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Incest मेरा परिवार और मेरी वासना

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अपडेट 15

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इधर मैं अपने रूम मे बेड पर लेटे हुए एक बुक पढ़ रहा था नींद आ नही रही थी क्योंकि दोपहर मे बहुत देर तक सोया था तभी मेरे रूम का गेट नॉक हुआ मुझे समझ नही आया कि इतने टाइम कों होगा फिर मुझे याद आया कि शायद मोना हो और मेरा मोबाइल वापस करने आई हो

मैं उठा और गेट खोलने के लिए आगे बढ़ गया लेकिन मेरे जेहन मे ये ही सोच चल रही थी कि अभी मोना मेरे मोबाइल मे नंगी पिक्स और विड्स देख कर आ रही है क्या ये मौका सही है कुछ करने के लिए क्योंकि बगैर हिम्मत किए आगे कुछ नही हो सकता था लेकिन तभी मेरी

सोच बदली कि ज़बरदस्ती करने से बात बिगड़ भी सकती थी क्योंकि वो मेरी बहन की ख़ास सहेली थी और वैसे भी वो धीरे धीरे लाइन पर आ ही रही थी

मैने गेट खोला सामने मोना ही खड़ी थी जिसके चेहरे पर मुस्कान तैर रही थी अभी उसने एक टीशर्ट और लोवर पहना हुआ था टीशर्ट मे उसके उभार बुरी तरह फँसे हुए लग रहे थे और जैसे बाहर आने के लिए फडफडा रहे थे और उसकी भारी भारी जांघे तो शायद उसके लोवर में जैसे समा ही नही रही थी मैं उसे अभी और घूरता लेकिन उसकी आवाज़ ने मुझे जैसे चौका दिया "तुम्हारा मोबाइल...."

"ओह...हां" मैं हाथ आगे बढ़ाते हुए बोला

"अंदर आने के लिए नही कहोगे" वो मुझे मोबाइल देते हुए बोली

"अरे आना तुझे भी कोई पुच्छने की ज़रूरत है" मैं बोला और साइड को हो गया

"वो क्या है ना कि निशा अपनी पढ़ाई मे लगी है और मुझे लगा कि कही तुझे भी नींद तो नही आरहि हो" वो अंदर आकर मेरे बेड पर बैठती हुई बोली

"अरे नही आज दिन मे सो लिया था तो अभी नींद आने का सवाल ही नही है अच्छा हुआ तू आ गई मैं बहुत बोर हो रहा था" मैं भी दरवाजा लगा कर बेड पर बैठ गया था

"एक बात पुछु सच कहेगा ना" वो बोली

"अब मैं तुझसे झूठ कैसे बोल सकता हू" मैं बोला

"अभी तू गेट पर मुझे ऐसे क्यों घूर रहा था" उसने पुछा

उसकी बात सुनकर मेरे दिमाग़ की घंटी बजी कि ये खुद सब समझ रही है तो फिर मेरे मुँह से क्यों सुनना चाहती है लगता है ये आज आर

या पार करने की सोच कर ही आई है अब इसे जवाब भी इसका मन पसंद ही देना पड़ेगा

"वो क्या है ना मैं तेरी बॉडी को इमेजिन कर रहा था कि तेरे बॉडी पार्ट्स कपड़ो के बगैर कैसे दिखते होंगे" मैं सीधे शब्दो मे बोला

"क्या....कुछ होश कर ये सब क्या कह रहा है तू"

मेरे स्पष्ट बोलने से वो थोड़ी बोखला गई थी

"अरे यार अभी तूने ही तो सच बोलने को कहा था और अब तू ही मुझे डाँट रही है" मैं बोला

"लेकिन तू ऐसे कैसे कर सकता है" वो बोली

"क्यों, क्यों नही कर सकता अब जिसे गर्लफ्रेंड बनाया हो उसका फिगर भी इमेजिन नही कर सकता क्या" मैं बोला

मेरी बात सुनकर वो थोड़ी शर्मा गई

"अभी मैं तेरी गर्लफ्रेंड नही बनी हूँ शर्त अभी बाकी है लेकिन एक बात बता मैं तेरे से बड़ी हूँ फिर क्या तुझे बड़ी लड़की को गर्लफ्रेंड बनाना पसंद होगा" वो बोली

"साल दो साल बड़ी होने से कुछ नही होता और वैसे भी तेरे जैसी मस्त मा.... लड़की तो अगर मेरे से

डबल उमर की होती तो भी मुझे कोई हर्ज नही था गर्लफ्रेंड बनाने मे" मैं उसे चढ़ाते हुए बोला

"उल्लू बनाना तो कोई तुझसे सीखे वैसे क्या मस्त है मुझ मे" वो शरमाते हुए बोली
 
"क्या नही मस्त है ये पुछ, उपर से नीचे तक और आगे से पिछे तक तू मस्त ही मस्त है" मैं बोला

"अच्छा अभी जो तू मुझे घूर रहा था तो तूने क्या इमेजिन किया मेरे बॉडी पार्ट्स के बारे मे" वो बोली

अब मैं कुछ देर सोचने लगा कि इसे कैसे बताऊ तभी मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया और मैने मोबाइल मे एक इमेज निकाली और बोला

"देख मैं शब्दो मे तो नही बता सकता लेकिन ये फोटो देख जिससे तू समझ जाएगी कि मैने क्या इमेजिन किया है"

फिर मैने उसे वो फोटो दिखाई जिसमे एक लड़की सिर्फ़ पैंटी मे अपने दोनो हाथ से अपने बूब्स पकड़े खड़े थी जो कि बहुत बड़े थे और उस लड़की का पेट सपाट नाभि बहुत गहरी कमर एकदम पतली और कूल्हे बहुत चौड़े थे पैंटी मे उसकी चूत अलग ही फूली हुई नज़र आरहि थी

और उसकी मांसल जांघे बहुत मोटी थी उसका सारा बदन बिल्कुल चिकना था जिस पर बालो का नामो निशान तक नही था

उस फोटो को अच्छी तरह से देखने के बाद मोना की नज़रे शरम से झुक गई और वो अपने पैर के अंगूठे से फर्श को कुरेदती हुई नीचे

ज़मीन को देखने लगी मैं समझ गया कि तीर बिल्कुल निशाने पर लगा है

"क्या हुआ तू कुछ बोलती क्यों नही, बताना तुझे कैसी लगी मेरी कल्पना तेरे बारे मे" मैने पुछा

लेकिन मोना कुछ नही बोली

"बोल ना मोना कैसी लगी, अच्छी ना" मैं उसका हाथ पकड़ कर बोला

उसने हां मे गर्दन हिला दी

"तो अब ये बता कि क्या सच मे तू भी बिना कपड़ो के इस फोटो जैसी ही दिखती है" मैं बोला

"थोड़ा बहुत फ़र्क है वरना वैसी ही दिखती हूँ" वो वैसे ही नज़रे झुकाए बोली

अब मैने उसका चेहरा उपर उठाया और उसकी आँखो मे देखते हुए बोला "तू इतना क्यों शरमा रही है क्या सच मे तू मेरी गर्लफ्रेंड बन गई है"

"नही अभी शर्त बाकी है..." वो बोली.

"तो बता ना क्या शर्त है तेरी" मैने पुछा

"मेरी शर्त ये है कि तू पहले कोई मर्दो वाला काम कर के दिखा फिर बनूँगी मैं तेरी गर्लफ्रेंड" वो बोली

मैं सोचने लगा कि ऐसा कॉन सा काम करूँ जिसे ये मर्दो वाला समझे लेकिन मुझे कुछ समझ नही

आरहा था लेकिन मैने पक्का कर लिया था कि इसे अभी ही कुछ करके दिखाना है क्योंकि आज की रात मैं मोना के साथ बहुत आगे तक निकल जाना चाहता था..........
 
अपडेट 16

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मैं यही सोच रहा था कि मर्दो वाले काम से मोना का क्या मतलब हो सकता है और मैं कॉन सा काम करू जो इसे मर्दो वाला लगे लेकिन मेरी समझ नही आया

"क्या मतलब है तुम्हारा मर्दो वाले काम से"

आख़िर मैने पुच्छ ही लिया

"ऐसा काम जो सिर्फ़ कोई मर्द कर सकता हो कोई सिक्सर नही" वो बोली

अब मैं समझ गया था कि वो मुझे उकसा रही है कि मैं आगे बढ़ुँ क्योंकि उसने सिक्सर शब्द कह कर सॉफ कर दिया था कि मर्दो वाले काम से उसका मतलब सिर्फ़ सेक्स से था और अब मैने सोच भी लिया था कि मुझे क्या करना है लेकिन मन मे थोड़ा डर भी था कि साली कहीं बिदक ना जाए लेकिन मोना ने थोड़ी देर पहले ही मेरे मोबाइल पर पॉर्न देखा था जिससे मुझे लग रहा था कि अगर मैने कुछ किया तो नही

शायद वो मेरा साथ ही देगी भड़केगी नही क्या करू मैं यही सवाल मेरे दिमाग़ मे घूम रहा था फिर मैने पक्का कर लिया की रिस्क तो लेनी ही पड़ेगा और अब जो होगा देखा जाएगा

"ओके लेकिन अगर मैने मर्दो वाला काम कर दिया तो मुझे क्या मिलेगा" मैने पुछा

"क्या मिलेगा मतलब, अरे भोन्दु फिर मैं तेरी गर्लफ्रेंड बन जाउन्गी ना, यही इनाम होगा तेरा" वो बोली

"वो तो बाद की बात है लेकिन अभी क्या मिलेगा" मैने फिर पुछा

"क्या चाहता है तू" वो कुछ सोच कर बोली

"तुझे मेरी एक विश पूरी करनी होगी"

मैं बोला "कैसी विश" उसने पुछा

"अभी कुछ सोचा नही है बस टाइम पर जो मन किया वो बता दूँगा" मैं बोला

"लेकिन मैं कोई भी ऐसी वैसी विश पूरी करने वाली नही समझे" वो उंगली दिखाते हुए बोली

"मैं समझता हूँ यार, मैं भी उतना ही मागुँगा जितना तू आसानी से दे सके" मैं बोला

"तो ठीक है, मुझे मंजूर है लेकिन मुझे लगना चाहिए की तूने मर्दो वाला काम किया है" वो बोली

"बिल्कुल मेरी होने वाली गर्लफ्रेंड 100% सॅटिस्फॅक्षन के बाद ही मेरी विश पूरी करना" मैं बोला

फिर मैने आव देखा ना ताव और अपने दोनो हाथो से मोना का चेहरा पकड़ कर अपनी तरफ खिचा और जब तक वो कुछ समझ पाती मेरे

होठ उसके होंठो से जुड़ चुके थे

जब तक उसे समझ आया कि क्या हुआ तब तक उसकाचेहरा मेरे हाथो की गिरफ़्त मे था और उसके होठ मेरे होंठो की गिरफ़्त मे फिर भी उसने मुझे अपनेहाथो से धकेलना चाहा उसके मुँह सेउःम्म्म....गुणन्ं...की आवाज़ निकल रही थी लेकिन अबउसका मेरी गिरफ़्त से छूटना

संभव नही था उसने कुछ देर विरोध किया लेकिन अपना बस ना चलते देख उसने अपने हाथ पैर ढीले छोड़ दिए

उसका विरोध कम पड़ते देख अब मैने उसके बदन से आती मादक सुगंध से उत्तेजित होये हुए उसके होंठो को चूमना शुरू कर दिया मोना ने अब अपना पूरा भार जैसे मुझ पर डाल दिया था उसकी आँखे बंद हो गई थी वो मेरा साथ नही देरहि थी लेकिन शायद मज़े वो भी ले रही

थी और अब मैने उसके होंठो को चूमना छोड़ कर उन्हे चूसना शुरू कर दिया था वा.... मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं शहद मेडूबे किसी

गुलाब के फूल को चूस रहा हूँ उसके होठ इतने मुलायम और रस भरे थे की उन्हे चूसने की मेरी स्पीड लगातार बढ़ते ही जा रही थी

थोड़ी देर बाद ही उसके होंठो को चूस्ते हुए मेरा मन भर गया तो मैने अपनी जीभ उसके मुँह मे घुसाने की कोशिश की लेकिन वो मेरी जीभ

को अंदर जाने के लिए जगह ही नही देरहि थी लेकिन मैं अपनी कोशिशो मे लगा रहा लेकिन थोड़ा वक्त और गुजर जाने पर भी जब मोना ने अपना मुँह नही खोला तो मुझे गुस्सा आ गया 'साली मज़ा तो ले रही है लेकिन सता भी रही है, अब मैं क्या करूँ' मैं यही सोचते हुए अपनी कोशिश करता रहा और तभी मुझे एक आइडिया आया और मैने अपने एक हाथ से उसके एक बूब को हल्का च्छू लिया
 
"आहह...." मेरे उसके बूब को टच करते ही मोना केमुँह से एक सिसकारी निकली और उसने मेरे हाथ को पकड़ लिया लेकिन मेरे लिए इतना ही मौका काफ़ी था उसके मुँह मे अपनी जीभ घुसाने के लिए और फिर तो जैसे मेरे मज़े हो गये अब मैं उसके मुँह मे अपनी जीभ घुमाते हुए उसकी जीभ से जीभ लड़ा रहा था और उसकी जीभ को अपने होंठो मे भरने की कोशिश कर रहा था लेकिन मोना मुझे ज़रा भी सहयोग नही

कर रही थी वो बस आँखे बंद किए हुए थी लेकिन वो मज़े पूरे ले रही थी सेक्स की आग मे उसका बदन पूरी तरह तप कर गरम हो चुका था और ऐसा लग रहा था जैसे उसे बुखार चढ़ गया हो लेकिन इधर मेरी कोशिश जारी थी की उसकी जीभ को अपने होंठो मे भर सकूँ लेकिन मैं

ऐसा नही कर पा रहा था और इसी वजह से उसे मौका मिल गया और उसने अपना मुँह फिर से बंद कर लिया

मुझे भौत गुस्सा आया मन किया की अभी इसे बेड पर पटक कर मज़ा चखा दूं लेकिन फिर मैने सोचा कि पहली बार मे ही ज़बरदस्ती करना ठीक नही होगा इसलिए कुछ नही किया और फिर मैने सोचा कि इसने मुझे मर्दो वाला काम करने को कहा था जो तो मैं कर चुका और मैने

मज़े भी ले लिए लेकिन ये साली तो मज़े भी ले रही है और साथ भी नही दे रही इतना सोचते ही मैने उसे छोड़ दिया

मेरे छोड़ते ही जैसे वो आसमान से धरती पर गिरी उसकी आँखे खुल गई और मुझे ऐसे देखने लगी जैसे कह रही हो कि किस क्यो बंद कर दी बहुत मज़ा आरहा था मैं भी कुछ नही बोला और बस उसे देखते ही रहा

कुछ सेकेंड्स बाद ही उसका नशा उतर गया और उसे समझ आ गया कि अभी क्या हुआ है और उसकी नज़रे शरम से झुक गई उसके

होंठो पर एक मधुर सी मुस्कान आ गई और उसने गर्दन नीचे कर ली

"तो मॅम....किया ना मैने मर्दो वाला काम" कुछदेर बाद मैं बोला

उसने कोई जवाब नही दिया और ज़मीन को ही देखती रही

"बता ना....." मैं फिर बोला

लेकिन वो जैसी की वैसी ही बैठी रही

अब मैने उसका चेहरा उपर उठाया और उसकी आँखो मे देखते हुए बोला "मैने मर्दो वाला काम किया है ना"

उसने मुस्कुराते हुए हां मे गर्दन हिला दी

"ऐसे नही, मुँह से बोल" मैं बोला

"हां मेरे हीरो तूने कर दिखाया" वो बोली और उसने मेरे गाल को चूम लिया

"तो अब तू मेरी गर्लफ्रेंड" मैने फिर पुछा

"हां...." वो बोली

उसकी बात सुनकर मैने उसे गले लगा लिया फिर कुछ देर बाद उसे छोड़ता हुआ बोला "अब वक्त आ गया है कि तू मेरी विश पूरी करे"

"कैसी विश" उसने बन कर पुछा

"अरे अभी तूने वादा किया था ना कि अगर मैं मर्दो वाला काम कर दूं तो तू मेरी विश पूरी करेगी, और अब मुकर रही है" मैं गुस्से से बोला

"अरे मैं तो मज़ाक कर रही थी, चल बता क्या विश है तेरी" वो प्यार से मेरे गाल गुलेचती हुई बोली

अब मैं सोचने लगा कि इससे क्या करवाऊ कि मुझे भी मज़ा आजाए और मोना को करने मे भी हिचक ना हो और मेरी समझ मे आ गया की मुझे इससे क्या करवाना है

"मुझे तुझे सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे देखना है यानी तू अपनी टीशर्ट और लोवर उतार दे" मैं बोला

"क्या......" वो हैरत से बोली

"इसमे इतना लाउड होने की क्या बात है ये तो नॉर्मल है और मैने कोई तुझे पूरी नंगी होने को तो नही कहा ना और वैसे भी अब तू मेरी

गर्लफ्रेंड है और गर्लफ्रेंड बाय्फ्रेंड मे इतना होना तो मामूली है ना" मैने उसे समझाया

"लेकिन सोनू......" उसने कहना चाहा

"कोई लेकिन वेकीन नही तूने वादा किया था और अगर अब भी नही करना है तो कोई बात नही दरवाजा उधर है तू आराम से जा सकती है" मैं उसे दरवाजे की तरफ इशारा करते हुए बोला

वो समझ गई थी कि अब उसका कुछ नही होने वाला या तो उसे कपड़े उतारने होंगे या यहाँ से जाना पड़ेगा और अगर वो यहाँ से जाती है तो पक्का वो मुझे खो देगी वो बहुत बड़े असमंजस मे फँस गई थी आख़िर मे वो उठी और दरवाजे की तरफ बढ़ गई

और इधर मेरी सिट्टी पिटी गुम हो गई मुझे उम्मीद नही थी कि वो इस तरह जाने लगेगी लेकिन अब मैं उसे रोक भी नही सकता था उसे दरवाजे की तरफ जाते देख मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कोई खजाना मेरे हटो से फिसला जा रहा हो............
 
अपडेट 17

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मोना दरवाजे की तरफ बढ़ते जा रही थी और इधर मेरा दिल बैठे जा रहा था ढीले ढाले लोवर मे मोना के थिरक्ते कुल्हो का नज़ारा मुझे और जला रहा था

मोना दरवाजे के पास पहुचि और उसने लॉक खोल लिया मेरा दिल किया कि अभी लपक कर जाउ और उसे पकड़ लूँ लेकिन अब ऐसा कुछ

करना अपने हाथ से अपनी बेइज़्ज़ती करवाना था इसलिए मरे मन से मैं उसे देख रहा था तभी मोना ने लॉक वापस लगा दिया मेरे मन मे उम्मीद की कुछ किर्ने जागी लॉक लगा कर मोना वापस मूडी और मेरा चेहरा देखते ही उसकी हँसी छूट गई

"ऐसा मुँह क्यों बना रखा है, मैं सिर्फ़ लॉक चेक करने गई थी और शायद तू ये समझा कि मैं वापस जा रही हू" वो हँसते हुए बोली और मेरे पास आ कर खड़ी हो गई

अब मैं कोई मौका नही छोड़ना चाहता था मैं झट से उठा और उसे गले से लगा लिया और दीवानो की तरह उसके गालो को चूमने लगा उसके बदन से आती मादक खुश्बू से एक बार फिर मेरा लंड फुल टाइट हो गया और उसकी नाभि के पास कहीं ठोकर मारने लगा अब तक मेरे हाथ उसकी पीठ पर घूमने लगे थे तभी मोना ने मेरा चेहरा अपने दोनो हाथो से पकड़ा और मेरे होंठो से अपने होंठ जोड़ लिए एक धुआँधार

किस शुरू हो चुकी थी और वो मुझसे इस तरह से चिपकी थी कि उसकी चुचिया पूरी तरह मेरे सीने मे दबी हुई थी उस पर मैं उसे पीठ से और अपनी तरफ दबा दबा कर उसके बूब्स की सॉफ्टनेस का मज़ा ले रहा था अब मोना मेरे होंठो को चूसने लगी थी और मैं भी उसका पूरा साथ दे रहा था अब मैनेअपने दोनो हाथ उसके विशाल मांसल कुल्हो पर रख दिए और उन्हे दबाने लगा मेरे ऐसा करने से मोना और भी ज़्यादा जोश मे आ गई और अपनी जीभ मेरे मुँह मे घुसेड कर मेरी जीभ को चूसने लगी

कुछ देर तक उसके कुल्हो को दबाने के बाद मैं अपनी एक उंगली उसकी गान्ड की दरार मे घुमाने लगा जिससे मोना की बेकरारी और बढ़ने लगी और इधर मेरा लंड भी झटके मारने लगा था तभी मुझे अपनी उंगली उसकी गान्ड के छेद पर महसूस हुई और मैं अपनी वो उंगली

उसकी गान्ड मे घुसाने लगा कपड़ो के कारण उंगली उसकी गान्ड मे तो जा नही सकती थी लेकिन इससे मोना बार बार सिसकिया ज़रूर ले रही थी

तभी मोना ने अपना एक हाथ पिछे कर के मेरा हाथ पकड़ा और उसे लोवर के उपर से ही अपनी चूत पर रख दिया मैं समझ गया कि इसकी चूत मे बहुत खुजली हो रही और मैं उसकी चूत को कपड़ो के उपर से ही अपनी मुट्ठी मे भर कर दबाने लगा

"आह.......अफ......आआ....म.." अब जैसे मोना पागल सीहो गई थी उसने मुझे किस करना बंद कर दिया और आँखे बंद कर के मेरे कंधो पर अपना सिर टीका कर अपनी चूत रागड़ाई का मज़ा लेने लगी

अब मेरा भी धैर्य जवाब देने लगा था मैने मोना को अपने से अलग किया और उसकी टीशर्ट उतारने लगा मोना ने भी कोई विरोध ना करते हुए अपने हाथ उपर कर दिए एक पल बाद ही मोना के ब्रा मे फँसे बड़े बड़े बूब्स मेरी आँखो के सामने थे मेरा मन किया कि अभी उन्हे दबा दबा कर निचोड़ डालु

लेकिन मैने जैसे तैसे अपने आप को रोका और एक झटके से उसका लोवर भी उसकी एडियों तक खिच दिया जिसे मोना ने अपने पैरो से बाहर निकाल दिया अब वो मेरी मनपसंद मुद्रा मे मेरे सामने खड़ी थी मैं बड़े गौर से उसे देख रहा था साली फुल पटाखा थी कहीं से भी कम नही थी उसकी बड़ी बड़ी चुचियों के नीचे सपाट पेट पर गहरी नाभि और उसके नीचे केले के तने जैसी भरी हुई जाँघो के बीच पैंटी के अंदर

फूली हुई चूत क्या मस्त लग रही थी अब मैं उसके पिछे साइड आकर उसकी गान्ड के दर्शन करने लगा जिसकी दरार के अंदर अभी उसकी पैंटी फँसी हुई थी

"उधर पिछे से क्या देख रहे हो देखने की चीज़ तो सामने है" वो शरमाते हुए बोली

"तुझे नही पता मोना कि तू क्या चीज़ है तू हर तरफ से लाजवाब है" मैं बोला और मैने भी अपनी संडो और लोवर निकाल दिया अब मैं उपर

से पूरा नंगा था और नीचे सिर्फ़ मेरी चड्डी थी जिसमे से मैने लंड को भी बाहर निकाल लिया था लेकिन मोना ये नही जानती थी

मैं आगे बढ़ा और मैने मोना को पिछे से अपनी बाँहो मे भर लिया और उसकी गर्दन चूमते हुए उसकी चुचियो को ब्रा के उपर से ही मसल्ने लगा और इधर मेरा लंड मोना की गान्ड पर ठोकरे मारने लगा ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं स्वर्ग मे आ गया हूँ मोना की सख़्त लेकिन मुलायम चुचियो को दबा कर जैसे मैं निहाल हो गया था मोना भी आँखे बंद कर चुकी थी और अपने दूध दबवाने का पूरा मज़ा ले रही थी तभी मैने

एक हाथ उसकी पैंटी मे घुसेडकर उसकी चूत को सहलाने लगा मोना कसमसाने लगी और उसने अपना एक हाथ पीछे कर मेरी गर्दन को पकड़ लिया

अब मैने अपना दूसरा हाथ भी उसके दूध से हटाया और पीछे लाकर उसकी पैंटी को नीचे कर के अपना लंड उसकी गान्ड की दरार मे फँसा कर खड़े खड़े ही धक्के मारने लगा मोना को अपनी गान्ड पे मेरा नंगा लंड महसूस होते ही उसने अपना दूसरा हाथ पिछे लाकर मेरा लंड पकड़ लिया

"अरे तूने कपड़े कब उतारे और इसे क्यों बाहर निकाला" वो बोली

"क्यों, मज़ा नही आरहा है क्या कहे तो हटा लूँ" मैं वैसे ही धक्के मारते हुए बोला

"नही हटा मत लेकिन वो जगह ग़लत है, रुक मैं इसे रास्ता दिखाती हूँ" कह कर मोना ने मेरे लंड को थोड़ा नीचे कर अपनी चूत पर सेट कर लिया

"मोना क्या तू तैयार है" मैं उसका इशारा समझ कर बोला

"किस लिए" उसने पुछा

"चुदने के लिए" मैं बोला

"छ्हीईइ.....कैसे गंदे वर्ड यूज़ करता है तू" वो बोली

"अब चोदने को चोदना नही कहूँगा तो और क्या कहूँगा, अब बता क्या तू तैयार है" मैं बोला

"मुझे नही पता तुझे जो लगे कर" वो धीमे स्वर मे बोली

अब मुझे हरी झंडी मिल गई थी मैं उसकी चूत से बहते हुए पानी का अंदाज लगा कर पहले ही समझ गया था कि ये चुदने से मना नही करेगी अब मैने जल्दी से उसकी ब्रा और पैंटी को उसके बदन से अलग किया और उसे बेड पर धकेल कर खुद की चड्डी उतार कर बेड पर आ गया जहाँ मोना पूरी नंगी पड़ी हुई थी लेकिन अब उसने अपने एक हाथ से अपनी चूत को छुपा लिया था जबकि अपना एक हाथ अपनी आँखो पर रख लिया था

"अब कैसा शरमाना जान अब तो तू कली से फूल बनने वाली है इसका पूरा मज़ा ले" मैं बोला और मैने उसका हाथ उसकी चूत से हटा दिया और उसकी चूत की एक पप्पी ले ली और उसके बाद उसके बड़े बड़े बूब्स को मुँह मे भर कर चूसने लगा कभी कभी मैं उसके बूब्स या

निपल पर काट भी लेता था मेरा लंड मोना की चूत से लेकर नाभि तक रगड़ खा रहा था
 
इन सब से मोना तो जैसे सातवे आसमान पर पहुच गई थी उसने अपने दोनो ही हाथो की मुट्ठी मे बेड की चादर भींच रखी थी और इधर मेरे

लंड का भी बुरा हाल था जिससे बूँद बूँद गढ़ा चिपचिपा पानी बाहर आते ही जा रहा था

जब मेरा दिल मोना के बूब्स से भर गया तो मैने

उसकी दोनो टाँगे फैला कर उठा ली और अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर सेट कर दिया सुबह उस बंजारन से की चुदाई का ज्ञान अब मेरे काम आरहा था

"आर यू रेडी" मैने पुच्छा

मोना कुछ बोली तो नही लेकिन उसने हां मे गर्दन हिला दी अब मैने देर करना ठीक नही समझा और एक ज़ोर का धक्का लगा दिया जिससे मेरा लंड तो मोना की चूत मे दो इंच घुस कर रुक गया लेकिन मोना के मुँह से एक चीख निकल गई लेकिन वो इतनी तेज़ नही थी कि रूम से बाहर जाती लेकिन अब मोना ने हाथ पैर झटकते हुए मुझे हटाने की कोशिश करना शुरू कर दिया था लेकिन वो मुझे हटा नही पा रही थी

अब मैने उसके होंठो पर अपने होठ रखे और अपने लंड का दबाव उसकी चूत पर और बढ़ा दिया लंड थोड़ा थोड़ा अंदर जाने लगा और मोना मछली की तरह तड़पने लगी लेकि मैं रुका नही और मैं अपना पूरा लंड उसकी चूत मे घुसेड कर ही माना मोना के मुँह से गुणन्ं....गन..... की दबी दभी आवाज़ आ रहीथी लेकिन अब मोना हाथ पाँव तो नही चला रही थी लेकिन उसकी आँखो से आँसुओ की धार लगी थी और चेहरे पर बहुत जायद दर्द के भाव थे

मैने अब उसके मुँह से अपना मुँह हटा लिया लेकिन लंड अभी भी पूरा उसकी चूत मे ही था

"कितना बेरहम है तू, तुझे दूसरे के दर्द का ज़रा भी एहसास नही होता क्या जान ही निकाल कर रख दी मेरी थोड़ा रुक जाता तो क्या जाता तेरा" वो सुबक्ते हुए बोली

"देख मोना ये दर्द तो सभी लड़कियो को पहली बार मे होता ही है अगर मैं तब रुक जाता तो शायद फिर कभी तू मुझे चोदने का मौका ही नही देती, देख अब पूरा लंड अंदर जा चुका है और जितना दर्द तुझे होना था वो भी हो चुका अब तो तू बस चुदाई के मज़े ले" मैं बोला

"अभी रुक अभी धक्के मत मारना अभी भी दर्द हो रहा है" वो बोली

दर्द तो मुझे भी हो रहा था ऐसा लग रहा था कि लंड बुरी तरह से छिल गया है लेकिन चुदाई अधूरी भी नही छोड़ सकता था इसलिए अब मैं एक बार फिर मोना के बूब्स खेलने मे लग गया और जब कुछ देर बाद मोना ने अपनी कमर हिलाई तो मैने धक्के लगाने शुरू कर दिए कुछ धक्को के बाद ही मोना की चूत पूरी तरह से गीली हो गई और अब लंड अच्छे से इन-आउट होने लगा था अब मोना भी सेक्सी आवाज़े

निकालते हुए नीचे से धक्के लगाते हुए मेरा पूरा साथ दे रही थी और कोई 5 मिनिट बाद ही मुझे लगा जैसे मेरा होने वाला है तभी मोना का शरीर भी अकड़ गया और वो आहे भरते हुए झड़ने लगी

"ओह......मययी......गॉड......आहह.....सोनू.पा... पता नई मुझे क्या हो रहा है......" मोना के मुँह से निकला

और उसकी कमर बेड से उपर उठ गई और इधर मैं भी उसकी कुवारि चूत के अंदर पिचकारिया छोड़ने लगा हम दोनो एक साथ ही झड चुके थे

थोड़ी देर बाद मैं मोना के उपर गिरे हुए ज़ोर ज़ोर से हांप रहा था जैसे कोई मेराथन दौड़ कर आया हूँ और मोना की साँसे भी लोहार की धौंकनी की तरह चल रही थी

कोई 10 मिनिट बाद हम नॉर्मल हुए तो मोना की निगाह घड़ी की तरफ गई रात के 12.30 बज गये थे

"सोनू हट......निशा की पढ़ाई भी हो चुकी है अगरवो यहाँ आ गई तो लफडा हो जाएगा" मोना बोली और उसने मुझे हटा दिया

जैसे ही मैं उसके उपर से हटा हम दोनो की ही निगाह मोना की चूत पर गई जिसमे कुछ खून लगा हुआ था और चूत के नीचे चादर पर भी दो चार बूँद खून लगा हुआ था जिसे देखते ही हम दोनो के होंठो पर मुस्कान आ गई थी

"बहुत गंदा है तू तूने आज मुझे खराब कर ही दिया लेकिन यार तूने अपना माल मेरे अंदर ही निकाला था कहीं कुछ हो गया तो" वो बेड से

उठते हुए बोली

"इसमे मेरी क्या ग़लती है मैने तो तुझसे पुछा था और तेरे हां कहने के बाद ही मैने कुछ किया, और तू चिंता मत कर मैं कल ही शहर से तुझे ई-पिल ला दूँगा कुछ नही होगा" मैं बोला

"चल अब भाषण बंद कर और ये चादर मुझे दे और बेड पर दूसरी बिच्छा ले जब तक मैं धोती हूँ" कह कर मोना ने वो चादर उठाई और उसे

लेकर बाथरूम मे चली गई

मैं भी बेड से उतरा और पास पड़ी मोना की पैंटी से अपने लंड को सॉफ करके मैने अपने कपड़े पहन लिए फिर मैने दूसरी चादर बेड पर बिच्छा दी तब तक मोना भी अपनी चूत सॉफ करके वापस आ गई थी उसने जैसे ही अपनी पैंटी उठाई उसे पता चल गया कि मैने क्या किया है

"सच मे बहुत गंदा है तू....." वो बोली लेकिन वही पैंटी पहनना उसकी मजबूरी थी तो उसने जल्दी से अपने सारे कपड़े पहने और बेड पर बैठ गई और मेरा मोबाइल देखने लगी मैं भी दरवाजा खोल कर बेड पर लेट गया और हम दोनो नॉर्मल बाते करने लगे कोई 15 मिनिट बाद दीदी रूम मे आई

"अरे अभी तक बाते ही कर रहे हो तुम दोनो" वो बोली

"तो और क्या करे" मैं बोला

"म..म...मेरा मतलब था रात बहुत हो गई है अब हम सभी को सो जाना चाहिए" दीदी बोली

"ओह्ह्ह....मैं तो कुछ और ही समझा था" मैं बोला

"मैं तेरे मुँह नही लगना चाहती, चल मोना अब चलते है कल सुबह जल्दी उठना है" दीदी बोली और दरवाजे की तरफ बढ़ गई मोना भी उसके पिछे हो ली

"सोनू सुबह तू भी जल्दी उठना कल मेरा पेपर है और तुझे मुझको कॉलेज लेकर चलना है" दीदी

दरवाजे के पास जाकर बोली

"मेरी नींद जल्दी नही खुलती तुम ही उठा देना मुझे" मैने जवाब दिया

"ओके गुड नाइट....." दी बोली और रूम से बाहर निकल गई मोना पहले ही जा चुकी थी

मैं भी उठा और दरवाजा बंद करके वापिस बेड पर लेट गया और अभी थोड़ी देर पहले जो हुआ उसे याद करने लगा और सोचा कि सच मे सुकून की ही चुदाई मे मज़ा आता है जैसा मोना को चोदने मे आया था वरना सुबह की चुदाई से तो घृणा ही आई थी और पता नही यही सब सोचते हुए कब मुझे नींद लग गई..........
 
अपडेट 18

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सुबह मुझे दीदी ने उठाया कल दिन और रात की चुदाई की वजह से मुझे बहुत थकान हो रही थी और मैं कुछ देर और सोना चाहता था लेकिन दीदी का आज पेपर था इसलिए मजबूरी मे मुझे उठना ही पड़ा साला रात को मोना की चुदाई के बाद से लंड भी बहुत दर्द कर रहा था उसके मुँह पर बहुत जलन हो रही थी जो मुझे अलग परेशान किए जा रही थी जिसके लिए मैने किशन को फोन लगाया और उसे अपने लंड

के लिए दवाई पूछी लेकिन उसे ये नही बताया कि रात मैने मोना को चोदा था मेरी बात सुनकर वो हंसा और बोला कुछ नही होता यार तू

वहाँ थोड़ा घी लगा ले कुछ देर मे ही आराम मिल जाएगा उसकी बात सुनकर मैने राहत की सांस ली और फिर नहा धो कर नीचे की तरफ चल दिया

आज मैने वाइट शर्ट के साथ ब्लू जींस पहनी थी शर्ट का उपर का एक बटन खोल रखा था जबकि आस्तिने भी मोडी हुई थी चेहरे पर दो दिन की हल्की हल्की शेव थी और पैरो मे मैने ब्लॅक जूते पहने थे आज मैं अपने आपको ही बहुत स्मार्ट और हॅंडसम लग रहा था जोकि मैं था भी

वरना मोना जैसी मस्त माल मुझे इतनी जल्दी चोदने कैसे देती

मैं नीचे हॉल मे पहुचा और टीवी चालू कर लिया "आज सुबह सुबह इतना बन ठन के कहाँ चले भाई" तभी मुझे किसी की आवाज़ आई मैने

देखा तो हैरत मे पड़ गया वो डॉली थी

"तू....तूने मुझसे बात की" मैं आश्चर्य से बोला

"क्यों मैं तुझसे बात नही कर सकती क्या" वो बोली

"नही ऐसी बात नही है वो तू मुझसे नाराज़ थी ना इसलिए पूछा" मैं बोला

"हुम्म.....रात मैने तेरे बारे मे सोचा तो सच मे मुझे तेरी कोई ग़लती नही लगी अगर तू जानता होता कि मैं तेरी बहन हूँ तो तू कभी भी वैसा नही करता और फिर आज कल के सारे लड़के एक जैसे ही होते है लड़की को देखते ही उनकी लार टपकने लगती है इसलिए मैने तुझे माफ़ कर दिया" डॉली बोली

"ओह्ह्ह....थॅंक्स डॉली, तो अब दुश्मनी ख़तम और दोस्ती शुरू" मैं बोला

"ओये....मैं तेरी दुश्मन कब थी वो तो बस नाराज़ थी थोड़ा और मैं तेरी बहन हूँ वैसे ही हमारा एक रिश्ता है तो ये दोस्ती का रिश्ता क्यों" वो बोली

"बस ऐसे ही असल मे भाई बहन आपस मे अपनी कोई बात शेयर नही करते लेकिन दोस्ती मे चलता है उसपर एक बात और है कि अगर तू किसी को कहेगी कि ये मेरा भाई है तो कोई भी तेरी तारीफ नही करेगा लेकिन अगर तू ये कहेगी कि ये मेरा दोस्त है तो कोई भी कहेगा कि

वाह....डॉली कितना हॅंडसम है तेरा फ्रेंड" मैने शोखी बघारी

"क्या.....तू और हंडसॅम? पागल हो गया है क्या,पहले ज़रा आईने मे अपनी सूरत तो देख एकदम बंदर लगता है" वो बोली

"अगर मैं बंदर जैसा लगता हूँ तो फिर तो पक्का तू मेंढक जैसी लगती होगी आईने मे टररर...टर्ररर..." मैने भी उसे चिड़ाया

"क्या....तूने मुझे मेंढक कहा" इतना कह कर वो मेरी तरफ लपकी लेकिन मैने भी दौड़ कर पास आती मम्मी की ओट लेली

"अरे क्या हुआ तुम लोग ऐसे भागा दौड़ी क्यो कर रहे हो" मम्मी डॉली को रोकती हुई बोली

"मम्मी इसने मुझे मेंढक कहा" डॉली तिनकते हुए बोली

"नही मम्मी पहले इसने मुझे बंदर कहा क्या मैं बंदर जैसा लगता हू" मैने कहा

"चलो अब लड़ाई बंद करो और नाश्ता कर लो" मम्मी बोली
 
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