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Incest मेरा परिवार और मेरी वासना

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"देख बाबू उम फ़िल्मो मे बहुत कुछ दिखाया जाता है जैसे लंड और चूत चूसना जो कि हक़ीकत मे कही कही ही होता है मैं बाकी सब

को तैयार हू लेकिन तेरा लंड मुँह मे नही लूँगी ठीक" वो बोली

"ओके" मैं बोला

मेरे इतना बोलते ही वो नीचे बिछि चटाई पर लेट गई और मुझे इशारे से पास बुलाया मैं उसके पास पहुचा और उसके बूब्स को घूर्ने लगा वो शायद मेरा मतलब समझ गई थी उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने एक दूध पर रख दिया और बोली "इससे मुझे कोई ऐतराज नही है जितना चाहे इनसे खेल इन्हे दबा"

पहली बार मेरे हाथ किसी लड़की के बूब्स पर थे उसके बूब्स को अपने हाथो मे महसूस करके पता नही मुझे क्या हुआ मैं उन्हे ज़ोर ज़ोर

से मसल्ने लगा जिससे वो दर्द के मारे कराहने लगी

"अरे पागल है क्या, जनवरो की तरह क्यों कर रहा है जो भी करना है आराम से कर प्यार से कर मैं तो धन्दे वाली हूँ इसलिए सहन कर गई वरना कोई शरीफ लड़की होती ना तो दोबारा हाथ भी नही लगाने देती" वो बोली

उसकी बात सुनकर अब मैं धीरे धीरे उसके बूब्स दबा रहा था और इधर मेरा लंड अंडर वेर मे अकड़ कर दर्द करने लगा था

"तू भी कुछ करना मेरे लंड का" मैं बोला और मैने अपनी चड्डी उतार दी

मेरा लंड नंगा होते ही उसने उसे मुट्ठी मे भर लिया और ज़ोर ज़ोर से दबाते हुए आगे पिछे करने लगी

और मैं मैं कभी उसके बूब्स को दबाता कभी चूस्ता कभी उसके निपल्स को निचोड़ता तो कभी दाँतों से काट-ता लगभग कोई 5 मिनिट बाद वो बोली "देख बाबू इतना टाइम नही है अपने पास ये सब करना हो तो कभी पूरी नाइट के लिए बुक कर लेना अब चल जल्दी से चोद चाद कर मुझे रवाना कर और भी ग्राहक खड़े होंगे मेरे टोले पर"

मुझे गुस्सा तो आया कि पहली चुदाई वो भी जल्दी मे लेकिन क्या करता उसकी बात भी सही थी और फिर यहाँ कोई आ भी सकता था इसलिए जल्दी कर लेना ही बेहतर था

अब उसने अपनी दोनो टाँगे फैला ली थी पहली बार मेरी नज़र उसकी चूत पर पड़ी वो थी तो बगैर बाल की लेकिन बहुत काली और उसके लिप्स भी बहुत फैले हुए थे ब्लूफिल्म की चूत से उसकी चूत की तुलना करने पर मुझे लगा कि अगर ब्लूफिल्म मे भी ऐसी ही चूत दिखाते तो शायद ब्लूफिल्म बिकना ही बंद हो जाती खैर मैं भी अब उसकी टाँगो के बीच आ गया उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत के मुँह पर लगाया और मुझे धक्का मारने को कहा मैने भी ज़ोर लंड पेल दिया जो उसकी सुखी चूत की रगड़ से छिल सा गया फिर

मैने धीरे धीरे करके सारा लंड उसकी चूत मे उतार दिया और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लंड किसी गरम भट्टी मे आगे पिछे हो रहा हो कुछ धक्को के बाद उसकी चूत भी गीली हो गई और अब मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगाने लगा कोई 15 - 2

0 धक्को के बाद मैं उसकी चूत मे ही झड गया और कुछ देर तक उस पर पड़े पड़े ही हान्फता रहा मेरी ज़िंदगी की पहली चुदाई पूरी हो

गई थी जो सुखी सुखी ही थी लेकिन पहली बार मैं किसी चूत मे झडा था तो मुझे मज़ा भी आज तक का सबसे ज़्यादा आया था

"चलो अब उठो" वो बोली

मैं उस पर से उठा और पास ही पड़े एक कपड़े से अपना लंड पोछा और अपने कपड़े पहनने लगा

"एक बात बोलू बाबू पहली बार मे ही तूने बहुत लंबा खिचा है अगर तुझे चैन से चोदने को मिले ना तो शायद तू तो चुदने वाली की चूत का भुर्ता बना देगा" वो कपड़े पहनते हुए बोली

"वैसे तूने तेरा नाम नही बताया" मैने पुछा

"तूने अभी तक पुछा ही कहाँ था वैसे मेरा नाम रेखा है" वो बोली

अब तक हम दोनो ही कपड़े पहन चुके थे और हम बाहर निकले बाहर अशोक और किशन हॉल मे बैठे हुए थे

"बड़ी देर लगा दी भाई" अशोक मुझे देखते हुए बोला

मैं बस मुस्कुरा कर रह गया

वो लड़की तब तक पिछे जाचूकी थी

"भाई मज़ा आया कि नही" किशन ने पुछा

"यार ज़िंदगी की पहली चुदाई की है मज़ा तो आना ही था लेकिन जैसा फ़िल्मो मे देख कर सोचा था उतना मज़ा नही आया" मैं बोला

"वैसा मज़ा तो सुकून से की हुई चुदाई मे ही आसक्ता है ऐसे चोरी की डरते डरते की हुई चुदाई मे तो सिर्फ़ खड़े लंड को ठंडा कर के आयिल ही चेंज कर सकते है बस" किशन बोला

"चलो फिर भी सब ठीक ही रहा" मैं बोला

फिर हम सब खाना खाने चले गये जहाँ आज फिर बियर का दौर चला और आज मैने 1.5 ग्लास बियर पी लेकिन तुरंत खाना खा लेने की वजह से नशा ज़्यादा नही हुआ

आज की चुदाई करने के बाद मैं समझ गया था कि ये सब बेकार है ऐसी चुदाई मे कुछ नही रखा हर किसी ऐरी गैरी लड़की को चोदने मे कोई मज़ा नही है और मैने तौबा कर ली कि आज के बाद ऐसा नही करूँगा लेकिन आज की चुदाई का मुझे बहुत फ़ायदा भी हुआ क्योंकि अब मैं चुदाई के खेल मे अनाड़ी नही था बहुत कुछ सीख भी गया था फिर कोई दोपहर के 3 बजे हम घर के लिए रवाना हो गये और

घर पहुचते ही मैं अपने रूम मे जाकर बेड पर लेट गया क्योंकि चुदाई की थकान और बियर की झुनझुनी मुझे नींद के आगोश मे

धकेले जा रही थी.......
 
अपडेट 10

♡♡♡♡♡♡

शाम को लगभग 7 बजे मेरी नींद खुली और दिन की नींद खुलने के बाद आप सभी को पता है कैसा लगता है मैं अलसाया हुआ था मुँह

हाथ धोकर मैं नीचे जाने को हुआ तो मुझे के दीदी के रूम से कुछ आवाज़ आई मिने जाकर देखा तो दी अभी रूम मे ही थी

"हाई दी...." मैं गेट से ही बोला

"ओ..हाई सोनू आना अंदर आ" दी बोली

"क्या कर रही हो" मैं बोला

"बस लास्ट पेपर बचा है मेरे एग्ज़ॅम का जोकि कल ही है तो उसी की तैयारी कर रही हूँ" वो बोली

"तो फिर तो मैने तुम्हे डिस्टर्ब कर दिया, मैं जाता हूँ" मैं बोला और वापस मुड़ा तब तक दी ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने पास बेड पर खिच लिया

"अरे कैसी बात कर रहा है मुझे कभी भी तेरे कारण परेशानी नही हो सकती और वैसे भी अब मैं पढ़ाई बंद करके नीचे जाने ही वाली थी" दी बोली

"तो चलो नीचे चलते है" मैं बोला

"अभी नही, अभी मुझे अपने नये बॉय फ्रेंड से कुछ बाते करनी है" दीदी बोली

और उसकी ये बात सुनकर मेरे दिमाग़ मे सुबह की बाते ताज़ा हो गई जब दीदी मुझसे कुछ करने को कहने वाली थी

"अरे हां दी सुबह डॉली के आने से पहले तुम मुझसे कोई टास्क करवाने वाली थी" मैं बोला

"अरे वो तो मैं कह रही थी कि चलो मुझे आइस्क्रीम खिलाओ" दी बोली

"ओह्ह्ह्ह......" मेरे मुँह से बस इतना ही निकला

"तो तू क्या समझा था" दी शरारती मुस्कान के साथ बोली

"मैं तो समझा था कि तुम मुझे कुछ ऐसा करने को कहोगी जो सिर्फ़ बाय्फ्रेंड ही कर सकता हो आइस्क्रीम तो कोई भी खिला सकता है" मैं बोला

"बड़ी जल्दी है तुझे बाय्फ्रेंड वाले काम करने की" दी इठलाते हुए बोली

"जल्दी कहाँ दी पूरे 19 साल का हो चुका हूँ" मैं बोला

"तो जा फिर बना ले कोई गर्लफ्रेंड और फिर करना वो सब काम" दी बोली

"बना तो लिया है तुम्हे अपनी गर्लफ्रेंड" मैने जवाब दिया "लेकिन मैं तो सिर्फ़ नाम की गर्लफ्रेंड हूँ ना" वो बोली

"लेकिन मैं चाहता हूँ कि तुम काम की गर्लफ्रेंड भी बन जाओ" मैं उसकी आँखो मे देखते हुए बोला

"आर यू सीरीयस सोनू" दी ने गंभीर आवाज़ मे पुछा

"अगर तुम्हे मंजूर हो तो" मैं बोला

"लेकिन हमारा रिश्ता कुछ और है, हम भाई बहन है" वो बोली

"दो दिन पहले मेरी शकल से मुझे पहचानती भी नही थी और मैं भी तुम्हे नही पहचानता था अगर मम्मी पापा आज भी हमे ये कह दे कि हम तो मज़ाक कर रहे थे तुम भाई बहन नही हो तो......तो क्या फिर भी हम भाई बहन रहेंगे, दी मेरे ख़याल से रिश्ते नज़दीकियो से

बनते हैं फीलिंग्स साथ रहने से आती है एक ही माँ के पेट से जनम लेने से नही और जहाँ तक किसी और लड़की को गर्लफ्रेंड बनाने की

बात है तो वो मैं नही कर सकता क्योंकि सिर्फ़ लड़के ही धोखेबाज़ नही होते लड़किया भी फरेबी होती है अभी कल ही टीवी पर न्यूज़ आ रही थी कि एक लड़की ने लड़के को पहले अपने प्यार के जाल मे फसाया और बाद मे ब्लॅकमेल करने लगी की इतने पैसे दो नही तो रेप के केस मे फँसा दूँगी" मैं बोला

अब दी सोच मे पड़ गई थी वो फ़ैसला नही कर पा रही थी कि क्या करे और मैं भी उसे ज़्यादा परेशान नही करना चाहता था इसलिए

बोला "अरे तुम तो सच मे सीरीयस हो गई मैं तो मज़ाक कर रहा था" और मैं हँसने लगा

"क्या......तो अभी जो भी तूने कहा वो सब....." दीदी बोली

"वो सब सही था बस तुम टेन्षन मत लो" मैं बोला

"मैं सच मे तेरी काम वाली गर्लफ्रेंड बनने को तैयार हो चुकी थी लेकिन अब तू ही कह रहा है कि तू मज़ाक कर रहा था तो ठीक है" दी बोली और खड़ी हो गई

"अरे नही दी...मैं तो मज़ाक कर रहा हूँ मैं सच मे तुम्हे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ" मैं हड़बड़ाते हुए बोला

"पहले तू ये पक्का कर ले कि तू पहले मज़ाक कर रहा था या अब, वैसे अब मैं तेरे झाँसे मे नही आने वाली अब तू किसी और को ही ढूँढ

ले अपनी गर्लफ्रेंड बनाने को, अब चल नीचे सभी वेट कर रहे होंगे" दी बोली और बेड से उतर कर नीचे जाने लगी

"दी....सुनो तो, सच मे मैने जो पहले कहा था वही सच था" मैं दीदी के पिछे लपकते हुए बोला

"लेकिन अब कुछ नही हो सकता सोनू मैं बार बार फ़ैसले नही बदला करती ये ट्रेन तुम्हारे हाथ से छूट चुकी है" दीदी हँसते हुए बोली

और तेज़ी से सीडिया उतर कर नीचे चली गई

'धत्त..तेरे की लग गये लौडे, इतना अच्छा मौका मैने मिस कर दिया वरना शायद एक आधा किस ही मिल जाती आज कोई बात नही दी

कहाँ भागे जा रही है अभी तो शुरुआत ही हुई है' मैने मन मे सोचा और नीचे आ गया........
 
अपडेट 11

**********

मैं नीचे हॉल मे आया तो देखा कि मोना आई हुई थी पता नही मैं जब भी उसे देखता था मेरी नज़र सब से पहले उसके पपितो जैसे बड़े बड़े बूब्स पर ही जाकर टिकती थी पता नही उसका साइज़ इतना बड़ा कैसे हो गया था तभी मेरी नज़र दीदी पर पड़ी और हमारी नज़रे

मिली दीदी के होंठो पर एक शैतानी भरी मुस्कान थी जैसे वो मुझे चिढ़ा रही हो मैं भी अब दीदी को परेशान करना चाहता था मैं सोचने

लगा कि क्या करूँ तभी मोना की आवाज़ आई

"हाई सोनू कैसे हो"

"फाइन....." मैं बोला और तब मेरा ध्यान मोना की तरफ गया जिसके होंठो पर इस वक्त एक बड़ी प्यारी सी मुस्कान थी और तभी मुझे

समझ आ गया कि मैं अब दीदी को कैसे परेशान कर सकता हूँ

इस वक्त हॉल मे दीदी मैं और मोना ही थे मैं मोना वाले सोफे पर उससे चिपक कर बैठ गया और बोला "और सुना मोना तू कैसी है, जब

से आया हूँ तुझसे ढंग से बाते ही नही हुई है"

"तू ही मुझसे बात नही करता वरना मैं तो कितनी बार आचुकी हूँ तेरे आने के बाद से" मोना बोली

तभी मम्मी ने दीदी को बुलाया तो दीदी अंदर चली गई अब मैं मोज़ा से नज़दीकी बढ़ा कर दीदी को परेशान करने की सोच चुका था और वैसे भी मोना हमारे पापा के दोस्त की बेटी थी जिससे अगर मैं मोना को प्रपोज़ करता तो कोई परेशानी वाली बात नही थी हद से हद वो

मुझे मना ही कर सकती थी लेकिन जिस तरह वो अभी मुझे आँखो मे दिल रख कर देख रही थी मुझे नही लगता था कि वो मना कर सकती है मैं थोड़ा सा और मोना की तरफ खिसक गया अब हम दोनो के बदन एक दूसरे से चिपक गये थे

"यार मोना जब मैं यहाँ से गया था तो तू कितनी दुबली पतली छुई-मुई सी थी लेकिन अब तो कमाल हो गई है यार, क्या खा रही है तू आज कल" मैं उसकी तरफ देखते हुए बोला

अपनी तारीफ सुनकर वो शर्मा गई

"इतनी भी फेका फाकी मत कर मैं जानती हूँ मैं कैसी हूँ निशा और डॉली के सामने तो मैं चाइ कम पानी ज़्यादा ही हूँ" वो इठलाते हुए बोली

"अब ये तो अपने अपने देखने का नज़रिया है वरना मेरी नज़र से देखो तो तुम बिल्कुल डॉली धूपिया जैसी दिखती हो" मैं बोला

"चल चल इतनी भी मत फेक उसका और मेरा चेहरा 1% भी नही मिलता, मैं समझ गई तू मेरी मज़ा ले रहा है" वो बोली

"तू भी ना, सच मे भले ही तू शहर मे कॉलेज पढ़ रही है लेकिन तेरा दिमाग़ साला गाँव वाला ही है, पगली आज कल सिर्फ़ सूरत मिलने से ही किसी की तुलना नही होती बल्कि बदन का कोई पार्ट भी सेम मिल जाए तो कह सकते है कि फलानी लड़की या फलाना लड़का उस जैसा दिखता है" मैं बोला

"मैं कुछ समझी नही" वो बोली

"तू कुछ समझेगी भी नही गाओं की गवार, ये देख मैं तुझे कुछ दिखाता हूँ" कह कर मैने अपना मोबाइल निकाला और डॉली धूपिया की इमेज सर्च करी और जब उसकी एक इमेज जो मेरे काम की थी वो आई तो मैने उसे सेव कर लिया इस दौरान मोना लगातार मेरी तरफ ही देख रही थी

"ले ये देख और अब बता कि इस फोटो के हिसाब से तू उससे मिलती है या नही" मैं सेव की हुई इमेज को ज़ूम करके दिखाते हुए बोला जिसमे डॉली धूपिया का एक क्लोज़अप था जिसमे उसकी शर्ट के बटन खुले हुए थे और उसकी बड़ी बड़ी चुचिया उसकी ब्रा से बाहर झलक रही थी

मेरी बात सुनकर पहले तो उस पिक को कुछ देर देखती रही फिर बोली "यार मैं सच कह रही हूँ इससे मेरा चेहरा ज़रा भी नही मिल रहा है"

"तू सिर्फ़ चेहरा देख रही है ज़रा थोड़ा नीचे देख और बता कि नीचे का हिस्सा तुझसे मिल रहा है कि नही" मैं हिम्मत करके बोला

मेरे मुँह से इतना सुनकर मोना ने भी अपना दिमाग़ लगाया और जब बात उसके समझ मे आई तो अपने आप उस फोटो को देखने के बाद उसकी नज़र अपनी चुचियों की तरफ चली गई और उसका चेहरा शरम से लाल हो गया और उसने गर्दन झुका ली

मैं उसकी इस हालत को देख कर खुश हो गया मैं समझ गया कि ये चिड़िया तो फँस गई

"अब बोल क्या बोलती है, तेरे शरीर का कोई पार्ट तो उससे मिलता है ना" मैं बोला

"मुझे नही पता था कि तू इतना गंदा बन चुका है तू मेरे बू....सॉरी तू मुझे देख कर ऐसा भी सोच सकता है मैने कभी कल्पना भी नही की थी" वो बोली

"अरे यार अब इसमे गंदा क्या है तू मुझे ऐसी लगी तो मैने बता दिया, अब तू ही बता कि इस मामले मे निशा दी या डॉली तेरे सामने

कहाँ ठहरते है" मैं उसे और चने के झाड़ पे चढ़ाते हुए बोला

मेरी बात सुनकर कुछ देर तक वो चुप रही और कुछ सोचती रही फिर बोली "तू मुझ पर लाइन तो नही मार रहा"

"कैसी बात कर रही है जो सच है मैं वही कह रहा हूँ बस तू समझ नही रही है" मैं बोला

"क्या समझना चाहता है तू मुझे? वही जो आज दोपहर मे तूने किशन के खेत मे उन बंजारो की लड़कियो को समझाया था....." मोना ने जैसे धमाका किया

और उसकी बात सुनकर एक बार फिर मेरी गान्ड फट गयी जिसे इस गाओं मे पैर रखते ही जैसे फटने की आदत सी हो गयी थी लेकिन इस बार मैं हक्का बक्का सा रह गया क्योंकि जिस साइड किशन का खेत था उधर लोगो का आना जाना बहुत कम था उसके बाद भी मोना के मुँह से ये सब सुनकर मेरा कलेजा मुँह को आ चुका था...........
 
अपडेट 12

*********

मैं समझ नही परहा था कि मोना को कैसे पता चला कि दोपहर मे मैं किशन के खेत मे था और बंजारा लड़कियों के बारे मे इसे कैसे मालूम

"तू कहना क्या चाह रही है मैं कुछ समझा नही" आख़िर मैं बोला

"तू पहले ये बता कि तू दोपहर मे किशन के खेत मे था या नही" उसने पुछा

"हां था तो" मैं बोला क्योंकि ये बात छुपाने वाली नही थी मेरे घर मे सभी को पता था इस बारे मे

"और वहाँ पर बंजारो की 3 लड़किया भी आई थी" उसने फिर पुछा

"अब मुझे क्या पता और अगर वो भी आई होगी खेत के ही किसी काम से" मैं बोला

"बेटा सोनू, अभी तू गाओं मे नया आया है ना इसलिए ये बात नही जानता पूरे गाँव को पता है कि बंजारो की लड़किया सिर्फ़ एक ही काम करती है उसके अलावा अगर उन्हे 10 गुना मज़दूरी भी दी जाए तो वो दूसरा काम नही करती, अब वहाँ लड़के भी तुम तीन ही थे और

वो लड़किया भी तीन ही थी तो कोई भी समझ सकता है कि तुम लोग वहाँ क्या कर रहे होंगे" वो बोली

अब चुप होने की बारी मेरी थी मेरा दिमाग़ कुछ काम नही कर रहा था मुझे यही डर लग रहा था कि अगर मोना ने दीदी या घर मे किसी और को ये बात बता दी तो मेरा क्या होगा मेरे चेहरे पर इस वक्त हवाइयाँ उड़ रही थी और मैं बहुत नर्वस फील कर रहा था

शायद मोना मेरे मन की बात समझ गई थी इसलिए बोली "क्यों हीरो, फट गई ना"

"म..म...मगर तू ये सब कैसे जानती है तुझे कैसे पता लगा उधर तो कोई ज़्यादा आता जाता भी नही" मैं हार मानते हुए मरे हुए स्वर मे बोला

"शायद तुझे पता नही कि मेरे पापा ने अभी कुछ साल पहले ही उस साइड एक खेत लिया है और आज तेरी खराब किस्मत से मेरे पापा अपना मोबाइल घर पर भूल कर उस खेत मे चले गये थे बाद मे उनका एक अर्जेंट कॉल आया तो मैं फोन पहुचाने उस खेत मे गयी थी

जाते वक्त किशन के खेत वाले मकान मे मैने तेरी नयी बाइक खड़ी देखी थी और जब वापस आ रही थी तो उसी मकान के पिछे के गेट से उन तीनो लड़कियो को निकलते देखा बस मैं समझ गयी कि बात क्या होगी क्योंकि किशन और अशोक के बारे मे मैं पहले भी सुन चुकी

थी कि वो लोग बंजारो के टोले मे जाते रहते है" उसने बताया

अब मैं समझ गया था की मोना को मस्का लगा कर उसे मनाने मे ही मेरी गति है वरना तो मैं गया काम से

"देख यार मोना प्लीज़ तू इस बात का ज़िकरा घर मे किसी से मत करना वरना तू जानती है कि मेरा क्या हाल होगा बड़ी मुश्किल से तो

सात साल बाद घर लौटा हूँ अबकी पता नही कितने टाइम को नपुँगा" मैं उसके सामने गिडगिडाते हुए बोला

"अब फट रही है हां, और वहाँ तो खूब फाडी होगी उन बन्जारिनो की तब नही सोचा कि घर पता चल गया तो क्या होगा" वो बोली

"अरे यार मैं किशन के बहकावे मे आ गया था लेकिन मैं कसम खा कर कहता हूँ कि आज से कभी भी मैं उन बंजारीनों के करीब फटकुंगा भी नही प्ल्ज़ यार इस बार माफ़ कर दे" मैं बोला

मेरी बात सुनकर वो कुछ देर तक सोचती रही फिर बोली "हूंम्म.....वैसे कोई और वक्त होता तो शायद मैं तेरी बात नही मानती लेकिन एक बार तुझे मेरी वजह से घर छोड़ना पड़ा था तो अब मैं दोबारा उसका कारण नही बनना चाहती लेकिन तुझे अपनी कसम याद रखनी होगी और अगर मुझे मालूम पड़ा की तू फिर उन गंदी लड़कियो के चक्कर मे फँसा तो फिर मैं नही मानने वाली समझा"

मुझे लगा जैसे गुन्डो ने राखी बन्धवा कर रज़िया को छोड़ दिया हो

"थॅंक्स मोना वेरी वेरी थॅंक्स मैं सच कहता हूँ अब कभी भी दोबारा उन लड़कियों का ख़याल भी मन मे नही लाउन्गा वैसे भी मैने उनके साथ 'वो' कर तो लिया लेकिन बाद मे मुझे अपने आप से ही घृणा हुई कि मैं किस गंदे दलदल मे डूब कर आया हूँ" मैं बोला

"क्यों उनसे मज़ा नही आया क्या" अब वो मुझे छेड़ते हुए बोली

"छोड़ यार वो बात, अब मैं उस किस्से को याद भी नही करना चाहता" मैं बोला

"तो कॉन सी बात पकदु, वही वाली जो तू अभी मुझे समझा रहा था कि मैं कहाँ से डॉली धूपिया जैसी लगती हूँ" मोना मुस्कुराते हुए बोली

"कॉन लगती है भाई डॉली धूपिया जैसी" तभी दीदी पास आते हुए बोली

"मैं लगती हूँ तेरे भाई को उसके जैसी" मोना बोली

"ये पागल हो गया है क्या उसमे और तुझमे तो कुछ भी एक जैसा नही है फिर तू इसे कैसे लगती है उसकी तरह" दीदी भी हैरत मे पड़ गई

"इसकी नज़र मे एक चीज़ सेम है हम दोनो मे और मुझे भी इसकी वो बात सही लगती है" मोना बोली

"वो क्या" दीदी ने पुछा

"सोनू ज़रा मोबाइल दिखना" मोना बोली

मैं एक बार फिर घबरा गया और मैने कातर निगाहो से मोना की तरफ देखा

"सोनुउऊउउ......" मोना ऐसे बोली जैसे धमकी दे रही हो

अब मेरे पास और कोई चारा नही था क्योंकि मेरी दुखती रग थी मोना के पास इसलिए मैने मोबाइल उसे दे दिया फिर मोना ने दीदी को डॉली धूपिया वाली वो पिक वैसे ही ज़ूम कर के दिखा दी और बोली "क्यों निशा, है ना उसके और मेरे जैसे एक जैसे सोनू तो यही कहता है"

वो पिक देख कर और मोना की बात सुन कर दीदी ने आँख निकाल कर मुझे देखा और बोली "छि सोनू कितना बिगड़ गया है तू"

"अब इसमे बिगड़ने वाली क्या बात है निशा उसने कंपॅरिज़न ही तो किया है और जो उसे सही लगा वो बोल दिया" मोना मेरा साइड लेते हुए बोली

मैं समझ नही पाया कि उसके मन मे क्या है एक तो खुद ही मुझे फसाती है और बचाने को भी खुद ही आगे आ रही है

"तुझे नही पता मोना सच मे मेरा भाई अब बड़ा हो गया है पता नही कैसी कैसी बाते करने लगा है मुझे लगता है कि जल्दी ही इसके लिए एक अच्छी सी गर्लफ्रेंड ढूँढनी पड़ेगी वरना पता नही ये और क्या क्या करेगा" दी शैतानी भरी आवाज़ मे बोली

अब तक मैं भी थोड़ा नॉर्मल हो गया था तो बोला "ढूँढने मे तो टाइम लग जाएगा दी, अभी तो मैं मोना से ही काम चला लेता हूँ जब कोई

अच्छी सी मिल जाएगी तब की तब देखेंगे, क्यो मोना बनेगी मेरी गर्लफ्रेंड"

"देख मोना मैने कहा था ना कि ये बहुत बिगड़ गया है" दीदी बोली

"ओके मुझे मंजूर है सोनू, मैं तैयार हूँ तेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए लेकिन मेरी एक शर्त है" मोना मेरी आँखो मे देखते हुए बोली

"अबे तू कैसी बात कर रही है क्या तू भी इसके साइड है" दीदी बोली

लेकिन मोना ने दीदी की बात अनसुनी कर दी और बोली "बता मेरी शर्त पूरी करेगा"

"पहले शर्त तो बता" मैं बोला

"बच्चो ये शर्त वर्त बाद मे लगाना पहले खाना खा लो" तभी मम्मी वहाँ आते हुए बोली

"ओके मोम" मैं बोला और हम सभी डाइनिंग टेबल की तरफ चल दिए लेकिन मेरी और मोना की बात सुन कर दीदी के चेहरे पर टेन्षन

सॉफ नज़र आरहा था शायद मेरी चाल कुछ असर दिखा रही थी............
 
अपडेट 13

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खाने के बाद हम सभी थोड़ी देर तक हॉल मे बैठे बात करते रहे फिर मेरे फोन पर कुछ व्हाट्सअप मसेज आए मैने चेक किया तो वो जय के मेसेज थे और सेफ ही नोन वेज थे जिसमे बहुत सी पिक्स भी थी जो कि मुझे इंट्रेस्टिंग लगी तो मैं उठ कर अपने रूम मे आ गया और कुछ देर तक वो मसेज देखता रहा कि अचानक मेरे पेट गड़बड़ हुआ और मैं मोबाइल वहीं बेड पर रख कर टाय्लेट चला गया और थोड़ी देर

बाद वापस मैं रूम मे आया तो देखा कि निशा दी और मोना दोनो ही मेरे मोबाइल मे कुछ देख रही है मेरा माथा ठनका कि कहीं ये लोग

वो वाले मेसेज तो नही देख रही

"ये क्या हरकत है मेरे मोबाइल मे क्या कर रहे हो तुम दोनो" मैं गुस्से से बोला

"वाह बेटा एक तो चोरी और उस पर सीना जोरी क्या इसीलये पापा ने तुझे मोबाइल दिलाया है कि तू इस पर ये सब देखे" दीदी मुझे घूरते हुए बोली

"ऐसा क्या ग़लत है उसमे" मैं भी अब तक समझ गया था कि दीदी अब मुझसे बहुत खुल चुकी है और वो अब मेरी कोई भी बात पापा या मम्मी को नही बताने वाली

"क्या ग़लत है, क्या नही सब कुछ ही ग़लत है कितना गंदा हो गया है तू जो इतनी गंदी गंदी पिक्स देखता है और ऐसे जोक्स पढ़ता है" दीदी बोली

"जैसे तुम लोग तो दूध की धूलि होगी, क्या तुम लोग अपने दोस्तो से ऐसी बात नही करती" मैं बोला

"लेकिन ये गंदी गंदी फोटो तो नही देखती ना हम" मोना बोली

"देखने को मिलेगी तभी देखोगी ना, जैसे अभी मिली तो कैसे मज़े से देख रही थी" मैं बोला

"अरे हम कोई मज़े नही ले रहे थे बस देख रहे थे वैसे सोनू क्या तुझे सब देखना अच्छा लगता है" दीदी ने पुछा

"अच्छा लगता है तभी तो देखता हूँ ना और सेक्स तो ऐसी चीज़ है जो सबको ही अच्छी लगती है लेकिन शायद तुम्हे नही, है ना" मैं बोला

"नही...नही ऐसी बात नही है हमे भी अच्छा लगता है ये सब देखना लेकिन कभी देखने नही मिलता क्यों निशा मैने सही कहा ना" मोना बोली

"मुझे नही पता कि तुझे ये सब कैसा लगता है लेकिन मुझे ये पसंद नही है चल अब रूम मे चल" दीदी बोली
 
दीदी की बात सुनकर मोना का मुँह उतर गया शायद वो ये सब और देखना चाहती थी मैं उसके मन की बात समझ गया था

"मोना तुम चाहो तो मेरा मोबाइल अपने साथ ले जा सकती हो" मैं बोला

मेरी बात सुनकर मोना खुश हो गई और मैने देखा कि दीदी के चेहरे पर भी पल भर के लाइव स्माइल आई थी मेरी बात सुनकर

"थॅंक्स सोनू, बस थोड़ी देर मे ही मैं तुम्हारा मोबाइल वापस कर दूँगी" मोना बोली और उसने मेरा मोबाइल उठा लिया

"वैसे मोना तूने अभी तक वो शर्त नही बताई जो तू मेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए रखने वाली है" मैं बोला

मेरी बात सुनकर मोना ने एक बार दीदी की तरफ देखा और फिर उससे नज़र बचा कर मुझे आँख मारते हुए बोली "वो मैं बाद मे बताउन्गी, अभी तो मुझे ये देखना है"

"ओके मैं वेट करूँगा" मैं बोला

और वो दोनो दीदी के रूम मे चली गई और जैसे ही उन्होने गेट बंद किया मैं लपक कर वहाँ पहुचा और गेट से कान लगा दिया

"आबे जल्दी चालू कर ना...." मुझे दी की आवाज़ सुनाई दी

"अरे वहाँ तो बड़ी भोली बन रही थी और अब यहाँ देखने के लिए मरी जा रही है" मोना बोली

"अरे यार सोनू के सामने मैं ऐसा कैसे बोल सकती थी, अब चालू कर ना" दी गिडगिडाइ

"अरे कल तेरा एग्ज़ॅम है तू पढ़ाई करेगी कि ये सब देखेगी" मोना ने फिर उसे चिड़ाया

"ओ..... मेरी माँ....पढ़ने के लिए पूरी रात पड़ी है

घंटा आधा घंटा ये देखने मे कुछ नही हो जाएगा और वैसे भी मैं पूरी तैयारी कर चुकी हूँ बस रिविषन करना है, अब ज़्यादा बकवास मत कर और चालू कर" दी बोली

और फिर कोई आवाज़ नही आई मैं समझ गया कि वो अब मोबाइल मे बिज़ी हो गई है मैं भी अपने रूम मे आ गया मैं समझ गया था

कि मोना बहुत जल्दी फँसने वाली है लेकिन दीदी कब मेरे चक्कर मे आएगी मैं समझ नही पा रहा था........
 
अपडेट 14

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(उधर निशा के रूम मे)

मोना ने मोबाइल की गॅलरी ओपन कर ली और व्हाट्सअप इमेज वाला फोल्डर खोल लिया जिसमे ज़्यादातर पॉर्न इमेज ही थी जिसमे लड़कियो की चुदाई की पिक्स ज़्यादा थी

"हाय......कितने मज़े होते है इन रंडियो के भी, कितने

सारे लन्डो से चुदवाती होगी और एक साली अपनी ज़िंदगी है कि एक लंड भी नही मिल रहा है" मोना आह भरते हुए बोली

"हां यार मैने भी एक बाय्फ्रेंड बनाया था और उससे चुदवाना भी चाहती थी लेकिन साला कमीना निकला और मुझे उसको छोड़ना पड़ा

अब साला फिर वही अकेलापन हो गया है" निशा बोली

"क्यों क्या कमीनपन किया उसने" मोना पिक्स चेंज करते हुए बोली

जवाब मे निशा ने उसे सारा किस्सा सुना दिया सिर्फ़ ये नही बताया कि सोनू जनता है कि वो पार्क वाली लड़की वही थी

"अरे यार ये तो बहुत ग़लत हुआ, अच्छा हुआ सोनू ने घर मे किसी को बताया नही" मोना बोली

"हां यार लेकिन अब एक मुश्किल हो गई है मेरे लिए कल एग्ज़ॅम का लास्ट पेपर है और उसके बाद हम सभी लड़कियो ने साथ मे पिक्निक का प्रोग्राम बनाया है लेकिन उसमे जाने के लिए साथ मे बाय्फ्रेंड का होना ज़रूरी है जो अब मेरे पास नही है वैसे सोनू ने मुझसे कहा है

कि वो मेरे साथ मेरा बाय्फ्रेंड बनकर चल सकता है क्योंकि मेरे कॉलेज मे कोई उसे जानता नही है लेकिन मेरा मन नही कर रहा उसे साथ ले जाने को" निशा

उदास लहजे मे बोली

"अरे ये तो बिल्कुल सही आइडिया है फिर तुझे इसमे क्या ग़लत लग रहा है तेरी जगह मैं होती तो ऐसा ही करती, देखा नही कितना

स्मार्ट और हॅंडसम है सोनू तेरी किसी भी सहेली का बाय्फ्रेंड नही होगा वैसा" मोना बोली

"लेकिन यार बात वो नही है वहाँ पिक्निक मे सभी लड़कियो अपने बाय्फ्रेंड के साथ बहुत कुछ करेगी कुछ तो चुदाई भी करवा लेगी लेकिन

मैं सोनू के साथ वो सब नही कर पाउन्गी ना" निशा ने बताया

"लेकिन तुझे कों कह रहा है कुछ करने को जिसे करना है वो करे तुझे नही करना तो मत करना" मोना बोली

"अरे यार ज़्यादा भले ही ना करू लेकिन किस और बूब प्रेस्सिंग तो कम से कम करवानी ही पड़ेगी वरना वहाँ मुझे बहनजी का खिताब दे दिया जाएगा" निशा बोली

"ओह्ह्ह......तो ये बात है, अब यार इसका तो कोई इलाज नही है मेरे पास" मोना बोली

तभी उनके सामने एक ऐसी पिक आ गई जिसमे एक लड़का अपना लंड पकड़े हुए था जिसे देखते ही मोना की आह निकल गई और

उसका हाथ अपने आप ही उसकी चूत पर चला गया उधर निशा की हालत भी कुछ अलग नही थी

"यार निशा साली चूत मे आग लगी हुई है और कोई लंड भी नही मिल रहा अब तू ही बता की क्या करू" मोना बोली

"अरे बहुत से लड़के तो है गाओं मे किसी को भी ज़रा सी लिफ्ट देदे एक बार फिर वो खुद ही खिचा आएगा तेरी तरफ फिर जो करना है कर लेना" निशा बोली

"ना बाबा ना मैने भी पहले यही सोचा था लेकिन अब तेरे बाय्फ्रेंड वाली बात सुनकर मेरी हिम्मत नही है किसी ऐरे गैरे लड़के के साथ ये सब करने की और वैसे भी हमारे गाओं के लड़को को इन बन्जार्नो की आदत पड़ गई है कही कोई बीमारी हो गई तो जान के लाले पड़ जाएँगे

" मोना झुरजुरी लेती हुई बोली

"फिर कहाँ से लाएगी ऐसा लड़का जो तुझे ब्लॅकमेल भी ना करे और जो बंजारो के पास भी ना जाता हो" निशा ने पुछा

अब मोना सोच मे पड़ गई जो कि सिर्फ़ दिखावा थी असल बात तो वो पहले ही सोच चुकी थी उसने कुछ देर सोचने का नाटक किया

और फिर बोली "अगर तू बुरा ना माने तो एक बात कहूँ"

"कैसी बात कर रही है तू क्या आज तक मैने तेरी बात का बुरा माना है" निशा बोली

"वो मैं ये कहना चाहती थी कि अगर मैं सोनू के साथ ये सब कर लू तो....." मोना ने कहना चाहा लेकिन

उसके पहले ही निशा ने उसकी बात काट दी और बोली "ये कैसी बात कर रही है तू, नही नही तू ऐसा नही कर सकती सोनू अभी तक

इन बातों से बचा हुआ है मैं उसे बिगड़ते नही देख सकती" निशा तेज आवाज़ मे बोली

"अच्छा....वो अभी इन बातों मे नही पड़ा तो ये मोबाइल

किसका है जिसमे तो ये पिक्स देख रही है" मोना टोन्ट मारते हुए बोली

"वो....वो....देखने और करने मे बहुत अंतर होता है मोना" निशा हड़बड़ते हुए बोली

"तू चाहे अपने मन को कितना भी संझले लेकिन तेरा भाई दूध का धुला हुआ नही है तुझे उसकी वो करतूत नही पता है जो उसने आज की

है अगर तुझे मालूम पड़ गया ना तो तेरे पैरो के नीचे से धरती खिसक जाएगी" मोना बोली

"ऐसा क्या किया है उसने" निशा ने पुछा
 
"वैसे तो मैने उससे वादा किया था कि मैं ये बात किसी को नही बताउन्गी लेकिन जब बात आ ही गई है तो तुझे बता रही हूँ लेकिन तू

भी मुझसे वादा कर कि आगे ये बात किसी को नही बताएगी" मोना बोली

"ओके वादा लेकिन बात तो बता" निशा ने पुछा

फिर मोना ने निशा को किशन के खेत वाली सारी बात बता दी उसकी बात सुनकर निशा को यकीन ही नही हुआ कि सोनू ने ऐसा कुछ किया होगा लेकिन जब मोना ने निशा की कसम खाई तो उसे मानना ही पड़ा क्योंकि आज तक उन दोनो ने कभी भी एक दूसरे की झूठी कसम नही खाई थी

"यार ये सोनू तो बहुत बड़ा वाला निकला" निशा बोली

"इसमे उसकी कोई ग़लती नही है एक तो वो अभी अभी जवान हुआ है दूसरे बगैर किसी मेहनत के उसे चूत चोदने को मिल रही थी तो वो कैसे रुकता लेकिन अब वो भी गिल्टी फील कर रहा है क्योंकि बाद मे उसे बहुत बुरा लगा कि उसने उस गंदी लड़की को चोदा और

उसने कसम भी खाई है कि अब वो दोबारा बंजारानो का नाम भी नही लेगा" मोना ने बताया

"हूंम्म....." जवाब मे निशा ने इतना ही कहा

"तो अब क्या कहती है तू?" मोना ने पुछा

"लेकिन क्या वो तेरे साथ करने को मान जाएगा" निशा बोली

"जानू अब उसे चूत का चस्का लग चुका है अब वो नही मानने वाला मेरे सिर्फ़ एक बार मनाने की देर है" मोना बोली

"ठीक है यार जो करना है वो कर लेकिन मेरी प्राब्लम का भी तो हल बता" निशा बोली

"मेरी बात मान तू सोनू को ही लेजा किस करने या बूब्स दब्वाने मे तेरा क्या चले जाएगा और फिर तुम लोग तो सिर्फ़ नाम के भाई बहन हो उस रिश्ते की फीलिंग्स कहाँ है तुम लोगो मे मेरी मान तो यही सही रहेगा भी अगर बात आगे बढ़ी तो तुझे भी घर मे ही एक लंड मिल जाएगा जब चाहे उसकी सवारी कर लेना" मोना बोली

"अगर तेरा भी कोई भाई होता तो क्या तू उसके साथ कर लेती" निशा ने पुछा क्योंकि मोना का कोई भाई नही था

"अबे सेफ चुदाई के लिए भाई से अच्छा कोई कॅंडिडेट ही नही होता ना कोई शक करता है ना कोई बदनामी होती है और नही जगह और टाइम की दिक्कत होती है जब चाहे मौके पर चौका मार लो, मैं तो हर पल अपनी किस्मत के कोस्ती हूँ कि मेरा कोई भाई क्यो नही है

वरना मैं तो कब से अपनी चूत की प्यास बुझवा लेती उससे" मोना बोली

"लेकिन ये पाप है मोना, और दुनिया मे ऐसा होता भी नही है" निशा बोली

"खुद के भाई से करो तो पाप और बार के किसी लड़के या अपने बाय्फ्रेंड से करो तो वो क्या है, और तू बोली ना कि दुनिया मे ऐसा नही होता तो रुक और ये देख" कह कर मोना ने मोबाइल मे गूगल पर भाई बहन लिख कर सर्च किया तो झट से ढेरो साइट की लिंक आ गई जिसमे भाई बहन की चुदाई की स्टोरी और वीडियो थे वो सब देख कर निशा का सिर घूम गया

"देखा कितने पवित्र शब्द लिखे थे मैने सिर्फ़ भाई बहन लेकिन देख इस दुनिया मे भाई बहन लिखते ही सामने क्या आया सिर्फ़ चुदाई,

और इतना तो तू भी मानती होगी की धुआँ वही से उठता है जहाँ आग लगी हो" मोना ने जैसे पूरा लेक्चर ही दे दिया

अब सोचने की बारी निशा की थी और सच मे वो सोच मे डूब गई

"अब तू क्या कहती है, ले जाएगी सोनू को अपने साथ बाय्फ्रेंड बनाकर" मोना ने पुछा

"मेरी कुछ समझ नही आ रहा है अब तू मोबाइल मे वो पिक्स देख मैं ज़रा पढ़ाई कर लो" निशा बोली और उसने अपनी बुक्स निकाल ली

"ओके दॅन, मैं भी चलती हूँ" मोना बोली

"कहाँ...." निशा ने पुछा

"ये मोबाइल वापस करने और और अपना जुगाड़ लगाने सोनू के पास" मोना बोली

"क्या करेगी तू उसके साथ" निशा ने पुछा

"वैसे तो मेरा कोई खास मूड नही है लेकिन अगर वो मान गया तो मैं आज ही चुदाई भी करवा लूँगी उससे" मोना बोली

"जा...भगवान करे वो तेरे से बात करने को भी राज़ी ना हो" निशा बोली

"हा..हा..हा क्यों अपनी ज़ुबान खराब कर रही है जबकि तू जानती है कि होगा वही जो मैं कह रही हूँ लेकिन हाँ तू वहाँ आ मत जाना हमे डिस्टर्ब करने को" मोना बोली

"ओके मैं नही आउन्गि" निशा बोली

"तो ठीक है विश मी आ हॅपी चुदाई" मोना हँसते हुए बोली

"अब तू जाना...." निशा खीझते हुए बोली

और मोना हँसते हुए रूम से बाहर चली गयी जबकि इधर निशा का मन पढ़ाई मे नही लग कर यही सोचने मे लगा हुआ था कि क्या सच

मे आज सोनू मोना को चोद देगा...........
 
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