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राम्या कुछ नहीं बोलती , उसे अपने पापा पर गर्व महसूस होता है कि उसके पापा ने नियमो की परवाह ना करते हुए उसकी मम्मी को 30 लोगो की हवस का शिकार होने से बचाया और खुद ही सारी सजा बर्दाश्त की, सच में उसके पापा औरत की कितनी इज्जत करते हैं ।
राम्या: लेकिन पापा एक बात समझ में नहीं अाई कि समर और माही तो एक ही परिवार के हैं और उनकी नसो में एक ही खून दौड़ रहा है, फिर कैसे ये नियम बना कि जो भी लड़की को बचाएगा उससे ही शादी होगी चाहे रिश्ता कुछ भी हो ?
करण एक लंबी सांस लेता है और बोलना शुरू करता है: बेटा क्योंकि हमारा कबीला पूरी तरह से जंगली हैं और उसका इतिहास सदियों पुराना है जहां पहले परिवार में शादी आम बात थी क्योंकि पहले सिर्फ रिश्ते नहीं बल्कि सबको मर्द और औरत की नजर से देखा जाता था। धीरे धीरे टाइम बदला लेकिन कानून नहीं बदल पाया ।
राम्या को सच में बहुत हैरानी हुई ये सुनकर !
राम्या: अगर किसी लड़की को उसका भाई बचाए तो कबीले के नियमो के हिसाब तो उसकी शादी उसके भाई से होनी चाहिए , और और अगर किसी को उसका बाप बचाए तो लड़की की शादी उसके बाप से होगी !
राम्या ने जल्दी में बोल तो दिया कि शादी बाप से होगी लेकिन जब उसे समझ में आया तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया
करण ने जैसे ही उसकी बात सुनी तो उसने ध्यान से राम्या की तरफ देखा तो उसे महसूस हुआ कि ये सब बोलकर राम्या शर्मा गई है कि बाप से भी शादी हो सकती हैं।
दोनो के दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी और चोरी चोरी एक दूसरे को देख रहे थे ।
ऐसे ही चलते चलते दोपहर का टाइम हो गया और दोनो को भूख लगने लगी थी तो करण ने एक अच्छा सा ढाबा देखकर वहां गाड़ी रोक दी ।
करण: आओ बेटी कुछ खा लेते हैं , बहुत भूख लगी हैं।
राम्या भी गाड़ी से बाहर निकली और दोनो ने खाना खाना शुरू कर दिया। खाना काफी टेस्टी बना था और दोनो बहुत मजे से खा रहे थे।
बीच बीच में दोनो की नजरे टकराती तो राम्या का दिल जोर से धड़कने लगता , और चेहरे पर लाली बढ़ जाती हैं,
खाना खाने के बाद करण फिर से गाड़ी शुरू कर देता है और दोनो चल पड़ते हैं ।
करण: बेटी कॉलेज से आने के बाद तो तुम घर पर अकेली हो जाया करेगी , तुम्हारा मन कैसे लगेगा ?
राम्या: पापा मैं अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया करूंगी और टीवी देख लिया करूंगी।
करण: ठीक है बेटी , जैसे तुम्हे ठीक लगे करना, कभी भी दिल ना लगे तो मुझे कॉल कर लिया करना , मैं आ जाया करूंगा।
राम्या: जी पापा , मैं बता दिया करूंगी आपको।
राम्या को खुशी ही रही थी कि उसके पापा उसका कितना ध्यान रखते हैं और उसके दिल में अपने पापा के लिए प्यार और इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं।
अब धीरे धीरे रात गहराने लगी थी और राम्या को नींद आने लगी तो उसने करण को बताया कि उसे नींद आने लगी हैं तो उसने राम्या को पिछली सीट पर लिटा दिया और राम्या सो गई।
करण पूरी रात गाड़ी ड्राइव करता रहा और आखिर कार सुबह वो दोनो घर पहुंच चुके थे।
करण गाड़ी पार्क करता है और राम्या को जगाता है और दोनो घर के अंदर चले जाते हैं।
घर में कोई नहीं था , समर और राम्या दोनो फ्रेश होने लगते हैं,
करण नहाकर आ जाता है और अपनी बॉडी पर सरसो के तेल की मालिश कर रहा था। राम्या नहाने के लिए बाथरूम में घुस गई थी और अंदर से पानी गिरने की आवाज लगातार आ रही थी।
जब राम्या नहा चुकी तो उसे एहसास हुआ कि वो कपड़े तो बाहर ही भूल गई है तो उसे शर्म आने लगी कि अब वो बाहर कैसे जाएगी,
हिम्मत करके उसने करण को आवाज लगाई: पापा टॉवेल दे देना मैं कपड़े बाहर ही भूल गई हूं,।
करण ने जैसे ही ये सुना तो उसके रोंगटे खडे हो गए, फिर उसने टॉवेल ढूंढा तो उसे बड़ी मुश्किल से एक टॉवेल मिला जो कि बहुत छोटा था और चल दिया बाथरूम की तरफ। अभी करण सिर्फ एक अंडर वियर में था और उसकी चोड़ी छाती पूरी तरह से नंगी थी और तेल लगा होने के कारण पूरी तरह चमक रही थी।
गेट के बाहर जाकर वो हल्के से नोक करता है तो राम्या धीरे से बाथरूम का गेट खोलती हैं और अपना चेहरा बाहर निकाल कर टॉवल लेने के लिए जैसे ही हाथ आगे बढ़ाती हैं तो उसका पूरा नंगा गोरा चित्ता हाथ कंधे तक बाहर आ जाता हैं टॉवेल पकड़ने के लिए , काले बाल उसके गोरे मुखड़े के चारो तरफ फैले हुए थे जो उसकी सुंदरता को और बढ़ा रहे थे ऐसा लग रहा था मानो काले बादलों में से चांद बाहर निकाल आया हो, बालो से टपकती पानी की बूंदे बहुत खूबसूरत लग रही थी , ।
जैसे ही राम्या का हाथ करण के हाथो से टकराया तो दोनो के दिल तेजी से धड़क उठे ।फिर राम्या ने टॉवेल को लिया और एक बार नजरे उठाकर करण की तरफ देखा तो जैसे ही उसके नजरे करण से मिली वो उसकी धड़कने तेज हो गई और सीना उपर नीचे होने लगा।
करण भी उसके पूरे कंधे तक नंगे हाथ को देख कर मस्त हो चुका था और उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी इस गेट के पीछे पूरी तरह से नंगी खड़ी हुई है तो उसके लंड में हलचल होने लगी।
राम्या ने शर्म के कारण अपनी नजरे नीची करी तो उसकी नजर करण की चोड़ी छाती पर पड़ी जो कि तेल लगने के कारण पूरी तरह से चमक रही थी, उफ्फ कितनी चोड़ी छाती हैं मेरे पापा की ये सोच कर उसकी सांसे तेजी से चलने लगी । करण जैसे ही राम्या की नजरो का पीछा किया तो उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी उसकी छाती को घूर कर देख रही हैं तो उसे जैसे यकीन ही नहीं हुआ ।
राम्या ने जैसे ही नजरे उपर उठाई तो उसकी नजरे फिर से अपने बाप से टकरा गई तो उसे एहसास हुआ कि उसके पापा को पता चल गया कि मैं उसकी छाती देख रही हूं तो शर्म के मारे उसका मुंह लाल हो गया और चूचियां अकड़ने लगी ।
राम्या: लेकिन पापा एक बात समझ में नहीं अाई कि समर और माही तो एक ही परिवार के हैं और उनकी नसो में एक ही खून दौड़ रहा है, फिर कैसे ये नियम बना कि जो भी लड़की को बचाएगा उससे ही शादी होगी चाहे रिश्ता कुछ भी हो ?
करण एक लंबी सांस लेता है और बोलना शुरू करता है: बेटा क्योंकि हमारा कबीला पूरी तरह से जंगली हैं और उसका इतिहास सदियों पुराना है जहां पहले परिवार में शादी आम बात थी क्योंकि पहले सिर्फ रिश्ते नहीं बल्कि सबको मर्द और औरत की नजर से देखा जाता था। धीरे धीरे टाइम बदला लेकिन कानून नहीं बदल पाया ।
राम्या को सच में बहुत हैरानी हुई ये सुनकर !
राम्या: अगर किसी लड़की को उसका भाई बचाए तो कबीले के नियमो के हिसाब तो उसकी शादी उसके भाई से होनी चाहिए , और और अगर किसी को उसका बाप बचाए तो लड़की की शादी उसके बाप से होगी !
राम्या ने जल्दी में बोल तो दिया कि शादी बाप से होगी लेकिन जब उसे समझ में आया तो उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया
करण ने जैसे ही उसकी बात सुनी तो उसने ध्यान से राम्या की तरफ देखा तो उसे महसूस हुआ कि ये सब बोलकर राम्या शर्मा गई है कि बाप से भी शादी हो सकती हैं।
दोनो के दिल की धड़कन बढ़ चुकी थी और चोरी चोरी एक दूसरे को देख रहे थे ।
ऐसे ही चलते चलते दोपहर का टाइम हो गया और दोनो को भूख लगने लगी थी तो करण ने एक अच्छा सा ढाबा देखकर वहां गाड़ी रोक दी ।
करण: आओ बेटी कुछ खा लेते हैं , बहुत भूख लगी हैं।
राम्या भी गाड़ी से बाहर निकली और दोनो ने खाना खाना शुरू कर दिया। खाना काफी टेस्टी बना था और दोनो बहुत मजे से खा रहे थे।
बीच बीच में दोनो की नजरे टकराती तो राम्या का दिल जोर से धड़कने लगता , और चेहरे पर लाली बढ़ जाती हैं,
खाना खाने के बाद करण फिर से गाड़ी शुरू कर देता है और दोनो चल पड़ते हैं ।
करण: बेटी कॉलेज से आने के बाद तो तुम घर पर अकेली हो जाया करेगी , तुम्हारा मन कैसे लगेगा ?
राम्या: पापा मैं अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया करूंगी और टीवी देख लिया करूंगी।
करण: ठीक है बेटी , जैसे तुम्हे ठीक लगे करना, कभी भी दिल ना लगे तो मुझे कॉल कर लिया करना , मैं आ जाया करूंगा।
राम्या: जी पापा , मैं बता दिया करूंगी आपको।
राम्या को खुशी ही रही थी कि उसके पापा उसका कितना ध्यान रखते हैं और उसके दिल में अपने पापा के लिए प्यार और इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं।
अब धीरे धीरे रात गहराने लगी थी और राम्या को नींद आने लगी तो उसने करण को बताया कि उसे नींद आने लगी हैं तो उसने राम्या को पिछली सीट पर लिटा दिया और राम्या सो गई।
करण पूरी रात गाड़ी ड्राइव करता रहा और आखिर कार सुबह वो दोनो घर पहुंच चुके थे।
करण गाड़ी पार्क करता है और राम्या को जगाता है और दोनो घर के अंदर चले जाते हैं।
घर में कोई नहीं था , समर और राम्या दोनो फ्रेश होने लगते हैं,
करण नहाकर आ जाता है और अपनी बॉडी पर सरसो के तेल की मालिश कर रहा था। राम्या नहाने के लिए बाथरूम में घुस गई थी और अंदर से पानी गिरने की आवाज लगातार आ रही थी।
जब राम्या नहा चुकी तो उसे एहसास हुआ कि वो कपड़े तो बाहर ही भूल गई है तो उसे शर्म आने लगी कि अब वो बाहर कैसे जाएगी,
हिम्मत करके उसने करण को आवाज लगाई: पापा टॉवेल दे देना मैं कपड़े बाहर ही भूल गई हूं,।
करण ने जैसे ही ये सुना तो उसके रोंगटे खडे हो गए, फिर उसने टॉवेल ढूंढा तो उसे बड़ी मुश्किल से एक टॉवेल मिला जो कि बहुत छोटा था और चल दिया बाथरूम की तरफ। अभी करण सिर्फ एक अंडर वियर में था और उसकी चोड़ी छाती पूरी तरह से नंगी थी और तेल लगा होने के कारण पूरी तरह चमक रही थी।
गेट के बाहर जाकर वो हल्के से नोक करता है तो राम्या धीरे से बाथरूम का गेट खोलती हैं और अपना चेहरा बाहर निकाल कर टॉवल लेने के लिए जैसे ही हाथ आगे बढ़ाती हैं तो उसका पूरा नंगा गोरा चित्ता हाथ कंधे तक बाहर आ जाता हैं टॉवेल पकड़ने के लिए , काले बाल उसके गोरे मुखड़े के चारो तरफ फैले हुए थे जो उसकी सुंदरता को और बढ़ा रहे थे ऐसा लग रहा था मानो काले बादलों में से चांद बाहर निकाल आया हो, बालो से टपकती पानी की बूंदे बहुत खूबसूरत लग रही थी , ।
जैसे ही राम्या का हाथ करण के हाथो से टकराया तो दोनो के दिल तेजी से धड़क उठे ।फिर राम्या ने टॉवेल को लिया और एक बार नजरे उठाकर करण की तरफ देखा तो जैसे ही उसके नजरे करण से मिली वो उसकी धड़कने तेज हो गई और सीना उपर नीचे होने लगा।
करण भी उसके पूरे कंधे तक नंगे हाथ को देख कर मस्त हो चुका था और उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी इस गेट के पीछे पूरी तरह से नंगी खड़ी हुई है तो उसके लंड में हलचल होने लगी।
राम्या ने शर्म के कारण अपनी नजरे नीची करी तो उसकी नजर करण की चोड़ी छाती पर पड़ी जो कि तेल लगने के कारण पूरी तरह से चमक रही थी, उफ्फ कितनी चोड़ी छाती हैं मेरे पापा की ये सोच कर उसकी सांसे तेजी से चलने लगी । करण जैसे ही राम्या की नजरो का पीछा किया तो उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी उसकी छाती को घूर कर देख रही हैं तो उसे जैसे यकीन ही नहीं हुआ ।
राम्या ने जैसे ही नजरे उपर उठाई तो उसकी नजरे फिर से अपने बाप से टकरा गई तो उसे एहसास हुआ कि उसके पापा को पता चल गया कि मैं उसकी छाती देख रही हूं तो शर्म के मारे उसका मुंह लाल हो गया और चूचियां अकड़ने लगी ।