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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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राम्या कुछ नहीं बोलती , उसे अपने पापा पर गर्व महसूस होता है कि उसके पापा ने नियमो की परवाह ना करते हुए उसकी मम्मी को 30 लोगो की हवस का शिकार होने से बचाया और खुद ही सारी सजा बर्दाश्त की, सच में उसके पापा औरत की कितनी इज्जत करते हैं ।

राम्या: लेकिन पापा एक बात समझ में नहीं अाई कि समर और माही तो एक ही परिवार के हैं और उनकी नसो में एक ही खून दौड़ रहा है, फिर कैसे ये नियम बना कि जो भी लड़की को बचाएगा उससे ही शादी होगी चाहे रिश्ता कुछ भी हो ?

करण एक लंबी सांस लेता है और बोलना शुरू करता है: बेटा क्योंकि हमारा कबीला पूरी तरह से जंगली हैं और उसका इतिहास सदियों पुराना है जहां पहले परिवार में शादी आम बात थी क्योंकि पहले सिर्फ रिश्ते नहीं बल्कि सबको मर्द और औरत की नजर से देखा जाता था। धीरे धीरे टाइम बदला लेकिन कानून नहीं बदल पाया ।

राम्या को सच में बहुत हैरानी हुई ये सुनकर !

राम्या: अगर किसी लड़की को उसका भाई बचाए तो कबीले के नियमो के हिसाब तो उसकी शादी उसके भाई से होनी चाहिए , और और अगर किसी को उसका बाप बचाए तो लड़की की शादी उसके बाप से होगी !

राम्या ने जल्दी में बोल तो दिया कि शादी बाप से होगी लेकिन जब उसे समझ में आया तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया

करण ने जैसे ही उसकी बात सुनी तो उसने ध्यान से राम्या की तरफ देखा तो उसे महसूस हुआ कि ये सब बोलकर राम्या शर्मा गई है कि बाप से भी शादी हो सकती हैं।

दोनो के दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी और चोरी चोरी एक दूसरे को देख रहे थे ।

ऐसे ही चलते चलते दोपहर का टाइम हो गया और दोनो को भूख लगने लगी थी तो करण ने एक अच्छा सा ढाबा देखकर वहां गाड़ी रोक दी ।

करण: आओ बेटी कुछ खा लेते हैं , बहुत भूख लगी हैं।

राम्या भी गाड़ी से बाहर निकली और दोनो ने खाना खाना शुरू कर दिया। खाना काफी टेस्टी बना था और दोनो बहुत मजे से खा रहे थे।

बीच बीच में दोनो की नजरे टकराती तो राम्या का दिल जोर से धड़कने लगता , और चेहरे पर लाली बढ़ जाती हैं,

खाना खाने के बाद करण फिर से गाड़ी शुरू कर देता है और दोनो चल पड़ते हैं ।

करण: बेटी कॉलेज से आने के बाद तो तुम घर पर अकेली हो जाया करेगी , तुम्हारा मन कैसे लगेगा ?

राम्या: पापा मैं अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया करूंगी और टीवी देख लिया करूंगी।

करण: ठीक है बेटी , जैसे तुम्हे ठीक लगे करना, कभी भी दिल ना लगे तो मुझे कॉल कर लिया करना , मैं आ जाया करूंगा।

राम्या: जी पापा , मैं बता दिया करूंगी आपको।

राम्या को खुशी ही रही थी कि उसके पापा उसका कितना ध्यान रखते हैं और उसके दिल में अपने पापा के लिए प्यार और इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं।

अब धीरे धीरे रात गहराने लगी थी और राम्या को नींद आने लगी तो उसने करण को बताया कि उसे नींद आने लगी हैं तो उसने राम्या को पिछली सीट पर लिटा दिया और राम्या सो गई।

करण पूरी रात गाड़ी ड्राइव करता रहा और आखिर कार सुबह वो दोनो घर पहुंच चुके थे।

करण गाड़ी पार्क करता है और राम्या को जगाता है और दोनो घर के अंदर चले जाते हैं।

घर में कोई नहीं था , समर और राम्या दोनो फ्रेश होने लगते हैं,

करण नहाकर आ जाता है और अपनी बॉडी पर सरसो के तेल की मालिश कर रहा था। राम्या नहाने के लिए बाथरूम में घुस गई थी और अंदर से पानी गिरने की आवाज लगातार आ रही थी।

जब राम्या नहा चुकी तो उसे एहसास हुआ कि वो कपड़े तो बाहर ही भूल गई है तो उसे शर्म आने लगी कि अब वो बाहर कैसे जाएगी,

हिम्मत करके उसने करण को आवाज लगाई: पापा टॉवेल दे देना मैं कपड़े बाहर ही भूल गई हूं,।

करण ने जैसे ही ये सुना तो उसके रोंगटे खडे हो गए, फिर उसने टॉवेल ढूंढा तो उसे बड़ी मुश्किल से एक टॉवेल मिला जो कि बहुत छोटा था और चल दिया बाथरूम की तरफ। अभी करण सिर्फ एक अंडर वियर में था और उसकी चोड़ी छाती पूरी तरह से नंगी थी और तेल लगा होने के कारण पूरी तरह चमक रही थी।

गेट के बाहर जाकर वो हल्के से नोक करता है तो राम्या धीरे से बाथरूम का गेट खोलती हैं और अपना चेहरा बाहर निकाल कर टॉवल लेने के लिए जैसे ही हाथ आगे बढ़ाती हैं तो उसका पूरा नंगा गोरा चित्ता हाथ कंधे तक बाहर आ जाता हैं टॉवेल पकड़ने के लिए , काले बाल उसके गोरे मुखड़े के चारो तरफ फैले हुए थे जो उसकी सुंदरता को और बढ़ा रहे थे ऐसा लग रहा था मानो काले बादलों में से चांद बाहर निकाल आया हो, बालो से टपकती पानी की बूंदे बहुत खूबसूरत लग रही थी , ।

जैसे ही राम्या का हाथ करण के हाथो से टकराया तो दोनो के दिल तेजी से धड़क उठे ।फिर राम्या ने टॉवेल को लिया और एक बार नजरे उठाकर करण की तरफ देखा तो जैसे ही उसके नजरे करण से मिली वो उसकी धड़कने तेज हो गई और सीना उपर नीचे होने लगा।

करण भी उसके पूरे कंधे तक नंगे हाथ को देख कर मस्त हो चुका था और उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी इस गेट के पीछे पूरी तरह से नंगी खड़ी हुई है तो उसके लंड में हलचल होने लगी।

राम्या ने शर्म के कारण अपनी नजरे नीची करी तो उसकी नजर करण की चोड़ी छाती पर पड़ी जो कि तेल लगने के कारण पूरी तरह से चमक रही थी, उफ्फ कितनी चोड़ी छाती हैं मेरे पापा की ये सोच कर उसकी सांसे तेजी से चलने लगी । करण जैसे ही राम्या की नजरो का पीछा किया तो उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी उसकी छाती को घूर कर देख रही हैं तो उसे जैसे यकीन ही नहीं हुआ ।

राम्या ने जैसे ही नजरे उपर उठाई तो उसकी नजरे फिर से अपने बाप से टकरा गई तो उसे एहसास हुआ कि उसके पापा को पता चल गया कि मैं उसकी छाती देख रही हूं तो शर्म के मारे उसका मुंह लाल हो गया और चूचियां अकड़ने लगी ।
 
राम्या: पापा आप एक दम तगड़े पहलवान हैं, फिर आप भीमा से कैसे हार गए ? (राम्या का लगा कि कहीं उसने गलत सवाल तो नहीं पूछ लिया हैं )

करण जैसे ही सुनता हैं तो उसका लंड चुपचाप नीचे बैठ जाता है और वो बोलता हैं: बेटी दुनिया में सबसे बड़ी आग होती हैं प्रतिशोध की आग , भीमा उसी आग में पिछले 25 साल से जल रहा था जिस कारण वो मुझ पर भारी पड़ा , और फिर मेरे मन में डर भी था कि अगर मैं हार गया तो माही का क्या होगा , मेरी हार का सबसे बड़ा कारण मेरा माही को लेकर डर और भीमा की बदले की आग थी। "

राम्या: हुम्म , तो ये असली कारण था , वरना भीमा की क्या औकात उसे तो आप आराम से धूल चटा सकते थे।

करण जैसे ही ये सुनता है तो उसे खुशी होती है क्योंकि कोई भी आदमी औरत के मुंह से सिर्फ अपनी तारीफ सुनना पसंद करता है , अब उसके होंठो पर स्माइल आ गई थी फिर से।

राम्या जैसे ही करण की स्माइल देखती हैं तो वो एक बार फिर से अपने बाप की छाती पर नजर डालते हुए अपनी नजरे उसकी नजरो से मिला देती हैं और फिर से एक स्माइल करते हुए टॉवेल अंदर लेकर गेट बंद कर देती हैं।

राम्या अच्छे से अपने शरीर को टॉवेल से साफ करती हैं , जैसे ही उसके हाथ उसकी चूचियों पर आए तो उसे एहसास हुआ कि उसके निप्पल एक दम कड़क होकर उपर की तरफ मुंह उठा चुके हैं। उसने धीरे से अपने एक बूब्स को हाथ में भर कर दबाया तो एक मीठी सी लहर उसके जिस्म में दौड़ गई ।उसने बड़ी मुश्किल से अपने आपको काबू किया और फिर से अपने शरीर पर लगा पानी साफ करने में जुट गई , वो अपने जिस्म के हर हिस्से को टॉवेल से रगड़ रगड़ कर साफ़ कर रही थी जिससे उसे बहुत मज़ा आ रहा था।

उधर जैसे ही गेट बंद हुआ तो करण जैसे होश में आ गया , उफ्फ कितनी सुन्दर लग रही थी राम्या, कितने मस्त और चिकने हैं उसके हाथ , बगल में तो बाल का नामो निशान भी नहीं, अपने आपको कितना चिकना करके रखती हैं,।

ये सब सब सोचते सोचते उसका लन्ड अंडर वियर में हिलने लगता हैं , उफ़ कैसे देख रही थी वो मेरी चोड़ी छाती की तरफ, क्या वो भी मुझे पसंद करती हैं ?

वो अपने विचारो में खोया हुआ अपने शरीर की तेल से मालिश कर रहा था । राम्या अच्छे से अपने शरीर को साफ करने के बाद काले टॉवेल को अपने जिस्म पर लपेट लेती हैं जो कि बहुत छोटा सा और मुश्किल से उसकी जांघो तक आ पा रहा था, उपर से उसके दोनों कंधे नंगे थे और उसकी चूचियों का उभार भी साफ नजर आ रहा था। वो एक नजर सामने लगे शीशे में देखती है और धड़कते दिल से बाथरूम का गेट खोल कर बाहर आ जाती हैं जहां करण सिर्फ अंडर वियर में खड़ा हुआ अपने जिस्म की तेल से मालिश कर रहा था।

जैसे ही उनकी नजर राम्या पर पड़ी हुई उसका मुंह खुला का खुला रह गया। उफ्फ कितनी सेक्सी लग रही थी वो , टॉवल छोटा होने के कारण उसकी चूचियां आधे से ज्यादा बाहर थी , और नीचे गोरी चिकनी टांगें जांघो तक साफ नजर आ रही थी , करण उसे गौर से देख रहा था , जैसे ही राम्या को उसकी नजरों का एहसास हुआ था उसका मुंह शर्म से लाल हो गया और उसकी आंखे झुक गई,

करण का लंड अब तक उसके अंडर वियर में एक बड़ा सा तम्बू बना चुका था, जिससे उसका अंडर वियर आगे से उठ चुका था और खड़े हुए लंड का साफ एहसास हो रहा था ।

राम्या की नजर जैसे ही अंडर वियर के उभार पर पड़ी उसकी आंखे भारी होने लगी और चूचियां टॉवल से ही उपर नीचे होने लगी जिससे उसकी चूचियां और ज्यादा बाहर आने को तैयार लग रही थी, चूंकि राम्या की नजर नीची थी इसलिए करण आराम से उसकी चूचियों के उभार को देख रहा था जिससे उसका लन्ड पूरी तरह टाइट होकर हिलने लगा, ये सब देखकर राम्या तो वहीं की वहीं खड़ी सी रह गई और उसका गला सूखने लगा, पूरा जिस्म गरम हो चुका था और चूत भी गीली होने लगी।

वो नजरे नीची किए हुए ही कमरे से बाहर जाने लगी तो करण को ना जाने क्यों निराशा सी हुई ।

जैसे ही राम्या गेट के पास पहुंची तो करण की आवाज सुनाई पड़ी : बेटी मेरी एक हेल्प कर दो , मेरा हाथ कमर तक ठीक से नहीं जा पा रहा है , मेरी कमर पर थोड़ा सा तेल लगाकर मालिश कर दो।

जैसे ही उसने करण की बात सुनी उसके जिस्म का रोम रोम कांप उठा , इस हालत में वो मालिश कैसे करेगी । वो बड़ी हिम्मत करके बोलती हैं कि : पापा मैं कपड़े चेंज करके आऊ?

करण: अरे इतना टाइम नहीं है , मुझे ऑफिस भी जल्दी जाना हैं , देख लो अगर कर सको तो अभी कर दो नहीं तो में खुद ही कोशिश कर लूंगा ।

और ऐसा बोलकर अपना हाथ पीछे कमर पर ले जाने लगा लेकिन उसका हाथ उसकी पूरी कमर पर नहीं जा पा रहा था।

राम्या: पापा आप रुको में करती हू और राम्या ने आगे बढ़कर अपने हाथ में तेल लिया और फिर उसके पीछे जाकर खड़ी हो गई और हल्के हाथ से उसकी कमर पर तेल लगाने लगी । जैसे ही उसके नाजुक हाथ करण की कमर से लगे करण की सांसे बढ़ने लगी जिसका असर सीधे उसके लंड पर होने लगा।
 
राम्या की तो आंखे ही बन्द हो चुकी थी इस अद्भुत एहसास से , उसकी चूचियों पूरी तरह से छोटे से टॉवेल में उछल रही थी , वो अपना पूरा हाथ उसकी कमर पर उपर से नीचे घुमाने लगी तो करण को बड़ा अच्छा लगने लगा और वो अपनी कमर को थोड़ा सा पीछे ले जाने लगा ताकि राम्या आराम से रगड़ रगड़ कर मालिश कर सके।

करण को असीम आनन्द मिला रहा था उसकी नाजुक उंगलियों के एहसास से जिस कारण मजे के उसका मुंह खुलता चला गया।करण: राम्या तुम्हारे हाथो में तो जैसे जादू हैं, बड़ा अच्छा लग रहा है , कहां सीखी इतनी अच्छी मालिश ?

राम्या को अपनी तारीफ सुनकर बहुत अच्छा लगा और वो थोड़ा रगड़ रगड़ कर हाथ चलाने लगी तो करण मजे से झूमने लगा।

करण: बताओ ना राम्या कहां सीखी इतनी अच्छी मालिश? जहां जहां तुम्हारी उंगलियां घूम रही हैं वहां से सदियों की थकान मिटती जा रही है। " बोलो राम्या?

राम्या थोड़ा तेल और लेती हैं और अपनी मालिश का दायरा बढ़ाते हुए उपर उसकी कमर से लेकर नीचे उसकी गांड़ तक मालिश करने लगती हैं।

राम्या: पापा पहली बार मालिश कर रही हूं , बस आपको ही देखा था करते हुए ।

जैसे ही उसकी उंगलियां करण को गांड़ पर दबाव डालती तो करण का लंड तेज झटके मारने लगता जो की आगे था और राम्या को दिख नहीं पा रहा था।

राम्या भी इस एहसास से गर्म हो चुकी थी और उसके भी पैर खड़े खड़े कांपने लगे थे जिस कारण उसे मालिश करने में दिक्कत हो रही थी , इसलिए उसने थोड़ा आगे होकर एक हाथ आगे बढ़ कर करण के कंधे पर टिका दिया और दूसरे हाथ से मालिश करने लगी ।, जैसे ही वो आगे को हुई उसका एक नंगा कंधा करण के कंधे से टच हो जिससे उसके मुंह से आह निकल पड़ी जिसे उसने बड़ी मुश्किल से दबाया ।

अब राम्या पूरे जोर जोर से उसकी गांड़ से लेकर कमर तक मालिश कर रही थी और पूरा दबाव डाल रही थी ।

जैसे ही करण के गांड़ पर राम्या की उंगलियों का दवाब पड़ता तो उसका लंड जोश में और आगे को हो जाता , करण करण अब जोश में आ चुका था और उसने हल्के से अपना कंधा राम्या के कंधे पर दबा दिया तो राम्या के मुंह से एक हल्की सी आह निकल पड़ी जो की करण ने सुन ली । अब वो अपने कंधे को थोड़ा जोर जोर से उसके कंधे से दबाने लगा,। माही की तो चूचियां पूरी हिल रही थी,मजे से आंखे बंद हो चुकी थी और चूत ने टपकना शुरू कर दिया था।

अब राम्या पूरी मस्त हो चुकी थीं और उसने आगे बढ़ते हुए करण के एक कंधे पर भी मालिश करना शुरू कर दिया और फिर धीरे धीरे उसके पूरे हाथ कि मालिश करने लगी , लंड इस कदर टाइट हो चुका मानो क़ैद से बाहर आना चाहता हो, करण से और बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने आगे से अंडर वियर के नीचे किया और बाहर निकाल लिया और वो अपने हाथ से हिलाने लगा।

राम्या को उसके हाथ हिलाने से झटके लगने लगे और उसकी दोनो आंखे खुल गई।लेकिन वो पीछे खड़ी हुई थी जिस कारण उसे सिर्फ करण का हिलता हुआ हाथ दिख रहा था और वो समझ गई कि उसका बाप अपना लन्ड हिला रहा है।

वो पूरी तरह से मदहोश ही चुकीं थीं, वासना उसके उपर हावी हो गई और उसके मन में कम से कम एक बार अपने बाप की पूरी चौड़ी छाती छूने का लालच आ गया । उसने अपने दोनो हाथो में फिर से तेल लिया और अपनी आंखे बंद करके अपने दोनो हाथ करण के हाथो के अंदर से निकाल कर उसकी चोड़ी छाती पर जमा दिए जिससे उसका आगे का हिस्सा करण की पीठ से जुड़ता चला गया। जैसे ही उसके हाथ छाती से छुए तो उसे एहसास हुआ उफ्फ कितनी टाइट और चौड़ी हैं करण की छाती , ये सोचते ही उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो गई।

करण भी उसके नाजुक हाथो की छुवन से मस्त हो गया और जोर जोर से अपना लंड हिलाने लगा, माही अब अपने दोनो हाथो से उसके सीने को रगड़ रही थी और मजे से उसका पूरा जिस्म हिल रहा था और करण का जिस्म तो लंड हिलाने के कारण पहले से ही हिल रहा था जिस कारण राम्या की कमर पर बन्धा हुए टॉवेल ढीला होने लगा।

टॉवेल के ढीला होने का एहसास होते ही राम्या का रोम रोम जलन लगा, चूत इतनी गीली हो गई की पानी बाहर निकलने को तैयार हो गया।

राम्या ने एक बार हल्का सा चेहरा तिरछा किया और आगे की तरफ देखा तो करण का मोटा लंबा लंड उसकी आंखो के सामने था जिस पर नजर पड़ते ही उसके मुंह से आह निकल गई और वो अपने दोनों हाथ उसकी गर्दन में डालते हुए उससे पूरी तरह से चिपक गई और उसके मुंह से एक मस्ती भरी आह निकल पड़ी।

करण सब समझ चुका था और जोर जोर से अपने लंड को हिलाने लगा,।

करण: क्या हुआ राम्या? सब ठीक तो हैं ?

राम्या जैसे होश में आई और अपने आपको संभालते हुए : हान पापा , मेरा हाथ थोड़ा फिसल गया था " और ये बोलते हुए जैसे ही वो पीछे हुई पूरी तरह से खुल चुका टॉवेल नीचे गिर गया और उसकी मस्त, गोल गोल, कठोर चूचियां पूरी तरह से नंगी हो गई।

करण ने नीचे गिरे हुए टॉवेल को देखा तो वो समझ गया कि राम्या पूरी नंगी हो चुकी है , उफ्फ वो जोर जोर से अपने लंड हिलाने लगा मानो उसे उखाड़ ही देना चाहता हो।

राम्या का तो शर्म के मारे बुरा हाल हो चुका था, ।

करण: बेटी मालिश क्यों बंद कर दी ? कितना अच्छा लग रहा था, फिर से करो ना और थोड़ा जोर से करो पूरा रगड़ रगड़ कर।

राम्या एक नजर अपनी उठती गिरती हुई चूचियों को देखती हैं और फिर से थोड़ा आगे होकर अपने दोनो हाथ उसकी छाती पर रख कर रगड़ने लगती हैं । राम्या इतनी मदहोश हो चुकी थी कि वो अपना सूखा हाथ ही उसकी छाती पर रगड़ रही थी।

करण उसकी हालत पूरी तरह से समझ चुका था इसलिए वो आगे बढ़ते हुए अपनी कमर को थोड़ा पीछे करता हैं जिससे रमया की चूचियां उसकी कमर से रगड़ गई और राम्या के मुंह से आह निकल पड़ी और उसने करण की एक छाती को जोर से दबा दिया ।

करण ने अपने जिस्म को फिर से पीछे किया और अपनी कमर से उसकी चूचियां को रगड़ा जिस करण राम्या फिर से इस मस्त एहसास से तड़प उठी। करण ने फिर से अपनी कमर को आगे कर लिया। वो राम्या को जान बूझकर तड़पा रहा था।

अब राम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने करण के निप्पल को जोर से अपने हाथो में भर कर दबाया और आगे बढकर पूरी ताकत से अपनी चूचियां उसकी कमर में घुसा दी और उसके मुंह से सिसकारियां निकल पड़ी।

करण उसकी मस्त ठोस चूचियों को महसूस करके पागल हो उठा और पूरी ताकत से अपने लंड को हिलाते हुए अपनी कमर से उसकी चूचियां दबाने लगा, राम्या की तो आंखे मजे से बन्द हो चुकी थी और चूत से बहकर रस जांघो तक आ चुका था ।

उसे अब कोई परवाह नहीं थी कि जिससे वो लिपटी हुई है वो उसका सगा बाप हैं, उसे तो बस अपने जिस्म को ठंडा करना था । उसने अपनी टांगो को पूरा खोल लिया और अपनी गीली हो चुकी चूत को करण की गांड़ पर रगड़ते हुए सिसकियां लेने लगी।

करण को जैसे ही उसकी नंगी गीली, टपकती हुई चूत का एहसास अपनी गांड़ पर हुआ तो जैसे ही इस बार राम्या की टांगे पीछे हुई तो करण ने जोश में आते हुए एक हाथ से अपना अंडर वियर नीचे सरका दिया और जैसे ही राम्या की चूत आगे हुई तो वो करण की नंगी गांड़ से रगड़ गई जो राम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसका मुंह खुलता चला गया: आह, री सी ई आह"
 
और वो जोर जोर से अपनी चूत करण की कठोर गांड़ पर घिसने लगी। करण भी पूरा दम लगाकर अपनी गांड़ और कमर पीछे कर रहा था जिससे राम्या को बहुत मजा आ रहा था। दोनो ही झड़ने के बहुत करीब आ चुके थे। करण अपने लंड को पूरी रफ्तार से हिला रहा था तो राम्या उससे ही ज्यादा तेजी से अपनी चूत रगड़ रही थी । चूत से इतना पानी बह चुका था कि करण की टांगे भी गीली हो गई ।

तभी राम्या को लगा कि उसकी चूत में तूफान आ गया है और उसकी चूत फटने वाली हैं तो उसने अपनी कमर को पीछे किया और फिर पूरी ताकत से अपनी चूत उसकी कठोर गांड़ पर दबा दी और उसकी छातियों पर अपने नाखून गड़ा दिए , और उसके कंधे को अपने होठों से चूसने लगी। उसकी चूत खुली और रस बह निकला और करण की गांड़ को गीला करती चली गई।

करण को जैसे ही उसके चूत रस का एहसास हुआ उसका भी धैर्य जवाब दे दिया और उसके लंड से भी पिचकारी पर पिचकारी निकलने लगी।

राम्या की चूत जब तक रस बहाती रही तब तक राम्या पूरी जोर से उसकी से चिपकी रही और जैसे ही चूत ठंडी हुई उसे अपने हालत का एहसास हुआ कि वो कैसे अपने बाप से नंगी लिपटी हुई अपनी चूत उसकी गांड़ से रगड़ रही थी।

उसका पूरा चेहरा शर्म से लाल हो गया और उसने पूरी हिम्मत समेटकर टॉवेल उठाया और उसे अपनी चूचियों पर रख कर तेजी से कमरे से बाहर जाने लगी।राम्या जल्दबाजी में भूल गई कि उसकी गांड़ पीछे से पूरी तरह से नंगी थी।

जैसे ही वो करण के पास से गुजरी तो उसकी पूरी तरह से नंगी उभरी हुई गांड़ हिलती हुई उसके नजरो के सामने आ गई जो कि राम्या के तेजी से चलने के कारण पूरी तेजी से उपर नीचे हो रही थी । उसकी गांड़ पर नजर पड़ते ही करण का हाथ तेजी से लंड पर पड़ा जिससे अभी भी पिचकारियां निकल रही थी जो कि सामने से भाग रही राम्या की गांड़ पर पड़ी ।

पिचकारियां पड़ते ही वो तेजी से भागते हुए बाहर चली गई।

करण यकीन नहीं कर पा रहा था कि को कुछ हुआ वो सब कोई सपना तो नहीं हैं ।

उधर राम्या की गांड़ पर जैसे ही वीर्य की पिचकारी पड़ी तो उसे एहसास हुआ कि उसकी गांड़ जल्दबाजी में नंगी ही रह गई थी तो वो अपने आपको को कोसने लगी और अपने हाथ से वीर्य को गांड़ पर से साफ करके सूंघने लगी तो मस्ती से फिर से उसकी आंखे बंद हो गई । फिर उसने जल्दी से कपड़े पहने और नाश्ता तैयार किया और करण भी अब तैयार होकर नाश्ते की टेबल पर आ चुका था। दोनो ने नाश्ता किया तो पूरे नाश्ते के बीच राम्या की नजरे शर्म से झुकी रही तो करण भी चुप चाप खाना खाता रहा।

नाश्ता खत्म करने के बाद वो ऑफिस जाने के लिए जैसे ही गेट तक पहुंचा ती राम्या की आवाज सुनाई पड़ी:

पापा शाम को थोड़ा जल्दी आ जाना, मैं आपका इंतजार करूंगी।

करण ने मुड़कर उसे देखा तो राम्या ने एक तीखी मुस्कान के साथ उसका स्वागत करते हुए अपनी नजरे उसकी नजरों से मिला दी ।

जैसे ही दोनो की नजरे मिले तो फिर से दोनो के दिल एक साथ धड़क उठे ।करण ने उसे देख कर हल्के से स्माइल किया और गेट खोलकर बाहर निकल गया।

करण अपने ऑफिस पहुचं कर काम शुरू कर देता है लेकिन आज उसका मन काम में नहीं लग रहा था। रह रह कर उसे सुबह मालिश की वजह से हुआ हादसा याद आ रहा था कि किस तरह से राम्या उसकी गांड़ से अपनी अपनी गीली चूत रगड़ रही थी। हाय कितनी गर्म चूत हैं उसकी और कितनी टाइट लग रही थी आज , उफ्फ उसकी बड़ी बड़ी चूचियां तो जैसे मेरी कमर में घुसे जा रही थी और निप्पल कितने टाइट होकर खड़े हो गए थे , पूरी तरह से जवान हो गई हैं अब राम्या, तभी तो आज वो इतनी बुरी तरह से चिपक गई थी मुझसे, ।

आज उसे एहसास हो रहा था कि भूल भुलैया में हुई उससे एक छोटी सी लगती ने आज उनके रिश्ते को किस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। काश वो माही की तरफ ना झुकता तो आज जो हुआ वो सब नहीं होता ।

लेकिन मेरा लंड भी तो एक दम बदतमीज हैं , कैसे खड़ा हो गया था सुबह आज राम्या को देख कर , । फिर सोचता हैं कि लंड की क्या गलती वो तो सिर्फ चूत देखता है लेकिन मुझे खुद तो अपने आप पर काबू रखना चाहिए था। पता नहीं राम्या क्या सोच रही होगी मेरे बारे में कि मैने उसका फायदा उठाने के लिए उसे मालिश को कहा था। खैर अब तक जो हुआ सो हुआ लेकिन अब मुझे आगे से अपने आप पर काबू रखना होगा क्योंकि अगर अभी से राम्या सेक्स में उलझ गई तो उसका पूरा कैरियर तबाह हो जाएगा।

आखिरकार वो निर्णय कर लेता है कि अब वो खुद तो अपने बेटी से दूर रहेगा ही और अगर वो अपनी तरफ से इशारा करती हैं तो उसे नजर अंदाज कर देगा।

उधर राम्या घर पर अकेली रह गई थी , किचेन का सारा काम खत्म किया और फिर अपने कॉलेज के लिए चली गई। आज उसके कॉलेज में मुंबई से एक डायरेक्टर शीला अाई हुई थी जो कि होने वाले मिस इंडिया 2019 प्रोग्राम के लिए लड़कियां तलाश कर रही थी इसलिए सभी लड़कियां आज बहुत खुश थी कि क्या पता किसकी किस्मत खुल जाए ।

राम्या भी बैठी हुई थी और सभी लड़कियों की परफॉर्मेंस देख रही थी कि वो किस तरह से स्टेज पर लचक लचक कर चल रही थी जिससे उनकी मस्त आधी नंगी गांड़ थिरक रही थी।

राम्या की बारी आने पर वो भी स्टेज पर चली गई , आज उसने एक काले रंग की वेस्टर्न कल्चर की ब्रा पेंटी पहनी हुई थी जिसमें उसका दूध सा गोरा रंग बहुत आकर्षक लग रहा था।

ब्रा और पेंटी दोनो बहुत टाईट थी जिसके कारण उसकी चूचियां पूरी तरह से दब कर बाहर की ओर झांक रही थी, बस सिर्फ निप्पल ब्रा के अंदर था बाकी सारी की सारी चूचियां बाहर निकली पड़ी हुई थी। पेंटी उसकी जांघो पर इतनी कस रही थी कि उसकी चूत का शेप भी साफ नजर आ रहा था , और पीछे उसकी गांड़ तो लगभग पूरी नंगी ही थी।

जैसे ही वो लचक लचक कर रैंप पर चलने लगी तो सारी लड़कियां उसे देख कर जल उठी क्योंकि उसकी बड़ी गांड़ जो कि पूरी तरह से बाहर निकलने को बेताब थी उछलने लगी । चूंचियां ऐसे हिल रही थी मानो उनमें स्प्रिंग लगा दिया गया हो।

शीला ये सब देखकर खुशी से झूम उठी:। वाउ , शानदार क्या मस्त फिगर हैं इस लड़की का , ये तो मॉडलिंग की दुनिया में आग लगा देगी, तुम्हारा चयन पक्का हो गया है मिस राम्या ।

जैसे ही स्टाफ के लोगो ने सुना की राम्या का सिलेक्शन तय हो गया है वो खुशी से झूम उठे क्योंकि आज पहली बार उसके कॉलेज से कोई लड़की सेलेक्ट हुई थी।

राम्या तो जैसे हवा में उड़ रही थी, उसे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो पा रहा था कि क्या ये सब सच हैं वो मुंबई जाएगी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए।

फिर शीला मैडम उसे अपने पास ऑफिस में बुलाती हैं और कुछ जरूरी बाते समझाती है कि उसे और अच्छा दिखने के लिए क्या करना चाहिए , हेयर स्टाइल कौन सा होना चाहिए , सही ड्रेसिंग सेंस क्या हो जिसमें उसका जिस्म पूरी तरह से खिल जाए, ।

शीला: राम्या तुम्हे जिम ज्वाइन करना चाहिए , ऐसे तो तुम्हारा फिगर एक दम सही हैं लेकिन अगर कमर पर से थोड़ा सा फैट कम हो गया तो तुम्हे मिस इंडिया बनने से कोई नहीं रोक सकता ।

राम्या: जी मैडम , मैं आज ही शुरू कर दूंगी , कॉलेज में तो जिम हैं ही और साथ ही यहां पर ट्रेनर मैडम भी बहुत अच्छी हैं ।

शीला: ठीक हैं , अगले महीने 10 तारीख को मुंबई आ जाना ताकि मैं तुम्हे एक हफ्ता अपने साथ रख कर जरूरी प्रैक्टिस करा सकू क्योंकि 17 को प्रतियोगिता हैं।

राम्या: जी मैडम , मैं पक्का आ जाऊंगी,
 
शीला उसे अपना मोबाइल नम्बर देती है और साथ ही अपना एड्रेस कार्ड भी ताकि उसे पहुंचने में कोई परेशानी ना हो।

पूरा दिन कॉलेज में खुशी से बीत गया । जहां एक ओर खुशी का माहौल था तो दूसरी तरफ कुछ लड़कियां ऐसी भी थी जो राम्या से जल रही थी ।

शाम को कोई 4 बजे राम्या घर आई और हल्का सा चाई और ब्रैड लिया । उसकी पूरे दिन की थकान उतर गई थी इसलिए वो पढ़ने बैठ गई लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था , आज का दिन उसके लिए बेहद खुशी का दिन था और ये सब उसके पापा की वजह से हो रहा था।

पापा याद आते ही उसे वो याद आ गया कि किस तरह से उसके पापा ने उसका एडमिशन कराया था और आज उसका सिलेक्शन भी हो गया । कितना प्यार करते हैं उसके पापा उससे , और वो कितनी पागल हैं कि उसने अब तक अपने पापा को ये खुश खबरी नहीं दी हैं।

उसने जल्दी से अपना मोबाइल उठाया और पापा का नंबर मिला दिया तो रिंग जाने लगी ।

करण: हेल्लो राम्या !

राम्या: हाय पापा कैसे है आप ?

करण: ठीक हूं बेटी , तुम कैसी हो , आ गई क्या कॉलेज से ?

राम्या: अच्छी हूं पापा, येस आ गई हूं जी, आज मैं बहुत खुश हूं पापा ।

करण: अच्छा , हमे भी तो बताओ ऐसा क्या हो गया जो हमारी गुड़िया इतनी खिल रही हैं ?

रम्या: सरप्राइज सरप्राइज , पहले आप घर आओ , तब बताउंगी ,।

करण: ओके, मै बस निकलने ही वाला था , तुम्हारा कॉल आ गया, थोड़ी देर में पहुंच जाऊंगा ।

रम्या: ओके बाय पापा । और वो फोन काट देती हैं

राम्या बेताबी से करण का इंतजार करने लगी थी। उसे सुबह वाली मालिश याद आ गई तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो उठा । उफ्फ पापा क्या सोच रहे होंगे मेरे बारे में। में उनसे कैसे नजरे मिला पाऊंगी ।

राम्या बेताबी से पापा का आने का इंतजार कर रही थी , उधर करण सोच रहा था कि ऐसा क्या हो गया जो ये इतनी खुश लग रही थी । करण अपनी गाड़ी निकालता हैं और घर की तरफ दौड़ा देता है और रास्ते में से राम्या के पसंदीदा पनीर पकोड़े ले लेता है ।

राम्या ने आज एक टाइट जीन्स और टी शर्ट पहनी हुई थी जिसमें वो कमाल लग रही थी । करण घर पहुंचता है तो राम्या गेट खोलती हैं और करण के गले से लग जाती हैं और और अपनी बांहों में भर लेती हैं ।

गेट अभी खुला हुआ था जिसे करण बंद कर देता है और फिर राम्या से पूछा: अरे क्या हुआ आज बहुत प्यार आ रहा है अपने पापा पर , कुछ बताओ तो सही ।

राम्या खुशी से: पापा आज मैं मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए कॉलेज से चुनी गई हूं।

और ऐसा कहकर फिर से उसके गले लग जाती हैं और उसे कसकर भींच लेती है ।

करण जैसे ही ये सुनता है तो वो भी खुशी से झूम उठता है और राम्या को जोर से अपनी बांहों में भींच लेता हैं।

करण: अरे ये तो बहुत खुशी की बात है मुबारक हो राम्या।

राम्या झूमते हुए: थैंक्स पापा, ये सब आपकी वजह से हुआ है, अगर आपने उस दिन मेरा एडमिशन ना कराया होता है तो मुझे ये मोका नहीं मिलता।

और ऐसा कहकर फिर से करण से चिपक जाती हैं । दोनो अभी तक गेट में ही खड़े हुए थे। किसी को कोई होश नहीं था , बस दोनो बहुत खुश थे । राम्या काफी देर से करण से चिपकी हुई थी जिस कारण करण के जिस्म में हलचल होने लगी , और लंड ने फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया।

करण उसकी कमर सहलाते हुए : अरे बेटा ये सब तो तुम्हारी अपनी मेहनत और किस्मत हैं मॉडल साहिबा ।

जैसे ही राम्या मॉडल साहिबा सुनती हैं तो वो खुशी से झूम उठी और करण को जोर से भींचते हुए अपने पापा के गाल पर एक किस कर दी । करण के सीने में अब उसकी चूचियां गड़ गई जिसे वो साफ महसूस कर रहा था जिस कारण मदहोश सा होने लगा।

करण: लेकिन सिर्फ तुम्हे ही सेलेक्ट किया इसका कारण क्या था राम्या?

राम्या: जी पापा वो वो बात य ये हैं कि कि ?

राम्या के शब्द गले में ही रह गए , वो कैसे अपने बाप को बताती कि उसका फिगर सबसे अच्छा होने के कारण उसे चुना गया है।

करण: अरे अरे, बताओ बेटी क्या हुआ क्यों हकला रही हो?

राम्या कुछ नहीं बोलती ,उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता है और करण के सीने में मुंह छुपा लेती हैं।

करण: अरे बोलो भाई ऐसे कैसे काम चलेगा ? मुझसे कैसी शर्म ?

राम्या बड़ी मुश्किल से अपना मुंह खोलती हैं : वहां मेरा फिगर सबसे अच्छा था ना पापा ।

और फिर से शर्मा गई और उसकी सांसे बुरी तरह से उखड़ गई थी, चूचियां उपर नीचे हो रही थी जो करण के सीने पर उछल रही थी। राम्या का पूरा जिस्म कांपने लगा ।

करण: ओह, अरे ये तो बहुत अच्छी बात हैं, इसमें इतनी शर्म करने की क्या जरूरत ।

करण उसकी उपर नीचे होती चूचियां देख कर बैचेन हो रहा था , उसका लन्ड पूरा खड़ा हो चुका था और अब राम्या की जांघो पर अड रहा था। राम्या की आंखे अभी भी बंद थी , जैसे ही उसे लंड के खड़े होने का एहसास हुआ उसका जिस्म गर्म होने लगा और गला सूखने लगा।

करण : अरे मॉडल साहिबा ये तो बताओ कि आपका फिगर क्या हैं जो सबसे अच्छा हैं?

और ऐसा बोलकर अपने हाथ अब उसके पिछवाड़े पर ले जाकर सहलाने लगा। राम्या ने जैसे ही ये सवाल सुना तो उसके होश ही उड़ गए, है भगवान अब में अपने पापा को अपना फिगर कैसे बताऊं?

करण: बताओ ना राम्या ? मैंने कुछ गलत तो नहीं पूछ लिया?

राम्या: जी पापा नहीं, गलत नहीं पूछा । मुझे शर्म आती हैं कैसे बताऊं।

करण धीरे से उसके कान में बोलता हैं: मुझसे क्या शर्माना, बताओ ना राम्या?

करण ऐसा बोलकर उसकी गांड़ को दाबने लगता हैं और अपने सीने को उसकी चूचियों पर दबा देता है जिससे राम्या मस्त हो जाती हैं ।

राम्या: जी पापा वो 34:24:37 और ऐसा बोलकर शर्म से करण से चिपक जाती हैं। करण उसकी पूरी गांड़ को हाथ में भर लेता है और अच्छे से महसूस करता है तो राम्या जोश में आकर अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर ले जाकर बांध देती हैं।

करण: बिल्कुल सही , पूरा 37 होगा । गजब का फिगर हैं तुम्हारा राम्या ।

राम्या तो शर्म से गड़ी जा रही थी, फिर वो बोलती हैं कि पापा छोड़िए मुझे खाना बनाना है ।

और ऐसे बोलकर उससे छूटने कि कोशिश करती हैं ।

करण: राम्या इतनी बड़ी खुश खबरी और मुंह मीठा तक नहीं कराया ये तो बहुत गलत बात हैं।

राम्या: पापा मैं कल पक्का आपके लिए मिठाई के आऊंगी ।

करण: कल नहीं मुझे अभी मुंह मीठा करना हैं, बोलो कहां हैं मेरी चॉकलेट बर्फी?

और ऐसा बोलकर वो उसकी रस भरे होंठो को देख कर अपने होंठो पर जीभ फिराने लगता है ।

राम्या सब समझ जाती हैं और शर्म से मुंह नीचे कर लेती हैं ।

राम्या: आज नहीं पापा , कल पक्का ले आऊंगी,।

करण: अच्छा ठीक हैं जाओ, मुझे नहीं चाहिए कल भी नहीं चाहिए।

और राम्या को छोड़ देता हैं।
 
राम्या समझ गई कि इसका बाप नाराज हो गया है इसलिए वो वहीं खड़ी रही , आज उसे जो मोका मिला है वो उसके पापा की वजह से ही तो मिला हैं , उसके पापा उससे कितना प्यार करते हैं, लेकिन मैं उन्हें किस कैसे करू?

राम्या: पापा आप नाराज हो गए?

और ऐसा बोलकर फिर से उसके गले लग जाती हैं, और अपनी बांहे उसकी कमर पर ले जाती हैं।

करण: नहीं मैं नाराज नहीं हूं, अब जाओ और अपना काम शुरू करो ,

राम्या समझ जाती हैं कि करण नाराज हो गया हैं तो उसे बुरा लगता हैं और वो अपने बाप की नजरो में देखती हैं और अपने कान पकड़ लेटी हैं।

राम्या: अच्छा बाबा सॉरी, अब तो मान जाओ, ।

करण की हंसी छूट जाती हैं और वो राम्या को अपनी बांहों में भर लेता हैं और उसकी आंखो में देखने लगता है ।

राम्या: पापा मेरे पास चॉकलेट बर्फी नहीं है , मैं आपको कहां से खिलाऊं ?

करण: तुम्हारे पास तो दुनिया की सबसे अच्छी चॉकलेट बर्फी हैं राम्या, बस तुम हान करो , और फिर से उसके होंठो को देखकर अपने होठों पर जीभ फिराने लगता है।

राम्या की तो हालत खराब हो गई, वो धीरे से अपनी जीभ बाहर निकालती हैं और अपने लिप्स को बुरी तरह से रस से भिगो लेती हैं और फिर अपने लिप्स को करण के मुंह के पास ले जाती हैं और उसकी आंखो में देखते हुए स्माइल करती हैं।

राम्या धीरे से उसके कान में बोलती हैं : लो खा लीजिए अपनी चॉकलेट बर्फी "

और ऐसा कहकर उससे पूरी ताकत से चिपक गई और अपने लिप्स उसके लिप्स के सामने करके अपनी आंखे बंद कर ली।

करण बड़े प्यार से उसके लिप्स देख रहा था, उफ्फ कितने रस भरे हैं और कैसे थर थर्रा रहे थे।

अब उससे सब्र नहीं होता और वो भी अपने होंठ उसके होठों से चिपका देता है और एक हाथ को उसके सिर के पीछे ले जाकर उसका चेहरा थाम लेता है।

राम्या के होंठो पर जैसे ही करण के होंठ लगे उसका रोम रोम जल उठा और सारी लाज शर्म छोड़कर उसके होठ चूसने लगी । करण भी उसके होंठ चूस रहा था, कभी उपर वाला तो कभी नीचे वाला, दोनो एक दम मदहोश हो चुके थे , करण अब अपनी जीभ बाहर निकालता हैं और उसके होठ को खोलते हुए उसके मुंह में घुसा देता है। राम्या भी जैसे पिघल गई और वो उसकी जीभ खुद ही चूसने लगी, कभी करण तो कभी राम्या के दूसरे की जीभ चूस रहे थे। दोनो की सांसे बुरी तरह उखड़ने लगी तो वो सांस लेने को अलग हुए और फिर से उनके होठ जुड़ते चले गए।

उफ्फ कितना प्यारा एहसास भरा था ये चुम्बन।

आखिरकार दोनो अलग हुए और करण राम्या की आंखो में देखते हुए: थैंक्स राम्या!!

राम्या शर्म से मुस्कुरा कर भाग जाती हैं और किचेन में घुस जाती हैं। करण बाहर हॉल में बैठकर टीवी देखने लगता है और राम्या चाई बनाकर ले आती हैं और साथ में गर्म गर्म पनीर के पकोड़े ।

दोनो मजे से खाते हैं और फिर राम्या डिनर रेडी करने लगती हैं तो करण अपने ऑफिस के काम में लग जाता है।

दूसरी तरफ माही की सुबह आंखे खुली तो उसे एहसास हुआ कि समर का लंड खड़ा हुआ हैं और उसकी चूत लगा हुआ हैं। वो लंड को मुंह में भर कर चूसने लगी और पूरी तरह गीला करने के बाद अच्छे से अपनी गीली हो चुकी चूत को थूक से गीला करती हैं और सीधे सोए पड़े समर के उपर आकार अपनी चूत को उसके लंड पर सेट करती हैं और उस पर एक ही झटके में पुर बैठ जाती है।

लंड पूरी तरह से गीला था , इसलिए वो उसकी चूत को फाड़ता हुआ सीधा अंदर घुस जाता है एक दम पूरा जड़ तक। उसकी गांठों ने माही की चूत को पूरा फैलाया हुआ था।

जैसे ही लंड अंडर घुसा माही के मुंह से एक तेज दर्द भारी आह निकल गई: आह कितना मोटा हैं, लंड उफ्फ पूरा घुस गया ज़ालिम ।

माही की सिसकियां बाहर काम्या ने भी सुन ली और उसके होंठो पर स्माइल सा गई , ओह फिर से शुर हो गए दोनो।

समर की भी आंखे खुल गई , उसका लन्ड पूरी तरह से फस गया था माही की टाइट चूत में। उसने दोनो हाथ आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को पकड़ लिया

और उसने नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए तो माही भी उसके लंड पर कूदने लगी।

माही: आह, कितना तगड़ा है ये लंड, उई मा री, दर्द के साथ मज़ा , हाय री चूत ,

समर माही की सिसकियां सुनकर जोश में आ गया और नीचे से गांड़ उठाकर पूरी ताकत से धक्के लगाने लगा और उसकी चूत को गुझिया से ब्रैड पकोड़ा बनाने में जुट गया। माही तो पूरी मस्त हो चुकी थी, लंड हर धक्के में पूरा घुस रहा था जिससे गांठे उसकी चूत को पूरा रगड़ रही थी जिससे माही का निकलने वाला था

माही: उफ्फ हाय, और मारो मेरी चूत, आह कैसा मजा आ रहा है, हाय मेरी चूत तो गई री।"

उधर समर का लंड भी टाईट चूत दबाव ज्यादा नहीं झेल पाया और पूरी ताकत से आखिरी धक्का लगा दिया और माही भी उसके लन्ड पाई बैठती चली गई।

माही और समर दोनो सिसकते हुए एक साथ झड़ गए।

काम्या की भी चूत जलने लगी थी बाहर लेकिन वो दिन में उंगली नहीं कर सकती थी क्योंकि अगर कोई देख लेता तो ।

समर उठकर बाथरूम में घुस जाता हैं तो माही भी कपडे पहनकर बाहर आ जाती हैं।

काम्या उसे देखकर मुस्कुरा उठी क्योंकि आज फिर माही लंगड़ा कर चल रही थी।

माही ने जैसे ही काम्या को मुस्कुराते हुए देखा तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया और नजरे नीची कर लीं।

काम्या: अरे क्या हुआ माही , ऐसे क्यों शरमा रही हो? और तुम्हारी चाल को क्या हुआ?

माही कुछ नहीं बोलती तो काम्या उसका चेहरा ऊपर उठाती है और मुस्कुराते हुए उसकी आंखो में देखते हैं तो माही शर्म के मारे उसके गले लग जाती हैं।

काम्या उसे अपने बांहों में ले लेती हैं और उसका माथा चूम लेती हैं।

काम्या: तुम खुश तो हो ना माही?

माही: जी मम्मी मैं बहुत खुश हूं, मुझे मेरी उम्मीद से भी ज्यादा प्यार करने वाला पति मिला हैं।

काम्या उसकी पीठ में हल्के से मारते हुए: अच्छी बात हैं समर बहुत अच्छा लड़का हैं वो तुम्हे हमेशा खुश रखेगा लेकिन अब मैं तेरे लिए भाभी से मम्मी बन गई क्या?

माही उससे लिपटते हुए: हां मम्मी क्योंकि मैं अब आपके बेटे की बहू जो बन चुकी हूं।

काम्या मुस्कुरा उठी और माही बाथरूम में चली गई।
 
काम्या ने नाश्ता बना दिया था , सभी नाश्ता करने लगे!

समर: मम्मी मैं चाहता हूं कि कबीले में स्कूल खुल जाए ताकि सब पढ़े और समाज के साथ चल सके ।

काम्या बहुत खुश हुई और बोली कि ठीक हैं बेटा ये तो बहुत अच्छी बात हैं।

माही: अजी मैं चाहती हूं कि स्कूल के साथ साथ यहां सड़के, बिजली सब चीजो की व्यवस्था हो जाए।

समर: ठीक हैं मम्मी फिर मैं थोड़ी देर बाद ही शहर निकाल जाऊंगा और सारी तैयारी करके वापिस आ जाऊंगा क्योंकि हमारा शहर तो ज्यादा दूर पड़ेगा इसलिए मैं पास के ही शहर जाऊंगा ताकि कल तक आराम से वापिस आ सकू

माही जैसे ही उसके शाम को जाने की बात सुनती हैं तो वो उदास हो जाती हैं जो काम्या और समर से छुपा नहीं रहा।

काम्या: अरे सिर्फ एक ही रात की तो बात हैं और तुम्हे तो खुश होना चाहिए कि समर तुम्हारा पति कबीले की भलाई के लिए काम कर रहा है

समर: माही कल मैं वापिस आ ही जाऊंगा , सिर्फ एक ही रात की तो बात हैं।

माही मान जाती है और समर कुछ लोगो को साथ लेकर सहर की तरह चल पड़ा।

घर पर माही और काम्या रह गए थे।कबीले के ही एक घर में आज एक प्रोग्राम था जहां दोनों गई और खाना खाया , दोनो ने वहां जंगली बीयर पी ली ।

बियर पीने के बाद एक हल्का का नशा उन्हें होने लगा और दोनो जल्दी ही घर वापिस लौट आई।

घर आते आते दोनो मस्ती से झूम रही थी, काम्या कुछ ज्यादा ही मस्त हो गई क्योंकि उसकी चूत पिछले दो महीने से प्यासी थी।

काम्या: माही मैं आज बहुत खुश हूं, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है बियर पीकर ,

माही का भी पुर जिस्म कांप रहा था और वो भी मस्ती से झूम रही थी।

माही: जी मम्मी मेरे हाल भी कुछ ऐसा ही है, बहुत अच्छा लग रहा है।

काम्या उसे अपने गले लगा लेती हैं और जोर से भींच लेती हैं तो माही भी उससे लिपट गई।

काम्या: अच्छा ये बता तुम लंगड़ा कर क्यों चली रही थी ?

माही शर्मा जाती है लेकिन बीयर के नशे की वजह से सुरूर में थी।

माही: आपको तो सब पता है कि क्यों सुहागरात के बाद दुलहन लंगड़ा कर क्यों चलती है!!

काम्या उसे लेकर बेड पर गिर जाती हैं और उसके गाल को चूम लेती है: लेकिन तेरी चाल तो ज्यादा ही बिगड़ गई हैं बन्नो,

लगता हैं बहुत ज्यादा मेहनत कर रही हो !

और मुस्कुरा देती हैं।

माही शर्म से लाल हो गई।

सांसे उखड़ गई और चूचियां उपर नीचे होने लगी।

माही: आपका बेटा छोड़ता है नहीं है, जब भी मौका मिलता हैं शुरू हो जाता हैं ।

राम्या बेताबी से पापा का आने का इंतजार कर रही थी , उधर करण सोच रहा था कि ऐसा क्या हो गया जो ये इतनी खुश लग रही थी । करण अपनी गाड़ी निकालता हैं और घर की तरफ दौड़ा देता है और रास्ते में से राम्या के पसंदीदा पनीर पकोड़े ले लेता है ।

राम्या ने आज एक टाइट जीन्स और टी शर्ट पहनी हुई थी जिसमें वो कमाल लग रही थी । करण घर पहुंचता है तो राम्या गेट खोलती हैं और करण के गले से लग जाती हैं और और अपनी बांहों में भर लेती हैं ।

गेट अभी खुला हुआ था जिसे करण बंद कर देता है और फिर राम्या से पूछा: अरे क्या हुआ आज बहुत प्यार आ रहा है अपने पापा पर , कुछ बताओ तो सही ।

राम्या खुशी से: पापा आज मैं मिस इंडिया प्रतियोगिता के लिए कॉलेज से चुनी गई हूं।

और ऐसा कहकर फिर से उसके गले लग जाती हैं और उसे कसकर भींच लेती है ।

करण जैसे ही ये सुनता है तो वो भी खुशी से झूम उठता है और राम्या को जोर से अपनी बांहों में भींच लेता हैं।

करण: अरे ये तो बहुत खुशी की बात है मुबारक हो राम्या।

राम्या झूमते हुए: थैंक्स पापा, ये सब आपकी वजह से हुआ है, अगर आपने उस दिन मेरा एडमिशन ना कराया होता है तो मुझे ये मोका नहीं मिलता।

और ऐसा कहकर फिर से करण से चिपक जाती हैं । दोनो अभी तक गेट में ही खड़े हुए थे। किसी को कोई होश नहीं था , बस दोनो बहुत खुश थे । राम्या काफी देर से करण से चिपकी हुई थी जिस कारण करण के जिस्म में हलचल होने लगी , और लंड ने फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया।

करण उसकी कमर सहलाते हुए : अरे बेटा ये सब तो तुम्हारी अपनी मेहनत और किस्मत हैं मॉडल साहिबा ।

जैसे ही राम्या मॉडल साहिबा सुनती हैं तो वो खुशी से झूम उठी और करण को जोर से भींचते हुए अपने पापा के गाल पर एक किस कर दी । करण के सीने में अब उसकी चूचियां गड़ गई जिसे वो साफ महसूस कर रहा था जिस कारण मदहोश सा होने लगा।

करण: लेकिन सिर्फ तुम्हे ही सेलेक्ट किया इसका कारण क्या था राम्या?

राम्या: जी पापा वो वो बात य ये हैं कि कि ?

राम्या के शब्द गले में ही रह गए , वो कैसे अपने बाप को बताती कि उसका फिगर सबसे अच्छा होने के कारण उसे चुना गया है।

करण: अरे अरे, बताओ बेटी क्या हुआ क्यों हकला रही हो?

राम्या कुछ नहीं बोलती ,उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता है और करण के सीने में मुंह छुपा लेती हैं।

करण: अरे बोलो भाई ऐसे कैसे काम चलेगा ? मुझसे कैसी शर्म ?

राम्या बड़ी मुश्किल से अपना मुंह खोलती हैं : वहां मेरा फिगर सबसे अच्छा था ना पापा ।

और फिर से शर्मा गई और उसकी सांसे बुरी तरह से उखड़ गई थी, चूचियां उपर नीचे हो रही थी जो करण के सीने पर उछल रही थी। राम्या का पूरा जिस्म कांपने लगा ।

करण: ओह, अरे ये तो बहुत अच्छी बात हैं, इसमें इतनी शर्म करने की क्या जरूरत ।
 
करण उसकी उपर नीचे होती चूचियां देख कर बैचेन हो रहा था , उसका लन्ड पूरा खड़ा हो चुका था और अब राम्या की जांघो पर अड रहा था। राम्या की आंखे अभी भी बंद थी , जैसे ही उसे लंड के खड़े होने का एहसास हुआ उसका जिस्म गर्म होने लगा और गला सूखने लगा।

करण : अरे मॉडल साहिबा ये तो बताओ कि आपका फिगर क्या हैं जो सबसे अच्छा हैं?

और ऐसा बोलकर अपने हाथ अब उसके पिछवाड़े पर ले जाकर सहलाने लगा। राम्या ने जैसे ही ये सवाल सुना तो उसके होश ही उड़ गए, है भगवान अब में अपने पापा को अपना फिगर कैसे बताऊं?

करण: बताओ ना राम्या ? मैंने कुछ गलत तो नहीं पूछ लिया?

राम्या: जी पापा नहीं, गलत नहीं पूछा । मुझे शर्म आती हैं कैसे बताऊं।

करण धीरे से उसके कान में बोलता हैं: मुझसे क्या शर्माना, बताओ ना राम्या?

करण ऐसा बोलकर उसकी गांड़ को दाबने लगता हैं और अपने सीने को उसकी चूचियों पर दबा देता है जिससे राम्या मस्त हो जाती हैं ।

राम्या: जी पापा वो 34:24:37 और ऐसा बोलकर शर्म से करण से चिपक जाती हैं। करण उसकी पूरी गांड़ को हाथ में भर लेता है और अच्छे से महसूस करता है तो राम्या जोश में आकर अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर ले जाकर बांध देती हैं।

करण: बिल्कुल सही , पूरा 37 होगा । गजब का फिगर हैं तुम्हारा राम्या ।

राम्या तो शर्म से गड़ी जा रही थी, फिर वो बोलती हैं कि पापा छोड़िए मुझे खाना बनाना है ।

और ऐसे बोलकर उससे छूटने कि कोशिश करती हैं ।

करण: राम्या इतनी बड़ी खुश खबरी और मुंह मीठा तक नहीं कराया ये तो बहुत गलत बात हैं।

राम्या: पापा मैं कल पक्का आपके लिए मिठाई के आऊंगी ।

करण: कल नहीं मुझे अभी मुंह मीठा करना हैं, बोलो कहां हैं मेरी चॉकलेट बर्फी?

और ऐसा बोलकर वो उसकी रस भरे होंठो को देख कर अपने होंठो पर जीभ फिराने लगता है ।

राम्या सब समझ जाती हैं और शर्म से मुंह नीचे कर लेती हैं ।

राम्या: आज नहीं पापा , कल पक्का ले आऊंगी,।

करण: अच्छा ठीक हैं जाओ, मुझे नहीं चाहिए कल भी नहीं चाहिए।

और राम्या को छोड़ देता हैं।

राम्या समझ गई कि इसका बाप नाराज हो गया है इसलिए वो वहीं खड़ी रही , आज उसे जो मोका मिला है वो उसके पापा की वजह से ही तो मिला हैं , उसके पापा उससे कितना प्यार करते हैं, लेकिन मैं उन्हें किस कैसे करू?

राम्या: पापा आप नाराज हो गए?

और ऐसा बोलकर फिर से उसके गले लग जाती हैं, और अपनी बांहे उसकी कमर पर ले जाती हैं।

करण: नहीं मैं नाराज नहीं हूं, अब जाओ और अपना काम शुरू करो ,

राम्या समझ जाती हैं कि करण नाराज हो गया हैं तो उसे बुरा लगता हैं और वो अपने बाप की नजरो में देखती हैं और अपने कान पकड़ लेटी हैं।

राम्या: अच्छा बाबा सॉरी, अब तो मान जाओ, ।

करण की हंसी छूट जाती हैं और वो राम्या को अपनी बांहों में भर लेता हैं और उसकी आंखो में देखने लगता है ।

राम्या: पापा मेरे पास चॉकलेट बर्फी नहीं है , मैं आपको कहां से खिलाऊं ?

करण: तुम्हारे पास तो दुनिया की सबसे अच्छी चॉकलेट बर्फी हैं राम्या, बस तुम हान करो , और फिर से उसके होंठो को देखकर अपने होठों पर जीभ फिराने लगता है।

राम्या की तो हालत खराब हो गई, वो धीरे से अपनी जीभ बाहर निकालती हैं और अपने लिप्स को बुरी तरह से रस से भिगो लेती हैं और फिर अपने लिप्स को करण के मुंह के पास ले जाती हैं और उसकी आंखो में देखते हुए स्माइल करती हैं।

राम्या धीरे से उसके कान में बोलती हैं : लो खा लीजिए अपनी चॉकलेट बर्फी "

और ऐसा कहकर उससे पूरी ताकत से चिपक गई और अपने लिप्स उसके लिप्स के सामने करके अपनी आंखे बंद कर ली।

करण बड़े प्यार से उसके लिप्स देख रहा था, उफ्फ कितने रस भरे हैं और कैसे थर थर्रा रहे थे।

अब उससे सब्र नहीं होता और वो भी अपने होंठ उसके होठों से चिपका देता है और एक हाथ को उसके सिर के पीछे ले जाकर उसका चेहरा थाम लेता है।

राम्या के होंठो पर जैसे ही करण के होंठ लगे उसका रोम रोम जल उठा और सारी लाज शर्म छोड़कर उसके होठ चूसने लगी । करण भी उसके होंठ चूस रहा था, कभी उपर वाला तो कभी नीचे वाला, दोनो एक दम मदहोश हो चुके थे , करण अब अपनी जीभ बाहर निकालता हैं और उसके होठ को खोलते हुए उसके मुंह में घुसा देता है। राम्या भी जैसे पिघल गई और वो उसकी जीभ खुद ही चूसने लगी, कभी करण तो कभी राम्या के दूसरे की जीभ चूस रहे थे। दोनो की सांसे बुरी तरह उखड़ने लगी तो वो सांस लेने को अलग हुए और फिर से उनके होठ जुड़ते चले गए।

उफ्फ कितना प्यारा एहसास भरा था ये चुम्बन।

आखिरकार दोनो अलग हुए और करण राम्या की आंखो में देखते हुए: थैंक्स राम्या!!

राम्या शर्म से मुस्कुरा कर भाग जाती हैं और किचेन में घुस जाती हैं। करण बाहर हॉल में बैठकर टीवी देखने लगता है और राम्या चाई बनाकर ले आती हैं और साथ में गर्म गर्म पनीर के पकोड़े ।

दोनो मजे से खाते हैं और फिर राम्या डिनर रेडी करने लगती हैं तो करण अपने ऑफिस के काम में लग जाता है।

दूसरी तरफ माही की सुबह आंखे खुली तो उसे एहसास हुआ कि समर का लंड खड़ा हुआ हैं और उसकी चूत लगा हुआ हैं। वो लंड को मुंह में भर कर चूसने लगी और पूरी तरह गीला करने के बाद अच्छे से अपनी गीली हो चुकी चूत को थूक से गीला करती हैं और सीधे सोए पड़े समर के उपर आकार अपनी चूत को उसके लंड पर सेट करती हैं और उस पर एक ही झटके में पुर बैठ जाती है।

लंड पूरी तरह से गीला था , इसलिए वो उसकी चूत को फाड़ता हुआ सीधा अंदर घुस जाता है एक दम पूरा जड़ तक। उसकी गांठों ने माही की चूत को पूरा फैलाया हुआ था।

जैसे ही लंड अंडर घुसा माही के मुंह से एक तेज दर्द भारी आह निकल गई: आह कितना मोटा हैं, लंड उफ्फ पूरा घुस गया ज़ालिम ।

माही की सिसकियां बाहर काम्या ने भी सुन ली और उसके होंठो पर स्माइल सा गई , ओह फिर से शुर हो गए दोनो।

समर की भी आंखे खुल गई , उसका लन्ड पूरी तरह से फस गया था माही की टाइट चूत में। उसने दोनो हाथ आगे बढ़ा कर उसकी चूचियों को पकड़ लिया

और उसने नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए तो माही भी उसके लंड पर कूदने लगी।

माही: आह, कितना तगड़ा है ये लंड, उई मा री, दर्द के साथ मज़ा , हाय री चूत ,

समर माही की सिसकियां सुनकर जोश में आ गया और नीचे से गांड़ उठाकर पूरी ताकत से धक्के लगाने लगा और उसकी चूत को गुझिया से ब्रैड पकोड़ा बनाने में जुट गया। माही तो पूरी मस्त हो चुकी थी, लंड हर धक्के में पूरा घुस रहा था जिससे गांठे उसकी चूत को पूरा रगड़ रही थी जिससे माही का निकलने वाला था

माही: उफ्फ हाय, और मारो मेरी चूत, आह कैसा मजा आ रहा है, हाय मेरी चूत तो गई री।"

उधर समर का लंड भी टाईट चूत दबाव ज्यादा नहीं झेल पाया और पूरी ताकत से आखिरी धक्का लगा दिया और माही भी उसके लन्ड पाई बैठती चली गई।

माही और समर दोनो सिसकते हुए एक साथ झड़ गए।
 
काम्या की भी चूत जलने लगी थी बाहर लेकिन वो दिन में उंगली नहीं कर सकती थी क्योंकि अगर कोई देख लेता तो ।

समर उठकर बाथरूम में घुस जाता हैं तो माही भी कपडे पहनकर बाहर आ जाती हैं।

काम्या उसे देखकर मुस्कुरा उठी क्योंकि आज फिर माही लंगड़ा कर चल रही थी।

माही ने जैसे ही काम्या को मुस्कुराते हुए देखा तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया और नजरे नीची कर लीं।

काम्या: अरे क्या हुआ माही , ऐसे क्यों शरमा रही हो? और तुम्हारी चाल को क्या हुआ?

माही कुछ नहीं बोलती तो काम्या उसका चेहरा ऊपर उठाती है और मुस्कुराते हुए उसकी आंखो में देखते हैं तो माही शर्म के मारे उसके गले लग जाती हैं।

काम्या उसे अपने बांहों में ले लेती हैं और उसका माथा चूम लेती हैं।

काम्या: तुम खुश तो हो ना माही?

माही: जी मम्मी मैं बहुत खुश हूं, मुझे मेरी उम्मीद से भी ज्यादा प्यार करने वाला पति मिला हैं।

काम्या उसकी पीठ में हल्के से मारते हुए: अच्छी बात हैं समर बहुत अच्छा लड़का हैं वो तुम्हे हमेशा खुश रखेगा लेकिन अब मैं तेरे लिए भाभी से मम्मी बन गई क्या?

माही उससे लिपटते हुए: हां मम्मी क्योंकि मैं अब आपके बेटे की बहू जो बन चुकी हूं।

काम्या मुस्कुरा उठी और माही बाथरूम में चली गई।

काम्या ने नाश्ता बना दिया था , सभी नाश्ता करने लगे!

समर: मम्मी मैं चाहता हूं कि कबीले में स्कूल खुल जाए ताकि सब पढ़े और समाज के साथ चल सके ।

काम्या बहुत खुश हुई और बोली कि ठीक हैं बेटा ये तो बहुत अच्छी बात हैं।

माही: अजी मैं चाहती हूं कि स्कूल के साथ साथ यहां सड़के, बिजली सब चीजो की व्यवस्था हो जाए।

समर: ठीक हैं मम्मी फिर मैं थोड़ी देर बाद ही शहर निकाल जाऊंगा और सारी तैयारी करके वापिस आ जाऊंगा क्योंकि हमारा शहर तो ज्यादा दूर पड़ेगा इसलिए मैं पास के ही शहर जाऊंगा ताकि कल तक आराम से वापिस आ सकू

माही जैसे ही उसके शाम को जाने की बात सुनती हैं तो वो उदास हो जाती हैं जो काम्या और समर से छुपा नहीं रहा।

काम्या: अरे सिर्फ एक ही रात की तो बात हैं और तुम्हे तो खुश होना चाहिए कि समर तुम्हारा पति कबीले की भलाई के लिए काम कर रहा है

समर: माही कल मैं वापिस आ ही जाऊंगा , सिर्फ एक ही रात की तो बात हैं।

माही मान जाती है और समर कुछ लोगो को साथ लेकर सहर की तरह चल पड़ा।

घर पर माही और काम्या रह गए थे।कबीले के ही एक घर में आज एक प्रोग्राम था जहां दोनों गई और खाना खाया , दोनो ने वहां जंगली बीयर पी ली ।

बियर पीने के बाद एक हल्का का नशा उन्हें होने लगा और दोनो जल्दी ही घर वापिस लौट आई।

घर आते आते दोनो मस्ती से झूम रही थी, काम्या कुछ ज्यादा ही मस्त हो गई क्योंकि उसकी चूत पिछले दो महीने से प्यासी थी।

काम्या: माही मैं आज बहुत खुश हूं, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है बियर पीकर ,

माही का भी पुर जिस्म कांप रहा था और वो भी मस्ती से झूम रही थी।

माही: जी मम्मी मेरे हाल भी कुछ ऐसा ही है, बहुत अच्छा लग रहा है।

काम्या उसे अपने गले लगा लेती हैं और जोर से भींच लेती हैं तो माही भी उससे लिपट गई।

काम्या: अच्छा ये बता तुम लंगड़ा कर क्यों चली रही थी ?

माही शर्मा जाती है लेकिन बीयर के नशे की वजह से सुरूर में थी।

माही: आपको तो सब पता है कि क्यों सुहागरात के बाद दुलहन लंगड़ा कर क्यों चलती है!!

काम्या उसे लेकर बेड पर गिर जाती हैं और उसके गाल को चूम लेती है: लेकिन तेरी चाल तो ज्यादा ही बिगड़ गई हैं बन्नो,

लगता हैं बहुत ज्यादा मेहनत कर रही हो !

और मुस्कुरा देती हैं।

माही शर्म से लाल हो गई।

सांसे उखड़ गई और चूचियां उपर नीचे होने लगी।

माही: आपका बेटा छोड़ता है नहीं है, जब भी मौका मिलता हैं शुरू हो जाता हैं ।

माही ये सब बोलकर शर्म से लाल हो गई तो काम्या ने आगे बढ़कर अपने होठों को उसके होंठो पर रख दिया और चूसने लगी। माही भी जोश में आकर उसका साथ देने लगी, दोनो को आंखे मस्ती में बंद हो चुकी थी और लॉलीपॉप की तरह एक दूसरे के होंठो को चूस रही थी । फिर काम्या ने अपने कपड़े निकल फेंके और माही को भी पूरा नंगा कर दिया। माही को एक बार फिर से शर्म महसूस हुई और वो आंखे बंद करके बेड पर सीधी लेट गई।

उसकी चूचियां पूरी तरह से उछल रही थी , ।

काम्या ने उसकी दोनो चूचियों को हाथो में भर लिया और दबाने लगी तो माही के जिस्म मजे से भर गया। समर के टाइट हाथ दर्द के साथ मजा देते थे जबकि काम्या के सॉफ्ट हाथो से उसे मज़ा ज्यादा आ रहा था।

फिर काम्या ने नीचे झुक कर उसके एक निप्पल को मुंह में भर लिया और चूसने लगी। माही से मजा बर्दाश्त नहीं हुआ और उसकी सिसकी निकल पड़ी

माही: आह मम्मी, कितना अच्छा लग रहा है , उफ्फ हाय री सी सी आई ।

कमाया जोश में आते हुए उसकी पूरी चूची को मुंह में भर कर चूसने लगी और दूसरे हाथ को उसकी चूत पर रख दिया ।

माही का जिस्म हवा में लहराने लगा , चूत गीली होने लगी।

उसके दोनो बूब्स को अच्छी तरह से चूसने के बाद काम्या उसकी जांघो के बीच में आ गई और ध्यान से उसकी चूत को देखा ।

चूत पहले से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी, चुदने के बाद वो पूरी तरह से निखर गई थी, उसके दोनो लिप्स लंड की मार की वजह से लाल हो गए थे और अभी भी हल्के से सूजे हुए लग रहे थे। चूत के होंठ एक दूसरे से बुरी तरह से चिपके हुए थे और उनमें से रस निकल कर बाहर टपक रहा था।

काम्या सोचती हैं उफ्फ क्या हाल बना दिया समर ने इसकी चूत का, कैसे मुंह खुल सा गया है और पहले से ज्यादा मस्त लग रही है।

हाय ये छोटी सी चूत उस भयंकर लंड को कैसे झेलती होगी। काश मेरी चूत को भी मिल जाए ऐसा कोई लंड, हाय मजा आ जाएगा।

काम्या उसकी चूत पर हाथ फेरने लगी तो माही की सिसकियां निकलने लगीं । अब माही पुरी तरह से मस्त हो चुकी थी और अपनी चूचियां खुद दबा रही थी।

काम्या अपनी एक उंगली उसकी चूत के मुंह पर रख कर रगड़ने लगी तो माही की चूत जलने लगी और वो अपनी गांड़ उपर को उठाने लगी जिससे उंगली अंडर घुस जाए। काम्या ने उसकी तड़प देखते हुए एक ही झटके में उंगली पूरी अंदर घुसा दी और माही का मुंह मस्ती से खुल गया ।

माही: आह काम्या , घुसा दी चूत में उंगली, मार लो मेरी चूत , उफ्फ हाय री मा री।

माही का अब अपने उपर कोई काबू नहीं था , उसका जिस्म कांप रहा था,उछल रहा था, थिरक रहा था। वो क्या बोल रही थी, क्या कर रही थी उसे खुद नहीं पता था । माही अपनी एक चूची को पकड़ कर मुंह में भर लेती हैं और चूसने लगी।

काम्या पूरी तेजी से उंगली घुसा रही थी। माही का मुंह फिर से खुल गया : आह री और करो काम्या, रगड़ दो मेरी चूत उफ्फ !!

काम्या: कैसा लग रहा हैं माही ? और ये लेकर अपनी दो उंगलियों को उसकी चूत में एक झटके से घुसा देती है।

माही के मजे की आज की सीमा नहीं थी, वो अपनी चूत को उंगलियों पर रगड़ रही थी ।

माही: बहुत मजा आ रहा है, और करो ना मेरी जान, और अपनी चूची खुद ही दबाने लगी।

काम्या: लंड से भी ज्यादा मजा आ रहा हैं क्या? और उसकी चूत में उंगली पूरी घुसा देती हैं।

माही : आह , री मेरी चूत हाय, लंड की तो बात ही अलग हैं, कितना मोटा तगड़ा है वो , बड़ी मुश्किल से घुसता हैं ।

काम्या ये सुनकर जोश में आकर तेजी से उंगली अंदर बाहर करने लगती हैं ।

काम्या: ज्यादा तगड़ा हैं क्या लंड ?

माही: हाय कम्मो, तगड़ा नहीं बहुत ही ज्यादा तगड़ा हैं, बिल्कुल सांड के जैसा, चूत को पूरी फाड़ देता हैं , हाय मा री लंड की मोटी मोटी गांठ तो बहुत मुश्किल से घुसती है, हर बार चूत को फाड़ देती हैं दर्द से " और ऐसा कहकर अपनी गांड़ उसकी उंगलियों पर रगड़ने लगती हैं।
 
काम्या उसकी चूत को पूरा मुट्ठी में भर लेती हैं और दबा देती हैं तो माही मजे से सिसक उठी।

फिर काम्या उसकी दोनो टांगो को फैला कर उसकी चूत उपर उभार देती हैं और खुद उसके उपर लेट जाती हैं और अपनी चूत उसकी चूत पर रगड़ने लगी।

जैसे ही उनकी चूत आपस में टकराई तो उसका रोम रोम जल उठा ।दोनो की ज़िन्दगी का ये पहला एहसास था। माही को बहुत मजा आया और वो अपनी गांड़ उठाकर अपनी चूत काम्या की चूत पर रगड़ने लगी।

काम्या भी अब मस्त हो चुकी थी और वो माही की चूची दबा देती है ।

माही: आह कम्मो थोड़ा प्यार से दबा ना मेरी जाना।

काम्या प्यार से दबाने लगती हैं और उसके कान में बहुत सेक्सी आवाज मैं पूछती हैं : क्या लंड हर बार सिर्फ दर्द देता है ?

माही: हाय लंड तो बहुत दर्द देता है मीठा मीठा, लेकिन जब मजा आता हैं तो चूत मस्त हो जाती हैं, उफ्फ कितना टाइट रगड़ता हैं वो चूत को, पूरा अन्दर घुस जाता हैं और बच्चे दनी तक लगता हैं हर बार । हाय मा लंड तो लंड हैं चूत को ज़न्नत दिखा देता हैं हर धक्के पर।

काम्या जोश में आ जाती हैं और तेजी से अपनी चूत रगड़ने लगती हैं तो माही भी उसका साथ देने लगती हैं, दोनो की चूत से इतना रस निकल चुका था उसकी जांघें पूरी चिकनी हो गई थी जिससे और ज्यादा मजा आ रहा है, दोनो की चूत के होंठ एक दूसरे से मिले हुए थे और हल्के से एक दूसरे की चूत में घुस गए थे।

दोनो ही झडने के कगार पर आ गई तो उनके धक्के और तेज दोनो लगे,

तभी माही की लगा की उसका जिस्म हवा में उड़ने लगा हैं और चूत मजे से फट रही है तो उसने पूरी ताकत से अपनी चूत काम्या की चूत पर दबा दी जिससे उसकी चूत के होठ माही की चूत में घुस पड़े और माही की जोश अपना रस उगलने लगी !

माही: आह समर मैं गई , तुम्हारा मोटा तगड़ा लोला, हाय री, चुद गई में मेरी मा,

काम्या ने जैसे ही समर का लोला सुना उसकी भी चूत बेकाबू होकर रस बहाने लगी और जोर से वो माही से चिपक गई।

दोनो पूरी तरह से एक दूसरे से चिपकी हुई पड़ी थी, काम रस से भीगी उनकी चूत आपस में जुड़ गई थी ।

दोनो ऐसे ही एक दूसरे की बांहों में सो गई।

उधर समर शहर पहुंच चुका था और अपने काम में जुट गया ।

जल्दी ही उसने अपना काम खत्म किया और एक बिजली वाली कंपनी को काम दिया और स्कूल बनाने वाले मिस्त्री साथ में लेकर शहर से वापिस लौट पड़ा।

समर रात से चुदाई ना होने के कारण पूरी तरह से तड़प रहा था, लंड जैसे जोश से पागल ही हो रहा था।

उधर सुबह जल्दी ही माही की आंखे खुली तो उसने देखा कि वो नंगी काम्या की बांहों में लेती हुई है तो वो शरमा गई , माही को रात हुई घटना याद आने लगी कि किस तरह से उसने अपनी चूत को काम्या की चूत पर रगड़ा था। उन दोनों के बीच क्या बात हुई उसे कुछ याद नहीं था।

वो उठती हैं और बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चली जाती हैं, और काम्या अभी भी उसके बेड पर पड़ी हुई सो रही थी ।

समर कबीले में वापिस आ चुका था । बाहर अभी भी हल्का अंधेरा था जिस कारण कुछ भी साफ नहीं दिखाई दे रहा था ।

करण जोश से पागल हो रहा था, लंड जैसे लोहे की रोड बन चुका था, वो अंदर आते ही सीधे बेड पर लेती माही के उपर लेट जाता हैं और उसे अपनी बाहों में भर उसकी चूचियां दबा देता है जैसे ही उसे माही के नंगे होने का एहसास हुआ तो वो जोश में आ गया और उसने फुर्ती से अपने कपड़े उतार फेंके और पूरा नंगा होकर माही के उपर लेट गया ।

उसका लन्ड अब माही की चूत पर अड गया था और उपर नीचे रगड़ रहा था। अब समर जोश में आकर एक हल्का सा धक्का मारता हैं और सुपाड़ा उसकी चूत को फाड़ते हुए चूत में घुस जाता हैं तो समर उसकी चूची पूरी ताकत से दबाता हैं तो सोई हुई माही को एक तेज दर्द होता है और वो समर के गले में अपनी बांहे डाल देती हैं और उसके मुंह से एक दर्द भरी आह निकल पड़ती हैं।

माही:। आह मा री, मर गई री मा ।

जैसे ही माही के मुंह से आवाज निकली समर की डर के मारे गांड़ फट गई । ये भगवान जिसे वो माही समझ रहा था वो तो उसकी मम्मी काम्या हैं,

वो तेजी से उसके उपर से उठता है तो लंड का सुपाड़ा बड़ी मुश्किल से उसकी चूत को रगड़ते हुए बाहर निकलता हैं तो दर्द और मजे से काम्या का मुंह खुलता चला जाता है: हाय मा री , उफ्फ मर गई री ,सी आई री हाय रब्बा ।

समर उसके उपर से उठता हैं और अपने कपड़े उठाकर बाहर निकल जाता है।

काम्या अभी तो आधी नींद में ही थी , लंड का सुपाड़ा घुसने से उसकी चूत पूरी तरह से फैल गई थी और उसे एक तेज दर्द अपनी चूत में हुआ था लेकिन जैसे ही सुपाड़ा उसकी चूत की दीवारों को रगड़ता हुआ बाहर निकला तो मजे के साथ उसका मुंह खुल गया और वो सिसक उठी थी।

हाय री, ये तो समर था , मै माही के बिस्तर पर लेटी हुई हूं और माही कहां है? उसका मतलब वो मुझे माही समझ रहा था,। उसकी चूत अब तक सुपाड़े की रगड़ के एहसास से मस्त हो रही थी, काश वो पूरा लन्ड घुसा देता तो मेरी चूत धन्य हो जाती ।

काम्या अपने आप को कोस रही थी उसने क्यों अपना मुंह खोल दिया था, हाय आराम से चुद जाती तो कितना मजा आता।

उधर समर अपने कपड़े पहनता हैं और बाहर घूमने लगता है। साथ में आए लोगो को वो काम पर लगा देता है और फिर घर की तरफ लौट पड़ता हैं।

घर आते हुए उसका दिल बहुत जोरो से धड़क रहा था, है भगवान कितनी बड़ी गलती ही गई मुझसे क्या मम्मी को पता चल गया होगा कि उसके उपर लेटने वाला उसका अपना सगा बेटा समर था
 
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