समर अब उसकी चूत कि दीवारों को अंदर से चूस रहा था जिससे माही का जिस्म फिर से गरम हो गया और वो अपनी चूत फिर से समर के मुंह में घुसाने लगी।
माही : आह , और चूस लो मेरी चूत, पूरी मुंह में भर कर चूसो ,
काट दो पूरी चूत को, हाय मा री चूत"
समर ने उसकी पूरी चूत को मुंह में भर लिया और जोर जोर से उसके दाने पर अपनी जीभ रगड़ते हुए चूसने लगा तो माही की चूत एक बार फिर से झड़ने के कगार पर पहुंच गई।
माही: आह , मेरी चूत फिर से फट गई , हाय मेरी मा री सी सी सी ई ई ई कितनी अच्छी है मेरी चूत।
और उसने जोर से समर के बालो की पकड़ कर खींच दिया तो उसकी मुट्ठी में उसकी कुछ बाल फटकर आ गए।
समर उसकी चूत को मजे से चूसता रहा जब तक कि उससे रस टपकना बंद नहीं हुआ।मजे की अधिकता के कारण उसकी दोनो आंखे बंद हो चुकी थी , इतना मजा उसे पहले कभी नहीं आया था।
गेट पर खड़ी हुई काम्या तो जैसे पागल हो गई थी , समर इतनी अच्छी चूत चूसता हैं आज उसे पहली बार एहसास हुआ, उसकी खुद की चूत इतनी बह चुकी थी कि रस जांघो से होता हुआ फर्श तक आ चुका था। उसकी ऐसी चूत चुसाई आज तक नहीं हुई थी।
उधर माही ने जैसे ही आंखे खोली तो उसे अपनी मुट्ठी में समर के बालो का एक गुच्छा नजर आया तो उसे एहसास हुआ कि कुछ लोग जवानी मैं है गंजे क्यों हो जाते हैं ।
माही की सांसे अभी भी उखड़ी हुई थी और चूचियां उपर नीचे उछल रही थी। इससे पहले कि माही कुछ समझ पाती समर ने उसकी टांगो के बीच आकर उसकी एक टांगो को अपने कंधे पर रखा और उसकी रस से भीगी हुई चूत में पूरी ताकत से अपने सूखे लंड से एक पूरा तगड़ा धक्का लगाया तो लंड एक ही बार में उसकी चूत को फाड़ता हुआ जड़ तक अंदर घुस गया।
जैसे ही सूखा हुआ लंड चूत में अंदर जड़ तक घुसा तो माही दर्द से बिलबिला उठी और अपने दोनो हाथो से बेड शीट को दबोच लिया।
माही: आह, मर गई मेरी मा री, फाड़ दी फिर से चूत, बहुत दर्द हो रहा है , सूखा ही घुसा दिया , क्या दुश्मनी हैं तुम्हारी मेरी चूत से साले!!
समर ने बिना उसके दर्द की परवाह किए हुए पूरी ताकत से लंड को बाहर खिचा और फिर से जड़ तक घुसा दिया तो लंड सीधे उसकी बच्चेदानी से टकराया ।
माही: थोड़ा प्यार से चोद, बहुत दर्द हो रहा है , जानवर मत बनो समर,
समर तो जैसे आज सचमुच जानवर ही बन चुका था, उसने बिना माही के दर्द की परवाह किए उसे पूरी बेरहमी से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के पर उसका पूरा लंड बाहर निकलता और फिर से जड़ तक घुसा देता।
माही की दर्द और मस्ती भरी सिसकारियां पूरे घर में गूंज रही थी जिन्हे अगर कोई सुनता तो ये ही सोचता के किसी का भयंकर रेप हो रहा है।
कुछ धक्कों के बाद लंड पुरा गीला हो गया तो आराम से अन्दर बाहर होने लगा और अब माही को पूरा मजा आने लगा, दर्द अभी भी था लेकिन मजा बहुत ज्यादा बढ़ गया था । माही भी उसका साथ देते हुए अपनी गांड़ हिलाने लगी।
माही: आह , समर चोद मुझे, और चोद , पूरा अन्दर घुसा घुसा कर फाड़ मेरी चूत, बना दे आज इसका भोसड़ा आह , लंड इतना अच्छा क्यों हैं।।।
समर ने अब उसकी बेड पर घोड़ी बना दिया और अपनी घोड़ी के उपर चढ़ कर उसके बालो को पकड़ लिया तो घोड़ी ने भी अपनी चूत लंड के सामने उभार कर पेश कर दी तो समर ने जोश में आते हुए एक ही धक्के में पूरा लंड घुसा दिया। धक्का लगने से माही आगे को गिरने लगी तो समर ने उसके बालों से उसे अपनी और खींचा जिससे उसका लंड और अंदर घुस गया। हर धक्का इतना तेज होता कि वो आगे की ओर गिरने लगती तो समर उसे बालो से पकड़ कर खींचता ।
माही को इतना मजा घोड़ी बनकर पहली बार आ रहा था। उसने अपने दोनो हाथों को बेड पर टिका दिया और अपनी गीली चूत समर के खड़े ऑपी। लंड पर धकेलते हुए उसकी आंखो में देखते हुए:
चोद अपनी घोड़ी को समर, और चोद, दम नहीं है क्या लंड में ?
समर को अब बहुत गुस्सा आ गया और वो पूरी रफ्तार से चूत को चोदने लगा। पूरे कमरे में चुदाई का मधुर संगीत बज रहा था , हर धक्के पर बेड हिल रहा था मानो टूट जाएगा , समर की जांघ माही की जांघो से टकरा कर थप थप थप की आवाज कर रही थी।
माही को हर धक्का जन्नत का मजा दिखा रहा था। तभी उसकी चूत में तूफान आ गया और उसने अपनी चूत पूरी ताकत से लंड पर उछली और झड़ती चली गई।