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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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अब राम्या ने उसके लंड पर तेजी से मुंह चलाना शुरू कर दिय और पूरा लंड तेजी से उसके मुंह में अन्दर बाहर होने लगा। करण का जोश बढ़ता ही जा रहा था और उसने अपनी बेटी के मुंह में धक्के लगाने शुरू कर दिए मानो उसकी चूत चोद रहा हो। राम्या ने अपने बाप का सहयोग करते हैं अपने मुंह को पूरी चौड़ाई में फैला दिया तो लंड आराम से अन्दर बाहर होने लगा। करण के हर धक्के पर लंड पुरा फसा हुआ उसके मुंह में जा रहा था जिससे करण के लंड पर दबाव पड़ने लगा तो करण का मजा और बढ़ गया और धक्के की स्पीड और ज्यादा तेज हो गई ।

तभी करण को लगा कि उसकी लंड में तूफान सा आने लगा तो उसने पुरी ताकत से एक तगड़ा धक्का अपनी बेटी के मुंह में लगा दिया और लंड पुरा जड़ तक घुसकर उसने मुंह में वीर्य की बौछार करना लगा। जैसे ही वीर्य उसके मुंह में गिरा तो राम्या को लगा कि ये उसकी कठिन मेहनत का फल हैं और वो खुशी खुशी उसे पीती चली गई।

जैसे ही लंड ने पिचकारी मारनी बंद करी तो वो अपने आप सिकुड़ कर राम्या की चूत से बाहर आ गया मानो किसी ने उसकी सारी हवा निकाल दी हो।

लंड के सुपाड़े पर लगी वीर्य की आखिरी बूंदों को भी राम्या में जीभ निकाल कर चाट लिया और खड़ी होकर अपने बाप के गले लग गई और उसके कान में बहुत सेक्सी अंदाज में बुदबुदाई कि अब तो नाराज नहीं हो आप मुझसे पापा।

करण ने उसे अपने गले से लगा लिया और उसके कान में धीरे से बोला कि जिस बाप की तुम जैसे प्यारी और ध्यान रखने वाली बेटी हो वो कहां ज्यादा देर तक नाराज रहने देगी।

राम्या: पापा मैं अब पूरी तरह से अपनी प्रैक्टिस पर फोकस करना चाहती हूं, उम्मीद हैं आप मेरा पूरा साथ देंगे "

और उसके लंड को हाथ में पकड़कर बोली: "और पापा मुझे यकीन हैं कि ये भी मुझे अब एक हफ्ते तक परेशान नहीं करेगा।

और ऐसा बोलकर उसकी तरफ देखते हुए गुड नाईट किस देकर अपने बाप के कमरे से निकल गई और थकी होने के कारण अपने कमरे में जाकर सो गई।

वहीं दूसरी तरफ जैसे ही करण का लंड ठंडा हुआ तो उसका जोश भी ठंडा होता चला गया।उसे खुद पर ग्लानि महसूस हुई कि वो अपने ही बेटी को गलत रास्ते पर चलने को मजबूर कर रहा है। उसकी बेटी सिर्फ मॉडलिंग पर ध्यान देना चाहती है और वो उसका ध्यान भटकाकर उसे बहकाने पर तुला हुआ है। शर्म आनी चाहिए मुझे , ये सब कुछ मेरी वजह से शुरू हुआ हैं और शायद मेरी बेटी इसमें मेरा साथ इसलिए दे रही हैं ताकि मैं उसकी हेल्प कर सकू मिस इंडिया बनने में।

है भगवान मैं अपनी बेटी की मजबूरी का फायदा उठा रहा हूं , मैं सच में कितना गिरा हुआ इंसान हूं, ये सब सोच कर उसका दिल रो दिया और उसकी आंखो में आंसू आ गए। पश्चाताप के आंसू।

तभी वो फैसला करता है कि आज के बाद मैं अपनी बेटी को गलत नजर से नहीं देखूंगा और एक अच्छे बाप की तरफ उसका पूरा साथ दूंगा ताकि मेरी बेटी के सपने पूरे हो सके।

अगली सुबह जब करण सोकर उठा तो उसके सिर से एक बहुत बड़ा बोझ उतर चुका था और अब वो अच्छा महसूस कर रहा था क्योंकि कल हुई दिल और दिमाग की जंग उसका दिमाग जीत गया था।

वो फ्रेश होकर जैसे ही अपने कमरे से बाहर निकला तो उसकी नजर नीचे खड़ी हुई राम्या पर पड़ी जो अपनी प्रैक्टिस कर रही थी। राम्या ने एक बहुत सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी जिसमें से उसके जिस्म के कटाव साफ दिख रहे थे।

ये सब देखकर करण एक टक उसकी तरफ देखने लगा तो तभी उसे याद आया कि नहीं उसने खुद से वादा किया है कि एक ऐसा नहीं करेगा । ये सब सोच कर उसने अपनी नजर दूसरी तरफ घुमा ली और सड़क की तरफ देखने लगा। उसके दिल में लालच पैदा हुआ था कम से कम एक बार और अपनी बेटी के जिस्म को अच्छे से देखने का।

लेकिन वो हिम्मत नहीं कर पा रहा था। उधर राम्या अपनी प्रैक्टिस खतम कर चुकी तो वो उपर की तरफ आने लगी और जल्दी ही छत पर आ चुकी थी। करण अपने विचारो में खोया हुआ था और खुद से ही जंग कर रहा था कि अपनी बेटी की तरफ देखे या ना देखे।

तभी राम्या ठीक उसके सामने आकर खड़ी हो गई तो करण की लालची आंखे अपनी बेटी के जिस्म का दीदार करने लगी। वो सब अपनी सब कसमे वादे भूल चुका था और बहुत गौर से अपने बेटी को घूर रहा था। प्रैक्टिस की वजह से राम्या की धड़कने बढ़ी हुई थी और उसकी सेब के आकर की दो मस्त चूचियां सांसे के साथ उपर नीचे हो रही थी और करण उन्हें ही देखे जा रहा था।

तभी राम्या ने उसकी आंखो के आगे चुटकी बजाई तो करण जैसे सपने से जागा तो राम्या बोली:

" कहां खो गए थे पापा, "

करण ने शर्म से अपने नजरे नीचे कर ली और जमीन की तरफ देखते हुए बोला:

" क क कहीं नहीं ब ब बेटी"

राम्या उसके मजे लेने के लिए बोली : तो आपकी जुबान क्यों लड़खड़ा रही है मेरे प्यारे पापा"

करण कुछ जवाब नहीं देता और नजरे नीची किए हुए ही अपने कमरे में चला गया तो राम्या हैरान हो गई कि उसके बाप को अचानक से क्या हो गया।

वो पीछे पीछे उसके रूम में चली गई और उसके सामने एक कुर्सी पर बैठ कर और बोली:

क्या हुआ पापा आपकी तबियत तो ठीक हैं ? बताओ मुझे।

करण: बेटी में बिल्कुल ठीक हूं बस सोच रहा था कि जल्दी ही तुम मजा इंडिया बन जाओगी फिर तो अपने बाप को भूल जाओगी बस इसलिए परेशान हू

करण ने जितनी सफाई से बात घुमा दी थी और राम्या ने उससे कहीं ज्यादा सहजता से अपने बाप की बात पर यकीन कर लिया। वो उठी और अपने बाप के गले लग गई और उसकी आंखो में देखते हुए बोली:

"अपने बाप को भी कोई भूलता है क्या पापा" देखना अगर मैं जीत गई तो आपके लिए मेरे दिल में प्यार और इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाएगी क्योंकि हर कदम पर आपने मेरा साथ दिया है और एक अच्छा बाप होने का हर फ़र्ज़ अदा किया हैं।

करण ने जैसे ही राम्या के मुंह से ये सब सुना तो उसकी आंखे भरभरा गई और दिल अंदर ही अंदर रो पड़ा। जैसे ही राम्या को उसकी हालत का एहसास हुआ तो उसने अपने बाप के आंसू पूछे और उसके गले लग गई।
 
राम्या: पापा मैं आपको कभी नहीं भूल पाऊंगी और ना ही आपको छोड़कर कभी कहीं जाऊंगी।

करण का धैर्य अब जवाब दे गया और वो फुट फुट कर जोर जोर से रोने लगा ये सोचकर कि वो अपनी बेटी के जिस्म का फायदा उठाने की सोच रहा है। काम्या ने अपने दोनो हाथ उसकी ठुद्दी पर लाते हुए उसका चेहरा उपर उठाया और उसके आंसू साफ किया और फिर उसे गले लगाकर प्यार से उसकी कमर थपकने लगी मानो उसे सांत्वना से रही हो कि पापा मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी।

जल्दी ही करण के आंसू सूख गए और उसने एक बार खुद से वादा किया कि वो अपनी बेटी को अब हवस की नजर से नहीं देखेगा । एक बाप होने के सारे फ़र्ज़ अदा करेगा वो भी बिना किसी लालच के चाहे उसे कुछ भी करना पड़े।

राम्या अब चैन कि सांस लेती हैं क्योंकि अब करण के आंसू थम चुके थे । वो अपने बाप के गाल पर किस करती हैं और धीरे से उसके कान में बोलती हैं:

पापा आई लव यू सो मच।

करण हैरान सा रह गया अपनी बेटी के मुंह से ये सब सुनकर । राम्या कल प्रैक्टिस के लिए जाना था इसलिए उसने करण को बाय बोलते हुए जोर से अपनी चूत उसके लंड पर दबा दी और एक प्यारा सा किस उसके गाल पर कमरे अपने रूम की तरफ चल पड़ी।जैसे ही चूत लंड पर लगी तो करण जैसे सपने से बाहर आ गया।।

करण ने दरवाजे से बाहर जाती हुई राम्या की तरफ देखा तो उसे उसकी थिरकती हुई गांड़ देखकर उसकी आंखे फिर से लालच से खुल गई और जैसे ही राम्या अपने कमरे में घुसने वाली थी तो उसने एक बार बहुत ही सेक्सी अंदाज के साथ अपने गर्दन पीछे घुमाई तो उसे पता चला कि करण उसकी उछलती हुई गांड़ को देख रहा है तो उसने अपने प्यासे होंठो कर जीभ फिराई और एक सेक्सी स्माइल उसे देकर अपने कमरे में घुस गई।

उफ्फ अपनी बेटी के इस कामुक अंदाज को देखकर करण तो जैसे बौखला सा गया था , उसका लंड से फिर से सिर उठने लगा था तो उसे हैरानी हुई और वो आपको को संभालते हुए अपने कमरे में घुस गया।

थोड़ी देर बाद ही राम्या की एक ट्रेनिंग थी मॉडलिंग पर इसलिए वो जल्दी ही तैयार होकर बाहर आई और दोनो बाप बेटी ट्रेनिंग सेंटर की तरफ चल दिए । वहां जाकर राम्या को तो अंदर एंट्री मिल गई जबकि करण को नहीं मिल पाई तो राम्या थोड़ा उदास थी तो करण ने इसे समझाया कि बेटी कोई बात नहीं हैं वैसे भी मॉडल तुम्हे बनना हैं मुझे नहीं इसलिए सिर्फ तुम्हारी ट्रेनिंग होगी।

उसके बाद राम्या अंदर ट्रेनिंग में चली गई जबकि करण टाइम पास करने के लिए मूवी देखने चला गया। मूवी खतम होते होते शाम हो गई तो करण राम्या के सेंटर की तरफ चल पड़ा , राम्या की भी ट्रेनिंग खतम हो गई थी और वो बाहर ही करण का इंतजार कर रही थी।एक दूसरे को देखते ही दोनो के चेहरे पर स्माइल आ गई।

करण:कैसी रही तुम्हारी ट्रेनिंग बेटी ?

राम्या: बहुत अच्छी थी पापा, ट्रेनिंग के बाद एक एग्जाम भी हुआ था जिसमें मैंने टॉप किया पापा और मुझे ये मेडल भी मिला हैं "

और वो अपने गले में पहना हुआ मेडल अपने बाप को दिखाने लगी तो करण बहुत खुश हुआ और बोला:"बहुत बढ़िया राम्या , देखना इस बार ये प्रतियोगिता सिर्फ तुम्हीं जीतोगी।

राम्या खुश हो गई और अपने बाप गले लग गई।

राम्या: हां पापा , मैं पक्का जीतने की कोशिश करूंगी और अगर में जीती तो इसका पूरा श्रेय आपको जाएगा। "

दोनो को भूख लगी थी इसलिए दोनो खाना खाने के लिए एक शानदार होटल में चले गए। वहां उन दोनों में बहुत ही स्वादिष्ट खाने का लुत्फ उठाया।

खाना खाकर जैसे ही दोनों बाहर आए तो शाम के 5 बज चुके थे । दोनो घूमने के लिए एक पार्क के अंदर चले गए । दोनो घूमते रहे और आखिरकार एक ऐसी जगह पर पहुंच गए जहां पर चारो और बड़ी बड़ी खूबसूरत झाड़ियां थी । वो दोनो आराम से बैठ गए और मुंबई की हसीन शाम का आनंद लेने लगे। तभी पास की झाड़ियों से एक लड़की की कामुक सीत्कार उनके कानो में पड़ी।

" आह पापा, पूरी मुंह में लेकर चूसो । हाय कितना अच्छे हो आप पापा।

ये सिसकियां सुनते ही दोनो के रोंगटे खड़े हो गए और दोनों की आंखे आपस में मिली तो राम्या के होंठो पर सेक्सी स्माइल आ गई।

करण कुछ बोलना चाहता था लेकिन इसे राम्या ने चुप रहने का इशारा किया और उसका हाथ पकड़ कर दबे पांव झाड़ी के दूसरी तरफ चल दी जहां से सब कुछ साफ़ नजर आ रहा था।

उफ्फ क्या मस्त सीन था, एक अल्हड़ उमर की लड़की ने अपने दोनो हाथों से अपनी टी शर्ट ब्रा सहित उपर उठा रही थी और उसकी गोद में बैठा हुआ उसका बाप उसकी चूचियां चूस रहा था।

दोनो की आंखे मस्ती से बंद थी और चुसाई का पूरा मजा ले रहे थे। राम्या को बहुत अजीब लगा और खुशी भी हुई कि दुनिया में उन दोनों के अलावा कोई और बाप बेटी भी है जो आपस में प्यार करते हैं। ये सब देखकर राम्या की धड़कन बढ़ गई और उसकी भारी चूचियां उपर नीचे होने लगी तो उसकी चूत ने भी टपकना शुरू कर दिया था।

उसने अपने बाप की आंखो में देखते हुए उसका हाथ पकड़ कर उसे एक दूसरी बड़ी झाड़ी के पीछे खीच लिया तो करण ना चाहते हुए उसके साथ खींचता चला गया । जैसे ही दोनो झाड़ी के पीछे गए तो महसूस हुआ कि ये झाड़ी एक दम अंधेरे में हैं और चारो और और से घिरी हुई है बस उपर से हल्की हल्की शाम की गुलाबी रोशनी अंदर आ रही थी। अंदर घुसते ही राम्या ने अपने बाप के होंठो को चूसना शुरू कर दिया और उससे चिपक गई तो करण चाहकर भी कुछ नहीं कर पाया।
 
करण को पता था कि अगर उसकी बेटी को ये प्रतियोगिता जीतनी हैं तो उसका खुश रहना कितना जरूरी हैं इसलिए उसने राम्या को अपने गले लगा लिया।

आज पहली बार जैसा हो रहा था कि वो अपनी बेटी की खुशी के लिए उसे बांहों में लिए हुआ था।

राम्या ने अपनी जीभ अपने बाप के मुंह में घुसा दी और उसकी जीभ पकड़कर चूसने लगी तो करण भी सब कुछ भूल गया और उसके दोनो हाथ अपनी बेटी की मोटी भारी भरकम गांड़ पर आ गए और दबाने लगा।

राम्या की गांड़ पर जैसे ही करण के हाथ पड़े तो वो उससे और ज्यादा जोर से लिपटती चली गई। राम्या की लंबाई 6 फीट थी तो उसकी चूत सीधे अपने बाप के लंड से जा लगी। उफ्फ राम्या जैसे जोश से पागल हो उठी और वो वहीं घास पर बैठ गई और अपनी टी शर्ट को बिना किसी शर्म के ब्रा सहित उपर उठा दिया जिससे उसकी दोनो मोटी ठोस चूचियां एक दम पूरी नंगी हो गई ।

करण तो एक तक उन मस्त चुचियों को देखने लगा। राम्या ने करण की तरफ देखते हुए अपने होंठो पर जीभ फिराई और करण को अपनी चूची चूसने का इशारा किया तो करण एक दम से उसकी गोद में आ गया तो राम्या ने उसके मुंह पर अपनी चूचियां झुका दी और करण ने उसकी एक चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा।

राम्या की तो मजे से हालत खराब हो गई , उसकी दोनो आंखे बंद हो चुकी थी। करण पूरे मजे से उसकी चूचियां चूस रहा था।

तभी राम्या का मोबाइल बज उठा तो जैसे दोनो होश में आए। राम्या ने देखा कि शीला मैडम की कॉल थी ।

उसने कॉल पिक किया ।

शीला: हेल्लो राम्या कैसे हो ' कहां रह गई हो तुम? मैंने घर पर एक ड्रेस डिजाइनर को बुलाया हैं ताकि वो तुम्हारे फिगर के हिसाब से तुम्हारे लिए ड्रेस तैयार कर सके।

राम्या: मैडम मैं पापा के साथ अाई रही थी , बस 20 मिनट के अंदर पहुंच रही हूं।

दोनो बाप बेटी जल्दी दे अपने कपड़े ठीक किए और चल दिए वापिस शीला मैडम के घर की तरफ।ड्रेस डिजाइनर आ गई थी और उसने राम्या का फिगर चेक किया और उसके हिसाब से ड्रेस बनाने का वादा किया।

दोनो बाप बेटी ने शाम का खाना शीला मैडम के साथ उनके घर पर ही किया और फिर राम्या थकी होने के कारण अपने कमरे में सोने के लिए चली गई।

अब हॉल में करण शीला मैडम और ड्रेस डिजाइनर रह गए थे। करने उन दोनों के गुज़ारिश करता हैं कि चाहे कितना भी पैसा लग जाए लेकिन उसकी बेटी की सबसे अच्छी ट्रेनिंग और ड्रेस मिलनी चाहिए।

शीला उसे बताती हैं कि राम्या तुम्हे टाइम ज्यादा दे रही हैं जिस कारण वो अपनी प्रैक्टिस पर पूरा फोकस नहीं कर पर रही हैं इसलिए तुम्हे प्रतियोगिता तक उसके साथ नहीं रहना चाहिए।

करण शीला को वादा करता हैं कि वो अभी निकल जाएगा और सीधे प्रतियोगिता में ही आएगा क्योंकि ये उसकी बेटी की इच्छा हैं।

उसके बाद करण अपना बैग उठाकर वहां से चला गया और अपनी बेटी के लिए एक लेटर छोड़ गया।

अगले दिन सुबह जैसे ही राम्या उठी तो उसे करण दिखाई नहीं दिया तो वो उसे ढूंढने लगी , जब मिला तो उसने शीला मैडम से पूछा तो उसने बताया कि वो किसी जरूरी काम की वजह से चले गए हैं और हां जाते हुए तुम्हारे लिए ये लैटर भी छोड़ गए हैं ।

राम्या की आंखो में पानी आ गया और उसने वो लैटर पढ़ना शुरू किया:

मेरी प्यारी बेटी राम्या।

मुझे किसी बहुत जरूरी काम के चलते वापिस जाना पड़ रहा हैं लेकिन मेरा प्यार और आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ हैं। मेरा सबसे बड़ा सपना अब बस ये हैं कि मैं तुम्हे मिस इंडिया बनते हुए देखना चाहता हूं और प्रतियोगिता वाले दिन तुम्हारे पास लौट आऊंगा। मुझे उम्मीद हैं कि तुम अपने बाप की निराश नहीं करोगी।

तुम्हारा बाप

करण।

राम्या जैसे ही लैटर पढ़ती हैं तो उसकी आंखो में आंसुओ की झड़ी लग गई और फिर उसने अपने आंसू साफ करते हुए खुद से वादा किया कि वो अपने बाप के सपने को जरूर पूरा करेगी।
 
रात को काम्या की आंख खुली तो उसने देखा कि समर का मोटा लंड उसकी चूत से लगा हुआ है और पूरी तरह से अकड़ा हुआ है तो उसकी चूत में फिर से खुजली

मच गई और उसकी चूत फिर से रस टपकाने लगी। काम्या ने उसके मोटे लंड को दोनो हाथों से पकड़ लिया लंड जैसे फुफकारने लगा। उसने एक बार समर की देखा तो वो गहरी नींद में सोया हुआ था। उसने फिर से अपनी लालची नजरे लंड पर टिका दी।

उफ्फ कितना मोटा हैं ये लंड, जब देखो खड़ा ही रहता हैं। वो अपने जीभ से लंड को चाटने लगी , फिर उसने अच्छे से सारे लंड को मुंह में भर लिया और पूरा गीला कर दिया और समर की टांगो के बीच में आकर उसके लंड को हाथ से पकड़ कर चूत के छेद पर लगाया और एक गहरी सांस लेकर उस पर बैठती चली गई और पूरा लंड एक ही झटके में उसकी चूत में जड़ तक घुस गया और मजे से उसकी आंखे बंद हो गई।

जैसे ही लंड अंदर घुसा काम्या के मुंह से एक दर्द भरी आवाज निकल पड़ी।

" आह मेरी मां , घुस गया फिर से मेरे बेटे का लंड, हाय कितना मोटा है ये , आह उफ्फ मर गई मैं

जैसे ही लंड घुसा तो समर की नींद खुल गई उसने सीधे हाथ बढ़ाकर अपनी मा की चूचियों को पूरी ताकत से दबाना शुरू कर दिया। काम्या ने अपनी गांड़ उसके लंड पर उछालनी शुरू कर दी। हर बार पूरा लंड घुस रहा था और निकल रहा था। मजे से दोनो की आंखे बंद हो चुकी थी।

काम्या : आह बेटे चुद गई मैं फिर से, आह समर मेरा निकलने वाला है, आह गई मेरी चूत।

और उसने एक बार उसकी आंखो में देखते हुए अपनी गांड़ उपर उठाई और उसके लंड पर बैठ गई और उसकी चूत ने अपना रस बहा दिया।

"आह बेटा गई मेरी चूत फिर से, आह मा री कितना मजा हैं मेरे बेटा के लंड में "

जैसे ही काम्या की चूत का रस लंड पर निकला तो समर ने भी अपना माल अपनी मा की चूत में छोड़ दिया।

एक बार और चुद कर काम्या फिर से लंड को अपनी चूत से चिपका कर सो गई।

सुबह समर की आंख खुली तो उसने देखा की सुबह के छह बज चुके थे। उसने एक बार अपनी मा की तरफ देखा तो वो सुकून से सोई हुई पड़ी थी और नींद में भी उसके चेहरे पर एक गहरी मुस्कान साफ दिख रही थी।

उसने मा के गाल पर एक किस करी तो कुनमुना कर काम्या ने अपनी आंखे खोल दी। उसने बड़े प्यार से अपने बेटे की तरफ देखा और उसे पकड़ कर अपने उपर खीचं लिया। समर उसके जिस्म पर फिर से फैलता चला गया तो लंड जो कि एक बार फिर से खड़ा हो चुका था सीधे उसकी चूत से जा लगा। जैसे ही लंड चूत से छुआ तो मा बेटे दोनो एक बार फिर से तड़प उठे और दोनो के मुंह से एक मस्ती भरी आह निकल गई।

काम्या ने अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में लपेट दिए तो समर का चेहरा ठीक उसके सामने आ गया। समर ने उसकी आंखो में देखा तो उसे वहां प्यार का गहरा समुंदर नजर आया। काम्या ने अपना मुंह उपर उठा कर समर के कान के पास लाई और धीरे से उसके कान में कहा

" थैंक्स बेटा मेरी प्यास बुझाने के लिए, बेटा हो तो तेरे जैसा, क्या मस्त चुदाई करी हैं तूने अपनी मा की, मेरी चूत के साथ साथ मेरी रूह तक को सुकून मिल गया है।"

और ऐसे कहकर उसने उसके गाल चूम लिए। तारीफ सुनकर समर और उसका लंड दोनो जोश में आ गए और लंड बिलकुल कड़क हो गया और चूत पर दबाव डालने लगा।
 
काम्या ने अपने होंठ फिर से समर के होंठो पर रख दिए और उसके होंठो को चूसने लगी लगा। समर भी उसका साथ देने लगा , दोनो की आंखे एक बार फिर से मजे से बंद हो चुकी थी। काम्या की चूत में हल्का सा गीलापन आने लगा तो सुपाड़ा हल्का सा गीला हो गया। वो एक बार और अच्छे से चुदना चाहती थी माही के आने से पहले।

समर ने काम्या के कान में कहा : मा चांद पर चलने के लिए तैयार हो क्या?

काम्या: अभी नहीं बेटा, मेरे अंदर चिकने तेल की कमी है थोड़ा रुक फिर चलती हू,

समर ने अपना लंड उसकी चूत पर दबाते हुए कहा:

मा मेरा रॉकेट उड़ान भरने के लिए तैयार हैं "

और इससे पहले कि काम्या कुछ जवाब देती उसने एक जानलेवा धक्का अपनी मा की चूत में जड़ दिया तो उसका सूखा लंड उसकी मां की चूत में आधा घुस गया और पहली गांठ भी घुस गई।

जैसे ही लंड घुसा काम्या की दर्द के मारे हालत खराब हो गई क्योंकि सूखे लंड ने उसकी चूत की दीवारों को रगड़ते हुए उनमें आग सी लगा दी थी और काम्या का मुंह खुलता चला गया।

" आह मा मर गई री, सूखा ही घुसा दिया शैतान लड़के, फट गई मेरी चूत,

इससे पहले कि काम्या कुछ समझ पाती और उसका दर्द कम होता समर ने एक और तगड़ा धक्का लगाया तो लंड पुरा जड़ तक घुसता चला गया , पूरा अन्दर तक और उसकी बच्चेदानी को हिला कर रख दिया। जैसे ही मोटी आखिरी गांठ घुसी काम्या की चूत फिर से फैल गई।

आह है भगवान मर गई में तो , मार ही डालेगा क्या अपनी मा को सांड , कुछ तो रहम कर मेरी चूत पर"

अपनी मा को दर्द और मजे से तड़पती हुई देख कर समर और जोश में आ गया और उसने अपने लंड को पूरी ताकत से बाहर निकाला और फिर से उससे भी ज्यादा ताकत से उसकी चूत में ठोक दिया।

आह साले , क्या दुश्मनी हैं तेरी मेरी चूत से क्यों इसका भोसड़ा बनाना चाहता है, हाय मा बचा ले मुझे।"

काम्या की सिर्फ जुबान चल रही थी जबकि पूरा जिस्म शांत पड़ा हुआ था । समर ने उसकी चूत को चोदना शुरू किया तो पूरे घर में उसकी मां की मस्ती भरी सिसकारियां गूंजने लगी।

काम्या की चूत अब धीरे धीरे गीली होने लगी तो चुदाई की गति थोड़ी तेज हो गई। काम्या को दर्द अभी भी था लेकिन अब मजा आना भी शुरू हो चुका था।

"आह मेरे लाल कुछ अच्छा सा लग रहा है , हाय मेरी चूत फिर से चुदने लगी, एक बार मेरे मुंह में घुसा दे लंड ताकि चूस लूं अच्छे से "

समर ने उसकी आंखो में देखा और लंड को बाहर निकाला और जैसे ही काम्या को लगा कि अब लंड समर उसके मुंह में डाल देगा चूसने के लिए तभी उसने फिर से एक तड़गा धक्का उसकी चूत में मार दिया और लंड फिर से उसकी बच्चेदानी से अड गया। काम्या का पूरा जिस्म एक बार फिर मीठे मीठे दर्द से भर उठा और उसने नाराजगी से समर की आंखो में देखते हुए कहा:

" आह मा री, धोखेबाज कहीं का फिर से चूत में ही घुसा दिया मेरी पूरा लंड आह मर गई, उफ्फ है भगवान बचा ले मुझे "

समर ने जैसे ही अपनी मा के मुंह से धोखेबाज सुना तो उसने एक बार फिर से अपनी मा की तरफ देखा और उसने मुंह की बजाय लंड से जवाब देने का फैसला किया। उसने अपनी मां की दोनो टांगो को पूरा खोल दिया और उसकी चूत में ताबड़तोड़ धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के पर काम्या के मुंह से दर्द भरी मस्ती भरी सिसकारियां निकल रही थी जो समर को और ज्यादा जोश दिला रही थी और मजे से उसकी आंखे बंद हो गई।
 
जैसे ही समर की आंखे बंद हुई काम्या ने अपना काम कर दिया और ढेर सारा थूक निकाल कर उसके लंड पर चुपड़ दिया और अब मजा लेने की बारी काम्या की थी। जैसे एक बार लंड घुसा तो काम्या का जिस्म मजे से भर उठा

क्योंकि लंड चिकना होने के कारण आराम से अंदर फिसल गया।

" आह समर, अब चोद मुझे अच्छे से, आह मजा आ रहा है मेरी चूत में बहुत, हाय पूरा घुसा मेरे लाल।

बस फिर समर और ज्यादा तेजी से चूत में लंड अंडर बाहर करने लगा। काम्या की सिसकियां इतनी तेज थी कि सिर्फ कमरे में ही नहीं बल्कि पूरे घर में गूंज रही थी जिन्हे वहां सुनने वाला कोई नहीं था। हर धक्के पर उसका जिस्म कांप रहा था, लहरा रहा था, मचल रहा था। उसके जिस्म पर उसका कोई काबू नही था वो तो आज खुल कर चुद रही थी। उसने अपनी एक चूची को खुद ही अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी , दूसरी चूची को उसने समर का मुंह झुका कर उसके मुंह में दे दिया। उसके दोनो निप्पल एक साथ चूसे जा रहे थे जिसका सीधा असर उसकी चूत पर हो रहा था जो कि पूरी तरह से चिकनी हो गई थी।

अब समर ने एक उंगली को उसके चूत के दाने पर रख दिया और सहलाने लगा। उफ्फ काम्या तो जैसे मजे से स्वर्ग में ही पहुंच गई, एक तो मोटे लन्ड से चुदाई और उपर से उंगली की रगड़ , काम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और और उसका मुंह फिर से मजे से खुलता चला गया।

आह समर ऐसे ही चुदाई कर , aaaaahh ssss iiiiii आह , और कर , पूरा घुसा घुसा कर चोद, मेरा होने वाला है बस।

और समर ने उसकी चूत में जैसे ही कुछ तगड़े धक्के जड़े तो उसकी चूत से रस का फौवारा खुलता चला गया।

"आह मा री, गई मेरी चूत फिर से, हाय aaahhhh sssiiiiiii ।

जब तक काम्या की चूत से रस की बूंदे टपकती रही समर उन्हें अपने लंड पर महसूस करता रहा और जैसे ही रस टपकना बंद हुआ तो समर शुरू हो गया। लंड हर धक्के में पूरा घुस रहा था। रात भर से चल रही इस ताबड़तोड़ चुदाई की वजह से उसकी चूत लाल हो गई थी और सूज गई थी, चूत की दीवार अंदर से फट सी गई थी जिन्हे समर और फाड़ने में लगा हुआ था। जल्दी ही काम्या की चूत फिर से सूख गई और लंड लगातार घुस रहा था। अब काम्या से चुदाई बर्दाश्त नहीं हो रही थी, उसने समर को जल्दी से झड़ने का इशारा किया तो समर और तेजी से अपनी मा को चोदने लगा।

लंड रात से चार बार झड़ चुका था इसलिए जल्दी से झड़ने वाला नहीं था।

समर ने पूरी ताकत से लंड को बाहर निकाला और फिर से घुसा दिया तो लंड फिर से उसकी बच्चेदानी में जा घुसा। काम्या की फिर से चींखं निकल गई

"आह मर गई री, छोड़ दे मुझे दर्द हो रहा है बहुत, मेरी चूत में जलन हो रही है आह बचाओ कोई मुझे इस सांड से"

समर के सिर तो जैसे चुदाई का भूत सवार था शायद सेक्स की टैबलेट अब अपना पूरा असर दिखा रही थी। , उसने पागलों की तरह धक्के मारने शुरू कर दिए तो काम्या दर्द से बिलबिला उठी। वो अपनी दोनो पैरो को बेड पर पटक रही थी और दोनो हाथो से बेड शीट को दबोच रही थी, उसका जिस्म पूरी तरह से समर के कब्जे में था।

जब उसे बचाव का कोई उपाय नहीं सूझा तो उसने अपने हाथ नीचे ले जाकर अपने बेटे की गोलियां दबा दी तो समर दर्द से तड़प उठा और इसका फायदा उठा कर काम्या उसके नीचे से निकल गई और बाहर की तरफ भागने लगी तो समर अपना दर्द भूलते हुए तेजी से उसके पीछे भागा और बाहर हाल में जाकर उसे पकड़ लिया और वहां रखी हुई टेबल पर उसे जबरदस्ती झुका दिया तो काम्या की गांड़ और चूत दोनो खुल कर बाहर की तरफ आ गई तो समर ने फिर से एक तेज धक्का उसकी चूत में लगाया और लंड फिर से अंदर जा घुसा।
 
समर ने दोनो हाथो से उसको पूरी तरह से पकड़ा हुआ था ताकि वो फिर से उसकी पकड़ से भाग ना जाए ।

समर ने पूरी ताकत से उसे चोदना शुरू कर दिया तो फिर से काम्या की दर्द भारी चींखें गूंजने लगीं

" आह छोड़ मुझे, देख मैं तेरी सगी मा हूं, कुछ तो रहम कर , आह नहीं मेरी चूत में जलन हो रही है , छोड़ दे मेरी चूत "

समर की गोलियों में अभी भी दर्द हो रहा था जिस करण उसका मूड खराब हो चुका था।

समर : मेरे आंड दबाए तूने कम्मो, अब देख मैं तेरा क्या हाल करता हूं !!

समर को उसके दर्द की कोई परवाह ही नहीं थी, उसकी खुद की गोलियों में अभी दर्द हो रहा था। हर धक्के पर काम्या की गांड़ का छेद खुल और बंद हो रहा था, समर को गांड़ बहुत पसंद आई । उसने इधर उधर नजर दौड़ाई तो समर को सोफे पर पड़ी हुई सॉफ्ट जेल क्रीम मिल गई , उसने ढेर सारी क्रीम हाथ में निकाली और लंड पर अच्छे से जड़ तक लगा दी और इससे पहले कि काम्या कुछ समझ पाती समर ने दोनो हाथो से उसकी गांड़ को पूरा फैला दिया और एक ही धक्के में उसकी गांड़ में पूरा लंड अंदर घुसा दिया।

काम्या की गांड़ पूरी तरह से कुंवारी थी। उसे सपने में भी उम्मीद नहीं थी कि समर लंड उसकी गांड़ में घुसा देगा। जैसे ही लंड अंदर घुसा तो काम्या दर्द के मारे गला फाड़कर चिल्लाई , उसे लगा जैसे किसी ने जलती हुई लोहे की मोटी रोड उसकी गांड़ में ठोक दी हो। दर्द के मारे उसकी आंखे बाहर को उबल पड़ी और उसका जिस्म बेहोश होते चला गया और उसकी गर्दन टेबल पर लुढ़क गई। गांड़ बहुत ज्यादा टाइट थी इसलिए जैसे ही लंड अंदर घुसा तो समर के लंड ने भी अपनी पिचकारी मारनी शुरू कर दी। जब तक लंड पिचकारी मारता रहा तब तक समर ने उसे पूरा अंदर घुसा कर रखा और जैसे ही पिचकारियां बंद हुई तो लंड ढीला होकर अपने आप बाहर निकल आया।

जैसे ही लंड शांत हुआ अपनी मा के उपर से हट गया, समर के हटते ही बेहोश हो चुका काम्या का जिस्म धड़ाम से नीचे गिर गया । जैसे ही काम्या नीचे गिरी तो समर को उसकी बेहोशी का एहसास हुआ , काम्या की गांड़ पूरी तरह से फट चुकी थी और उससे बहकर खून उसकी टांगो को भिगो चुका था।

काम्या के गिरते ही समर की गांड़ फट गई। उसने तेजी से अपनी मा को उठाया और बेड पर ले गया । उसने पानी के छींटे उसके मुंह पर मारे तो काम्या को हल्का सा होश आने लगा। जैसे ही उसने धुंधली सी नजर से समर को देखा तो तो उसका चेहरा नफरत से भर उठा और उसने एक के बाद एक लगातार कई थप्पड़ उसे जड़ दिए और फफक फफक कर रो पड़ी।

समर को काटो तो खून नहीं। उफ्फ उससे ये क्या पाप हो गया जोश में। वो रो उठा और उसकी भी आंखे बह चली। वो अपनी मा के पैरो में गिर पड़ा।
 
समर रोते हुए: मुझे माफ़ कर दो मा, मुझे बहुत बड़ी गलती हो गई।

काम्या: जा चला जा मेरी आंखो से दूर कहीं, मैं तेरी शक्ल भी नहीं देखना चाहती"।

ऐसा कहकर काम्या ने नफरत से अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया ।

समर बाहर निकल आया और चुपचाप अपने कपड़े पहनने लगा और गेट खोलकर बाहर निकल गया।

समर बाहर आ गया और पार्क में बैठ गया। वो पूरी तरह से उदास था, आज उसका दिल टूट गया था उसे अपनी मा से ऐसी उम्मीद नहीं थी । फिर उस याद आया कि वो कैसे पागलों की तरह उसकी चूत मार रहा था, तो क्या हुआ उसकी मा तो खुद उसे उकसा रही थी और तगड़ा चोदने के लिए। मेरा लन्ड इतना टाइट कभी नहीं हुआ था, उफ्फ अब क्या करू मैं , कहां जाऊं।

दोनो बाप बेटे घर से बाहर सड़को की धूल छान रहे थे एक जिस्म की प्यास के कारण। करण भी मुंबई की सड़कों पर घूम रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अगले 4 वो क्या करे, कहां जाए। आखिरकार उसने फैसला किया कि वो आस पास के किसी अखाड़े में जाएगा। करण जल्दी जी एक अखाड़े में पहुंच चुका था जहां उसने कुश्ती का एक चैलेंज स्वीकार कर लिया और अखाड़े के सबसे बड़े पहलवान तेज सिंह को हरा दिया । तेज सिंह ने उसे एक दम अपना गुरु बना लिया और उससे दीक्षा लेने लगा। करण वहीं अखाड़े में रुक गया और लड़कों को पहलवानी के गुर सिखाने लगा।

उधर काम्या चुपचाप बेड पर पड़ी हुई थी। जैसे ही उसे गेट बंद होने की आवाज अाई तो उसे पता चल गया कि समर बाहर चला गया है।

उसने सोचा कि थोड़ी देर बाहर घूम कर आ जाएगा इसलिए उसने उसे जाते हुए नहीं रोका। उसकी गांड़ और चूत दोनो अभी भी दर्द कर रही थी , उफ्फ कितनी बुरी तरह से चोदा हैं मुझे समर ने। उसने तो कुछ भी रहम नहीं किया मेरे उपर , उसे अपनी सगी मा की तो शर्म करनी चाहिए थी।

वो धीरे से उठी और अपनी टांगे से खून साफ किया और बेड शीट बदल दी। चलते हुए उसकी टांगे भयंकर रूप से दर्द कर रही थी। उससे चलना बहुत मुश्किल हो रहा था, है भगवान अब माही क्या सोचेगी, मैं क्या जवाब दूंगी उसे ।

काम्या के पूरे जिस्म पर लाल निशान पड़े हुए थे , समर ने पूरी रात उसे बहुत अच्छे से रगड़ा था। वो धीरे धीरे चलती हुई हॉल में अाई और वहां से खून साफ किया और सॉफ्ट जेल क्रीम उठाकर छुपा ली। वो धीरे धीरे लंगड़ाते हुए बाथरूम गई और अपनी चूत और गांड़ दोनो की गुनगुने पानी से मालिश करी तो उसे थोड़ा आराम मिला।

सुबह के 9 बज चुके थे और माही कभी भी घर आ सकती थी , समर अभी तक वापिस नहीं आया था। काम्या को उसकी फिक्र होने लगी कि वो माही को क्या बताएगी अगर उसने समर के बारे में पूछा तो।

उसने समर के मोबाइल पर कॉल किया तो फोन घर में था। है भगवान अब क्या करू , कैसे पता करू उसका।

तभी उसे बाहर गाड़ी पार्क होने की आवाज अाई तो वो समझ गई कि सोनम माही को छोड़ने अाई हैं तो उसका दिल डर के मारे धक धक करने लगा। उसे सर्दी में भी पसीना आने लगा और उसका जिस्म किसी सूखे पत्ते की तरह कांपने लगा।

तभी उसके दिमाग में एक आइडिया आया और उसने तेजी से आगे बढ़कर धीरे से मैन गेट को खोल दिया और खुद बाथरूम की तरफ चल पड़ी टॉवेल लेकर नहाने के लिए।

माही और सोनम खुले गेट से अंदर आ गई तो माही ने काम्या और समर को आवाज लगाना शुरू कर दिया तो उसे बाथरूम से काम्या की आवाज अाई ।"

" माही मैं बाथरूम में हूं , तुम बैठो दोनों में अभी अाई, काम्या ने जल्दी से अपने उपर पानी डाला और अपने कपड़े अच्छे से पहन कर बाहर निकलने लगी और जान बूझकर गिर पड़ी और जोर से एक लात बाथरूम के गेट में मार दी।

जैसे ही माही और सोनम ने उसके गिरने कि आवाज सुनी तो वो दोनो तेजी से दौड़कर उसकी तरफ अाई तो उन्होंने फर्श पर पड़ी हुईं काम्या को दर्द से कराहते हुए देखा।

हाय मा री, मेरा पैर मूड गया,

वो खड़ा होने की कोशिश करने लगी और फिर से गिर गई।

क्या जबरदस्त एक्टिंग कर रही थी काम्या , अगर बॉलीवुड की अभिनेत्री भी देख लेती तो उन्हें भी शर्म आ जाती।

दोनो जल्दी से उसके पास पहुंची और उसे पकड़ कर उठाया । वो धीरे धीरे लंगड़ाते हुए खड़ी हो गई।

माही: उफ्फ आपको ध्यान रखना चाहिए था, ज्यादा चोट तो नहीं अाई आपको पैर में?

काम्या अपनी आवाज में सारे जहां का दर्द समेटते हुए बोली: आह , पैर मूड गया लगता हैं, और तो कहीं ज्यादा चोट नहीं हैं!

दोनो उसे बेड पर ले गई और आराम से लिटा दिया ।

माही: समर कहां हैं ? मैं डाक्टर को बुलाती हूं।

काम्या : समर घूमने गया था, उसका फोन घर पर ही रह गया है, डाक्टर की जरूरत नहीं हैं , तुम बस मुझे दर्द की ट्यूब दे दो , मैं मालिश करती हूं तो थोड़ा आराम मिल जाएगा।

माही ट्यूब ले अाई और बोली: " लाइए मैं मालिश कर देती हूं,
 
काम्या एक दम से बोली: अरे मैं खुद कर लूंगी, मुझे बहुत तेज भूख लगी हैं तुम खाने के लिए कुछ बनाओ, सोनम को भी नाश्ता करा देना।

फिर माही और सोनम दोनो बाहर आ गए और माही किचेन में घुस गई नाश्ता तैयार करने के लिए।

काम्या अब झूठ मूठ ही मालिश करने लगी, वो बहुत परेशान थी समर की वजह से , पता नहीं कहां होगा उसका लाडला बेटा।

उसे अब खुद पर अफसोस हो रहा था कि मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। लेकिन उसने भी तो बिना मेरे दर्द की परवाह किए हुए लंड मेरी गांड़ में ही घुसा दिया था।

सकता हैं कि मैंने हो सेक्स पावर कि टैबलेट उसे खिलाई थी उसकी वजह से उसने ऐसा किया हों।

और मैंने कौन सा सही किया था उसके साथ , मैंने कैसे उसकी गोलियां दबा दी थी , उफ्फ कितना दर्द हुआ होगा उसे क्योंकि ये तो मर्द का सबसे नाजुक हिस्सा होता हैं। पहले मैंने उसे खुद ही बहकाया, और जब वो चूत मार रहा था तो मुझे थोड़ा सा दर्द और बर्दाश्त करना चाहिए था, उसका थोड़ी देर में निकल जाता अपने आप ही। या नहीं तो फिर मैं चूस कर भी निकाल सकती थी।

कहां ढूंढू उसे अब मैं ?

है भगवान वो कोई गलत कदम ना उठा लें।मुझे कुछ भी करके उसे ढूंढ़ना ही होगा।

माही खाना तैयार कर चुकी थीं उसने सोनम और काम्या को खिलाया । थोड़ी देर बाद सोनम चली गई जबकि माही को अब समर की याद आ रही थी। उसने काम्या से कहा: मम्मी पता नहीं कहां चला गया ये समर भी?

उसे किसी की कोई परवाह ही नहीं है।

काम्या उसे तसल्ली देते हुए: अरे माही आ जाएगा , चला गया अपने किसी दोस्त के यहां ।

फिर उसने माही को खाना खिलाया और उससे बियर की बोतल लाने को बोला तो माही उपर से दो बॉटल बियर ले अाई तो काम्या ने मौका देखकर माही के गिलास में नींद की एक गोली मिला दी । माही जल्दी ही पुरी बॉटल पी गई और थोड़ी देर बाद ही उसे नशे के कारण नींद आने लगी और वो सो गई

उसके सोते ही काम्या उठी और घर से बाहर निकल गई समर को ढूंढने के लिए।

काम्या अपनी कार से निकल पड़ी समर को ढूंढने के लिए, वो पार्क में गई जहां समर अक्सर मिला करता था लेकिन वहां भी नहीं मिला, काम्या ने उसके सारे दोस्तों के यहां भी पता किया लेकिन समर वहां भी नहीं था। थक हार कर उसे आखिरी उम्मीद अखाड़े की दिखाई दी तो उसने वहां भी कॉल किया मगर अफसोस कि समर वहां भी नहीं था। डर और चिंता के मारे काम्या का दिल बैठता जा रहा था, उसे जब कुछ नहीं सूझा तो उसने एक बीयर बार का रुख किया। जैसे ही वो अंदर घुसी तो उसे एक कॉर्नर में बैठा हुआ समर नजर आया तो उसके दिल को जैसे तसल्ली सी हुई। वो तेजी से उसके पास पहुंची तो देखा कि वो पूरी तरह से नशे में डूबा हुआ था। उसके हाथ पैर कांप रहे थे और वो बहकी बहकी बाते कर कर रहा था।

लगातार रोने के कारण उसकी आंखे सूज कर लाल हो गई थी जिनके नीचे पड़ा हुआ काले रंग का घेरा उसका दर्द साफ बयान कर रहा था।

काम्या को देखकर उसने अपनी नजरे झुका ली और दूसरी तरफ मुंह कर लिया तो काम्या उसके ठीक सामने बैठ गई और वेटर को एक लार्ज पैग का ऑर्डर कर दिया। समर जानता था कि उसकी मा ने कभी शराब नहीं पी थी , वो तो कभी कभी सिर्फ बीयर पिया करती थी वो भी परिवार के साथ।

काम्या उसकी आंखो में देखते हुए बोली: समर बेटा घर चलो , माही आ गई हैं और वो तुम्हे पूछ रही हैं , अभी मैं उसे नींद की गोलि देकर अाई हूं।

समर : मैं अब घर नहीं जाऊंगा। वो मेरा घर हैं ही नहीं , आपने मुझे वहां से निकाल दिया हैं".

काम्या को दुख हुआ उसकी बात सुनकर और वो ये भी जानती थी कि उसका बेटा जुबान का एक दम पक्का हैं। इसलिए उसने सीधे ब्रह्मास्त्र चल दिया।

काम्या : तुम्हे मेरी कसम हैं समर चलो प्लीज़ मेरे साथ , अगर तुम नहीं चले तो शाम को मेरी अर्थी को कंधा देने आ जाना।

ये बाते काम्या ने बिल्कुल होशोहवास में कहीं थी और समर को एक झटका सा लगा। वेटर पैग लेकर आ चुका था। काम्या ने उसकी तरफ देखते हुए पैग को उठाया और अपने मुंह से लगा दिया। जैसे ही उसने अपने होंठ खोले तो समर जैसे नींद से जागा तो उसने फुर्ती से अपने मा के हाथ से पैग छीनकर एक तरफ रख दिया ।

काम्या गुस्से से उसकी तरफ देखती हैं तो समर उसका हाथ पकड़ कर उसे बार से बाहर ले आता हैं। काम्या उसकी ताकत के आगे कुछ नहीं कर पाई और उसके साथ खींचती चली गई। समर ने देखा कि वो लंगड़ा कर चल रही थी।

बाहर आकर समर समर ने लड़खड़ाते हुए कदमों से गाड़ी का गेट खोला और अपनी मा को लेकर अंदर बैठ गया। दोनो मा बेटे खामोश बैठे थे। दोनो एक दूसरे से नाराज थे, बहुत सारी बाते करना चाहते थे लेकिन शुरू करने कि हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। आखिरकार काम्या ने चुप्पी तोड़ी ।

काम्या: समर हमे घर चलना चाहिए अगर माही उठ गई तो हंगामा खड़ा हो जाएगा।

समर: आपके पैर में क्या हुआ हैं आप क्यों लंगड़ा कर चल रही हो

मम्मी?

काम्या अब आगे आकर गाड़ी स्टार्ट कर चुकी थी क्योंकि समर नशे में होने के कारण गाड़ी चलाने की हालत में नहीं था।

काम्या ने मुड़कर उसे देखा और सिर्फ एक हल्की सी स्माइल दी और फिर से गाड़ी चलाने लगी।

समर का दिल दुख रहा था अपनी मा की हालत पर। पता नहीं मम्मी के पैर में क्या हो गया है ।

समर: मम्मी आपने जवाब नहीं दिया , बताइए प्लीज़ आपके पैर में क्या हुआ हैं?

काम्या एक बार शीशे से उसकी तरफ देखती है और बोली:

" बेटा पहले घर चलो फिर सब आराम से बता दूंगी।

कोई आंधे घंटे के बाद गाड़ी उनके घर के बाहर पार्क हो चुकी थी। काम्या ने अंदर जाकर देखा तो माही अभी तक सोई हुई पड़ी थी।

समर धीरे से अंदर आ गया और बाथरूम में घुस गया, जल्दी ही एक नहाकर बाहर आ गया था । अब वो एक दम पहले जैसा प्यारा लग रहा था, नशा पूरी तरह से उतर चुका था।

काम्या बाहर हॉल में आकर बैठ गई तो समर सीधे उसके पैरो में आ पड़ा और माफी मांगने लगा।

उसकी आंखे गीली हो चुकी थी ।काम्या ने उसे उठाया और अपने गले से लगा लिया और वो उसकी गोली दबाने के कारण उससे माफी मांग रही थी।

दोनो मा बेटे की आंखों में आंसू थे और एक दूसरे से माफी मांग रहे थे। दोनो ने एक दूसरे को माफ किया । जैसे ही काम्या ने समर को माफ किया तो उसने धीरे से पूछा कि अब बताओ आपके पैर में क्या हुआ हैं?

काम्या ने अपने दोनो हाथ उसकी कमर में लपेट दिए और उससे चिपक कर बहुत ही प्यार से उसके कान में बोली:

शैतान लड़के तूने अपनी मा की चूत और गांड़ दोनो फाड़ दिए हैं जिस कारण मुझे दर्द हो रहा है।

समर ने जैसे ही ये बात सुनी तो उसने काम्या को जोर से अपनी बांहों में कस लिया और उसके गाल चूम लिए।

काम्या : चल अब छोड़ मुझे, मेरी हालत पहले से ही खराब कर रखी है तूने, अगर तेरा खड़ा हो गया तो तू फिर से मेरी नानी याद दिला देगा। "

काम्या ऐसा बोलते हुए उसकी पकड़ से आजाद हो गई और किचेन से लाकर खाना टेबल पर लगा दिया। दोनो मा बेटे एक साथ की तरफ प्यार से देखते हुए खाना खा रहे थे।

माही भी उठ गई और वो भी फ्रेश होकर उनके साथ ही बैठ गई। तीनो खाना खा रहे थे।

माही: समर टीम जहां चले गए थे बिना बताए? यहां मम्मी बाथरूम में गिर पड़ी थी और इनके पैर में चोट लग गई है।"

समर को काम्या ने सब बता दिया था इसलिए वो बोला:" अरे मैं अपने दोस्त के यहां चला गया था। मम्मी सो रही थी इसलिए मैं इन्हें नहीं उठाया था।

काम्या: बेटा आगे से कहीं भी जाओ तो बता कर जाया करो , और अपना मोबाइल भी साथ लेकर जाया करो।

तीनो खाना खा चुके थे तभी बाहर डोरबेल बजी तो समर ने दरवाजा खोल दिया तो बाहर दो लड़कियां खड़ी हुई थी। पूछने पर उन्होंने बताया कि वो ब्यूटी पार्लर में अाई थी लेकिन वो बंद था इसलिए घर आ गई।
 
माही खुश हो गई। ये दोनो उसकी नियमित ग्राहक थी, इसलिए उसने उन्हें बैठाया और चाई पिलाई । फिर उनके साथ घर से लगे हुए ब्यूटी पार्लर में चली गई।

उसके जाते ही समर ने प्यार से अपनी मा की तरफ देखा तो काम्या ने भी उसे एक प्यारी सी स्माइल दी। काम्या बर्तन उठाकर किचेन की तरह चल दी तो समर ने उसके हाथ से बर्तन के लिए और खुद किचेन में धोने चला गया । काम्या तो हैरान रह गई। घर का वो कोई काम नही करता था , और आज वो किचेन में बर्तन साफ कर रहा था । उसे खुशी हुई और वो अपने बेटे के पास किचेन में ही चली गई।

समर आराम से अपने काम में लगा हुआ था। कोई 5 मिनट बाद सारे बर्तन साफ हो गए तो समर को नहीं पता था कि बर्तन कैसे सजाने है इसलिए उसने उम्मीद भरी निगाहों से अपनी मा की तरफ देखा तो काम्या खुद आगे बढ़कर बर्तन सजाने लगी और समर प्यार से उसे देखने लगा।

कुछ बर्तन उपर रखने थे तो काम्या जैसे ही स्टूल पर चढ़ने लगी तो समर ने उसे रोक दिया।

समर: मम्मी आप रहने दीजिए , आपको पहले से ही दर्द हैं, मैं रख देता हूं उपर बरतन, बस आप बताती जाए।

समर ने स्टूल एक तरफ हटा दिया और और खुद उसके पीछे समर खड़ा हो गया। काम्या ने उसे इशारा किया कि ये प्लेट उपर स्लेफ पर लगनी हैं तो उसने अपने हाथ बढ़ाकर प्लेट लगानी शुरू कर दीं । जैसे ही एक आगे हुआ तो उसका शरीर काम्या की पीठ से छू गया । दोनों ऐसे ही खड़े रहे और काम्या उसे प्लेट , ग्लास देती रही और वो आगे को हो होकर उन्हें लगाता रहा। काम्या की गांड़ से लगा होने के कारण उसके लंड में तनाव आना शुरू हो गया।

अगली बार वो जैसे ही प्लेट रखने को आगे हुआ तो आधा खड़ा हुआ लंड उसकी मा की गांड़ से जा लगा। उफ्फ जैसे ही काम्या को अपनी गांड़ पर लंड का एहसास हुआ तो उसकी कंपकपी छूट गई। दिल तेजी से धड़कने लगा। उसे वो दर्द याद आ गया जब वो गांड़ में लंड घुसने से बेहोश हो गई थी।

उसने आगे को होना चाहा लेकिन अभी क्योंकि प्लेट लगनी बाकी थी इसलिए वो चुपचाप खड़ी रही। अपनी मा की तरफ से कोई विरोध ना पाकर समर ने लंड का थोड़ा और दबाव उसकी गांड़ पर बढ़ा दिया।

काम्या की चूची उपर नीचे होने लगी, सांसे पूरी तेज चल रही थी। उसके पैरो में दर्द हो रहा था , जैसे ही वो सहारा लेने के लिए आगे को झुकी तो उसकी गांड़ और ज्यादा उभर गई और लंड अब फिसलकर चूत पर जा लगा।

जैसे ही लंड चूत पर लगा तो काम्या का रोम रोम उत्तेजना से भर उठा। उसने अपने बेटे की तरफ पीछे गर्दन घुमा कर देखा तो वो ऐसे दिखा रहा था मानो उसे कुछ मालूम ही नहीं हो।

समर: मम्मी जल्दी दे प्लेट दो,। जल्दी काम खतम हो जाएगा।

इस बार जैसे ही काम्या प्लेट उठाने के लिए आगे को झुकी तो समर ने अपने लंड का दबाव और बढ़ा दिया तो लंड सीधा उसकी चूत के छेद पर जा लगा।

जैसे ही लंड छेड़ से छुआ तो काम्या की चूत में रस आने लगा और वो गीली होने लगी। दर्द के कारण आज इसमें पेंटी नहीं पहनी हुई थी और लंड सिर्फ एक पतली सी सलवार में से उसकी चूत पर पूरा दबाव डाल रहा था।
 
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