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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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अंधेरा तो बहुत था। जब मुझे पता नहीं चला तो उन्हें कैसे पता चला होगा। लेकिन मम्मी माही के बिस्तर पर नंगी क्यों लेती हुई थी और माही कहां है ? शायद माही मम्मी की जगह लेट गई होगी और मम्मी अंदर ।

मम्मी नंगी क्यों लेती थी और उसकी चूत पूरी तरह से गीली थी , ओह मम्मी आज कल पापा से दूर हैं और उनको पापा की याद आती होगी इसलिए वो शायद नंगी लेट गई होगी ।

उफ्फ लेकिन मम्मी की चूत कितनी टाइट थी, बड़ी मुश्किल से सुपाड़ा घुसा था अंदर , ।

तभी उसे माही काम्या की सिसकियां याद आती हैं कि किस तरह वो तड़प उठी थी चूत में सुपाड़ा घुसने से और उसने तो खुद ही अपनी बांहे मेरे गले में डाल दी थी और मुझसे कितनी जोर से चिपक गई थी।

मम्मी कितनी तड़प रही हैं पापा के बिना, लगता हैं जैसे बिल्कुल प्यासी हैं ।

समर को अचानक से तेज झटका लगता है उफ्फ मैं क्या सोच रहा हूं अपनी ही मम्मी के बारे में । कितना गंदी सोच हैं मेरी , शायद मम्मी सपने में पापा से चुद रही होगी और इसलिए उन्होंने नींद में पापा समझ कर अपनी बांहों को मेरे गले में डाल दिया था।

इन्हीं विचारों में डूबा हुआ वो घर पहुंचा तो उसने देखा कि काम्या और माही दोनो गप्पे लड़ा रहे थे ।

वो अपनी मम्मी के पैर छुआ तो काम्या ने उसे गले से लगा लिया और इससे चिपक गई।

फिर समर अंदर बाथरूम में फ्रेश होने चला गया। उसे याद आया। कि उसकी मम्मी ने आज उसकी कितनी जोर से गले लगाया था। आज से पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ था, । फिर उसे लगा कि ये सिर्फ उसके मन का वहम हैं ।

तीनो नाश्ते की टेबल पर बैठे हुए नाश्ता कर रहे थे । माही बड़े प्यार से समर की तरफ देख रही थीं और स्माइल कर रही थी ।

जबकि समर और काम्या दोनो ही आज पता नहीं कहां खोए हुए थे।

नाश्ता खत्म हुआ और समर चल गया काम देखने जहां बाहर मजदूर लगे हुए थे।कबीले वाले बड़ी हैरानी से उन्हें काम करते हुए देख रहे थे ।

दोपहर को खाना खाने के लिए समर घर आया और सबने साथ में खाना खाया ।

खाना खाने के बाद काम्या बोली : माही आज में लीला के घर जा रही हूं, वो मेरी बचपन की दोस्त हैं और आज ससुराल से वापिस आयी हुई हैं।

माही: ठीक हैं मम्मी लेकिन शाम को जल्दी घर वापिस आ जाना।

जैसे ही काम्या गई तो समर ने अपना लंड बाहर निकाला और माही के मुंह के आगे कर दिया।

माही ने उसकी लंड को मुंह में भरकर चूसना शुरू कर दिया और जल्दी ही उसका पूरा लंड गीला हो चुका था।

काम्या कहीं नहीं गई थी वो तो उनकी चुदाई देखने के लिए तड़प रही थी ।उसकी चूत सुबह से ही जल रही थी, तड़प रही थी।

समर ने माही को वहीं खाने की टेबल पर झुका दिया और एक ही झटके के साथ उसकी सलवार और पैंटी बाहर को निकाल दिया और चूत पर अपने होठ जोड़ दिए और चूसने लगा। माही की चूत रस छोड़ने लगी और पूरी गीली हो गई तो समर ने पीछे आकर अपने लंड को उसकी चूत पर सेट किया और एक पूरी ताकत से एक तगड़ा धक्का मार दिया ।

धक्का इतना तेज था कि माही का जिस्म झेल नहीं पाया और आगे को हुआ लेकिन टेबल में जाकर अड गया और पीछे से पूरा लंड एक ही बार में पूरा जड़ तक अन्दर घुस गया।माही दर्द से तड़प उठी क्योंकि आज पहले बार एक ही धक्के में पूरा लंड घुसा था दोनो गांठो सहित।

माही;। आह री मा, मार गई चूत मेरी , पूरा घुस गया री एक ही बार में, आह , उफ्फ ।

इससे पहले कि माही कुछ संभलती समर ने पागलों की तरह उसकी चूत को ठोकना शुरू कर दिया दोनो हाथो से उसकी चूचियां दबाने लगा।

माही: आह, थोड़ा प्यार से , दर्द होता है समर, चूत फट गई री।

समर तो जैसे आज सांड बन चुका था, माही की टाइट चूत में लन्ड पूरा फस रहा था तो समर और जोश में धक्के मारने लगा।

हर धक्के में उसका पूरा लंड बाहर निकलताऔर फिर पूरा अंडर घुस जाता।

माही को भी अब मजा आने लगा और वो भी अपनी चूत लंड पर धकेलने लगी।

माही: उफ्फ, हाय कितना अच्छा लग रहा है, और चोदो , फाड़ दो पूरी, हाय मेरी चूत मारी गई आज तो फिर से।

समर उसकी सिसकियां सुनकर और जोश में आ गया और अपनी पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर माही का जिस्म टेबल से टकराता और टेबल थोड़ा सा और आगे खिसक जाती।

थोड़ी ही देर में टेबल दीवार से जा लगी और माही का जिस्म पूरी तरह टेबल से सट गया तो समर उसे और तेजी से चोदने लगा। अब पूरा लंड उसकी बच्चेदानी पर रगड़ रहा था जिससे माही की चूत में कम्पन होने लगा और वो झड़ने के करीब पहुंच गई, और तेजी से अपनी चूत लंड में घुसाने लगी।

माही:। आह समर मर गई मेरी चूत, ऑफ हाय भगवान आह गई में तो " और उससे चिपकते हुए झड़ गई।
 
थोड़ी ही देर में टेबल दीवार से जा लगी और माही का जिस्म पूरी तरह टेबल से सट गया तो समर उसे और तेजी से चोदने लगा। अब पूरा लंड उसकी बच्चेदानी पर रगड़ रहा था जिससे माही की चूत में कम्पन होने लगा और वो झड़ने के करीब पहुंच गई, और तेजी से अपनी चूत लंड में घुसाने लगी।

माही:। आह समर मर गई मेरी चूत, ऑफ हाय भगवान आह गई में तो " और उससे चिपकते हुए झड़ गई।

जैसे ही माही की चूत झड़ना बंद हुई समर फिर से उसे चोदने लगा। चूत पूरी गीली होने की वजह से धक्को की स्पीड बढ़ गई और फ़ाच फच फच की मधुर आवाज कमरे में गूंज उठी।

माही को अब लंड की मार से दर्द होने लगा तो वो तड़पने लगी।

माही: आह बस कर ,समर दर्द हो रहा था हट जा मेरी जान, ।

लेकिन समर जैसे जानवर बन चुका था, वो और तेजी से माही की चूत की धज्जियां उडाऩे लगा।

माही की खुल पूरी फट चुकी थी और लंड फटाफट घुस रहा था , गांठे थोड़ा जोर से घुस रही थी।

माही दर्द से बुरी तरह छटपटा रही थी और समर उसे पागल सांड की तरह चोदे जा रहा था।

समर के धक्के अब तगड़े होने लगे और उसके मुंह से आवाज निकलने लगी , और उसने पूरा लंड बाहर निकाल कर आखिरी धक्का धक्का जड़ दिया और लंड पूरा जड़ तक घुसता चला गया और वीर्य की पिचकारी छोड़ने लगा ।

समर ऐसे ही उससे चिपका रहा।माही की आंखो से आंसू निकल पड़े थे इस दमदार चुदाई से।

चूत का रोम रोम आज फट सा गया था ।

काम्या तो जैसे पलके ही झपकाना भूल गई । उफ्फ ऐसी भी चुदाई होती हैं उसे आज पता चला। काश उसकी भी ऐसी चुदाई हो जाए तो उसकी चूत की सारी आग ठंडी पड़ जाए।

माही की आज ऐसी दमदार चुदाई हुई जो किसी भी लड़की का सपना होती हैं पर सबकी किस्मत में नहीं होती।

उसके जिस्म का पोर पोर दर्द और मस्ती से भर उठा था। समर का लंड जल्दी ही मुरझा कर उसकी चूत से बाहर निकल आया और समर उसकी पीठ पर से उतर गया तो माही को कुछ सुकून मिला । उसकी टांगे दर्द से कांप रही थी, वो धीरे से सीधी होती है और जैसे ही उसकी चूत टांगो से टच होती है तो उसके मुंह से एक दर्द भरी आह निकल पड़ती हैं।

वो एक बार समर की तरफ अजीब सी नजरो से देखती है मानो उससे शिकायत कर रही हो कि मेरी चूत का क्या हाल बना दिया है !

फिर वो कुछ सोचकर आगे बढकर उसका लन्ड पकड़ लेती हैं और जोर से दबा लेती हैं मानो अपना बदला ले रही हो।

समर दर्द से तड़प कर उसकी दोनो चूचियों को पकड़ कर दबा देता है तो माही एक तेज सिसकी लेकर उसका लन्ड छोड़ देती हैं।

माही फिर प्यार से उसके होंठो को चूमती हैं और बाथरूम की तरफ जाने लगती हैं तो दर्द के मारे उससे चला नहीं जाता तो समर उसे बांहों में उठा कर ले जाता हैं ।

माही : बड़ा प्यार आ रहा है और थोड़ी देर पहले तो जानवर बने हुए थे। मेरी क्या हालत बना कर रख दी है तुमने !!

समर उसके होठों को चूम लेता हैं और फिर उसके कान में बोलता हैं: तुम्हारी चूत बहुत मस्त और कसी हुई हैं, जितना भी चोद लूं और ज्यादा चोदने का मन करता हैं मेरी जान ।

फिर दोनो बाथरूम में घुस जाते हैं और समर उसे अच्छे से नहलाता हैं और उसका पूरा जिस्म साफ करता है और फिर बेड पर लाकर लिटा देता हैं और उसे कपने पहनाने लगता है ।

माही पूरी तरह से थक गई थी इसलिए बेड पर पड़ते ही उसे नींद आ गई। समर माही के सोने के बाद बाहर आ गया और गैलरी में घूमने लगा ।

काम्या भी अब पहले से ही खुले गेट से अंदर आ गई और उसके साथ ही टहलने लगी।

काम्या: बेटा ये तुमने बहुत अच्छा किया जो कबीले में स्कूल , सड़के और बिजली की सुविधा ला रहे हो, इससे लोगों को काफी फायदा होगा और ये पढ़ लिख कर समाज के साथ चल सकेंगे।

समर: हां मम्मी, मेरा तो अब ये सपना सा बन गया है कि मेरा कबीला आगे बढ़े ।

काम्या: अच्छी बात हैं, बेटा तुम खुश तो हो माही से शादी करके ?

समर शर्मा जाता हैं और नजरे नीची कर लेता हैं और बोलता हैं : जी मम्मी , अच्छा हुआ कि मेरी और माही की शादी हो गई नहीं तो हम दोनों तो किसी और से शादी कर नहीं पाते ।

काम्या: अरे तो शर्मा क्यों रहा हैं , मुंह उपर उठा कर बात कर , अब तो तू मर्द बन गया हैं और वो भी एक दम जानदार मर्द" और ऐसा बोलकर अपनी नजरे उसके अंडर वियर पर जमा देती हैं।
 
समर अपनी नजरे उपर उठा लेता हैं और अपनी मम्मी के मुंह से मर्द वाली बात सुनकर उसे अजीब सा लगता लेकिन खुशी बहुत होती है अपनी तारीफ सुनकर।

काम्या: चलो अच्छा हुआ कि तुम्हारी भी कसम रह गई और माही की भी शादी हो गई उसकी मर्जी से । अच्छा सुन मेरा आज मछली खाने को बहुत मन कर रहा है क्या तू मेरे साथ चलेगा मछली पकड़ने नदी से ?

समर की बड़ी इच्छा थी कि वो मछली पकड़े इसलिए वो एक दम खुशी से हां कर देता हैं।

दोनो मा बेटा थोड़ी देर बाद ही चल दिए नदी की तरफ मछली पकड़ने के लिए ।

काम्या ने एक हल्का सा सूट सलवार पहन रखा था जो उसके जिस्म पर पूरी तरह से कसा हुआ था और उसके जिस्म के कटाव साफ नजर आ रहे थे।

वहीं समर ने भी हल्के रंग का कुर्ता पाजामा पहना हुआ था।

समर और काम्या नदी पर पहुंच गए और वहां देखा कि एक नाव बंधी हुई हैं जो लोग मछली पकड़ने के लिए इस्तेमाल करते थे।समर उस नाव को खोल देता हैं और दोनो उसमे बैठ जाते हैं और नाव जल्दी ही नदी में उतर गई।

समर चापु से नाव को चला रहा था और काम्या दोनो हाथो में जाल पकड़े हुए थी जो कि नदी के अंदर डाल रखा था।

कोई मछली नहीं फस रही थी क्योंकि किनारे की मछलियां सुबह ही पकड़ी जा चुकी थी ।

काम्या: समर एक काम करो नाव को नदी में अंदर की तरफ ले चलो , वहीं मछलियां मिलेगी" !

समर नाव को अंदर की तरफ घुमा देता हैं और वो अब नदी के बिल्कुल बीच में थे जहां से किनारा बिल्कुल भी नहीं दिख रहा था ।

काम्या का जिस्म तो रोमांच से भर उठा ये सोचकर कि हमें अब देखने वाला यहां कोई नहीं हैं। उसकी चूत में नमी आने लगी समर के लंड को याद करके और वो नजरे उसके पजामे में घुसा देती हैं ।

समर को जैसे ही उसकी नजरो का एहसास हुआ तो सकपका गया कि उसकी मम्मी की नजरे उसके पजामे पर हैं और उसकी सांसे तेज होने लगी । सुबह ही उसने गलती से अपनी मम्मी को चोद दिया होता अगर उसके मुंह से आवाज ना निकली होती तो।

जैसे ही समर नदी की तरफ देखता तो काम्या अपने ब्रा के अंदर हाथ डालकर अपनी चूची को अच्छे से उभार देती हैं जिससे उसकी चूचियों की गोलाई साफ नजर आने लगी थी।

समर जैसे ही इस बार काम्या की तरफ देखता हैं तो उसकी चूचियां का उभर दिख गया ।उफ्फ कितनी गोरी और बड़ी हैं मम्मी की चूचियां , ये सोचकर उसका लन्ड जोर मारने लगा और खड़ा होना शुरू कर दिया।

तभी नाव को एक तेज झटका सा लगा क्योंकि जाल में एक बहुत बड़ी मछली फस गई थी तो काम्या खड़ी होकर जाल को उपर खींचने लगी तो उसकी गांड़ समर की नजरो के सामने आ गई। कितनी चोड़ी और मस्त गांड़ हैं मम्मी की , हाय देखो कैसे उपर की तरफ उभरी हुई हैं ।

तभी काम्या जाल को जोर से अपनी तरफ खींचती हैं तो मछली नाव से टकरा गई और काम्या को एक तेज झटका लगा और वो संभल नहीं पाई और नदी में गिर गई और डूबने लगी।

जैसे ही वो नदी में गिरी , समर फुर्ती से नदी में कूद गया और काम्या को पानी में ढूंढने लगा ।

जैसे ही काम्या का जिस्म पानी के दबाव के चलते बाहर आया तो समर को एहसास हुआ कि काम्या उससे कितनी दूरी पर हैं और वो उसकी तरफ तैरने लगा ।

नदी में अपनी की गहराई कोई 5 फीट 8 इंच थी जिस कारण काम्या उसमें डूब गई जबकि लंबाई ज्यादा होने के कारण समर का मुंह पूरा बाहर था।

वो जैसे जी काम्या के पास पहुंचा तो उसने काम्या को पकड़ लिया ।काम्या की हालत खराब हो चुकी थी उसने जल्दी में समर को पकड़ा तो उसका हाथ उसके लंड पर पड़ गया और उसने लंड को जोर से पकड़ लिया ।

काम्या बहुत डर गई थी इसलिए उसे एहसास नहीं हुआ की उसने क्या पकड़ा हुआ है और वो लंड को पकड़ कर ही उपर की तरफ आने लगी।

जल्दी ही उसका मुंह पानी से बाहर आ चुका था ।वो लंबे लंबे सांस लेने लगी। काम्या ने लंड को बहुत कसकर पकड़ा हुआ था जिस कारण वो अकड़कर पूरा खड़ा हो गया था और समर तो जैसे हैरान था क्योंकि काम्या ने उसका लंड अभी तक नहीं छोड़ा था

जैसे ही काम्या की सांसे नॉर्मल हुई तो उसे एहसास हुआ कि उसने समर का लंड पकड़ा हुआ हैं जो पूरी तरह से खड़ा हो गया हैं थी तो शर्म से उसका मुंह लाल हो गया ।

वो इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी इसलिए उसने एक बार अच्छे से पूरे लंड पर हाथ घुमाया तो उसे एहसास हुआ कि सच में उसका लन्ड बहुत मोटा और लम्बा तगड़ा हैं, करण से तो बहुत ज्यादा मोटा और लंबा भी कम से काम 2 इंच ज्यादा। जैसे ही उसके हाथ में लंड की गांठ अाई तो चूत तड़प उठी, कितनी मोटी मोटी गांठ हैं , सुपाड़े से तो बहुत मोटी हैं, और पिछले वाली तो कुछ ज्यादा ही मोटी हैं इसलिए माही की चूत का इतना बुरा हाल हो गया था।

वो लंड को अच्छे से महसूस करके जोर से दबा देती हैं और फिर उस पर से हाथ हटा देती है। जैसे ही उसने लंड दबाया तो समर के मुंह से एक तेज आह निकल पड़ी जिसे काम्या ने सुन लिया ।

लंड को छोड़ते ही काम्या फिर से डूबने लगी ती समर ने उसे अपनी गोद में उठा लिया और काम्या ने भी अपनी दोनो बांहे उसके गले में डाल दी और उससे चिपक गई।

काम्या: ओह समर, बेटा मुझे बहुत डर लग रहा है, आज तुमने मुझे बचा लिया, नहीं तो मैं तो आज डूब ही जाती ।

समर: मम्मी घबराओ मत , मैं आपको कुछ नहीं होने दूंगा । अपने बेटे पर भरोसा रखो।

काम्या: तुझ पर तो मुझे पूरा यकीन हैं बेटा, " और ऐसा कहकर उसका गाल चूम लेती हैं और फिर से उससे चिपक गई।

समर हैरान था कि उसकी मम्मी उसका माथा चूमती थी तो आज गाल क्यों चूम लिया।

काम्या उसकी कमर पर धीरे धीरे हाथ घुमाने लगती हैं जिससे समर बैचेन हो उठा था और उसका लन्ड जोश में आकर नीचे काम्या की गांड़ पर रगड़ खाने लगा।

दोनो के मुंह से एक आह निकल पड़ी। काम्या तो मस्त हो चुकी थी क्योंकि दोनो के कपड़े भीग जाने की वजह से लंड बिलकुल साफ़ महसूस हो रहा था। काम्या ने आज नीचे पेंटी भी नहीं पहनी हुई थी और समर पजामा भी बिल्कुल चिपक गया था जिस कारण काम्या को लंड पूरी तरह से रगड़ता हुआ महसूस हो रहा था।
 
समर: मा नाव देखो कितनी दूर चली गई है, अब उस तक जाना मुश्किल होगा इसलिए हमे किनारे की तरह ऐसे ही पैदल जाना होगा, तुम मुझे अच्छे से पकड़ लो ताकि गिरने से बच जाओ।

समर ने ये सब उसकी भलाई के लिए कहा था और काम्या को तो जैसे मुंह मांगी मुराद मिल गई हो।

उसने पूरी तरह से उसे कसकर पकड़ लिया और अपनी चूची उसके सीने में घुसा दी , नीचे से अपनी दोनो टांगो से उसकी कमर को कसते हुए थोड़ा सा उपर होकर अपनी चूत उसके लंड से मिला दी और अपनी चूत को उसके लंड पर उपर नीचे रगड़ने लगी। चूत के लंड पर लगते ही समर जोश में आ गया और उसकी अपने दोनो हाथो से उसकी कमर सहलाने लगा।

समर को जोश में आते देखकर काम्या की चूत खुशी से छलक उठी और रस बहाने लगी।

काम्या अब अपने हाथ नीचे उसकी कमर से लेकर गांड़ तक फिराने लगी ।

समर धीरे धीरे पानी में आगे बढ़ रहा था। जैसे ही वो आगे पैर रखता लंड और जोर से चूत पर पड़ता और दोनो को बहुत मज़ा आता ।

समर ने अब अपने दोनो हाथ उसकी गांड़ पर टिका दिए और उसकी गांड़ को मसलने लगा। दोनो एक दम बहक चुके थे, रिश्ते नाते , डर शर्म कहीं बहुत पीछे छूट गई थी।

गांड़ पर हाथ पड़ते ही काम्या सिसक उठी और उसके मुंह से आह निकल गई: आह समर, खूब अच्छे से पकड़ो मुझे, कहीं फिर से गिरकर डूब ना जाऊं "

काम्या के मुंह से ये बात सुनते ही समर को हरी झंडी मिल गई और उसने पूरी ताकत से उसकी गांड़ को दबाना शुरू कर दिया। काम्या से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपनी टांगे थोड़ी और चोड़ी कर ली जिससे चूत और खुल गई और लंड कपड़ों के ऊपर से ही उसकी चूत के मुंह पर आ लगा ।

जैसे ही सुपाड़े का एहसास उसे अपनी चूत के मुंह पर हुआ उसकी चूत और मुंह दोनो मस्ती से खुल गए ।

काम्या: आह समर, ऐसे ही पकड़ कर रखो , थोड़ा सा अपनी टांगो को जोर से उपर दबाओ ताकि जल्दी काम हो सके और हम नदी से बाहर निकल जाए।

समर उसकी बात समझ गया और उसने अपने लंड को उपर की तरफ करते हुए उसकी चूत पर दबा दिया जिससे कपड़ों सहित उसका लंड अंडर घुसने की कोशिश करने लगा।

काम्या तड़प उठी और उसने भी जोर से अपनी गांड़ नीचे लंड पर दबा दी जिससे लंड थोड़ा ज्यादा दबाव डालकर अंदर की तरफ घुसने लगा लेकिन चूत में नहीं घुस पाया ।

दोनो तड़प रहे थे और अब पानी कम होता जा रहा था जो अब समर के पेट तक आ रहा था लेकिन काम्या और समर को जैसे इसका एहसास ही नहीं था।

काम्या जोर जोर से अपनी चूत उसके लंड के टोपे पर रगड़ने लगी तो समर भी तेज तेज धक्के मारने लगा उसकी चूत के मुंह पर ही। काम्या को अब बहुत मज़ा आ रहा था, वो सब कुछ भूल कर लंड कि रगड़ का मजा ले रही थी।

तभी समर का पांव एक गड्ढे में पड़ा जिससे काम्या की चूत लंड पर जोर से दबी और काम्या मस्त नजरो से समर की तरफ देखती हैं और उसकी आंखे में देखते अपने दोनो होठ गीले उसके होठों से जोड़ देती हैं। जैसे ही दोनों के होंठ जुड़े किस शुरू हो गया।समर पूरी तरह से उसके होठ चूस रहा था और काम्या भी उसका पूरा साथ दे रही थीं । तभी समर ने आगे बढ़ते हुए अपनी जीभ उसके मुंह के अंदर घुसा दी और उसकी जीभ पकड़ कर चूसने लगा तो काम्या का पूरा जिस्म जल उठा और उसका धैर्य जवाब दे गया । वो तेजी से अपना हाथ नीचे लाई और अपनी सलवार को खुल दिया। सलवार खुलते ही नीचे सरक गई।

समर के दोनो हाथ इस बार जैसे ही काम्या की गांड़ पर आए तो उसे महसूस हुआ कि उसकी गांड़ पूरी तरह से नंगी हो गई है तो वो उसकी जीभ को पागलों की तरह से चूसने लगा और पूरी ताकत से उसकी चूत पर लंड के धक्के मारने लगा।हर धक्के पर लगता कि लंड अंदर घुस जायेगा लेकिन हर बार कपड़ा बीच में आ रहा था। काम्या और जोर से अपनी चूत दबा रही थी कि किसी तरह लंड घुस जाए लेकिन वो कामयाब नही हो रही थी। वो प्यासी और कामुक नजरो से समर की तरह देखती हैं तो समर उसे आंखो में ही कुछ इशारा करता है तो काम्या अपने दोनो हाथ नीचे ले जाकर उसके पजामे को खोल कर अंडर वियर सहित नीचे सरका देती हैं और उससे जोर से चिपक जाती हैं।

समर अपने हाथ उसकी कमर पर ले जाकर उसकी ब्रा खोल देता हैं और आगे से सूट उठाकर उसकी चूचियां नंगी कर देता हैं।

माही अब जोश में आते हुए अपने हाथ से उसका लन्ड पकड़ती हैं और चूत के ठीक मुंह पर रखकर उस पर अपनी चूत ढीली छोड़ देती हैं और समर उसकी चूचि को मुंह में भर लेता हैं।

जैसे ही चूत नीचे आती हैं लंड का पूरा सुपाड़ा उसमे घुसता चला जाता हैं ।जैसे ही सुपाड़ा पूरा घुसा तो काम्या की एक दर्द भरी आह निकल पड़ी ।

काम्या: आह समर, कितना मोटा है ये ,"।

काम्या पूरी ताकत से अपनी बांहे उसके गले में डाल देती हैं और चूत नीचे दबाने लगती हैं और समर भी लंड उपर की तरफ दबाता है तो एक इंच लंड और अंदर घुस जाता है लेकिन उससे आगे नहीं बढ़ पाता क्योंकि मोटी गांठ उस घुसने से रोक रही थी। काम्या प्यासी नजरो से उसकी तरफ देखती हैं मानो उसे कह रही हो कि पूरा घुसा दो जड़ तक ।

समर समझ जाता है और जोर से तगड़ा धक्का मारता हैं और काम्या भी दम लगाती है लेकिन लंड उससे आगे नहीं घुस पाता और दोनो तड़प उठते हैं।

तभी समर को माही की बात याद आती है कि वो किस तरह थूक से पूरा लंड गीला कर देती थी और अपनी चूत भी ।

समर काम्या की आंखो में देखता हैं और अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल लेता हैं तो काम्या भी जोश में आकर अपने थूक से उसका हाथ पूरा भर देती हैं ।

समर नीचे हाथ ले जाकर लंड को खूब अच्छे से चिकना कर लेता हैं और खूब सारा थूक उसकी चूत पर मल देता है और अपनी नजरे उपर उठाकर काम्या की आंखो में देखते हुए लंड बाहर निकाल कर एक तेज धक्का मारता हैं तो काम्या दर्द को झेलने के लिए अपना मुंह बंद कर लेती हैं।

लेकिन लंड फिर से गांठ से आगे नहीं बढ़ पाया क्योंकि पानी में होने के कारण सारा थूक बह गया था । अब दोनो किनारे के पास आते जा रहे थे और जल्दी ही वो नदी से निकलने वाले था। पानी अब समर की जांघो तक आ रहा था।
 
समर ने उसकी चूची चूसते हुए सिर्फ सुपाड़े से ही उसकी चूत में धक्के मारने शुरू कर दिए तो काम्या भी हालत से समझौता करते हुए सुपाड़े से ही चुदने लगी ।

काम्या: आह समर, हाय री मा, उफ्फ हाय सी एसआईआईआई हाययएचएचएचएच री ।

पानी अब समर के घुटनों तक आ रहा था जिस कारण चूत से बहते रस के कारण लंड पूरा गीला होता जा रहा था जिसकी उन्हें कोई खबर नहीं थी।

समर के चलने से लंड अपने आप अंदर बाहर हो रहा था और काम्या उसका साथ देते हुए अपनी गांड़ उपर नीचे कर रही थी , सुपाड़ा उसकी चूत को पूरा फैला रहा था जिसकी काम्या का जिस्म कांपने लगा और लगने लगा कि उसकी चूत किसी भी पल झड़ सकती हैं ।

समर ने भी पूरी ताकत से सुपाड़ा घुसाना शुरू कर दिया और वो भी झड़ने के कगार पर आ चुका था।

तभी काम्या के मुंह से एक मस्ती भरी आह निकल गई और उसकी चूत ने अपना रस बहा दिया ।

काम्या:। आह समर गई मेरी चूत तो, उफ्फ कितना मजा हैं लंड में ।

तभी समर का पैर एक गड्ढे में पड़ा और वो छपाक से पानी में गिरता चल गया और काम्या उसके उपर गिरी ।

लंड का सुपाड़ा अभी भी चूत में था और काम्या का रस निकलने के कारण उसका पूरा लंड पूरी तरह से चिकना हो गया था और चूत तो अविश्वस्नीय हद तक गीली थीं ।

लंड का दबाव काम्या की चूत पर पड़ता चला गया और आधा लंड अंदर घुस गया और साथ ही उसकी एक मोटी गांठ भी उसकी चूत को फाड़ते हुई अंदर घुस गई।

काम्या का पूरा जिस्म दर्द के मारे ऐंठ गया और उसके मुंह से एक तेज दर्द भरी चींखं निकल गई और वो समर से चिपकती चली गई और अपने नाखून उसके कंधो में गड़ा दिए।

काम्या: आह उफ्फ री मा री , फट गई मेरी चूत, आह मर गई मा री, कितना मोटा लन्ड घुस गया सिसिसी री आह ।

और जैसे ही लंड आधा चूत में घुसा उसकी गर्मी से समर का भी वीर्य निकल पड़ा उसकी चूत में और काम्या की चूत ने भी एक बार फिर से अपना रस बहा दिया।

दोनो ऐसे ही पड़े रहे जब तक उनकी सांसे पूरी तरह से ठीक नहीं हो गई। लंड मुरझा कर उसकी चूत से बाहर निकल आया और काम्या की चूत फटने के कारण चूत से खून आ गया जो कि पानी को लाल करने लगा।

फिर दोनो आराम से उठे और चुप चाप घर की तरफ वापिस चल पड़े ।

काम्या की आंखों में आंसू थे। उसे अंदाजा नहीं थी लंड इतना खतरनाक होगा । वो तो माही को मजे से चुदती हुई देख कर बहक गई थी और अपनी चूत फड़वा बैठी।

आधे लंड से ही उसका ये हाल हो गया तो पूरा घुसता तो वो दर्द से मर ही जाती ।

काम्या को ज्यादा दर्द होने का कारण उसकी एक दम झड़ी हुई चूत और अचानक से हुआ ये हादसा था । वो तो समझ चुकी थी कि अब लंड सुपाड़े से आगे नहीं बढ़ पाएगा इसलिए वो किसी भी तरह से तैयार नहीं थी।

हालाकि लंड और चूत दोनो पूरे गीले थे लेकिन पानी में गिरने की वजह से लंड काफी सुख गया था और काम्या के लंड पर गिरने कि वजह से वो अंदर घुस गया।

गलती किसी की भी नहीं थी लेकिन जो हुआ उससे काम्या डर बहुत गई थी और दर्द के मारे अभी भी उसके आंशु निकल रहे थे।

समर उसके आंसू देखता है तो उसका दिल भर आया और उसने उसके आंसू साफ किए ।

समर: मुझे माफ़ कर दो मम्मी , सारी गलती मेरी है, मुझे अपने आप पर काबू रखना चाहिए था।

काम्या कुछ नहीं बोलती और चुप चाप चलती रहती हैं।

समर : मम्मी प्लीज़ , मुझे माफ़ कर दो नहीं तो मैं हमेशा कि लिए अपनी नजरो में गिर जाऊंगा।" और ऐसा बोलकर वो रोने लगता हैं तो काम्या का दिल भर आता हैं। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ कि समर को उकसाया तो उसने ही था। वो उसे अपने गले से लगा लेती हैं और बोलती हैं: बेटा मेरी भी उतनी ही गलती हैं जितनी तुम्हारी , मैंने खुद ही बहक गई थी। मुझे तुम माफ कर दो।

मा बेटे दोनो एक दूसरे से माफी मांग रहे थे। दोनो एक दूसरे के आंसू साफ करते हैं और फिर एक दूसरे को माफ करके घर की तरफ चल दिए। दोनो घर पहुंचे तो माही अभी तक सोई पड़ी थी जिसे देखकर दोनो ने चैन की सांस ली और दोनो जल्दी से फ्रेश होने लगे।

अब सूरज पूरा छिप गया था और चारो तरफ अंधेरा छा गया था। माही की नींद खुलती हैं और वो और काम्या दोनो खाने की तैयारी में लग जाते हैं ।

जल्दी ही खाना बन चुका था और सभी साथ में खाते हैं। माही बर्तन धोने किचेन में चली गई और काम्या बाहर आकर अपनी चारपाई पर लेट गई और उसे नींद आ गई । आज समर का भी मूड खराब हो चुका था और माही की चूत भी दर्द कर रही थी सुबह हुई चुदाई से इसलिए वो दोनो भी एक दूसरे को बांहों में लेकर सो गए।

राम्या डिनर तैयार करती हैं और करण को खाने के लिए बुलाती हैं जो कि हॉल में बैठा हुआ टीवी देख रहा था।

करण और राम्या दोनो खाना खाने लगते हैं और राम्या अपनी बात शुरू करती हैं: पापा मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाना होगा ताकि शीला मैडम मुझे कुछ जरूरी चीज सीखा सके तो मुझे काम आएगी।

करण: अच्छा जी , कितने दिन के लिए जाना होगा ?

राम्या: प्रतियोगिता से एक हफ्ते पहले ताकि मैं अच्छे से तैयारी कर सकू।

करण; ठीक हैं मैं कल तुम्हारी फ्लाइट की टिकट बुक करा दूंगा।

राम्या का चेहरा खुशी से खिल उठता है और वो बोलती हैं कि पापा लेकिन मुझे अकेले अच्छा नहीं लगेगा , क्या आप मेरे साथ चलेंगे क्योंकि मैं चाहती हूं कि जब मैं परफॉर्म करू तो आप मेरे साथ हो क्योंकि आपकी मौजूदगी ही मेरा सबसे बड़ा सहारा हैं।

करण: बेटा मैं कोशिश करूंगा , अगर तब तक काम्या और समर घर आ गए तो मैं पक्का तुम्हारे साथ चलूंगा।

रम्या: थैंक्स पापा, आप दुनियां के सबसे अच्छे पापा हैं और मेरे सबसे अच्छे दोस्त।

इसी बीच दोनो खाना खा चुके थे,। राम्या किचेन में चली जाती हैं और बर्तन साफ करने लगी जबकि करण खाना खाने के बाद थोड़ा टहलने निकल गया था।
 
इसी बीच दोनो खाना खा चुके थे,। राम्या किचेन में चली जाती हैं और बर्तन साफ करने लगी जबकि करण खाना खाने के बाद थोड़ा टहलने निकल गया था।

थोड़ी देर के बाद करण वापिस आ जाता है और अपने कमरे में बैठ कर ऑफिस का काम करने लगता हैं क्योंकि छुट्टी ज्यादा होने की वजह से काफी काम छुट गया था। राम्या उपर अपने कमरे में चली जाती हैं और एक मॉडर्न नेट वाली ब्रा पहन लेती हैं और नीचे एक थोंग जिसकी एक हल्की सी पट्टी सिर्फ उसकी गांड़ के छेद को छिपा पा रही थी जबकि उसके दोनो गोल गोल चूतड़ पूरी तरह से नंगे ही लग रहे थे।

फिर वो अपनी मॉडलिंग की प्रैक्टिस करने लगती है और ऐसे मटक मटक कर चलती है मानो रैंप पर कैटवॉक कर रही हो।

तभी उसे करण के उपर आने को आवाज सुनाई दी तो उसने जल्दी से एक चादर उठाकर अपने जिस्म पर लपेट ली जो नीचे उसके घुटनो तक आ रही थी।

करण: बेटा थोड़ा गर्म दूध मिलेगा क्या ? आज सिर में थोड़ा दर्द हैं और में तक भी गया हूं भाग दौड़ से ।

राम्या: क्यों नहीं पापा , चलिए मैं अभी गर्म करके देती हूं।

और वो नीचे चल दी अपने पापा के साथ और किचेन में जाकर दूध गर्म करने लगी। जैसे ही दूध खत्म हुआ तो उसने ग्लास राम्या को दे दिया ।

राम्या: पापा अब मैं चलती हू, नींद आने लगी हैं मुझे"और फिर को करण को गुड नाईट बोलती हैं और ग्लास लेकर बाहर को और चल देती हैं लेकिन जैसे ही रूम से बाहर निकली तो सामने एक चूहा भागता हुआ आया और उसके पैर के उपर से चढ कर उतर गया तो उसकी डर के मारे चींखं निकल पड़ी और ग्लास उसके हाथ से गिरकर फर्श पर टूट पड़ा।

डर के मारे उसके हाथ से चादर भी छूट गई और वो अब सिर्फ नेट वाली ब्रा और एक थौंग में थी और डर के मारे भागती हुई करण के रूम में घुस गई ।

करण ने जैसे ही उसकी आवाज सुनी तो फुर्ती से बाहर की तरफ भागा और राम्या ने जैसे ही उसे देखा तो वो उसके गले लग गई ।

करण की आंखे उसका जिस्म देखकर खुली की खुली रह गई।

करण: क्या हुआ राम्या?

राम्या उससे पूरी तरह से चिपक जाती हैं । उसकी दोनो आंखे बंद थी और वो कांप रही थी।

राम्या: पापा वो चूहा मेरे उपर चढ़ गया था ।

करण स्माइल करता हैं और कहता हैं: अरे अब तुम बच्ची नहीं हो , चूहे से ही डर गई।

राम्या कुछ नहीं बोलती और कांप रही थी , करण उसे सांत्वना देने के लिए अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रखकर सहलाने लगा।

जैसे ही पापा के नंगे हाथ उसकी कमर पर लगे तो उसे अपनी हालत का एहसास हुआ कि वो सिर्फ एक नेट वाली ब्रा और छोटी सी पैंटी में पापा से लिपटी हुई हैं, शर्म से उसका मुंह लाल हो गया लेकिन डर के मारे उसकी हिम्मत कमरे से बाहर जाने की नही हो रही थी ।

राम्या की आंखे झुक गई और उसकी नजर अपनी नेट वाली ब्रा पर पड़ी तो उसकी सांसे तेज होने लगी। उसकी पूरी चूची दिख थी और निप्पल भी कत्थई रंगत लिए दिख रहे थे।

करण का हाथ जैसे जैसे उसकी कमर पर घूम रहा था राम्या मदहोश होती जा रही थी और उसकी चूचियां तनने लगी जिससे उनके निप्पल खड़े होकर करण के सीने में चुभने लगे ।

करण का जिस्म भी सुलगता जा रहा था और उसने अपने हाथ नीचे ले जाकर उसकी गांड़ पर रख दिए और दोनो हाथो में उसकी भारी उभरी हुई गांड़ को भर लिया और दाबने लगा तो राम्या की आंखे मजे से बंद हो गई ।करण का लंड भी अब खड़ा होने लगा था और नीचे से राम्या की थॉग से बाहर निकली हुई चूत की आधी फांकों से टच हो गया।

जैसे ही चूत की फांकों से टच हुआ तो राम्या मदहोश होकर करण से लिपटती चली गई। पहली बार उसे चूत पर लंड का एहसास हुआ था इसलिए उसके मुंह से आह निकल पड़ी।

करण ने जैसे ही उसकी आह सुनी तो उसका जोश बढ़ रहा और उसने राम्या की गांड़ को जोर जोर से राम्या की गांड़ को दोनो हाथों से दबाने लगा और उसे पूरी जोर से अपने जिस्म से चिपका लिया तो लंड उसकी चूत पर और जोर से दबाव डालने लगा। राम्या की सांसे पूरी तरह से उखड़ चुकी थी और उसकी सांसों के साथ ही उसकी चूचियां उपर नीचे हो रही थी। राम्या ने भी अब थोग के उपर से ही अपनी चूत को उसके लंड पर रगड़ना शुरु कर दिया था चूत से रस टपकने लगा और उसकी थाेंग को पूरा गीला कर दिया ।

करण भी अब मस्त हो चुका था , उसने धीरे से अपने दोनो हाथ उपर लाकर राम्या की ब्रा को खोल दिया ।

जैसे ही ब्रा खुली तो राम्या की आंखे भी खुलती चली गई और उसे अपनी हालत का एहसास हुआ तो वो अपने आप को छुड़ाने लगी और इसी बीच करण ने उसे अपनी बांहों में उठा लिया और बेड पर के जाकर लिटा दिया ।

राम्या: प्लीज़ पापा छोड़ दो मुझे, मैं आपकी सगी बेटी हूं, मैं आपके साथ ये सब नहीं कर सकती ।

करण को जैसे उसकी बात का यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि राम्या का रोम रोम करण का लंड मांग रह था।

करण: बेटी तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, तुम्हे देख कर बहक जाता हूं, आज मना मत करो मुझे " और ऐसा बोलकर उसकी दोनो नंगी चूचियों को हाथो में पकड़ कर दबाने लगा।
 
चूचियों पर हाथ लगते ही राम्या की आंखे फिर से मजे से बंद हो गई और उसने फिर अब सिर्फ जुबान से करण का विरोध करना शुरू कर दिया जबकि जिस्म करण का साथ दे रहा था।

राम्या: नहीं पापा, समझा करो ये सब ठीक नहीं हैं, किसी को पता चला कि हम मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहेंगे।

उसकी सिर्फ जुबान चल रही थी जबकि उसके निप्पल पूरे टाइट हो चुके थे और चूत से और ज्यादा रस टपकना शुरू हो गया ।

करण: बेटी किसी को पता नहीं चलेगा , बस मान जाओ फिर देखो कितना मजा आएगा" और उसके उपर लेटकर उसके एक चूची को मुंह में भर लिया और दूसरी को दबाने लगा।

राम्या: आह उफ्फ प प पापा, मत करो ये सब मैं बहक जाऊंगी।

करण उसकी बात सुनकर जोश में आ गया और उसकी पूरी चूची चूसने लगा और नीचे से अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया। उफ्फ राम्या तो एक अद्भुत एहसास से तड़प उठी और उसका मुंह से एक के बाद एक मस्त भरी सिसकियां निकलने लगी।

करण ने अब उसकी दूसरी चूची को चूसने शुरू कर दिया और उसके निप्पल को दांतों से दबाने लगा तो राम्या अपना सारा विरोध और शर्म लिहाज छोड़कर अपने दोनो हाथ उसके सिर पर ले जाकर उसके सिर को अपनी चूची पर झुका दिया ।

राम्या: आह पापा, मत काटो, मुंह में लेकर चूसो प्लीज़, " और नीचे से अपनी चूत को उसके लंड पर दबाने लगी जो कि अब पूरी तरह से रस से तर हो चुकी थी।

करण तो अब मस्ती से उसके पूरी चूची को मुंह में भर लिया और आम की तरह चूसने लगा तो राम्या की आंखे मजे से बंद हो गई और उसने अपनी चूची उसके मुंह में उठा उठा कर घुसानी शुरू कर दी तो करण पूरी ताकत से उसकी चूचियां चूसने लगा।

राम्या की आंखे मस्ती में बंद थी जिसका फायदा उठाते हुए करण ने धीरे से अपनी कमर उपर उठाई और अपने दोनो हाथो से अपने पजामे को खोलकर घुटनो तक सरका दिया और फिर से अपनी जांघो को उसकी जांघो से जोड़ दिया तो उसका तगड़ा लंड सीधे राम्या की चूत की फांकों से जा लगा ।

राम्या को जैसे ही नंगे लंड का एहसास अपनी चूत पर हुआ तो उसके मुंह से मस्ती भरी आह निकल पड़ी और उसने अपने दोनो हाथ करण की कमर पर ले जाकर उसे जोर से भींच लिया जिससे करण का लंड उसे जोर से उसकी चूत पर रगड़ने लगा। चूत से निकलने रस के कारण लंड का सुपाड़ा चिकना हो चुका था और उसकी थांग से बाहर निकली चूत की फांकों को सहलाने लगा।

राम्या को फांकों पर लंड से बहुत मजा आ रहा था इसलिए इसने नीचे से अपनी गांड़ उठाते हुए खुद ही अपनी चूत को उसके लंड पर रगड़ना शुरु कर दिया ।

समर ने राम्या की पहल से खुश होकर अपने दोनो लिप्स को उसके लिप्स पर रखकर चूसना शुरू कर दिया । राम्या अब पूरी बेशर्मी होकर अपने बाप के होंठ चूसने लगी ।उसका जिस्म पूरी तरह से उसके काबू के बाहर आ गया था उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि उसकी जांघें भी चिकनी होने लगी।

करण ने अपनी जीभ को जैसे ही उसके मुंह में घुसाया तो राम्या मस्ती से भर कर उसकी जीभ चूसने लगी और करण ने उसकी गांड़ को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया । राम्या भी अपनी गांड़ उसके लंड पर दबा रही , करण उसकी चूत पर हल्के हल्के धक्के मारने लगा और जैसे ही लंड ठोंग के उपर से ही उसकी चूत के मुंह पर लगा तो राम्या मजे से तड़प उठी और उसने जोर से अपनी चूत उसके लंड पर दबाई मानो खुद ही उसका लंड चूत में घुसा लेना चाहती हो।

करण भी अब जोश में पागल हो चुका था इसलिए वो किस तोड़कर उसके उपर से उठा और एक झटके से उसकी थॉग को जोर से उसकी टांगो से बाहर निकाल फेंका और उसकी टांगों के बीच में आ गया और उसकी टांगों को फैलाकर उसकी रस भरी चूत का दीदार करने लगा ।

उफ्फ कितनी मासूम सी लग रही थी चूत, दोनो लिप्स आपस में जुड़े हुए थे , उसकी लाल रंग की चूत, और बीच में उसकी चूत का भगनासा थोड़ा सा बाहर को उभरा हुआ था ।

करण ने अपने दोनो हाथो से उसकी चूत के होठों को फैलाया और उसकी चूत को ध्यान से देखने लगा , उफ्फ उसकी चूत अंडर से भी पूरी लाल लग रही और चूत का छेद बहुत थोड़ा सा खुल रहा था जिसमें से रस टपक रहा था।

अब करण ने जोश में आकर उसकी चूत के उपर अपने होंठ रख दिए ।

जैसे ही राम्या की चूत पर करण के होंठ छुए उसकी चूत ने और थोड़ा सा रस बहा दिया मानो चूत भी खुश हो गई हो।

राम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी,

राम्या: आह, पापा , मुझे गुदगुदी हो रही है, वहां मत चूसो ।

करण ने उसकी चूत पर अपनी जीभ को उपर से नीचे तक फिराया तो राम्या का जिस्म कांपने लगा ।

करण ने उसकी चूत को मुंह में भर कर चूसना शुर किया तो राम्या से इतना मजा बर्दाश्त नहीं हुआ और उसकी मुंह मस्ती से खुल गया।

राम्या: आह , पापा बहुत अच्छा लग रहा है, उफ्फ मेरी चूत में कछ हो रहा हैं पापा,।
 
करण जोर जोर से उसकी चूत को चूसने लगा और अपनी एक उंगली से उसकी चूत को सहलाने लगा तो राम्या ने जोर से उसके सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर चिपका दिया मानो उसका पुर सिर अंदर घुसा लेना चाहती हो।

करण ने अपनी जीभ को अब उसकी चूत के अंदर घुसा दिया और जोर जोर से चूसने लगा, तो राम्या का पूरा जिस्म उछलने लगा और उसकी चूत ने रस छोड़ दिया राम्या: आह पापा, मेरी चूत मर गई, आह गई में तो ।

राम्या की चूत से रस की पिचकारियां करण के मुंह में गिरने लगी और करण उसकी चूत को चूसता चला गया ।

जैसे ही राम्या की चूत से रस टपकना बंद हुआ तो करण ने उसकी चूत को एक बार और अच्छे से चूस कर साफ़ कर दिया।

मजे के कारण राम्या की आंखे बंद थी और उसकी सांसे अभी भी पूरी तरह से उखड़ी हुई जिन्हे वो संभालने की कोशिश कर रही थी। करण अब उसके उपर आ गया और उसकी एक चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगा , लंड अब राम्या की चूत के मुंह पर लगा हुआ था और उसका सुपाड़ा पूरा चिकना हो गया था ।

जैसे ही राम्या को नंगा लंड अपनी नंगी चूत पर महसूस हुआ उसकी आंखे खुल गई और उसने अपनी दोनो टांगो को भींच लिया और अपनी चूत को छुपा लिया तो करण उसकी टांगो को खोलने लगा तो राम्या ने उसकी आंखो में देखते हुए उसे चूत मराने से साफ इंकार कर दिया ।

करण का तो मूड खराब हो गया , वो चाहता तो जबरदस्ती भी लंड घुसा सकता था लेकिन वो अपनी सगी बेटी का बलात्कार नहीं कर सकता था।

इसलिए वो उसके उपर से हट गया और उसके दोनो हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिए मानो उससे कह रहा हो कि मेरा लन्ड हिला दो।

राम्या अपनी बाप की हालत समझ चुकी थी इसलिए उसने उसके लंड को हिलाना शुरु कर दिया। करण की तो मजे से आंखे बंद होने लगी और वो जोर जोर से अपना लंड उसके हाथो में मारने लगा।

राम्या अब अपने बाप को और मजा देने की सोचती हैं और उसका लंड छोड़ देती है तो करण गुस्से से उसकी तरफ देखता हैं तो राम्या आंखो में देखती हुई उसकी टांगो के बीच में आ जाती हैं और अपनी नजरे उसके लंड पर गड़ा देती हैं ।

आज पहली बार वो ध्यान से अपने बाप के लंड को देख रही थी। उसे कोई भी डर शर्म या झिझक नहीं थी। उफ्फ कितना मोटा लन्ड हैं पापा का , लंबा तो कुछ ज्यादा ही हैं , कितना टाइट है और कैसे मुंह उठा रहा है,

वो एक बार पूरे लंड को अच्छे से हाथ में भर कर महसूस करती हैं, लंड उसके पूरे हाथ में नहीं समा पा रहा था।

वो फिर धीरे से अपने दोनो होठ आगे लाती हैं और लंड पर रख देती हैं । जैसे ही राम्या के गर्म होठ उसके लंड पर पड़े मजे से उसकी आंखे बंद हो गई और उसने राम्या के सिर को लंड पर झुका दिया।

राम्या ने अपना मुंह को पूरा खोलते हुए लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लिया और चूसने लगी ।

करण: आह बेटी, और चूसो, बहुत अच्छा लग रहा है ।

राम्या जोर जोर से उसका सुपाड़ा चूसने लगती हैं तो उसकी चूत से फिर से रस टपक रहा था। वो अपनी चूत को करण के पैरों पर रगड़ने लगती हैं और अपना मुंह थोड़ा और खोलते हुए लंड को आधा मुंह में भर लेती हैं और जोरदार तरीके से चूसना शुरू कर देती हैं। करण अपना एक हाथ नीचे लाकर उसकी चूत में एक उंगली पूरी घुसा देता हैं और अंदर बाहर करने लगता हैं । दोनो मस्त हो चुके थे। तभी करण को लगता है कि लंड पूरी तरह से अकड़ता जा रहा है तो वो जोर अपने दूसरे हाथ से राम्या का मुंह अपने लंड पर दबा देता हैं और उसके लंड से वीर्य की बौछारें राम्या के मुंह में पड़ने लगी जिन्हे वो पीती चली गई और उसकी चूत ने भी अपना रस एक बार फिर से छोड़ दिया। दोनो एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े और अपनी सांसे दुरुस्त करने लगे।

जैसे ही राम्या की सांसे नॉर्मल हुई तो वो करण के उपर से उठी और नंगी ही अपने कमरे में दौड़ती हुई चली गई। करण एक बार फिर से उसकी उछलती हुई गांड़ को देख कर मस्त हो गया। दोनो बाप बेटी आराम से सो गए।

अगले दिन सुबह राम्या किचेन में नाश्ता तैयार कर रही थी । तभी करण अंदर दाखिल हुआ और बोला: आज हमारी प्यारी बिटिया क्या बना रही है ?

राम्या: पापा आलू पराठे बना रही हूं , बस ज्यादा कुछ नहीं आता मुझे बनाना।

करण: अरे आलू पराठे तो मुझे बहुत पसंद हैं , तुम सच में मेरा बहुत ख्याल रखती हो बेटी ।

राम्या अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गई और बोली : पापा आप भी तो दुनिया के सबसे अच्छे पापा हैं मेरे इतना ख्याल रखते हैं ।

तभी राम्या जोर से चिल्ला उठी क्योंकि उसके हाथ पर गर्म पराठा लग गया था तो करण ने जल्दी से उसका हाथ पकड़ लिया और अपनी जीभ से चाटने लगा ।

करण कुछ देर ऐसे ही चाटता रहा तो राम्या को सुकून मिल गया ।

राम्या : बस कीजिए पापा और कितना प्यार करेंगे अब हाथ में जलन नहीं हैं ।

करण खुश हो गया और बोला तुम अपना ध्यान क्यों नहीं रखती हो चलो मैं तुम्हें हेल्प करता हूं ।

राम्या हंसते हुए: पापा आज से नहीं हो पाएगा मैं खुद कर लूंगी ।

करण: मैं कर सकता हूं राम्या तुम सिर्फ पराठे बनाओ तवे पर में पकाऊंगा" और ऐसा बोलकर उसके हाथ से चिमटा के लिया और उसको हेल्प करने लगा ।
 
राम्या को बहुत अच्छा लगा कि उसके पापा उससे कितना प्यार करते हैं , उसे अब अपने पापा पर बड़ा प्यार सा रहा था।

तभी करण का हाथ भी जल जाता हैं तो उसके हाथ से चिमटा गिर जाता हैं तो वो जल्दी से अपना दर्द छुपाते हुए फिर से चिमटा उठा लेता है और अपने काम में लग गया।

राम्या : पापा आज रहने दीजिए आपका हाथ जल गया है देखो।

करण: अरे ये तो हल्का सा है, कुछ खास नहीं है, मेरी गुड़िया का हाथ जलने से अच्छा है कि मेरा ही हाथ जल जाए ।

राम्या अपने पापा की बात सुनकर अपने पापा की तरफ देखती हैं और आगे बढकर अपने पापा के गाल पर किस कर देती है

राम्या: इतना प्यार करते हैं आप मुझसे पापा?

करण उसके किस को महसूस करता है और उसकी आंखो में देखते हुए बोलता है: इससे भी कहीं ज्यादा राम्या।

और आगे बढकर उसे अपने गले लगा लेता हैं तो राम्या भी उससे लिपट गई।

राम्या: पापा पहले नाश्ता तैयार कर लेते हैं उसके बाद प्यार जता लेना " और ऐसा बोलते हुए उसकी बांहों से निकल गई और फिर से काम में लग गई ।

करण और राम्या दोनो ने जल्दी से मिलकर खाना तैयार किया और जैसे ही राम्या खाना टेबल पर लगाने लगी तो झुकने की वजह से उसकी टी शर्ट उसकी गांड़ पर से हट गई और उसकी कमर नंगी हो गई और गांड़ का उभार साफ़ दिखने लगा।

करण उसकी उभरी हुई गांड़ देखकर मस्त हो गया और अपना हाथ लंड पर ले जाकर सहलाने लगा जिससे उसका लंड एक जोश में आने लगा।

जैसे ही राम्या उसके सामने बैठने लगी तो करण ने उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी गोद में खींच लिया और राम्या एक झटके के साथ उसकी गोद में गिरती चली गई।

राम्या: छोड़िए ना पापा मुझे भूख लगी हैं कुछ खाने दीजिए ना !

करण उसके गाल को प्यार से सहलाता हैं और उसकी आंखो में देखते हुए : आज मैं अपनी प्यारी बिटिया को अपनी गोद में बैठा कर अपने हाथो से खाना खिलाऊंगा।

राम्या उसकी गोद में ही बैठी हुई : पापा मैं खुद खा सकती हूं अब कोई छोटी बच्ची नहीं रही हूं मैं।

करण: मेरे लिए तो तुम हमेशा छोटी बच्ची ही रहोगी राम्या , और अब अपनी दलीले बंद करो और आराम से खाना खाओ।

करण अपने हाथ से खाने का एक निवाला बनाता हैं और फिर राम्या की आंखो में देखते हुए प्यार से उसके होठों के पास लाता हैं तो राम्या अपने बड़ी अदा के साथ अपने गुलाबी होंठ खोलती हैं और निवाला खा लेती हैं ।

करना खुश हो जाता हैं और वो फिर से एक के बाद एक निवाले उसे खिलाने लगता हैं ।

राम्या उसकी गोद में ठीक उसके लंड पर अपनी चूत रखे हुए बैठी हुई थी जिसका असर करण के लंड पर होने लगा और उसने सिर उठाना शुरू कर दिया।

जैसे ही लंड का एहसास राम्या को हुआ तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया, सांसे तेजी से चलने लगी और सांसे के साथ उसकी चूचियां उपर नीचे होने लगी।

करण ने जैसे ही उसकी उछलती हुई चूचियां देखी तो उसके लंड ने पूरे जोश में आकर उसकी चूत पर असर डालता शुर कर दिया। लंड की रगड़ से राम्या मस्त हो गई।

इस बार जैसे ही करण खाने का निवाला उसके होंठो के पास लाया तो तो उसने अपने होंठ खोलते हुए करण की एक उंगली भी चूस ली। करण तो जैसे मजे से पागल हो उठा और उसने अपने लंड को थोड़ा सा ऊपर उठाया और उसकी चूत पर रगड़ दिया।

राम्या अब अपने हाथो से करण को खाना खिला रही थी , कुछ निवाले खाने के बाद जैसे ही उसने अगला निवाला करण के मुंह में डाला तो करण ने हल्के से उसकी उंगलियों को काट लिया जिससे राम्या को एक हल्के मस्ती भरे दर्द का एहसास हुआ और बनावटी गुस्सा दिखाते हुए उसकी गोद से खड़ी हो गई और बोली: पापा आप बहुत शैतान हो गए हो जाइए मैं नहीं खिलाती आपको खाना" और ऐसा बोलकर उसके सामने ही खड़ी हो गई और झुक कर पानी की बोतल खोलने लगी।

करण धीरे से उठा और उसे पीछे से अपनी बांहों में भर लिया तो राम्या के झुके होने के कारण लंड सीधे उसकी गांड़ पर अड गया जिससे राम्या की हालत फिर से खराब होने लगी।

करण: अरे मेरे गुड़िया नाराज हो गई, अच्छा बाबा सॉरी , देखो मैं अपने कान पकड़ कर माफी मांगता हूं, ।

करण ने अपने कान पकड़ लिए और जैसे ही राम्या ने अपनी गर्दन घुमा कर उसकी तरफ देखा तो करण ने आगे होते होते एक हल्का का धक्का उसकी गांड़ पर लगा दिया जिससे लंड राम्या की चूत के छेद पर जा लगा ।

राम्या की आंखे मस्ती से चौड़ी हो गई और वो अभी करण की तरफ ही देख रही थी ।

राम्या: पापा क्या बच्चो की तरह से कान पकड़ रहे हों, बेटी हूं आपकी आपका पूरा हक हैं मुझ पर , कोई जरूरत नहीं है माफी मांगने की आपको।

करण खुश हो गया और उसने राम्या को अपनी बांहों में भर लिया और उसके गालों को चूमने लगा। राम्या को बहुत अच्छा लग रहा था, उसने भी अपनी बांहे अपने पापा के गले में डाल दी और उससे लिपट गई।

अब करण उसकी कमर को सहलाने लगा तो राम्या की हालत फिर से खराब होने लगी, उसकी आंखे मजे से बंद हो गई और उसने अपना सिर पापा कर कंधे पर झुका दिया ।राम्या की सहमति पाकर करन का जोश बढ़ गया और उसने उसकी टी शर्ट उपर करके अपने हाथ उसकी नंगी कमर पर फेरने लगा जिससे राम्या ने उसे जोर से अपने बांहों में कस लिया और तो करण ने अपने दोनो हाथ उसकी ब्रा के स्ट्रिप पर रख दिए तो राम्या का दिल बहुत तेजी से धड़कने लगा जिससे उसकी चूचियां करण के सीने में गड़ने लगी।

करण ने जैसे ही उसका ब्रा का स्ट्रैप खोला और उसके नंगी कमर को हाथो में भरा तो राम्या ने मस्ती से भर कर अपनी जीभ अपने बाप के कंधे पर रख दी और किस करने लगी।

दोनो पूरे मस्त हो चुके थे, इससे पहले कि वो दोनो आगे बढ़ते घर की कॉलबेल बज उठी ,। दोनो ना चाहते हुए भी एक दूसरे से अलग हो गए । राम्या ऐसे ही उपर भाग गई और करण ने जैसे ही दरवाजा खोला तो बाहर दूध वाले को देखकर उसका खून मूड खराब हो गया।( इस कमबख्त को भी अभी आना था।)

वो उससे दूध लेता हैं और दरवाजा बंद करके राम्या के रूम की तरफ दौड़ पड़ा ।

राम्या कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी, उसने हल्का सा मेक अप किया हुआ था और गहरे लाल रंग की लिपस्टिक से रंगे उसके सॉफ्ट लिप्स बहुत खूबसूरत लग रहे थे।

करण आगे बढता है और उसे फिर से अपनी बांहों में भर लिया ।

राम्या: छोड़िए पापा मुझे कॉलेज के लिए लेट हो रहा है, ऑटो टाइम पर नहीं मिली तो क्लास छुट जाएगी।

करण: अरे बेटा मैं तुम्हे कॉलेज ड्रॉप कर दूंगा उसकी फिकर मत करो" और उसे जोर से अपने गले लगा लिया और जैसे जी अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर ले गया तो उसे एहसास हुआ कि राम्या के ब्रा की स्ट्रिप अब तक खुली हुई थी जैसे वो उसके वापिस आने का ही इंतजार कर रही हो।

करण जोश में आ गया और उसकी कमर को सहलाने लगा, और दूसरे हाथ को उसकी गांड़ भर रख कर दबाने लगा।

राम्या की तो जैसे हालात खराब हो गई लेकिन उसे कॉलेज जाना था इसलिए वो नहीं चाहती थी कि उसे कपडे रगड़े जाने से खराब हो।

वो करण को हटने का इशारा करती हैं तो करण उससे पहले की तरह ही चुपके रहता हैं।

राम्या: पापा प्लीज़, मेरे कपड़े खराब हों जाएंगे , ।

करण: राम्या आई लव यू सो मच।

राम्या जैसे जी ये सुनती हैं तो खुशी से अपने पापा से लिपट गई।

राम्या: लव यू टू सो मच मेरे पापा।

करण: राम्या में तुम्हे बहुत प्यार करना चाहता हूं, इतना प्यार जितना आज तक किसी से किसी ने ना किया हो ।

राम्या: पापा मैं भी आपसे बहुत पैर करती हूं और आपकी खुशी के लिए कुछ भी कर सकती हूं।
 
करण ने जैसे ही ये लाइन सुनता हैं तो उसने राम्या का हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया। लंड पर हाथ लगते ही राम्या फिर से कांपने लगी । लेकिन अपने आपको संभालते हुए बोली कि पापा मैं अभी इसके लिए तैयार नहीं हूं, मेरा सब कछ आपका हुआ, लेकिन मैं पहले ज़िन्दगी में कुछ बनना चाहती हूं,

और उसके लंड पर से हाथ हटा देती हैं और जोर से करण से चिपक जाती है। करण लंड पर से उसका हाथ हटने से थोड़ा सा निराश हो जाता हैं लेकिन की बात सुनकर वो खुश हो जाता हैं कि वो पूरी तरह से मेरी हो चुकी हैं।

करण: मैं वादा करता हूं राम्या कि आज के बाद मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद सिर्फ तुम्हे कामयाब करना होगा, तुम करो अपनी तैयारी , मै अपना सब कुछ लुटा दूंगा तुम्हे मिस इंडिया बनाने के लिए।

राम्या जैसे ही अपने पापा की बात सुनी तो खुशी से खिल उठी और आगे बढ़कर अपन होंठ उसके होठों पर रख कर चूसने लगीं ।करण भी उसके होंठ चूसने लगा और दोनो एक गहरे किस में डूब गए।

अब राम्या जिम शुरू कर चुकी थी जिससे उसका फिगर और मस्त होता जा रहा था, वो अपनी पूरी ताकत से लगी हुई थी अपने आपको को मिस इंडिया प्रतियोगिता में विजयी बनाने के लिए। करण उसकी हर संभव मदद कर रहा था। रोमांस तो जैसे उनकी लाइफ से खतम हो चुका था।

उधर कबीले में रोज रात को माही की दमदार चुदाई होती और काम्या उनकी मस्ती भरी सिसकारियां सुनकर तड़प उठती और बिस्तर पर करवटें बदलती रहती।उसका पूरा जिस्म जल रहा था, चूत तो हर दम गीली रहती और चूचियां उठी रहती और निप्पल तो बाहर से उठे हुए नजर आते,।

वो रोज रात को माही और समर की चुदाई देखती और समर के लंड देख कर उसकी चूत कांप जाती और डर के मारे उसकी टांगो के बीच में छुप जाती ।

लेकिन अपने मन से वो समर के लंड का लालच नहीं निकाल पा रही थी और ना ही उसे अपनी चूत में ले पाने का हौसला जुटा पा रही थी।

कबीले में स्कूल बन चुका था, सड़के बन चुकी थी, बिजली भी आ गई थी और कबीला पूरी तरह से बदल चुका था। बच्चे अब स्कूल जाते, और समर ने कुछ लकड़ी के आइटम बनाने की फैक्ट्री भी लगा दी थी जिससे लोगो का काम मिल गया और उन्होंने पूरी मेहनत से काम करना शुरू कर दिया।

भीमा अब पूरी तरह से बदल चुका था, बाल स्टाइल में रखने लगा, मॉडर्न कपडे पहनने लगा,

भीमा कुछ तो पहले से ही पढ़ा हुए था और अब स्कूल में भी वो पूरी मेहनत कर रहा था

हर कदम पर भीमा ने समर का साथ दिया और और कबीले का नक्शा ही बदल चुका था, काम्या और समर भीमा की बहुत इज्जत करने लगे । जबकि माही अभी भी उससे नफरत ही करती थी , उसकी नजर में वो पहले को तरह ही राक्षस था जबकि सच में वो पूरी तरह से बदल कर अच्छा इंसान बन चुका था।

एक महीना कब गुज़र गया पता ही नहीं चला और आखिर कार आज समर के वापिस शहर आने का दिन आ गया। सारा कबीला दुखी था, हर कोई अपने आंसू छुपा रहा था, और सबसे ज्यादा दुखी भीमा था क्योंकि समर ने उसकी ज़िन्दगी को पूरी तरह से बदल दिया था ।

आज वो सुबह से ही उदास था और जैसे तैसे करके अपने आंसू रोक रहा था। समर उसे ही ढूंढ रहा था लेकिन भीमा कहीं मिल नहीं रहा था , वो तो अंदर कमरे में घुसा हुआ था और रो रहा था।

समर उसे बाहर लाया तो वो उसके गले से लग कर जोर जोर से रोने लगा। समर ने उसे बड़ी मुश्किल से चुप कराया तो वो काम्या के गले लग गया।

जैसे ही वो काम्या के गले लगा तो काम्या को आज पहली बार एहसास हुआ कि भाई बहन का प्यार रिश्ता क्या होता है। काम्या भी उससे लिपट गई और किसी बच्चे कि तरह उसकी कमर थपकनें लगी।

सामने माही खड़ी हुई थी और आज उसका भी दिल पिघल गया था भीमा को रोते देख कर ।

जैसे ही काम्या ने भीमा को दिलासा देना शुरू किया तो वो फूट फुट कर रोने लगा।

सभी की आंखें नम हो गईं थीं। जैसे तैसे करके काम्या ने उसे चुप कराया तो भीमा रुंधे हुए गले से बोला: दीदी ना समझी में मैने आपका बहुत दिल दुखाया है और मेरे वजह से आपको बहुत दुख पहुंचा, अगर हो सके तो मुझे माफ़ कर देना आप।

काम्या: बस चुप हो जाओ भीमा, मैंने तुम्हे माफ किया और अब मुझे तुमसे कोई शिकवा नहीं हैं।

तभी भीमा माही के पैरो में गिर पड़ा और रोने लगा ।

भीमा: सबसे बड़ा गुनहगार तो मैं तुम्हारा हूं माही, बदले की आग में मैं सही गलत का फ़र्क ही भूल गया था। माफी के काबिल भी नहीं हु, फिर भी अगर हो सके तो मुझे माफ़ कर देना।

माफी का दिल भर आया उसकी बाते सुनकर, वो उसे उठाती है और बोलती हैं कि गलती इंसान से ही होती हैं , अब सब भूल जाओ और कबीले की देखभाल करो ।

भीमा: मैं वादा करता हूं कि मैं दिन रात एक कर दूंगा लेकिन कबीले के हर इंसान को इतना कामयाब बना दूंगा कि एक अपने पैरो पर खड़ा हो सके।

आखिर कार समर, काम्या और माही को लेकर शहर की तरफ चल पड़ा कबीले वालो से इस वादे के साथ की वो बीच बीच में आता रहेगा।काम्या आज सबसे ज्यादा खुश थी क्योंकि वो जानती थी कि अब उसकी प्यासी चूत को लंड मिल जाएगा, करण का लंड , वो खूब जम कर चुदेगी आज पूरी रात, उछल उछल कर लंड लेगी अपनी चूत में । ये सब सोचकर उसकी चूत गीली हो गई और रस छोड़ना शुरु कर दिया । वो जल्दी से घर जाना चाहती थी ताकि उसकी प्यास बुझ सके।
 
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