँसे क़ाबू मे आती है तो उसे नलिनी का ध्यान आता

ही और वो तिरछी नजर से खिड़की की तरफ देखता है, पर नलिनी तो इनदोनो के

झडने के साथ ही झड गई थी और जब ये दोनों अपनी साँसे कण्ट्रोल करने मे

लगे हुए थे तभी वो वहा से अपने चुत से निकले रस को साफ़ करके निकल लेती है....

सतीश के होंठो पर कुछ सोच कर मुस्कान फैल जाती है.... इधर प्रियंका को जब होश

आता है तो वो अपने सर को सतीश के सीने से हटा कर उसके होंठो पर एक छोटा सा कीस करके- “बहुत गंदे हो तुम्, हमेशा अपने मन की करते रहते हो मेरी तो कोई चिंता ही नहीं है तुम्हे”....

सतीश- “क्यों तुम्हे मजा नहीं आया”....

प्रियंका-“मजा तो बहुत आया पर पहले दर्द भी बहुत हुआ”....

सतीश- “अरे जान इस खेल मे जितना ज्यादा दर्द शुरु मे मिलता है उतना ही मजा बाद मे आता है..... वैसे कल का क्या प्लान है,...

मै सोच रहा था की कल भी एक राउंड हो जाये तो”.....

प्रियंका-“भूल जाओ”....

सतीश- “क्यों क्या हुआ..... नाराज हो मुझसे”...

प्रियंका- “ऐसी बात नहीं है, वो कल मुझे अपनी कजिन की बर्थडे

पार्टी मे जाना है, कल सुबह निकलूँगी और फिर २-३ दिन बाद ही आउंगी”....

सतीश-“२-३ दिन बाद, तो २-३ दिन तक मे क्या करुन्गा”....

प्रियंका-“वही जो पहले करते थे- हस्तमैथुन.... ह... ह.... ह”

सतीश-“अच्छा बहुत मजा आ रहा है न मेरी हालत पर हसले पर जब लौट कर आएगी तो तेरी माँ-बहन एक कर दूँगा”...

पहले दोनों अपने-अपने कपडे पहनते हे, और प्रियंका सतीश को

गुड बाय किस देती है... और सतीश निचे चल देता है और प्रियंका ऊपर जो

धमाचौकडी हुई थी उसके सबुत मिटाने मे लग जाती है....

सतीश जब निचे पहुँचता है तो नलिनी को सोफ़े पर बैठा

पाता है वो कोई मैगज़ीन पड़ रही थी... सतीश को निचे आता

देख नलिनी अपनी मैगज़ीन निचे रखते हुये....

नलिनी- “हो गई स्टडी बेटा”...

सतीश- “जी औंटी”....

नलिनी- “काफी मेहनत कर रहे हो”...

सतीश- “जी वो कुछ प्रॉब्लेम्स काफी टफ थी जिन्हे सोल्व करने मे टाइम लग गया”...

नलिनी- “हु... वो तो मे देख ही रही हूँ की तुम काफी तन्न मन

लगा कर स्टडी कर रहे हो”....

तन पर काफी जोर दिया था नलिनी ने....

सतीश- “क्या करे आंटी अच्छे रिजल्ट के लिए तन्न मन तो लगाना ही पडेगा”...

 
अपडेट 14

नलिनी-“हमं....तब तो काफी थक भी जाते होगे, और अब तो और मेहनत करने का दम भी नहीं रहा होगा और न ही तुम्हारी कलम में इतनी इंक़”...

सतीश- “अब इतनी मेहनत करेंगे तो थोड़ी थकन तो होगी ही,....

पर मेहनत करने के लिए मे हमेशा तैयार रहता ह, अभी भी ५-६ घंटे बिना रुके मेहनत कर सकता हु....

और कलम की चिंता मत कीजिये, उसमे इंक की कभी कोई कमी नहीं होति,

ओर अगर इंक निकल भी जाये तो, ५-१० मिनट मे दुबारा भर जाती है”....

नलिनी- “काफी स्टैमिना है तुममे”.....

सतीश- “वो तो आप देख ही चुकी हे.....

नलिनी एक दम शॉक होते हुये- “क्या??? सतीशने कब देख....

सतीश- अरे आज देखा नहीं आपने की आज सतीशने नॉन-स्टॉप २.३० घंटे तक

आपकी बेटी के साथ स्टडी की है”....

नलिनी- “तो कल तो तुम आ ही रहे हो न मेरी बेटी को स्टडी करने”....

सतीश-“कल लेकिन”.....

नलिनी-“लेकिन वेकिन कुछ नहीं कल तुम आ रहे हो, मे चाहती हु की तुम

मेरी बेटी को, एक दम एक्सपर्ट बना दो”....

सतीश- “लेकिन औंटी”....

इससे पहले की सतीश कुछ बोलता उसका हरामी दिमाग उसे चेतने आ जाता है....

ह.दी.- “अबे भोसडी के कब तुझे अकल आयगी, साले जब देखो अपने लंड पे

कुल्हाड़ी मारता रहता है”....

सतीश-“अरे यार अब तू कहा से आ गया, दिमाग चाटने”...

ह.दी.- “दिमाग तेरे पास हो तो चाटूँगा ना, पर भोसडी के तेरे ऊपर के माले मे,

भूसा ही भुसा भरा हुआ है,...... मे तो तुझे ये बताने आया हु, की ये साली तुझे

खुली दावत दे रही है की कल आओ और मेरी फुद्दी मार लो और तू साले लोडुपंती

दिखा रहा है”....

सतीश- “तुझे साले यही सब सूझता है क्या...

ओ मुझसे कल प्रियंका के साथ पढ़ने आने के लिए बोल रही हे, जब्कि वो कल बाहर अपनी कजिन के यहाँ जा रही है”....

ह.दी.- “साले चूतिया, चुतीया नंदन है तु....

अबे लोडु, ये उसकी अम्मा है इसे नहीं पता होगा क्या की इसकी बेटी कल बाहर जा रही है, और वैसे भी ये तुम दोनों को

स्टडी करते हुए देख चुकी की तुम कैसी स्टडी करते हो...

इसलिए लोडु ये तुझे अपनी लौंडिया को पड़वाने नहीं बल्कि अपनी फड़वाने के लिए बुला रही है,... क्योकि कल घर पर कोई

नही होगा, और इससे अच्छा मौका और नहीं हो सकता, इस रंडी के लिए अपनी

चुत मरवाने का”.....

सतीश- “ऊह्ह्ह्हह्ह्.... हाँ ये तो सतीशने सोचा ही नहीं था”....

ह.दी.- “मादरचोद तू सोचता ही कब है”....

नलिनी- “क्या हुआ बेटा क्या सोच रहे हो.... ?

कल आ रहे हो ना मेहनत करने के लिए??

ये बात उसने बहुत ही सेक्सी आवाज मे कही थी

सतीश- “जी मे कल इसी टाइम पर आ जाऊंगा”......

 
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