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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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समर अब उसकी चूत कि दीवारों को अंदर से चूस रहा था जिससे माही का जिस्म फिर से गरम हो गया और वो अपनी चूत फिर से समर के मुंह में घुसाने लगी।

माही : आह , और चूस लो मेरी चूत, पूरी मुंह में भर कर चूसो ,

काट दो पूरी चूत को, हाय मा री चूत"

समर ने उसकी पूरी चूत को मुंह में भर लिया और जोर जोर से उसके दाने पर अपनी जीभ रगड़ते हुए चूसने लगा तो माही की चूत एक बार फिर से झड़ने के कगार पर पहुंच गई।

माही: आह , मेरी चूत फिर से फट गई , हाय मेरी मा री सी सी सी ई ई ई कितनी अच्छी है मेरी चूत।

और उसने जोर से समर के बालो की पकड़ कर खींच दिया तो उसकी मुट्ठी में उसकी कुछ बाल फटकर आ गए।

समर उसकी चूत को मजे से चूसता रहा जब तक कि उससे रस टपकना बंद नहीं हुआ।मजे की अधिकता के कारण उसकी दोनो आंखे बंद हो चुकी थी , इतना मजा उसे पहले कभी नहीं आया था।

गेट पर खड़ी हुई काम्या तो जैसे पागल हो गई थी , समर इतनी अच्छी चूत चूसता हैं आज उसे पहली बार एहसास हुआ, उसकी खुद की चूत इतनी बह चुकी थी कि रस जांघो से होता हुआ फर्श तक आ चुका था। उसकी ऐसी चूत चुसाई आज तक नहीं हुई थी।

उधर माही ने जैसे ही आंखे खोली तो उसे अपनी मुट्ठी में समर के बालो का एक गुच्छा नजर आया तो उसे एहसास हुआ कि कुछ लोग जवानी मैं है गंजे क्यों हो जाते हैं ।

माही की सांसे अभी भी उखड़ी हुई थी और चूचियां उपर नीचे उछल रही थी। इससे पहले कि माही कुछ समझ पाती समर ने उसकी टांगो के बीच आकर उसकी एक टांगो को अपने कंधे पर रखा और उसकी रस से भीगी हुई चूत में पूरी ताकत से अपने सूखे लंड से एक पूरा तगड़ा धक्का लगाया तो लंड एक ही बार में उसकी चूत को फाड़ता हुआ जड़ तक अंदर घुस गया।

जैसे ही सूखा हुआ लंड चूत में अंदर जड़ तक घुसा तो माही दर्द से बिलबिला उठी और अपने दोनो हाथो से बेड शीट को दबोच लिया।

माही: आह, मर गई मेरी मा री, फाड़ दी फिर से चूत, बहुत दर्द हो रहा है , सूखा ही घुसा दिया , क्या दुश्मनी हैं तुम्हारी मेरी चूत से साले!!

समर ने बिना उसके दर्द की परवाह किए हुए पूरी ताकत से लंड को बाहर खिचा और फिर से जड़ तक घुसा दिया तो लंड सीधे उसकी बच्चेदानी से टकराया ।

माही: थोड़ा प्यार से चोद, बहुत दर्द हो रहा है , जानवर मत बनो समर,

समर तो जैसे आज सचमुच जानवर ही बन चुका था, उसने बिना माही के दर्द की परवाह किए उसे पूरी बेरहमी से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के पर उसका पूरा लंड बाहर निकलता और फिर से जड़ तक घुसा देता।

माही की दर्द और मस्ती भरी सिसकारियां पूरे घर में गूंज रही थी जिन्हे अगर कोई सुनता तो ये ही सोचता के किसी का भयंकर रेप हो रहा है।

कुछ धक्कों के बाद लंड पुरा गीला हो गया तो आराम से अन्दर बाहर होने लगा और अब माही को पूरा मजा आने लगा, दर्द अभी भी था लेकिन मजा बहुत ज्यादा बढ़ गया था । माही भी उसका साथ देते हुए अपनी गांड़ हिलाने लगी।

माही: आह , समर चोद मुझे, और चोद , पूरा अन्दर घुसा घुसा कर फाड़ मेरी चूत, बना दे आज इसका भोसड़ा आह , लंड इतना अच्छा क्यों हैं।।।

समर ने अब उसकी बेड पर घोड़ी बना दिया और अपनी घोड़ी के उपर चढ़ कर उसके बालो को पकड़ लिया तो घोड़ी ने भी अपनी चूत लंड के सामने उभार कर पेश कर दी तो समर ने जोश में आते हुए एक ही धक्के में पूरा लंड घुसा दिया। धक्का लगने से माही आगे को गिरने लगी तो समर ने उसके बालों से उसे अपनी और खींचा जिससे उसका लंड और अंदर घुस गया। हर धक्का इतना तेज होता कि वो आगे की ओर गिरने लगती तो समर उसे बालो से पकड़ कर खींचता ।

माही को इतना मजा घोड़ी बनकर पहली बार आ रहा था। उसने अपने दोनो हाथों को बेड पर टिका दिया और अपनी गीली चूत समर के खड़े ऑपी। लंड पर धकेलते हुए उसकी आंखो में देखते हुए:

चोद अपनी घोड़ी को समर, और चोद, दम नहीं है क्या लंड में ?

समर को अब बहुत गुस्सा आ गया और वो पूरी रफ्तार से चूत को चोदने लगा। पूरे कमरे में चुदाई का मधुर संगीत बज रहा था , हर धक्के पर बेड हिल रहा था मानो टूट जाएगा , समर की जांघ माही की जांघो से टकरा कर थप थप थप की आवाज कर रही थी।

माही को हर धक्का जन्नत का मजा दिखा रहा था। तभी उसकी चूत में तूफान आ गया और उसने अपनी चूत पूरी ताकत से लंड पर उछली और झड़ती चली गई।
 
माही: आह समर , गई मेरी चूत, उफ्फ हाय मा री, सी आई सी आईआईआईआईआईआई आह्ह्हह्ह chuttttttttttt।

समर उसकी चूत में जंगली सांड की तरह लंड घुसाने लगा तो माही का जिस्म झड़ते हुए ज्यादा कांपने लगा।

अब लंड की मार से उसे दर्द का एहसास हो रहा था, लेकिन समर उसकी परवाह किए बिना उसे चोदे जा रहा था मानो ये उनकी आखिरी चुदाई हो।

माही से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, उसकी चूत में अब चोट लग रही थी।

माही: आह , बस कर ज़ालिम, दर्द हो रहा है अब, छोड़ दे मेरी चूत को ,

समर बिना कुछ बोले और बिना रुके ऐसे ही लंड घुसा रहा था। माही की चूत जैसे दर्द से फट रही थी।

तभी समर बिजली की रफ्तार से उसकी चूत को फाड़ने लगा तो माही का जिस्म हर धक्के पर हिल रहा था। तभी समर ने पूरी ताकत से एक आखिरी धक्का लगाया और लंड को पूरा घुसाते हुए उसकी बच्चेदानी में अपने वीर्य कि बारिश करने लगा।

समर: आह गया मेरा लन्ड भी माही ।

समर उसकी कमर पर ही ढेर हो गया। काम्या की चूत भी एक बार फिर से बह चली।

लेकिन अब उसे लंड चाहिए था समर का मोटा तगड़ा लंड। किसी भी कीमत पर । वो भी घोड़ी बनना चाहती थी, अपने सगे बेटे को अपने उपर चढ़ा लेना चाहती थी ।

समर और माही दोनो एक दूसरे की बाहों में सो गए और काम्या भी अपनी प्यासी और तड़पती हुई चूत के साथ नीचे अपने कमरे में आकर सो गई पूरी नंगी ही।

सुबह जैसे ही समर की आंख खुली तो उसने अपने पास लेती नंगी माही को देखा जिसकी चूत रात हुई चुदाई की वजह से लाल हो गई थी। समर उसकी चूत पर प्यार से एक किस करता है तो माही नींद में ही हल्की सी मुस्कुरा पड़ती है।

समर बाथरूम जाता हैं और फ्रेश होकर अपना रनिंग सूट पहनकर नीचे आ जाता हैं । जैसे ही वो काम्या के दरवाजे के पास से निकला तो उसकी नजर काम्या के खुले हुए दरवाजे से अंदर बेड पर चली गई जहां काम्या गहरी नींद में नंगी पड़ी हुई सो रही थी पेट के बल।

समर ये देखकर अपने होश खो बैठा और ना चाहते हुए भी उसके कदम काम्या के रूम की तरफ बढ़ गए । उसका दिल बहुत जोरो से धड़क रहा था , उसने एक बार उपर जी की तरफ देखा कि कहीं माही उठ तो नहीं गई हैं ।

जैसे ही वो निश्चिंत हुआ उसने काम्या के रूम के अंदर कदम बढ़ा दिए। काम्या की पूरी मोटी , बाहर को निकली हुई गांड़ नंगी खुली हुई पड़ी थी । उफ्फ समर ने पहली बार इतनी बड़ी गांड़ को ध्यान से देखा तो उसकी आंखे चोड़ी हो गई और लंड जोश में आने लगा। काम्या की गांड़ बिल्कुल गोरी चिकनी थी और दोनो पट आपस में जुड़े हुए थे, उसकी कमर माही से कुछ हल्की सी मोटी थी लेकिन उसकी तगड़ी गांड़ के हिसाब से पतली ही थी।

समर धड़कते हुए दिल के साथ उसके बेड पर उसके पास बैठ गया और उसने देखा कि गांड़ के ठीक नीचे की तरफ उसकी चूत के होंठ उभरे हुए दिख रहे थे जिनमें से रस की कुछ बूंदे अभी भी बाहर की ओर निकलने को बेताब थी और उसकी चूत के नीचे की बेड शीट चूत से निकले काम रस की वजह से पूरी गीली हुई पड़ी थी।

समर का गला सूख चुका था, सांसे उखड़ने रही थी और आंखे वासना की वजह से लाल हो गई थी।जैसे ही रस की बूंदे चूत से बाहर की ओर गिरने लगी तो उससे बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने कांपते हुए हाथ हाथ को आगे ले जाकर उसकी चूत से निकली उन अमृत की बूंदों को अपनी उंगलियों में समेट लिया ।
 
जैसे ही उसकी उंगलियां काम्या की चूत से छुई तो काम्या के नींद में होने के बाद भी उसकी चूत कांप सा गई मानो उसे इस मस्त छुवन का एहसास हुआ हो।

समर ने काम्या की चूत की तरफ प्यासी नजरो से देखते हुए चूत रस से भीगी उंगली को को मुंह में भर लिया और चूसने लगा। उफ्फ कितना मस्त स्वाद था उसकी मा के चूत रस का। एक दम खट्टा सा, तीखा तीखा नमकीन ।

तभी उपर माही के गेट खोलने की आवाज अाई को समर डर के मारे चुपचाप काम्या के रूम से बाहर निकल गया और वॉक पर चला गया।

उधर माही की चूत से आज फिर से खून आने लगा और उसके पेट में तेज दर्द हुआ मतलब उसे पीरियड हो गए थे। उसने बाथरूम जाकर अपनी चूत को अच्छे से साफ किया और एक पैड पहन ली ताकि कपडे खराब होने के बच सके।।

आज समर घर से वॉक के लिए निकला तो जरूर था लेकिन अब उसका मन वॉक का नहीं था। उसे अपनी मा की याद आ रही थी, वो समझ पा रहा था कि उसकी मा पिछले दो महीने से ज्यादा से चुदाई ना होने के कारण जल रही है और बहुत प्यासी हैं । इसलिए जिस्म की आग के कारण वो इतनी ठंड में भी रात को नंगी सोती हैं ताकि चूत को हवा लगने से कुछ सुकून मिल सके। लेकिन चूत की तड़प तो सिर्फ लंड से शांत होती हैं । उसकी मा उसकी तरफ झुक तो रही हैं लेकिन शायद लंड ज्यादा मोटा होने के कारण डर भी रही हैं , लगता हैं अब मुझे ही प्यार से उसके मन से लंड का डर निकालना होगा।

ये सारी बाते सोचते हुए वो वापिस घर की तरफ लेट चला । घर आकर वो सीधा बाथरूम में घुस गया और तैयार होने ब्रेक फास्ट करने आ गया तो माही, काम्या और वो तीनो ब्रेक फास्ट करने लगे।

काम्या: समर तुम आज अखाड़ा जाने से पहले माही के साथ बाहर चले जाना और घर की जरूरत का सब सामान भी लाना हैं क्योंकि हम दो महीने से कबीले में थे इसलिए लगभग सारा सामान खत्म सा हो गया है।

माही: लेकिन मम्मी मैं नहीं जा सकती क्योंकि मेरे पेट में दर्द हैं ,

काम्या को समझ आ गया था कि उसे पीरियड आए हैं क्योंकि वो पेट दर्द पीरियड आने पर ही बोलती है ।

समर: क्या हुआ माही ? सब ठीक तो हैं , मैं तुम्हे डाक्टर के पास लेके चलता हूं, "

ऐसा बोलते हुए समर खाना बीच में ही छोड़ देता हैं और खड़ा हो गया तो माही और काम्या दोनो की हल्की सी हंसी छूट गई।

काम्या: अरे बेटा बैठ जाओ, आराम से नाश्ता करो , ज्यादा गंभीर बात नहीं हैं, ये दर्द तो हम औरतों को हर महीने होता हैं ।

माही जैसे ही उसकी बात का मतलब समझती हैं तो शर्म के कारण उसका चेहरा झुक गया और नजरे नीची हो गई ।समर भी सब कुछ समझ गया था इसलिए को भी हल्का का स्माइल किया और नाश्ता करने लगा

खाना खाने के बाद माही आराम से लेट गई जबकि समर और काम्या दोनो बाजार की तरफ निकल गए। बाजार में जाकर उन्होंने सब घर का जरूरी सामान लिया और फिर काम्या की नजर एक सब्जी वाले की दुकान पर पड़ी जहां बहुत मोटे मोटे और लम्बे खीरे रखे हुए थे।

काम्या की धड़कने तेज हो गई और उसने बड़ी मुश्किल से दुकान वाले से खीरे लिए बिल्कुल ताजे और मोटे खीरे।

समर बाहर खड़ा हुआ था इसलिए उसे पता ही नहीं चल पाया कि उसकी मा ने खीरे भी लिए हैं जबकि काम्या खीरे से बहुत ज्यादा नफरत करती थी।

उसके बाद काम्या और समर एक शॉपिंग मॉल में गए जहां काम्या ने एक से बढ़कर एक सेक्सी लिंगरी देखी और समर की पसंद से कुछ बढ़िया लिंगरी खरीद ली, काम्या की चूत ये सब करते हुए पूरी भीग चुकी थी।

सारा सामान खरीदने के बाद वो वापिस घर की तरफ लौट पड़े और घर जाकर मम्मी किचेन में चली गई जबकि समर उपर माही के पास चला गया। माही अभी भी दर्द के कारण सो रही थी । समर ने उसके गाल पर प्यार से किस किया और नीचे की तरफ चल दिया अपनी मा के पास। ।

काम्या जैसे ही किचेन में घुसी उसने सारा सामान लगाना शुरू कर दिया और जैसे ही उसने खीरे को हाथ लगाया तो उसकी चूत तड़प उठी मानो उसे घुसा लेना चाहती हो।

काम्या ने खीरे को हाथ में लिया और प्यासी नजरो से देखने लगी, उत्तेजना की वजह से उसकी चूचियां उपर नीचे हों रही थी,गला सूख गया और आंखे चौड़ी हो रही थी, उसने खीरे को अपनी इलास्टिक वाली सलवार के उपर से ही चूत पर दबाया और मस्त हो गई।

खीरा जैसे ही चूत के मुंह पर लगा तो उसने जोश में आकर अपनी टांगे चौड़ी कर ली और खीरे के दबाव अपनी चूत पर बढ़ाने लगी। खीरा जैसे ही उसकी चूत के होंठो को रगड़ता तो उसकी आह निकल पड़ती । धीरे धीरे उसका मजा बढ़ने लगा और वो भूल गई कि वो अभी कहां हैं और किस हाल में हैं। उसने हिम्मत करके अपनी सलवार को नीचे किया और खीरे को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी ताकि वो गीला हो जाए । वो खीरे पर ऐसे जीभ चला रही थी मानो लंड चूस रही हो।

जल्दी ही खीरा पूरा गीला हो गया और उसने अपने हाथ नीचे लाकर उसे अपनी बहती हुई चूत के मुंह पर लगा दिया। नंगी चूत पर जैसे ही मोटे खीरे का एहसास हुआ काम्या का मुंह मजे से खुल गया और उसके मुंह से सिसकियां निकल गई।

काम्या: आह, मा री , कितना अच्छा लग रहा है , उफ्फ मेरी चूत ।

समर उपर से नीचे उतर रहा था जैसे ही उसके कानों में काम्या की सिसकियां पड़ी तो वो तेजी से किचेन के पास आकर खिड़की से अंदर का नजारा देखने लगा।

उफ्फ उसे यकीन नहीं हो रहा कि उसकी सगी मा अपने चूत में खीरा डालने के लिए मरी जा रही है, मजे से काम्या की दोनो आंखे बंद हो गई थी इसलिए उसे कुछ पता नहीं चल रहा था कि समर उस देख रहा है, खीरा बहुत ज्यादा मोटा था इसलिए घुसने में मुश्किल आ रही थी तो काम्या ने अपनी एक टांग को टेबल पर रख लिया जिससे उसकी चूत पूरी तरह से खुल गई और उसने खीरे पर ढेर सारा थूक लगाया और जैसे ही उसे चूत के मुंह पर रखा तो समर की आवाज सुनाई दी ।

समर: मम्मी कहां हो तुम ? मुझे बहुत तेज भूख लगी हैं " ।

समर नहीं चाहता था कि खीरा उसकी मा की चूत में घुसे इसलिए लास्ट मोके पर काम बिगाड़ दिया और काम्या फिर से तड़पती ही रह गई।
 
जैसे ही काम्या के कानो में समर की आवाज सुनाई पड़ी तो उसे अपनी हालत का एहसास हुआ और उसने जल्दी से अपनी सलवार उपर कर ली जबकि खीरा उसकी जांघो के बीच ही दबा हुआ रह गया । जब काम्या को खीरे के अंदर रहने का एहसास हुआ तो देर हो चुकी थी क्योंकि समर किचेन में अंदर आ चुका था।

समर : मम्मी मुझे भूख लगी हैं , कुछ दो खाने के लिए ,?

काम्या; तू चल बाहर बैठ , मैं जल्दी ही बना देती हूं "

काम्या उसे बाहर निकाल देना चाहती थी ताकि आराम से खीरा निकाल सके जबकि समर जनता था कि खीरा अभी उसकी सलवार के अन्दर हा इसलिए वो जान बूझकर नहीं जाना चाहता था।

समर: अरे मम्मी में आपकी हेल्प कर कर देता हूं, जल्दी खाना बन जाएगा।

काम्या: देख ज़िद मत कर, तुझसे नहीं हो पाएगा , मुझे खाना बनाने दे और तू टीवी देख बाहर जाकर ।

लेकिन समर नहीं मानता और वही। खड़ा हो जाता है और उसकी हेल्प करने लगा। काम्या से नीचे रखा गैस नहीं खुल रहा था तो वो नीचे बैठ कर उसे खोलने लगी और जैसे ही उठी खीरा उसकी सलवार से बाहर निकल आया जिसे समर ने देख लिया तो काम्या शर्म से पानी पानी हो गई।

समर खीरा उठाकर सूंघने लगा और काम्या से बोला: मा ये खीरा कहां से आया और उसने से तो बहुत मस्त खुशबू आ रही है, कहां से निकला हैं है?

काम्या शर्म से लाल हो चुकी थी, उसकी सांसे उपर नीचे हो रही थी , तभी समर जीभ निकाल कर खीरे को चाट लेता है तो काम्या उसके हाथ से वो खीरे छीन लेती हैं और सामने रख दिया।

समर : क्या मम्मी इतनी अच्छा टेस्ट आ रहा था, वापिस दो ना मुझे खीरा फिर से?

काम्या शरमाते हुए: नहीं मिलेगा जाओ बाहर जाओ,

समर आगे बढ़ता हैं खीरा उठाने के लिए तो बीच में काम्या आ गई और उसे रोकने लगी। ।।

समर अब काम्या के पीछे खड़ा था और आगे कि और झुकते हुए खीरा उठाने की कोशिश करने लगा तो उसका खड़ा हुआ लंड काम्या की गांड़ पर जा लगा। काम्या को जैसे ही लंड का एहसास हुआ उसकी धड़कनें बढ़ गई, चूत फिर से सुलग उठी ।।

वो समर को गांड़ से ही पीछे की तरफ धकेलने लगी तो लंड पर गांड़ का दबाव बढ़ने लगा तो समर भी जोश में आ गया और उसकी गांड़ पर लंड से हल्के हल्के धक्के लगाने लगा।

जैसे ही धक्के लगने शुरु हुए तो काम्या की प्यास बर्दाश्त से बाहर हो गई और उसने अपनी एक उंगली नीचे ले जाकर सलवार के ऊपर से ही चूत पर रगड़ने शुरू कर दी।

समर को जैसे ही पीछे से काम्या का हाथ हिलता हुआ दिखा तो उसने शर्म लिहाज छोड़कर काम्या की हाथ पर अपना हाथ रख कर उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया।

चूत पर बेटे के हाथ पड़ते ही काम्या का भी धैर्य जवाब दे गया और उसने अपना हाथ सलवार के अंदर घुसा कर अपनी प्यासी चूत को मुट्ठी में भर कर दबा दिया और मजे से खुद ही सिसक उठी।

समर ने अब उसकी गर्दन पर अपने होंठ रख दिए और चाटना शुरू कर दिया । काम्या पूरी मदहोश हो गई। उसने अपनी सलवार नीचे सरकाई और समर का हाथ हाथ कुछ ही पकड़कर अपनी चूत से जोड़ दिया।

समर ने उसकी गीली हो चुकी चूत के अंदर धीरे से एक उंगली घुसा दी तो काम्या पलटकर समर से चिपक गई और अपने होंठ उसके होठों पर रखकर चूसने लगी।

दोनो किस करते रहे और इसी बीच काम्या ने समर का लोअर नीचे सरका दिया और लंड को दबाने लगी हाथ में भरकर ।

समर से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने काम्या को अपनी बांहों में बांहे लिया तो काम्या उससे लिपटी चली गई।

लंड अब चूत पर अड गया था और उसके होंठो पर दबाव डाल रहा था। काम्या ने अपने हाथ में थूक लिया और समर के मोटे लन्ड पर लपेट दिया ।

लंड पूरा चिकना हो उठा। काम्या ने अपनी दोनो बांहे उसकी गर्दन में डाल दी और गोद में चढ़ गई जैसे वो नदी के अंदर चढ़ी हुई थी। लंड चूत के मुंह पर लगा हुआ था और बस धक्का लगाने की देर थी।

काम्या ने समर की आंखों में देखते हुए जैसे ही अपनी चूत लंड पर दबाई तो उन्हें माही की आवाज सुनाई पड़ी जो समर को ही आवाज लगा रही थी।।

काम्या का मूड खराब हो गया और वो समर की गोद से उतरी और दोनो ने अपने कपड़े ठीक किए और काम्या खाना बनने में जुट गई।

समर फ्रिज से बोतल निकाल कर पानी पीने लगा। माही अंदर आ चुकी थी। उसने काम्या को खुद खाना बनाने के लिए कहा तो काम्या ने उसे मना कर दिया तो वो और समर दोनो हॉल में बैठ गए और टीवी देखने लगे।

खाना बन चुका था , सबने खाना खाया और आराम से बैठे हुए थे इसी बीच माही की बेस्ट सहेली सोनम का कॉल आया तो उसने बताया कि वो 5 मिनट में उसके पास आ रही हैं ।

जल्दी ही गेट पर नोक हुआ तो समर ने दरवाजा खोला तो सामने सोनम खड़ी हुई थी।
 
सोनम आते ही माही के गले लग गई और बोली कि आज शाम को मेरा जन्मदिन हैं, मैं तुझे लेने के लिए अाई हूं, क्योंकि आज रात तुझे मेरे घर पर ही रुकना होगा ।

काम्या की चूत तो ये बात सुनते ही गीली होने लगी।

माही: नहीं मेरी तबियत ठीक नहीं , इसलिए में नहीं आ सकती ।

सोनम: अरे बाबा क्या हुआ बताओ मुझे ? ऐसे बहाने मत बनाओ।

काम्या : अरे माही जब ये इतनी जिद कर रही हैं तो तुम्हे जाना चाहिए और वैसे ही तुम्हारी एक ही तो दोस्त हैं ।

सोनम : आंटी देखती हूं कैसे नहीं जाएगी , जबरदस्ती उठाकर ले जाऊंगी। और आप दोनो भी चलिए ताकि मुझे और अच्छा लगे।

काम्या एक दम से बोल पड़ी: अरे घर भी तक कोई होना चाहिए , और वैसे ही जवान लड़कियों की पार्टी में मेरा क्या काम ?

सोनम: समर तुम तो पक्का चल रहे हो ना हमारे साथ ,

माही बड़ी उम्मीद से समर की तरफ देखती हैं कि वो हां कर देगा ।

काम्या को अपना प्लान बिगड़ता हुआ दिखा तो उसने जल्दी से बोला कि अरे इतने बड़े घर में मुझ अकेली को डर लगेगा, इसलिए समर यहीं रुके तो ठीक रहेगा।

खैर माही तैयार होने चली गई और कोई आधे घंटे बाद वो सोनम के साथ चली गई।

जैसे ही काम्या ने दरवाजा बंद किया वो तेजी से नहाने बाथरूम की तरफ दौड़ी। समर अपने रूम में वापिस जा चुका था।

काम्या जल्दी से नहाकर बाहर आ गई और उसने आज दिन में एक काली स्ट्रिप वाली लिंगरी ली वो पहन ली। ये नेट वाली लिंगरी थी जिसमे से उसका सब कुछ साफ़ नजर आ रहा था

उसने अपने कमरे में जाकर एक मस्त परफ्यूम छिड़क दिया और समर को कॉल किया कि उसे कुछ बात करनी हैं वो नीचे आ जाए।

समर अभी बाथरूम से आया था और उसने सिर्फ एक टॉवेल पहना हुआ था । मा का कॉल आते ही जैसे ही नीचे आया तो काम्या को इस रूप में देखकर उसके होश उड़ गए । वो कभी उसकी बड़ी बड़ी चूचियां देख रहा था तो कभी उसकी लिंगरी से ढकी हुई चूत।

काम्या मटक मटक कर उसके पास आती हैं और बोलती है कि समर मुझे तेरी हेल्प चाहिए, मेरी टांगो में हल्का सा दर्द हो रहा है क्या तुम मेरी मसाज कर दोगे ?



और ऐसा बोलते हुए उसकी तरफ अपनी गांड़ करके बेड की तरफ चल दी ।

समर बड़े ध्यान से उसकी लगभग पूरी नंगी गांड़ को मटकते हुए देख रहा था , उसका लंड पुरा खड़ा हो चुका था और उसके टॉवेल को आगे से उठा दिया था जिसे देख कर काम्या की चूत पानी छोड़ रही थी। ।

बेड पर जाकर काम्या अपनी जीभ अपने होंठो पर फेरते हुए बहुत ही सेक्सी अंदाज में समर को पास आने का इशारा करती हैं और अपनी टांगे खोल कर सीधी लेट जाती हैं । कोई और होता ही समर सीधा लंड चूत में ठोक देता लेकिन अपनी मां पर डायरेक्ट हाथ डालने की हिम्मत उसकी नहीं थी।

समर आगे बढ़ता हैं और बेड पर जाकर काम्या के पैरो के पास बैठ गया।

काम्या उसे बहुत ही कामुक अंदाज में मसाज करने का इशारा करती हैं , तो समर अपने हाथ से उसकी टांग सहलाना शुर कर देता हैं , जैसे ही समर के हाथ उसकी टांगो पर लगे काम्या का हाल बेहाल हो गया और उसने मजे से आंखे बंद कर ली ताकि समर अच्छे से बिना किसी डर के उसके जिस्म को निहार सके।

काम्या की आंखों बंद होते ही समर ने सीधी अपनी नजरे उसकी टपकती हुई चूत पर गड़ा दी जिससे से रस बहकर उसकी जांघो तक आ रहा था , एक दम लाल सुर्ख होंठ थे चूत के, लिप्स थोड़े से खुले हुए थे लेकिन पूरी तरह से टाइट लगा रहे थे ।

चूत देखकर समर के लंड ने एक तेज झटका खाया और बगावत पर उतर आया।

समर ने उसकी टांगो को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया तो काम्या की चूचियां उपर नीचे होने लगी जिनके निप्पल साफ नजर आ रहे थे ।

काम्या तड़प रही थी !

काम्या: समर थोड़ा उपर करो , जांघो में बहुत दर्द हैं मेरी , थोड़ा जोर जोर से दबा दो।

समर उसकी टांगो के बीच में आ गया और उसकी दोनो जांघो को प्यार से सहलाते हुए दबाने लगा। काम्या मचलने लगी और एक हाथ से अपनी चूची दबाने लगी मानो वहां भी दर्द हो रहा हो।

समर ने अब अपने हाथो को थोड़ा आगे बढ़ाया और उसकी जांघो की जड़ तक मालिश करने लगा जिससे चूत से निकला हुआ रस उसकी उंगलियों पर आने लगा। काम्या की चूत अब फुदक रही थी , समर थोड़ी देर ऐसे ही मालिश करता रहा तो काम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने शर्म छोड़ते हुए अपनी जांघों को थोड़ा सा नीचे सरका दिया जिससे समर के हाथ उसकी चूत पर आ जमे और काम्या ने अपनी गांड़ को उपर उठाते हुए अपनी चूत को उसको हाथ में भर दिया ।
 
समर से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने उसकी चूत को हाथ में भर लिया और जोर से दबा दिया तो काम्या के मुंह से एक मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ी।

काम्या: आह , समर यहां तक बहुत ज्यादा दर्द हैं, थोड़ा अच्छे से कर मालिश ।,

काम्या ने उसे सीधे ग्रीन सिग्नल दे दिया तो उसने काम्या की चूत को सहलाना शुरु कर दिए और उंगली को चूत के मुंह पर दबाने लगा तो कपडे सहित थोड़ी सी उंगली चूत में घुस गई तो काम्या जोश में आ गई और समर को पकड़ा पर अपने उपर खीचं लिया और उसके दोनो हाथ अपनी चूचियों पर रख दिए और उसकी आंखो में देखते हुए उसे दबाने का इशारा किया।

अब समर काम्या के उपर लेट गया था और उसने दोनो हाथ में उसकी सुडौल ठोस चूचियों को भर लिया और दबाने लगा।

नीचे लंड उसकी चूत पर आ लगा और काम्या तो जैसे पागल सी हो गई इस एहसास से । उसने गांड़ उठाकर समर के लंड को अपनी चूत से रगड़ना शुरू कर दिया तो इस प्रक्रिया में समर का टॉवेल खुल गया और उसका भयंकर लंड नंगा हो गया और चूत पर जा लगा।

जैसे ही काम्या को नंगे लंड का एहसास चूत पर हुआ तो उसकी चूत कि प्यास भड़क उठी और उसने समर के होंठो को चूसना शुरू कर दिया।

समर अपने लंड को उसकी चूत पर आगे पीछे कर रहा था जिससे सुपाड़ा हर बार लिंगरी पर दबाव डाल रहा था , ऐसे की कुछ धक्के के बाद लिंगरी चूत पर से हट गई और चूत सामने से बिल्कुल नंगी हो गई।

और जैसे ही नंगा खड़ा लंड इस बार नंगी गीली चूत पर लगा तो मजे से काम्या का मुंह खुल गया !

काम्या: आह , समर ऐसे ही नीचे रगड़ रगड़ कर मालिश करो उसकी, बहुत परेशान करती हैं इसकी खुजली मुझे।

और काम्या ने अपनी एक चूची लिंगरी से बाहर निकल कर दबाने लगी तो समर ने उसकी दूसरी चूची की मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया।

काम्या: आह समर खा जाओ मेरी चूचियों को आज, चूसो इन्हे इन पर सिर्फ तुम्हारा हक हैं जैसे पहले था।

लंड जब भी चूत के छेद से टकराता तो मजे से दोनो की आज निकाल पड़ती। लंड अब पूरा टाइट हो चुका था और मोटा सुपाड़ा लाल सुर्ख होकर दहक रहा था, चूत तो पूरी गीली हो गई थी और रस से भीगा हुआ सुपाड़ा भी पूरा गीला था।

समर ने अब काम्या की दोनो चूचियों को एक साथ मिलाया और दोनो निप्पल को एक साथ मुंह में भर कर चूसने लगा तो काम्या की चूत तड़प उठी और इस बार जैसे ही लंड चूत के छेद पर लगा तो काम्या ने अपनी चूत लंड पर उछाल दी और दोनो हाथो से समर की गांड़ को लंड पर दबा दिया जिससे लंड का गीला सुपाड़ा पूरा उसकी चूत में घुस गया।

जैसे ही पूरा सुपाड़ा अंदर घुसा तो काम्या की चूत बुरी तरह से फैल गई औरौर वो अपनी दोनों बांहे समर की गर्दन में डाल कर उससे कस कर लिपट गई और दर्द के मारे उसका एक बार फिर से मुंह खुल गया।

काम्या: आह समर, उफ्फ कितना मोटा हैं उसका टोपा , उफ्फ मर जाऊंगी मैं दर्द से।

समर को भी लगा की काम्या की चूत अभी बहुत टाइट हैं और क्योंकि चूत के होंठ उसके लंड के चारो तरफ बुरी तरह से चिपक गए थे।

समर ने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर की तरफ जोर लगाकर निकाला और फिर से उसकी चूत में धक्का लगा दिया तो एक बार फिर से पूरा सुपाड़ा उसकी चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ अंदर घुस गया। काम्या को फिर से दर्द का एहसास हुआ लेकिन इस बार मजा बहुत आया।

अगली बार जैसे ही समर ने लंड बाहर निकाला तो काम्या ने अपनी गांड़ उपर उठा कर घप्प से पूरा सुपाड़ा अंदर ले लिया।

काम्या को जोश में आते हुए देखकर समर ने एक थोड़ा तेज धक्का मारा तो लंड सुपाड़े के साथ एक इंच और अंदर घुस गया क्योंकि आगे मोटी गांठ थी जिस कारण इससे ज्यादा नहीं घुस पाया

जैसे ही लंड की मोटी गांठ चूत पर दबाव बनाने लगी तो काम्या को दर्द होने लगा क्योंकि लंड अभी ठीक तरह से गीला नहीं था

काम्या को नदी वाला धक्का याद आ गया और एक तेज दर्द की लहर उसके जिस्म में दौड़ गई तो उसने इशारे से समर को मना किया किया कि अभी इससे ज्यादा ना घुसाए ।

समर उसका दर्द समझ गया , वो खुद भी नहीं चाहता था कि उसकी मा की चूत एक दम से फट जाए और उसे दर्द हो, इसलिए उसने सिर्फ सुपाड़े से ही उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया और चूत से रस निकालने का इंतजार करने लगा।

काम्या भी अपनी गांड़ हिलाकर चुदने लगी , समर हर बार धक्के थोड़ा जोर से मार रहा था जिससे लंड की गांठ चूत पर जोर डाल रही थी और काम्या का मजा बढ़ता जा रहा था , पूरे कमरे में उसकी सिसकियां गूंज रही थी, समर ने दोनो हाथो में उसकी चूचियां भर ली और जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया।

काम्या पर अब पूरी मस्ती चढ़ गई और उसके मुंह से तेज तेज मादक सिसकियां कमरे का माहौल और गर्म करने लगी तो समर ने जोश में आकर एक तगड़ा धक्का उसकी चूत में जड़ दिया तो काम्या ने अपनी दोनो टांगे जोर से भींच कर लंड को अंडर जाने से रोका क्योंकि उसे बहुत दर्द होने लगा था, लंड पर उसकी जांघो की बहुत टाइट ग्रिप बन गई और समर गुस्से में आकर वहीं उसकी चूत में सुपाड़ा अन्दर बाहर करने लगा।

समर को उसका लंड हर बार फसता हुआ सा लग रहा था जिस करण सीधे लंड पर हो रहा था और उसके मुंह से भी सिसकियां निकलने लगी।

दोनो पूरी मस्ती में थे और काम्या की चूत भी अब झड़ने के करीब पहुंच गई तो उसने अपनी चूत को लंड पर दबा दिया और अपने बांहे जोर से उसके गले में चिपका दी और उसकी चूत ने अपना रस छोड़ दिया ।

काम्या:उफ्फ, आह मा री , गई मेरी चूत , हाय कितना मजा आ रहा है,

जैसे ही चूत से निकले रस ने समर के लंड को भिगोया तो समर का लंड भी जवाब दे गया और उसने भी जोर से उसकी चूचियां भींचते हुए पूरे सुपाड़े को अंदर घुसा दिया और उसने भी वीर्य की बौछार कर दी उसकी चूत पर।
 
दोनो एक दूसरे के ऊपर पड़े हुए अपनी सांसे कॉट्रोल करने लगे , और जैसे ही लंड ने आखिरी पिचकारी मारी तो उसके बाद वो सिकुड़ कर चूत से बाहर आ गया तो काम्या को कुछ आराम मिला।

समर हैरान था कि उसके लंड ने इतनी जल्दी पानी कैसे छोड़ दिया , तभी उसे एहसास हुआ कि काम्या ने किस तरह से अपनी टांगे भींच कर अपनी चूत को अंदर से पूरा टाइट कर लिया था

जिससे उसके लंड पर पुर दबाव पड़ रहा था जिस कारण वो इतनी जल्दी झड़ गया।

आज समर को समझ में आ गया कि लड़की और औरत को चोदने में क्या फर्क होता हैं, औरत अपना तजुर्बा इस्तेमाल करती हैं और अपनी मर्जी से मजे को बढ़ा सकती हैं जबकि लड़कियां जोश में पागल हो जाती हैं ।

कुछ देर दोनो ऐसे ही पड़े रहे और एक दूसरे की आंखो मैं प्यार से देखते रहे तो समर को उसकी आंखो में एक तड़प का एहसास हुआ तो उसे पता चल गया कि काम्या कितनी तड़प रही हैं लंड के लिए ,।

समर काम्या से नाराज था क्योंकि उसने लंड को पूरा अंदर घुसने से रोका था, इसलिए उसने नाराजगी से उसकी आंखो में झांका तो काम्या सब कुछ समझ गई।

काम्या उसकी आंखो में देखते हुए बोली: समर, बहुत ज्यादा मोटा और तगड़ा है , डर लगता हैं मुझे इससे, घोड़े जैसे लंड हैं तेरा ।

समर के चेहरे पर स्माइल आ गई और उसने काम्या के गाल पर एक किस कर दिया ।

काम्या भी उसके उपर आ गई और उसके होंठो को चूसने लगी तो समर भी उसके होंठ अपने मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया ।

समर ने उसकी लिंगरी को निकालने लगा तो काम्या ने मना कर दिया तो समर उदास नजरो से उसकी तरफ देखने लगा तो काम्या के चहरे पर स्माइल आ गई । वो धीरे से अपने मुंह को उसके कान के पास लाई और बहुत की सेक्सी आवाज में बोली:लड़की को नंगा रात में किया जाता हैं दिन में नहीं और मैं तो तुम्हारी सगी मा हूं , आज होने का इंतजार करो,आज रात मैं तुम्हे नहीं रोकूंगी ,"

और धीरे से अपना हाथ उसके लंड पर लाए हुए लंड को पकड़ लिया और उसकी आंखो में देखते हुए बोली:

इसको भी आज पूरा घुसा लूंगी जड़ तक अन्दर"

समर तो जैसे जोश से पागल सा हो गया , और उसने लिंगरी के उपर से ही उसकी चूत को मुट्ठी में भर कर दबा दिया तो काम्या के मुंह से एक मस्त आह निकल पड़ी।

काम्या ने बड़ी मुश्किल से उसका हाथ अलग किया और इशारे से उसे समझाया कि आज रात को जितना दम हो सारा लगा कर चोद लेना मुझे।

और उसकी पकड़ से निकल कर कमरे से बाहर जाने लगी तो समर ने अपने लंड को हाथ में भर लिया और हिलाने लगा तो काम्या ने उसे इशारे से मना कर दिया और बोली:

तुम्हे मेरी कसम हैं, अब जब तक ये मेरी चूत में नहीं जाएगा इसे हाथ नहीं लगाओगे ।

और ऐसा बोलकर बाथरूम चली गई और जब नहाकर अाई तो बोली कि मैं बाहर जा रही हूं रात 8 बजे तक वापिस आ जाऊंगी, ऐसा बोलकर अपनी अपने प्यासे होंठो पर जीभ फिराई और एक आंख समर की तरफ दबाकर घर से बाहर निकल गई।

समर का लंड भयंकर रूप से खड़ा हो चुका था, मगर वो काम्या की कसम के चलते मजबूर था इसीलिए चुपचाप बेड पर ही सो गया ।

काम्या सीधे ब्यूटी पार्लर चली गई । जहां सबसे पहले उसने अपने सारे शरीर की वैक्सिंग कराई, हर हिस्से से एक एक बाल साफ किया, उसके सारे शरीर का ब्लीच किया गया, और क्रीम लगाकर सारे शरीर को साफ किया गया, फिर उसने अपने दोनो हाथो पर कंधो तक मेहंदी लगवाई।

फिर ब्यूटी पार्लर वाली ने उसकी आंखो में गहरा काला काजल लगाया, उसके गालों और चेहरे को अच्छे से फेस पाउडर से साफ किया और क्रीम लगाकर उसके पहले से गोरे रंग को और ज्यादा निखार दिया। उसके होंठो पर बिल्कुल लाल गहरे रंग की लिपस्टिक लगाई गई और होंठो पर लगी लिपस्टिक को काले रंग के लाइनर से सजा दिया गया ।

बालो को एक बहुत अच्छे स्टाइल के साथ जुड़ा बनाकर बांध दिया तो उसकी सुंदरता में चार चांद लग गए ।

अब उसका चेहरा एक दम ताजे गुलाब की तरह खिल रहा था, उसका रोम रोम महक रहा था मानो रती अपने पूरे अवतार में आकर काम देव का शिकार करना चाहती हो। 7 बज गए थे तो वो पूरी तरह से तैयार हो गई थी और अपने घर की तरफ चल पड़ी, उसकी आंखें काम वासना से लाल हो रही थी, चूचियों के निप्पल अड़कते हुए तन गए थे और चूत तो अपने आप ही गीली हो रही थी।

समर कोई 6 बजे सोकर उठा तो उसे एहसास हुआ कि वो पूरा नंगा ही सोया पड़ा था और उसका लंड पूरी तरह से खड़ा हुआ था मानो काम्या की चूत का गुस्से से इंतजार कर रहा हो। वो उठकर बाथरूम चला गया और अच्छे से नहाकर बाहर आ गया ।

फिर उसने घर पर ताला लगाया और बाहर निकल गया। बाजार जाकर सबसे पहले उसने एक सॉफ्ट जेल क्रीम खरीदी ताकि काम्या को ज्यादा दर्द ना हो और उसके बाद उसने कुछ बियर की कैन खरीदी और अपने घर की तरफ चल दिया ।

समर घर आ चुका था

जबकि काम्या अभी रास्ते में ही थी तो उसने शाम का डिनर पैक कराया , और मेडिकल स्टोर से औरत का जोश बढ़ाने वाली टैबलेट लेकर खा लिया ताकि अपने सगे बेटे से चुदने कि उसकी सारी शर्म झिझक और लंड का डर भी खत्म हो जाए।
 
अब वो पूरी मस्त हो चुकी थी और उसे ना लंड का डर था और ना ही रिश्तों की परवाह, वो तो आज खुल कर चुदाना चाहती थी समर से, उसके मोटे लन्ड को पूरा अपनी प्यासी तड़पती हुई चूत में घुसा लेना चाहती थी, आज दो समर को दिखा देना चाहती थी कि वो उसके मोटे लंड को खुद अपने आप पूरा चूत में लेगी।

जैसे ही घर पहुंची तो समर ने गेट खोला और उसके रूप सौंदर्य को देखकर ठगा सा खड़ा रह गया और पलके तक झपकाना भूल गया।

काम्या समझ गई कि उसका जादू पूरी तरह से समर पर चल गया है

समर जैसे ही उसे अपनी बांहों में लेने के लिए आगे बढ़ा ती काम्या ने उसे इशारे से मना कर दिया और बोली :

थोड़ा सा और सब करो समर.

फिर वो अपने रूम में चली गई और समर का गला सूख गया था इसलिए को उपर फ्रिज से एक बियर की कैन निकाल लाया और बाहर हाल में बैठ कर बीर पीने लगा ।

अंदर जाकर काम्या ने एक और बेहतरीन सेक्सी और छोटी नेट वाली लिंगरी पहनी जिसमें उसकी चूचियां ठीक से नहीं समा पा रही थी और सिर्फ निप्पल को छोड़कर पूरी चूची बाहर थी, कितने मस्त लग रहे थे उसके दोनो कबूतर।

उसका गोरा सपाट पेट एक दम नंगा था और गहरी नाभि उसकी सुंदरता को और बढ़ा रही थी , चूत तो पूरी गीली हो चुकी थी और उसकी हल्की सी फांके लिंगरी से बाहर झांक रही थी।

उसकी चूत से इतना काम रस बह रहा कि चूत वाली जगह से लिंगरी पूरी भीग चुकी थी।

फिर वो समर को रिझाने के लिए बाहर की तरफ चल दी ।

जैसे ही समर की नजर उस पर पड़ी तो उसका लंड ऐसे उछला मानो समर की पेंट फाड़ देना चाहता हो। समर के हाथ से बियर की कैन जमीन पर गिर पड़ी तो काम्या ने आगे बढकर उसकी तरफ अपनी नंगी गांड़ करते हुए जैसे ही कैन ही कैन को उठाने के लिए झुकी तो उसकी गांड़ समर के सामने पूरी तरह से खुल गई।

और समर आंखे फाड़े उसकी मस्त, चौड़ी गांड़ को घूरने लगा और उसने सोच लिया की एक बार मा की गांड़ जरूर मारनी हैं चाहे कुछ भी करना पड़े ।

काम्या ने बीयर की कैन को उठाया और अदा के साथ मटकते हुए समर की गोद में जाकर बैठ गई और कैन उसके मुंह से लगाकर अपने हाथो से उसे बियर पिलाने लगी , एक घूंट भर कर समर ने कैन काम्या के मुंह से लगा दी तो काम्या हैरानी से उसकी ओर देखने लगी क्योंकि उसने आज तक बियर नहीं पी थी, समर ने उसे प्यार से इशारा किया तो काम्या ने अपना मुंह खोल दिया और गटागट पूरी कैन पीती चली गई,।

उफ्फ समर तो जैसे पागल सा ही हो रहा था आज काम्या की अदाएं देख कर और काम्या भी कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही थी उसके लंड को फौलाद बनाने में आज। कैन खत्म होते ही काम्या ने मस्ती से नशीली आंखे के साथ समर की आंखो में देखा और बोली: मुझे और बियर चाहिए समर, मैं आज इतनी पीना चाहती ही कि मैं सब कुछ भूल जाऊ , बस मुझे सिर्फ तुम याद रहो।

समर इतना सुनते ही तेजी से उपर की तरफ गया बियर की कैन लेने तो काम्या जो कि अब सिर्फ चूत से सोच रही थी उसके दिमाग में एक नया आइडिया आया और वो तेजी से अपने रूम में गई और करण की अलमारी से दो टैबलेट निकाल ली जो वो स्पेशल मौके पर सेक्स पॉवर बढ़ाने के लिए खाया करता था।

उफ्फ एक तो काम्या ने पहले से ही टैबलेट खाई हुई थी उपर से बियर का नशा , उसके पैर लड़खड़ा रहे थे, जैसे तैसे करके वो हॉल में आकर बैठ गई

समर उपर पहुंचा और उसने हॉफ पैंट को निकाल दिया क्योंकि इसमें उसका लंड पूरी तरह से टाइट होकर फसने के कारण दर्द कर रहा था। अब वो सिर्फ अंदर वियर और एक जॉकी के बनियान में था। उसका लंड पूरी तरह से उठा हुआ था मानो आजाद होने के लिए अपना सिर उठाकर बगावत कर रहा हो। उसने सॉफ्ट जेल क्रीम ली और बियर की दो कैन लेकर वो नीचे हॉल में आ गया , जैसे ही काम्या की नजर उसके खड़े हुए लंड पर पड़ी तो वो मस्त हो गई और उसकी आंखे वासना से लाल सुर्ख होकर दहकने लगी, चूत से बहकर रस जांघो तक आ गया था। उसने बहाने से समर को काजू लेने के लिए किचेन में भेजा और दोनो टैबलेट एक कैन में डाल दी और हिला हिला कर घोल दिया। जब तक समर काजू लेकर आया तो टैबलेट पूरी तरह से घुल चुकी थी।

काम्या ने उसे अपनी गोद में बैठने का इशारा किया तो समर उसकी गोद में बैठ गया और काम्या ने घुली टैबलेट वाली कैन उठाकर उसके मुंह से लगा दी और समर ने अपना मुंह खोल दिया और समर एक ही झटके में पूरी कैन पी गया । फिर समर ने दूसरी कैन उठाई और काम्या के होंठो पर लगा दिया तो काम्या ने अपना मुंह खोल कर एक सिप ली और अपने मुंह में भर ली और समर की आंखे में देखते हुए अपने होंठ उसके होंठो से चिपका दिए। जैसे ही समर का मुंह खुला ती काम्या ने मुंह में भरी हुई बियर समर के मुंह में उड़ेल दी और समर उसे अपने गले से नीचे उतारता चला गया। फिर समर ने अपने मुंह में बीयर ली और काम्या के मुंह में उड़ेल दिया।

दोनो ऐसे ही पुरी कैन पी गए । अब समर के लंड पर गोली का असर साफ दिखाई दे रहा था , उसका लंड अभी काम्या के पेट से लगा हुआ था और इतना टाइट हो गया था मानो उसकी पेट में घुस जाना चाहता हो।

अब उन दोनों से ही सब्र करना मुश्किल हो गया तो काम्या ने पहल करते हुए अपने दोनो हाथ समर की छाती पर लाते हुए उसकी बनियान को पकड़कर बीच में से फाड़ दिया तो समर उसके जोश को देखकर मस्त हो गया और काम्या के कान के पास अपने मुंह को लाया और सेक्सी आवाज में बोला: चुदाई का मधुर कार्यक्रम शुरू किया जाए क्या?

काम्या एक दम से जोश में आ गई और उसके लंड को हाथ में पकड़कर जोर से दबा दिया और फिर उसकी आंखे में देखते हुए एक उंगली अपनी चूत में लिंगरी की साइड से घुसा दी और उसे पूरी तरह से चिकनी करके बाहर निकाल दिया ,उसकी उंगली से काम रस टपक रहा था। काम्या उसे उंगली दिखाते हुए बोली : मै और मेरी चूत दोनो पूरी तरह से तैयार हैं चुदने के लिए।
 
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