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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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उधर शहर में भी दिन के बाद दिन बीतते गए और राम्या के मुंबई जाने का दिन आ गया। आज शाम को उसकी और करण की फ्लाइट थी , उसने सभी तैयारी कर ली थी । करण आज ऑफिस गया हुआ था ।

समर और काम्या के साथ कभी सभी घर पहुंच गए तो राम्या खुशी के मारे अपनी मा से लिपट गई।

माही और समर भी घर लौट कर बहुत खुश थे। जहां से उनकी लव स्टोरी शुरु हुई थी वो वहीं आज पत्नी पति बनकर आ चुके थे।

राम्या: मम्मी मेरा मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए चयन हो गया था, और आज मुझे मुम्बई जाना हैं। मेरी शाम की फ्लाइट हैं , अच्छा हुआ आप सब लोग आ गए ।

जैसे ही सब ये सुनते हैं तो खुशी से झूम उठते हैं । माही दौड़कर राम्या को गले लगा लेती हैं और उसे मुबारकबाद देती हैं ।

माही: वाउ, बहुत खुशी की बात है, मुझे उम्मीद है कि तुम जीत कर आओगी।

समर और काम्या भी उसे मुबारक बाद देते है तो राम्या खुश हो गई।

काम्या: तुम मुंबई में कहां रहोगी? और प्रतियोगिता कब हैं ?

राम्या: मम्मी मुझे डायरेक्टर के एड्रेस पर जाना हैं, वहीं जाकर आगे का पता चलेगा , वैसे एक हफ्ते बाद प्रतियोगिता हैं ।

काम्या को खुशी होती हैं कि उसकी बेटी को वहां रहने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।

तभी करण का फोन आता हैं तो राम्या बात करने लगती हैं ।

राम्या: पापा कैसे ह आप? मम्मी और भाई वापिस आ गए हैं।

करण खुश हो जाता हैं कि उसका पूरा परिवार फिर से एक साथ हो गया है,।

करण: मैं अच्छा हूं बेटी। ये तो बहुत खुशी की बात है कि सब लोग वापिस आ गए हैं।

तभी काम्या राम्या से फोन ले लेती हैं और बात करने लगती हैं ।

काम्या: हेल्लो करण जैसे हो?

करण ने आज पूरे एक महीने के बाद काम्या की आज सुनी थी उसे बहुत खुशी हुई।

करण: ठीक हूं काम्या, अच्छा हुआ तुम सब वापिस आ गए, आज राम्या मुंबई जा रही है शाम को।

काम्या ने जैसे ही करण की आवाज सुनी उसकी चूत मचलने लगी ।

काम्या: हां जी ये तो बहुत खुशी की बात हैं , आप जल्दी से घर आ जाइए अब।

करण : हां बस निकल रहा ही क्योंकि मुझे भी राम्या के साथ मुंबई जाना हैं ताकि उसे कोई प्रॉब्लम ना हो सके वहां, डायरेक्टर ने राम्या के साथ साथ मेरा भी टिकट भेजा हैं ।

काम्या जैसे ही उसकी पूरी बात सुनती हैं उसकी चूत ठंडी पड़ गई, उसे लगा जैसे उसके लिए दुनिया खत्म हो रही है, उसके सारे अरमानों पर पानी फिर गया था। वो उदास हो गई और फोन काट कर अपने कमरे में चली गई।

आज वो कितनी खुश थी सुबह से कि वो आज खूब मजे से चुदवाएगी। लेकिन उसकी चूत तो फिर से प्यासी रह जाएगी ये सोचकर उसकी आंखो में आंसू आ गए। उसका पूरा जिस्म ठंडा पड़ चुका था।
 
बाहर खाना बन चुका था और करन भी ऑफिस से आ चुका था। वो सबसे मिलने के बाद काम्या के रूम में गया तो काम्या उसे देखते ही उससे लिपटती चली गई।

काम्या: आई लव यू करण ।

करण: लव यू टू।

और काम्या पागलों की तरह उसे किस करने लगती है और उसके लंड को पकड़कर दाबने लगती हैं ।करण भी दो महीने से चूत का प्यासा था , करण उसका जोश देखकर समझ जाता है कि ये तो बहुत प्यासी हैं इसलिए वो भी जोश में आ जाता है और उसकी गांड़ दबाने लगा।

काम्या ने उसकी पैंट की जिप खोलकर उसका लंड बाहर निकाल लिया और मुंह में भरकर चूसने लगी , जल्दी ही उसका लंड पूरा गीला हो चुका था।

काम्या ने तेजी से अपनी सलवार को खोलकर नीचे किया और बेड पर अपने हाथ टिकाकर अपनी गांड़ पीछे की ओर उभार दी जिससे उसकी चूत पूरी तरह से खुलकर करण के सामने आ गई।

चूत काम रस से पूरी तरह से भीगी हुई थी और चूत में से रस बाहर टपक रहा था,।

काम्या एक बार प्यासी नजरो से करण की तरफ देखती हैं और लंड घुसने का इशारा करती हैं तो करण आगे बढ़कर अपने लंड को उसकी चूत पर लगा देता हैं।

जैसे ही लंड चूत के मुंह पर लगा तो मजे से काम्या की आंखे बंद हो गई और उसने एक हाथ से खुद ही अपनी चूची को मसलना शुर कर दिया

करण ने एक बार उसकी चूत पर लंड उपर से नीचे फिराया तो काम्या लंड कि रगड़ से पागल हो उठी और तड़पने लगी।

काम्या: आह मेरी जान, मत तड़पाओ बहुत प्यासी हूं दो महीने से तरस रही हूं , फाड़ दो आज चूत को।

करण जैसे ही धक्का मारने ले लिए अपना लंड पीछा खीचंता हैं वो उपर आती हुई माही की आवाज सुनाई पड़ती हैं तो लंड को पेंट में छुपा लेता है।

काम्या तो काटो तो खून नहीं, उसकी चूत फिर से प्यासी ही रह गई । उफ्फ उसका सारा जोश ठंडा हो गया और माही के आने से पहले ही वो अपनी सलवार ठीक कर लेती हैं।

माही: जल्दी से नीचे चलिए , बहुत भूख लगी हैं, सब आपका ही इंतजार कर रहे हैं।

ना चाहते हुए भी काम्या नीचे आ जाती हैं, उसका मूड पूरी तरह से खराब हो चुका था। वो धीरे धीरे खाना खाने लगती है, सभी लोग खाना ख़त्म करते हैं

खाना खत्म करके राम्या और करण तैयार हो गए और समर ने गाड़ी निकाल ली ताकि ठीक टाइम से एयरपोर्ट पहुंच सकें ।

जल्दी ही गाड़ी सड़क पर दौड़ रही थी । एयरपोर्ट जाकर काम्या और माही ने फिर से एक बार राम्या को शुभ कामनाएं दी और फिर करण और राम्या अंदर चले गए । तीनो उन्हें देखते हुए तब तक हाथ हिलाते रहें जब तक कि वो दिखना बंद नहीं हो गए।

वो अब वापिस लौट पड़े थे अपने घर की तरफ। माही समर के पास आगे बैठी हुई थी। जबकि काम्या का मूड तो आज पूरा बिगड़ा हुआ था इसलिए उसका किसी से बात करने का बिल्कुल भी मन नहीं था। वो सिर दर्द और नींद का बहाना बनाते हुए पीछे आराम से सीट पर लेट गई । नींद तो उसकी आंखो से कोसो दूर थी।

बाहर अब पूरा अंधेरा छा गया था, । समर ने गाड़ी की अंदर की लाइट बंद कर दी और थोड़ी देर बाद जैसे ही उन्हें यकीन हुआ कि काम्या सो गई है तो उन्होंने अपनी बात शुरू कर दी।

माही: समर मुझे लगता हैं कि अपनी राम्या अब मिस इंडिया बनकर ही घर आएगी।

समर: हां वो तो हैं, बहुत मेहनत कर रही है वो, और सुन्दर तो मैं ही ।

जैसे ही माही समर के मुंह से राम्या के लिए सुन्दर शब्द सुनती है तो नारी सुलभ ईर्ष्या के कारण उसका मुंह फूल जाता हैं।

समर की हंसी छूट गई और वो बोला कि अरे इसमें गुस्सा करने की क्या बात हैं ?

माही गुस्से से: हां बस एक वो ही सुन्दर सारी दुनिया में,!!.

समर: अरे मेरी जान मेरे लिए तो सबसे सुंदर तुम ही हो, वो तो तुम्हे मॉडलिंग पसंद नहीं है नहीं तक मिस इंडिया तुम ही बनती ।

अपनी तारीफ सुनकर माही खुश हो गई और समर का गाल चूम लिया।

काम्या पीछे लेती हुई उनकी नोक झोंक सुनकर मुस्कुरा रही थी।
 
समर: माही आज की रात हमारे लिए बहुत खास होगी आज पहली बार हमारा मिलन उस कमरे में होगा जहां से हमारी प्रेम कहानी शुरू हुई थी।

माही: हां मेरी जान। ये बात तो हैं।

समर: माही में चाहता हूं कि आज की रात तुम फिर से वहीं ब्लैक लिंगरी पहनो जी मैंने तुम्हे पहले बर गिफ्ट दी थी।

माही: जैसे आपको अच्छा लगे मेरी जान।

काम्या बड़े मजे से पीछे लेती हुई उनकी प्रेम कहानी सुन रही थी।

माही को समर पर बड़ा प्यार आता हैं और वो आगे बढ़कर उसके होठ चूस लेती हैं तो समर का एक हल्का सा झटका लगा और गाड़ी लहराने लगी जिसे कंट्रोल कर लिया।

तभी माही ने अपना सिर उसकी गोद में रख लिया और उसकी पैंट खोलकर लंड को बाहर निकालने लगी।

जल्दी ही लंड उसके हाथ में था और पूरी तरह से खड़ा हुआ था। सामने से आ रही गाड़ी की लाइट समर के उपर पड़ी तो काम्या को उसका लंड साफ नजर आ गया ।

है भगवान कितना मोटा तगड़ा लंड हैं, लंबा तो कुछ ज्यादा ही हैं। काम्या की आंखों के आगे वो सीन आ गया जब ये खूंखार लंड थोड़ा सा उसकी चूत में घुसा था तो उसकी चूत फट गई थी और उसे लगा था कि आज वो दर्द से मर ही जाएगी।

ये सब याद आते ही उसका दिल सहम गया।

माही ने उसके लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लिया और चूसने लगी। समर की हालत खराब होने लगी, गाड़ी उधर इधर लहराने लगी। उसने माही को इशारे से मना किया तो माही ने अपना मुंह थोड़ा और खोलते हुए लंड को आधा मुंह में घुसा लिया और चूसने लगी।

समर से अब बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने गाड़ी रोड के साइड में लगा दी और माही के सिर पर अपने दोनो हाथ ले गया और लंड पर उसका सिर दबाने लगा।

काम्या को तो जैसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतना भयंकर लंड माही के मुंह में कैसे घुस गया।

माही ने अब उसका लंड जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया तो समर के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।

तभी समर ने एक धक्का और लगाया तो लंड दो इंच और माही के मुंह में घुस गया जिससे उसका मुंह पूरा फैल गया । माही के दोनो होंठ लंड के चारों तरफ फैलकर कस गए थे।

धीरे धीरे समर ने अपने लंड को अंडर बाहर करना शुरू किया तो माही का मुंह लंड के हिसाब से खुल गया और उसने पूरी ताकत से लंड को चूसना शुरू कर दिया। समर का जिस्म झटके खाने लगा और मजे के कारण उसकी आंखे बंद हो गई।

पीछे काम्या बैठ गई थी और साइड से अपनी नजरे बचाकर उनकी रासलीला देखने लगी ।उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी और रस बाहर टपक रहा था।

तभी समर ने माही के मुंह में तेज तेज धक्के लगाने शुरु कर दिए मानो वो उसकी चूत हो। जैसे ही लंड अंडर बाहर होता तो नीचे से माही अपनी जीभ उसके लंड पर रगड़ देती ।

समर के मजे से बुरा हाल हो चुका था । उसे लगा कि उसका वीर्य निकलने वाला है तो उसने तेजी से अपना लंड माही के मुंह से बाहर निकाल दिया क्योंकि वो उसके खूबसूरत चेहरे को गंदा नहीं करना चाहता था।

माही चाह रही थी कि वो समर का सारा रस पी जाए। इसी छीना झपटी में जैसे ही समर का लंड बाहर आया माही ने उसे तेजी से अंदर लेना चाहा तो लंड से वीर्य की पिचकारी एक के बाद एक निकलती चली गई और माही के चेहरे पर पड़ने लगी जिससे उसका पूरा चेहरा वीर्य से भर गया।

हाय कितना वीर्य निकला हैं समर के लंड से एक बार के स्खलन में ही। ये बात सोचते ही काम्या की चूत भी झड़ गई ।

समर ने माही का चेहरा साफ किया और फिर गाड़ी घर की तरफ दौड़ा दी।

घर पहंचते ही माही खाना बनाने के लिए किचेन में घुस गई और काम्या भी उसकी हेल्प करने लगी। जल्दी ही खाना बन चुका था और वो सब खाने की टेबल पर बैठे हुए डिनर कर रहे थे।

माही: यार राम्या और करण भाई के बिना सारा घर खाली खाली सा लग रहा है।

काम्या: हां वो पूरे दिन घर में उधम मचाती रहती थी। जब देखो शैतानियां करती रहती थी"

समर: हां मम्मी मेरी तो उससे सबसे ज्यादा लड़ाई होती थी लेकिन अब उसके बिना मन नहीं लग रहा हैं ।

काम्या: बस एक हफ्ते की ही बात हैं फिर हमारी काम्या मिस इंडिया बनकर वापिस आ जाएगी तो घर में एक बड़ी सी पार्टी रखेंगे।

समर: मम्मी पापा के राम्या के साथ चले जाने से अखाड़ा अब मैं देखना चाहता हूं अगर आपको सही लगे तो।

काम्या खुश हुई कि उसका बेटा घर की जिम्मेदारी लेना चाहता है। इसलिए उसने हंसी खुशी इजाज़त दे दी।

काम्या: बेटा आज नहीं तो कल सब कुछ तुम्हे ही देखना हैं इसलिए अभी से देखो तो अच्छा हैं ।

माही: मम्मी मैं भी अपना ब्यूटी पार्लर शुरू करना चाहती हूं और वो भी एक बड़े पैमाने पर ताकि मैं भी अपने आप को साबित कर सकू।

काम्या खाना खाते हुए : ये तो बहुत अच्छी बात हैं माही , मेरी जो भी हेल्प चाहिए बता देना।

माही खुश हो गई। सभी ने खाना खा लिया तो माही बर्तन धोने चली गई और काम्या और समर हॉल में बैठकर टीवी देखने लगे।
 
समर: मम्मी कबीला अब पूरी तरह से बदल गया है, जल्दी ही वो लोग समाज के साथ चलेंगे।

काम्या : बेटा सब कुछ तुमने ही तो किया हैं , भगवान तेरे जैसा बेटा सबको दे।

समर अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गया और टीवी देखने लगा।

दोनो एक दूसरे के बिल्कुल पास बैठे हुए थे। तभीटीवी में एक रोमांटिक सीन आ गया जिसमें हीरो हीरोइन को अपनी बांहों में लेकर समुंदर में फेंक देता है । हीरोइन को उसकी जांघो तक पानी आ रहा था तो वो अपना बदला लेने के लिए हीरो को पानी में धक्का दे देती हैं और हीरो उसे पकड़ कर खीच लेता हैं , जहां हीरो गिरा वहां पानी थोड़ा ज्यादा था इसलिए हीरोईन उसके गले लग जाती हैं।

ये शीन देखकर काम्या का मुंह लाल हो गया ,उसकी गला सूखने लगा, और सांसे तेजी से चलने लगी। उसे समर के साथ नदी में हुआ हादसा याद आ गया और उसने शर्म से नजरे झुका ली।

समर शीन को बड़े ध्यान से देख रहा था, उसे भी सब कुछ याद आ गया जो नदी में उन दोनों के बीच हुआ था। वो एक बार काम्या की तरफ देखता हैं तो उसे महसूस हुआ कि काम्या का मुंह लाल हो गया है और शर्म से झुक गया है।

उसे ये सब देखकर बहुत अच्छा लगा और उसके लंड ने सिर उठाना शुरू कर दिया।

इसी बीच हीरो और हीरोइन के बीच किस शुरू हो गया और दोनो एक दूसरे के होठों को चूसने लगे।

काम्या ने एक बार तिरछी नजर से समर की तरफ देखा तो समर टीवी देखते हुए अब अपने होंठो पर जीभ फिरा रहा था और उसकी पैंट में एक बहुत बड़ा सा उभार बन गया था।

काम्या की नजरे समर की नजरो का पीछा करती हुई जैसे ही टीवी पर पड़ी तो उसे एहसास हुआ कि वो किस देखकर अपनी जीभ अपने होठों पर फिरा रहा है।

काम्या की चूत ने फिर से रिसना शुरू कर दिया। उसकी जांघे समर की जांघो से छू रही थी, जैसे ही काम्या का ध्यान अपनी जांघो पर गया तो उसका जिस्म कांपने लगा ।जैसे ही समर को काम्या की कांपती हुई जांघ का एहसास अपनी जांघ पर हुआ तो उसे काम्या की हालत समझ आ गई।

उसने धीरे से अपनी जांघ का दबाव काम्या की जांघ पर बढ़ा दिया तो काम्या की धड़कने और तेज हो गई और उसकी चूचियां उपर नीचे होने लगी।

काम्या ने अपने दोनो हथ्ी की उंगलियों को एक दूसरे में फंसाकर मटकाना शुरू कर दिया और अपना एक पैर दूसरे पैर पर रगड़ने लगी।

समर का लंड ये देखकर पूरे उफान पर आ गया , किचेन से लगातार माही के बर्तन धोने की आवाज आ रही थी जिससे दोनो को कोई चिंता नहीं थी।

समर ने अब अपनी जांघ का दबाव पूरी तरह से उसकी जांघ पर बढ़ा दिया और अपनी जांघ से ही उसकी जांघ सहलाने लगा। दोनो आगे बढ़ना चाह रहे थे, लेकिन समर अपनी मा पर सीधा हाथ डालने से बच रहा था।

टीवी में अब क्या चल रहा है दोनो को कोई होश नहीं था, काम्या का चेहरा पूरी तरह से झुका हुआ था तो समर बहुत प्यार से उसका खूबसूरत चेहरा देख रहा था।

आखिरकार काम्या ने ही आगे बढ़ने की पहल करी और वो सोफे से उठी और एक कम्बल उठाकर समर के उपर डाल दिया क्योंकि ठंड बढ़ने लगी थी। काम्या फिर से सोफे पर समर के पास बैठ गई बिल्कुल उससे सटकर , अपनी एक जांघ बिल्कुल उसकी जांघ पर चढ़ाकर ।

समर उसकी जांघ को सहलाते हुए: मम्मी अच्छा किया जो आप कम्बल ले अाई, ठंड लग रही है मुझे तो बहुत ज्यादा ।

काम्या को मोका मिल गया आगे बढ़ने का ठंड के बहाने।

काम्या उसे बिल्कुल चिपक गई और अब दोनो के कंधे भी मिल गए तो काम्या ने कम्बल के अन्दर ही अपने पैर समर के पैरो पर रख दिए मानो उसे पैरो से गर्मी प्रदान करना चाहती हो।

उसने धीरे से अपने पैर की उंगलियों से समर के पैरो को सहलाना शुरु कर दिया तो समर भी जोश में आ गया अपने अपने कंधे से काम्या का कंधा रगड़ने लगा।

काम्या को अब बहुत अच्छा लग रहा था, और कम्बल से ही उसकी चूचियां उछलती हुई साफ नजर आ रही थी। समर ने धीरे से अपने आपको थोड़ा सा आगे किया तो अब उसका कंधा काम्या के सीने की बराबर में आ गया था। ये सोचकर काम्या की आंखे फिर से शर्म से झुक गई कि अब उसके बेटे का अगला कदम क्या होगा।

काम्या अब समर के पैर को जोर से रगड़ रही थी और उसकी जांघ तरह से समर की जांघ पर टिकी हुई थी ।

समर ने अपने कंधे सा आगे लाते हुए धड़कते दिल के साथ अपनी मा की एक चूची पर रख दिया ।

जैसे ही कंधा चूची से छुआ काम्या का पूरा जिस्म फिर से कांपने लगा, उसे बहुत अच्छा लग रहा था, उसने जोश में आते हुए अपनी जांघ का पूरा दबाव समर की जांघ पर बढ़ा दिया और थोड़ा सा ज्यादा उसकी तरफ खिसक गई। आज तो जैसे किस्मत भी उन दोनों पर मेहरबान थी। जैसे ही काम्या ने अपनी जांघ थोड़ा आगे खिसकाई तो उसका जांघ सीधे खड़े लंड से जा लगी और उसका रोम रोम लंड के एहसास से तड़प उठा जिससे उसकी फिर से बंद हो गई।

लंड पर काम्या की जांघ लगने से समर का हौसला बढ़ गया और उसने कंधे से काम्या की चूची को दबा दिया तो काम्या को बेहद मजे का एहसास हुआ और उसने भी अपनी जांघ से समर का लंड हल्का सा दबा दिया। दोनो अब खुल चुके थे, समर कंधे से उसकी चूचियां दबा रहा था तो काम्या अपनी जांघ से उसका लंड रगड़ रही थी। दोनो की ही आंखे बंद हो चुकी थी और कान किचेन से आने वाली बर्तनों की आवाज पर लगे थे।

काम्या ने आंखे खोलकर एक बार समर की तरफ देखा तो उसकी आंखे बंद थी

इसका फायदा उठाते हुए उसने अपनी टी शर्ट को थोड़ा सा ऊपर उठाया । आज उसने ब्रा नहीं पहनी थी इसलिए उसकी चूची पूरी तरह से नंगी हो गई।

समर ने अगली बार जैसे ही अपना कंधा उसकी चूची पर रखा तो मजे से उसकी आंखे खुलती चली गई क्योंकि चूचियां नंगी हो गई थी।

समर समझ चुका था कि काम्या अब पूरी मस्त हो चुकी हैं इसलिए उसने शर्म छोड़ते हुए सीधे अपना हाथ आगे बढाया और इसकी एक चूची को पूरा हाथ में भर कर दबाना शुर कर दिया ।

कमाया के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकल रहीं थीं, उसके अपना सिर समर के कंधे पर रख दिया और अपनी जीभ से उसकी गर्दन चाटने लगी ।
 
समर उसकी जीभ के एहसास से पागल सा हो उठा और जोर जोर से उसकी चूची भींचने लगा।

काम्या को अब बहुत मजा आ रहा था इसलिए उसने एक बार फिर से डर को पीछे छोड़ते हुए समर के लंड को पकड़ लिया। लंड को छूते ही उसका चूत में चिंगारियां सी सुलग उठी । आज वो अच्छे से लंड की लंबाई , मोटाई का आकलन करना चाहती थी इसलिए उसने लंड पर उपर की तरफ जैसे ही हाथ बढ़ाया

तो उसे माही के आने की आवाज सुनाई दी तो वो जल्दी से अपने आप को ठीक करने लगे और थोड़ा सा दूर होकर बैठ गए ।

काम्या का मूड फिर से खराब हो गया क्योंकि आज वो लंड को अच्छे से महसूस करना चाहती थी, उसे हाथ से सहलाना चाहती थी, दबाना चाहती थी।

माही गेट खोलकर अंदर हॉल में आ गई और काम्या के पास बैठ कर टीवी देखने लगी। उसे देख कर आज काम्या को गुस्सा आ रहा था जो समर साफ तौर पर देख रहा था और मुस्कुरा रहा था। थोडी देर बाद ही नींद आने का बहाना करने लगा।

समर: मम्मी मैं तो आज पूरे दिन का थका हुआ हूं इसलिए मुझे नींद आ रही है मैं तो अब सोने जा रहा हूं।

और ऐसा कहकर वो खड़ा हुआ और काम्या के गले लगकर उसे एक गुड नाईट किस दी । जैसे ही वो काम्या के गले लगा तो काम्या उससे जोर से लिपट गई और उसके खड़े हुए लंड पर पूरी ताकत से अपनी गीली चूत दबा दी । समर ने बड़ी मुश्किल से खुद को संभाला और उपर की तरफ जाने लगा।

समर के जाते ही काम्या भी माही को गुड नाईट बोलती है और उसके गाल पर किस करती हैं और अपने कमरे में सोने चली गई। दर असल उसे नींद नहीं आ रही थी, वो तो माही को उस ब्लैक लिंगरी में देखने को मचल रही थी जिसकी आज समर दिन में बात कर रहा था, इसलिए वो नींद का बहाना बनाकर चली अाई ताकि माही जल्दी से उपर जा सके ।

काम्या के जाते ही माही जल्दी से टीवी बंद करती हैं और अपने अपनी आंखो में रंगीन सपने लिए अपनी तड़पती हुई चूत के साथ उपर की और चल पड़ी।

समर अपने रूम में बैठा हुआ माही के आने का इंतजार कर रहा था। पिछले दो दिनों से चुदाई ना होने की वजह से समर भी तड़प रहा था। लंड काम्या की हरकतों की वजह से पहले से ही पूरी तरह से अकड़ा हुआ था मानो आज बगावत पर उतर आया हो। बस माही ने आने कि देर थी ।

तभी समर एक रूम फ्रेशनर लेता है और कमरे में छिड़क देता है तो पूरा कमरा एक मस्त परफ्यूम की महक से भर उठा। फिर वो रेड नाईट बल्ब को छोड़कर बाकी सब बल्ब बंद कर देता हैं तो हल्के लाल रंग की रोशनी से पूरा कमरा जगमगा रहा था।

समर से अब सब्र नहीं हो रहा था। इसलिए वो अपने सारे कपड़े उतार कर फेंक देता हैं और सिर्फ एक चादर ओढ़कर पेड़ पर बैठ जाता हैं और खड़े हुए लंड के साथ माही की इंतजार करने लगा।

उधर माही सीढ़ियां चढ़कर अपने रूम में पहुंची और जल्दी से नहाने के लिए बाथरूम में घुस गई। उसने खूब रगड़ रगड़ कर अपने बदन को साफ लिया और वाइल्ड स्टोन परफ्यूम सिर्फ अपनी चूत पर स्प्रे किया और नंगी ही अपने कमरे की ओर चल पड़ी । गैलरी में वो बिल्कुल नंगी ही चली जा रही थी, कल तक शर्म की पुड़िया बना रहने वाली माही अब नंगी चल रही थी, सच में जब जिस्म में आग लगती है तो इंसान को अच्छा बुरा कुछ भी समझ नहीं आता और ऐसा ही हाल माही का भी हो चुका था।

माही अपने कमरे में जाकर टॉवेल से अपने गीले बालों को साफ करती हैं और खुले ही छोड़ देती है। फिर आंखों में गहरा काजल लगती हैं तो उसकी सेक्सी आंखे और ज्यादा मादक लगने लगती हैं , फिर हल्का सा मेक अप करती हैं और एक चॉकलेटी रंग की लिपस्टिक अपने रसीले होंठों पर लगाती हैं और फिर अलमारी से अपनी ब्लैक लिंगरी निकालती हैं और जैसे ही इसकी नजर लिंगरी पर पड़ती हैं तो उसकी चूत गीली हो जाती हैं और नंगी चूचियां उपर नीचे होने लगती हैं और निप्पल अकड़ते हुए चले गए।

वो एक कामुक अदा के साथ अपनी लिंगरी उठाती हैं और उसे पहन लेती हैं। उफ्फ लिंगरी अब उसके बदन पर पहले से ज्यादा कस कर आ रही थी और उसका जिस्म पूरी तरह से नुमाया हो रहा था।

वो एक बार शीशे में खुद को देखती हैं और अपने रूप सौंदर्य पर खुद ही मोहित होकर अपनी चूचियां दबा देती हैं तो उसके मुंह से एक आह निकल पड़ी।

तभी उसके मोबाइल पर समर का कॉल आया तो वो समझ गई कि वो उसका ही बेताबी से इंतजार कर रहा है।माही फोन उठाती हैं और बात करने लगती हैं:

माही: हेलो समर ?

समर उत्तेजना से भरी हुई आवाज में: जल्दी आओ माही, कहां रह गई तुम, मुझे अब सब्र नहीं हो रहा है मेरी जान,"

माही उसे तड़पाने का प्लान करती हैं और बोलती हैं: समर मुझे तो नींद आ रही हैं बहुत ज्यादा,।

समर को गुस्सा आ गया उसकी बात सुनकर, ।

समर गुस्से से: बहाना मत बनाओ मेरी जान, जल्दी आ जाओ, देखो लंड कैसे उछल रहा हैं ।

माही हल्के हल्के कदमों से अपने रूम से बाहर आने लगी और समर को बोलती हैं: जान मैं बहुत थकी हुई हूं, कल जी भर कर प्यार कर लेना , आज रहने दो ना, मान जाओ प्लीज़,

माही अब गैलरी में आ चुकी थीं ।

समर जैसे ही उसकी बात सुनता हैं तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया,

समर: तुम आती हो या मैं तुम्हारे कमरे में आकर तुम्हारी चूत फाड़ दू ?

माही उसकी बात सुनकर जोश में आ गई और अपने चूत पर उंगली फेरते हुए: हाय मेरी जान क्या बात हैं आज बड़े जोश में लग रहे हो, लगता हैं मेरी चूत का भोसड़ा बनाने का इरादा है तुम्हारा?

समर माही के मुंह से चूत शब्द सुनकर और जोश में आ गया और बोला: जल्दी आ जाओ मेरी जान आज तुम्हारी ऐसी चुदाई करूंगा कि लंड के नाम से ही कांप जाया करोगी, आज सच में तुम्हारी चूत का भोसड़ा बना कर रख दूंगा माही ।
 
समर माही के मुंह से चूत शब्द सुनकर और जोश में आ गया और बोला: जल्दी आ जाओ मेरी जान आज तुम्हारी ऐसी चुदाई करूंगा कि लंड के नाम से ही कांप जाया करोगी, आज सच में तुम्हारी चूत का भोसड़ा बना कर रख दूंगा माही ।

माही की चूत बुरी तरह तड़पने लगी अब एक समर के गेट पर पहुंच चुकी थी ।

माही: मैं नहीं आने वाली, अपनी चूत थोड़े ही फड़वानी हैं तुमसे"

माही ऐसा बोलकर फोन काट देती हैं और वहीं दरवाजे के पास छुपकर खड़ी हो गई।

समर जैसे ही माही की बात सुनता हैं तो वो गुस्से से पागल हो गया और सोचने लगा कि आज माही को लंड की असली ताकत दिखानी पड़ेगी, आज उसे महसूस होगा कि लंड क्या कर सकता हैं ।

उसने चादर को एक तरफ उतार कर फेंक दिया और नंगा ही चल दिया माही के रूम में उसकी चूत की धज्जियां उड़ाने ।

जैसे ही समर अपने से बाहर निकला तो माही उसके कमरे में घुस गई । उधर समर माही के कमरे में पहुंचा तो उसे माही कहीं दिखाई नहीं दी तो वो उसे ढूंढने बाथरूम में घुस गया लेकिन माही वहां भी नहीं मिली तो उसके साथ साथ उसका लंड भी और ज्यादा क्रोधित हो उठा। लंड उसकी जांघो के बीच में ऐसे लहरा रहा था मानो कोई मोटा अजगर हो।

समर झुंझला कर माही को फोन करता हैं तो माही फोन उठाती है।

समर: कहां हो माही तुम, क्यों सता रही हो मुझे?

माही अपनी एक उंगली चूत के होंठो पर रगड़ते हुए बहुत ही धीमी और कामुक आवाज में बोलती हैं: वहीं तुम्हारा इंतजार कर रही हूं मेरी जान जहां से हमारी प्रेम कहानी शुरू हुई थी ।

समर तेजी से अपने रूम की तरफ दौड़ लगा देता हैं और जैसे ही कमरे के अंदर घुसता हैं तो उसकी नजर सामने खड़ी हुई माही पर पड़ती है जो कि ब्लैक लिंगरी में बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी।

माही ब्लैक लिंगरी में कुछ ऐसी दिख रही थी

एक महीने से हुई दमदार चुदाई के कारण उसका जिस्म पहले से ज्यादा भर गया था जिस कारण लिंगरी पूरी तरह से उसके जिस्म पर फस चुकी थी । उसकी चूचियां अब पहले से ज्यादा गोल हो गई थी और उनमें कामुक लचक आ गई थी , तेज सांस लेने के कारण उसकी चूचियां उपर नीचे उछल रही थी और कड़क तने हुए निप्पल लिंगरी पर दबाव डाल रहे थे मानो उसे फाड़कर अपनी आजादी का ऐलान करना चाहते हों ।

उसका गोरा सपाट पेट उसकी सुन्दरता में को दिखा रहा था तो गहरी नाभि उसमे चार चांद लगा रही थी।

उसकी चुदी हुई चूत अब हल्की सी खुल गई थी जिस कारण उसके मुलायम होंठ अब पहले से ज्यादा लिंगरी से बाहर निकले हुए थे और उसकी चूत से निकला हुआ रस उसकी जांघो को पूरा भिगो चुका था। कुल मिलाकर वो पहले से ज्यादा कामुक माल लग रही थी जो अब खुलकर चुदने के लिए तैयार थी।

खुले हुए गेट पर बाहर काम्या भी आ चुकी थी और अंदर झांक रही थी । वो तो माही को इस काली लिंगरी में देखकर मंत्र मुग्ध सी हो गई थी। उसे माही से जलन हो रही थी , उफ्फ माही को चोदने के लिए तो लोग तीसरा विश्व युद्ध तक कर बैठते अगर इस वक़्त उसे देख लेते।

माही को देखकर समर पलके तक झपकाना भूल गया। उफ्फ कितनी लग रही थी वो इस सेक्सी लिंगरी में। आज वो उसे दूसरी बार देख रहा था और आज वो पहली बार से कहीं से ज्यादा कामुक और चुदासी प्रतीत हो रही थी।

समर धीरे धीरे आगे बढ़ता है और माही पास पहुंच जाता हैं और अपने लिप्स पर जीभ फिराते हुए उसे पास से देखता हैं तो माही एक जोरदार अंगड़ाई लेती हैं तो उसकी चूचियां अपना पूरा सिर उपर उठाने लगती हैं तो समर जोश में आकर उसे अपनी बांहों में भर लेता हैं और अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रख कर सहलाने लगा, जैसे ही समर के हाथ उसकी नंगी कमर पड़े तो माही का जिस्म तड़प उठा और वो समर से लिपटती चली गई जिससे माही की लंबाई कम होने के कारण समर का नंगा लंड उसकी जांघो से टकराने लगा। माही को जांघो पर लंड का एहसास जैसे ही हुआ चूत ने टपकना शुरू कर दिया ।

समर ने उसके गाल पर एक जोरदार किस किया और उसके गाल को काट लिया तो माही के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ी।

माही प्यार से उसके कानों में बहुत कामुक आवाज में बोलती हैं: थोड़ा प्यार से मेरी जान , कहीं भाग थोड़े ही रही हूं, सब कुछ आपका ही तो है।

समर: उफ्फ मेरी जान, सब्र नहीं होता मुझसे, दिन पर दिन और सेक्सी होती जा रही हो।

समर प्यार से उसके चॉकलेटी लिप्स को देखता हैं और अपनी जीभ निकाल कर अपने लिप्स गीले कर लेता है तो माही भी अपने लिप्स गीले करके उचकते हुए समर के होंठो पर रख देती हैं और चूसने लगी। समर भी अब उसके लिप्स को चूसना शुरू कर चुका था। कभी उपर वाले को तो कभी नीचे वाले को, उफ्फ माही अपने दोनो हाथ उसके गले में लपेट देती हैं और लंबाई कम पड़ने के कारण समर के पैरो पर चढ़ गई और उसके लिप्स चूसने लगी। जैसे ही वो समर के पैरो पर चढ़ी तो अब नंगा लंड उसकी चूत पर पतली सी लिंगरी से उपर से अड गया तो माही जोश में आ गई और अपनी जीभ उसकी मुंह में घुसा दी और समर की जीभ चूसने लगी।

समर मजे से भर उठा और किस करते करते ही वो अपने दोनो हाथों को उसके मस्त भारी चूतड़ों पर के आया और जोर जोर दबाने लगा तो लंड उसकी चूत पर और ज्यादा जोर से अपना असर दिखाने लगा।

माही की चूत पूरी गीली हो गई थी और चूत की फांकों से होता हुआ उसका रस लंड के सुपाड़े को भिगो रहा था।

एक लंबे किस के बाद दोनो सांस लेने के लिए रुकते हैं और समर आगे बढ़ते हुए अपने दोनो हाथों से उसकी लिंगरी को पकड़ता हैं और एक झटके के साथ उसका रोम रोम नंगा कर देता हैं ।

जैसे ही लिंगरी उतरी तो माही की बेलगाम चूचियां अपनी औकात दिखाते उछल कर बाहर आ गई । उसकी चूची पूरी तरह से ठोस थी और गहरे भूर रंग के निप्पल अपनी अकड़ दिखाते हुए उपर की ओर तन गए।

समर की नजरो उसकी चूचियों से होकर उसके सपागहरी नाभि वाले पेट से होती हुई उसकी चूत पर आ गई जिसमें से रस टपक रहा था

बाहर खड़ी काम्या तो पलके भी झपकाना भूल गई को नंगा देखकर । उफ्फ पहले से कितनी कातिल फिगर हो गया था उसका।

काम्या भी जोश में आ गई और अपने कपड़े मैक्सी निकाल कर पूरी नंगी हो गई और अपने जिस्म को देखने लगी जो किसी भी तरह से माही से कम नहीं लग रहा था। माही की मुकाबले काम्या की चूचियां ज्यादा बड़ी थी और गांड़ को जैसे क़यामत थी उसकी।
 
माही से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और वो समर से चिपक कर उसके पैरो पर चढ़ गई तो लंड का सुपाड़ा फिर से उसकी चूत पर जा अडा , इस एहसास से दोनो पागल हो उठे और समर ने उसकी गांड़ पर हाथ ले जाकर उसकी गांड़ को जोर जोर से मसलना शुरू कर दिया। माही को बहुत मजा आने लगा और पूरी ताकत से अपनी चूत उचक उचक कर उसके लंड की पूरी लंबाई पर रगड़ने लगी । जैसे ही लंड का मोटा सुपाड़ा चूत के मुंह से टकराता तो मजे से दोनो का मुंह खुल जाता और सुपाड़ा चूत पर दबाव डालता जिससे चूत का मुंह हल्का सा हर बार खुल जाता।

दोनो की आंखे मस्ती के कारण बंद हो चुकी थी , माही का पूरा जिस्म कांप रहा था और उसकी चूत से रस की नदी सी बह रही थी जिससे लंड का सुपाड़ा पूरा चिकना हो चुका था। दोनो की मस्त सिसकियां गूंज रही थी पूरे कमरे के अंदर।

अगली बार जैसे ही लंड का सुपाड़ा चूत के छेद से टकराया तो माही में अपनी चूत उस पर उछाल दी जिससे लंड का मोटा सुपाड़ा उसकी चूत में घुसता चला गया घुसता चला गया ।

माही: आह समर, इतना मोटा क्यों है ये लोला, हर बार फाड़ देता हैं "

समर को लगा जैसे उसका सुपाड़ा किसी जलती हुई भट्टी में घुस गया हो । माही की चूत पूरी तरह से जल रही थी, समर ने भी जोश में आते हुए हुए अपने दोनों हाथ उसकी गांड़ पर रख दिए तो माही ने उसकी गोद में आते हुए अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में डाल दिए और उससे लिपटती चली गई किसी अमर बेल की तरह।

बाहर खड़ी काम्या को लंड का सुपाड़ा साफ उसकी चूत में घुसता हुआ दिख रहा था । काम्या को याद आ गया कि ठीक इसी तरह वो समर की गोद में थी नदी के अंदर और ये सुपाड़ा पूरा उसकी चूत में घुसा हुआ था। ये सोचते ही उसकी चूत रस से भर गई और उसने दो उंगली अपनी चूत में घुसा दी।

काम्या: आह, मा री उस दिन में चुद जाती इसी तरह तो अच्छा होता, आह हाय मेरी चूत में जब जाएगा ये मूसल ।

समर ने अब नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए और सुपाड़ा अंडर बाहर होने लगा। माही की मजे से बुरी हालात थी, उसकी चूत से निकालता हुआ रस लंड को पूरा भिगो चुका था । माही ने समर की आंखों में देखते हुए उसे पूरा लंड चूत में घुसाने का इशारा किया तो समर ने उसकी एक चूची को मुंह में भर लिया और अपने लंड का एक तगड़ा धक्का उसकी चूत में जड़ दिया तो आधा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुसता चला गया।

जैसे ही लंड घुसा तो माही फिर से दर्द से तड़फ उठी: आह री भगवान, सी सी री आईआई मा री लंड हर बार ही दर्द देता है, मेरी चूत हाय री "

माही अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रख देती हैं और अपनी चूची पूरी उसके मुंह में घुसाने लगती हैं, समर उसकी चूची जोर जोर से चूसने लगा और आधे लंड से उसकी चूत को ठोकना शुरू कर दिया तो माही का पूरा जिस्म उसके लंड पर थिरक रहा था । उसके मुंह से निकली मादक सिसकियां पूरे कमरे में गूंज रही थी जिसका सीधा असर काम्या पर हो रहा था और वो पूरी तेज से अपनी चूत में उंगलियां घुसा रही थी।

माही भी अब उसके लंड पर अपनी चूत मार रही थी जिससे लंड तेजी से चूत से अंदर बाहर हो रहा था, माही को अपने अंदर कुछ खाली सा लग रहा था वो अपने हाथ लंड पर लाई तो पता चला कि अभी तो आधा लंड बाहर ही है तो उसकी चूत तड़प उठी लंड को पूरा घुसाने के लिए ।

उसने नाराजगी भरी नजरो से समर की तरफ देखा मानो शिकायत कर रही हो कि पूरा लंड क्यों नहीं घुसाया !!!

समर फिर से उसकी चूची चूसते हुए पूरा लंड बाहर निकाल लिया और माही ने अपने हाथ से लंड को चूत के छेद पर सेट कर दिया और अपनी नजरे समर से मिला दी और अपने होंठो पर कामुक अंदाज में जीभ फिराई तो समर ने एक तगड़ा धक्का उसकी चूत में मार डाला तो लंड घुस गया पहले से ज्यादा मगर दूसरी मोटी गांठ माही घुस पाई तो माही तड़प उठी। समर से फिर से एक तगड़ा धक्का लगाया लेकिन लंड आगे नहीं बढ़ पाया तो माही का मूड खराब हो गया ।

माही : आह, घुसा क्यों नहीं रहे लंड अंडर पूरा! मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा "

समर माही के हाथ की एक उंगली उसे दिखाते हुए में डालकर चूसने लगा और उसे पूरी चिकनी करके माही की आंखो के सामने लहरा दिया तो ने अपना ढेर सारा थूक निकाल कर समर के लंड को जड़ तक पूरा गीला और चिकना कर दिया और समर ने अपने लंड को बाहर की तरफ खींच कर जैसे ही धक्का लगाना चाहा तो माही ने इशारे से मना कर दिया और खुद अपने हाथ से उसका लंड अपनी चूत के छेद पर टिका दिया और समर की आंखों में देखते हुए अपने पूरे बदन को लंड पर ढीला छोड़ दिया ।

लंड एक झटके के साथ उसकी पूरी चूत को फाड़ते हुए अंदर घुसता चला गया पूरा जड़ तक।

जैसे ही लंड पुरा घुसा माही फिर से दर्द से तड़प उठी और समर से बुरी तरह से चिपकते हुए अपने दांत उसकी गर्दन में गड़ा दिए।

माही: हाय री मा री मर गई , मार ली मेरी चूत , फट गई चूत आह उफ़ सी सी ई आह आह ।
 
लंड के घुसने से फैली हुई चूत के होंठ लंड के चारो और कस गए थे । काम्या के मुंह से एक आह निकल गई जैसे ही पूरा लंड चूत में घुसा , उसे पूरा घुसा हुआ लंड साफ नजर आ रहा था जिसे देखकर उसकी उंगली चूत में तेजी से अंदर बाहर हो रही थी।

समर माही के बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा तो माही को कुछ आराम मिला, उसने धीरे से अपनी गांड़ उपर उठाई तो बुरी तरह से फसा हुआ लंड बड़ी मुश्किल से थोड़ा बाहर आने लगा और जैसे ही मोटी गांठ बाहर निकली तो उसने चूत के होंठो को रगड़ते हुए पूरा फैला दिया तो माही को दर्द के साथ बहुत मजा आया और उसके मुंह से आह निकल पड़ी।

माही: उई मा री , आह पूरी फाड़ दी मेरी चूत, हाय री।

जैसे ही लंड सुपाड़े तक बाहर आया तो समर ने उसकी गांड़ दोनो हाथो से लंड पर दबाते हुए जोरदार धक्का लगाया तो लंड फिर से पूरा घुसा और सीधे माही की बच्चेदानी से जा टकराया ।

माही: आह, थोड़ा प्यार से चोदो, दर्द होता हैं जब पूरा एक दम घुसता हैं मेरी चूत में"!

समर तो उसकी सिसकियां सुनकर जोश में आ गया और और एक पूरा पूरा लंड निकाल कर एक ही बार में पूरा घुसाने लगा जिससे माही की सिसकियां और तेज होती चली गई ।

कुछ धक्के पड़ने के बाद चूत पूरी खुल गई और अब लंड तेजी से अंदर बाहर हो रहा था, माही को अब भी हल्का दर्द हो रहा था लेकिन मजा उससे कहीं ज्यादा आ रहा था।

अब उसने भी अपनी गांड़ उछाल उछाल कर लंड लेना शुरू कर दिया और मजे से चुदने लगी।

माही: आह , उफ्फ और चोदो, पूरा दम लगाकर चोदो मेरी चूत आज, सारी दीवारें हिला दो मेरी"

समर भी अब पूरी ताकत से उसे चोद रहा था किसी पागल सांड की तरह , माही की चूत हर धक्के पर फूल पिचक रही थी, ।

माही भी उसकी आंखो में देखते हुए चुद रही थी। तभी माही को लगने लगा कि उसकी चूत में हलचल होने लगी है और एक बढ़ सी आने वालीं हैं तो उसने पूरी ताकत से अपनी चूत लंड पर। मारनी शुरू कर दी।

माही: आह समर, मेरी चूत जाने वाली हैं, पूरा दम लगाकर करो, तगड़ा चोदो।

समर का भी हाल कुछ ऐसा ही था, इस पोजिशन में चुदाई से लंड पर चूत ज्यादा कसाव डाल रही थी और उसका भी किसी भी पल निकल सकता था , इसलिए उसने माही को पूरी कठोरता से चोदना शुरू किया और पांच छह धक्कों में ही माही की चूत का हाल बेहाल हो गया और माही से चूत से रस से बरसात से होने लगी ,।

माही: आह मेरी चूत गई, उफ्फ कितना सुखद एहसास हैं है, हाय पूरा लंड घुसा दो "

और समर ने भी अपनी पूरी ताकत से एक आखिरी धक्का उसकी चूत में जड़ दिया और उसने भी अपना लंड जड़ तक उसकी चूत में घुसा कर वीर्य की बरसात कर दी।।

समर: आह, मैं भी गया मेरी जान , और उसे ऐसे गोद में लिए उसे ही बेड पर गिर गया तो माही नीचे आ गई और लंड दबाव के कारण उसकी चूत में पुर घुसा हुआ था

काम्या ने भी अपनी चूत में अंडर तक उंगली घुसाते हुए एक सिसकी एक साथ अपना रस छोड़ दिया

काम्या; है भगवान गई मेरी भी चूत, हाय समर कब घुसाएगा अपना मोटा तगड़ा लंड।

। दोनो एक दूसरे से ऐसे ही चुपके हुए अपनी सांसे संयत करने लगे। उन दोनों के काम रस के कारण उनकी जांच तक चिपक चुकी थी।
 
दोनो काफी देर तक ऐसे ही पड़े हुए एक दूसरे की धड़कन सुनते रहे। माही भी उससे ऐसे ही लिपटी रही मानो चंदन के पेड़ से कोई सांप लिपटा हुआ हो।

थोड़ी देर बाद माही को वजन लगने लगा तो उसने अपनी आंखें खोलते हुए समर को उपर से हटने का इशारा किया तो समर उसके उपर से ऊपर कर उसके बराबर में लेट गया ।

समर: माही मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि तुम मेरी जीवन साथी बनोगी।

माही एक बार उसे प्यार से घूरती हैं : क्यों इतना बुरी हूं क्या मैं"!

समर: अरे नहीं मेरी जान, बहुत ज्यादा प्यारी और सेक्सी हो एक दम चोदने लायक ।

माही जैसे ही समर के मुंह में चोदने लायक शब्द सुनती हैं तो उसे शर्म का एहसास हुआ और वो समर की छाती में हल्के हल्के मुक्के बरसाने लगी।

माही: बेशर्म कहीं के तुम, कुछ भी बोल देते हो।

समर: ओए होए अभी भी इतनी शर्म, पूरा लंड घुसा लेती हो चूत में खुद ही और देखो कैसे शर्मा रही हैं" !

माही जैसे ही समर की पूरी बात सुनती हैं तो उसके होंठो पर स्माइल आ गई और उसने नाराजगी से कहा: जाओ में बात नहीं करती तुमसे , बेशर्म कहीं के।

और ऐसा कहकर अपनी मुंह दूसरी तरफ घुमा कर उसे चिढ़ाने लगी।

समर ने भी हंसते हुए उसके दोनो हाथो को पकड़ लिया और उसके चेहरे को अपनी तरफ घुमाते हुए अपने होंठ उसके होंठों से जोड़ दिए ।

जैसे ही समर के होंठ माही के होंठो से छुए वो समर से लिपट गई और किस करने लगी। समर उसके दोनो होंठो को मुंह में भर कर बारी बारी से चूसने लगा तो माही भी उसका साथ देते हुए अपनी जीभ उसके मुंह में घुसाने लगी तो समर ने अपने होंठ खोलकर उसकी जीभ को पकड़ लिया और चूसने लगा, दोनो एक दूसरे की जीभ चूस रही थे,चाट रहे थे। जैसे ही दोनो की सांस उखड़ने लगी तो दोनो के होंठ सांस लेने के लिए जुदा हुए और फिर से जुड़ गए। किस करने से फिर से समर के लंड में तनाव आना शुरू हो गया था।

समर ने नीचे आते हुए उसकी गर्दन को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया तो माही की सांसे तेजी से चलने लगी और उसकी नंगी चुचियों के निप्पल फिर से अपनी अकड़ दिखाने लगे।

समर अपनी पूरी जीभ उसकी गर्दन पर फिरा रहा था उपर से नीचे तो कभी नीचे से उपर की तरफ, जीभ का एहसास हुआ पागल कर रहा था और उसके मुंह से मस्त सिसकियां निकल रही थीं थी जो गेट में खड़ी हुई काम्या की प्यास को और बढ़ा रही थी।

समर ने अब माही की कान की लो को अपनी जीभ से सहलाना शुरू किया तो माही ने अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रख दिए उसे सहलाने लगी। समर के चूसे जाने से उसके कान की लो लाल पड़ चुकी थी और माही का जिस्म एक बार फिर से सुलगने लगा।

समर ने अब उसके कंधे को चाटना शुरू किया तो माही की चूत गीली होने लगी, समर ने अपने दांत उसके खूबसूरत कंधे में गड़ा दिए तो माही मजे और दर्द के कारण सिसक उठी।

माही: आह , ज़ालिम थोड़ा प्यार से, काटो तो मत ,"

समर ने अब उसकी दोनो चूचियों के बीच अपनी जीभ को फिराने लगा तो माही की चूचियां उछलने लगी तो समर ने एक चूची को हाथ में भर लिया और दूसरी के अकड़े हुए गुलाबी निप्पल के आस पास अपनी जीभ रगड़ना चालू कर दिया, वो जान बूझकर निप्पल को नहीं चूस रहा था, चूची पर जीभ पड़ने के माही तड़प उठी और वो अपना निप्पल समर की जीभ के पास ले जाने लगी ताकि वो मुंह में लेकर चूस सकें। लेकिन समर चालाकी से अपनी जीभ अलग कर लेता और फिर से उसकी चूचि को चाटने लगता तो माही से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने समर का सिर पकड़ कर सीधे अपने निप्पल पर झुका दिया तो समर ने अपनी जीभ से एक बार उसके निप्पल को छुआ और फिर से अपनी जीभ निप्पल से हटाते हुए चूची के ऊपर रख दी और चाटने लगा , साथ ही साथ उसका खड़ा हो चुका लंड अब नीचे चूत से रगड़ रहा था और उसने एक उंगली नीचे ले जाकर माही की चूत में घुसा दिया और लंड से उसकी चूत को सहलाने लगा तो माही पूरी तरह से पागल हो उठी और उसके मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।

माही: आह समर, मत तड़पाओ, चूस लो मेरी चूची पूरी मुंह में भर कर मेरी जान,

समर अब उसकी चूची के निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा तो माही आनंद बढ़ जाने के कारण आपे से बाहर हो गई।

माही: आह , सी सी ई ओ हाय री , पूरी मुंह में ले लो , और चूसो खा जाओ आज मेरी चूचियों को।।।

माही की प्यास एक बार फिर से भड़क उठी थी और वो अपना हाथ नीचे लंड पर लाकर उसे पकड़ कर दबाने लगी और अपनी चूची को उसके मुंह में उछालने लगी। समर अपनी जीभ से उसके पूरे निप्पल को चूस रहा था, चाट रहा था, दांतो से हल्का हल्का काट रहा था।

माही से इतना मजा बर्दाश्त नहीं हो रहा था , समर के नीचे दबा हुआ उसका पूरा जिस्म कांप रहा था।

समर ने जैसे ही अपने होंठ नीचे की तरफ बढ़ाने शुरू किए तो माही ने उसका मुंह पकड़ कर ऊपर ले जाते हुए अपनी दूसरी चूची पर रख दिया ।।

माही: आह, समर इसे भी चूसो, इससे दुश्मनी हैं क्या तुम्हारी "

समर ने जोश में आकर उसकी दूसरी चूची को जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया, निपल तो वो ऐसे चूस रहा था मानो उखड़ ही देगा आज जड़ से।

माही: आह , थोड़ा प्यार से समर, । तभी समर उसके निप्पल में जोर से अपने दांत गडा दिए तो माही दर्द से तड़प उठी,

माही: आह, दांत नहीं जीभ से चूसो,

समर फिर से उसकी चूची चूसने लगा तो इसका सीधा असर उसकी चूत पर हुआ और वो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और रस बह कर बाहर आ रहा था।

समर ने अब उसकी नाभि को जीभ से चाटना शुरू किया तो माही फिर से सिसकने लगी। समर के दोनो हाथ उसकी चूचियों को पूरी जोर से दबा रहे थे जिस कारण माही का मजा और बढ़ रहा था।

समर जैसे ही अपनी जीभ उसकी जांघो के बीच लाया तो तड़प रही माही ने खुद ही अपनी दोनो टांगे चौड़ी कर ली मानो उसे चूत चाटने का आमंत्रण दे दिया हो। समर ने अपनी जीभ को उसकी जांघो पर फिराना शुरू कर दिया और बीच बीच में चाट भी लेता तो माही की कंपकपी छूटने लगी और उसकी चूत से निकलती हुई रस की बूंदे समर को साफ नजर आ रही थी।

इस बार जैसे ही रस की एक बूंद चूत से बाहर छलक आई तो समर ने उसे अपनी जीभ से चाट लिया । जैसे ही जलती हुई चूत पर समर के प्यासे होंठ पड़े तो माही का मुंह मजे से खुल गया।

माही: आह , मेरी चूत चूस लो यार ,

लेकिन समर रस की बूंद को चाटकर अपनी जीभ फिर से उसकी जांघो पर फेरने लगा तो माही तड़प उठी और समर का सिर पकड़ कर सीधे अपने चूत पर दबा दिया तो समर ने उसकी चूत के चारो तरफ चाटना शुरू किया तो माही मस्ती से भर उठी , उसका जिस्म अपने आप उत्तेजना से उछलने लगा तो समर ने उसे बड़ी मुश्किल से दबाया और अपनी खुरदरी जीभ को एक बार उसकी चूत पर जैसे ही चाटते हुए उपर से नीचे घुमाया तो माही की चूत का बांध टूट गया और उसमे से एक के बाद एक रस की पिचकारियां निकल पड़ी जिन्हे समर मुंह लगाकर पीता चला गया । उफ्फ वो खट्टा मीठा, नमकीन सा पानी समर को बहुत अच्छा लगा और उसने अपनी जीभ को उसकी चूत के मुंह से चिपका दिया और अन्दर घुसा घुसा कर उसका रस चूसने लगा।

माही ने समर के सिर के बालों को हाथो में भर लिया और जोर से दबा दिया ।
 
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