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बैठक में इस समय ज़्यादा लोग नही थे.
बाहर के जितने भी लोग थे सब जा चुके थे.
एक 40-45 साल का बलिष्ट शरीर वाला आदमी खड़ा किसी से बात कर रहा था.
लल्लू अंदर आ कर अपने होंठो पर उंगली रख लिया. और वहाँ जितने भी लोग थे सब को चुप रहने का इशारा कर दिया.
लल्लू पीछे से जा कर उस आदमी को कमर से कस कर अपने बाहों से पकड़ कर उठा लिया.
और चार बार उठा उठा कर ज़मीन पर झटके से खड़ा कर देता.
वो बंदा बौखला गया.
अब वो भी अपने आप को छुड़ाने का कोशिश करने लगा. वो बंदा अपने दोनो हाथो से लल्लू के बंधे हाथो को खोलने का जी टॉर कोशिश करने लगा.
आस पास खड़े सभी हस रहे थे. इंजोय कर रहे थे.
अंत में थक कर वो बंदा अपना हाथ खड़े कर लिया फिर लल्लू उसे छोड़ दिया.
लल्लू- बूढ़े हो गये अब तो आप मामा.
आवाज़ सुन कर वो झट से पलट गया और लल्लू को मुस्कुराता खड़ा देख कर उसे गले से लगा लिया.
वो बंदा- कैसा है मेरा सेर. कब आए तुम.
लल्लू- बहुत बढ़िया हूँ कल्लू मामा. देख लीजिए आप के सामने ही खड़ा हूँ.
फिर लल्लू वहाँ के सभी लोगो से मिला
बाहर के जितने भी लोग थे सब जा चुके थे.
एक 40-45 साल का बलिष्ट शरीर वाला आदमी खड़ा किसी से बात कर रहा था.
लल्लू अंदर आ कर अपने होंठो पर उंगली रख लिया. और वहाँ जितने भी लोग थे सब को चुप रहने का इशारा कर दिया.
लल्लू पीछे से जा कर उस आदमी को कमर से कस कर अपने बाहों से पकड़ कर उठा लिया.
और चार बार उठा उठा कर ज़मीन पर झटके से खड़ा कर देता.
वो बंदा बौखला गया.
अब वो भी अपने आप को छुड़ाने का कोशिश करने लगा. वो बंदा अपने दोनो हाथो से लल्लू के बंधे हाथो को खोलने का जी टॉर कोशिश करने लगा.
आस पास खड़े सभी हस रहे थे. इंजोय कर रहे थे.
अंत में थक कर वो बंदा अपना हाथ खड़े कर लिया फिर लल्लू उसे छोड़ दिया.
लल्लू- बूढ़े हो गये अब तो आप मामा.
आवाज़ सुन कर वो झट से पलट गया और लल्लू को मुस्कुराता खड़ा देख कर उसे गले से लगा लिया.
वो बंदा- कैसा है मेरा सेर. कब आए तुम.
लल्लू- बहुत बढ़िया हूँ कल्लू मामा. देख लीजिए आप के सामने ही खड़ा हूँ.
फिर लल्लू वहाँ के सभी लोगो से मिला